नागरिकता लेने के इच्छुक व्यक्ति को $1 मिलियन यानी करीब 8.8 करोड़ रुपए देने होंगे। हालाँकि कंपनियों को कोर्पोरेट वीजा कार्ड के लिए $2 मिलियन यानी 17.6 करोड़ प्रति कर्मचारी देना होगा। ऐसी कंपनी दूसरे कर्मचारी को वीजा ट्रांसफर कर सकती है। इसके लिए दोबारा 17.6 करोड़ रुपए देने की जरूरत नहीं है। यानी वीजा गोल्ड कार्ड किसी व्यक्ति या कंपनी के लिए अमेरिका में लंबे समय तक रहने, काम करने और नागरिकता पाने का एक विकल्प है।
गोल्ड कार्ड क्या है?
गोल्ड कार्ड एक नया US वीज़ा पाने का रास्ता है, जो आवेदकों को यूनाइटेड स्टेट्स की स्थायी नागरिकता देगा। इसका मकसद अमेरिका को आर्थिक तौर पर मालामाल करना है। इसमें $15,000 प्रोसेसिंग फीस यानी 15.33 लाख रुपए और वेटिंग के बाद $1 मिलियन यानी 8.8 करोड़ का गिफ्ट शामिल है। सफल आवेदकों को EB-1 या EB-2 के तहत कानूनी रूप से अमेरिका की स्थायी नागरिकता मिलेगी। पारंपरिक वीजा या ‘ग्रीन कार्ड’ से अलग यह प्रोग्राम खासतौर से अमीरों, इन्वेस्टर्स, बिजनेसमैन या टैलेंटेड प्रोफेशनल के लिए बनाया गया है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में बिज़नेस लीडर्स के एक कार्यक्रम में गोल्ड वीजा शुरू करने की जानकारी दी। तभी एप्लीकेशन लेने वाली एक वेबसाइट लाइव हो गई। इसका मकसद EB-5 वीज़ा की जगह लेना है, जिसे अमेरिकी कॉन्ग्रेस ने 1990 में विदेशी निवेश लाने के लिए बनाया था और यह उन लोगों के लिए उपलब्ध था, जो कम से कम 10 लोगों को नौकरी देने वाली कंपनी पर लगभग $1 मिलियन खर्च करते हैं।
ट्रंप नए वर्जन को U.S. के लिए टॉप टैलेंट को आकर्षित करने का तरीका मानते हैं, साथ ही दावा करते हैं कि इससे अमेरिका का खजाना भर जाएगा।
फरवरी 2025 में गोल्ड कार्ड प्रोग्राम की घोषणा करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप लगातार इसको प्रमोट कर रहे हैं। शुरुआत में हर व्यक्ति के लिए इसकी कीमत $5 मिलियन यानी करीब 42 करोड़ रखा गया था, लेकिन सितंबर में इसे घटा कर $1 मिलियन यानी 8.8 करोड़ रुपए कर दिया गया।
इस मौके पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि ट्रंप गोल्ड कार्ड लॉन्च हो गया है। सारा पैसा यूएस सरकार के पास जाएगा और दूसरी बात ये है कि इससे सरकारी खजाने में अरबों डॉलर आएँगे।
गोल्ड कार्ड की कीमत क्या है?
- $15,000 यानी 13.55 लाख रुपए DHS प्रोसेसिंग फीस (नॉन-रिफंडेबल)
- बैकग्राउंड चेक होने के बाद आवेदक को $1 मिलियन यानी 8.8 करोड़ रुपए बतौर गिफ्ट देने होंगे
- डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की एक्स्ट्रा फीस लग सकती है
- धनी व्यक्तियों को अमेरिकी की नागरिकता देना मकसद है
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि गोल्ड कार्ड दरअसल अमेरिका फर्स्ट एजेंडे का हिस्सा है। इससे भारत-चीन जैसे देशों के स्टूडेंट्स की संख्या कम हो जाएगी यानी सिर्फ वर्ल्डक्लास टैलेंट के साथ-साथ सफल कंपनी इससे आकर्षित होंगे।
कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड क्या है?
ट्रम्प कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड कंपनी द्वारा अपने एक या अधिक कर्मचारियों के लिए जारी किया जाता है। कंपनी को प्रति कर्मचारी 15,000 डॉलर यानी 13.55 लाख रुपए का DHS शुल्क देना होता है, जो वापस नहीं होता। वेटिंग पूरी होने के बाद प्रति कर्मचारी 2 मिलियन डॉलर यानी 17.6 करोड़ रुपए देना होता है।
अगर कंपनी किसी कर्मचारी का स्पॉन्सरशिप बदलना चाहे तो नया फिर से 17.6 करोड़ रुपए नहीं देना होगा। पुराना कार्ड नए कर्मचारी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें 1% सालाना मेंटेनेंस फीस और 5% ट्रांसफर फीस (नई DHS बैकग्राउंड चेक सहित) भी लगती है।
- कंपनियाँ विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने के लिए ये पैसे दे सकती हैं।
- हर कर्मचारी के लिए $15,000 यानी 13.55 लाख रुपए प्रोसेसिंग फीस (नॉन-रिफंडेबल)
- जाँच के बाद हर कर्मचारी के लिए $2 मिलियन यानी 17.6 करोड़ रुपए गिफ्ट के तौर पर देना होगा
- कर्मचारी बदलने की स्थिति में ये पैसा दोबारा नहीं देना होगा
- 1% सालाना मेंटेनेंस फीस और 5% ट्रांसफर फीस लगेगी (कर्मचारी बदलने पर)
प्लेटिनम कार्ड क्या है?
ट्रंप का प्लेटिनम कार्ड भी शुरू होने वाला है। इसके लिए $1500 फीस 13.55 लाख रुपए के साथ-साथ $5 मिलियन यानी करीब 42 करोड़ रुपए बतौर गिफ्ट देना होगा। इसका फायदा यह होगा कि प्लेटिनम धारकों को 270 दिनों तक अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगेगा। किसी तरह की ट्रेवल वीजा की जरूरत नहीं होगी। प्लैटिनम कार्ड वाले व्यक्ति को विदेश से कमाई हुई इनकम पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
कार्ड धारकों को क्या-क्या सुविधाएँ मिलेगी
गोल्ड कार्ड के अंतर्गत नागरिकता हमेशा के लिए मिलेगी। उन्हें पासपोर्ट के साथ साथ वोटिंग का अधिकार मिलेगा। अमेरिका के नागरिकों को जितनी भी सुविधाएँ मिलती हैं, वह सब ऐसे नागरिकों को मिलेंगे। दरअसल ये ग्रीन कार्ड के जरिए मिलने वाले स्थायी नागरिकता की तरह है।
ये वीजा कार्यक्रम धनी विदेशियों के लिए हैं, ताकि भारी भरकम पैसे देकर वो अमेरिका की सेवा कर सकें। इसका मकसद आम लोगों की अमेरिका में एंट्री रोकना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि सिर्फ विश्वस्तरीय टैलेंटेड लोगों को ही वीजा मिलेगा। ऐसे लोगों को अमेरिका में बसने का मौका नहीं दे सकते, जो अमेरिकियों की नौकरियाँ छीनते हैं।
सरकारी खजाने में पैसा जमा होने पर अमेरिकियों पर लगने वाले टैक्स में कमी आएगी और सरकारी कर्ज चुकाया जा पाएगा।
परिवार का सदस्य भी ट्रंप गोल्ड कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। इसमें पति-पत्नी और 21 साल के छोटे अविवाहित बच्चे मुख्य आवेदक के साथ शामिल किए जा सकते हैं। परिवार के हर सदस्य के लिए 15,000 डॉलर DHS शुल्क और 1 मिलियन डॉलर बतौर गिफ्ट देना होगा।
कैसे करें आवेदन
- वेबसाइट https://trumpcard.gov/ पर ऑनलाइन जाएँ
- तीन कार्ड के विकल्प मिलेंगे- गोल्ड कार्ड, कॉर्पोरेट कार्ड और प्लेटिनम वेटलिस्ट
- विकल्प चुनने के बाद अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें ( नाम, जन्म, पता, परिवार, नागरिकता आदि)
- बताए गए निर्देशों के मुताबिक myUSCIS.gov अकाउंट बनाएँ
- DHS प्रोसेसिंग फीस $15,375 यानी 13.89 लाख रुपए ( क्रेडिट कार्ड डिस्चार्ज के साथ) जमा करें
- क्रेडिट कार्ड (अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय) या ACH डेबिट (केवल अमेरिकी बैंक) का इस्तेमाल करें
- प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें
- बतौर गिफ्ट $1 मिलियन या $2 मिलियन जमा करें।
- ईमेल के निर्देश के मुताबिक ACH डेबिट या Swift वायर ट्रांसफर के माध्यम से करें
प्रोसेसिंग फीस जमा होने के बाद आवेदक की जाँच काफी कड़ाई से की जाती है। अप्रूवल प्रोसेस में आमतौर पर हफ़्ते लग जाते हैं। आवेदक को वीज़ा इंटरव्यू में शामिल होना जरूरी है और डॉक्यूमेंट वक्त रहते जमा करना और किसी तरह का सवाल पूछे जाने पर उसका जवाब वक्त पर देना जरूरी है।
गोल्ड कार्ड स्टेटस को रद्द करने का प्रावधान में इसमें शामिल किया गया है। अगर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो या गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो जाए और वीजा धारक दोषी पाया जाए, तो उसकी वीजा रद्द कर दी जाएगी। अमेरिकी नागरिक या पहले से ग्रीन कार्ड वाले इनमें से किसी भी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकते।


