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पाकिस्तान क्रिकेट की माँ-बहन कर रखी है… अपने ही देश के बोर्ड पर भड़के रमीज राजा, बाबर आजम का चैट लीक होने से भी नाराज

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा ने वर्ल्ड कप 2023 में टीम के बुरे प्रदर्शन पर पीसीबी को फटकारा है। गुस्से में उन्होंने ये तक बोला है कि पीसीबी ने पाकिस्तानी क्रिकेट की माँ-बहन कर दी है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि पीसीबी ने आजम की चैट लीक कर दी। अब रमीज राजा की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस वीडियो में रमीज राजा को कहते सुना जा सकता है- “जब नई गेंद से आप आउट नहीं करेंगे, जब आप महँगे साबित होते जाएँगे, तो बाबर आज़म क्या खाक कप्तानी करेगा। फिर से कुछ क्रिकेटर्स को बुलाकर मजमा लगा लेंगे और कहेंगे कि आप बताएँ कि क्रिकेट कैसे ठीक करें, तो आपको क्रिकेट बोर्ड में क्यों लगाया? इनका काम सिर्फ ये है कि एक हडल करके कप्तान बदल दें, कोचिंग स्टाफ बदल दें, समझेंगे कि हमने बहुच बड़ा स्टेप ले लिया और अब सब चीज़ें ठीक हो जाएँगी। ये गलतफहमी में हैं।”

वह पीसीबी को फटकारते हुए कहते हैं, “जब तक आपको क्रिकेट से इश्क नहीं होगा, आपके अंदर पैशन नहीं होगा, तब तक पाकिस्तान का क्रिकेट एक इंच ठीक नहीं हो सकती। आपको खुद को बदलना है। इस तरह से खबरें लीक करते हैं न, पाकिस्तान क्रिकेट की माँ-बहन एक कर रहे हैं, वो आपने बंद करना है। फिर उसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने बाबर आज़म की बातचीत लीक कर दी। जो चीफ सिलेक्टर हैं, उन्होंने बाबर और रिज़वान के खिलाफ कितना ज़हर उगला हुआ है।”

पूर्व पाक खिलाड़ी ने आगे कहा, “क्रिकेट ने कोई नया मोड़ लेना है, तो क्या हम 70 साल के ऐसे बंदे के साथ लेंगे, जिसे सिलेक्शन की अलीफ-बे पता नहीं है। पाकिस्तान की क्लब क्रिकेट कोलैप्स कर चुकी है। वहाँ जो सिखाने वाले लोग हैं, वो बड़े बेसिक हैं, वो सियासत करते हैं। न आप स्पाइक्स पहनकर बॉलिंग कर सकते हैं और न ही फील्डिंग कर सकते हैं क्लब के मैच में।”

वह आरोप लगाते हुए कहते हैं, “वीकेंड में क्लब का ग्राउंड कंपनी को दे दिया जाता है, जो टेनिस क्रिकेट खेलते हैं, इसलिए क्योंकि क्लब को पैसे मिल जाते हैं। सारा सिस्टम और सबसे पहले क्रिकेट बोर्ड को ठीक होना है। और सबसे पहले क्रिकेट बोर्ड को ठीक होना है जो सब करते हैं। अजीब उटपटांग प्रकार के फैसले हैं। ऐसे बंदों को हुकूमत नहीं दे सकते हैं, ऐसे लोगों को नहीं चार्ज नहीं दे सकते हैं हमारी क्रिकेट की, क्योंकि इसमें हमारा भी स्टेक है और हम सबसे बड़े स्टेक होल्डर्स हैं।”

बता दें कि वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तान ने 9 में से 4 मैच जीतकर प्वाइंट टेबल में 5 वें पायदान पर अपनी जगह बनाई। लेकिन वह सेमीफाइनल्स तक नहीं पहुँच सके। उनके वर्ल्ड कप की रेस से बाहर होने के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। कई लोग पीसीबी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

आतंकियों का पनाहगार बना AMU? 7 आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद अब अब्दुल और फैज़ान को ढूँढ रही ATS: एक अरबी का जानकार, दूसरा कर रहा मास्टर्स

उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘आतंकवाद निरोधक दस्ते’ (ATS) ने नवंबर माह में अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल के 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अब्दुल्ला अर्शलान, माज़ बिन तारिक, नावेद, वजीउद्दीन, राकिब इमाम, नोमान और मोहम्मद नाज़िम हैं। इस बीच ATS ने इस आतंकी नेटवर्क के फरार चल रहे 2 शीर्ष आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। इनके नाम अब्दुल समद मलिक और फैज़ान बख्तियार हैं। इन सभी का कनेक्शन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से पाया गया है। ऐसे में अब ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या AMU आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार बन चुका है।

ऑपइंडिया को विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ATS को एक अन्य संदिग्ध हारिश फारुखी की भी तलाश है। फारूखी पर NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की भी नजर है। हारिश फारुखी भी पूर्व में AMU का छात्र रह चुका है। वह SAMU ग्रुप को स्थापित करने में प्रमुख भूमिका में रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा शाहनवाज़ की पुणे ISIS नेटवर्क से जुड़े शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद से ही हारिश फारुखी फरार चल रहा है।

अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल से जुड़ा अब्दुल समद मलिक की फिलहाल उत्तर प्रदेश ATS की टॉप लिस्ट में है। वह ATS के अलीगढ़ प्रभारी द्वारा दर्ज FIR में नामजद आरोपित है। सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से संभल जिले के निवासी अब्दुल को अरबी भाषा की बहुत बारीक जानकारी है। वह इस समूह में सबसे ज्यादा चरमपंथी सोच वाला है जो युवाओं को मानव बम तक बनने तक के लिए उकसाता है। अब्दुल ने 2019 से 2022 तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। फिलहाल 2022 से वह मास्टर इन सोशल वर्किंग (MSW) की पढ़ाई कर रहा है। अब्दुल्ला अर्शलान की गिरफ्तारी के बाद से ही अब्दुल समद मलिक फरार चल रहा है जिसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं AMU से जुड़ा एक अन्य छात्र फैज़ान बख्तियार भी अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। फैज़ान बख्तियार मूलतः उत्तर प्रदेश के ही प्रयागराज का रहने वाला है। वह युवाओं को चरमपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग में माहिर बताया जा रहा है। फिलहाल उसने अपने इंस्टाग्रम एकाउंट को लॉक कर दिया है। ऑपइंडिया को अपने सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार, फैज़ान पर दूसरे जिलों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप है। वह भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से M.SW (मास्टर इन सोशल वर्किंग) का कोर्स कर रहा है।

ATS द्वारा अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद से फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मलिक दोनों के ही फोन बंद हो गए हैं। ये दोनों स्टूडेंट ऑफ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (SAMU) से जुड़े हुए थे और उसके कार्यकर्मों में देखे जाते रहे हैं। अब्दुल समद मलिक भड़काऊ तकरीरें भी देता है। इन सभी पर देश के अंदर ISIS का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रचने का आरोप है। इनकी तकरीरों में हिन्दू धर्म के खिलाफ आपत्तिनक बातें की जाती थीं। साथ ही भारत में शरिया कानून लागू करने का एलान भी किया जाता था। दीपावली से पहले इस नेटवर्क से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी ATS की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

उत्तरकाशी की सुरंग में फँसे 40 मजदूरों तक पहुँचाया खाना-पानी, बचाव अभियान जारी: मौके पर पहुँच CM धामी ने लिया जायजा

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक सुरंग के भीतर के फँसे हुए 40 मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। राहत और बचाव टीम उन्हें सुरंग के अंदर पाइप के जरिए ऑक्सीजन और खाना-पानी पहुँचाने में सफल रही है। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। राहत बचाव से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।

12 नवम्बर 2023 की सुबह करीब 5:30 बजे उत्तरकाशी में बन रही सिल्क्यारा सुरंग का लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा धँस गया था। सुरंग के इस हिस्से में लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे जो मलबे में फँस गए।

इनको निकालने के लिए प्रयास जारी हैं। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य प्रशासन की राहत एवं बचाव टीमें मौजूद हैं। बचाव टीमों ने मजदूरों से सम्पर्क साधने में भी सफलता पाई है। लगातार मलबे को हटाया जा रहा है।

घटनास्थल पर काम करने वाले एक व्यक्ति मृत्युंजय कुमार ने कहा है कि जैसे-जैसे हम मलबा हटा रहे हैं, वैसे ही नया मलबा भी आ रहा है। इससे समस्या हो रही है। उनका कहना है कि लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा मलबे से प्रभावित लग रहा है। अभी भारी मशीनों के जरिए मलबा हटाया जा रहा है।

उत्तरकाशी के पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कहा है कि मलबे के किनारे से रास्ता बनाकर मजदूरों तक पहुँचने की कोशिश हो रही है। अंदर सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मौके पर मौजूद NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट करमवीर सिंह भंडारी ने कहा है कि सभी मजदूरों को आज सकुशल बाहर निकाल लेने की उम्मीद है। इस सुरंग का निर्माण कार्य देख रही NHIDCL के डायरेक्टर अंशु मनीष खलको ने कहा है कि स्थिति अभी ठीक है। हम उस इलाके को साफ़ करके मजदूरों को निकाल रहे हैं।

घटनास्थल का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुँचे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सभी विशेषज्ञ एजेंसियाँ श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने का काम कर रही हैं। इस समय हमारी प्राथमिकता है कि सभी 40 श्रमिकों को बाहर निकाला जाए। हम उनके परिजनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। अच्छी बात ये है कि उनसे (श्रमिकों से) संपर्क स्थापित हो गया है।”

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट की यह सबसे लंबी सुरंग लगभग साढ़े चार किलोमीटर की है। इसका करीब 4 किलोमीटर निर्माण हो गया है। सुरंग के निर्माण में करीब 1000 मजदूर दिन-रात जुटे रहते हैं। ये अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं। फरवरी, 2024 तक इसकी खुदाई पूरी करने का लक्ष्य है। 

बता दें कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच इस सुरंग के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। यह सुरंग करीब 853 करोड़ की लागत से बन रही है। 

यहूदी की कंपनी में नौकरी, पत्नी के साथ मिल यहूदियों के खिलाफ ही फैला रहा था घृणा: हमास प्रेमी कुरुष मिस्त्री हुआ बेरोजगार

इस्लामी आतंकी संगठन हमास से हमदर्दी रखने वाले भारतवंशी कुरुष मिस्त्री को नौकरी से निकाल दिया गया है। मिस्त्री अपनी पत्नी शैलजा गुप्ता के साथ मिलकर अमेरिका में यहूदियों के खिलाफ घृणा का प्रदर्शन कर रहा था।

एक वायरल वीडियो में कुरुष मिस्त्री और शैलजा को न्यूयॉर्क में लगे उन लोगों के पोस्टर से छेड़छाड़ करते देखा गया था, जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले में हमास ने अगवा कर लिया था। इन पोस्टर पर ‘हमास द्वारा अपहृत'(Abducted by Hamas) लिखा हुआ था। ये लोग इनकी जगह ‘कब्ज़ा करने वाले परिणाम भोगते हैं’ (Occupiers Face Consequences) की पट्टियाँ चिपका रहे थे।

इस दौरान रोके जाने पर इन्होंने एक यहूदी व्यक्ति से बदतमीजी भी की थी। अब कुरुष मिस्त्री को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। वह ईंधन का व्यापार करने वाली कम्पनी फ्रीपॉइंट कमोडिटीज में काम करता था। इस कम्पनी के के सीईओ का नाम डेविड मेस्सेर है जो कि एक यहूदी हैं। कुरुष को कम्पनी से निकालने की जानकारी लिंक्डइन पर दी गई है।

कम्पनी ने लिंक्डइन पर लिखा है, “फ्रीपॉइंट आपसी सम्मान और सहिष्णुता की संस्कृति में विश्वास रखती है। हम अपने कर्मचारियों के अलग-अलग विचारों का सम्मान करते हैं, लेकिन फ्रीपॉइंट किसी भी समुदाय के खिलाफ घृणा भरी बातों को स्वीकार नहीं करेगी। हम हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल घटना से परिचित हैं और इस घटना में सम्मिलित व्यक्ति अब फ्रीपॉइंट से नहीं जुड़ा है।”

लिंक्डइन पर कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके 1,400 इजरायलियों को मार दिया था और 200 से अधिक इजरायलियों का अपहरण कर लिया था। यह बंधक अभी तक नहीं छोड़े गए हैं।

वायरल वीडियो में पोस्टर से छेड़छाड़ कर रहे मिस्त्री और शैलजा ने एक यहूदी व्यक्ति को परेशान करते हुए गालियाँ दी थी। अभद्र इशारे करते हुए उसे अपने देश (इजरायल) वापस जाने को कहा था। शैलजा ने इस दौरान अपने आप को एक फिलिस्तीनी बताया था।

यह पूरी घटना पीड़ित यहूदी ने अपने फ़ोन में रिकॉर्ड कर ली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद शैलजा और कुरुष की पहचान हुई थी। यह भी सामने आया कि शैलजा शाहरुख खान के साथ भी काम कर चुकी हैं। कुरुष के बारे में यह सामने आया था कि वह आईआईएम अहमदाबाद का पढ़ा हुआ है और मॉर्गन स्टैनले जैसी कम्पनियों में काम कर चुका है।

इस मामले में न्यूयॉर्क पुलिस ने क्या कार्रवाई की है, यह सामने नहीं आया है। न्यूयॉर्क पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान भी इस मामले में जारी नहीं किया है।

प्राइवेट पार्ट्स वाले MMS को गुनगुन गुप्ता ने बताया ‘एडिटेड Video’, कहा- व्यूज के लिए सब कुछ: सुसाइड के हो रहे थे दावे

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुनगुन गुप्ता का नवम्बर 2023 के पहले हफ्ते में कथित तौर पर एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वो एक लड़के के साथ वीडियो कॉल पर कपड़े उतार कर स्तन और प्राइवेट पार्ट्स दिखाती नज़र आ रही थीं। अब इस वीडियो पर गुनगुन गुप्ता ने सफाई दी है। रविवार (12 नवम्बर 2023) को उन्होंने इसे एडिटेड वीडियो बताया है। अपने समय को खराब बताते हुए गुनगुन गुप्ता ने इस वीडियो पर आने वाले समय में विस्तार से सफाई देने की बात कही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुनगुन गुप्ता ने दीपावली के दिन एक पोस्ट के जरिए अपनी सफाई दी। अपनी सफाई में उन्होंने कहा, “बस करो आप सभी। मैं इतनी मजबूत नहीं हूँ। सब बताना है आप सबको। थोड़ा टाइम और। जिन लोगों ने भी इसे एडिट किया है उनका मकसद सिर्फ व्यू हासिल करना और मुझे बदनाम करना है। ऐसे काम किसी की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। और आप लोगों को भी किसी को जज करने का मौक़ा चाहिए। लेकिन कोई बात नहीं। अभी मेरा बुरा समय चल रहा है।”

अंत में गुनगुन गुप्ता ने कहा, “जो लोग प्यार करते हैं वो मेरे लिए बहुत कुछ हैं। आशा करती हूँ आप लोग इस दीपावली में खुश होंगे।”

बताते चलें कि गुनगुन गुप्ता इंस्टाग्राम पर खासी सक्रिय हैं, जहाँ उनके 58 लाख फॉलोवर्स हैं। इतना ही नहीं, स्नैपचैट पर भी उनके 6 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। इसी तरह फेसबुक पर उनके 2 लाख से ज़्यादा फॉलोवर्स हैं। यूट्यूब पर भी 66,000 लोगों ने उनके चैनल को सब्स्क्राइब कर रखा है। फिलहाल उनका इंस्टाग्राम पेज फिलहाल बंद है।  

गुनगुन गुप्ता को TikTok से पहचान मिली थी, लेकिन चीन के एप्स को प्रतिबंधित किए जाने के क्रम में भारत सरकार ने टिकटॉक पर भी बैन लगा दिया, जिसके बाद वो इंस्टाग्राम पर वायरल होने लगीं। ‘बचपन का प्यार नहीं भूल जाना रे’ पर रील बनाने के बाद उन्हें 10 करोड़ व्यूज रिकॉर्ड मिले थे।

गौरतलब है कि 19 वर्षीया गुनगुन गुप्ता के कथित तौर पर वायरल वीडियो को स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर के बनाया गया है। इस वीडियो में एक फोन नंबर भी फ्लैश होता है, जो दीपू चावला के नाम से शो होता है। वीडियो कॉल पर निजी अंग दिखाती गुनगुन को एक लड़का एक्सप्रेशंस देता दिख रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद खबरें चलाई गईं कि इन्फ्लुएंसर ने आत्महत्या कर ली है। हालाँकि वो खबर झूठी थी।

झमाझम दिवाली, तड़ातड़ बम… वायु प्रदूषण (AQI) पराली से भी कम: हिंदू धर्म को टारगेट करना कब होगा बंद?

दिल्ली में प्रदूषण और जहरीली हवा के लिए दिवाली के पटाखों को जिम्मेदार बताया जाता है। दिवाली हिंदुओं का पर्व है, इसलिए मीडिया, वामपंथी, सेकुलर, कथित पत्रकार आदि सभी लोग दिवाली के पीछे पड़ जाते हैं। सच्चाई कोषों दूर है लेकिन। सच्चाई क्या है, वो आँकड़ों ने बता दिया है। आँकड़ों के अनुसार दीवाली से पहले के प्रदूषण के स्तर और आज (13 नवम्बर 2023) के प्रदूषण में कोई ख़ास अंतर नजर नहीं आया है।

दिल्ली में बड़ी मात्रा में लोगों ने पटाखे फोड़े हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर प्रतिबंध भी लगाया था। दिवाली पर इतने पटाखे फूटने के बाद यह आँकड़ा देखना दिलचस्प है कि दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर क्या असर पड़ा है – यह दिवाली से पहले कितना था, दिवाली के बाद कितना है?

आँकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली को हर साल गैस चैम्बर बनाने की जिम्मेदार किसानों की पराली जलाने की घटना और अन्य कारक (कंस्ट्रक्शन/गाड़ियाँ आदि) हैं ना कि साल में एक दिन जलाए जाने वाले पटाखे। इस बात को आँकड़े भी सिद्ध कर रहे हैं। आँकड़ों में एकसमानता रखने के लिए हमने दिवाली के 1 दिन पहले और दिवाली से 1 दिन बाद के आँकड़े लिए। जगह और समय भी एक ही रखे ताकि वायु प्रदूषण के संबंधित कारकों में बहुत ऊँच-नीच ना हो।

दिवाली, पटाखे और AQI: कितना असर

दिवाली से एक दिन पहले 11 नवम्बर को सुबह 8 बजे दिल्ली के इंडिया गेट के पास स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 पर था। दिवाली के बाद 13 नवंबर की सुबह 8 बजे यह AQI 214 पर है।

दिल्ली के ही नेहरु नगर का AQI 11 नवम्बर को सुबह 8 बजे 258 पर था, जबकि 13 नवंबर को सुबह 8 बजे यह 242 पर है।

अब NCR के आँकड़ों को भी देख लिया जाए। क्या यहाँ दिवाली के पटाखों से कोई फर्क पड़ा है? दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों को देखते हैं। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में 11 नवम्बर को AQI 186 के स्तर पर था जबकि 13 नवंबर की सुबह यह 196 पर है।

दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके कहे जाने वाले आनंद विहार में भी कोई ख़ास फर्क दिवाली के पटाखों का नहीं दिखा है। यहाँ पर 11 नवम्बर को AQI 296 पर था जबकि दिवाली के बाद 13 नवंबर को यह 312 पर है।

ऐसे में स्पष्ट हो रहा है कि दिल्ली में हवा जहरीली बनाने के लिए पटाखे अकेले जिम्मेदार नहीं है। दिवाली के लगभग 15 दिन पहले से ही दिल्ली की हवा खराब होना चालू हो गई थी, जब पंजाब में धान कटाई के साथ ही पराली जोरशोर से जलाई जा रही थी।

AQI के आँकड़े, टारगेट पर दिवाली

फर्जी पत्रकार, वामपंथी, सेकुलर टाइप के लोग जब आँकड़ों से संबंधित कुछ शेयर करते हैं, तो खेल करते हैं। यह खेल समय या जगह से संबंधित किया जाता है। आम पब्लिक इस खेल को सामान्यतः नहीं समझ पाती है। जैसे राजदीप को ही ले लीजिए। आनंद विहार के AQI को लेकर उसने जो आँकड़े शेयर किए, वो प्रोपगेंडा ही है… सच से कोसों दूर।

किसी जगह के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आँकड़े को समय बदल कर शेयर कर देने से रिजल्ट देखने वालों को आसमान-जमीन का फर्क दिखेगा। इसको ऐसे समझ सकते हैं। दिवाली की रात 12 बजे से सुबह 5-6 बजे तक अगर कोई किसी जगह का AQI शेयर करता है तो वो निश्चित ही बढ़ा रहेगा क्योंकि तब हवा में नमी बहुत होती है। ऐसे में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पार्टिकल हवा में ज्यादा देर तक लटके रहते हैं इसी नमी के कारण। राजदीप जैसे लोग आँकड़ों में यही खेल करके सोशल मीडिया पर टारगेट करते हैं – दिवाली को, हिंदू धर्म को।

पराली, AQI और AAP

दिल्ली में 10 नवम्बर को हुई बारिश से प्रदूषण से कुछ राहत मिली थी। इससे पहले 8 नवम्बर को दिल्ली के कई इलाकों का AQI 500 के पार था। आनंद विहार में इसी दिन सुबह 10:30 बजे AQI का स्तर 999 था। नेशनल स्टेडियम के पास 378, नेहरु नगर का 400 था।

गौरतलब है कि इसी दौरान पंजाब में पराली जलाने की दर 2,000/दिन को भी पार कर गई थी। ऐसे में पंजाब की पराली के धुंए से दिल्ली में प्रदूषण हो रहा था। IIT दिल्ली की एक स्टडी में भी यह बात सिद्ध हुई थी कि दिवाली के पटाखे दिल्ली में प्रदूषण का बड़ा कारण नहीं हैं।

पंजाब में इस वर्ष सितम्बर से लेकर नवम्बर के बीच पराली जलाने की 23,000 से अधिक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। पंजाब की आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे रोकने में असफल रहे हैं। पंजाब के किसान उनके अफसरों से ही पराली में आग लगवा रहे हैं। उनकी इस असफलता पर पर्दा डालने के लिए दिल्ली के AAP प्रवक्ता आगे आ रहे हैं।

AAP वाले अब यह सिद्ध करने में जुटे हैं कि पंजाब की पराली से नहीं बल्कि हरियाणा की पराली से प्रदूषण होता है। वहीं दिल्ली के भीतर आम आदमी पार्टी सरकार के कूड़े का प्रबन्धन ना करने और समय से स्मॉग टावर समेत प्रदूषण नियन्त्रण सम्बन्धी कदम ना उठाने के कारण दिल्ली जहरीली हवा में साँस लेने को मजबूर है।

जिस विदेशी ब्लॉगर को मुंबई में शेख और अंसारी ने जबरन चूमा, अब पीली शर्ट वाले ने उसके नितम्बो को… अयोध्या पुलिस ने शुरू की जाँच

दिसंबर 2022 में मुंबई में दक्षिण कोरिया की महिला ब्लॉगर म्योची (Mhyochi) को जबरन चूमने की घटना सामने आई थी। अब इस महिला ब्लॉगर के साथ कथित तौर पर अयोध्या में अभद्रता हुई है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

म्योची का आरोप है कि अयोध्या के राम की पौड़ी इलाके में रविवार (12 नवम्बर 2023) को दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की। इस बावत उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया। हालाँकि बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

यह मामला अयोध्या कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 12 नवम्बर को दक्षिण कोरियाई यूट्यूबर दीपावली का कार्यक्रम देखने के लिए राम की पौड़ी पर थीं। आरोप है कि इस दौरान पीली टी शर्ट पहने एक व्यक्ति ने उनके नितम्बों को गलत ढंग से छुआ।

पहली बार म्योची को लगा कि शायद भीड़ में ऐसा गलती से हुआ हो। लेकिन आरोपित ने दूसरी बार वही हरकत दोहराई। इस पर म्योची ने पीली शर्ट वाले युवक को डाँटा। यह देख कर आसपास के लोग जमा हो गए और उन्होंने भी आरोपित को डाँटा-फटकारा।

इसके बाद म्योची अपने बॉयफ्रेंड के साथ मौके से चली गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना की शिकायत करने के दौरान पहले तो म्योची को लगा कि शायद लोग उन्हें ही गलत कहेंगे और इसे भारत की छवि खराब करने की साजिश बताएँगे। लेकिन होटल आ कर उन्होंने इस पर गंभीरता से विचार किया और बाकी महिलाओं की सुरक्षा आदि के लिए आरोपित को सामने लाने का फैसला किया। बकौल म्योची वह यौन उत्पीड़न की शिकार वो पीड़िता नहीं बनना चाहती हैं, जो चुपचाप सब सह ले।

साथ ही म्योची ने अपनी भारत यात्रा को अद्भुत और यादगार बताया है। उन्होंने इस घटना से किसी और को कुछ भी गलत न सोचने की नसीहत देते हुए कहा है कि एक व्यक्ति की खराबी से सारे समाज को गलत नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने अपने अंदर भी बुराइयाँ होने की बात कही। अपनी भारत यात्रा को आगे भी जारी रखने की बात कहते हुए सभी को दीपावली की शुभकामना दी है।

चित्र साभार- Mhyochi

गौरतलब है कि मुंबई के खार इलाके में म्योची को जब मोबीन और अंसारी ने जबरन चूमा था, तब वे लाइव स्ट्रीमिंग कर रही थीं। इस दौरान 1000 से ज्यादा लोग लाइव जुड़े हुए थे। दोनों आरोपितों का पुलिस ने चालान किया था, जिन्हे बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

बाबर-औरंगजेब को टाइट नहीं किया तो CM बनने का क्या फायदा: MP में कॉन्ग्रेस पर बरसे हिमंता, पूछा- क्या मुल्ला पैदा करना सरकार का काम

मध्य प्रदेश चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी की ओर असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने भोपाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कॉन्ग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को वोट देने का मतलब होगा बाबर और औंरगजेब को वोट देना। उन्होंने कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री मोदी देश को विश्व गुरु बनाने के सपने देख रहे हैं, वहीं कॉन्ग्रेस नेता सिर्फ एक दूसरे के कपड़े फाड़ने की राजनीति में लगे हैं।

उन्होंने कहा, “आज कमलनाथ पूछते हैं कि क्या राम मंदिर भाजपा का है? अरे राम मंदिर भाजपा का है या नहीं अलग बात है लेकिन राम मंदिर कॉन्ग्रेस का तो बिलकुल नहीं है। इतना सोच-समझ लो। अगर ऐसा होता तो जवाहरलाल नेहरू- इंदिरा गाँधी-राजीव गाँधी के वक्त में ही राम मंदिर बन जाता।” वो पूछते हैं जनता से कि अगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं होते तो क्या देश में रामलला का मंदिर बन पाताय़ इसके बाद वो कहते हैं कि कमलनाथ अपने आपको बड़ा ‘हनुमान भक्त’ बताते हैं तो वो बताएँ कि आजतक वो रामलला के मंदिर क्यों नहीं गए?

सरमा बोले कि ये कॉन्ग्रेसी राम मंदिर इसलिए नहीं जाते क्योंकि इससे देश के ‘बाबर’ लोग उनसे नाराज हो जाएँगे। इसलिए वो रामलला मंदिर नहीं जाते। सीएम सरमा ने यह भी पूछा कि हमास ने इजरायल पर इतना बड़ा धमाका किया लेकिन इनकी ओर से हमास पर कभी नहीं बोला गया कि उसने गलती की है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इन्हें आसपास जो ‘हमास’ हैं उनकी चिंता ज्यादा है।

आगे सीएम सरमा ने बताया कि पिछले दिनों एक रैली के दौरान उनकी बाबर-औरंगजेब की टिप्पणी पर से कुछ लोग नाराज होकर उनकी शिकायत निर्वाचन आयोग में कर दिए थे, जिसके जवाब में उन्होंने यही कहा- “अगर मुख्यमंत्री होकर मैं बाबर-औरंगजेब को टाइट नहीं करूँगा तो मेरा मुख्यमंत्री बनने का क्या फायदा। इनको टाइट करने के लिए ही तो मैं मुख्यमंत्री बना हूँ।”

उन्होंने बताया की उनके सीएम बनने के बाद उनके पास फाइल आई कि मदरसा के शिक्षक को सैलरी देनी है। इस पर उन्होंने पूछा कि इससे क्या पैदा होता है, क्या मिलता है तो जवाब आया कि मुल्ला। इतना सुन वह बोले- “क्या मुल्ला पैदा करना सरकार का काम है क्या? ये मुल्ला पैदा करने की दुकान बंद करो, डॉक्टर इंजीनियर पैदा करने की दुकान खोलो।”

मुख्यमंत्री कहते हैं कि आर्टिकल 370 हटाना हो या रामलला के मंदिर बनने की बात हर बार कहा गया कि ये लोग (कट्टरपंथी) नाराज होंगे, हल्ला होगा… लेकिन सब कुछ हो गया। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है ये लोग क्या कर पाए, कुछ नहीं।

वहीं कॉन्ग्रेस के समय में संसद पर हमला हो गया तब भी ये लोग कुछ नहीं कर पाए। बस कहते रहे- हम क्या कर सकते हैं उनके पास परमाणु है। पर, वही स्थिति जब मोदी सरकार में आई तो उन्होंने पठानकोट में हमला करने का जवाब मिला और पाकिस्तान न्यूक्लियर रखते हुए कुछ नहीं कर पाया।

उन्होंने भारत की कामयाबियों को गिनाते हुए कहा कि इस देश पर अगर कोई आँख उठाकर देखेगा तो वो जल जाएगा चाहे वो औरंगजेब हो चाहे बाबर। कॉन्ग्रेस बार बार कह रही है कि सरकार बदलो मध्यप्रदेश में। कर्नाटक में बदलकर देख ली न- अकबर बाबर को विटामिन मिल गया है। मध्यप्रदेश में भी अगर इनकी सरकार आई तो आज ये लोग जो 10 इंच का सीना लेकर घूम रहे हैं ये 30 इंच का करके घूमेंगे ये सोचकर कि उनकी सरकार आ गई।

मिट्टी के दीपक बेच रही थी हिन्दू लड़की, माजिद ने लात मारकर तोड़ा सामान: Video वायरल, पुलिस पहुँचने पर भीड़ ने किया विरोध

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में माथे पर टीका लगाए एक बच्ची रो रही है। उसे कहते भी सुना जा सकता है कि किसी ने उसके मिट्टी के दीपक तोड़ दिए। घटना का पता चलने पर पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया। उन्होंने केस दर्ज करके जाँच की तो पाया आरोपित का नाम माजिद है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (11 नवम्बर 2023) की है। मामले में जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक यह मामला मुरादाबाद जिले के थानाक्षेत्र बिलारी का है। यहाँ की व्यस्त नई सड़क बाजार में एक नाबालिग हिन्दू लड़की पिछले 2 दिनों से मिट्टी के दीपक और खिलौना मकान बेचने आ रही थी। इसी बाजार में अब्दुल वाज़िद के बेटे माज़िद की चश्मा और बेल्ट आदि बेचने की दुकान है। पीड़िता का आरोप है कि माज़िद पिछले 2 दिनों से उसे डाँट रहा था। वह इसे बेफालतू में लगाई गई दुकान बताता था। आरोपित माज़िद पीड़िता पर दबाव बना रहा था कि वो अपने दीपक कहीं और जा कर बेचे।

बताया जा रहा है कि पीड़िता ने उसे समझाया कि दीवाली को बस 1 दिन बाकी है उसका सामान न हटाया जाए। हालाँकि माज़िद पर इस मिन्नत का कोई फर्क नहीं पड़ा। शनिवार को आरोपित अचानक बच्ची की टोकरी के पास आया। आरोप है कि उसने पहले पीड़िता को उल्टा सीधा कहा और बाद में टोकरी पर लात मार कर सारा सामान बिखेर दिया। इस हरकत से मिट्टी के कई दीपक और खिलौना घर टूट गए। मुरादाबाद के स्थानीय पत्रकार ने इस घटना की वीडियो बनाई जो बाद में वायरल हो गई।

पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लिया है और आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एक अन्य वायरल वीडियो में आरोपित को पकड़ने पहुँचे पुलिस सब इंस्पेक्टर से भीड़ को उलझते देखा जा सकता है। भीड़ द्वारा माज़िद की गिरफ्तारी का विरोध किया जा रहा है। खुद माज़िद भी पुलिस के साथ जाने को तैयार नहीं हो रहा है। मिल रही जानकारी के मुताबिक फिलहाल पीड़िता के पिता को कुछ लोगों ने समझा-बुझा कर इस केस में समझौता करवा दिया है। हालाँकि पुलिस के मुताबिक मामले में अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उल-जलूल लोगों को छोड़िए… प्रमोद कृष्णम ने कॉन्ग्रेस की ‘चांडाल चौकड़ी’ को बताया राम, गाय, गंगा और गीता नफरत करने वाला तो भड़के रणदीप सुरजेवाला

कॉन्ग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी पार्टी के हिन्दू विरोधी रवैये पर करारा हमला बोला है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक्स (पहले ट्विटर) पर कहा है कि उनकी पार्टी में एक चाण्डाल चौकड़ी ऐसी है जो प्रभु राम के अलावा गाय, गंगा, गायत्री और गीता से भी नफरत करती है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम कॉन्ग्रेस का पक्ष रखते दिखते हैं। उन्होंने 2019 में लखनऊ से कॉन्ग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। हाल ही में उन्होंने टीवी पर कहा कि कॉन्ग्रेस के कुछ नेता राम से नफरत करते हैं। ये कॉन्ग्रेस नेता हिन्दू नाम तक से नफरत करते हैं। आगे उन्होंने यह भी कहा कि जो राम से नफरत करता है, वह हिन्दू नहीं है।

कॉन्ग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम के इस बयान पर भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ट्वीट किया। त्रिवेदी ने प्रमोद कृष्णम के जरिए कॉन्ग्रेस के हिन्दू विरोधी कदमों को रेखांकित किया है। इस पर प्रमोद कृष्णम ने रिप्लाई किया है।

उन्होंने लिखा, “आप मेरी वेदना का राजनैतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं और आपको करना भी चाहिए, लेकिन ये शाश्वत सत्य है कि हमारी पार्टी में एक ऐसी चाण्डाल चौकड़ी है, जो राम से ही नहीं गाय, गंगा, गीता और गायत्री से भी नफ़रत करती है।”

प्रमोद कृष्णम के बयान के बारे में पूछे जाने पर मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि आप इस प्रकार के उल-जलूल लोगों को छोडिए। इस पर भी उन्होंने रणदीप पर करारा हमला किया है।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के भाग्य की विडंबना यही है कि एक ऐसे लफ़ंडर को पार्टी का महासचिव बना रखा गया है, जिसने राज्यसभा के चुनाव में विधायक रहते हुए भाजपा के उम्मीदवार और Zee न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा को जितवाने का पाप सिर्फ़ एक अश्लील CD के प्रसारण को रुकवाने के लिए किया।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम के श्रीराम को लेकर बयान के कारण कई कॉन्ग्रेसी नेता उनसे चिढ़े हुए हैं। प्रियंका गाँधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने प्रमोद को सलाह दी है कि वह संघ की शाखाओं में जाना शुरू कर दें।