Home Blog Page 2016

महाशिवरात्रि पर रोकी शिव बारात, कट्टर मुस्लिमों ने दी भक्ति गाने पर माँ-बहन की गालियाँ: एक्शन में MP पुलिस

महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा (Chhindwara, Madhya Pradesh) में साम्प्रदायिक तनाव हो गया। शिव बारात में बज रहे DJ को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने जबरन बंद करवा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में गाली-गलौच और झड़प भी हुई।

शिव बारात निकालने के दौरान किए गए हंगामे से नाराज हिंदूवादी संगठनों ने थाने के आगे धरना दिया। उन्होंने आरोपितों के कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी अविलंब गिरफ्तारी की माँग की। घटना शनिवार (18 फरवरी 2023) की है। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला छिंदवाड़ा के थाना क्षेत्र चाँद का है। यहाँ स्थित लालगाँव क्षेत्र को मिश्रित आबादी वाला है। बताया जा रहा है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवभक्तों ने एक बड़ी रैली निकाली थी, जो छिंदवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजर रही थी।

जुलूस में आगे चल रहे DJ पर धार्मिक गाने बज रहे थे। आरोप है कि लालगाँव में कुछ मुस्लिम युवकों ने जुलूस को रोक लिया और DJ वाले व्यक्ति से गाली-गलौज करने लगे। जब जुलूस में शामिल अन्य श्रद्धालुओं ने इस हरकत का विरोध किया तब उनके साथ भी अभद्रता की गई।

बताया जा रहा है कि इस हरकत से माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग उस वाहन वाले को गंदी-गंदी गालियाँ देते देखे जा सकते हैं, जिस पर DJ और जेनरेटर बँधा हुआ है।

वीडियो में एक आरोपित ने नीली टी-शर्ट पहन रखी है। वहीं, दूसरा आरोपित सफेद शर्ट में दिखाई दे रहा। ये सभी श्रद्धालुओं को फ़ौरन वहाँ निकल जाने के लिए कह रहे हैं। पुलिस इन दोनों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

इसी घटना से संबंधित एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। इसमें कई लोगों की भीड़ को पुलिस स्टेशन के आगे देखा जा सकता है। भीड़ में शामिल हिन्दू संगठन आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

इसके अलावा, एक और वीडियो में हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों द्वारा रविवार (19 फरवरी 2023) को दोपहर 12 बजे शिव की अधूरी यात्रा उसी लालगाँव से पूरी करने का आह्वान किया जा रहा है। इस आह्वान में हर गाँव और कस्बे के लोगों को अपने-अपने साधनों से शामिल होने के लिए कहा गया है।

बताया जा रहा है कि मौके पर भारी पुलिस बल लगा दिया गया है। छिंदवाड़ा में ही आज रविवार (19 फरवरी 2023) को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के आने का भी कार्यक्रम है।

जावेद अख्तर गए पाकिस्तान, ‘सभी मूर्तियों को हटा… केवल अल्लाह का नाम रहेगा’ वाले फैज फेस्टिवल में: नेटीजेंस ने कहा- वहीं रख लो, बदले में देंगे आटा

अक्सर विवादों में रहने वाले बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) तीन दिवसीय फैज़ फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए हैं। इस शो में दुनिया भर के कई देशों के लोग शामिल हो रहे हैं। इस कार्यक्रम में 60 से अधिक अलग-अलग शो आयोजित होंगे जिसमें चर्चा, डांस, नाटक आदि शामिल हैं।

भारत में अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले जावेद अख्तर पाकिस्तान में अपनी एक किताब का विमोचन भी करेंगे। इसके साथ वो एक मुशायरे में भी हिस्सा लेंगे। शनिवार (18 फरवरी 2023) को पाकिस्तानी पत्रकार और वहाँ के क्रिकेट विशेषज्ञ फरीद खान ने जावेद अख्तर की लाहौर में मौजूदगी की फोटो शेयर की है।

फरीद खान के मुताबिक, जावेद अख्तर पाकिस्तान के फैज़ फेस्टिवल में 5 साल पहले भी शामिल हो चुके हैं। तस्वीर में जावेद कुछ अन्य लोगों के साथ दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक सिख व्यक्ति भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम को पाकिस्तान का साहित्यिक सम्मेलन भी कहा जाता है।

जावेद अख्तर ने इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए वीसा का आवेदन दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। जावेद अख्तर के साथ कुछ अन्य भारतीय भी लाहौर गए हैं। हालाँकि, उन अन्य लोगों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

फैज़ फेस्टिवल की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। इसका आयोजन पाकिस्तान स्थित फैज़ फाउंडेशन ट्रस्ट अलहमरा आर्ट्स कौंसिल इन लाहौर के साथ साझीदारी में करता है। बता दें कि ये वही फैज अहमद हैं, जिन्होंने विवादास्पद ‘हम देखेंगे, लाजिम है हम भी देखेंगे…’ लिखा था। 

उनके नज्म के बोल इस तरह हैं– “लाजिम है कि हम भी देखेंगे, जब अर्ज-ए-खुदा के काबे से, सब बुत उठाए जाएँगे, हम अहल-ए-वफा मरदूद-ए-हरम, मसनद पे बिठाए जाएँगे। सब ताज उछाले जाएँगे, सब तख्त गिराए जाएँगे। बस नाम रहेगा अल्लाह का। हम देखेंगे।”

इस नज्म को फैज ने 1979 में सैन्य तानाशाह जिया-उल-हक के संदर्भ में और पाकिस्तान में सैन्य शासन के विरोध में लिखी थी। जिसके बाद फैज अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई सालों तक जेल में रहे थे। भारत मे अक्सर देश विरोधी और हिंदू विरोधी प्रोपगेंडा में इस नज्म का प्रयोग किया जाता है।

चित्र साभार- @_FaridKhan

वहीं, फरीद खान द्वारा जावेद अख्तर की पाकिस्तान में मौजूदगी पर नेटीजेंस ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। कोलंबस नाम की प्रोफ़ाइल से जावेद अख्तर के बदले पाकिस्तान की गायिका मोमिना मुस्तेशान की माँग की गई है। अनिल नाम के यूजर ने फरीद को लिखा है कि वो जावेद अख्तर को वहीं रहने के लिए हर महीने 100 किलो आटा पाकिस्तान भेजते रहेंगे।

प्रशांत गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा कि रख लो वापस मत भेजना। अभिषेक का कहना है कि अगर अगर पाकिस्तानियों द्वारा जावेद अख्तर को वहीं रख लिया जाता है तो उन्हें गिफ्ट में अरविन्द केजरीवाल और राहुल गाँधी भी दे दिए जाएँगे। केशव अरविन्द ने ऐसा करने पर आमिर और शाहरुख़ को उपहार के तौर पर भेजने की बात कही है।

बाप को पकड़ने गई राजस्थान पुलिस, बच्चे को मार डाला: माँ ने कहा- प्रेगनेंट बहू के पेट में मारी लात, मुँह से खून फेंक शिशु की गर्भ में ही मौत – राजस्थान पुलिस ने नकारा

ताज़ा अपडेट: राजस्थान पुलिस ने इस घटना को नकार दिया है। भरतपुर के पुलिस अधीक्षक ने दावा किया है कि पुलिस आरोपित के घर के भीतर नहीं गई थी। उन्होंने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि पुलिस आरोपित के भाइयों से पूछताछ कर के वापस लौट आई थी। नूह के एसपी ने इसे एक दुःखद घटना बताते हुए कहा कि हरियाणा और राजस्थान की पुलिस इस मामले में समन्वय के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एडिशनल एसपी से मामले की जाँच करवाई जा रही है।

हरियाणा के भिवानी में दो कथित मुस्लिमों की मिली लाश के मामले में राजस्थान की पुलिस जाँच कर रही है। इस दौरान पुलिस ने इस केस में आरोपित बनाए गए श्रीकांत पंडित की गर्भवती पत्नी को पुलिस ने इतना मारा कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। श्रीकांत की माँ का कहना है कि पुलिसकर्मी ने उनकी बहू की पेट पर लात मार दी। इससे बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई।

राजस्थान पुलिस ने श्रीकांत पंडित के घर पर रेड की थी। वह श्रीकांत के ठिकाने के बारे में जानकारी लेने के लिए परिजनों को प्रताड़ित कर रही है। इसी दौरान महिलाओं के साथ मारपीट करने की बात सामने आई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस अपने साथ श्रीकांत के दो भाई विष्णु और राहुल को उठाकर ले गई है। उनके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। परिजनों की शिकायत के बाद अब हरियाणा पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की है।

दरअसल, दो मुस्लिमों की मिली लाश के मामले में पुलिस गौरक्षक मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव को मुख्य आरोपित बनाई है। इसके साथ ही रिंकू सैनी और श्रीकांत पंडित सहित अन्य लोगों को मोनू मानेसर की ग्रुप के होने के नाम पर खोजबीन कर रही है। उधर, मोनू का कहना है कि उसे इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त वह गुरुग्राम के एक होटल में था, जिसका फुटेज मौजूद है।

बता दें कि मोनू मानेसर को पहले भी कुछ मुस्लिमों की मौत के मामले में आरोपित बनाया गया था, लेकिन वे केस झूठे साबित हुए। वहीं, गौरक्षा को लेकर सक्रियता के कारण मोनू गोतस्करों के निशाने पर रहे हैं। साल 2019 में उनकी हत्या की कोशिश भी हो सकती है। उन्हें गोतस्करों की गोली लगी थी, लेकिन वे अपनी सक्रियता कम नहीं किए।

श्रीकांत पंडित को मोनू मानेसर का साथी बताते हुए राजस्थान पुलिस उनकी खोजबीन शुरू कर दी। श्रीकांत की माँ दुलारी ने बताया कि 16 फरवरी को सुबह 3 बजे राजस्थान पुलिस के करीब 40 लोग उनके घर आ धमके। उन्होंने परिवार को डरा-धमकाकर जबरन घर के गेट खुलवाए और अंदर घुस गए।

श्रीकांत की माँ ने बताया कि घर में घुसते ही राजस्थान पुलिस श्रीकांत के बारे में पूछने लगी। इसके बाद उन्होंने बताया कि श्रीकांत घर पर नहीं है। इतना सुनकर पुलिसकर्मी भड़क गए और परिजनों को गालियाँ देने लगे। जब परिवार की महिलाओं ने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कहा तो वे उनसे मारपीट करने लगे। वे घर के सदस्यों को पीटते हुए कमरे की तलाशी शुरू कर दी।

दुलारी का कहना है कि इस दौरान राजस्थान पुलिस के कर्मियों ने एक कमरे में श्रीकांत की गर्भवती पत्नी कमलेश को देखा और उसे धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद उसके पेट पर लात मार दी। मारपीट की वजह से वह दर्द से तड़पने लगी। इसके बाद परिवार अस्पताल लेकर गया, जहाँ कमलेश की बिगड़ती हालत को देखकर डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके बच्चे को निकाला। दुलारी का कहना है कि बच्चा मृत निकला और उसके मुँह से खून निकल रहा था।

दुलारी का कहना है कि उनकी बहू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वह ICU में भर्ती है। उन्होंने राजस्थान पुलिस पर गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में दुलारी ने नूँह जिले के नगीना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने एसपी से भी इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है। इसके बाद हरियाणा पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।

मोनू मानेसर को लेकर दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने

उधर मोनू मानेसर को लेकर राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस आमने-सामने आ गई है। राजस्थान की दो मुस्लिमों की कथित हत्या के मामले में मोनू को खोज रही है। वहीं, हरियाणा पुलिस गुरुग्राम के पटौदी में हुए मारपीट व फायरिंग के केस में मोनू को ढूँढ रही है। दोनों राज्यों की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। हालाँकि, मोनू को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

दरअसल, 7 फरवरी 2023 को पटौदी थाना में मारपीट और फायरिंग को लेकर एक FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें एक समुदाय की लड़की द्वारा दूसरे समुदाय के लड़के के साथ शादी करने से जुड़ा मामला था। यह घटना सामने आने के बाद हंगामा हो गया था। कहा जाता है कि मोनू अपने साथियों के साथ पटौदी पहुँचकर मारपीट और फायरिंग की थी। इसमें मोइन नाम के एक युवक को गोली लग गई थी और वह घायल हो गया था।

जहन्नुमी औरत.. शिर्क करने वालों को अल्लाह माफ़ नहीं करता… सारा अली खान ने की महाशिवरात्रि की पूजा तो भड़के मुस्लिम, कहा – मूर्ति पूजा हराम था, हराम रहेगा

सैफ अली खान की बेटी और बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान ने महाशिवरात्रि के अवसर पर इंस्टाग्राम में कुछ फोटोज अपलोड की हैं। इन फोटोज में सारा भगवान भोलेनाथ के मंदिर में दिखाई दे रहीं हैं। इसको लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई है। तस्वीरों में सारा अली खान ध्यान में मग्न और पूजा करती हुई दिख रही हैं।

सारा अली खान ने इंस्टाग्राम पर अपनी फोटोज को ‘जय भोलेनाथ’ के कैप्शन के साथ पोस्ट किया था। यही नहीं उन्होंने, कैप्शन में ॐ, त्रिशूल की इमोजी लगाते हुए और महाशिवरात्रि और हर हर महादेव हैशटैग का उपयोग किया।

सारा की इस पोस्ट पर, Muqadas977 नामक यूजर ने लिखा है, “कौन कहता है कि ये मुस्लिम है। शिर्क करने वालों को अल्लाह कभी माफ नहीं करता। सिर्फ इबादत करना इस्लाम नहीं है। इस्लाम में पर्दा भी लाज़िमी है। इसका सिर्फ नाम मुस्लिम वाला है और कुछ नहीं।”

sitara__20 नामक यूजर ने लिखा, “जो अपने धर्म की ही नहीं ही सकती, वो किसकी होगी।”

syed_shifa14 नामक यूजर ने लिखा, “जहन्नुमी औरत”।

Haadu_hamid नामक यूजर ने लिखा, “BC हो तुम अपना नाम जय रखो। सा* तुम पर मुस्लिम नाम अच्छा नहीं लगता।”

alamansari2863 नामक यूजर ने लिखा, “तुम काफ़िर हो तुम्हारे ऊपर मुस्लिम नाम अच्छा नहीं लगता।”

‘fahad29420’ नामक यूजर ने लिखा, “अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है। अल्लाह सबका मालिक है। मूर्ति पूजा हराम है और हराम ही रहेगा”

वहीं, Shivam_mishra5807 नामक यूजर ने लिखा, “एक भी मुस्लिम सारा की तारीफ नहीं कर रहा। यह दिखाता है कि ये लोग सबको एक जैसे नहीं समझते। ये लोग सबको काफ़िर समझते हैं। सेक्युलरिज्म जैसी कोई चीज नहीं है। इन्हें कोई भी पढ़ा लिखा नहीं सकता।”

‘शराब के नशे में थे पृथ्वी शॉ, मैं उन्हें जानती तक नहीं’: पुलिस हिरासत में भेजी गई इंस्टाग्राम मॉडल सपना गिल, भोजपुरी फिल्मों में कर चुकी है काम

सड़क पर हुई हाथापाई का वीडियो वायरल होने के बाद अब अदालत में इंस्टाग्राम मॉडल सपना गिल ने कहा है कि वो क्रिकेटर पृथ्वी शॉ को जानती भी नहीं हैं उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि घटना के वक्त सलामी बल्लेबाज ने शराब पी रखी थी। इस मामले में अब तक 3 लोगों को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि 5 फरार हैं। आरोपित सपना गिल को अँधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें सोमवार (20 फरवरी, 2023) तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

इंस्टाग्राम पर सपना गिल के 2.26 लाख फॉलोवर्स हैं। साथ ही वो अन्य वीडियो प्लैटफॉर्म्स जोश, यूट्यूब और स्नैपचैट पर भी लोकप्रिय हैं। चंडीगढ़ की सपना गिल फ़िलहाल मुंबई में रहती हैं। इंस्टाग्राम पर वो अनेक प्रकार की ड्रेस में तस्वीरें और डांस वीडियोज शेयर करती हैं। इंस्टाग्राम पर 1500 के करीब पोस्ट कर चुकी सपना गिल भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के साथ भी काम कर चुकी हैं। 2021 में उन्हें ‘मेरा वतन’ फिल्म में देखा गया था।

वो ‘काशी अमरनाथ’ और ‘निरहुआ चलल लंदन’ जैसी फिल्मों में भी दिखी थीं। आरोप है कि पृथ्वी शॉ ने उनके साथ और सेल्फी लेने से मना कर दिया था, जिसके बाद सपना गिल ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर बेसबॉल बैट से उनकी कार पर हमला कर दिया। सपना गिल का कहना है कि क्लब में पार्टी के दौरान पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों ने मारपीट की। जबकि शॉ के दोस्त का कहना है कि 50,000 रुपए भी धमकी देकर माँगे गए थे।

अदालत में सपना गिल ने दावा किया कि वो न पृथ्वी शॉ को जानती हैं, न ही उन्हें कहीं देखा है और न ही उन्होंने सेल्फी के लिए किसी प्रकार का कोई निवेदन किया था। गिल के वकील ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दावा किया कि पृथ्वी शॉ पहले से शराबी रहे हैं और BCCI ने उन्हें इसीलिए बैन भी किया था। सपना गिल का कहना है कि उस समय वो दो ही लोग थे, जबकि शॉ की तरफ से 8 लोग थे। सपना गिल का दोस्त शोभित ठाकुर अब भी फरार है।

पृथ्वी शॉ के दोस्त आशीष यादव ने सपना गिल समेत 8 लोगों पर FIR दर्ज कराई है। इनके खिलाफ ओशिवारा पुलिस थाने में IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-143 (गैर-कानूनी ढंग से जुटान), 148 (दंगेबाजी), 384 (रंगदारी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि, सपना गिल का कहना है कि उन्हें फँसाया जा रहा है। शिकायतकर्ता आशीष यादव, पृथ्वी शॉ के फ्लैटमेट भी हैं। शॉ 13 अंतरराष्ट्रीय और 63 IPL मैच भी खेल चुके हैं।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को जब्त करेगी केंद्र सरकार, भड़के AAP विधायक अमानतुल्लाह ने कहा – नहीं होने देंगे कब्ज़ा: विहिप पहुँची थी HC

केंद्र सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) से जुड़ी 123 संपत्तियों को अपने अधिकार में लेने का ऐलान किया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड की इन संपत्तियों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह शामिल हैं। केंद्र के इस फैसले पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने कहा है कि वह सरकार को इन संपत्तियों पर कब्जा नहीं करने देंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वक्फ बोर्ड की यह संपत्तियाँ केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के कब्जे में रहेंगी। इस मामले में, उप भूमि और विकास अधिकारी ने 8 फरवरी, 2023 को वक्फ बोर्ड को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को सभी मामलों से ‘मुक्त’ करने के बारे में कहा गया है।

दिल्ली वक्फ बोर्ड की संपत्ति में इस कब्जे को लेकर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय ने कहा है कि रिटायर्ड जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में गैर-अधिसूचित वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर कहा गया है कि उसे दिल्ली वक्फ बोर्ड से कोई प्रतिनिधित्व या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। भूमि एवं विकास कार्यालय के पत्र के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने इस समिति का गठन किया था।

अमानतुल्लाह खान ने किया विरोध…

दिल्ली वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को जब्त करने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक और बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) ने कहा है कि वह संपत्तियों पर कब्जा नहीं होने देंगे। अमानतुल्लाह ने ट्वीट कर कहा है, “अदालत में हमने 123 वक्फ संपत्ति पर पहले ही आवाज उठाई है। उच्च न्यायालय में हमारी रिट याचिका संख्या 1961/2022 लंबित है। कुछ लोगों द्वारा इस बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। इसका सबूत आप सबके सामने है। हम वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होने देंगे।”

अमानतुल्लाह खान ने शुक्रवार (18 फरवरी 2023) को केंद्रीय मंत्रालय के उप भूमि और विकास अधिकारी को दिए जवाब में कहा है कि दो सदस्यीय समिति के गठन के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जनवरी 2022 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मुस्लिम इन 123 संपत्तियों का उपयोग कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड की तरफ से नियुक्त प्रबंध समिति या मुतवल्ली इन सभी संपत्तियों की देखरेख करते हैं।

बता दें कि ये सभी संपत्तियाँ कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी गईं थीं। इन संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को देने को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अगस्त 2014 में हाई कोर्ट ने आदेश का पालन करते हुए मंत्रालय ने हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने ही दिल्ली वक्फ बोर्ड के सभी हित धारकों और प्रभावितों के पक्ष को सुनते हुए रिपोर्ट जारी की है।

‘3 दरवाजे तोड़ घर में घुस गई झारखंड पुलिस, पीट-पीट कर सिर फोड़ डाला’: पलामू के पत्रकार कमलेश सिंह ने बयाँ किया दर्द, महाशिवरात्रि से पहले हुई थी हिंसा

जहाँ एक तरफ पलामू में महाशिवरात्रि से पहले मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया, जिसके बाद वहाँ की पुलिस पर हिन्दू समाज के विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ अब झारखंड पुलिस पर एक पत्रकार के साथ बर्बरता करने का आरोप लगा है। आरोप है कि झारखंड पुलिस ने ‘पलामू TV’ और ‘जोहार झारखंड’ नामक मीडिया संस्थानों के लिए काम करने वाले पत्रकार कमलेश कुमार सिंह को घसीट-घसीट कर मारा।

बताया जा रहा है कि झारखंड पुलिस की पिटाई से कमलेश कुमार सिंह का सिर फूट गया है। जब उनके घर की महिलाएँ पुलिस के सामने दहाड़ मार कर रोने लगीं और मिन्नतें करने लगीं, तो उन्हें लहूलुहान अवस्था में छोड़ कर पुलिस वाले वहाँ से चले गए। पीड़ित पत्रकार ने ऑपइंडिया से बात करते हुए आपबीती सुनाई है। जहाँ ‘जोहार झारखंड’ एक अख़बार (प्रिंट मीडिया संस्थान) है, वहीँ ‘पलामू टीवी’ एक यूट्यूब चैनल है। कमलेश पिछले 6-7 महीने से पत्रकारिता कर रहे हैं, यानी इस क्षेत्र में उनकी शुरुआत ही है और उनके साथ ये हादसा हो गया।

उन्होंने जानकारी दी कि पलामू में संघर्ष के बाद धारा-144 लगाई गई और लोग इधर-उधर छिपने लगे, तो इस दौरान वो भी अपने घर चले गए। बकौल कमलेश कुमार सिंह, उन्होंने अपनी आईडी वगैरह घर में रख दी और बाहर निकले तो पुलिस वाले उन्हें खदेड़ना लगे। उनका कहना है कि अब वो घर में छिपे हुए थे, उस समय पुलिस-प्रशासन उनके घर में घुस गया और उनकी पिटाई की गई। साथ ही उनके साथ दो-तीन लोग थे, उनकी भी पिटाई की गई।

पांकी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंद्रपुर के रहने वाले कमलेश कुमार सिंह ने ऑपइंडिया से बताया, “पुलिस ने मुझे इतना पीटा कि मैं उन्हें बता ही नहीं सका कि मैं पत्रकार हूँ। उस समय माइक या आईडी कार्ड मेरे पास नहीं थे। जब महिलाएँ रोने लगीं तो मुझे छोड़ दिया गया। पुलिस लोगों को खदेड़ते हुए 2 किलोमीटर से भी आगे बढ़ गई। पुलिस वाले आवेश में थे और जो बीच में आए उसे पीट रहे थे। इतने डंडे मुझे पड़े हैं कि मैं बता नहीं सकता।”

उन्होंने बताया कि इस पिटाई में उनका सिर भी फूट गया था, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए उन्हें डाल्टनगंज तक जाना पड़ा। कमलेश सिंह ने बताया कि दोनों तरफ से पत्थर चल रहे थे, उस दौरान भी उन्हें चोटें आईं। उसके बाद पुलिस ने उन्हें पीटा। उन्होंने बताया कि उनके साथ गाँव के ही पड़ोसी थे। उन्होंने कहा कि अगर उनका सिर नहीं फटता तो पुलिस उन्हें नहीं छोड़ती और साथ ले जाती। उन्होंने ‘जोहार झारखंड’ के संपादक को इसकी सूचना दी, लेकिन कॉल कट गया।

क्या एक पत्रकार के साथ इस तरह की व्यवहार के संबंध में वो शिकायत करेंगे? इस सवाल के जवाब में पत्रकार ने कहा कि यहाँ अभी इंटरनेट नहीं चल रहा है, ऐसे में वो एक ट्वीट तक नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें पीटने के लिए 3 दरवाजे तोड़ डाले, छतों पर चढ़-चढ़ कर लोगों को निकाला गया और पीटा गया। कमलेश ने बताया कि उस समय ऐसा डर बैठ गया था कि उन्होंने मौके पर घायल अवस्था में अपनी कोई तस्वीर नहीं ली, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण वो अपलोड नहीं कर सके।

पलामू में महाशिवरात्रि से पहले हुई थी हिंसा, मुस्लिम भीड़ को ‘तोरण द्वार’ से दिक्कत

झारखंड के पलामू में इसी माह 14 फरवरी को हुई हिंसा में पुलिस को महबूब खान नाम के आरोपित की तलाश है। बताया जा रहा है कि हमले की शुरुआत में तोरण लगा रहे हिन्दुओं पर हमले की शुरुआत उसी ने की थी। वहीं पलामू में जिस महाशिवरात्रि को हिन्दू समुदाय धूमधाम से मनाना चाहता था, वो अब बंदूकों के साये में धारा-144 के अंतर्गत चल रही है। हालात तनावपूर्ण, लेकिन सूनसान और प्रशासन के नियंत्रण में हैं। अब तक 13 गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

एक दिन पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए घटना के चश्मदीद होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने पहला हमला तोरण द्वार का विरोध कर रहे मुस्लिमों की तरफ से होने की जानकारी दी थी। तब नाम न उजागर करने की शर्त पर उन्होंने कहा था कि तोरण द्वारा का विरोध करने वाले मोबाइल दुकानदार कलीम अपने साथी महबूब के साथ 50-60 लोगों को बुला कर अचानक ही हमला कर दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ था। अब पुलिस उसी महबूब खान की तलाश में है।

‘दिवालिया हो गया है पाकिस्तान’: इस्लामी मुल्क के रक्षा मंत्री का ऐलान, कहा – 1500 एकड़ का गोल्फ क्लब बेच कर चुका सकते हैं 25% कर्ज

पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से जुझ रहा है। उस पर कंगाल होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कह दिया कि उनका मुल्क दिवालिया हो चुका है, वह एक दिवालिया देश के रहने वाले हैं। उन्होंने यह बयान शनिवार (18 फरवरी, 2023) को दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के सियालकोट में एक प्राइवेट कॉलेज के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “आपने सुना होगा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट या दिवालिया होने वाला है। एक मेल्टडाउन होगा, लेकिन यह पहले ही दिवालिया हो चुका है। हम सब दिवालिया देश में रह रहे हैं।”

ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान की समस्याओं का हल देश में ही है। लेकिन पाकिस्तान आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की ओर देख रहा है। वह इसमें कोई मदद नहीं कर सकता। उन्होंने कहा है कि देश 1500 एकड़ सरकारी जमीन पर गोल्फ क्लब बनाए गए। अब अगर पाकिस्तान अपने दो गोल्फ क्लब को भी बेच देता है तो एक चौथाई कर्ज उतर जाएगा।

इमरान खान सरकार पर आरोप मढ़ते हुए उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान के संविधान को बार-बार नज़रअन्दाज़ किया गया है। डेढ़ साल पहले आतंकवादियों को देश में बसने दिया गया और खतरनाक खेल खेले गए। वहीं, आलोचकों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। 

बता दें कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने की स्थिति में है। लगातार गिरावट के बाद पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 300 करोड़ डॉलर ही बचा हुआ है। माना जा रहा है कि यदि स्थितियाँ ऐसी ही रहीं तो पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार आगामी 3 हफ़्तों में समाप्त हो जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद IMF (विश्व मुद्रा कोष) पर टिकी हुई है। यदि समय रहते IMF ने पाकिस्तान को सहायता नहीं दी तो पाकिस्तान दिवालिया हो सकता है।

3 बार दिवालिया हो चुका है पाकिस्तान

गौरतलब है कि पाकिस्तान अब तक कुल 3 बार दिवालिया हो चुका है। पाकिस्तान पहली बार दिवालिया साल 1971 में हुआ था। तब भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। इसके बाद पाकिस्तान को मजबूरन खुद को दिवालिया घोषित करना पड़ा था। यही नहीं, साल 1998 में, परमाणु परीक्षण करने के बाद पाकिस्तान फिर से दिवालिया हो गया था। उस समय पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध लगे थे। इससे उसे विदेशी सहायता मिलना बंद हो गई थी।

वहीं, साल 2002 में एक बार फिर पाकिस्तान अपने नेताओं की गलतियों यानी राजनीतिक और आर्थिक हालतों के चलते दिवालिया हुआ था।

‘महमूद ने नापाक कमीनों को मार डाला’… 50000+ हिन्दुओं का नरसंहार, स्त्रियों का जौहर: महाशिवरात्रि पर याद कीजिए सोमनाथ विध्वंस, हमें पढ़ाया – गजनी धन लूटने आया था

शिवरात्रि पर प्रत्येक हिन्दू सोमनाथ-विध्वंस को याद करे। सोमनाथ हिन्दुओं के लिए देवालय ही नहीं, अपितु स्वयंबोध एवं शत्रुबोध का प्रमुख स्थल भी है। गज़नी का महमूद, हिन्दुओं से नहीं बल्कि हिन्दुओं के देव, महादेव से युद्ध करने निकला था। उसने सोमनाथ को खंडित किया और मंदिर के शिवलिंग को गजनी की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगवा दिया, ताकि प्रत्येक मुसलमान शिवलिंग पर पैर रखकर मस्जिद में प्रवेश करे।

आश्चर्य है कि महमूद की मजहबी मानसिकता को जानते हुए भी हमारे देश के मक्कार इतिहासकारों ने हमें पढ़ाया कि वह तो केवल धन लूटने आया था। सोमनाथ की रक्षा में पचास हजार से अधिक हिन्दू पुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दी और जगह-जगह हिन्दू स्त्रियों ने जौहर किए। हिन्दू समाज अपने प्राणों का मूल्य जानता था। वह धन के लिए कभी इतना लालची नहीं रहा कि अपने प्राण त्याग दे। इसलिए, धन के लिए स्त्रियाँ अपने बच्चों सहित स्वयं को अग्नि में समर्पित कर रही थी – ऐसा विचार हास्यास्पद ही नहीं अपितु मूर्खतापूर्ण भी है।

महमूद के इतिहासकार अल-उतबी ने सोमनाथ विध्वंस पर लिखा है, “महमूद ने मंदिरों में मूर्तियों को तोड़कर इस्लाम की स्थापना की। नापाक कमीनो (हिन्दुओं) को मार डाला, मूर्ति-पूजकों को तबाह किया और मुस्लिमों को गौरवान्वित किया।”2  महमूद की फ़ौज का एक मात्र मकसद हिन्दू धर्म को समाप्त करना था। इसके लिए देवालयों का विध्वंस, पुरुषों की हत्या, स्त्रियों का बलात्कार एवं कमजोर हिन्दुओं का जबरन धर्मांतरण – ये उसके प्रमुख हथियार थे।

गज़नी के पहले कासिम ने जिस प्रकार से राजा दाहिर की हत्या के बाद सिंध की हिन्दू महिलाओं को निर्वस्त्र कर भोजन एवं मदिरा परोसने के लिए बाध्य किया और दाहिर की पुत्रियों को ख़लीफ़ा हज्जाज की भोग-दासी बनाने के लिए मजबूर किया, वह हिन्दू समाज के लिए इस्लामी मानसिकता का पहला परिचय था। हिन्दू समाज ने उस घटना को हल्के में लिया, नतीजतन हिन्दुओं को अपनी आँखों के सामने सोमनाथ को खंडित होते देखना पड़ा।

लेकिन, सोमनाथ-विध्वंस का एक सकारात्मक असर यह हुआ कि भारतीय समझ गए कि शत्रु कौन है और हिन्दू कौन है। सभी हिन्दू रजवाड़े, जैन, ब्राम्हण, व्यापारी, आदिवासी-भील, एक हो गए और चालुक्य राजा भीमदेव के साथ आ गए। भृगुकच्छ के दादा चालुक्य, जूनागढ़ के रत्नादित्य, कच्छ के कमा लखाणी, आबू के परमार, सिंध के जाट सभी ने महमूद के संहार को अपना परम मनोरथ समझ लिया। हिन्दुओं की इतनी बड़ी सेना के भय से महमूद मार्ग बदलकर मनशूरा से मुल्तान लौटा।

उस मार्ग में पानी व भोजन के अभाव में उसकी आधी सेना ने दम तोड़ दिया और शेष सैनिकों का सिंध के जाटों ने नरसंहार किया। भीमदेव ने पाटण पहुँचते ही मंदिर को पुनः बनवाकर भगवान सोमनाथ की स्थापना करने की आज्ञा दी। और कुछ महीनों में जिस प्रकार सतयुग में सोम ने, त्रेता में रावण ने और द्वापर में श्रीकृष्ण ने इस मंदिर का स्थापन किया था, उसी प्रकार चालुक्य-श्रेष्ठ ने वह कलयुग में कर दिखाया।सोमनाथ के इतिहास से शत्रुबोध होता है कि इस्लामियों का लक्ष्य सरकार बदलना नहीं, अपितु हिन्दू धर्म को समाप्त करना है।

उनके शत्रु हम नहीं हमारे महादेव हैं। इसी इतिहास से हमें स्वयंबोध भी होता है कि हम तब तक ही सुरक्षित हैं जबतक एक हैं। हम एक रहेंगे तो ना हमारी भूमि खंडित होगी, ना हमारे मंदिर, ना हमारे महादेव। 

मोहम्मद जुनैद ने साथियों संग मिल कर 2 दलित युवकों को पीटा, जातिसूचक शब्द कह कर दी गाली: बचाने आई माँ को भी कर दिया घायल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक दलित व्यक्ति की मोहम्मद जुनैद और उसके साथियों पर अपनी पिटाई का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसके बेटे को जाति-सूचक शब्द बोले गए और धमकी दी गई है। यह विवाद आरोपित की कार में पीड़ित की बाइक से छू जाने से शुरू हुआ है। गुरुवार (16 फरवरी, 2023) को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (9 फरवरी 2023) की है।

यह मामला प्रयागराज के नवाबगंज थानाक्षेत्र का है। यहाँ शिवमूरत अपने परिवार के साथ मंसूराबाद इलाके में रहता है। पीड़ित का आरोप है कि 9 फरवरी को उनका बेटा दिलीप अपने पडोसी अरविन्द सरोज के साथ बाइक से कहीं जा रहा था। इसी दौरान गाँव खनसाह पूरा के रजीउल्लाह का बेटा जुनैद अपनी कार से उसी रास्ते में पड़ने वाली गली से गुजरा। जुनैद की गाड़ी दिलीप की बाइक से टकरा गई। इस पर दिलीप के पीछे बैठे अरविन्द ने जुनैद को देख कर कार चलाने की नसीहत दी।

पीड़ित का आरोप है कि इस पर जुनैद ने गाली देते हुए कहा, “पासी सा@, इसी तरह गाडी चलाऊँगा।” इसके बाद जुनैद अपनी कार से बाहर निकल आया और अरविन्द को पीटने लगा। कुछ ही देर बाद जुनैद के 3 साथी वहाँ और आ गए। ये चारों अरविन्द को गली के अंदर खींच ले गए, जहाँ आरोपों के मुताबिक सबने मिल कर उसे बुरी तरह से लात-घूँसों से मारा। थोड़ी देर बाद इन सभी ने एक डंडे से अरविंद के सिर पर भी वार किया। इस वार से अरविंद बेहोश हो गया। ऑपइंडिया के पास इस घटना का एक्सक्लूसिव वीडियो मौजूद है।

शिकायत में आगे बताया गया है कि शोरगुल सुन कर दिलीप की माँ उर्मिला अपने बेटे के साथ अरविंद को बचाने दौड़ी। इस पर जुनैद और उसके साथियों ने इन दोनों माँ-बेटों को भी मारपीट कर घायल कर दिया। कुछ देर की पिटाई के बाद जब आस-पास के लोग जमा होने लगे तब जुनैद और उसेक साथी वहाँ से चले गए। पीड़ित का शिकायत में आरोप है कि जाते-जाते आरोपितों ने उन्हें धमकी भी दी है। घटना के बाद पीड़ितों ने अपना मेडिकल परीक्षण करवाया तो अरविंद के शरीर में फैक्चर पाया गया।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। शिवमूरत का कहना है कि पुलिस से मिली छूट से ही आरोपितों का मन बढ़ा हुआ है। पीड़ित दलित परिवार ने खुद को बेहद डरा बताते हुए आरोपितों द्वारा अपनी जान का खतरा जताया है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर IPC की धारा 308, 323, 504 और 506 के साथ SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया ने पीड़ित शिवमूरत से बात की। शिवमूरत ने हमें बताया कि आरोपित जुनैद जिम करता है और वो उठा-उठा कर फेंक रहा था हमारे घर वालों को। शिवमूरत के मुताबिक स्थानीय थाना पुलिस ने भी उनका केस दर्ज कर के कार्रवाई में काफी हीलाहवाली की। पीड़ित ने कहा कि वो चाहते हैं कि सभी आरोपितों को जेल भेजा जाए।