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जिस लड़ाकू विमान को नहीं पकड़ सकते रडार, उसका मलबा मिला: ऑटो पायलट मोड में उड़ते हुए गायब हो गया था अमेरिका का F-35

अमेरिकी सेना कॉर्प्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि एफ-35 की सभी उड़ानें अगले दो दिनों के लिए रोकी जा रही है। यह फैसला लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए लिया गया है। हाल के दिनों में एफ-35 के साथ हुई यह तीसरी दुर्घटना है।

17 सितंबर 2023 को लापता हुए अमेरिकी फाइटर जेट F-35 का मलबा मिल गया है। रक्षा अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा है कि इसका मलबा दक्षिण कैरोलिना के विलियम्सबर्ग काउंटी में मिला है। एफ-35 उड़ान के दौरान गायब हो गया था। इसके पायलट ने पैराशूट के जरिए कूदकर अपनी जान बचाई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि लापता हुए फाइटर जेट F-35 की तलाश अब पूरी हो गई है। विमान क्रैश होने के बाद इसका मलबा मिला है। अधिकारियों का कहना है कि जहाँ पर मलबा मिला है, वहाँ जाँच टीम पहुँच गई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को फाइटर जेट से दूर रहने की सलाह दी गई है। एक रिकवरी टीम इसे सुरक्षित रखने के प्रयास में जुटी हुई है।

अमेरिकी सेना कॉर्प्स ने 18 सितंबर को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एफ-35 की सभी उड़ानें अगले दो दिनों के लिए रोकी जा रही है। यह फैसला लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए लिया गया है। हाल के दिनों में एफ-35 के साथ हुई यह तीसरी दुर्घटना है। बता दें कि फाइटर जेट के लापता होने के बाद अधिकारियों ने आम जनता से इसकी तलाश में मदद करने के लिए अपील की थी।

हादसे का शिकार हुए एफ-35 फाइटर जेट को एफ-35 लाइटिंग-II के नाम से भी जाना जाता है। फाइटर जेट के लापता होने की वजह इसकी सबसे बड़ी खासियत ही थी। दरअसल, यह फाइटर जेट स्टील्थ टेक्नोलॉजी यानी कि रडार की पकड़ में न आने वाली तकनीक से बनाया गया है। ऐसे में लापता होने के बाद रडार भी इसे नहीं ढूँढ़ पा रहा था।

एफ-35 फाइटर जेट की कीमत 150 मिलियन डॉलर यानी 12 अरब 48 करोड़ रुपए से अधिक है। साउथ कैरोलिना राज्य के तटीय इलाके में स्थित चार्लसन ज्वॉइंट बेस से उड़ान भरने के बाद एफ-35 जब आसमान में था, तभी कुछ खराबी आने पर पायलट उसे ऑटो पायलट मोड में डालकर खुद बाहर निकल गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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