उत्तर प्रदेश के बरेली में महिला डॉक्टर से रेप किए जाने और अश्लील Video बनाकर ब्लैकमेल किए जाने के मामले मे पुलिस ने दो जिहादी भाइयों अकरम बेग और आलम बेग को गिरफ्तार किया है। ये दोनों जिहादी ‘अल्टीमेट’ नाम से जिम चलाते थे और खुलासा हुआ है कि इसमें करीब 80 हिंदू महिलाएँ वर्कआउट के लिए आती थीं लेकिन वहाँ कोई महिला ट्रेनर तक नहीं थी।
ताजा मामला में आलम बेग ने महिला डॉक्टर को वजन घटाने का झाँसा देकर नशीला ‘प्री-वर्कआउट’ ड्रिंक पिला था और उसके बेहोश हो जाने पर दोनों उसे एक प्राइवेट कमरे में ले गए। वहाँ उसका रेप किया गया और वहीं लगे कैमरे और मोबाइल से डॉक्टर का अश्लील वीडियो भी शूट किया गया। इसके बाद जिहादियों ने अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर डॉक्टर को लूटना शुरू कर दिया।
करीब 2 साल तक महिला का उत्पीड़न होकर रहा और अंतत: वो हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुँची जिसके बाद दोनों जिहादी भाई गिरफ्तार कर लिए गए हैं। ये एक दो नहीं बल्कि 7 भाई है और इन पर पहले भी गुंडई और दबंगई के आरोप लगते रहे हैं। आरोपितों का परिवार उन्हें निर्दोष बताने की कोशिश में जुटा है लेकिन दोनों भाइयों को यह पाप कोई नया नहीं है। दोनों और अन्य भाइयों के कुकर्मों की एक लंबी फेहरिस्त है जिनमें से कुछ पर हम नजर डालेंगे।
अक्टूबर 2024: दोनों भाइयों ने हिंदू महिला के साथ की अभद्रता, पीछे भेजे लड़के
अक्टूबर 2024 में भी एक महिला ने दोनों जिहादी भाइयों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई थी। ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR कॉपी के मुताबिक, हिंदू पीड़िता ने आरोप लगाया था कि ‘अल्टीमेट जिम’ के संचालक अकरम और उसके भाई आलम ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत में कहा गया था कि हिंदू पीड़िता जिम जाती थी, जहाँ उसके साथ पहले भी कई बार गलत हरकतें और गंदे कमेंट किए गए। युवती के मुताबिक, जब उसने जिम मालिक अकरम से इसकी शिकायत की तो उसका भाई आलम उससे बदतमीजी करने लगा। आरोप है कि आलम मारपीट के लिए आगे बढ़ा और जिम से बाहर तक उसका पीछा किया।
FIR में यह भी दावा किया गया कि दोनों भाई पहले भी उसके पीछे जिम के लड़कों को भेजते थे और लगातार परेशान करते थे। पीड़िता ने पुलिस से कहा था कि उसे दोनों भाइयों से खतरा है और वे उसे मारने की धमकी दे चुके हैं।

मार्च 2024: आलम बेग ने महिला के घर में घुसकर की रेप की कोशिश
मई 2024 में भी आलम बेग समेत अन्य लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी। इसमें बरेली में एक महिला ने आलम पर घर में घुसकर रेप की कोशिश करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था।
ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR कॉपी के मुताबिक, महिला ने आरोप लगाया कि उसका पड़ोसी आलम बेग उर्फ छोटे मियाँ काफी समय से उस पर बुरी नजर रखता था। महिला का कहना है कि आलम बेग शराब पीने का आदी है और पहले भी कई बार उसके साथ अश्लील हरकतें कर चुका था। पीड़िता ने बताया कि उसने इस बारे में पहले ही अपने पति को जानकारी दी थी।
महिला के मुताबिक, 30 मार्च 2024 की रात करीब 11 बजे वह अपने कमरे में अकेली थी। इसी दौरान आलम बेग शराब के नशे में चाकू लेकर उसके कमरे में घुस आया। आरोप है कि वह महिला के बिस्तर पर लेट गया और उसके साथ जबरदस्ती अश्लील हरकतें करने लगा। शिकायत में कहा गया कि आरोपित ने महिला को निर्वस्त्र कर बलात्कार करने की कोशिश की।

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया और शोर मचाया, तो आलम बेग ने चाकू दिखाकर उसे चुप रहने और जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान महिला के छोटे बच्चे रोने और चीखने लगे, जिसके बाद आरोपित मौके से भाग गया।
महिला ने बताया कि घटना के करीब आधे घंटे बाद जब उसके पति घर लौटे, तब उसने पूरी घटना उन्हें बताई। इसके बाद पति ने आरोपित के घर जाकर शिकायत की और पुलिस बुलाने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद आलम बेग के साथ उसका भाई मुकर्रम उर्फ मिक्की, भतीजा रजा खान और सोहेल अहमद भी वहाँ पहुँच गए।
शिकायत में कहा गया कि इन सभी लोगों ने उल्टा महिला और उसके पति के साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने पूरे परिवार को जान से मारने और मोहल्ले से निकाल देने की धमकी भी दी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपित पक्ष इलाके में दबंग और प्रभावशाली माना जाता है जबकि वह और उसका पति अकेले रहते हैं।
अप्रैल 2025: आलम बेग और उसके भाइयों पर जुड्डा का अड्डा चलाने का केस
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने आलम बेग और उसके भाइयों पर पर जुआ अड्डा चलाने, घर में घुसकर मारपीट करने और तमंचे के बल पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला अप्रैल 2025 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है।
ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR कॉपी के मुताबिक, शिकायतकर्ता नसीम बेग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसके पड़ोसी अकमल बेग उर्फ अऊआ, उसका भाई आलम बेग, मुकर्रम बेग उर्फ मिक्की और उनके परिवार के लोग में जुए का अड्डा चलाते हैं। शिकायत में कहा गया कि घेर जाफर खाँ, झंडे वाली गली, पुराना शहर इलाके में असामाजिक तत्वों और जुआरियों का लगातार जमावड़ा लगा रहता था।

शिकायत के अनुसार, पहली शिकायत के बाद 15 अप्रैल 2025 की रात करीब 9 बजे फिर से इलाके में जुआरियों और असामाजिक तत्वों की भीड़ जमा होने लगी। इस पर नसीम बेग ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस के पहुँचने के बाद जुआ और जमावड़ा बंद करा दिया गया लेकिन पुलिस के जाते ही मामला और भड़क गया।
आरोप है कि आलम बेग, मुकर्रम बेग उर्फ मिक्की और करीब 10-12 जुआरी नसीम बेग के घर पहुँच गए और गेट पर लात मारते हुए धमकाने लगे। शिकायत में कहा गया कि आरोपितों ने कहा ‘आज तो तूने पुलिस बुलाकर काम बंद करा दिया, अब यह काम रोज होगा। अगर दोबारा रुकावट डाली तो पूरे परिवार को जान से मरवा देंगे’।
FIR में आगे कहा गया है कि 23 अप्रैल 2025 की रात करीब 10:50 बजे आलम बेग शराब के नशे में अपने भाई मुकर्रम बेग उर्फ मिक्की और दो अन्य बदमाश साथियों के साथ नसीम बेग के घर में घुस आया। उस समय नसीम बेग और उसकी पत्नी घर पर मौजूद थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपितों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि आलम बेग के हाथ में तमंचा था, जिसे उसने नसीम बेग की कनपटी पर लगा दिया।
शिकायत में कहा गया कि आलम बेग ने धमकी देते हुए कहा कि वह उसके भाई अकमल बेग उर्फ अऊआ का ‘कैरम’ यानी जुआ का काम बंद कराने के लिए लगातार पुलिस में शिकायत करता है। अगर दोबारा कोई शिकायत की गई तो उसे और उसकी पत्नी को जान से मार दिया जाएगा। नसीम बेग ने यह भी आरोप लगाया कि मुकर्रम बेग ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।
अगस्त 2025: केस दर्ज होन के बाद आलम ने पड़ोसी से की मारपीट
आलम और अन्य लोगों के खिलाफ 8 सितंबर 2025 को भी एक FIR दर्ज की गई थी। यह केस अप्रैल 2025 में दर्ज जुआ और धमकी वाले मुकदमे से ही जुड़ा हुआ था।
ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR कॉपी के मुताबिक, शिकायतकर्ता नसीम बेग ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को मुकदमे (अप्रैल 2025 का जुए से जुड़ा) की विवेचना के लिए पुलिस अधिकारी उनके मोहल्ले में पहुँचे थे। इसी बात से नाराज होकर अगले ही दिन यानी 15 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 12 बजे आलम बेग, उवैस और इस्माइल उनके घर में घुस आए।

FIR में कहा गया है कि आरोपितों ने घर में घुसते ही नसीम बेग और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उवैस ने धारदार हथियार से नसीम बेग के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा।
FIR के मुताबिक, इसके बाद आरोपित नसीम बेग को घसीटते हुए घर के बाहर तक ले आए। शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरी घटना मोहल्ले के लोगों ने भी देखी। जब नसीम बेग ने मारपीट का वीडियो बनाने की कोशिश की, तब आलम बेग ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। FIR में कहा गया कि मोबाइल में दो सिम भी थीं, जो आरोपित के पास ही हैं।
नसीम बेग ने आरोप लगाया कि जाते-जाते आरोपितों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने पहले दर्ज कराया गया मुकदमा वापस नहीं लिया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
इन FIRs को अगर एक साथ जोड़कर देखा जाए तो यह केवल एक रेप और ब्लैकमेल का मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं को निशाना बनाने, दबंगई, धमकी, मारपीट और इलाके में भय का माहौल बनाने के लगातार सामने आती एक लंबी श्रृंखला है। अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोगों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में बार-बार वहीं नाम सामने आना बताता है कि इन जिहादियों ने लंबे वक्त से किस तरह दबंगई की है।
अब महिला डॉक्टर के साथ रेप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल और उगाही का आरोप है, तो दूसरी तरफ महिलाओं से अभद्रता, घर में घुसकर रेप की कोशिश, जुआ अड्डा चलाने, तमंचे के बल पर धमकाने और मुकदमा वापस लेने के लिए मारपीट जैसे आरोप भी FIR में दर्ज हैं। ‘अल्टीमेट जिम’ में करीब 80 हिंदू महिलाओं के आने की बात सामने आना और वहाँ किसी महिला ट्रेनर का न होना भी कई सवाल पैदा करता है।
अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ एक केस की जाँच भर नहीं है बल्कि यह पता लगाने की भी है कि क्या यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से महिलाओं को निशाना बना रहा था। फिलहाल पुलिस ने अकरम बेग और आलम बेग को गिरफ्तार कर लिया है। उम्मीद है कि पुलिस इसे कोई इकलौता केस मानकर नहीं छोड़ देगी बल्कि इसकी तह तक जाएगी और इस सुनियोजित नेटवर्क का पर्दाफाश कर इसमें शामिल लोगों को जेल तक पहुँचाएगी।













