Home Blog Page 2001

बेटे के गम में पिता के बाद अब माँ भी छोड़ गईं संसार: दिनेश नहीं दे पाए मुखाग्नि, दिल्ली हिंदू-विरोधी दंगे में कोर्ट ने सुनाई है सजा

फरवरी 2020 में हुए दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में 20 जनवरी, 2022 को पहली सजा गोकुलपुरी थाना क्षेत्र के भागीरथी विहार में रहने वाले दिनेश यादव को हुई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज वीरेंद्र भट ने दिनेश यादव को 5 साल की कैद और 12,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। मूल रूप से आज़मगढ़ के निवासी दिनेश पर मुस्लिम समुदाय की एक महिला के मकान में आगज़नी करने और उनकी भैंस के साथ-साथ भैंस का बच्चा भी खोल ले जाने का आरोप था।

जेल में सजा काट रहे दिनेश के परिवार से मिलने और उनका पक्ष जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम जनवरी 2022 में गई थी। तब हमने पाई-पाई और दाने-दाने को मोहताज दिनेश के घर की स्थिति से लोगों को वाकिफ करवाया था। एक साल बाद हमने फिर से फरवरी 2023 में दिनेश के परिजनों के ताजा हालात की जानकारी ली।

दिनेश यादव के भाई हरीश ने हमें बताया कि अभी तक दिनेश जेल में ही हैं। गिरफ्तारी के वक्त से कुल मिला कर दिनेश लगभग 3 साल जेल की सजा काट चुके हैं। हाईकोर्ट में उनके साथ कई अन्य लोगों का केस सरकारी एडवोकेट शिखा गर्ग लड़ रही हैं।

पहले पिता नहीं रहे, अब माँ भी छोड़ गईं संसार

ऑपइंडिया ने दिनेश यादव के भाई हरीश यादव से बात की। हरीश ने हमें बताया कि अगस्त 2022 में रक्षाबंधन के दिन उनकी माँ बुधा देवी भी स्वर्ग सिधार गईं। जब हमने मृत्य का कारण पूछा तब हरीश ने बताया, “माँ दिनेश को याद करके काफी परेशान रहा करती थीं। इसी परेशानी में उनको तमाम बीमारियाँ हो गईं।”

गौरतलब है कि दिनेश के पिता जगन्नाथ यादव का निधन भी अपने बेटे (दिनेश) की 3 जून 2021 में हुई गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही 28 जून 2021 को हो गया था। दिनेश का परिवार उनके पिता की मौत की वजह भी बेटे की गिरफ्तारी से उठे सदमे को बताता है।

बताते चलें कि हमारी पिछली रिपोर्ट में बुधा देवी जीवित थीं और उन्होंने ऑपइंडिया से बात करते हुए दिनेश की गिरफ्तारी को ‘समाज की लड़ाई’ बताया था।

माँ के अंतिम संस्कार में दिनेश नहीं

हरीश ने हमें बताया कि माँ की मौत के बाद दिनेश को अंतिम संस्कार के लिए महज 4 घंटे का पेरोल मिल रहा था। हरीश के मुताबिक यह पेरोल दिनेश को पर्याप्त नहीं लगा और वो जेल में ही रहे। हमारी पिछली रिपोर्ट में दिनेश की माँ बुधा ने हमें बताया था कि वो जेल में दिनेश से मिलने कभी नहीं गईं क्योंकि दिनेश उनसे थोड़े समय के लिए नहीं बल्कि रिहा होने के बाद ही मिलना चाहता था। अफसोस! अब माँ और बेटे कभी नहीं मिल पाएँगे।

हरीश ने हमें बताया कि दिनेश यादव जेल में बेहद दुखी हैं और वो इसे विधि का विधान बता कर रिहा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अब घर सुनसान

दिनेश के भाई हरीश ने हमें आगे बताया कि उनका बसा-बसाया घर अब सुनसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि कभी घर में माँ-पिता, भाई, पत्नी, बच्चा सब रहते थे। अब उस घर में न माँ हैं और न ही पिता। भाई को भी हरीश ने जेल में बता कर होते हुए भी नहीं बताया।

दिनेश के घर में फ़िलहाल उनके भाई हरीश, उनकी एक बहन, हरीश की पत्नी और हरीश का बच्चा रहते हैं। हरीश मेहनत मजदूरी करके लगभग 10 से 15 हजार रुपए महीने कमा कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

न किसी से मदद, न ही कोई माँग

हरीश यादव ने हमें बताया कि दंगे के बाद केस में नाम आने, सजा काट कर 2 साल जेल में बीत गए लेकिन कोई भी उनके परिवार की मदद करने सामने नहीं आया। हरीश ने कहा कि कोर्ट आने-जाने से लेकर फोटोकॉपी और पैरवी तक का हर पैसा उन्हें अपनी जेब से और उसी मेहनत मजदूरी की कमाई में से देना पड़ रहा है, जिससे वो अपने परिवार का गुजारा करते हैं।

हरीश ने हमसे बात करते हुए दुनिया से नाउम्मीदी जताई। उन्होंने बताया कि अब उनकी किसी से भी कोई माँग नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले साल की रिपोर्ट में हमने बताया था कि हरीश की माँ बुधा ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ अपने परिवार को बुरी तरह से मानसिक टॉर्चर करने बल्कि रिश्वत माँगे जाने का भी आरोप लगाया था। तब बुधा देवी (अब स्वर्गीय) ने हमें बताया था कि उनका बेटा बेगुनाह है और सिर्फ पैसे न दे पाने के चलते उसे फँसाया गया था।

बुधा देवी ने हमें यह भी बताया था कि जिस मुस्लिम महिला के लगाए आरोप में उनका बेटा जेल काट रहा है, उसका अपने ही मोहल्ले में कई लोगों से झगड़ा चलता रहता है। पिछले साल हमसे मुलाकात के दौरान दिनेश की माँ ने खुद को शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी से ग्रसित बताया था।

जिस मंत्री की छोटी आँख पर देश है फिदा, उन्हें देखते हैं PM मोदी भी: तारीफ सुन बोले नागालैंड के BJP अध्यक्ष- धन्य हो गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 24 फरवरी, 2023 को मेघालय और नगालैंड के दौरे पर थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान नगालैंड के दिमापुर में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने नगालैंड भाजपा प्रमुख तेमजेन इमना अलॉन्ग की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ सुनने के बाद तेमजेन इमना ने खुद को धन्य बताया है।

पीएम मोदी की तारीफ के बाद तेमजेन इमना ने ट्विटर पर उनका वीडियो शेयर किया। तेमजेन ने लिखा, “गुरुजी ने बोल दिया। बस, हम तो धन्य हो गए।”

प्रधानमंत्री ने की तारीफ

दिमापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि नागालैंड बीजेपी के अध्यक्ष तेमजेन इमना की बातें आज पूरा देश सुनता है। मजा लेता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वे नगालैंड और नॉर्थ ईस्ट को शानदार तरीके से रिप्रजेंट कर रहे हैं। मैं भी सोशल मीडिया में उनको हमेशा देखने की कोशिश करता हूँ।

नागालैंड भाजपा के अध्यक्ष होने के साथ-साथ तेमजेन इमना नगालैंड के हायर एजुकेशन और ट्राइबल मिनिस्टर भी हैं। सोशल मीडिया पर उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की काफी तारीफ होती है। उनके कई पोस्ट खूब वायरल हुए हैं। 23 फरवरी को ही उन्होंने ट्विटर पर खाना खाते हुए एक पोस्ट शेयर किया था। इमना ने पोस्ट के साथ लिखा था, “अच्छा है इलेक्शन के बहाने ही सही…”

जुलाई 2022 में तेमजेन का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने छोटे आँख होने का फायदा गिनवाया था। वीडियो एक कार्यक्रम के दौरान तेमजेन के संबोधन का है। वीडियो में तेमजेन कह रहे हैं, “लोग कहते हैं कि पूर्वोत्तर के लोगों की आँखे बहुत छोटी होती है लेकिन छोटी आँखें होने के बावजूद हम सबकुछ साफ-साफ देख लेते हैं।”वीडियो में तेमजेन आगे कहते हैं कि आँखों के छोटा होने से गंदगी भी नहीं जाती। उन्होंने कहा कि कोई कार्यक्रम बहुत लंबा चलता है तो सो भी जाते हैं और नींद भी पूरी कर लेते हैं।

खौफनाक वीडियो: पंजाब में काट दी हाथ की अंगुलियाँ, CM भगवंत मान से नहीं संभल रही पंजाब की कानून-व्यवस्था?

बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने पंजाब का एक भयावह वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। इसमें कुछ लोग तलवार से एक व्यक्ति की उँगलियाँ काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित व्यक्ति उनसे रहम की गुहार लगाते हुए जोर-जोर से चिल्लाता नजर आ रहा है, लेकिन उन लोगों ने दया नहीं की। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि जब उँगलियाँ पूरी तरह नहीं कटी तो आरोपित उसे हाथ से खींचकर अलग कर देता है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने वीडियो के साथ लिखा, “पंजाब का यह भयानक वीडियो नहीं देख सका। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति भयावह हो गई है। केजरीवाल अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए पंजाब को तालिबानी हुकूमत की ओर ले जा रहे हैं। पंजाब पुलिस, क्या आप सक्रिय हैं?”

खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह की चर्चा हो रही है। अमृतपाल के समर्थकों द्वारा अजनाला थाने पर कब्जे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। इसके बाद सामने आए अब इस वीडियो ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दीं।

यह घटना 9 फरवरी 2023 को पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह (एसएएस) नगर की बताई जा रही है। पुलिस थाना पीएच-1, जिला एसएएस नगर में पहले ही धारा 326, 365, 379बी, 34 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। एक अधिकारी ने दावा किया, “यह आपसी रंजिश का मामला है। अपराधियों की शिनाख्त के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।”

पंजाब में अशांति, अमृतसर में पुलिस पर हमला

गौरतलब है कि हथियारों से लैस खालिस्तान समर्थकों (Khalistan Supporter) ने गुरुवार (23 फरवरी 2023) को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर, उस पर कब्जा कर लिया था। हमलावर अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे।

अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के लिए एक युवक ने अगवा कर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा हश्र करने की धमकी दी है। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के कहने पर पंजाब के अजनाला थाने पर कब्जा करने और फिर पुलिस द्वारा अपनी बात मनवाने के बाद उसकी तुलना कुख्यात जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ होने लगी है।

‘देश कह रहा मोदी तेरा कमल खिलेगा… निराशा में डूबे लोग कह रहे मोदी तेरी कब्र खुदेगी’- कॉन्ग्रेस को PM का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को मेघालय के शिलॉन्ग में रोड शो के बाद एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस समेत विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि निराशा में डूबे लोग कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ और देश कह रहा है कि ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन विकृत मानसिकता रखने वालों को करारा जवाब देगी।

शिलॉन्ग में प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में भारी संख्या में लोग पहुँचे। भीड़ देखकर गदगद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आपके प्यार और आशीर्वाद का कर्ज यहाँ विकास कार्य करके चुकाऊँगा। आपके प्यार को बेकार नहीं जाने दूँगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रोड शो की तस्वीरों ने पूरे देश में संदेश पहुँचा दिया है। कुछ लोग जिन्हें देश ने नकार दिया है और जो निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं वो आजकल माला जपते हैं और कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’, लेकिन देश का कोना कोना कह रहा है- ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। पीएम मोदी ने कहा कि मेघालय की जनता अब बीजेपी के साथ है।

बता दें कि गुरुवार 23 फरवरी 2023 को असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया था। पवन खेड़ा उस वक्त रायपुर जाने के लिए प्लेन में बैठे थे। विमान के टेकऑफ से पहले ही पवन खेड़ा को उतार लिया गया था। इस पर मौजूद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई और धरने पर बैठ गए। पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने के विरोध में कॉन्ग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए थे।

बता दें कि मेघालय में पीएम मोदी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने पहुँचे थे। मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए सभी 60 सीटों पर 27 फरवरी,2023 को वोटिंग होगी। वहीं वोटों की गिनती 2 मार्च, 2023 को होगी।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर बीवी अंजना ने लगाया रेप का इल्जाम, शिकायत दर्ज: Video शेयर कर कहा- ‘ये मेरे बच्चों को मुझसे छीनना चाहता है’

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Bollywood Actor Nawazuddin Siddiqui) और उनकी बीवी आलिया सिद्दीकी उर्फ अंजना किशोर पांडे के बीच ​विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब आलिया सिद्दीकी (Aaliya Siddiqui) ने अभिनेता पर बलात्कार का आरोप लगाया है और पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एक्टर की बीवी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कैप्शन में लिखा, “एक महान एक्टर, जो महान इंसान बनने की कोशिश किया करता है अक्सर। उसकी बेरहम माँ, जो मेरे मासूम बच्चे को नाजायज बोलती है और ये घटिया आदमी चुप रहता है। मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में कल (23 फरवरी 2023) ही इसके खिलाफ रेप की शिकायत (प्रूफ के साथ) दर्ज कराई है। कुछ भी हो जाए, इन बेरहम हाथों में अपने मासूम बच्चों को नहीं जाने दूँगी।”

आलिया वीडियो में रो-रोकर अपना हाल बयाँ कर रही हैं। उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर आरोप लगाया है कि वह उनसे बच्चों को छीनना चाहते हैं। आलिया ने कहा, “नवाज ने कल कोर्ट में एक केस डाला है, जिसमें वो बच्चों की कस्टडी चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ आप लोगों से ये जानना चाहती हूँ कि जिस शख्स ने बच्चों को कभी महसूस ही नहीं किया, ना पेट में महसूस किया, ना बड़े होने तक, उसको पता ही नहीं कि डायपर कितने का आता है, डायपर पहनाते कैसे हैं। उसको ये नहीं पता चला कि बच्चे कैसे बड़े हो गए। 12 साल के कैसे हो गए। किस बच्चे का कपड़ा कब, किस एज में चेंज होता है, उसको कुछ नहीं पता।”

नवाजुद्दीन पर आरोप लगाते हुए आलिया ने कहा, “वो बच्चे मुझसे छीन के अपनी पावर से ये दिखाना चाहता है कि वो बहुत अच्छा बाप है, अच्छा बाप नहीं, वो बुजदिल बाप है, जो एक माँ से उसका बच्चा छीन रहा है। वह अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। तुम पैसों से कितने भी लोगों को खरीद लो, पर मेरे बच्चों को कभी नहीं छीन सकते मुझसे।”

नवाज की बीवी ने आगे कहा, “तुमने मुझे कभी अपनी पत्नी नहीं माना, जबकि मैंने तुम्हें हमेशा अपना पति माना है। मैं हमेशा इस धोखे में रही कि तुम भी मुझे अपनी पत्नी मानते हो। मैं ये सब बर्दाश्त नहीं कर सकती। मैंने तुम्हे अपनी जवानी के दिन से लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण वर्ष दिए।”

उन्होंने कहा, “अभी मैं 40 साल की हूँ। मैं पहले से ही आर्थिक नुकसान झेल रही हूँ। हर तरफ से तुमने मुझे कमजोर करके रखा हुआ है। ये आदमी कितना गिर चुका है। ये अपनी पावर के चलते बौखला गया है। मेरे बेटे को पिता के प्यार का पता भी नहीं है, लेकिन मुझे कानून और अदालत पर पूरा भरोसा है कि फैसला मेरे पक्ष में आएगा।”

गौरतलब है कि नवाजुद्दीन और उनकी बीवी आलिया का पिछले लम्बे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। आलिया ने नवाजुद्दीन और उनकी माँ पर उन्हें टॉर्चर करने का आरोप भी लगाया था। वहीं दूसरी ओर नवाजुद्दीन की माँ ने भी आलिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। आलिया का निकाह से पहले नाम अंजना किशोर पांडे उर्फ अंजली था। उन्होंने नवाज से निकाह के लिए धर्मांतरण किया था। बाद में वह फिर अपना पुराना नाम इस्तेमाल करने लगीं।

रिश्तेदार अरहम ने की जबरदस्ती, शिकायत करने पर शौहर ने तीन तलाक दिया: मुरादाबाद में केस दर्ज, पीड़िता बोली- पोर्न वीडियो दिखाकर करते थे सेक्स

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिला ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष के अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ कई संगीन इल्जाम लगाए हैं। महिला का कहना है कि शौहर अश्लील वीडियो दिखाकर हैवानियत करता था और इनकार करने पर मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने शौहर पर तीन तलाक देने का आरोप भी लगाया है। पीड़िता का कहना है कि एक रिश्तेदार ने उसके साथ बलात्कार भी किया। महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शौहर समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

मामला गलशहीद थाना क्षेत्र का है। जहाँ एक महिला ने शौहर समेत ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता का निकाह कोतवाली इलाके के कोठीवालनगर में कराया गया। निकाह के बाद से ही शौहर, सास, ननद और अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की माँग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की जाती।

पीड़िता का आरोप है कि उसका शौहर उसो स्मार्टफोन में पोर्न फिल्में दिखाता था और उसी तरह से संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। इनकार करने पर उसकी पिटाई की जाती। आरोपों के मुताबिक अरहम नाम के पीड़िता के रिश्तेदार ने 18 फरवरी, 2023 को उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता ने जब इसकी शिकायत अपने शौहर और घरवालों से की तो उल्टे महिला को ही घर से निकाल दिया गया।

घटना के बाद शौहर ने उसे तीन तलाक दे दिया। अंत में पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पीड़िता की शिकायत पर शौहर, रिश्तेदार अरहम और ससुराल पक्ष की तीन महिलाओं के खिलाफ तीन तलाक, दहेज प्रताड़ना, दुष्कर्म और मारपीट से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जाँच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीरियड्स के वक्त नहीं मिलेगी पेड लीव: SC में खारिज हुई याचिका, अदालत ने कहा- ऐसे निर्देशों से महिलाओं को नौकरी में दिक्कत आएगी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान पेड लीव देने वाली याचिका को शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को खारिज कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह सरकारी नीति से संबंधित मामला है। इस तरह के मामले में कोई भी निर्देश देने का मतलब होगा कि महिलाओं की भर्ती में दिक्कत आएगी। लोग उन्हें नौकरी देने से परहेज करेंगे। अदालत ने कहा कि बेहतर यह होगा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संपर्क करें। लिहाजा, यह याचिका खारिज की जाती है।

दिल्ली के रहने वाले शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह याचिका दायर की है। इस याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 के अनुपालन के लिए केंद्र व सभी राज्यों को छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए उनके संबंधित कार्यस्थलों पर मासिक धर्म के दौरान पेड लीव का निर्देश देने की माँग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं और छात्राओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। इस दौरान उन्हें और भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनको पीरियड्स लीव दिए जाने के संबंध में आदेश पारित करना चाहिए।

याचिका में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन द्वारा किए गए एक अध्ययन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि एक मासिक धर्म में महिलाओं को हार्ट अटैक के बराबर दर्द महसूस होता है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि यूनाइटेड किंगडम, चीन, वेल्स, जापान, ताइवान, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन और जाम्बिया जैसे देशों में पीरियड्स लीव दी जा रही है।

बता दें कि स्पेन के सांसदों ने हाल ही में महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेड लीव देने वाले कानून को मंजूरी दी। ऐसा करने वाला स्पेन पहला यूरोपीय देश बन गया है। इस कानून के पक्ष में 185 मत और इसके खिलाफ 154 वोट पड़े थे। वहीं, भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जो 1992 से महिलाओं को मासिक धर्म में दो दिन का विशेष अवकाश दे रहा है।

मुगलों ने सब गलत किया तो ताजमहल और लाल किले को गिरा दो: वेब सीरीज में अकबर बने नसीरुद्दीन शाह के बोल, कहा- वे यहाँ लूटने नहीं बसने आए थे

बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह अपने आने वाले वेबसीरीज ‘ताज- डिवाइडेड बाय ब्लड’ को लेकर चर्चा में हैं। इसको लेकर एक मीडिया हाउस से बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि यदि मुगलों ने सब गलत किया है तो ताजमहल और लाल किले को गिरा देना चाहिए। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि मुगल यहाँ लूट-मार करने नहीं, बल्कि यहाँ बसने आए थे। उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता।

नसीरुद्दीन शाह इस वेबसीरीज में अकबर का किरदार निभा रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बात की। अभिनेता से पूछा गया कि उस देश को आप कैसे देखते हैं, जो यह मानता है कि इसके साथ जो कुछ भी गलत हुआ वह मुगलों के समय में हुआ। नसीरुद्दीन शाह ने जवाब दिया कि यह हैरान करने वाला और हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि लोग अकबर और आक्रमणकारी नादिर शाह या बाबर के परदादा तैमूर के जैसों के बीच के अंतर को नहीं जानते।

अभिनेता ने कहा कि नादिर शाह और तैमूर जैसे लोग यहाँ लूट के लिए आए थे। मुगल यहाँ लूट-मार करने नहीं, बल्कि बसने आए थे। उन्होंने यही किया। उनके योगदान को कौन नकार सकता है? उन्होंने कहा कि मुगलों को हर बात के लिए दोषी ठहरा देना इतिहास के साथ इंसाफ नहीं होगा। हो सकता है कि इतिहास की किताबों में भारतीय संस्कृति की तुलना में मुगलों का महिमामंडन ज्यादा किया गया।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “हमें मुगल बादशाहों, लार्ड हार्डी और कर्नवालिस के बारे में विस्तार से पढ़ाया गया जबकि गुप्त वंश, मौर्य वंश, विजयनगर साम्राज्य, अजंता की गुफाओं, पूर्वोत्तर के इतिहास के बारे में ज्यादा नहीं पढ़ाया गया। क्योंकि, किताबें अंग्रेजों द्वारा लिखी गई थीं, जो की गलत है। हालाँकि, मुगलों को भी लुटेरा या विनाशकारी कहकर खारिज कर देना भी गलत होगा।”

शाह ने आगे कहा कि अगर मुगल इतने ही बुरे थे तो उनका विरोध करने वाले मुगलों द्वारा बनाई गई स्मारकों को गिरा क्यों नहीं देते? नसीरुद्दीन ने कहा कि फिर ताजमहल, लाल किला, कुतुब मीनार को गिरा देना चाहिए। लाल किले को इतना पवित्र नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुगलों का महिमामंडन करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें बदनाम करने की भी जरूरत नहीं है।

जब नसीरुद्दीन शाह से पूछा गया कि क्या देश में इन मुद्दों पर बौद्धिक चर्चा के लिए स्थान है तो उन्होंने कहा कि नहीं, विमर्श अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने टीपू सुल्तान का जिक्र किया और कहा कि एक ऐसा शख्स, जिसने अंग्रेजों को भगाने के लिए अपनी जान दे दी। उसके बारे में पूछा जाता है, “आपको टीपू सुल्तान चाहिए या राम मंदिर? यह कैसा तर्क है? मुझे नहीं लगता कि बहस के लिए कोई जगह है।”

बता दें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2022 को कर्नाटक की एक सभा में कहा था कि तय करें राम मंदिर बनवाने वाले, केदारनाथ-काशी को संवारने वाले को चुनेंगे या टीपू सुल्तान को सिर पर बैठाने वालों को।

नमाज नहीं पढ़ता था 24 साल का बेटा… अब्बा ने हथौड़े से किया वार, चाकू से ली जान: कत्ल करके कहा- ‘मैं बच्चों को पहले भी चेतावनी दे चुका था’

पाकिस्तान के कराची से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ नमाज न पढ़ने पर मुहम्मद सोहेल (Muhammad Sohail) नाम के 24 वर्षीय बेटे को उसके ही अब्बा ने बेरहमी से मार डाला। यह घटना गुलिस्तान-ए-जौहर (Gulistan-e-Johar) इलाके के ब्लॉक 11 की बताई जा रही है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्यारे अब्बा की पहचान हाजी मुहम्मद सईद (Haji Muhammad Saeed) के रूप में हुई है। बुधवार सुबह (22 फरवरी 2023) जब वह (हाजी मुहम्मद) फजर की नमाज से लौटा, तो उसने अपने बेटे को सोते हुए पाया। इसके बाद सईद ने बिना कुछ कहे सोहेल पर हथौड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आरोपित ने दावा किया कि उसने सोहेल सहित अपने सभी बच्चों को समय पर नमाज अदा करने के लिए बार-बार चेताया था, लेकिन सोहेल ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। इस बात से आक्रोशित सईद ने अपना आपा खो दिया और अपने ही बेटे की जान ले ली। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपित को पकड़ लिया। घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किया गया एक हथौड़ा और चाकू बरामद किया गया है।

इसके बाद मुहम्मद सोहेल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (Jinnah Post Graduate Medical Center) ले जाया गया। शाहराह-ए-फैसल थाना पुलिस ने हत्या के मामले में हाजी मुहम्मद सईद (अब्बा) के खिलाफ ​केस दर्ज किया है।

बता दें कि पाकिस्तान इस वक्त गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। देश में महँगाई आसमान छू रही है। इस बीच वहाँ अपराध (Crime) के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, कराची में हत्या और लूट की घटनाओं में काफी तेजी देखी गई है। बीते दिनों कराची में एक ही दिन में तीन हत्याओं (Murders) और नकद छीनने की 36 घटनाओं सहित 140 अपराध की घटनाएँ सामने आईं।

‘खालिस्तान की भावना नहीं दब सकती…’: उधर पंजाब में पुलिस थाना कब्जाने वाला अमृतपाल दे रहा खुली धमकी, इधर AAP मंत्री बोल रहे- CM मान पर विश्वास रखो

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के कहने पर पंजाब के अजनाला थाने पर कब्जा करने और फिर पुलिस द्वारा अपनी बात मनवाने के बाद उसकी गिनती कुख्यात जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ होने लगी है। अमृतपाल ने कहा कि खालिस्तान की भावना बनेगी और उसे दबाया नहीं जा सकता। वहीं, पंजाब की आम आदमी पार्टी के सरकार ने राजनीति शुरू कर दी।

अजनाला थाने पर अमृतपाल के समर्थकों द्वारा कब्जे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार की हर जगह आलोचना हो रही है। वहीं, पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप सिंह ने धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों को राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएम भगवंत मान पर भरोसा रखना चाहिए।

बता दें कि खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह की धमकियों के आगे पंजाब पुलिस ने सरेंडर कर दिया है। अमृतसर के अजनाला थाने पर खालिस्तान समर्थकों के हमले के बाद मीडिया के सामने आए अमृतपाल सिंह ने पहले प्रशासन को 1 घंटे में एफआईआर वापस लेने की धमकी दी थी। उसके बाद किडनैपिंग और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार लवप्रीत तूफान को छोड़ने के लिए 24 घंटों का वक्त दिया।

अमृतपाल सिंह की धमकियों के बाद पंजाब पुलिस का बयान आया। अमृतसर के एसएसपी और पुलिस कमिश्नर ने एक सुर में कहा कि उनको जो सबूत दिए गए हैं, उससे साबित होता है कि लवप्रीत तूफान बेकसूर है और उसे जल्दी ही रिहा कर दिया जाएगा। मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है। कानून अब अपना काम करेगी।

इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में अमृतपाल सिंह ने कहा, “पुनरुद्धार की नहीं, बल्कि यह अस्तित्व की बात है। खालिस्तान टैबू नहीं है और पीड़ा को खत्म करने के लिए यह माँग की जा रही है। मैं खुद को प्रचारक भी नहीं कहता हूँ।” उसने कहा, “राष्ट्रवाद कोई पवित्र चीज नहीं है। लोकतंत्र के अलग-अलग विचार होने चाहिए। बात अमृतपाल की नहीं है। खालिस्तान भावना बनी रहेगी। आप इसे दबा नहीं सकते।”

अमृतपाल ने एफआईआर को मीडिया ट्रायल बताते हुए कहा, “मैं अपनी गरिमा का बलिदान नहीं करूँगा। मैं हिंसक नहीं हूँ। मेरे बारे में साजिश के सिद्धांत तैर रहे हैं। कोई कहता है कि मुझे भाजपा का समर्थन है तो कोई कहता है पाकिस्तान का। मुझे केवल मेरे गुरु साहिब का समर्थन है। मेरी संगत के अलावा कोई मेरा साथ नहीं दे रहा है। मैं राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं हूँ, लेकिन यह एफआईआर मीडिया ट्रायल का हिस्सा है।”

अमृतपाल ने आगे कहा कि वह और उनके समर्थक तब तक हिंसा का रास्ता नहीं चुनेंगे, जब तक कि प्रशासन उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं छोड़ता। उन्होंने कहा, “हम हिंसा चुनेंगे। मुझे पता है की हिंसा हमें और अधिक नुकसान पहुँचाएगी। मैं किसी भ्रम में नहीं हूँ, लेकिन मैं उन्हें हमें बैठकर मारने नहीं दूँगा।”

6 जून 1984 में ऑपरेशन ब्लूस्टार के तहत इंदिरा गाँधी के निर्देश पर मारे गए खालिस्तानी जनरैल सिंह भिंडरावाले से तुलना करने के बारे में पूछे जाने पर अमृतपाल सिंह ने कहा, “यह मेरी सामान्य पोशाक है। यह भिंडरावाले पर आधारित नहीं है।”