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आरिफ बना राजवीर, शादी का वादा कर फैशन डिजाइनर से रेप; गर्भवती होते ही ठुकराया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मोहम्‍मद आरिफ नाम के युवक ने ‘राजवीर केसर‍िया’ बनकर हिंदू युवती से पहले फेसबुक पर दोस्‍ती की। फिर शादी का झाँसा देकर उसका रेप किया। गर्भवती होने पर युवती ने जब युवक पर शादी का दबाव बनाया तो उसने इनकार करते हुए सारे रिश्ते तोड़ लिए। परेशान युवती ने युवक के घरवालों की तलाश की और उनसे मिली। इसके बाद उसे पता चला कि राजवीर केसर‍िया असल में मोहम्‍मद आरिफ है। युवक के इस झूठ का पता चलते ही युवती के होश उड़ गए। पीड़ि‍ता ने युवक के खि‍लाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।

क्‍या है पूरा मामला? 

जानकारी के मुताबिक, नवाबगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती पेशे से फैशन डिजाइनर है। मोहम्‍मद आरिफ नाम के एक युवक ने राजवीर केसरिया नाम से फेसबुक आईडी बनाई और युवती से अपनी पहचान छ‍िपाकर दोस्‍ती की। युवक ने युवती की नौकरी लगवाने का लालच दिया था। बातचीत बढ़ती गई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। 

युवक ने युवती को शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इस बीच युवती गर्भवती हो गई। उसने यह बात प्रेमी राजवीर केसरिया को बताई और शादी का दबाव बनाने लगी। इसके बाद राजवीर ने उससे बातचीत बंद कर दी। पीड़िता ने युवक के परिजनों से संपर्क किया तो उसे पता चला कि उसका असली नाम राजवीर केसरिया नहीं, बल्कि मोहम्मद आरिफ है। वह लखनऊ नहीं, बल्कि रायबरेली का रहने वाला है। इसके बाद युवती ने पुलिस से शिकायत की बात कही तो आरिफ ने जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस कर रही युवक की तलाश 

इस मामले में पीड़िता ने आरोपित प्रेमी आरिफ के खिलाफ नवाबगंज थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर रेप, एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी नवाबगंज देवेंद्र दुबे बताया कि पुलिस ने पीड़ित युवती की तहरीर पर राजवीर उर्फ मोहम्मद आरिफ के खिलाफ IPC की धारा 417, 376, 504, 506 और SC/ST एक्ट के तहत केस पंजीकृत करते हुए आरोपित को जेल भेज दिया है।

हालाँकि इस केस में एंटी लव जिहाद कानून नहीं लगाया गया है। प्रभारी का कहना है कि चूँकि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे, इसलिए यह मामला लव जिहाद का नहीं है। फिलहाल हर पहलू की जाँच चल रही है।

केरल हाई कोर्ट के 2 पूर्व जज BJP में, मेट्रो मैन श्रीधरन के बाद चुनावी राज्य में एक और बड़ी एंट्री

केरल समेत देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। केरल में भाजपा का अब तक उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं रहा है। लेकिन इस बार राज्य में पार्टी का कुनबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसी क्रम में केरल हाईकोर्ट के दो पूर्व जज ने भाजपा ज्वाइन की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (फरवरी 28, 2021) को केरल हाई कोर्ट के पूर्व जज पीएन रविंद्रन और वी चितंबरेश बीजेपी में शामिल हो गए।

हाई कोर्ट के पूर्व जजों के अलावा रविवार को 18 अन्य भी बीजेपी में शामिल हुए। इसमें कई महिला कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केरल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में सभी का पार्टी में स्वागत किया। इसके लिए बीजेपी की जारी ‘विजय यात्रा’ के दौरान त्रिपुनिथुरा में विशेष आयोजन किया गया था।

एबीवीपी कार्यकर्ता भी रह चुके हैं ये जज

केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस वी चिताम्बरेश समारोह में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह दिल्ली में हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पत्र में लव जिहाद कानून का समर्थन करने के बाद दोनों पूर्व न्यायाधीशों के नाम हाल ही में चर्चा में था। चितंबरेश ने कहा कि वह अपने छात्र जीवन के दौरान विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़ में सक्रिय एबीवीपी कार्यकर्ता रहे थे।

चितंबरेश ने कहा, “मैं बीजेपी का साथी रहा हूँ। अब, मैंने आधिकारिक रूप से पार्टी को गले लगा लिया है। मैं कोच्चि में दिल्ली में होने वाले समारोह में शामिल नहीं पाया।” अन्य जो बीजेपी में शामिल हुए हैं- वे पूर्व डीजीपी वेणुगोपाल नायर, एडमिरल बी आर मेनन और बीपीसीएल सोमचूडन के पूर्व महाप्रबंधक। पूर्व महिला कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता शिजी रॉय सहित 12 अन्य कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भी बीजेपी में शामिल हो गए।

गौरतलब है कि इससे पहले ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन औपचारिक तौर पर 25 फरवरी को केरल के मलप्पुरम में आयोजित एक रैली में बीजेपी में शामिल हुए थे। तब मंच पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री आरके सिंह भी मौजूद थे। केरल की राजनीति में मेट्रो मैन की एंट्री को काफी अहम माना जा रहा है।

इस मौके पर उन्होंने कहा था, “भाजपा में शामिल होने का निर्णय मेरे जीवन का एक नया चरण है। मैं हमेशा केरल के लिए कुछ करना चाहता था… मुझे लगा कि भाजपा में शामिल होना सबसे अच्छा रहेगा और मैंने ऐसा किया है।” 

बता दें कि केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है। केरल में एक चरण में 6 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि वोटों की गिनती 2 मई को होगी। केरल में इस समय लेफ्ट की सरकार है, हाल ही में संपन्न हए निकाय चुनाव में भाजपा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

जावेद अख्तर मानहानि मामले में कंगना रनौत के खिलाफ वारंट, मुंबई पुलिस ने किया था तलब

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (kangana ranaut) के ख़िलाफ़ आज (मार्च 1, 2021) जमानती वारंट जारी हुआ है। ये वारंट जावेद अख्तर (Javed Akhtar) द्वारा दायर मानहानि मामले में जारी किया गया है। इससे पहले इस मामले में मुंबई पुलिस (Mumbai police) ने अभिनेत्री कंगना रनौत को पूछताछ के लिए तलब किया था। लेकिन वह समन मिलने के बाद भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुई। इसी कारण उनके ख़िलाफ़ वारंट जारी हुआ।

जानकारी के मुताबिक, आज कोर्ट में मौजूद कंगना के वकील ने कहा कि वह उच्च न्यायालय में समन को चुनौती देना चाहती हैं। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

बता दें कि साल 2020 में अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरआर खान ने मुंबई पुलिस को गीतकार जावेद अख्तर द्वारा अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में जाँच के निर्देश दिए थे। जावेद अख्तर ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अपने खिलाफ टिप्पणी करने पर कंगना रनौत के खिलाफ दायर किया था। उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 409 और 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दायर हुआ था।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिपब्लिक टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कंगना रनौत ने बॉलीवुड माफिया पर बात करते हुए गीतकार जावेद अख्तर के ‘नास्तिक’ होने के बारे में खुलासा किया था। 

उन्होंने कहा था कि जावेद अख्तर जैसे लोग, जो ‘नास्तिक’ होने का दिखावा करते हैं, वास्तव में, इंडस्ट्री के भीतर लोगों पर नज़र रखते हैं कि वे इस्लाम के समर्थक हैं या नहीं? कंगना ने कहा कि ये लोग इंडस्ट्री में इस्लाम समर्थकों या उनके हित में रहने वाले लोगों को ‘फ़िल्टर’ करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं।

‘रिपब्लिक टीवी’ को दिए एक और इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बताया था कि जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुला कर कहा था, “तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी क्योंकि वह तुम्हें जेल में बंद कर देंगे। उन्होंने (ऋतिक रोशन) तुम्हारे खिलाफ़ सारे सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। वह समझ चुके हैं कि केस पूरी तरह उनके हाथों में है। तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी क्योंकि तेरा मुँह काला हो जाएगा तो तू जाएगी कहाँ?”

आस मोहम्मद पर 50+ महिलाओं से रेप का आरोप, एक के पति ने तलवार से काट डाला: ‘आज तक’ ने ‘तांत्रिक’ बताया

गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित गाँव जलालपुर में एक फ़क़ीर की हत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। ये घटना 19 फरवरी की है। फ़क़ीर आस मोहम्मद के बारे में पुलिस ने रविवार (फरवरी 28, 2021) को बताया कि वो ‘तंत्र विद्या’ के नाम पर एक व्यक्ति की पत्नी का रेप करने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उस व्यक्ति ने उसे मार डाला। नूरगंज चौराहे पर उसने तलवार से काट कर मुस्लिम फ़क़ीर की हत्या कर दी थी। मीडिया ने उसे ‘तांत्रिक’ बताया।

आरोपित ने बताया है कि आस मोहम्मद अक्सर तंत्र विद्या से संतान पैदा करने का वादा कर महिलाओं को अपने पास बुलाता था। आरोप है कि उसने इसी तरह कई महिलाओं के साथ रेप किया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक और तलवार बरामद कर ली है। आरोपित की पत्नी का भी उसी ‘तांत्रिक’ आस मोहम्मद के पास आना-जाना था। जब उसने महिला के साथ रेप का प्रयास किया तो पीड़िता ने अपने पति को इस बारे में बताया।

इसके बाद आग-बबूला होकर आरोपित ने आस मोहम्मद के घर में जाकर उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसके वहाँ न मिलने के कारण वो चौराहे पर ही उसका इंतजार करने लगा। जैसे ही वो अपने ई-रिक्शे से वहाँ से गुजरा, आरोपित ने उसे बाल पकड़ के खींच लिया। आरोपित का घर गाँव के बाहरी इलाके में है, ऐसे में उसने चोर-डाकू के भय से तलवार रखा था। 70 से अधिक CCTV फुटेज खंगाल कर पुलिस ने बाइक और आरोपित की पहचान की।

फिर उसका स्केच बनवाया गया। मुखबिरों की मदद ली गई। आरोपित मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, जिससे उसे पकड़ने में पुलिस को दिक्कतें आईं। मृतक आस मोहम्मद के घर से एक डायरी भी मिली है, जिसमें यूनानी और देशी दवाइयों के बारे में लिखा है। पुलिस के सामने ये बात सामने आई है कि वो 50 से भी अधिक महिलाओं के साथ रेप कर चुका था। इस मामले में एक और ‘तांत्रिक’ मुस्तकीन का नाम भी सामने आया है।

तांत्रिक शब्द से ऐस प्रतीत होता है जैसे रेप का प्रयास करने वाला हिंदू हो, इसीलिए मीडिया भी फकीरों और मौलवियों के पकड़े जाने पर भी ‘धर्मगुरु’ और ‘तांत्रिक’ शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल तो करता ही है, उसकी असली पहचान छिपाने के लिए खबर की हेडिंग से भी खेलता है। इस बार भी ‘आज तक’ और ‘अमर उजाला’ जैसे संस्थानों ने आस मोहम्मद का नाम छिपा कर ऐसा ही खेल किया है। आरोपित ने इस मामले में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

आजतक ने भी हेडिंग में ‘तांत्रिक’ ऐसे लिखा, जैसे वो हिन्दू हो

मीडिया इससे पहले भी इस तरह का खेल कर चुका है। इसी तरह निकाह-हलाला के नाम पर एक युवती का बलात्कार करने वाले आरोपित अनवर खान का नाम NDTV ने उसे ‘बाबा’ कह कर छिपाया था, जैसे वो कोई हिन्दू साधु हो। इसी तरह एक अन्य बलात्कारी के मामले में नई दुनिया समेत कई मीडिया पोर्ट्ल्स ने इस खबर को प्रकाशित किया था और हेडलाइन में मुस्लिम आलिम की जगह ‘तांत्रिक’ शब्द का प्रयोग किया था।

नमाज पढ़ाने वालों को ₹15000, अजान देने वालों को ₹10000 प्रतिमाह सैलरी: बिहार की 1057 मस्जिदों को तोहफा

बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत पेशइमाम (नमाज पढ़ाने वाला मौलवी) और मोअज्जिन (अजान देने वालों) के लिए फ़रवरी 2021 का महीना जाते-जाते खुशखबरी दे गया। बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड अब 1057 मस्जिदों के उन सभी मोअज्जिनों और पेशइमामों को मानदेय देने जा रहा है, जो उसके तहत पंजीकृत हैं।

पेशइमाम को 15,000 रुपए प्रतिमाह और मोअज्जिन को 10,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएँगे। बिहार की राजधानी पटना में भी ऐसे 100 मस्जिदें हैं, जो बोर्ड के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं।

मानदेय देने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की सचिव सफीना एएन, विभाग के निदेशक एएए फैजी, बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इरशादुल्लाह और सीईओ खुर्शीद सिद्दीकी ने समीक्षा बैठक भी की, जिसमें ये निर्णय लिया गया। इस सम्बन्ध में शनिवार (मार्च 6, 2021) को बड़ी बैठक होगी, जिसमें इस पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी।

‘दैनिक भास्कर’ के पटना संस्करण में प्रकाशित खबर (साभार)

मानदेय देने का प्रस्ताव विभाग को उसी बैठक के बाद भेजा जाएगा। उधर बिहार स्टेट शिया वक़्फ़ बोर्ड भी 105 मस्जिदों के पेशइमाम और मोअज्जिनों को मानदेय दे रहा है। उसके अंतर्गत पेशइमाम को 4000 तो मोअज्जिन को 3000 रुपए प्रतिमाह की दर से मानदेय दिया जाता है।

सुन्नी बोर्ड से पूरे बिहार में 1057 मस्जिद रजिस्टर्ड हैं। पटना जंक्शन इमाम मस्जिद, फकीरबाड़ा, करबिगहिया जामा मस्जिद और कुम्हरार मस्जिद इनमें प्रमुख हैं। फ़िलहाल इन मस्जिदों के कर्मचारियों को स्थानीय मस्जिद कमिटी ही मानदेय या वेतन देती है। इसके तहत लोगों से ही 50-100 रुपए चंदा के रूप में लेकर इन्हें दिया जाता है।

उनका कहना है कि उन्हें जो मिलना चाहिए, उतना मानदेय नहीं हो पाता। फिर भी पेशइमाम को 6-8 हजार और मोअज्जिनों को 4-5 हजार रुपए प्रतिमाह मिल जाते हैं। दोनों स्थानीय मुस्लिमों के बच्चों को तालीम भी देते हैं। निकाह, मिलाद व अन्य मजहबी कार्यक्रमों से भी उनकी कमाई होती है।

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इरशादुल्लाह ने कहा कि पेशइमाम को 15,000 रुपए प्रतिमाह और मोअज्जिन को 10,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिए जाने से उनका भला हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भी मानदेय देना चाहती है। बोर्ड की बैठक से प्रस्ताव पारित करा कर विभाग को भेजा जाएगा। पश्चिम बंगाल, हरियाणा, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में वहाँ के सुन्नी बोर्ड ऐसे मानदेय दे रहे हैं।

Apple की साइट पर महिला ने बुक किया iPhone, डिलीवरी में मिली एप्पल फ्लेवर ड्रिंक

एप्पल के आईफोन्स (iPhone) का क्रेज ऐसा है कि यदि फोन पर खरोच भी आ जाए तो उसके उपभोक्ता से बर्दाश्त नहीं हो पाता। ऐसे में यदि किसी को पता चले कि आईफोन की पेमेंट करने के बाद उसे एप्पल जूस दे दिया गया है तो सोचिए उसका रिएक्शन कैसा होगा। शायद गुस्से की कोई सीमा न रहे। 

कुछ ऐसा ही एक चीनी महिला के साथ हुआ, जिसने एप्पल की आधिकारिक वेबसाइट से 1500 डॉलर देकर आईफोन 12 प्रो मैक्स बुक किया, मगर बदले में उसे एप्पल फ्लेवर की योगअर्ट ड्रिंक मिली।

हालाँकि, ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है जब हमने इस तरह के स्कैम के बारे में सुना हो। लेकिन इस बार हैरानी ज्यादा इसलिए है क्योंकि महिला ने किसी तीसरी पार्टी से ऑर्डर बुक नहीं किया था, बल्कि एप्पल की आधिकारिक वेबसाइट से किया था। 

चीनी महिला लियो ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए बताया कि उसने इस पार्सल को अपने घर पर मँगवाया था, लेकिन यह उसे डायरेक्ट नहीं दिया गया। पूछताछ पर पता चला कि उसे आईफोन 12 प्रो मैक्स को बताए गए एड्रेस पर डिलीवर कर दिया है, जबकि लियो इससे इनकार कर रही हैं। वह कह रही हैं कि उनके डिलीवरी बॉक्स में फोन मिला ही नहीं।

लियो ने ड्रिंक की फोटो भी अपलोड की है। उन्होंने इस संबंध में स्थानीय पुलिस में केस भी दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सप्रेस मेल सर्विस ने कुछ लोगों को इस मामले पर जाँच करने के लिए नियुक्त किया है। फिलहाल पड़ताल चल रही है। एप्पल ने भी यही कहा है कि वो इस केस को जल्दी सुलझा लेंगे।

बता दें कि एप्पल के प्रोडक्ट्स लग्जरी प्रोडक्ट की सूची में आते हैं। इसी कारण इनकी कीमत भी अधिक होती है। भारत की ही यदि बात करें तो यहाँ इसकी कीमत एक लाख से ज्यादा की है। चीनी महिला लियो ने इतना महँगा प्रोडक्ट देखते हुए इसे आधिकारिक वेबसाइट से ऑर्डर किया था।

‘मैंने ₹11000 खर्च किया… तुम इतना नहीं कर सकती’ – लड़की के मना करने पर अंग्रेजी पत्रकार ने किया रेप, FIR दर्ज

यौन उत्पीड़न आरोप में फँसे मुंबई के पत्रकार वरुण हिरेमठ (Varun Hiremath) की परेशानियाँ अब और बढ़ गई हैं। पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत वरुण के ख़िलाफ़ कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है।

पत्रकार वरुण हिरेमठ का गिरफ्तार होना अभी बाकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपित का फोन स्विच ऑफ आ रहा है और पुलिस उसे ढूँढने के लिए मुंबई व गुजरात में लगातार छापेमारी कर रही है।

जानकारी के अनुसार, महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि हीरेमठ, जो अंग्रेजी न्यूज चैनल इकोनॉमिक टाइम्स में काम करता है, उसने उसका (महिला का) रेप चाणक्यपुरी के एक पाँच सितारा होटल में 20 फरवरी को किया।

महिला ने एफआईआर में बताया कि वह दोनों खान मार्केट के एक कैफे में मिले थे। इसके बाद पत्रकार ने उन्हें अपने होटल के कमरे में आने को कहा। यहीं पर आरोपित पत्रकार ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

पुलिस ने वरुण हिरेमठ (Varun Hiremath) पर आईपीसी की धारा 376, 342 और 509 के तहत मामला दर्ज किया है। प्राथमिक जाँच में पता चला है कि पीड़िता आरोपित से कैफै में मिली। वहाँ वरुण ने वाइन पी।

इसके बाद उसने पीड़िता से होटल तक चलने को कहा, जहाँ उसके मुताबिक वह अपने परिवार के साथ रह रहा था। पीड़ित लड़की के अनुसार, वो सिर्फ़ उसके साथ बातचीत का समय गुजारने के लिए साथ गई थी। कहीं से भी उसकी मंशा शारीरिक संबंध की नहीं थी।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपित ने कई बार उनके निजी अंगों में जबरन उंगली डाली। वह हैरान थीं और लगातार मना कर रही थीं लेकिन आरोपित पत्रकार ने रुकने का नाम नहीं लिया। इसके बाद पीड़िता ने आरोपित को हटाया, मगर वह फिर भी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती करता रहा।”

शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपित ने उसे ओरल सेक्स के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसने कहा, “मैंने होटल रूम के लिए ग्यारह हजार रुपए चुकाए हैं। मैं इतनी दूर दिल्ली आया और इन तीन सालों में तुम्हारा सहयोग करता रहा और तुम्हारे टैक्सी और खाने का बिल भरता रहा, तुम मेरे लिए एक चीज नहीं कर सकती।”

द वायर की रिपोर्ट में महिला का बयान

अपनी कंप्लेन में उन्होंने यह भी बताया कि वह मौके से भागने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें चोटों का डर था। हालाँकि पूरी घटना के बाद वह घर चली गईं। 2 दिन बाद उन्होंने मामले में शिकायत लिखवाई।

‘चंद्रशेखर आजाद की हत्या के लिए नेहरू जिम्मेदार, अंग्रेजों को बताया था उनका ठिकाना’ – विधायक का आरोप

राजस्थान के भाजपा विधायक मदन दिलावर ने बड़ा बयान दिया है, जो पूरे देश में बहस का मुद्दा बन सकता है। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद की हत्या में वो भी शामिल थे।

विधायक मदन दिलावर ने महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की हत्या के लिए दिवंगत कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया। कॉन्ग्रेस नेताओं ने इस बयान का विरोध किया है। राजस्थान के कोटा स्थित रामगंज मंडी से विधायक मदन दिलावर भाजपा के प्रदेश महामंत्री का पद भी संभालते हैं। उन्होंने कहा –

“पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अंग्रेजों के साथ मिलकर चंद्रशेखर आज़ाद की हत्या करवाई थी। मृत्यु से पहले चंद्रशेखर आजाद, पंडित नेहरू से मिलने गए थे। इसके बाद पंडित नेहरू को मालूम था कि वे अल्फ्रेड पार्क में बैठे हैं और नेहरू ने अंग्रेजों को इस बात की जानकारी दी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू द्वारा अंग्रेजों को सारी जानकारी दिए जाने के बाद अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश सिपाहियों ने चारों तरफ से आज़ाद को घेर लिया और वहाँ उन पर हमला कर दिया। बकौल मदन दिलावर, वीर चंद्रशेखर आज़ाद ने अंग्रेजों की गोली से मरने या फिर उनके कब्जे में जाने से जान देना ठीक समझा और भारत माँ के लिए खुद को ही गोली मार कर बलिदान हो गए।

राजस्थान के कॉन्ग्रेस नेता इस बयान से नाराज़ हो गए हैं। मदन दिलावर ने दिल्ली में 3 महीने से भी अधिक समय तक चले ‘किसान आंदोलन’ को लेकर भी कहा था कि उग्रवादी और डकैत उसमें घुस गए हैं।

मदन दिलावर ने कहा था कि ये सब मिल कर देश को तबाह करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि ये प्रदर्शनकारी देश के बारे में चिंतित नहीं हैं, बल्कि वो पिकनिक कर रहे हैं, चिकेन बिरयानी खा रहे हैं और वहाँ सारी सुविधाओं का मजा उठा रहे हैं। उन्होंने देश में फ्लू फैलाने की साजिश का भी आरोप लगाया था।

किसे लगेगा वैक्सीन, कहाँ कराएँ रजिस्ट्रेशन, कितने रुपए होंगे खर्च… 9 सवाल और उसके जवाब से जानें हर एक बात

कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण 1 मार्च 2021 के साथ शुरू हो गया है। दूसरे फेज में 60 साल से ज्यादा के लोगों को और 45 वर्ष से ज्यादा गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों को वैक्सीन देने का प्रोग्राम है। सरकार ने वैक्सीन को ट्रैक करने के लिए को-विन एप (Co-Win app) की घोषणा की है। इससे पहले 16 जनवरी से शुरू इस प्रक्रिया में हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी गई। 

पहले चरण के शुरू होने से पहले ही वैक्सीनेशन को लेकर कई चीजें स्पष्ट कर दी गई थीं। बता दिया गया था कि सरकार की क्या प्राथमिकताएँ हैं। लेकिन, फिर भी दूसरे फेज के आते-आते कुछ लोगों के मन में तमाम सवाल हैं। तो आइए दूसरे फेज से जुड़े सभी प्रश्नों का उत्तर जानें।

1. वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में कौन-कौन ले पाएगा वैक्सीन?

जवाब- 1 मार्च 2021 से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में सीनियर सिटिजन यानी जिनकी उम्र 60 साल से ऊपर है, उनके साथ-साथ 45 से 59 साल तक के उन लोगों को भी कोरोना टीका लगाया जाएगा, जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं।

2. 45 की उम्र पार कर चुके किन लोगों को प्राथमिकता?

20 निर्दिष्ट बीमारी वाले लोगों को दूसरे चरण में प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। इन 20 बीमारियों की सूची में डायबिटीज (शुगर), हाइपरटेंशन, किडनी, लीवर, ल्यूकेमिया, एचआईवी ग्रसित, बोन मेरो फेलियर, हार्ट फेलियर, कैंसर समेत 20 बीमारी शामिल हैं। इनका प्रमाण देते हुए किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर का सर्टिफिकेट जरूरी होगा।

सरकारी सूची के अनुसार निम्नलिखित बीमारियों से ग्रसित किसी भी व्यक्ति को टीका दिया जाएगा।

  • 1. पिछले एक वर्ष में दिल का दौरा पड़ने के दौरान अस्पताल में भर्ती हुआ हो।
  • 2. पोस्ट कार्डियक ट्रांसप्लांट/लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD)
  • 3. सिग्निफिकेंट लेफ्ट वेट्रीकुलर सिस्टोलिक डिसफंक्शन।
  • 4. मॉडरेट या सिवियर वेल्वुलर हार्ट डिसीज।
  • 5. कंजेनिटल हार्ट डिसीज विद सिवियर पीएएच ऑर इडियोपैथिक पीएएच।
  • 6. कोरोनरी आर्टरी डिसीज (सीएबीजी/PTCA/MI की हिस्ट्री के साथ) और हाइपरटेंशन/डायबिटीज।
  • 7. एन्गिना और हाइपरटेंशन/डायबिटीज ट्रीटमेंट।
  • 8. सीटी/एमआरआई डोक्यूमेंटेड स्ट्रोक और हाइपरटेंशन/डायबिटीज।
  • 9. पल्मोनरी आर्टरी हाइपरटेंशन एंड हाइपरटेंशन/डायबिटीज।
  • 10. डायबिटीज (10 साल और जटिलताओं के साथ) और हाइपरटेंशन।
  • 11. किडनी/लीवर/हेमैटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करा चुके मरीज या फिर वेट लिस्ट में शामिल हों।
  • 12. एंड स्टेज किडनी डिसीज ऑन हैमोडायलिसिस/सीएपीडी।
  • 13. मौजूदा समय में ओरल कोर्टिकोस्टेरॉयड्स का इस्तेमाल।
  • 14. डिकंपेन्सेटेड सिरोसिस।
  • 15. पिछले दो वर्षों के दौरान गंभीर श्वसन रोग के चलते भर्ती हुआ हो।
  • 16. लिम्फोमा/ल्यूकोमिया/मिलोमा।
  • 17. एक जुलाई, 2020 या उसके बाद किसी भी कैंसर की पुष्टि या फिर कैंसर थेरेपी।
  • 18. सिकल सेल डिसीज/बोन मैरो फेल्योर/एप्लास्टिक एनीमिया/थैलासेमिया मेजर।
  • 19. प्राइमरी इम्यूनोडिफिएंसी डिसीज/एचआईवी संक्रमण।
  • 20. टेलेक्चुअल डिसेबिलिटीज से अपंगता/मस्कुलर डिस्ट्रोफी/एसिड अटैक से श्वसन तंत्र पर असर होना/अधिक दिव्यांग व्यक्ति/अंधापन-बहरापन।

3. कोरोना वैक्सीन लेने के लिए सबसे अहम क्या? कैसे होगा रजिस्ट्रेशन? 

वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए रजिस्ट्रेशन सबसे अहम है। इसके लिए कोविन एप (Co-Win app) या फिर आरोग्य सेतु ऐप से मदद लेनी होगी। इसके अलावा cowin.gov.in पर भी लॉगइन कर सकते हैं।

यहाँ आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा। मोबाइल पर एक OTP आएगा। इसकी मदद से अकाउंट क्रिएट करें। फिर रजिस्ट्रेशन के लिए व्यक्ति संबंधी जरूरी जानकारी भरें।

यदि 45 पार वाले व्यक्ति को कोई बीमारी है तो उसका प्रूफ लगाना बिलकुल न भूलें। इस तरह आप हर जानकारी को भर कर अपना वैक्सीनेशन सेंटर चुन सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 1507 पर भी कॉल की जा सकती है।

4. कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?

रजिस्ट्रेशन करते हुए आपको हर विवरण ध्यान से भरना होगा। इसके बाद बस यही पहचान पत्र आपको वैक्सीन सेंटर ले जाना होगा। जो लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उनके पास उनका मेडिकल सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।

5. वैक्सीनेशन के लिए लगेंगे कितने रुपए?

सरकारी वैक्सीन सेंटर्स पर वैक्सीन की डोज मुफ्त में मिलेगी। मगर प्राइवेट अस्पतालों पर वैक्सीन के लिए दाम चुकाने होंगे। वैक्सीन के एक डोज के लिए 250 रुपए लिए जाएँगे, जिसमें 150 रुपए टीके और 100 रुपए सर्विस चार्ज के तौर पर होंगे।

कोरोना वैक्सीन की दो डोज लेनी होती हैं। यानी प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगवाने पर कुल 500 रुपए खर्च होंगे। जबकि सरकारी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन मुफ्त में ही दी जाएगी।

6. वैक्सीन की अगली डोज कब लगेगी?

एक वैक्सीन शॉट के 28 दिनों के बाद वैक्सीन का दूसरा डोज लगेगा। अगर 28 दिन गुजरने के बाद वैक्सीन लेना छूट जाए तो इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है। इसके मुताबिक वैक्सीन की दूसरी डोज का सबसे अच्छा रिस्पॉन्स 4 हफ्ते के बाद आता है।

अगर किसी कारण से कोई वैक्सीन का दूसरा डोज ठीक 4 हफ्ते बाद नहीं लगवा पाए, तो वह अगले दिन लगवा सकते हैं। इस मामले में नेशनल गाइडलाइन को फॉलो करने को कहा गया है, जो कहता है कि 4 हफ्ते बीत जाने के बाद ज्यादा से ज्यादा 1 हफ्ते के भीतर दूसरा डोज ले लेना चाहिए।

7. कौन सी वैक्सीन मिलेगी आपको?

वैक्सीन के दो विकल्प सरकार के पास हैं। आज से शुरू हुए दूसरे चरण में को वैक्सीन और कोविडशील्ड वैक्सीन उपलब्ध है। हालाँकि अभी ये नहीं कहा जा सका है कि खुराक लेने वाले खुद इनमें से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं या नहीं।

8. कैसे पता चलेगा आप वैक्सीन ले चुके हैं?

वैक्सीन लाभार्थियों को पहले कोरोना वैक्सीन लगने के बाद ही पोस्ट वैक्सीन सर्टिफिकेट दे दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वैक्सीन लगने के बाद केंद्र सरकार सर्टिफिकेट पब्लिश करेगी और फिर यह लाभार्थियों को दिया जाएगा। ऐप के जरिए यह बाद में डाउनलोड भी किया जा सकता है ताकि बाद में नौकरी या फिर विदेश जाने के लिए यह सर्टिफिकेट दिखाया जा सके।

9. वैक्सीन लेने के बाद भी बरतनी होगी सावधानी?

जी हाँ, वैक्सीन लेने के बाद कुछ सावधानियाँ बरतनी बेहद जरूरी हैं। जैसे मास्क लगाना बंद नहीं करना है। कम से कम 15 दिन तक कोरोना नियमों का पालन करना है।

जो लोग नशा करते हैं, उन्हें नशा भी बंद करना होगा, क्योंकि इससे उन पर वैक्सीन का असर कम होगा और शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित नहीं हो पाएँगी। वैक्सीन के बाद परहेज न करने पर साइडइफेक्ट का सामना पड़ सकता है।

केरल में कॉन्ग्रेस ने मुस्लिम वोटरों पर लगाया बड़ा दाँव, मुस्लिम लीग को दे दी 26 सीटें

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस का ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)’ के साथ सीट शेयरिंग फॉर्मूला फाइनल कर लिया गया है। दोनों पार्टियों ने सीट शेयरिंग पर भी सहमति बना ली है। निर्णय लिया गया कि जहाँ कॉन्ग्रेस पार्टी 95 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं मुस्लिम लीग 26 सीटों पर ताल ठोकेगी। वहीं केरल कॉन्ग्रेस (जोसफ) को 9 सीटें दी गई हैं। केरल में विधानसभा की कुल 140 सीटें हैं।

कॉन्ग्रेस पार्टी और मुस्लिम लीग के गठबंधन ने इसके अलावा RSP (रेवोलुशनरी सोशलिस्ट पार्टी) को भी 5 सीटें दी गई हैं। वहीं केरल कॉन्ग्रेस (जैकब), कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी (CMP केरल) और फॉरवर्ड ब्लॉक, नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस केरल को एक-एक सीट दी गई है। बुधवार (मार्च 3, 2021) को होने वाली UDF की बैठक में सीट शेयरिंग के आँकड़ों पर आधिकारिक रूप से मुहर लगा दी जाएगी और सार्वजनिक ऐलान कर दिया जाएगा।

पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस ने 87 और मुस्लिम लीग ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अप्रैल 6 को केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए अब मात्र 1 महीने से कुछ ज्यादा का समय बचा है। केरल में विश्लेषकों के हिसाब से फ़िलहाल सत्ताधारी LDF मजबूत दिख रही है लेकिन पिनराई विजयन की सरकार गिराने के लिए UDF में ओमान चांडी, रमेश चेन्निथला और मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने आपसी मतभेद भुला कर एक होने का फैसला लिया है।

राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी केरल के चुनाव प्रचार में सक्रियता से हिस्सा ले सकते हैं और राहुल ने उत्तर-दक्षिण वाला बयान देकर इसकी शुरुआत भी कर दी है, जिसका उनकी ही पार्टी के कई नेताओं ने विरोध किया है।

राहुल गाँधी वायनाड से सांसद हैं और वहाँ उन्हें जिताने में मुस्लिम लीग की भी बड़ी भूमिका रही है। IUML ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण देने का भी विरोध किया था।

केरल की सरकार सोना तस्करी से लेकर कई अन्य मुद्दों पर घिरी हुई है। वहीं इस बार भाजपा भी लड़ाई में तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश में है, जिसे ई श्रीधरन और जैकब थॉमस जैसी हस्तियों को अपने पाले में किया है।

भाजपा के पास जमीनी कैडर भी है। लेकिन, केरल यूनिट में आंतरिक कलह के कारण दिल्ली आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ता है। हाल ही में पीएम मोदी की केरल के कई ईसाई संगठनों के साथ भी बैठक हुई है।