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कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में फ्री बिजली का किया था वादा… चुनाव के बाद महंगी हो गईं दरें: CM सिद्धारमैया बोले- ये फैसला हमारा नहीं

कर्नाटक में 2023 विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश में मुफ्त बिजली का वादा करने वाली सिद्धारमैया सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की है। राज्य में अब बिजली के बिल में 2.89 रुपये प्रति यूनिट अधिक चुकाने होंगे। यह बढ़ी दरें उन उपभोक्ताओं पर लागू होंगी जो महीने में 200 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करते हैं। सोमवार (5 जून 2023) को इस बावत राज्य सरकार ने बाकायदा आदेश भी जारी कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ी दरें इसी साल मार्च में लागू किया जाना तो जो किसी वजह से नहीं हो पाया था। ताजा आदेश में कर्नाटक सरकार ने गृह ज्योति योजना के क्रियान्वयन पर इस आदेश के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। हालाँकि इन्हीं नए निर्देशों में महीने में 200 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले सभी परिवारों को फ्री बिजली की गारंटी भी दी गई है। इन बढ़ी दरों पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भी बयान आया है। उन्होंने इस फैसले को कर्नाटक बिजली नियामक आयोग (केईआरसी) द्वारा लिया गया निर्णय बताया। CM सिद्धारमैया के मुताबिक इस फैसले में राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था।

सिद्धरमैया ने कहा, “हमने बिजली दरों को बढ़ाने का कोई फैसला नहीं किया है। ये कर्नाटक बिजली नियामक प्राधिकरण का निर्णय है जो पहले से ही तय था। हम इसे बस लागू कर रहे हैं।” उपभोक्ताओं को 200 यूनिट फ्री बिजली देने के लिए कर्नाटक सरकार के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज के मुताबिक सालाना 13,000 करोड़ रुपयों की जरूरत पड़ेगी। राज्य में 96% विद्युत् उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाने की तैयारियाँ हैं।

कर्नाटक के कई लोगों को जून के महीने में आया बिजली का बिल भी अधिक दरों वाला लग रहा है। इस मुद्दे पर बिजली विभाग के एक सीनियर इंजिनियर ने बताया है कि उन्हें मई के साथ-साथ अप्रैल के बकाए पैसों को जमा करने का आदेश था। इसी वजह से जून का बिल कुछ लोगों को भारी-भरकम लग रहा है। अधिकारी का दावा है कि कुछ ही माह में ये स्थिति सामान्य हो जाएगी।

बताते चलें कि कॉन्ग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में भी राज्य सरकार ने बिजली की दरों में 86 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की है। यह बढ़ी दरें वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए लागू हैं। इसी साल फरवरी में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बिजली दरों में 86 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। हिमाचल प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त है जिसे कॉन्ग्रेस सरकार ने बढ़ा कर 300 यूनिट तक करने का वादा किया था।

शौच के लिए निकली हिन्दू लड़की का जंगल में गैंगरेप: रिजवान समेत 5 गिरफ्तार, UP पुलिस NSA के तहत कर रही कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की से गैंगरेप की खबर है। आरोप मुस्लिम समाज के 5 लोगों पर लगा है। इन आरोपितों में रिजवान और टेलर के अलावा 3 नाबालिग हैं। स्थानीय हिन्दू संगठनों और संतों ने इस घटना कर नाराजगी जताई है। सभी 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों पर पॉक्सो और रासुका के तहत कार्रवाई हुई है। पुलिस इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए प्रयास कर रही है। घटना रविवार (4 जून 2023) की है।

यह मामला सीतापुर के थानाक्षेत्र रामकोट का है। यहाँ हिन्दुओं के OBC समाज के एक स्थानीय निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि 4 जून (रविवार) को उनकी 15 वर्षीया बहन शौच के लिए जंगल की तरफ गई थी। इस दौरान 20 साल का रिज़वान और टेलर अपने ही समुदाय और गाँव के 3 नाबालिगों के साथ वहीं पहुँच गए। इन सभी ने पीड़िता को घेर लिया। इन पाँचों में 3 नाबालिगों ने पीड़िता के हाथों और पैरों को कस कर पकड़ लिया। इसके बाद रिज़वान और टेलर ने बारी-बारी लड़की से गैंगरेप किया।

गैंगरेप के दौरान पीड़िता के शरीर पर चोट आई। घर आने के बाद लड़की ने परिजनों को सारी बात बताई। घटना की जानकारी होते ही हिन्दू संगठनों में आक्रोश फ़ैल गया। सीतापुर के महंत बजरंग मुनि उदासीन ने पीड़िता के मेडिकल परीक्षण में देरी का आरोप लगाया। उनकी डॉक्टरों से नोकझोंक भी हुई। हिन्दू संगठनों ने FIR में हेराफेरी का भी आरोप लगा कर निष्पक्ष जाँच की माँग की है। इस दौरान एक शरीफ नाम के सिपाही पर पीड़िता के परिवार को दबाव देने का भी आरोप लगा।

आखिरकार पुलिस ने रिज़वान और टेलर सहित 3 अन्य नाबालिगों पर IPC में गैंगरेप की धारा 376- DA, मारपीट की धारा 323 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5G/6 के तहत FIR दर्ज कर ली। केस में जाँच जारी है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने 20 घंटों के भीतर सभी पाँचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है जिन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की प्रकिया जारी है। पुलिस ने इस को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाने के भी प्रयास शुरू कर दिए हैं।

छोटी-छोटी बच्चियों का किया रेप, महिलाओं को यातनाएँ दी… अब खुली जेल में रहना चाहता है ग्रूमिंग गैग का ‘बनारस हुसैन’: पीड़िता बोली- ये सबसे खतरनाक इंसान

ब्रिटेन की जेल में बंद एक सजायाफ्ता ग्रूमिंग गैंग के मेंबर ने खुद को खुली जेल में ट्रांसफर करने की माँग की है। हुसैन को बेहद कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप के आरोपों के तहत 19 साल की सजा मिली है। इन रेप पीड़िताओं में 11 साल की बच्चियाँ भी शामिल हैं। बनारस हुसैन पर ड्रग तस्करी में भी शामिल होने के आरोप हैं।

डेली मेल के मुताबिक खुद को खुली जेल में भेजे जाने की माँग करने वाला हुसैन एक सजायाफ्ता मुल्जिम है। साल 2016 में उसने रेप, हमला, शारीरिक नुकसान पहुँचाने जैसे 10 आरोपों को कबूल किया था। हुसैन जेल में बंद ग्रूमिंग गैंग के 6 सदस्यों में से एक है। हुसैन के साथ उसका एक भाई अर्शीद हुसैन को 35 साल की, दूसरा भाई बशारत हुसैन 25 साल की और चाचा कुर्बान अली 10 साल जेल की सजा काट रहे हैं।

बनारस हुसैन पर आरोप है कि उसने 11 साल की बच्चियों तक से दुष्कर्म किया। कोर्ट के ट्रायल के दौरान यह बात भी निकल कर सामने आई कि एक पुलिस ने उसे पार्क में खड़ी एक कार के अंदर एक पीड़िता से सेक्स करते हुए पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया था। बनारस हुसैन की माँग पर एक सरकारी अधिकारी ने खुली जेल में जाने से पहले कैदियों को एक बेहद जटिल प्रकिया से गुजरने का नियम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी खुली जेल के दौरान तय किए गए नियमों को तोड़ता है उसे फिर से जेल भेज दिया जाता है।

हुसैन द्वारा प्रताड़ित महिलाओं में से एक 37 वर्षीया सैमी वुडहाउस ने उसे देश का सबसे खतरनाक पुरुष बताया। उसे ‘देश के सबसे खतरनाक पुरुषों में से एक’ बताते हुए सैमी ने कहा कि उसने कई बच्चों के अपहरण, उनसे रेप और टार्चर जैसे अपराध भी किए हैं। बकौल सैमी वो बच्चे अब बड़े हो चुके हैं लेकिन अपने साथ हुए भयानक हादसे को भुलाने के लिए अभी भी हर दिन जद्दोजहद करते हैं। खुद को एक पीड़िता बताते हुए सैमी ने सिस्टम को हुसैन जैसे अपराधियों से निबटने में कमजोर बताया।

बताते चलें कि खुली जेल में कैदिओं को उनकी बैरकों में लॉक नहीं किया जाता। साथ ही उन्हें रोजगार चुनने की भी अनुमति रहती है। इस जेल में भेजे जाने से पहले लम्बे समय तक अधिकारियों द्वारा कैदियों के चाल-चलन पर निगरानी रखी जाती है।

गौरतलब है कि ब्रिटेन के लिए ग्रूमिंग गैंग एक बड़ी समस्या बनी हुई है। दावा है कि इस गैंग से जुड़े मुस्लिमों ने अब तक ब्रिटेन में 5 लाख से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों से रेप किया है। ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस गैंग को हर हाल में खत्म करने का भरोसा देते हुए इसके खिलाफ टास्क फ़ोर्स के गठन की जानकारी दी थी।

पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान गया अमेरिका, शामिल होना था एजुकेशन प्रोग्राम में… सड़क पर गाड़ी रोक पढ़ने लगा नमाज

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान अमेरिका में हैं। दोनों वहाँ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल होने के लिए गए हैं। इस बीच मोहम्मद रिजवान का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह सड़क पर नमाज पढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का है। वायरल वीडियो में रिजवान की कार सड़क के एक ओर खड़ी दिखाई दे रही है। वहीं, दूसरी ओर मोहम्मद रिजवान सड़क पर कपड़ा बिछाकर नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं। बता दें कि मोहम्मद रिजवान इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान बीच मैदान में नमाज पढ़ते नजर आ चुके हैं।

सड़क पर नमाज पढ़ना: भारत में आम, मुस्लिम देशों में गैर कानूनी

भारत में इस तरह की घटनाएँ आम हो चुकीं हैं। यहाँ आए दिन मुस्लिम सड़कों पर नमाज पढ़ते नजर आते हैं। खासतौर से शुक्रवार के दिन तो नमाजियों की भीड़ सड़क पर बैठ जाती है। इसके चलते लोगों को जाम का भी सामना करना पड़ता है। यहाँ तक कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन की पटरियों के बीच में भी नमाज पढ़ने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। 

भारत में मुस्लिम भले ही धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सरेआम नमाज पढ़ते दिखाई देते हैं लेकिन कई इस्लामिक देशों में खुले में नमाज पढ़ना गैर कानूनी है। सऊदी अरब की ही बात करें तो वहाँ गाड़ी रोककर नमाज पढ़ने को कानून का उल्लंघन माना जाता है। इसी तरह यूएई के दुबई शहर में सड़क पर नमाज पढ़ने पर करीब 8800 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। वहीं, यूरोपीय देश फ्रांस में भी सड़क पर नमाज पढ़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

बर्थडे पर जिन्हें दोस्त समझकर दी पार्टी, उन्होंने ही चाकू घोंपकर मौत के घाट उतारा: शाहरुख, नासिर समेत 4 गिरफ्तार, ₹10 हजार के बिल पर हुआ विवाद

महाराष्ट्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पिछले हफ्ते मुंबई के गोवंडी के बैगनवाड़ी इलाके में बर्थडे पर 10000 रुपए का बिल साझा करने को लेकर हुए विवाद में 20 वर्षीय युवक की उसके चार दोस्तों ने हत्या कर दी। इनमें से दो नाबालिग हैं। पुलिस ने चारों हत्यारोपियों गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपितों शाहरुख और निशार को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। इन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, दो अन्य को नाबालिग होने की वजह से बाल सुधार गृह में भेजा गया है। यह घटना 31 मई 2023 की बताई जा रही है।

मुबंई पुलिस ने मंगलवार (6 जून 2023) को बताया कि 20 वर्षीय साबिर अंसारी की उसके चार दोस्तों ने हत्या कर दी थी, जिनमें से दो नाबालिग थे। पीड़ित ने एक ढाबे में अपने जन्मदिन की पार्टी दी थी। खाने का बिल 10 हजार आया था, जिसे पीड़ित ने चुका दिया था। हालाँकि, उसके दोस्तों ने उसे पैसे देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वे मुकर गए। शिवाजी नगर पुलिस थाने में आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 323, 109 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जाँच जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चारों आरोपितों ने साबिर से कहा था कि वे उसे बाद में पैसे दे देंगे, जिसके बाद साबिर ने खाने का बिल चुकाया और घर लौट आया। दोपहर करीब 2 बजे जब साबिर आरोपित शाहरुख और उसके 3 अन्य दोस्तों के पास पैसे माँगने गया तो उन्होंने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया और धमकी दी। इसके बाद साबिर वहाँ से चला गया और अपने दूसरे दोस्त को घटना की जानकारी दी।

बाद में 31 मई की रात करीब 8 बजे जब साबिर अपने अन्य दोस्तों के साथ गोवांडी के शिवाजी नगर इलाके में अपना जन्मदिन मना रहा था। तभी चारों आरोपित मौके पर पहुँचे और पीड़ित को बुरी तरह से पीटा।। इसके बाद साबिर को धारदार हथियार से घायल करने के बाद चारों वहाँ से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस गंभीर रूप से घायल पीड़ित को अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिंदू लड़कियों से की छेड़छाड़, फिर चंद्रमूलेश्वर महादेव मंदिर के पास तलवार-लाठियों से हमला: गुजरात के उमरेठ में भय का माहौल

गुजरात के आनंद जिले के उमरेठ में रविवार (4 जून 2023) को देर रात हथियारों से लैस कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ सड़कों पर इकट्ठा हुई और पूरे इलाके का माहौल खराब कर दिया। दरअसल, मुस्लिम बदमाशों द्वारा दो हिंदू नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के दो दिन बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

खबरों के मुताबिक, आनंद जिले के उमरेठ में दो हिंदू नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ को लेकर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच जमकर विवाद हुआ। इसको लेकर रविवार देर रात को तलवारों और लाठियों से लैस कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने चंद्रमूलेश्वर महादेव मंदिर के पास हमला बोल दिया। इसके बाद से है।

इस मामले में उमरेठ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ में शामिल 15-20 लोगों के खिलाफ दंगा फैलाना का केस दर्ज मामले की जाँच में जुट गई है। वहीं, इलाके में दहशत का माहौल देखते हुए पुलिस ने पेट्रोलिंग तेज कर दी है। इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुस्लिम युवकों ने हिंदू लड़कियों से की छेड़छाड़

रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (3 जून 2023) रात उमरेठ के ओड बाजार इलाके में दो हिंदू नाबालिग लड़कियाँ मोपेड पर निकली थीं। उनमें से एक लड़की जब दूसरी को बाजार से सटे स्लम एरिया के पास छोड़कर जा रही थी, तभी दो मुस्लिम बदमाशों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। साइकिल पर सवार एक बदमाश ने उसका हाथ पकड़ लिया, जिससे लड़की डर गई और चिल्लाने लगी, जिससे वहाँ आसपास लोग इकट्ठा हो गए। उन्हें देखकर आरोपित वहाँ से भाग निकले।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद लड़कियों के परिजन शिकायत दर्ज कराने के लिए उमरेठ थाने पहुँचे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। पीड़िता के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। वह आरोपितों को संरक्षण दे रहे हैं।

पहचान छिपाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद की

रविवार की रात एक स्थानीय हिंदू हीर पिंटूभाई पटेल और उनका दोस्त स्टेशन रोड से गुजर रहे थे। तभी मुस्लिम बदमाशों ने उन्हें छेड़छाड़ की घटना के बारे में बात करते हुए सुना। यह सुनने के बाद वह आक्रोशित हो गए और उन्होंने मौके पर अपने अन्य दोस्तों को बुला लिया। इसके बाद हीर और उसके दोस्त के साथ उनका जमकर विवाद हुआ।

आनंद के उमरेठ में उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब आधी रात के करीब छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देने वाले बदमाश कट्टरपंथी मुस्लिमों भीड़ के साथ तलवारें और लाठियाँ लेकर रेलवे स्टेशन रोड की ओर निकल पड़े। गौर करने वाली बात यह है कि जब ये लोग सड़क पर उतरे, तब स्ट्रीट लाइटें अचानक बंद हो गईं।

ऐसा संदेह जताया जा रहा है कि दंगाइयों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी, ताकि सीसीटीवी कैमरे से उनका चेहरा सबके सामने न आ सके। हीर पटेल की शिकायत के बाद उमरेठ पुलिस ने भीड़ के खिलाफ दंगा करने का मामला दर्ज किया, जिसमें 15 से 20 मुस्लिम शामिल हैं।

हिंदू आंदोलन करने की योजना बना रहे

उमरेठ पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इलाके के हिंदू तब भड़क गए, जब हिंदू युवकों को भी पुलिस ने गलत तरीके से गिरफ्तार कर लिया। आक्रोशित लोगों ने उमरेठ थाने का घेराव किया और पीएसआई अल्पेश रबारी पर झूठी शिकायत दर्ज कराने का आरोप लगाया।

इस मामले में हिंदू समाज के लोग शिकायत दर्ज कराएँगे। वहीं, उमरेठ गाँव के लोगों ने भी हिंसा के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की बात कही।

‘ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद हजारों लोग कैंसिल करवा रहे अपनी टिकट’: कॉन्ग्रेस के फर्जी दावे की खुली पोल, IRCTC ने आँकड़ों के साथ सच बताया

ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद इस मामले पर विपक्ष की राजनीति जारी है। इसी क्रम में कॉन्ग्रेस नेता भक्त चरणदास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया है कि लोगों को अब लग रहा है कि ट्रेन का सफर सुरक्षित नहीं है। इस कारण से दुर्घटना के बाद से हजारों लोगों ने अपने टिकट कैंसिल कर दिए हैं। कॉन्ग्रेस के इस दावे पर रेलवे ने खुद प्रतिक्रिया दी है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता भक्त चरण दास ने रविवार (4 जून 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो कॉन्ग्रेस में अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से भी शेयर किया है। वीडियो में भक्त चरणदास ने कहा, “बीते दिनों में ऐसी रेल दुर्घटना कभी नहीं हुई, बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई है। सरकार आधिकारिक तौर पर 275 लोगों की मौत की बात कह रही है लेकिन अभी भी सैंकड़ों लोग लापता हैं। हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। इस दुर्घटना के बाद हजारों लोगों ने अपने ट्रेन टिकट कैंसल किए हैं। उन्हें लगता है कि ट्रेन में सफर सुरक्षित नहीं है।”

कॉन्ग्रेस के इस दावे के बाद भारतीय रेलवे (IRCTC) ने इस पर प्रतिक्रिया दी और पूरे दावे को एक सिरे से नकार दिया। IRCTC ने यह भी कहा है कि कैंसिलेशन में बढ़ोतरी नहीं बल्कि टिकट कैंसिल होने की संख्या में कमी आई है। आईआरसीटीसी ने कॉन्ग्रेस के वीडियो को रीट्वीट करते हुए लिखा, “तथ्यात्मक रूप से यह गलत है। कैंसिलेशन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। बल्कि इसके उलट कैंसिलेशन घटा है। 1 जून को 7.7 लाख टिकट कैंसिल हुए थे। वहीं, 3 जून को 7.5 लाख टिकट की कैंसिल हुए।”

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब कॉन्ग्रेस ने इस तरह के फेक दावे किए हों। इससे पहले कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के सर्वे पर दावा किया था। दावे में अखबार की कटिंग के साथ कहा गया था मध्य प्रदेश में BJP 55-65 सीटों में सिमट जाएगी। हालाँकि बाग में यह दावे झूठे निकले।

ओडिशा ट्रेन हादसा…

बता दें कि शुक्रवार (2, जून 2023) शाम करीब 6:55 मिनट पर ओडिशा के बालासोर जिले के महानगा गाँव के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरियों से उतर गई थी। इसके बाद वह ट्रेन लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। मालगाड़ी से टक्कर होने के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे बगल वाली पटरी पर चले गए। इस पटरी पर दूसरी दिशा से यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट ट्रेन आ गई और कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों में जाकर टकरा गई। 

इंटरलॉकिंग सिस्टम से हुई बड़ी छेड़छाड़: पूर्व रेल मंत्री ने समझाया कैसे ट्रेनें खुद नहीं बदलती ट्रैक, BJP नेता बोले- बालासोर हादसा TMC की साजिश

ओडिशा ट्रेन हादसे को लेकर पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi) ने ट्रेन के इंटरलॉकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ होने का दावा किया है। वहीं, ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) मामले की सीबीआई जाँच का विरोध कर रहीं हैं। इसको लेकर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने कहा है कि रेल हादसा TMC की साजिश है। इसलिए वह सीबीआई जाँच से डर रही हैं।

दरअसल, BJP नेता और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने न्यूज18 से बात करते हुए कहा है, “इंटरलॉकिंग सिस्टम और घटना में क्या हुआ, इसके बारे में मेरे पास जो इनपुट और समझ है, मुझे लगता है कि इसमें बड़ी छेड़छाड़ की गई थी। इसी के चलते कोरोमंडल एक्सप्रेस मेन ट्रैक से लूप लाइन पर चली गई। अब और अधिक जानकारी सामने आने के बाद मुझे 100% यकीन है कि यह दुर्घटना किसी बड़े छेड़छाड़ के चलते हुई।”

दिनेश त्रिवेदी ने दावा किया, “रेलवे ट्रैक पर ग्रीन सिग्नल था, ऐसे में इंटरलॉकिंग सिस्टम का इस तरह से खराब होना असंभव है। रेलवे सिस्टम में इस तरह की चीजें नहीं होतीं। यदि कभी इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल हो जाता है या खराब हो जाता है तो दूसरा सिस्टम काम करना शुरू कर देता है। इसे ‘फेल-सेफ’ कहा जाता है। यदि फेल-सेफ एक्टिव हो जाता है, तो रेलवे ट्रैक पर सभी सिग्नल रेड हो जाते हैं।”

उन्होंने इस पूरी दुर्घटना को सुनियोजित करार देते हुए कहा है, “हमें यह समझना चाहिए कि एक लोको पायलट सिग्नल के आधार पर केवल ब्रेक दबा सकता है या ट्रेन की स्पीड बढ़ा सकता है। लोको पायलट न तो ट्रैक बदल सकता है और न ही ट्रेनों का रुट बदल सकता। लिहाजा, सिस्टम के अंदर से छेड़छाड़ किए जाने के बाद ट्रेन ने ट्रैक बदला और अपने आप ही मेन लाइन से लूप लाइन पर चली गई। अगर यह सिर्फ सिग्नल फेल होने या इंटरलॉकिंग सिस्टम की खराबी का मामला होता, तो ट्रेन इतनी आसानी से ट्रैक कभी नहीं बदल सकती थी। वास्तव में, सिस्टम के फेल होते ही सिग्नल अपने रेड हो जाता है।”

ज्ञात हो कि यूपीए सरकार में ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं। इसके बाद जब ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं तो TMC के कोटे से दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बनाया गया था।

TMC प्रवक्ता ने शेयर किया ‘लीक’ ऑडियो

शुक्रवार (2 जून, 2023) को तीन ट्रेनों की टक्कर के होने के ठीक अगले दिन यानि शनिवार (3 जून, 2023) की शाम तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने ट्विटर पर एक ऑडियो शेयर किया था। इसमें रेलवे के दो अधिकारियों को बातचीत करते सुना जा सकता है। 

इनमें से फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को साउथ वेस्ट रेलवे का प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर (PCSO) बताया। वहीं, दूसरे ने खुद को साउथ इस्टर्न रेलवे के डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर (DCSO) अशोक अग्रवाल बताया। ऑडियो में दोनों अधिकारियों सिग्नल में छेड़छाड़ की बात करते सुना जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि ऑडियो शेयर करते हुए कुणाल घोष ने यह भी लिखा है कि यह ऑडियो वेरिफाइ नहीं है।

सीबीआई जाँच से क्यों डर रही है TMC- शुभेंदु अधिकारी

ओडिशा ट्रेन हादसे की सीबीआई जाँच का विरोध करने से लेकर ऑडियो लीक तक के मामले में पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही कहा है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस की साजिश के चलते ही यह हादसा हुआ।

अधिकारी ने कहा है, “यह घटना टीएमसी की साजिश है। ये कल से इतना क्यों घबरा रहे हैं जबकि यह घटना तो दूसरे राज्य की है। ये लोग सीबीआई जाँच से क्यों डर रहे हैं? इन लोगों ने पुलिस की मदद से दोनों रेलवे अधिकारियों के फोन टैप किए। इन लोगों को रेलवे के दो अधिकारियों की बातचीत का पता कैसे चला? बातचीत कैसे लीक हो गई।  यह सब सीबीआई जाँच में यह आना चाहिए। नहीं आया तो मैं कोर्ट जाऊँगा।”

नाली वाले पानी से नारियल धोता था समीर: लोगों ने घटिया हरकत Video में कैद की, नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश के नोएडा में फलों को नाली के पानी से धोने का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में दिख रहे फल विक्रेता का नाम समीर है। वह मूल रूप से बरेली का रहने वाला बताया जा रहा है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सोमवार (5 जून 2023) को आरोपित समीर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वायरल वीडियो 25 सेकेंड का है। इसे @pankaj_dreams नाम के हैंडल से 5 जून को शेयर किया गया था। वीडियो को कुछ लोग दूर से बना रहे हैं। वीडियो बनाने वाले लोग ‘मुल्ला ही है’ और ‘नाली का पानी निकाल रहा है’ जैसी बातें कर रहे हैं। वीडियो में जगह का जिक्र श्री राधा कृष्ण स्काई गार्डन होना बताया गया है। यह इलाका ग्रेटर नोएडा के बिसरख थानाक्षेत्र में आता है। वीडियो शेयर करने वाले पंकज द्विवेदी ने इसे संक्रमण फैलानी वाली हरकत बताया है।

नोएडा पुलिस ने इस वीडियो के नीचे आरोपित पर कार्रवाई की जानकारी दी है। कस्टडी में समीर की फोटो शेयर करने के साथ पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मामले में बिसरख पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है। ऑपइंडिया ने मामले की जानकारी SHO बिसरख इंस्पेक्टर अनिल राजपूत से ली। उन्होंने बताया कि 28 वर्षीय समीर के अब्बा का नाम यामीन है। समीर मूल रूप से बरेली के शीशगढ़ थानाक्षेत्र के गाँव तिगड़ी का रहने वाला है। फ़िलहाल वह राधा स्काई गार्डन के पास बनी झुग्गियों में रहता है। समीर पर IPC की धारा 270 (जानबूझ कर ऐसा कार्य करना जिस से आम जनमानस में संक्रमण या रोग फैलने की आशंका हो) और 504 के तहत FIR दर्ज की गई है।

पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएँ

गौरतलब है कि नाली के पानी से नारियल धोने पर समीर की गिरफ्तारी इस तरह की पहली घटना नहीं है। इस से पहले भी सितम्बर 2022 में बिजनौर के मोहम्मद शरीफ पर सब्ज़ियों पर पेशाब कर के हिन्दू इलाकों में बेचने का आरोप लगा था। इसके अलावा मई 2022 में गाजियाबाद के एक वायरल वीडियो में होटल का एक कर्मचारी खाना पैकिंग वाले पॉलिथिन पर थूकता नजर आया था। सलाम चिकन नाम के इस रेस्टोरेंट के मालिक का नाम सलाम कुरैशी और अय्यूब कुरैशी है। तब हिन्दू संगठनों ने पुलिस में शिकायत दे कर कार्रवाई की माँग की थी। जनवरी 2022 में भी गाजियाबाद के ही साहिबाबाद के तसीरुद्दीन को रोटी पर थूकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटना तब सामने आई थी, जब मदीना होटल में काम करने वाले तसीरुद्दीन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वायरल वीडियो में तसीरुद्दीन रोटियों को सेंकने के दौरान उस पर थूकता नजर आ रहा था।

‘पुल BJP ने गिरवाया है, हम तो बना रहे हैं’ : मीडिया ने पूछा तेजस्वी यादव के इस्तीफे पर सवाल, तो भड़के तेज प्रताप; सारा ठीकरा भाजपा पर फोड़ा

बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा पुल ढहने के बाद से विपक्ष लगातार नीतीश सरकार को घेर रहा है। बिहार बीजेपी ने नीतीश के इस्तीफे की माँग की है। इस बीच, राजद नेता और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। दरअसल, मीडियाकर्मियों ने वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव से भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने के लिए अगुवानी और सुल्तानगंज के बीच बन रहे पुल के गिरने पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे के संबंध में उनसे सवाल पूछा, तो वह भड़क गए।

तेज प्रताप ने बीजेपी को पुल गिरने का जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, “भाजपा वाले ही पुल गिराते हैं। हम लोग बना रहे हैं और वो पुल गिरा रहे हैं।” दूसरी ओर बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का कहना है कि पुल का 90 फीसदी काम बीजेपी के शासन में हुआ है। इसी तरह कॉन्ग्रेस के उदित राज ने भी पुल गिरने का जिम्मेदार भाजपा को ठहराया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के मंत्री ने इसे बनवाया था।

इसको लेकर भाजपा नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खगड़िया में निर्माणाधीन अगुवानी घाट-सुल्तानगंज पुल का एक हिस्सा ही केवल गंगा नदी में नहीं समाया है, बल्कि मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति भी गंगा में समा गई है। नीतीश कुमार के तथाकथित राज में यह कुशासन का ही तो खेल है कि हर जगह भ्रष्टाचार और घोटाला हावी है। इसका नतीजा इस पुल का गिरना भी है। मुख्यमंत्री पुल को गिरने पर अपनी चिंता व्यर्थ में व्यक्त कर रहे हैं। उन्हें तो तुरंत सीबीआई या हाईकोर्ट के सीटिंग जज से इसकी जाँच करानी चाहिए।

बता दें कि यह पुल रविवार (4, जून 2023) को एक बार फिर जमींदोज हो गया। इससे पहले, अप्रैल 2022 में भी पुल का एक हिस्सा ढह गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2014 में इस पुल का शिलान्यास किया था। अगुवानी-सुल्तागंज पुल के टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ। वीडियो में कुछ सेकंडों के भीतर पुल को धराशाई होकर गंगा नदी में गिरते हुए देखा जा सकता है।

पुल गिरने को लेकर नीतीश कुमार ने कहा था, “हमने इसे 2012 में बनाने का फैसला किया था। लेकिन 2014 में यह बनना शुरू हुआ, जिसको भी ठेका दिया है वह इतना लेट काम क्यों कर रहा है? 1 साल पहले जब यह पुल गिर गया था तब भी हमने कहा था। अब कल यह फिर गिर गया। इसलिए हमने विभाग के लोगों को कहा है कि देखिए और कार्रवाई कीजिए। ये कोई तरीका नहीं है। अब तक यह बन जाना चाहिए था। इतना देर क्यों हो रहा है? मुझे बहुत तकलीफ हुई है। इसे ठीक से नहीं बना रहा है, तभी ने यह बार-बार गिर जा रहा है।”