सेना की जासूसी करते पकड़ा गया असलम अंसारी, कोडवर्ड- जो टास्क दिया जाएगा वही काम करेंगे

पूछताछ के दौरान युवक ने गुमराह करने की भी कोशिश की। कभी बदायूं जाने की बात कही, तो कभी दिल्ली। उसकी हरकतें प्रशिक्षित जासूस जैसी थी। लंबी पूछताछ के बाद पता चला की वह बिहार का रहने वाला है।

संंवेदनशील माने जाने वाले बरेली के छावनी क्षेत्र से मिलिट्री इंटेलीजेंस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। युवक का नाम असलम अंसारी है। उसके पास से कई संदिग्ध चीजें मिली हैं।

दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की सुबह 7 बजे कैंट रोड तिराहे पर एक युवक सड़क किनारे बैठ ड्राइंग बना रहा था। शक होने पर वहाँ घूम रहे कुछ युवकों ने उसे घेर लिया।

जानकारी मिलने पर मिलिट्री इंटेलीजेंस मौक़े पर पहुँची और युवक की तलाशी ली। उसके बस्ते से कंपास, नक्शे, मैप वगैरह मिले। उर्दू और हिंदी में अलग-अलग लिखी चीजे भी मिलीं और कुछ कोडवर्ड्स भी थे। मसलन, ‘जो टास्क दिया जाएगा वही काम करेंगे’

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पूछताछ के दौरान उसने गुमराह करने की भी कोशिश की। कभी बदायूं जाने की बात कही, तो कभी दिल्ली। प्रत्यक्षदर्शियों के साथ सेना अधिकारी को भी ऐसा लगा जैसे उसकी हरकतें किसी प्रशिक्षित जासूस जैसी थी।

चश्मदीदों का तो ये भी कहना है कि वो काफ़ी टाइम तक अलग-अलग बयान देकर टीम को गुमराह करता रहा। लंबे पूछताछ के बाद पता चला कि वो बिहार का रहने वाला है। लेकिन जब पुलिस ने उससे उसके घर का नंबर माँगा तो वह टालमटोल करने लगा। काफ़ी टाइम बाद उसने एक टेलर का नंबर दिया, जिसके जरिए असलम के पिता तैय्यब अंसारी का नंबर टीम को मिला।

फोन किया गया तो असलम के पिता तैय्यब ने बताया कि वे बिहार के सीतामढ़ी के निवासी हैं। उनके बेटे की दिमागी हालत ठीक नहीं हैं। जिसका इलाज कराने के लिए वे बरेली पहुँचे थे। रात गुजारने के लिए वे फुटपाथ पर सोए थे और इसी दौरान उनका बेटा कहीं चला गया। जब बहुत ढूँढने पर वह नहीं मिला तो वे दिल्ली चले गए।

इसके बाद उसे कैंट थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। कहा जा रहा है कि पूछताछ में उसने अधिकारियों से कई भाषा में बात की, जो कि सामान्य नहीं हैं। उसके कई भाषाओं का जानकार होना और उसके बस्ते से मिले सामान के आधार पर उसकी सच्चाई पर सवाल बना हुआ है। अब पूरी जाँच के बाद ही तय हो सकेगा कि आखिर असलम हकीकत में बीमार है या फिर उसकी वास्तविकता छिपाने के लिए ये सारी कहानी गढ़ी गई है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कमलेश तिवारी हत्याकांड
आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

107,076फैंसलाइक करें
19,472फॉलोवर्सफॉलो करें
110,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: