"पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने ‘फॉरवर्ड पॉलिसी’ अपनाई जिसमें कहा गया कि हमें एक-एक इंच चीन की ओर बढ़ना चाहिए। कार्यान्वयन के दौरान यह ‘बैकवर्ड पॉलिसी’ बन गई। यही वजह है कि अक्साई चीन पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। उसके जवान डेमचोक ‘नाला’ तक पहुँच गए।"
पवार ने कहा, "राणे ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। राणे को लगा कि कॉन्ग्रेस वादा पूरा करेगी। मेरे जैसे नेताओं को पता है कि ऐसे वादे केवल फायदे के लिए होते हैं। मैंने कॉन्ग्रेस में लंबा वक्त बिताया है।"
प्रणब रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग और ED की जाँच के कारण विदेश जाने से रोका गया था। उनके ही समर्थन में यस्मीन किदवईं ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। रॉय दंपती मुंबई से नैरोबी के लिए उड़ान भरने वाले थे।
नागराज की गिनती देश के सबसे अमीर विधायकों में होती रही है। इतनी महँगी कार खरीदने वाले भी वे कर्नाटक के पहले नेता नहीं हैं। लेकिन कॉन्ग्रेस से बगावत और कुमारस्वामी सरकार को डूबोने के बाद नागराज का इतनी महँगी कार खरीदना चर्चा का विषय बन गया है।
“राजस्थान कॉन्ग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान माब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपित वहाँ की निचली अदालत से बरी हो गए, यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है।”
लोकतंत्र की दुहाई देकर राहुल गॉंधी के लिए पहली कतार में सीट मॉंगने का कोई मौका जाया नहीं करने वाली कॉन्ग्रेस के निशाने पर अब लोकतांत्रिक मूल्य हैं। स्वतंत्रता दिवस के जश्न के मौके पर लाल किले से सोनिया-राहुल का गायब रहना और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से नवाजे जाने के समारोह से उनकी दूरी बानगी भर।
मायावती ने पूरी बसपा की ओर से आखिर में प्रदेश की भाजपा सरकार से गुहार लगाई है कि वो इस मामले के संबंध में सपा और कॉन्ग्रेस नेताओं के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाएँ और आदिवासियों को उनकी जमीनें वापस दिलवाएँ।
अक्सर विवादित बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाले अय्यर ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के विभाजन को कॉन्ग्रेस की रणनीतिक भूल करार दिया था। वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का राजनीतिक करियर ख़त्म होने के लिए भी इसी निर्णय को दोषी ठहराया था।
कुछ लोगों का कहना है कि लिबरल पत्रकार जिस डर की बात कर रहे थे, प्रियंका गाँधी के गुंडे बस यही समझा रहे हैं। वहीं कुछ यूज़र्स का मानना है कि पत्रकार को प्रियंका वाड्रा के से सवाल नहीं करना चाहिए था क्योंकि उन्होंने मना कर दिया था।
मुशाहिद हुसैन ने कहा, "भारत एक बहुत बड़ा देश है और वहाँ सभी लोग मोदी का समर्थन नहीं करते। अरुंधति, ममता और कॉन्ग्रेस नेताओं जैसे कुछ पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोग हैं।"