Zomato के तथाकथित मूल्य कितने खोखले हैं, इसकी नज़ीर यह है कि जब एक 'शांतिप्रिय' ने गैर-हलाल खाने के लिए शिकायत की, तो Zomato उसके चरणों में गिर गया। उस समय उसके 'मूल्य' हवा हो गए।
ऐसे आरोपों के उफनने का एक कारण यह है कि लिबरल गैंग के पास हिन्दुओं के खिलाफ बोलने के लिए और कोई आधार नहीं बचा है। न ही कोई हनुमान चालीसा पढ़ते हुए छाती पर बम बाँधकर धमाके कर रहा है, न ही ‘जय श्री राम’ बोलकर कहीं 26/11, 9/11 जैसे हमले कर रहा है।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सीसीटीवी कैमरा लगे होने के बाद भी इस घटना पर अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। गौरव शर्मा ने दावा किया है कि मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति ने रात में पार्क में घुसकर मूर्ति तोड़ दी।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि यह वीडियो लोकसभा चुनाव से पहले का है। लेकिन, गाँव के हालिया तनाव को देखते हुए यह वीडियो आग में घी का काम कर सकता था। गाँव में भारी पुलिस बल तैनात।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोग उन्हें न तो पूजा करने देते हैं और न ही मंदिर का निर्माण करने दे रहे हैं। विरोध करने पर समुदाय के लोग लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देते हैं।
कुख्यात कलाकार एजाज खान जेल से रिहा हो चुके हैं। इसकी जानकारी खुद गालीबाज एजाज खान ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी है। साथ में अपनी एक दमदार तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है- "A lion doesn't concern himself with the opinions of a sheep"
शख आमेर ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि उसने अपने समुदाय के सदस्यों के बीच अपना कद बढ़ाने और उससे झगड़ा करने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए मनगढ़ंत कहानी के आधर पर पुलिस से शिकायत की।
वायरल हो रहे इस वीडियो में MLA नाहिद हसन समुदाय विशेष को सन्देश देते हुए कह रहे हैं कि उनके जैसे लोगों के सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर वो लोग उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी।
एंड्रिया का कहना है कि उनके शौहर भारत में होने वाली सभी आपराधिक गतिविधियों के लिए आवाज उठाते हैं और वो सिर्फ अपने मजहब के लिए ही नहीं, बल्कि हिंदुओं और ईसाइयों के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। वो कहती हैं कि उनके पति इस लड़ाई में अकेले हैं और उनके साथ जो किया जा रहा है, वो अन्याय है।
शिवभक्त काँवड़िया जब इन इलाकों से गुजरता है तो पत्थरबाजी और मार-पीट की खबरें कैसे आती हैं? क्या इसके उलट आपने कहीं सुना है कि ईद की नमाज पढ़ते, या ईद तो छोड़िए हर शुक्रवार सड़क घेर कर देश के कई इलाके में नमाज पढ़ते शांतिप्रिय पर किसी ने आवाज भी उठाई हो?