Wednesday, July 17, 2024
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‘पनौती’ और ‘जेबकतरा’ पर फँसे राहुल गाँधी, 25 नवंबर तक चुनाव आयोग को देना होगा जवाब: ₹14 लाख करोड़ की कर्ज माफी पर भी नोटिस

भाजपा ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति पर बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर रोष जताया।

चुनाव आयोग ने कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री मोदी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग का यह नोटिस राहुल के ‘पनौती’ और ‘जेबकतरा’ वाले बयान के बाद आया है।

चुनाव आयोग के नोटिस में राहुल से उनके ₹14 लाख करोड़ की कर्जामाफी वाले बयान को लेकर भी जवाब माँगा गया है। राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को इस विषय में चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी।

दरअसल, राहुल गाँधी ने भारत के ऑस्ट्रेलिया से फाइनल मैच हारने के बाद राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था, “…कभी क्रिकेट मैच में चला जाएगा वो अलग बात है कि हरवा दिया… पनौती पीएम मतलब पनोती मोदी।” इसके अलावा प्रधानमंत्री को जेबकतरा बताने वाले बयान पर भी भाजपा ने शिकायत की।

राहुल गाँधी के जिस बयान पर बीजेपी को आपत्ति थी उसमें कहा गया था, “जेबकतरे होते हैं, जब दो जेब कतरे किसी की जेब काटना चाहते हैं, तो सबसे पहले क्या करते हैं? ध्यान हटाने का काम करते है। एक आपके सामने आता है और आपसे कोई ना कोई बातचीत करता है आपका ध्यान इधर-उधर ले जाता है पीछे से दूसरा आता है जेब काट लेता है।”

आगे उन्होंने कहा था, “…चला जाता है मगर जेबकतरा सबसे पहले ध्यान हटाता है। भाइयों और बहनों नरेंद्र मोदी जी का काम आपके ध्यान को इधर-उधर करने का है और …का काम आपके जेब काटने का है दोनों आते हैं… एक टीवी पर आता है आपसे कहेगा हिंदू मुस्लिम…”

राहुल गाँधी ने यह सारे बयान राजस्थान के बाड़मेर में 22 नवम्बर, 2023 को आयोजित एक विधानसभा चुनाव की रैली में दिए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर कुछ उद्योगपतियों का कर्जा माफ़ करने का आरोप भी लगाया था।

उन्होंने कहा था, “फायदा चार पाँच उद्योगपतियों को देगा। उदाहरण देता हूँ, पिछले 9 साल में नरेंद्र मोदी जी ने 14,00,000 करोड़ रूपया हिंदुस्तान के सबसे बड़े अरबपतियों का कर्जा माफ़ किया मैं आपसे पूछना चाहता हूँ इन 14,00,000 लोगों में 14,00,000 करोड़ रुपये में जो इन्होंने 1015 लोगों को दिया…।”

इन्हीं सब बयानों पर भाजपा ने आदर्श आचार संहिता और अन्य कानूनों का हवाला देते हुए राहुल गाँधी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है। भाजपा ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति पर बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर रोष जताया।

अब राहुल गाँधी को इसका जवाब 25 नवम्बर, 2023 से पहले देना होगा। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने इस नोटिस पर कहा है कि हम अपने पास भेजे गए हर नोटिस का सामना करेंगे।

गौरतलब है कि राहुल को ‘सारे मोदी चोर होते हैं‘ वाले बयान के मामले में पहले ही 2 वर्ष की सजा हो चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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