वैज्ञानिक से वकील और तथाकथित कार्यकर्ता से राजनेता बने मुकुल सिन्हा और उनकी पत्नी ने अपना पूरा राजनीतिक करियर गुजरात दंगों में मारे गए लोगों की लाशों पर बनाया है।
संदीप निषाद का बचपन काफी गरीबी में बीता था। पिता संतराम एक साधारण किसान हैं। घर पर ठीक से छप्पर तक नहीं है। एक बहन भी है। उम्र मात्र 26 की थी। 2 साल पहले ही हुई थी शादी।
जवाहर सरकार ने जो पोस्ट शेयर किया है, वह डॉ. शेट्टी द्वारा साल 2011 में लिखे एक एक लेटर की कटिंग है। इस तरह से जवाहर सरकार ने अपने पोस्ट के माध्यम से मोदी सरकार को लेकर झूठ फैलाने की कोशिश की।
उस्मान हिरोली ने कहा, "मुस्लिम चाहे जहाँ कहीं भी हैं - सउदी, दुबई या कुवैत, उन्हें बुलाकर वोटिंग करवाओ। जो लोग फौत (मृत्यु) हो गए हैं उनको भी हाजिर कीजिए।"
नितिन ने ये भी बताया कि अदालत में उनके पिता के हत्याकांड से संबंधित सुनवाइयों में भी उन्हें नहीं बुलाया जाता है। उन्हें कहा जाता है कि कॉल करेंगे, लेकिन कॉल आता नहीं।