राहुल गाँधी ने पिछले दिनों एक चुनावी जनसभा में पीएम मोदी को घेरने की कोशिश करते हुए एक बयान में कह दिया कि ‘सारे मोदी चोर हैं’, मगर अफसोस की बात तो ये है कि राहुल घेरने तो निकले थे पीएम मोदी को, मगर इस बयान के बाद वो खुद बुरी तरह से घिर चुके हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनकी पार्टी मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय गुंडों को तरजीह दिए जाने से वह दुखी हैं। उन्होंने पार्टी के लिए हर तरफ से गालियाँ झेलीं पर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के भीतर ही उन्हें धमकाने वाले मामूली कार्रवाई के भी बिना बच निकलते हैं।
अपनी पार्टी के 'त्याग' का जिक्र करते हुए राहुल गाँधी ने लिखा कि कॉन्ग्रेस AAP को 4 सीटें देने को राजी है लेकिन AAP नहीं मान रही। केजरीवाल के यू-टर्न का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि गठबंधन के लिए उनके दरवाजे खुले हैं लेकिन समय तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
आपके आका सचमुच में इस सरकार की सही वाली कुछ खामियों की बात कर लेते तो मोदी को हराने के लिए ही आपको अफ्रीका से निंदा भी ‘इम्पोर्टेड’ न इस्तेमाल करनी पड़ती।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट राफ़ेल मसले पर केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे चुकी है। कोर्ट ने राफ़ेल विमान की ख़रीद प्रक्रिया को सही ठहराया था। वहीं प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा ने कोर्ट के फ़ैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था
राजनैतिक मजबूरियों का कवच पहनकर किसी के पाप नहीं धुलते। अगर किसी प्रधानमंत्री के शासनकाल में घोटाले हुए, समझौतों में देश की सुरक्षा को नकारा गया, तो वो प्रधानमंत्री साक्षात दशरथपुत्र रामचंद्र ही क्यों न हों, पाप के भागीदार वो भी हैं।
स्वामी ने लिखा है कि स्मृति ईरानी की डिग्री पर प्रश्न करने वाली कॉन्ग्रेस की भुलक्कड़ प्रवक्ता को पहले प्री-थीसिस में फेल अपने पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी पर विचार करते हुए हुए उनसे उनकी थीसिस और एग्जाम रिजल्ट माँगना चाहिए।
कॉन्ग्रेस नेता इसे ममता बनर्जी की राजनीतिक चाल बता रहे हैं। कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर नहीं लड़ रही है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने डिग्री विवाद पर कॉन्ग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा ही उन्हें अपमानित करने का प्रयास करती रही है और महिला होने के कारण ऐसी कोई प्रताड़ना नहीं है, जो कॉन्ग्रेस ने उनके खिलाफ इस्तेमाल ना की हो।
सुप्रीम कोर्ट में मीनाक्षी लेखी का प्रतिनिधित्व पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने किया। आगामी सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच इस पर सुनवाई करेगी।