Saturday, April 4, 2026
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CNN ने जोहरान ममदानी के घर के बाहर बम फेंकने वालों को बताया- ‘मासूम टीनेजर्स’, पुलिस की जाँच में दोनों निकले ISIS आतंकी: मीडिया ग्रुप ने चुपके से किया पोस्ट डिलीट, अब पड़ रही गाली

न्यूयॉर्क पुलिस कमिश्नर जेसिका टिस ने खुलासा किया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति ISIS से प्रेरित हैं। बम फेंकते समय वे 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे लगा रहे थे। फॉरेंसिक जाँच में पाया गया कि उनके पास मौजूद बम में TATP (Triacetone Triperoxide) था, जिसे 'मदर ऑफ सैटर्न' कहा जाता है।

अमेरिकी न्यूज चैनल CNN अपनी एक रिपोर्ट को लेकर दुनिया भर में आलोचनाओं का सामना कर रहा है। हिंदू विरोधी मेयर जोहरान ममदानी के घर के बाहर बम फेंकने वाले दो संदिग्धों को CNN ने अपनी रिपोर्ट में ‘पेंसिल्वेनिया के किशोर’ (Pennsylvania teenagers) बताकर पेश किया था, जो मानो शहर की सैर पर निकले हों।

हालाँकि, अब सच्चाई सामने आने के बाद CNN को अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी है। जाँच में पता चला है कि ये हमलावर कोई साधारण किशोर नहीं, बल्कि खूंखार आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा रखने वाले आतंकी हैं।

CNN की रिपोर्ट: ‘पिकनिक मनाने आए किशोरों से हो गई गलती’

CNN ने अपनी मूल रिपोर्ट में इस आतंकी घटना को बेहद साधारण दिखाने की कोशिश की थी। रिपोर्ट में लिखा गया था, “पेंसिल्वेनिया के दो किशोर शनिवार सुबह न्यूयॉर्क सिटी में एक सामान्य दिन बिताने और सुहावने मौसम का आनंद लेने आए थे, लेकिन एक घंटे के भीतर उनकी जिंदगी बदल गई क्योंकि उन्हें मेयर के घर के बाहर बम फेंकने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।” CNN ने इस हमले को ‘एंटी-मुस्लिम प्रदर्शनों’ से जोड़कर दिखाने की कोशिश की थी, जिससे ऐसा लगे कि हमलावर मुस्लिम विरोधी प्रदर्शनकारी थे।

CNN ने अपनी रिपोर्ट में आतंकियों को ‘मासूम’ बताया

सच्चाई: ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे और ‘मदर ऑफ सैटर्न’ बम

जाँच में CNN का यह नैरेटिव पूरी तरह धराशायी हो गया। न्यूयॉर्क पुलिस कमिश्नर जेसिका टिस ने खुलासा किया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति ISIS से प्रेरित हैं। बम फेंकते समय वे ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगा रहे थे।

फॉरेंसिक जाँच में पाया गया कि उनके पास मौजूद बम में TATP (Triacetone Triperoxide) था, जिसे ‘मदर ऑफ सैटर्न’ कहा जाता है। यह वही विस्फोटक है जिसका उपयोग दुनिया भर में बड़े आतंकी हमलों में होता रहा है। पुलिस के मुताबिक, इनका मकसद सिर्फ डराना नहीं, बल्कि लोगों की जान लेना या उन्हें अपाहिज बनाना था।

ISIS के प्रति वफादारी और भारी विरोध

गिरफ्तारी के बाद दोनों संदिग्धों ने कबूल किया कि उन्होंने आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ली है। उन पर अब सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) के इस्तेमाल और विदेशी आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करने के गंभीर संघीय आरोप लगाए गए हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने CNN को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चैनल एक आतंकी हमले को ‘सैर-सपाटे’ की तरह पेश कर रहा था। भारी दबाव और किरकिरी के बाद CNN ने पोस्ट डिलीट करते हुए माना कि उनकी रिपोर्टिंग ‘संपादकीय मानकों’ पर खरी नहीं उतरी और घटना की गंभीरता को दिखाने में विफल रही।

हिंदू विरोधी जोहरान ममदानी का बयान

मेयर जोहरान ममदानी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि वे और उनकी बीवी उस समय घर पर नहीं थे, लेकिन यह हमला जानलेवा हो सकता था। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह ‘ISIS से प्रेरित आतंकवाद’ का मामला है। हालाँकि, फिलहाल इस घटना का ईरान में चल रहे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संघर्ष से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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