Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचीन में सूअर से फैलने वाला नया फ्लू वायरस: 'पर्सन टू पर्सन ट्रांसमिशन' की...

चीन में सूअर से फैलने वाला नया फ्लू वायरस: ‘पर्सन टू पर्सन ट्रांसमिशन’ की क्षमता, पूरे विश्व में फैलने का खतरा

वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इस वायरस के पास हर वो क्षमता है, जिससे ये पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सके और एक बड़ी जनसंख्या को संक्रमित कर सके। ये एकदम से नया है, इसीलिए लोगों के पास इससे लड़ने लायक इम्युनिटी नहीं है और इससे निपटने के लिए कोई योजना भी नहीं है।

अभी चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस से दुनिया उबरा भी नहीं है कि एक ऐसी ही नई समस्या ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। चीन में वैज्ञानिकों ने एक नए फ्लू का पता लगाया है, जिसके वैश्विक आपदा में बदलने की आशंका जताई गई है। ये फ्लू सूअरों में फैल रहा है लेकिन इससे मनुष्यों को भी संक्रमित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘पर्सन टू पर्सन ट्रांसमिशन’ की क्षमता वाला ये वायरस पूरे विश्व में फ़ैल सकता है।

हालाँकि, अभी इसके तत्काल में इतनी बड़ी समस्या बनने की आशंका नहीं है लेकिन वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इसके पास हर वो क्षमता है, जिससे ये पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सके और एक बड़ी जनसंख्या को संक्रमित कर सके, इसीलिए इस पर काफ़ी क़रीब से नज़र रखने की ज़रूरत है। ये एकदम से नया है, इसीलिए लोगों के पास इससे लड़ने लायक इम्युनिटी नहीं है और इससे निपटने के लिए कोई योजना भी नहीं है।

सूअर के माँस का विश्व में बहुत बड़ा बाजार है, ऐसे में स्वाइन इंडस्ट्री वर्कर्स में इसके सबसे पहले फैलने की आशंका है, जिसके बाद ये अन्य लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज’ जर्नल में सूअरों में फ़ैल रहे इस वायरस पर नज़र रखने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले 2009 में स्वाइन फ्लू फैला था, जिसने पूरी दुनिया को तबाह किया था।

हाल ही में चीन के युन्नान प्रांत में एक व्‍यक्ति की को हंता वायरस से मौत हो गई थी। पीड़‍ित व्‍यक्ति काम करने के लिए बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था। उसे हंता वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। बस में सवार 32 अन्‍य लोगों की भी जाँच की गई थी। हंता वायरस चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, चूहों के घर के अंदर और बाहर करने से हंता वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है।

वैज्ञानिकों ने जानकारी दी कि सूअर के अंदर ही इस वायरस को रोकने के लिए कदम उठाना होगा। इसके अलावा वहाँ काम करने वाले लोगों पर भी इसे लागू करना पड़ेगा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अभी आगे और ज्‍यादा वायरस के आने का खतरा लगातार बना हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -