जब ट्वॉयलेट पेपर खत्म हो जाता है तो आप ढूँढते हैं कि वो कहाँ रखा हुआ है। इसी क्रम में जब स्क्रॉल वेबसाइट पर यह देखने पहुँचा कि क्या इन्होंने ममता बनर्जी के बंगाल में हो रहे चुनावी हिंसा पर कुछ लिखा है? तो, कुछ नहीं मिला।
स्वराज एक्सप्रेस के लिए यौन शोषण आरोपित विनोद दुआ ने एग्जिट पोल दिखाए थे, जिसे उन्होंने न्यूज़क्लिक नामक प्रोपेगेंडा वेबसाइट से उठाया था। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी एग्जिट पोल खुलेआम ट्विटर पर जारी किया था।
इन एग्जिट पोल्स के आते ही गिरोह विशेष के लोग इसे प्रसारित करने में क्यों व्यक्त हो जाते हैं? क्या दल विशेष को फ़ायदा पहुँचाने के लिए ऐसा हो रहा है? यौन शोषण आरोपित विनोद दुआ, समाचार एजेंसी आईएएनएस, प्रोपेगंडा वेबसाइट न्यूज़क्लिक और ब्रिटिश पत्रकार द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल्स को लेकर चुनाव आयोग उन सब पर कोई कार्रवाई करेगा?
बीबीसी हिन्दी वालो, विकल्प है तुम्हारे पास: वेश्यावृति की ईमानदारी या पत्रकारिता के नाम पर वैचारिक दोगलापन, चुन लो। कारण जो भी हो, लेकिन जब आप वेश्यालय की ओर रुख़ करते हैं तो आपको पता होता है कि आपको वहाँ क्या मिलेगा। बीबीसी के साथ ऐसा नहीं है।
पूरा लेख रेटरिक यानी गाल बजाने जैसा है जिसमें वही पाँच साल पुरानी बातें हैं जिन्हें लिख कर भारत का छद्म-बुद्धिजीवी गिरोह भी बोर हो चुका है: मोदी नफरत फैलाता है, समाज को बाँट रहा है, सरकार पूर्णतः विफल रही है... ब्ला, ब्ला ब्ला...
अटल बिहार वाजपेयी के निधन के तुरंत बाद उनकी बुराइयों की चर्चा को उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताने वाले यौन शोषण आरोपित पत्रकार ने कहा कि चूँकि राजीव गाँधी अब दिवंगत हो चुके हैं, उन पर पीएम मोदी द्वारा दिया गया बयान बताता है कि इंसान कुर्सी के लिए किस हद तक नीचे गिर सकता है?
ये चम्पक लेफ़्ट-लिबरल इको सिस्टम जितना चिल्ला ले कि मोदी ने तो कॉन्ग्रेस की योजनाओं का नाम बदल दिया, लेकिन सत्य यही है कि योजना का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, उस पर काम भी किया, और करोड़ों ज़िंदगियों को उन छोटी सुविधाओं से छुआ, बेहतरी दी, जो साउथ और नॉर्थ ब्लॉक में बैठे लोगों के लिए नगण्य या इन्सिग्निफिकेंट थीं।
जब नवरात्रि आती है, तब उपवास के गुण-दोष बताने के लिए डराने वाली हेडलाइन का सहारा लिया जाता है और इसके ख़तरे भी गिनाए जाते हैं। लेकिन, जब बात रमजान की आती है और उपवास रोज़ा में बदल जाता है तब उसका गुणगान करते हुए इसके वैज्ञानिक फ़ायदे बताए जाते हैं।
अमानतुल्लाह ख़ान ने मंच पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी को धक्का दिया था। अरविन्द केजरीवाल को झापड़ पड़ने की निंदा करने वाले अभिसार शर्मा ने मनोज तिवारी को धक्का दिए जाने की भी निंदा की होगी, है या नहीं? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप ग़लत हैं।