Friday, June 5, 2020
होम विविध विषय भारत की बात भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली, हर राज्य में अलग...

भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली, हर राज्य में अलग रंग

तमिलनाडु की कमन पोडिगई मुख्य रूप से कामदेव की कथा पर आधारित वसंतोतसव है जबकि मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है।

ये भी पढ़ें

रवि अग्रहरि
तबियत से मस्त-मौला, तरबियत से बनारसी हूँ, बस यूँ समझिए कि ज़िन्दगी के नाटक का अहम किरदार हूँ मैं.... राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी परम्परा का विशेषज्ञ नहीं....

भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में भिन्नता के साथ मनाया जाता है। ब्रज की होली आज भी सारे देश के आकर्षण का बिंदु होती है। बरसाने की लठमार होली काफ़ी प्रसिद्ध है। इसमें पुरुष महिलाओं पर रंग डालते हैं और महिलाएँ उन्हें लाठियों तथा कपड़े के बनाए गए कोड़ों से पीटती हैं। इसी प्रकार मथुरा और वृंदावन में भी 15 दिनों तक होली का पर्व मनाया जाता है। कुमाऊँ की गीत बैठकी में शास्त्रीय संगीत की गोष्ठियाँ होती हैं। यह सब होली के कई दिनों पहले शुरू हो जाता है।

गोपियों संग होली खेलते माधव (साभार-exotic india)

इस पर्व का वर्णन अनेक पुरातन धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। इनमें प्रमुख हैं, जैमिनी के पूर्व मीमांसा-सूत्र और कथा गार्ह्य-सूत्रनारद पुराण और भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी इस पर्व का उल्लेख मिलता है। विंध्य क्षेत्र के रामगढ़ स्थान पर स्थित ईसा से 300 वर्ष पुराने एक अभिलेख में भी इसका उल्लेख किया गया है। संस्कृत साहित्य में वसन्त ऋतु और वसन्तोत्सव अनेक कवियों के प्रिय विषय रहे हैं।

रंग बरसे

प्राचीन काल के संस्कृत साहित्य में होली के अनेक रूपों का विस्तृत वर्णन है। श्रीमद्भागवत महापुराण में रसों के समूह रास का वर्णन है। अन्य रचनाओं में ‘रंग’ नामक उत्सव का वर्णन है जिनमें हर्ष की प्रियदर्शिका व रत्नावली तथा कालिदास की कुमारसंभवम् तथा मालविकाग्निमित्रम् शामिल हैं। कालिदास रचित ‘ऋतुसंहार’ में पूरा एक सर्ग ही ‘वसन्तोत्सव’ को अर्पित है। भारवि, माघ और अन्य कई संस्कृत कवियों ने वसन्त की खूब चर्चा की है। चंद बरदाई द्वारा रचित हिंदी के पहले महाकाव्य ‘पृथ्वीराज रासो’ में होली का वर्णन है। भक्तिकाल और रीतिकाल के हिन्दी साहित्य में होली और फाल्गुन माह का विशिष्ट महत्व रहा है।

आदिकालीन कवि विद्यापति से लेकर भक्तिकालीन सूरदास, रहीम, रसखान, पद्माकर, जायसी, मीराबाई, कबीर और रीतिकालीन बिहारी, केशव, घनानंद आदि अनेक कवियों को यह विषय प्रिय रहा है। महाकवि सूरदास ने वसन्त एवं होली पर 78 पद लिखे हैं। पद्माकर ने भी होली विषयक प्रचूर रचनाएँ की हैं। इस विषय के माध्यम से कवियों ने जहाँ एक ओर नितान्त लौकिक नायक नायिका के बीच खेली गई अनुराग और प्रीति की होली का वर्णन किया है, वहीं राधा कृष्ण के बीच खेली गई प्रेम और छेड़छाड़ से भरी होली के माध्यम से सगुण साकार भक्तिमय प्रेम और निर्गुण निराकार भक्तिमय प्रेम का निष्पादन कर डाला है।

होली के रंग काशी के संग

सूफ़ी संत हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया, अमीर खुसरो और बहादुर शाह ज़फ़र जैसे मुस्लिम संप्रदाय का पालन करने वाले कवियों ने भी होली पर सुंदर रचनाएँ लिखी हैं जो आज भी जन सामान्य में लोकप्रिय हैं। आधुनिक हिंदी कहानियों प्रेमचंद की राजा हरदोल, प्रभु जोशी की अलग अलग तीलियाँ, तेजेंद्र शर्मा की एक बार फिर होली, ओम प्रकाश अवस्थी की होली मंगलमय हो तथा स्वदेश राणा की होली में होली के अलग अलग रूप देखने को मिलते हैं। भारतीय फ़िल्मों में भी होली के दृश्यों और गीतों को सुंदरता के साथ चित्रित किया गया है। इस दृष्टि से शशि कपूर की उत्सव, यश चोपड़ा की सिलसिला, वी शांताराम की झनक झनक पायल बाजे और नवरंग इत्यादि उल्लेखनीय हैं।

साभार- exotic india

भारतीय शास्त्रीय, उपशास्त्रीय, लोक तथा फ़िल्मी संगीत की परम्पराओं में होली का विशेष महत्व है। शास्त्रीय संगीत में धमार का होली से गहरा संबंध है, हालाँकि ध्रुपद, धमार, छोटे व बड़े ख्याल और ठुमरी में भी होली के गीतों का सौंदर्य देखते ही बनता है। कथक नृत्य के साथ होली, धमार और ठुमरी पर प्रस्तुत की जाने वाली अनेक सुंदर बंदिशें जैसे चलो गुंइयां आज खेलें होरी कन्हैया घर आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। ध्रुपद में गाये जाने वाली एक लोकप्रिय बंदिश है खेलत हरी संग सकल, रंग भरी होरी सखी  भारतीय शास्त्रीय संगीत में कुछ राग ऐसे हैं जिनमें होली के गीत विशेष रूप से गाए जाते हैं। बसंत, बहार, हिंडोल और काफ़ी ऐसे ही राग हैं।

होली पर गाने-बजाने का अपने आप वातावरण बन जाता है और जन-जन पर इसका रंग छाने लगता है। उपशास्त्रीय संगीत में चैती, दादरा और ठुमरी में अनेक प्रसिद्ध होलियाँ हैं। होली के अवसर पर संगीत की लोकप्रियता का अंदाज़ इसी बात से लगाया जा सकता है कि संगीत की एक विशेष शैली का नाम ही होली है, जिसमें अलग अलग प्रांतों में होली के विभिन्न वर्णन सुनने को मिलते है जिसमें उस स्थान का इतिहास और धार्मिक महत्व छुपा होता है।

बरसाने की लट्ठ मार होली

जहाँ ब्रजधाम में राधा और कृष्ण के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं वहीं अवध में राम और सीता के जैसे होली खेलें रघुवीरा अवध में। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली का विशेष रंग है। उनकी एक प्रसिद्ध होली है आज रंग है री मन रंग है, अपने महबूब के घर रंग है री। इसी प्रकार शंकर जी से संबंधित एक होली में दिगंबर खेले मसाने में होली  कह कर शिव द्वारा श्मशान में होली खेलने का वर्णन मिलता है। भारतीय फिल्मों में भी अलग अलग रागों पर आधारित होली के गीत प्रस्तुत किये गए हैं जो काफी लोकप्रिय हुए हैं। ‘सिलसिला’ के गीत रंग बरसे भीगे चुनर वाली, रंग बरसे और ‘नवरंग’ के आया होली का त्योहार, उड़े रंगों की बौछार, को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं।

हरियाणा की धुलंडी में भाभी-देवर के बीच छेड़ने-पिटाने की प्रथा है। हालाँकि, यह छेड़-छाड़ हँसी-ठिठोली के रूप में प्रतीकात्मक तौर पर होती है, न कि इसकी सामान्य परिभाषा के हिसाब से। बंगाल की दोल जात्रा चैतन्य महाप्रभु के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। जुलूस निकलते हैं और गाना-बजाना भी साथ रहता है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो में जुलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है।

होली आई रे बधाई रंग बरसे

तमिलनाडु की कमन पोडिगई मुख्य रूप से कामदेव की कथा पर आधारित वसंतोत्सव है जबकि मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है। दक्षिण गुजरात के आदिवासियों के लिए होली सबसे बड़ा पर्व है, छत्तीसगढ़ की होरी में लोक गीतों की अद्भुत परंपरा है और मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है भगोरिया, जो होली का ही एक रूप है। बिहार का फगुआ जम कर मौज मस्ती करने का पर्व है और नेपाल की होलीमें इस पर धार्मिक व सांस्कृतिक रंग दिखाई देता है।

इसी प्रकार विभिन्न देशों में बसे प्रवासियों तथा धार्मिक संस्थाओं जैसे इस्कॉन या वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में अलग अलग प्रकार से होली के श्रृंगार व उत्सव मनाने की परंपरा है जिसमें अनेक समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।

उड़त गुलाल लाल भए अम्बर: माँ गौरा का गौना कराने निकले महादेव, काशी में जीवन के उत्सव का आगाज

वह दौर जब होली ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी हो गई थी

राग-विराग-वैराग की नगरी काशी: क्यों खेली जाती है महाश्मशान के चिता भस्म से होली, जोगीरा-बुढ़वा मंगल की परंपरा

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रवि अग्रहरि
तबियत से मस्त-मौला, तरबियत से बनारसी हूँ, बस यूँ समझिए कि ज़िन्दगी के नाटक का अहम किरदार हूँ मैं.... राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी परम्परा का विशेषज्ञ नहीं....

ख़ास ख़बरें

गुजरात कॉन्ग्रेस: बगिया लुट गई, माली बेखबर, राज्यसभा चुनाव के साथ ही टलने वाला नहीं है यह संकट

विधायकों के इस्तीफे ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव को भले रोचक बना दिया है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लिए यह बस संकटों की शुरुआत है।

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में बताया मुस्लिम दंगाइयों ने काटकर आग में फेंक दिया था दिलबर नेगी को, CCTV तोड़ दिए थे

इस चार्जशीट के अनुसार, मुस्लिम समुदाय की एक भीड़ ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी पुलिया की तरफ से आई और हिंदुओं की संपत्तियों को निशाना बनाते हुए दंगा करना शुरू कर दिया और 24 फरवरी की देर रात तक उनमें आगजनी करती रही।

जब अजीत डोभाल ने रिक्शावाला बन कर खालिस्तानी आतंकियों को विश्वास दिलाया कि वो ISI अजेंट हैं

ऑपरेशन ब्लू स्टार के पीछे जो बातें सबसे अहम रहीं, उनमें खालिस्तानी अलगाववादियों के पंजाब की स्वायत्तता की माँग का उग्र रूप में सामने आना प्रमुख वजह रहा।

ताहिर हुसैन के बचाव में फिर खड़ा हुआ केजरीवाल का MLA अमानतुल्लाह खान, कहा- मुसलमान होने की मिली है सजा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन का बचाव किया है।

विकीपीडिया vs ऑपइंडिया: वामपंथी नैरेटिव और गिरोह की साजिश, ऑपइंडिया के खिलाफ यूँ खेला जा रहा खेल

विकीपीडिया पर ऑपइंडिया का पेज इतना नेगेटिव क्यों है? ये वो सवाल है जिसके बारे में लोगों ने हमसे कई बार पूछा। लेकिन, इस सवाल जवाब बेहद सरल है। वो ये कि हमने एक बने-बनाए इकोसिस्टम को चुनौती दी।

अरबीना खातून की मौत पर AltNews का ‘परिश्रम’: निखिल वाग्ले का वो ट्वीट जो प्रतीक सिन्हा के मन के चोर को मोर बनाता है

पत्रकारिता छोड़कर ऑल्टन्यूज को कोचिंग संस्थान चलाने के धंधे में भी आने के बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि सात दिनों के परिश्रम से जब इस तरह के परिणाम मिल सकते हैं तो ये लोग न्यूज एजेंसी की तर्ज पर 'समुदाय विशेष पीड़ित कोचिंग संस्थान' शुरू कर सकते हैं।

प्रचलित ख़बरें

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

लव जिहाद में मारी गई एकता: भाभी रेशमा ने किया था नंगा, शाकिब और अब्बू सहित परिवार ने किए थे शरीर के टुकड़े

पीड़िता की माँ सीमा शाकिब का साथ देने वाली उसकी दोनों भाभियों रेशमा और इस्मत से पूछती रहीं, क्या एकता के कपड़ें उतारते हुए, उसे नंगा करते हुए...

हलाल का चक्रव्यूह: हर प्रोडक्ट पर 2 रुपए 8 पैसे का गणित* और आतंकवाद को पालती अर्थव्यवस्था

PM CARES Fund में कितना पैसा गया, ये सबको जानना है, लेकिन हलाल समितियाँ सर्टिफिकेशन के नाम पर जो पैसा लेती हैं, उस पर कोई पूछेगा?

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की भतीजी ने चाचा पर लगाया यौन उत्‍पीड़न का आरोप, कहा- बड़े पापा ने भी मेरी कभी नहीं सुनी

"चाचा हैं, वे ऐसा नहीं कर सकते।" - नवाजुद्दीन ने अपनी भतीजी की व्यथा सुनने के बाद सिर्फ इतना ही नहीं कहा बल्कि पीड़िता की माँ के बारे में...

जब अजीत डोभाल ने रिक्शावाला बन कर खालिस्तानी आतंकियों को विश्वास दिलाया कि वो ISI अजेंट हैं

ऑपरेशन ब्लू स्टार के पीछे जो बातें सबसे अहम रहीं, उनमें खालिस्तानी अलगाववादियों के पंजाब की स्वायत्तता की माँग का उग्र रूप में सामने आना प्रमुख वजह रहा।

‘सीता माता पर अपशब्द… शिकायत करने पर RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की हत्या’ – अनुसूचित जाति आयोग से न्याय की अपील

RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठनी शुरू हो गई। बकरी विवाद के बाद अब सीता माता को लेकर...

गुजरात कॉन्ग्रेस: बगिया लुट गई, माली बेखबर, राज्यसभा चुनाव के साथ ही टलने वाला नहीं है यह संकट

विधायकों के इस्तीफे ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव को भले रोचक बना दिया है, लेकिन कॉन्ग्रेस के लिए यह बस संकटों की शुरुआत है।

हथिनी के बाद, अब हिमाचल में गर्भवती गाय को बम खिलाने की बात सोशल मीडिया पर आई सामने

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस वीडियो में हिमाचल प्रदेश के गुरदयाल सिंह इस जख्मी गाय के साथ नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि लोग गौरक्षा की बात कर रहे हैं जबकी......

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में बताया मुस्लिम दंगाइयों ने काटकर आग में फेंक दिया था दिलबर नेगी को, CCTV तोड़ दिए थे

इस चार्जशीट के अनुसार, मुस्लिम समुदाय की एक भीड़ ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी पुलिया की तरफ से आई और हिंदुओं की संपत्तियों को निशाना बनाते हुए दंगा करना शुरू कर दिया और 24 फरवरी की देर रात तक उनमें आगजनी करती रही।

जब अजीत डोभाल ने रिक्शावाला बन कर खालिस्तानी आतंकियों को विश्वास दिलाया कि वो ISI अजेंट हैं

ऑपरेशन ब्लू स्टार के पीछे जो बातें सबसे अहम रहीं, उनमें खालिस्तानी अलगाववादियों के पंजाब की स्वायत्तता की माँग का उग्र रूप में सामने आना प्रमुख वजह रहा।

J&K के राजौरी जिले में हुई मुठभेड़ में आतंकी ढेर, शोपियां में फेंका ग्रेनेड, एक जवान वीरगति को प्राप्त

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार देर रात को राजौरी जिले के मेहारी गाँव में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुए मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और उसके पास से भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया।

ISI एजेंट्स ने किया बाइक से भारतीय राजनयिक का पीछा: पाक ने घर के बाहर तैनात किए लोग, वीडियो वायरल

भारतीय प्रभारी गौरव अहलूवालिया की कार का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक सदस्य ने मोटरसाइकिल से पीछा किया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

Covid-19: भारत में 24 घंटे में सामने आए 9304 नए मामले, अब तक 6075 की मौत

भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,16,919 हो गई है। 1,06,737 मामले वर्तमान में सक्रिय हैं। 1,04,106 ठीक हो चुके हैं।

सीता माता पर अभद्र टिप्पणी करने वाले ट्रेनी ऑफिसर आसिफ खान को GoAir ने बाहर निकाला

GoAir ने आसिफ खान को बाहर का रास्ता दिखाते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति या कर्मचारी के निजी विचारों से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

जामिया की सफूरा जरगर को फिर नहीं मिली बेल, मेडिकल ग्राउंड पर लगाई थी गुहार, दिल्ली दंगों की है आरोपी

दिल्ली के पटियाला कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मेडिकल आधार पर जमानत देने की सफूरा जरगर की याचिका खारिज कर दी।

ताहिर हुसैन के बचाव में फिर खड़ा हुआ केजरीवाल का MLA अमानतुल्लाह खान, कहा- मुसलमान होने की मिली है सजा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन का बचाव किया है।

हमसे जुड़ें

211,927FansLike
61,467FollowersFollow
246,000SubscribersSubscribe