बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज कर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद ही स्थिति को कंट्रोल में किया जा सका।
कपिल गुर्जर और उसके पिता गजे सिंह चौहान को AAP से संबंधित बताने वाली ट्वीट को नेता कुलदीप कुमार ने डिलीट कर दिया है, लेकिन आम आदमी पार्टी खुद अपनी वेबसाइट से इन दोनों के पार्टी से जुड़े होने की पुष्टि करता आर्टिकल हटाने से चूक गई। यदि AAP इस आर्टिकल को हटा लेती है, तो...
मुंबई पुलिस ने आरोपित उर्वशी चूड़ावला की माँ को बुलाकर पूछताछ की। उर्वशी की माँ ने अपनी बेटी की गलती स्वीकारते हुए कहा कि उनकी बेटी को बहकाया गया है। उर्वशी पर मुंबई के आजाद मैदान में "शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुँचाएंगे" जैसे नारे लगाने का आरोप है।
अरविंद केजरीवाल पिछले करीब डेढ़ महीने से घर में बैठकर तमाशा देख रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर हमले हो रहे हैं, अगर बच्चे ही दिल्ली में सुरक्षित नहीं हैं, तो कौन सुरक्षित है? लेकिन अब साफ़ हो गया है कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है और दिल्ली में कपिल गुर्जर को कौन लेकर आया था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने जब कपिल गुर्जर के मोबाइल की छानबीन की तो उसके मोबाइल से आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ की तस्वीरें निकलीं। गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर ने यह बात स्वीकार कर ली है कि उसने और उसके पिता ने वर्ष 2019 के शुरुआती महीने में AAP की सदस्यता ली थी।
मोदी ने कहा था, 'मैं 130 करोड़ देशवासियों को बताना चाहता हूँ कि 2014 में पहली बार मेरी सरकार के सत्ता में आने के बाद से NRC पर कभी चर्चा नहीं हुई।' उन्होंने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के आदेश की वजह से सिर्फ असम में किया गया। मोदी ने यह भी कहा था कि, नागरिकता कानून या NRC का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है।
"हम पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं महसूस करते। हमारी लड़कियों को हमेशा डर लगा रहता है कि कोई कट्टरपंथी उनका अपहरण कर लेगा। पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रहती है। हमारी लड़कियाँ आजादी से चल भी नहीं सकती हैं।"
बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के बूथ अध्यक्ष मुस्ताक शेख बम बनाते समय हुए विस्फोट में अपने दोनों हाथ गँवा दिए। इस बम की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बम विस्फोट की आवाज सुनकर गाँव के कई लोग भाग खड़े हुए। बताया जा रहा है कि मुस्ताक शेख इस बम को भाजपा द्वारा CAA के समर्थन में निकाली जा रही रैली में फोड़ने के लिए बना रहा था।
मीडिया गिरोह की मानें तो अब अगर चीन की कोई नगर पालिका या ग्राम पंचायत भी भारत में फासिस्ट मोदी सरकार के दौरान चाउमीन में डाली जा रही शिमला मिर्च के खिलाफ प्रस्ताव जारी कर दे, तो मोदी सरकार की जड़ें हिलते देर नहीं लगेगी।