Thursday, August 6, 2020
Home विविध विषय भारत की बात भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली, हर राज्य में अलग...

भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली, हर राज्य में अलग रंग

तमिलनाडु की कमन पोडिगई मुख्य रूप से कामदेव की कथा पर आधारित वसंतोतसव है जबकि मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है।

भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में भिन्नता के साथ मनाया जाता है। ब्रज की होली आज भी सारे देश के आकर्षण का बिंदु होती है। बरसाने की लठमार होली काफ़ी प्रसिद्ध है। इसमें पुरुष महिलाओं पर रंग डालते हैं और महिलाएँ उन्हें लाठियों तथा कपड़े के बनाए गए कोड़ों से पीटती हैं। इसी प्रकार मथुरा और वृंदावन में भी 15 दिनों तक होली का पर्व मनाया जाता है। कुमाऊँ की गीत बैठकी में शास्त्रीय संगीत की गोष्ठियाँ होती हैं। यह सब होली के कई दिनों पहले शुरू हो जाता है।

गोपियों संग होली खेलते माधव (साभार-exotic india)

इस पर्व का वर्णन अनेक पुरातन धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। इनमें प्रमुख हैं, जैमिनी के पूर्व मीमांसा-सूत्र और कथा गार्ह्य-सूत्रनारद पुराण और भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी इस पर्व का उल्लेख मिलता है। विंध्य क्षेत्र के रामगढ़ स्थान पर स्थित ईसा से 300 वर्ष पुराने एक अभिलेख में भी इसका उल्लेख किया गया है। संस्कृत साहित्य में वसन्त ऋतु और वसन्तोत्सव अनेक कवियों के प्रिय विषय रहे हैं।

रंग बरसे

प्राचीन काल के संस्कृत साहित्य में होली के अनेक रूपों का विस्तृत वर्णन है। श्रीमद्भागवत महापुराण में रसों के समूह रास का वर्णन है। अन्य रचनाओं में ‘रंग’ नामक उत्सव का वर्णन है जिनमें हर्ष की प्रियदर्शिका व रत्नावली तथा कालिदास की कुमारसंभवम् तथा मालविकाग्निमित्रम् शामिल हैं। कालिदास रचित ‘ऋतुसंहार’ में पूरा एक सर्ग ही ‘वसन्तोत्सव’ को अर्पित है। भारवि, माघ और अन्य कई संस्कृत कवियों ने वसन्त की खूब चर्चा की है। चंद बरदाई द्वारा रचित हिंदी के पहले महाकाव्य ‘पृथ्वीराज रासो’ में होली का वर्णन है। भक्तिकाल और रीतिकाल के हिन्दी साहित्य में होली और फाल्गुन माह का विशिष्ट महत्व रहा है।

आदिकालीन कवि विद्यापति से लेकर भक्तिकालीन सूरदास, रहीम, रसखान, पद्माकर, जायसी, मीराबाई, कबीर और रीतिकालीन बिहारी, केशव, घनानंद आदि अनेक कवियों को यह विषय प्रिय रहा है। महाकवि सूरदास ने वसन्त एवं होली पर 78 पद लिखे हैं। पद्माकर ने भी होली विषयक प्रचूर रचनाएँ की हैं। इस विषय के माध्यम से कवियों ने जहाँ एक ओर नितान्त लौकिक नायक नायिका के बीच खेली गई अनुराग और प्रीति की होली का वर्णन किया है, वहीं राधा कृष्ण के बीच खेली गई प्रेम और छेड़छाड़ से भरी होली के माध्यम से सगुण साकार भक्तिमय प्रेम और निर्गुण निराकार भक्तिमय प्रेम का निष्पादन कर डाला है।

होली के रंग काशी के संग

सूफ़ी संत हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया, अमीर खुसरो और बहादुर शाह ज़फ़र जैसे मुस्लिम संप्रदाय का पालन करने वाले कवियों ने भी होली पर सुंदर रचनाएँ लिखी हैं जो आज भी जन सामान्य में लोकप्रिय हैं। आधुनिक हिंदी कहानियों प्रेमचंद की राजा हरदोल, प्रभु जोशी की अलग अलग तीलियाँ, तेजेंद्र शर्मा की एक बार फिर होली, ओम प्रकाश अवस्थी की होली मंगलमय हो तथा स्वदेश राणा की होली में होली के अलग अलग रूप देखने को मिलते हैं। भारतीय फ़िल्मों में भी होली के दृश्यों और गीतों को सुंदरता के साथ चित्रित किया गया है। इस दृष्टि से शशि कपूर की उत्सव, यश चोपड़ा की सिलसिला, वी शांताराम की झनक झनक पायल बाजे और नवरंग इत्यादि उल्लेखनीय हैं।

साभार- exotic india

भारतीय शास्त्रीय, उपशास्त्रीय, लोक तथा फ़िल्मी संगीत की परम्पराओं में होली का विशेष महत्व है। शास्त्रीय संगीत में धमार का होली से गहरा संबंध है, हालाँकि ध्रुपद, धमार, छोटे व बड़े ख्याल और ठुमरी में भी होली के गीतों का सौंदर्य देखते ही बनता है। कथक नृत्य के साथ होली, धमार और ठुमरी पर प्रस्तुत की जाने वाली अनेक सुंदर बंदिशें जैसे चलो गुंइयां आज खेलें होरी कन्हैया घर आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। ध्रुपद में गाये जाने वाली एक लोकप्रिय बंदिश है खेलत हरी संग सकल, रंग भरी होरी सखी  भारतीय शास्त्रीय संगीत में कुछ राग ऐसे हैं जिनमें होली के गीत विशेष रूप से गाए जाते हैं। बसंत, बहार, हिंडोल और काफ़ी ऐसे ही राग हैं।

होली पर गाने-बजाने का अपने आप वातावरण बन जाता है और जन-जन पर इसका रंग छाने लगता है। उपशास्त्रीय संगीत में चैती, दादरा और ठुमरी में अनेक प्रसिद्ध होलियाँ हैं। होली के अवसर पर संगीत की लोकप्रियता का अंदाज़ इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगीत की एक विशेष शैली का नाम ही होली है, जिसमें अलग अलग प्रांतों में होली के विभिन्न वर्णन सुनने को मिलते है जिसमें उस स्थान का इतिहास और धार्मिक महत्व छुपा होता है।

बरसाने की लट्ठ मार होली

जहाँ ब्रजधाम में राधा और कृष्ण के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं वहीं अवध में राम और सीता के जैसे होली खेलें रघुवीरा अवध में। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली का विशेष रंग है। उनकी एक प्रसिद्ध होली है आज रंग है री मन रंग है, अपने महबूब के घर रंग है री। इसी प्रकार शंकर जी से संबंधित एक होली में दिगंबर खेले मसाने में होली  कह कर शिव द्वारा श्मशान में होली खेलने का वर्णन मिलता है। भारतीय फिल्मों में भी अलग अलग रागों पर आधारित होली के गीत प्रस्तुत किये गए हैं जो काफी लोकप्रिय हुए हैं। ‘सिलसिला’ के गीत रंग बरसे भीगे चुनर वाली, रंग बरसे और ‘नवरंग’ के आया होली का त्योहार, उड़े रंगों की बौछार, को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं।

हरियाणा की धुलंडी में भाभी-देवर के बीच छेड़ने-पिटाने की प्रथा है। हालाँकि, यह छेड़-छाड़ हँसी-ठिठोली के रूप में प्रतीकात्मक तौर पर होती है, न कि इसकी सामान्य परिभाषा के हिसाब से। बंगाल की दोल जात्रा चैतन्य महाप्रभु के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। जुलूस निकलते हैं और गाना-बजाना भी साथ रहता है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो में जुलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।

होली आई रे बधाई रंग बरसे

तमिलनाडु की कमन पोडिगई मुख्य रूप से कामदेव की कथा पर आधारित वसंतोत्सव है जबकि मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है। दक्षिण गुजरात के आदिवासियों के लिए होली सबसे बड़ा पर्व है, छत्तीसगढ़ की होरी में लोक गीतों की अद्भुत परंपरा है और मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है भगोरिया, जो होली का ही एक रूप है। बिहार का फगुआ जम कर मौज मस्ती करने का पर्व है और नेपाल की होलीमें इस पर धार्मिक व सांस्कृतिक रंग दिखाई देता है।

इसी प्रकार विभिन्न देशों में बसे प्रवासियों तथा धार्मिक संस्थाओं जैसे इस्कॉन या वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में अलग अलग प्रकार से होली के श्रृंगार व उत्सव मनाने की परंपरा है जिसमें अनेक समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।

उड़त गुलाल लाल भए अम्बर: माँ गौरा का गौना कराने निकले महादेव, काशी में जीवन के उत्सव का आगाज

वह दौर जब होली ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी हो गई थी

राग-विराग-वैराग की नगरी काशी: क्यों खेली जाती है महाश्मशान के चिता भस्म से होली, जोगीरा-बुढ़वा मंगल की परंपरा

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’: देखिए आज ‘भक्त’ बने कॉन्ग्रेस-केजरी-ठाकरे-लिबरल जमात ने कैसे उड़ाया था मजाक

इसमें कई इस्लामी विचारधारा के समर्थक और कॉन्ग्रेसी नेता भी मौजूद हैं, जिन्होंने कानूनी अड़चनों के कारण विलम्ब होने पर अतीत में राम मंदिर निर्माण का मखौल उड़ाया था।

जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में BJP नेता और सरपंच सज्जाद खांडे की आतंकियों ने की गोली मारकर हत्या

आतंकवादियों ने भाजपा सरपंच सज्जाद अहमद खांडे की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

मनोज सिन्हा होंगे जम्मू-कश्मीर के नए LG: भौचक्के उमर अब्दुल्ला ने कहा- सरकार ऐसे ही नाम चुनती है जिसकी उम्मीद न हो

पूर्व रेलमंत्री (राज्य) मनोज सिन्हा अब जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल पद संभालने वाले हैं। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चन्द्र मुर्मू ने इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

‘ये मेरा भारत नहीं रहा’ कहने वालों के लिए विमान लेकर इन्तजार कर रहे सोनू सूद, कोपभवन से नहीं निकल रहे लिबरल्स

जब हिन्दू मेजोरिटी वाले भारत में रह कर भारत और हिन्दुओं को गाली दी जा सकती है और उन्हें बदनाम किया जा सकता है तो फिर कहीं और जाने से क्या फायदा?

मुझे कोई बुलाएगा नहीं और मैं जाऊँगा भी नहीं: अयोध्या में मस्जिद के शिलान्यास पर CM योगी की दो टूक

"मेरा जो काम है वो काम मैं करूँगा। मैं अपने कार्य को हमेशा कर्तव्य और धर्म मानकर चलता हूँ। मैं जानता हूँ कि मुझे कोई बुलाएगा नहीं इसलिए मैं जाऊँगा भी नहीं।"

‘काशी विश्वनाथ और कृष्ण जन्मस्थान मंदिर में जब प्रार्थना करते हैं तो महसूस होता है कि हम आज भी गुलाम हैं’

"इन दोनों जगहों पर, जब हम प्रार्थना करते हैं, तो दोनों ओर मस्जिदें होती हैं, जो कहती हैं कि आप अब भी गुलाम हैं। इन मंदिरों को मुक्त करना आवश्यक है।"

प्रचलित ख़बरें

मरते हुए सड़क पर रक्त से लिखा सीताराम, मरने के बाद भी खोपड़ी में मारी गई 7 गोलियाँ… वो एक रामभक्त था

वो गोली लगते ही गिरे और अपने खून से लिखा "सीताराम"। शायद भगवान का स्मरण या अपना नाम! CRPF वाले ने 7 गोलियाँ और मार कर...

‘इससे अल्लाह खुश होता है, तो शैतान किससे खुश होगा?’ गाय को क्रेन से लटकाया, पटका फिर काटा

पाकिस्तान का बताए जाने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से ऊपर उठाया गया है और कई लोग वहाँ तमाशा देख रहे हैं।

‘खड़े-खड़े रेप कर दूँगा, फाड़ कर चार कर दूँगा’ – ‘देवांशी’ को समीर अहमद की धमकी, दिल्ली दंगों वाला इलाका

"अपने कुत्ते को यहाँ पेशाब मत करवाना नहीं तो मैं तुझे फाड़ कर चार कर दूँगा, तेरा यहीं खड़े-खड़े रेप कर दूँगा।" - समीर ने 'देवांशी' को यही कहा था।

12:34 मिनट का दुर्लभ वीडियो: कारसेवकों पर बरस रही थीं गोलियाँ और जय श्रीराम के नारों से गूँज रहा था आसमान

मृत श्रद्धालुओं को न सिर्फ मार डाला गया था बल्कि हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार तक नहीं होने दिया गया था। उन्हें दफना दिया गया था।

अपने CM पिता से जाकर ये 7 सवाल पूछो: सुशांत की मौत के मामले में कंगना ने आदित्य ठाकरे की लगाई क्लास

कंगना ने कहा कि किस तरह की गंदी राजनीति कर के उद्धव ठाकरे ने सीएम पद पाया था, ये किसी से छिपा नहीं है।

‘राम मंदिर- घृणा, कट्टरता और हिंसा का स्मारक’ – भूमि पूजन से पहले मीडिया गिरोह में सूजन

"ये क्या वही देश है जिसके लिए मेरे पूर्वजों ने लड़ाई लड़ी। मैं अब अपने देश को नहीं पहचान पा रही।" "सॉरी कश्मीर, धिक्कार है भाजपा सरकार पर।"

‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’: देखिए आज ‘भक्त’ बने कॉन्ग्रेस-केजरी-ठाकरे-लिबरल जमात ने कैसे उड़ाया था मजाक

इसमें कई इस्लामी विचारधारा के समर्थक और कॉन्ग्रेसी नेता भी मौजूद हैं, जिन्होंने कानूनी अड़चनों के कारण विलम्ब होने पर अतीत में राम मंदिर निर्माण का मखौल उड़ाया था।

ट्रंप के वीडियो पर कोरोना वायरस से जुड़ी अफ़वाह फैलाने का आरोप: ट्विटर-फेसबुक ने बंद किया कैम्पेन एकाउंट

बुधवार के दिन ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ को दिए गए एक साक्षात्कार का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा बच्चे कोरोना वायरस से “वर्चुअली इम्यून” हैं।

टाइम्स स्क्वायर पर श्रीराम मंदिर की तस्वीर वाला ट्वीट डिलीट करने पर पाक क्रिकेटर दानिश कनेरिया को लोगों ने दी सुरक्षित रहने की सलाह

दानिश ने टाइम्स स्क्वायर वाली श्रीराम की तस्वीरें तो डिलीट कर दीं, लेकिन इसके बाद एक और ट्वीट में श्रीराम का चित्र ट्वीट किया है, जो कि अभी तक भी उनके प्रोफाइल में मौजूद है।

अहमदाबाद के कोरोना अस्पताल में लगी आग: 8 की मौत, राज्य सरकार ने दिए जाँच के आदेश, PM मोदी ने किया मुआवज़े का ऐलान

गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में आग लग गई जिसमें कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज़ों का इलाज चल रहा था। इस दुर्घटना में अब तक कुल 8 लोगों ने अपनी जान गँवा दी है

जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में BJP नेता और सरपंच सज्जाद खांडे की आतंकियों ने की गोली मारकर हत्या

आतंकवादियों ने भाजपा सरपंच सज्जाद अहमद खांडे की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

मनोज सिन्हा होंगे जम्मू-कश्मीर के नए LG: भौचक्के उमर अब्दुल्ला ने कहा- सरकार ऐसे ही नाम चुनती है जिसकी उम्मीद न हो

पूर्व रेलमंत्री (राज्य) मनोज सिन्हा अब जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल पद संभालने वाले हैं। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चन्द्र मुर्मू ने इस्तीफ़ा दे दिया था जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

UNSC में PAK की फिर फजीहत, कहा- द्विपक्षीय मुद्दा है कश्मीर, हमारा समय बर्बाद ना करे पाकिस्तान

UNSC ने पाकिस्तान के कश्मीर प्रलाप के एक और प्रयास को खारिज कर दिया, और यह स्पष्ट किया कि यह विषय भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रूप से ही हल किया जाना चाहिए है।

‘जो सबके नाम बदलते थे, मोदी जी ने उनका ही बदल दिया’: PM मोदी के कारण ट्विटर पर मीम्स की बौछार

राम मंदिर शिलान्यास करने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को इस शुभ अवसर पर संबोधित किया। भाषण के दौरान गलती से मोदी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को “आदित्य योगीनाथ” कहकर संबोधित कर दिया।

दिशा सालियान के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर और प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान: बीजेपी नेता ने लगाया ‘बलात्कार’ और ‘हत्या’ का आरोप

दिशा की मौत और उसके बाद कि गई जाँच कई सवाल पैदा करती है। जैसे कि सुशांत की मौत से पाँच दिन पहले यानी 9 जून की रात 2 बजे दिशा ने आत्महत्या की थी। लेकिन उसका पोस्टमार्टम 2 दिन बाद किया गया था।

केरल नन रेप केस: बिशप फ्रैंको मुलक्कल की जमानत को SC ने भी किया रद्द, पादरी को मुकदमे का सामना करने का दिया निर्देश

नन से बलात्कार मामले में आरोपित केरल के बिशप फ्रैंको मुलक्कल की आरोप मुक्त करने की याचिका बुधवार को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया।

हमसे जुड़ें

244,183FansLike
64,383FollowersFollow
290,000SubscribersSubscribe
Advertisements