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जॉर्ज सोरोस पर बरसीं स्मृति ईरानी: कहा- PM मोदी को टारगेट करने के लिए विदेशी फंडिंग, भारत पर हमले का दें मुँहतोड़ जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर क्रोनी कैपिटलिज्म को बढ़ावा देने समेत कई आरोप लगाने वाले अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस (George Soros) को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे पर हमला करने वाले विदेशी ताकतों को मुँहतोड़ जवाब देने की अपील लोगों कीं।

स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिया गया बयान भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली में घुसपैठ की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सोरोस प्रधानमंत्री मोदी और अन्य भारतीय नेताओं को टारगेट करने के लिए अरबों रुपए खर्च कर रहे हैं।

स्मृति ईरानी ने कहा कि जॉर्ज सोरोस वही व्यक्ति हैं, जिसने बैंक ऑफ इंग्लैंड को तोड़ दिया। उन्हें आर्थिक युद्ध अपराधी करार दिया गया था। वही जॉर्ज अब भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला करने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वो प्रधानमंत्री मोदी को भी निशाना बनाएँगे। जॉर्ज सोरोस ने हिंदुस्तान में ऐसी व्यवस्था बनाने का ऐलान किया है, जो हिंदुस्तान की नहीं, बल्कि विदेशी हितों की रक्षा के लिए काम करेगा।

स्मृति ईरानी ने कहा कि जॉर्ज का यह ऐलान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुका देंगे और हिंदुस्तान की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार को गिरा देंगे, यह भारत पर हमला है। उन्होंने कहा कि इसका मुँहतोड़ जवाब हर हिंदुस्तानी को एक होकर देना चाहिए। स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना काल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब विश्व भारत की चिंता कर रहा था, तब भारत तेजी के साथ वैक्सिनेशन मुहिम चला रहा था। उन्होंने कहा कि अपने लोगों के साथ भारत ने 160 देशों को वैक्सीन भेजी। सरकार ने हर गरीब तक मुफ्त अनाज पहुँचाया।

स्मृति ईरानी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलत इरादों के सामने सिर नहीं झुकाने वाले हैं। जब-जब हिंदुस्तान को चुनौती दी गई, भारत ने उसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी विदेशी ताकतों को हराया है और आगे भी विदेशी ताकतों को हराएगा।

जॉर्ज सोरोस ने क्या कहा था?

बता दें कि गुरुवार (16 फरवरी, 2023) को जर्मनी में टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (TUM) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्रोनी कैपटलिज्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री के बीच मधुर संबंध हैं। सोरोस ने अडानी समूह के कथित हेरफेर में प्रधानमंत्री के भी शामिल होने का आरोप लगाया था।

सोरोस ने कहा था कि मोदी अडानी के मामले पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा, जिससे सरकार में उनकी पकड़ कमजोर होगी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने और CAA-NRC प्रदर्शन के समय भी जॉर्ज सोरोस ने भारत के खिलाफ बयान दिए थे।

हिंदू राष्ट्र पर सुलगे नीतीश और शफीकुर्रहमान बर्क: बिहार के CM कहा- वे देश को बर्बाद करना चाहते हैं, सपा MP बोले- इस्लाम कभी खत्म न होगा

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की चर्चाओं के बीच इस मसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का बयान सामने आया है। नीतीश का कहना है कि इस तरह की बातें करने वाले देश को बर्बाद करना चाहते हैं। वहीं बर्क ने कहा है कि भारत न तो कभी हिंदू राष्ट्र था और न कभी होगा। उन्होंने इस्लाम को दुनिया की इकलौती असली मजहब बताया है।

उत्तर प्रदेश के संभल से सांसद बर्क ने कहा, “हिंदुस्तान न कभी हिंदू राष्ट्र था, न है और न ही कभी हिंदू राष्ट्र बनेगा।” सोशल मीडिया पर उनका ये बयान तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, नीतीश कुमार ने शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को मीडियाकर्मियों से कहा, “यहाँ भारत में हर धर्म, संप्रदाय के लोग रहते हैं। अगर कोई भारत को हिंदू-राष्ट्र बनाना चाहता है, तो वह देश को नष्ट करना चाहता है। हमें केवल राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की कही गई बातों का पालन करना चाहिए। हम लोग गाँधी जी के बताए रास्ते पर चल रहे हैं।”

बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र की बातों के जवाब में बर्क ने कहा कि केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान में रहने वाले बाकी लोग भी कभी हिंदू राष्ट्र स्वीकार नहीं करेंगे। मुस्लिम का जो महजब है, वह अल्लाह का है और कुरान आसमानी किताब है, वो दुनिया की किताब नहीं है। इस किताब में सभी चीजें मौजूद हैं। ये राम राष्ट्र न पहले था, न अब है और न आगे कभी होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना दोस्त बताने वाले शफीकुर्रहमान बर्क ने आगे कहा कि साधु संतों को इस्लाम पर टिप्पणी करने और फतवे देने का कोई हक नहीं है। उन्होंने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्र नंद गिरी के भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने के बयान पर कहा कि भारत न कभी हिंदू राष्ट्र था, न हिंदू राष्ट्र है और न ही कभी हिंदू राष्ट्र बन सकेगा। इस बयान पर यतीन्द्र नंद गिरी ने कहा कि बर्क जैसे लोग सिर्फ विवादित बयान ही दे सकते हैं, वे और कुछ नहीं कर सकते। इन लोगों में कोई ताकत नहीं है। इनके सामने ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। कश्मीर से अनुच्छेद-370 भी हटाया गया है। अब आगे देश भी हिंदू राष्ट्र बनेगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने हाल ही में भारत को हिंदू राष्ट्र बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत हिंदू राष्ट्र (Hindu Rashtra) था, है और रहेगा। एक ना एक दिन अखंड भारत बनना ही है और पाकिस्तान का भारत में विलय होगा। योगी आदित्यनाथ ने हिंदू शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा था कि इसका किसी मत, मजहब या संप्रदाय से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक सांस्कृतिक शब्द है, जो भारत के हर नागरिक पर फिट बैठता है।

वित्तीय गड़बड़ी को लेकर BBC दफ्तरों में आयकर विभाग का सर्वे तीसरे दिन पूरा हुआ, मीडिया हाउस बोला- हम सहयोग करेंगे, उम्मीद है मामला जल्दी सुलझ जाएगा

बीबीसी (BBC) के दिल्ली और मुंबई स्थित दफ्तरों में तीन दिन तक चला आयकर विभाग का सर्वे गुरुवार (16 फरवरी 2023) रात को खत्म हो गया। आयकर विभाग ने वित्तीय गड़बड़ी के शक में मंगलवार (14 फरवरी 2023) को विदेशी मीडिया हाउस के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालयों पर सर्वे शुरू किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारी सर्वे के दौरान बीबीसी के ऑफिस से इकट्ठा किए गए कई दस्तावेज और डेटा को भी अपने साथ लेकर गए हैं। हालाँकि, उन्होंने जुटाए गए दस्तावेजों को लेकर कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है।

बीबीसी ने एक बयान जारी कर कहा, “आयकर की टीमें हमारे दिल्ली और मुंबई दफ्तरों से लौट गई हैं। हम अधिकारियों के साथ जाँच में सहयोग करना जारी रखेंगे और बिना किसी डर के रिपोर्ट देते रहेंगे। हमें उम्मीद है कि इस मामले को जल्द सुलझ जाएगा।”

विदेशी मीडिया संस्थान ने अपने बयान में यह भी कहा, “बीबीसी एक विश्वसनीय और स्वतंत्र मीडिया संगठन है। हम अपने सहकर्मियों और पत्रकारों के साथ खड़े हैं। कुछ कर्मचारियों से घंटों तक पूछताछ की गई और कुछ को पूछताछ के लिए रात भर ऑफिस में रुकना पड़ा। उनकी देखरेख करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा कामकाज अब सामान्य हो गया है। हम भारत और इससे इतर हमारे दर्शकों और पाठकों को रिपोर्ट देते रहेंगे।”

केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को बीबीसी के कार्यालयों में आयकर सर्वेक्षण की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग विदेशी मीडिया हाउस पर भरोसा करते हैं, लेकिन भारतीय जाँच एजेंसियों पर नहीं।

वहीं, इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार ने 14 फरवरी को कहा था कि वह दिल्ली में बीबीसी के दफ्तर में भारतीय आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए जा रहे सर्वे से अवगत है। हालाँकि, उसने इस पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

दरअसल, वॉशिंगटन में पाकिस्तान के मीडिया संस्थान ARY के रिपोर्टर जहाँजेब अली ने यूएस स्टेट डिपार्टमेंट (US State Department Spokesperson) के प्रवक्ता नेड प्राइस से पूछा था कि अमेरिकी सरकार क्या इस मुद्दे को लेकर चिंतित है या फिर इस पर कुछ प्रतिक्रिया देना चाहती है?

इसके जवाब में नेड प्राइस ने कहा था कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर अच्छे संबंध हैं। साथ ही दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्य भी साझा करते हैं। उन्होंने भारत में बीबीसी के दफ्तरों में सर्वे को लेकर कुछ भी नहीं कहा।

पलामू में प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप: दावा- हिंदू पुरुषों की तलाश में महिलाओं से मारपीट, हिंसा से एक दिन पहले लाए गए थे दो ट्रैक्टर ईंट-पत्थर

झारखंड के पलामू स्थित पांकी बाजार में हिंदुओं द्वारा लगाए जा रहे तोरणद्वार को लेकर हुई हिंसा के मामले में पुलिस और प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय हिंदुओं ने ऑपइंडिया को बताया कि जिन लोगों ने हिंसा की शुरुआत की, उन्हें प्रशासन सुरक्षा दे रहा, जबकि हिंदुओं के घरों में जबरन घुसकर मारपीट कर रहा है।

पलामू में पुलिस प्रशासन के एकतरफा कार्रवाई से हिंदू इस तरह भयभीत हैं कि अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते हैं। नाम उजागर न करने की शर्त पर एक स्थानीय व्यक्ति ने ऑपइंडिया को बताया कि ना सिर्फ हिंदू पुरुषों के साथ मारपीट की जा रही है, बल्कि पुरूष पुलिसकर्मी घरों में जबरन घुसकर महिलाओं के साथ बदतमीजी, मारपीट और गाली-गलौच कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि पुलिस उन हिंदुओं के घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर घुस रही है, जो डर से दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। इतना ही नहीं, लोगों का यहाँ तक कहना है कि जिन हिंदुओं को पुलिस जबरन उठाकर ले जा रही है, उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा भी जा रहा है। इन लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें इस हिंसा से कोई मतलब नहीं है और नहा ही वे घटना के वक्त मौजूद थे।

स्थानीय लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इलाके के ज्यादातर हिंदू लड़के अपने घरों से फरार है। ज्यादातर हिंदुओं के घरों के पुरुष पुलिस के डर से घर छोड़कर भाग गए हैं और अपना मोबाइल आदि बंद करके इधर-उधर छिपने के लिए बाध्य हैं।

एक टीवी पत्रकार को भी पुलिस ने पीटा है। कहा जा रहा है कि उसकी इतनी पिटाई की गई है, अब उसे साँस लेने में दिक्कत हो रही है। वहीं, एक शिक्षक के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट करने का पुलिस पर आरोप लगा है। लोगों का कहना है कि पुलिस हिंदुओं को प्रताड़ित कर रही है, जबकि मुस्लिमों को सुरक्षा दे रही है। हालाँकि, जिला प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हिंसा फैलने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने हिंदुओं पर ही लाठी चार्ज कर दिया था। इसमें भी कई हिंदुओं को चोट लगी है। लोगों का कहना है कि हिंसा की शुरुआत मस्जिद से हुई थी और मुस्लिमों के घरों से हुए पथराव में पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इसके बावजूद अपराधियों को पकड़ने के बाद पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है।

लोगों का कहना है कि दिखाने के लिए पुलिस ने पाँच छह मुस्लिमों को गिरफ्तार किया है। उनका आरोप है कि स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक भी मुस्लिमों का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा, पांकी के मुस्लिमों को बाहर से भी समर्थन मिल रहा है। इस कारण पुलिस प्रशासन उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, मुस्लिम खुद को ही पीड़ित साबित कर रहे हैं।

बता दें कि इस घटना के बाद हैदराबाद से सांसद और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी हिंसा फैलाने वाले मुस्लिमों को ही पीड़ित बता दिया था। उन्होंने कहा था कि मस्जिद पर पत्थर फेंके गए। ओवैसी ने यहाँ तक कहा था कि मस्जिद के सामने तोरणद्वार नहीं बनाना चाहिए था। उन्होंने इसका दोष भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर मढ़ दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछड़ा और दलित वर्ग ही हैं। इसलिए मुस्लिम उन्हें अक्सर प्रताड़ित करते हैं। लोगों का कहना है कि सवर्ण लोगों का इलाका 5-6 किलोमीटर दूर है। इसलिए उनकी सुरक्षा नहीं हो पाती है। अगर फॉरवर्ड लोग यहाँ रहते तो मुस्लिम उन पर इतना हावी नहीं होते।

मस्जिद पर 36 लाउडस्पीकर, मंदिर पर आपत्ति

लोगों का कहना है कि प्राचीन मंदिर में मंगलवार को आरती होती थी। इसमें आसपास के लोग भी जुटते थे। इस कारण मंदिर में लाउडस्पीकर लगवाई गई थी। लाउडस्पीकर के कारण मस्जिद के लोगों ने आपत्ति जाहिर की। इन लोगों का कहना है कि एनामुल, महबूब आदिल लोगों ने कई बार थाने में इसकी शिकायत की थी। लोगों ने शिकायत में कहा था कि मंदिर में लगे लाउडस्पीकर के कारण नमाज में दिक्कत होती है।

स्थानीय लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि उस मस्जिद पर 36 लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और फुल वॉल्युम में पाँच बार नमाज पढ़ी जाती है। नाम नहीं बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि नमाज के दौरान लाउडस्पीकर की शोर के कारण दुकान में ग्राहकों से बात करना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि उन लाउडस्पीकरों का मुँह हिंदू आबादी की ओर करके रखा गया है।

भगत सिंह चौक को मस्जिद चौक प्रचारित करते हैं मुस्लिम

लोगों का कहना है कि जिस चौक पर तोरणद्वार को लेकर हिंसा हुई, उसका नाम भगत सिंह चौक है। वहाँ भगत सिंह की प्रतिमा भी लगी है। हालाँकि, मुस्लिम उसे मस्जिद चौक कहने लगे और लिखने लगे। वे इसे मस्जिद चौक के नाम से प्रचारित करते हैं।

दंगे के लिए दो ट्रैक्टर ईंट-पत्थर मंगाकर छतों पर रखवाए गए थे

नाम नहीं बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि नेहाल अंसारी मुखिया ने दंगा से एक दिन पहले दो ट्रैक्टर ईंट-पत्थर मँगवाया था और इसे आफताब मियाँ और महबूब ने मुस्लिमों और मस्जिद की छत पर चढ़वाया था। हारून मियाँ की ट्रैक्टर से ही इस ईंट-पत्थर को मँगवाया गया था।

मस्जिद से केरल का कट्टरपंथी हो चुका है गिरफ्तार

बता दें कि पुलिस ने इस दंगे के संबंध में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के रहने वाले रजीउल्लाह को भी गिरफ्तार किया गया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग एक साल पहले केरल से एक मुस्लिम यहाँ मस्जिद के मदरसे में आया था। वह लोगों को कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दे रहा था। हिंदुओं की शिकायत पर प्रशासन ने उसे गिरफ्तार किया था। रजील्लाह के भी कट्टरपंथी होने की आशंका जताई जा रही है।

कैसे हुई हिंसा की शुरुआत

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि 14 फरवरी की रात को तोरणद्वार बनाने के लिए कुछ मजदूर सड़क पर गड्ढे खोद रहे थे। कुछ छह गड्ढे खोदने थे। इनमें से एक गड्ढा एक मुस्कान मोबाइल नाम के दुकान के सामने पड़ रहा था। इस दुकान का मालिक कलीम आलम है। उसने गड्ढा खोदने से रोक दिया।

इसके बाद टेंट वाले ने तोरणद्वार लगवाने को बुलाया। स्थानीय हिंदुओं ने पूछा कि द्वार क्यों नहीं लगाने दे रहे हैं तो कलीम बोला कि वह उसके दुकान के सामने पड़ रहा है। इस पर स्थानीय हिंदुओं ने बोला कि जब मुस्लिम कोई कार्यक्रम करते हैं और टेंट लगाते हैं तब दुकान के सामने नहीं पड़ता है? चार का मामला है, उसके बाद द्वार को हटा लिया जाएगा। इस पर कलीम बोला कि यहाँ खुंटा वह नहीं गड़ने देगा। जिसको जो करना है कर ले।

स्थानीय हिंदुओं ने ऑपइंडिया को बताया कि इस पर हिंदुओं ने कहा कि यह सरकारी जमीन है और यहाँ आप नहीं रोक सकते। इसके बाद कलीम वहीं के महबूब को लेकर मस्जिद के पास चला गया। इसके बाद वे लोग आपस में बातचीत करने लगे और धीरे-धीरे वहाँ 50-60 लोग जमा हो गए।

इसके बाद हिंदुओं ने थाने को सूचित किया। थानेदार यहाँ आए तो उन्होंने पूछा कि क्या हो रहा है। थानेदार ने कहा कि अगर यहाँ पहले नहीं द्वार नहीं लगाया गया है तो अब क्यों लगा रहे हो। इस पर स्थानीय लोगों ने उनसे पूछा कि सर आप ही बताइए कि यहाँ नहीं गाड़ें तो कहाँ खूँटा गाड़ें?’ आप जहाँ कहेंगे वहाँ गाड़ेंगे। इस पर थानेदार ने कहा कि यहाँ छोड़कर दूसरी जगह जाओ। इसके बाद थानेदार चले गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी दौरान मुस्लिम आए और खूँटा उखाड़ने लगे और एक हिंदू के सिर पर डंडा मारा। इस हमले में पीड़ित को 8 टाँके लगे। लोगों का कहना है कि मुस्लिम वहाँ से अपने-अपने घर में जाकर छतों से पथराव करने लगे। मस्जिद से भी पथराव करने लगे। लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर से लाकर पत्थर को छतों पर रखा गया था। इसे हिंसा के दौरान इस्तेमाल किया गया।

बोलेरो में मिले दो नर कंकाल, आरोप- बजरंग दल वालों ने जलाकर मारा: VHP ने कहा- हो CBI जाँच, माफी माँगे कॉन्ग्रेस सरकार

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में दो नर कंकाल मिले थे। ये कंकाल राजस्थान के भरतपुर निवासी जुनैद और नासिर के बताए जा रहे हैं। जुनैद पर गो तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। इनके परिजनों का कहना है कि बजरंग दल के लोगों ने दोनों को अगवा कर जिंदा जला दिया। लेकिन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा है कि इस मामले में अनावश्क रूप से बजरंग दल का नाम लेने को लेकर राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार को माफी माँगनी चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भिवानी के लोहारू में जली हुई कार और दो जले हुए कंकाल मिले थे। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को गोपालगढ़ थाने में दोनों की अपहरण और मारपीट की FIR दर्ज कराई। एफआईआर में इस्माइल ने कहा है कि बुधवार (15 फरवरी 2023) की सुबह करीब 5 बजे जुनैद और नासिर बोलेरो से बाहर गए थे। लेकिन वे लौट कर घर नहीं आए।

इस्माइल ने कहा है कि अगली सुबह करीब 9 बजे एक चाय की दुकान पर उसे किसी अजनबी ने बताया कि सुबह 6 बजे दो युवक एक बोलेरो में गोपालगढ़ थाना के पीरूका गाँव के जंगल से जा रहे थे। दोनों के साथ 8-10 लोगों ने बुरी तरह मारपीट की है। बाद में घायल हालत अवस्था में ही बोलेरो कार में ही डालकर ले गए।

इस्लाइल ने कहा है कि इसके बाद उसने जुनैद और नासिर को फोन लगाया। लेकिन दोनों के मोबाइल बंद थे। बाद में उसने अपने गाँव घाटमीका निवासी परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ इस्माइल पीरूका गाँव के जंगल में गया, जहाँ उसे काँच के टूटे हुए टुकड़े मिले।

इस्माइल ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब उसने पीरूका गाँव में लोगों से पूछताछ की तो उसे पता चला कि 8-10 लोगों ने जुनैद और नासिर के साथ मारपीट की है फिर उन्हें बोलेरो में ले गए हैं। इसके बाद उसने आरोपितों के नाम और पता पूछे, जहाँ उसे पता चला कि बजरंग दल के लोग अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला और मोनू ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया है। इस्माइल की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 143, 365, 367, 368 के तहत मामला दर्ज किया है।

भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने बताया है, “आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। FIR में जिन लोगों के नाम हैं, वे बजरंग दल से जुड़े हैं। लेकिन इस अपराध में उनकी भूमिका है या नहीं इसकी अभी जाँच की जानी है।” राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान एवं हरियाणा पुलिस समन्वय बनाकर कार्रवाई कर रही हैं।

हत्या के आरोपितों में से एक मोनू ने कहा है कि इस मामले में बजरंग दल पर आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस को इस मामले की जाँच करनी चाहिए। उसका नाम गलत दिया गया है। घटना के दिन वह होटल में रुका हुआ था। उसके अनुसार मेवात में ही रही गौहत्या रोकने में बजरंग दल सबसे अधिक सक्रिय है। इस कारण से बजरंग दल का नाम घसीटा जा रहा है।

मोनू ने कहा है कि वह जुनैद और नासिर को नहीं जानता। घटना की रात वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और बाकी सबूत भी हैं। FIR में नाम होने को लेकर मोनू ने कहा है कि उस पर केवल आरोप लगे हैं।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा है कि राजस्थान की सरकार राजनैतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित है। उससे न्याय की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने मामले की सीबीआई जाँच करवाकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की माँग की है। साथ ही कहा है कि जाँच पूरी होने तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी केवल इस आधार पर नहीं होनी चाहिए कि गो तस्कर के भाई ने अपनी शिकायत में उनका नाम लिया है।

‘स्वरा भास्कर हिंदू, उसका निकाह इस्लाम में मान्य नहीं’: मुफ्ती ने कुरान की आयत का दिया हवाला, RJ सायमा जैसे लिबरलों की भी लगाई क्लास

फुल टाइम एक्टिविस्ट और पार्ट टाइम हिरोइन स्वरा भास्कर ने 16 फरवरी 2023 को सपा नेता फहद अहमद से शादी की जानकारी दी थी। लेकिन अमेरिका में शिकागो में रहने वाले मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजिदी का क​हन है कि य​ह निकाय मान्य नहीं है। इसकी वजह उन्होंने स्वरा भास्कर का हिंदू होना बताया है। साथ ही उन्होंने भारत के लिबरल मुस्लिमों की क्लास भी लगाई है।

मुफ्ती यासिर ने कुरान की एक आयत का हवाला देते हुए कहा है, “स्वरा भास्कर मुस्लिम नहीं हैं। उनके कथित शौहर मुस्लिम हैं। इसलिए यह निकाह इस्लामिक रूप से मान्य नहीं है। जब तक गैर मुस्लिम औरतों पर पूरा ईमान नहीं आता तब तक उनसे निकाह नहीं करना चाहिए। यदि वह केवल निकाह के लिए इस्लाम कबूलती है, तो यह अल्लाह को मंजूर नहीं है।”

लेकिन मुफ्ती का यह ट्वीट आरजे सायमा जैसे लिबरलों को नहीं भाया। उसने मुफ्ती के ट्वीट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, “बज़ ऑफ!”

मुफ्ती यासिर ने सायमा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ‘लिबरल बीमारी है’। कुरान को ‘बज़ ऑफ’ कहने के बावजूद वह अपने नाम की वजह से इस्लाम से जुड़ी रहेंगी।

लेकिन यह बहस यही खत्म नहीं हुई। सायमा ने एक और ट्वीट कर मुफ्ती यासिर से पूछा , “आप कौन है? दूसरों का न्याय करने के लिए क्या अल्लाह ने आपको नियुक्त किया है? हम किसी के लिए नहीं, बल्कि अल्लाह और सिर्फ अल्लाह के प्रति जवाबदेह हैं। जब तक कोई आपकी राय नहीं माँगे, तब तक अपनी सलाह न दें। एक अच्छे मुस्लिम बनो।”

जवाब में मुफ्ती यासिर ने ट्वीट किया, “मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जिससे आप जैसे लिबरल सबसे ज्यादा नफरत करते हैं। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जो अक्सर आप जैसों लोगों द्वारा इस्लाम की गलत व्याख्या करने वालों का पर्दाफाश करता है। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ, जो तब बोलूँगा, जब आरजे इस्लाम की गलत व्याख्या करना शुरू करेगी। तुम खुद को एंटरटेनमेंट बिजनेस तक ही रखो और इस्लाम को विशेषज्ञों के लिए छोड़ दो।”

‘मिस्टर रिएक्शन वाला’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “हम भारत में रहते हैं, किसी इस्लामिक देश में नहीं, इसलिए कृपया करके सऊदी अरब में इसका प्रचार करें।” उसके ट्वीट का जवाब देते हुए मुफ्ती यासिर ने लिखा कि इस्लाम केवल सऊदी अरब के लिए नहीं है और भारत में रहने का मतलब यह नहीं है कि कोई इस्लाम को नहीं मानता है।

एक अन्य ट्वीट में, मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजिदी ने स्वरा भास्कर (जो उनके अनुसार, मुस्लिम नहीं हैं) के एक मुस्लिम शख्स के साथ निकाह का जश्न मना रहे लिबरल मुस्लिमों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनमें ‘उदारवाद का कीड़ा’ है। उन्हें इस कीड़े से अलग किया जाना चाहिए। कानूनी तौर पर वे जो चाहे करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन मुस्लिमों के लिए इसमें खुश होने की कोई बात नहीं है।

गौरतलब है कि स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया के जरिए फहद अहमद के साथ निकाह की जानकारी दी थी। बताया जाता है कि दोनों ने इस संबंध में कोर्ट में 6 जनवरी 2023 को ही दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन निकाह की खबर अब सार्वजनिक की है। इसके बाद स्वरा भास्कर और उनके शौहर फहद अहमद सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।

42 दिन में ही टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा की दूसरी इनिंग समाप्त, कहा था- इंजेक्शन लेकर फिट हो जाते हैं क्रिकेटर

भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। एक स्टिंग में फँसने के बाद से ही शर्मा के इस्तीफे को लेकर अटकलें लग रही थी। स्टिंग में उन्होंने इंजेक्शन लेकर क्रिकेटरों के फिट होने जैसे कई दावे किए थे।

यह चेतन शर्मा का बतौर चीफ सेलेक्टर दूसरा कार्यकाल था। उन्हें 7 जनवरी 2023 को दोबारा बीसीसीआई ने चीफ सेलेक्टर बनाया था। उससे पहले टी-20 वर्ल्ड कप में बुरे प्रदर्शन के बाद बोर्ड ने शर्मा सहित पूरी चयन समिति की ही छुट्टी कर दी थी।

पिछले दिनों ज़ी न्यूज ने चेतन शर्मा का स्टिंग ऑपरेशन किया था। चेतन शर्मा ने खुफिया कैमरे के सामने कहा था कि खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू करते हैं।

चेतन शर्मा ने सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच अहंकार की लड़ाई होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि गांगुली ने रोहित का पक्ष नहीं लिया, लेकिन उन्होंने विराट को कभी पसंद नहीं किया। उन्होंने कहा था कि टीम इंडिया के खिलाड़ी सेलेक्टर के टच में रहते हैं। रोहित उनसे फोन पर आधा-आधा घंटा बात करते हैं और हार्दिक पांड्या उनके घर आते रहते हैं।

स्टिंग में किए गए दावे

  • भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू करते हैं।
  • विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन इगो प्रॉब्लम है। दोनों बड़े फिल्मी सितारों की तरह हैं। आप कह सकते हैं, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र।
  • टीम इंडिया के खिलाड़ी सेलेक्टर के टच में रहते हैं। रोहित मुझसे फोन पर आधा-आधा घंटा बात करता है। हार्दिक पांड्या मेरे घर आते रहते हैं।
  • जसप्रीत बुमराह को 2022 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जबरदस्ती टीम में शामिल गया था। उसकी चोट इतनी गंभीर है कि यदि वे ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप का एक भी मैच खेलते, तो वह कम से कम एक साल के लिए बाहर हो जाते।
  • सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच अहंकार की लड़ाई है। गांगुली ने रोहित का पक्ष नहीं लिया। लेकिन उन्होंने विराट को कभी पसंद नहीं किया।
  • T20 में शुभमन गिल जैसों को मौका देने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे मजबूत प्लेयर्स को ‘आराम’ दिया जाता है। हार्दिक पंड्या लंबे समय में कप्तान के रूप में कार्यभार संभालेंगे। रोहित शर्मा अब T20 टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
  • मैं टीम में सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, दीपक हुड्डा, शुभमन गिल और अन्य 15-20 खिलाड़ियों को लेकर आया हूँ।

‘हनुमान मंदिर में बंद करवाया लाउडस्पीकर, मस्जिद से माइक पर दी जा रही अजान’: पलामू में पुलिस का ‘भेदभाव’ पुजारी ने किया उजागर

झारखंड के पलामू स्थित पांकी बाजार में महाशिवरात्रि को लेकर बनाए जा रहे तोरणद्वार के कारण हुई हिंसा के मामले में हिंदुओं द्वारा प्रशासन एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद के पास ही प्राचीन हनुमान मंदिर है। इस मंदिर में हिंदुओं द्वारा पूजा-पाठ और आरती कट्टरपंथी मुस्लिमों को चुभती थी। इसी लिए हिंसा की साजिश रची गई।

प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू की है और इलाके की इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया है। धारा 144 के बाद इलाके में चार लोगों से अधिक इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धारा 144 के नाम पर प्राचीन मंदिर में लोगों को पूजा करने से रोक दिया गया है, लेकिन मस्जिद में लोग नमाज पढ़ रहे हैं।

हनुमान मंदिर के पुजारी का कहना है कि प्रशासन ने मंदिर से लाउडस्पीकर को भी उतरवा दिया है। इस लाउडस्पीकर के माध्यम से पूजा-पाठ और आरती आदि आयोजित की जाती थी। पुजारी का आरोप है कि मंदिर से तो प्रशासन ने लाउडस्पीकर उतरवा दिया है, मस्जिद से नहीं उतरवाया है। मस्जिद से अभी भी पाँचों वक्त अजान दी जा रही है।

हिंदुओं ने पलामू प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर शुरुआत में कड़े कदम उठाता तो दंगा इतना नहीं फैलता। बता दें कि मस्जिद से हुई पथराव में हिंदुओं के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

पांकी बाजार के ही एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि हिंसा के दिन ही उसके घर में लड़की की शादी थी। इस दौरान प्रशासन ने शादी में बाजा नहीं बजने दिया। बारातियों को 30-30 के समूह में शादी आदि में शामिल किया गया।

प्रशासन द्वारा हिंदुओं को किया जा रहा प्रताड़ित

स्थानीय लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इलाके के ज्यादातर हिंदू लड़के अपने घरों से फरार है। लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उनके साथ मारपीट कर रही है। उनके घरों की औरतों के साथ पुलिस द्वारा बदसलुकी की बात कही जा रही है।

कहा जा रहा है कि एक टीवी पत्रकार को भी पुलिस ने पीटा है। वहीं, एक शिक्षक के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट करने का पुलिस पर आरोप लगा है। लोगों का कहना है कि पुलिस हिंदुओं को प्रताड़ित कर रही है, जबकि मुस्लिमों को सुरक्षा दे रही है। हालाँकि, जिला प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

लोगों का कहना कि इसके बाद पुलिस प्रशासन आया हिंदुओं पर ही लाठी चार्ज कर दिया। इसमें भी कई हिंदुओं को चोट लगी है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन हिंदुओं के घरों में पुलिस जबरन घुस रही है। हिंदुओं के घरों के दरवाजों को तोड़कर पुलिस घुस गई और महिलाओं के साथ गाली-गलौज कर रही।

लोगों का आरोप है कि हिंदुओं को जबरन उठाकर ले जाया जा रहा है और उन्हें बुरी तरह पीटा जा रहा है। वहीं, मुस्लिमों को पुलिस सुरक्षा दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक भी मुस्लिमों का समर्थन कर रहे हैं। इस कारण पुलिस प्रशासन उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछड़ा और दलित वर्ग ही हैं। इसलिए मुस्लिम उन्हें अक्सर प्रताड़ित करते हैं। लोगों का कहना है कि सवर्ण लोगों का इलाका 5-6 किलोमीटर दूर है। इसलिए उनकी सुरक्षा नहीं हो पाती है। अगर फॉरवर्ड लोग यहाँ रहते तो मुस्लिम उन पर इतना हावी नहीं होते।

कैसे हुई हिंसा की शुरुआत

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि 14 फरवरी की रात को तोरणद्वार बनाने के लिए कुछ मजदूर सड़क पर गड्ढे खोद रहे थे। कुछ छह गड्ढे खोदने थे। इनमें से एक गड्ढा एक मुस्कान मोबाइल नाम के दुकान के सामने पड़ रहा था। इस दुकान का मालिक कलीम आलम है। उसने गड्ढा खोदने से रोक दिया।

इसके बाद टेंट वाले ने तोरणद्वार लगवाने को बुलाया। स्थानीय हिंदुओं ने पूछा कि द्वार क्यों नहीं लगाने दे रहे हैं तो कलीम बोला कि वह उसके दुकान के सामने पड़ रहा है। इस पर स्थानीय हिंदुओं ने बोला कि जब मुस्लिम कोई कार्यक्रम करते हैं और टेंट लगाते हैं तब दुकान के सामने नहीं पड़ता है? चार का मामला है, उसके बाद द्वार को हटा लिया जाएगा। इस पर कलीम बोला कि यहाँ खुंटा वह नहीं गड़ने देगा। जिसको जो करना है कर ले।

स्थानीय हिंदुओं ने ऑपइंडिया को बताया कि इस पर हिंदुओं ने कहा कि यह सरकारी जमीन है और यहाँ आप नहीं रोक सकते। इसके बाद कलीम वहीं के महबूब को लेकर मस्जिद के पास चला गया। इसके बाद वे लोग आपस में बातचीत करने लगे और धीरे-धीरे वहाँ 50-60 लोग जमा हो गए।

इसके बाद हिंदुओं ने थाने को सूचित किया। थानेदार यहाँ आए तो उन्होंने पूछा कि क्या हो रहा है। थानेदार ने कहा कि अगर यहाँ पहले नहीं द्वार नहीं लगाया गया है तो अब क्यों लगा रहे हो। इस पर स्थानीय लोगों ने उनसे पूछा कि सर आप ही बताइए कि यहाँ नहीं गाड़ें तो कहाँ खूँटा गाड़ें?’ आप जहाँ कहेंगे वहाँ गाड़ेंगे। इस पर थानेदार ने कहा कि यहाँ छोड़कर दूसरी जगह जाओ। इसके बाद थानेदार चले गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी दौरान मुस्लिम आए और खूँटा उखाड़ने लगे और एक हिंदू के सिर पर डंडा मारा। इस हमले में पीड़ित को 8 टाँके लगे। लोगों का कहना है कि मुस्लिम वहाँ से अपने-अपने घर में जाकर छतों से पथराव करने लगे। मस्जिद से भी पथराव करने लगे। लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर से लाकर पत्थर को छतों पर रखा गया था। इसे हिंसा के दौरान इस्तेमाल किया गया।

‘नशे में ​थे पृथ्वी शॉ, बैट से किया था हमला’: क्रिकेटर के साथ हाथापाई में गिरफ्तार सपना गिल के वकील का दावा, सामने आया था मारपीट का वीडियो

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के साथ हाथापाई के मामले में पुलिस ने सपना गिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी पर हिंसा करने और जबरन उगाही का मामला दर्ज हुआ है। घटना बुधवार (15 फरवरी 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरा मामला मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक होटल के पास का है। कथित तौर पर सेल्फी लेने को लेकर हुए विवाद के बाद मामला इस हद तक बढ़ा कि बेसबॉल के बल्ले से हमले की नौबत आ गई।

पृथ्वी शॉ के वकील का कहना है कि भारतीय क्रिकेटर डिनर के लिए होटल गए थे। यहाँ सपना गिल और शोभित ठाकुर ने पृथ्वी शॉ के साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर पृथ्वी तैयार हो गए। लेकिन फिर कुछ देर बाद सपना गिल और शोभित ठाकुर कुछ और लोगों के साथ सेल्फी लेने के लिए पहुँच गए। पृथ्वी ने इस बार मना कर दिया। लेकिन सेल्फी लेने आए लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पृथ्वी शॉ ने मैनेजर को बुलाकर उन्हें होटल से बाहर करा दिया।

पृथ्वी शॉ के वकील ने यह भी कहा है कि इसके बाद पृथ्वी अपनी कार लेकर वहाँ से निकल गए। इस दौरान सपना गिल और शोभित ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया। रेड लाइट पर जब पृथ्वी ने कार रोकी तो आरोपितों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। इससे उनकी कार को भी नुकसान हुआ है। आरोप है कि सपना गिल और उसके साथियों ने पृथ्वी से 50 हजार रुपए ऐंठने की भी कोशिश की। यही नहीं पृथ्वी शॉ पर झूठे केस लगाने की भी धमकी दी गई।

पृथ्वी शॉ के साथ हुई इस घटना को लेकर उनके दोस्त आशीष यादव ने ओशिवारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 143, 148, 149, 384, 437, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जाएगी। फिलहाल इस मामले में सपना गिल की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस उसे शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को कोर्ट में पेश करेगी।

वहीं, सपना और उसके दोस्त का कहना है कि वे लोग पार्टी करने गए थे। लेकिन पृथ्वी शॉ के दोस्तों ने उनके साथ क्लब में मारपीट की। उनका कहना है कि वे लोग पृथ्वी के साथ सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी शॉ ने उनका फोन छीनकर फेंक दिया और धक्का दे दिया। सपना गिल के वकील ने पृथ्वी शॉ पर नशे में होने का आरोप लगाया है।

सपना के वकील का कहना है कि पृथ्वी ने अपनी ‘प्रतिष्ठा और हैसियत का दुरुपयोग’ करते हुए लकड़ी के बैट से सपना पर हमला किया था। सपना गिल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 2,21,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके रील्स पर हजारों में व्यू आते हैं। सपना गिल साल 2017 में आई भोजपुरी फिल्म मेरा वतन और साल 2021 में आई काशी अमरनाथ में भी काम कर चुकी हैं।

‘मोदी को संसद में जवाब देना होगा’: जॉर्ज सोरोस ने अडानी पर बताया लिबरल एजेंडा, राष्ट्रवाद से लड़ने को $100 करोड़ देने का किया था ऐलान

अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्रोनी कैपटलिज्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। दावा किया है उनके भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी से मधुर संबंध हैं। उसने कहा, “मोदी और अडानी करीबी सहयोगी हैं। उनका भाग्य आपस में जुड़ा हुआ है।”

सोरोस ने यह टिप्पणी गुरुवार (16 फरवरी 2023) को जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले टेक्निकल यूनिवर्सिटी आफ म्यूनिख (TUM) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की। सोरोस ने कहा, “अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार में धन जुटाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा। अडानी पर स्टॉक हेरफेर का आरोप है। उनका स्टॉक रेत की महल की तरह ढह गया है।”

अमेरिकी अरबपति ने प्रधानमंत्री मोदी पर अडानी समूह के कथित हेरफेर में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा, “मोदी इस मसले पर चुप हैं। लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा।”

जॉर्ज सोरोस का यह बयान हिंडनबर्ग रिसर्च की 3200 पन्नों की उस रिपोर्ट के करीब तीन हफ्ते बाद आया है, जिसमें अडानी समूह पर स्टॉक मैनुपुलेशन जैसे आरोप लगाए गए थे। अडानी समूह ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग के आरोपों को झूठ करार दिया था। इस रिपोर्ट को भारत, यहाँ की कंपनियों और देश के विकास पर सुनियोजित हमला बताया था।

राष्ट्रवाद और मोदी विरोधी जॉर्ज सोरोस

हंगरी मूल के अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने साल 2020 में वैश्विक विश्वविद्यालय की शुरूआत करने के लिए 100 करोड़ डॉलर देने की बात कही थी। उसने कहा था कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना “राष्ट्रवादियों से लड़ने” के लिए की जाएगी। सोरोस ने “अधिनायकवादी सरकारों” और जलवायु परिवर्तन को अस्तित्व के लिए खतरा बताया था।

वैश्विक नेताओं पर हमला करते हुए, सोरोस ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अधीन दुनिया की सबसे मजबूत शक्तियाँ- अमेरिका, चीन और रूस तानाशाहों के हाथों में हैं और सत्ता पर पकड़ रखने वाले शासकों में इजाफा हो रहा है। इसके अलावा, सोरोस ने यह भी दावा किया था कि “सबसे बड़ा और सबसे भयावह झटका” भारत में था। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत को “एक हिन्दू राष्ट्र बनाने” का आरोप लगाया था।

जॉर्ज सोरोस ने कहा था, “राष्ट्रवाद, जो अब बहुत आगे निकल गया है। सबसे बड़ा और सबसे भयावह झटका भारत को लगा है, क्योंकि वहाँ लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी भारत को एक हिन्दू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं।” उसने पीएम मोदी पर आरोप लगाया था कि वो कश्मीर में सख्ती कर रहे हैं, जो कि एक अर्ध-स्वायत्त मुस्लिम क्षेत्र है और वो लाखों नागरिकों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।