Homeराजनीतिछत्तीसगढ़ के जिस ठेकेदार ने की पत्रकार मुकेश की हत्या, वह कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी...

छत्तीसगढ़ के जिस ठेकेदार ने की पत्रकार मुकेश की हत्या, वह कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी निकला: देखते ही देखते बन गया बड़ा नाम, हेलीकॉप्टर से ले गया था बारात

ठेकेदार का कॉन्ग्रेस कनेक्शन सामने आया है। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश सचिव हैं। सुरेश चंद्राकर को कॉन्ग्रेस के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष दीपक बैज का बेहद करीबी बताया जाता है। भाजपा का कहना है कि दीपक बैज के कहने पर ही सुरेश चंद्राकर को पार्टी में यह पद मिला है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मुकेश चंद्राकर नाम के एक पत्रकार की हत्या कर दी गई है। शुक्रवार (3 जनवरी 2025) को मुकेश का शव सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ है। वह 1 जनवरी से लापता थे। आरोप है कि सड़क निर्माण में कमियाँ उजागर करने की वजह से ठेकेदार सुरेश चंद्राकर द्वारा मुकेश की हत्या की गई। मुख्य आरोपित सुरेश चंद्राकर और उसके भाई सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ठेकेदार का कॉन्ग्रेस कनेक्शन सामने आया है। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश सचिव हैं। सुरेश चंद्राकर को कॉन्ग्रेस के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष दीपक बैज का बेहद करीबी बताया जाता है। भाजपा का कहना है कि दीपक बैज के कहने पर ही सुरेश चंद्राकर को पार्टी में यह पद मिला है।

इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा है, “कॉन्ट्रैक्टर है या कॉन्ग्रेसी कॉन्टैक्ट किलर!!” घृणित येन-केन-प्रकारेण की राजनीति के परिचायक कॉन्ग्रेसियों… ज़रा अपने गिरेबाँ पर झाँककर देखो, क्या जल्दबाज़ी में तुमने अपना ही कच्चा चिट्ठा खोल दिया है!!” भाजपा ने इस मामले में राहुल गाँधी से जवाब माँगा है।

भाजपा ने आगे लिखा, “बीजापुर के युवा पत्रकार स्व. मुकेश चंद्राकर जी की हत्या का मुख्य आरोपित कॉन्ट्रैक्टर सुरेश चंद्राकर की कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से घनिष्ठता जगज़ाहिर है। दीपक बैज ने ही सुरेश को कॉन्ग्रेस के SC मोर्चा के प्रदेश सचिव के पद से नवाजा है। मोहब्बत की तथाकथित कॉन्ग्रेसी दुकान से तरह-तरह के अपराध के सामान बिक रहे हैं।”

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने X पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ठेकेदार, जिस पर पत्रकार की हत्या का इल्जाम है, उसका नाम सुरेश चंद्राकर है। सुरेश चंद्राकर कॉन्ग्रेस का बड़ा नेता है, जिसे हर चुनाव में कॉन्ग्रेस की तरफ से बड़ी ज़िम्मेदारियाँ सौंपी जाती हैं। कॉन्ग्रेस के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के साथ आरोपित।”

कॉन्ग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर मूलरूप से बासागुड़ा का रहने वाला है। राज्य में सलवा जुड़ूम आंदोलन के बाद से वह और उसका परिवार बीजापुर में रहने लगा था। बीजापुर में आकर सुरेश ने ठेकेदारी शुरू कर दी। देखते ही देखते वह बड़ा ठेकेदार बन गया। साल 2021 में हेलीकॉप्टर से बरात लेकर जाने पर वह चर्चा में आया था। यह बात भी सामने आ रही है कि मुकेश और सुरेश आपस में रिश्तेदार थे।

मृतक मुकेश ने बस्तर में 120 करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क निर्माण परियोजना में धाँधली के खिलाफ एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग की थी। गंगालूर में इस सड़क को सुरेश चंद्राकर ने बनवाया था। इसके बाद से सुरेश की तरफ से पत्रकार को चेतावनी मिल रही थी। इस रिपोर्ट के बाद कॉन्ग्रेस नेता सुरेश के भाई रितेश ने 1 जनवरी को मुकेश को मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद मुकेश घर नहीं लौटे थे।

मुकेश चंद्राकर के लापता होने पर उनके पत्रकार भाई युकेश चंद्राकर ने इसका आरोप सुरेश चंद्राकर पर लगाया था। उन्होंने कहा था कि सुरेश चंद्राकर ने उनके भाई को लापता किया है। इसके बाद पुलिस ने मुकेश की खोजबीन शुरू कर दी। एएसपी चंद्रकांत गोवर्ना के मुताबिक, मुकेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन कॉन्ग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर की कंस्ट्रक्शन कंपनी में मिली थी।

ASP के अनुसार, इसके बाद फोन बंद हो गया था। सुरेश चंद्राकर की यह कंपनी चट्टानपारा में स्थित है। इसके बाद खोज में मुकेश की लाश मिली। मुकेश चंद्राकर बस्तर इलाके से एनडीटीवी के लिए रिपोर्टिंग करते थे और ‘बस्तर जंक्शन’ नाम से अपना यूट्यूब चैनल चलाते थे। साल 2021 में नक्सलियों द्वारा CRPF के एक जवान को अपहरण करने के बाद उसे रिहा कराने में मुकेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -