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Rahul Gandhi

राहुल गाँधी ने मुझे मेरी जगह दिखा दी है: सिद्धू

सिद्धू पिछले कुछ समय से पार्टी लाइन के विपरीत चल रहे हैं, जो कि पार्टी को रास नहीं आ रहा है।

बैडमिंटन कोर्ट के खराब हालत के ज़िम्मेदार हैं पीएम मोदी: राहुल गाँधी

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ओडिशा के कोरापुट में रैली करने पहुँचे थे। जहाँ वो एक बार फिर से राफेल मुद्दे को लेकर पीएम मोदी को घेरते दिखे।

..तो इसलिए राहुल गांधी को कहा जाता है इमरान खान का खोया हुआ भाई

भारत सरकार ने भी अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि ये आतंकवादियों के खिलाफ आत्मरक्षा के लिए उठाया गया कदम था। किसी राष्ट्र पर कोई हमला नहीं किया गया।

अगर देश का अर्थ मोदी नहीं, तो लोकतंत्र का अर्थ भी गाँधी परिवार नहीं है

मीडिया गिरोह और देश के आदर्श लिबरल समूह की बौखलाहट साफ़ है। इसे पिछले 4 सालों में हर दूसरे दिन ये कहते हुए सुना गया है कि देश का मतलब नरेंद्र मोदी नहीं है। 

‘गधों का सरताज है राहुल गाँधी’ जानिए किसने और क्यों की अध्यक्ष जी पर ये निंदनीय टिप्पणी

उन्होंने कहा कि राहुल जिस तरह की हरकत कर रहे हैं उससे वह अब पप्पू कहलाने के लायक नहीं बचे हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस को गधों की सेना और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को गधों का सरताज कहा।

पाक के नए हथियार बन रहे हैं भस्मासुर राहुल और कॉन्ग्रेस की राजनीति

जब भी कर्ण युद्धक्षेत्र में कोई बहादुरी का कार्य करता- उसका सारथी शल्य कुछ बेतुकी बातें कर उसका मनोबल तोड़ने की कोशिश करता। राहुल गाँधी आज बिना सबूत रक्षा सौदों पर छींटाकशी कर शत्रु का काम आसान कर रहे हैं और देश का मनोबल तोड़ रहे हैं।

रागा का रा-फेल राग: नशे-सी चढ़ गई ओए…

कभी-कभी तो दया आती है इस व्यक्ति पर, लेकिन फिर वो ख़ूनी, लुटेरा पंजा दिखता है भारतीय तिरंगे के तीन रंगों के साथ और...

वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता ने समर्थकों से पीएम मोदी की हत्या का अह्वान किया

"राहुल गांधी आपके नेता ने इस राष्ट्र के पीएम की हत्या का आह्वान किया है तो क्या आप उन पर कार्रवाई करेंगे? यदि आप स्पष्ट रूप से कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने नेता के शब्दों का समर्थन करते हैं?

अमेठी राइफल फैक्ट्री: राहुल गाँधी का महाझूठ, देशी कट्टे और AK-47 के बीच अंतर भूले

राहुल को आयुध फैक्ट्री और राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बीच का अंतर नहीं पता। राहुल को यह भी नहीं पता कि शिलान्यास और उद्घाटन में क्या फ़र्क़ होता है। कैग ने यूपीए कार्यकाल के दौरान ही सरकार के ढुलमुल रवैये पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया था।

राजीव कंधे पर लाए थे कम्प्यूटर, सोनिया ने अभिनंदन को बिठाया था कॉकपिट में

याद रखिए, इस देश में जो भी हुआ वो कॉन्ग्रेस ने ही किया है। वरना आज भी सिर्फ पत्थर ही पत्थर होता। हम पत्थर खाते और पत्थर ही... समझने और कॉन्ग्रेस के आगे सिर झुकाने के बजाय अंड-बंड बोलना बंद कीजिए।

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