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₹3 लाख लो ईसाई बन जाओ: लालच दे भाई-बहन का कराया धर्मांतरण, फिर कहा- पैसे की बात की तो होगा ईसामसीह का प्रकोप, किसी लायक नहीं रहोगे

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहाँ के गाँव रायपुर में कुछ लोगों पर पैसे का लालच देकर एक परिवार के सदस्यों को ईसाई बनाने का आरोप है। इसी सिलसिले में बजरंग दल के सदस्यों ने मिर्जापुर थाने में रविवार (1 जनवरी 2023) को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बजरंग दल के जिला संयोजक हरीश कौशिक ने आरोप लगाया है कि 3 लाख रुपए का लालच देकर कुछ लोगों का जबरन धर्मांतरण कराया गया। पीड़ितों को लेकर वह थाने पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई है।

वहीं सहारनपुर पुलिस ने इस संबंध में ट्वीट किया है। ट्वीट में कहा गया है, ”प्रकरण के सम्बन्ध में थाना प्रभारी मिर्जापुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित कर दिया गया है।”

बजरंग दल नेता हरीश कौशिक ने बताया, “बजरंग दल को सूचना मिली थी कि गाँव रायपुर में हिन्दुओं का जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है। मौके पर बजरंग दल के कार्यकर्त्ता पहुँचे तो पता चला कि वहाँ कुछ लोगों ने हिंदू परिवार के लोगों का जबरन धर्मांतरण करवाया है। फिर हमलोग पीड़ित परिवार के लोगों को थाने लेकर आए हैं और कोतवाल को इस संबंध में प्रार्थना पत्र सौंपा है। हमारी प्रशासन से माँग है कि जो पादरी हिन्दुओं का जबरन धर्मांतरण करवा रहे हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।”

जबरन धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ शिकायत पत्र

शिकायत पत्र के अनुसार, मिर्जापुर थाना के अंतर्गत रायपुर गाँव में रहने वाले योगेश औए उसकी बहन का पैसे की लालच देकर जबरन धर्मांतरण करवाया गया। सुनीता का किसी मंजू के घर आना-जाना था। मंजू के पति शादीराम ने दोनों को 3 लाख रुपए का लालच देकर धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा। दोनों आरोपित पति-पत्नी ने भाई-बहनों की मुलाकात सुरेन्द्र प्रसाद और हरि सिंह से करवाई। फिर चारों ने मिलकर पीड़ित का धर्म परिवर्तन करवा दिया और माँगने पर पैसे देने से भी इनकार कर दिया।

कथित तौर हिंदू भाई-बहन का धर्मांतरण कराने वालों ने कहा कि अगर तुम पैसे माँगोगे तो ईसामसीह का तुम पर प्रकोप हो जाएगा। तुम अस्वस्थ हो जाओगे। किसी लायक नहीं रहोगे। साथ ही जान से मरने की धमकी भी दी।

बछड़े के साथ रेप करते रंगे हाथ पकड़ा गया इम्तियाज हुसैन मियां, मस्जिद से सटे खेत में चरने के लिए छोड़ चला गया था मालिक: कर्नाटक की घटना

कर्नाटक के रायचूर जिले से बछड़े के साथ रेप की घटना सामने आई है। आरोपित इम्तियाज हुसैन मियां रंगे हाथ पकड़ा गया है। उसने मस्जिद से लगे खेत में इस घटना को अंजाम दिया।

24 वर्षीय मियाँ को पुलिस ने सोमवार (2 जनवरी 2023) को पकड़ा। पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमरेश बसन्ना ने बछड़े को अन्य गायों के साथ खेत में चरने के लिए छोड़ दिया था। वहाँ पास में एक मस्जिद भी है। इसी बीच आरोपित ने मौका पाकर बछड़े को एक पेड़ से बाँध दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब आसपास के लोगों ने इम्तियाज हुसैन को यह कुकृत्य करते देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बछड़े के मालिक ने हुसैन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, आरोपित ने प्रारंभिक जाँच में ही अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। अगस्त 2022 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गाय के साथ घिनौनी हरकत करने का मामला सामने आया था। ई-रिक्शा चालक शोएब को गाय के साथ गंदा काम करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसी तरह छत्तीसगढ़ के रायपुर में जुलाई 2022 में गाय के चारों पैर बाँधकर दुष्कर्म करने वाले शहरे आलम को पकड़ा गया था। उसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह लोगों के आगे ‘बहक कर’ गाय के साथ गलत काम करने की बात स्वीकार कर रहा था।

फरवरी 2022 में राजस्थान के भिवाड़ी से भी इस तरह की एक घटना सामने आई थी। गाय के साथ रेप का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक युवक गाय के मुँह पर पैर रखकर खड़ा था और दूसरा उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। उनका साथी इसका वीडियो बना रहा था। इस मामले में जुबेर और मोहम्मद चुन्ना को तत्काल गिरफ्तार किया गया था।

ईसाई मिशनरियों की गुंडई से उबला छत्तीसगढ़ का नारायणपुर, एसपी का सिर फटा: गाँव में घुसकर जनजातीय समाज पर हमला, विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान भी हिंसा

छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्मांतरण का खेल कई वर्षों से जारी है और इसका सबसे ज़्यादा निशाना जनजातीय समाज के लोगों को बनाया गया है। अब ईसाई धर्मांतरण के विरोध में जनजातीय समाज ने भी आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया है। ताज़ा मामला नारायणपुर जिले के एड़का गाँव का है, जहाँ धर्मांतरित ईसाइयों पर जनजातीय समाज के लोगों पर हमला करने का आरोप है। इस संबंध पीड़ितों ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके को पत्र लिख कर मामला से अवगत कराया है।

इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि एड़का पंचायत के गोर्रा ग्राम में नए-नए धर्मांतरित ईसाइयों द्वारा जनजातीय समाज के लोगों पर लाठी-डंडों और रॉड के अलावा धारदार हथियारों से हमला किया गया। दावा किया गया है कि कुछ पादरी इस हमलावर भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। नारायणपुर जिला चिकित्सालय में घायलों का इलाज चल रहा है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें जान बचा कर भागना पड़ा। जिला प्रशासन को बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जनजातीय समाज ने राज्यपाल से कार्रवाई की माँग की है।

पीड़ित जनजातीय समाज ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को लिखा पत्र, घटना से कराया अवगत

स्थानीय मीडिया संस्थान ‘बोल छत्तीसगढ़’ की खबर में जानकारी दी गई है कि इस हमले में जनजातीय समाज के एक दर्जन से अधिक नेता घायल हुए हैं। साथ ही गाँव में दंगे जैसा माहौल बन गया। सूत्रों के हवाले से मीडिया संस्थान ने कहा है कि बाहर से करीब 700-800 ईसाइयों की भीड़ को बुलाया गया था। नारायणपुर के एसपी सदानंद कुमार को भी चोटें आई हैं। पत्थरबाजी और लाठी-डंडे से मारपीट की खबर पाकर वो घटनास्थल पर पहुँचे थे। उनसे हमने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उधर से फोन नहीं उठाया गया। उनसे बातचीत होते ही हमारी खबर को अपडेट किया जाएगा।

जिलाधिकारी अजीत वसंत ने भी अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया और घटना के संबंध में पूछताछ की। जनजातीय समाज ने धर्मांतरण के विरुद्ध रैली निकाली थी, जिसमें 5000 के करीब लोग शामिल हुए थे। जबकि ईसाइयों का आरोप है कि बंगलापारा के चर्च में तोड़फोड़ की गई है। जनजातीय समाज का कहना है कि ये सुनियोजित साजिश के तहत भोले-भाले लोगों को ईसाई धर्मांतरण के लिए फँसा कर निशाना बनाया जा रहा है।

धर्मांतरण से वहाँ की मूल संस्कृति भी प्रभावित हो रही है, जिससे जनजातीय समाज नाराज़ है। जबकि धर्मांतरण करने वालों का कहना है कि उन्हें गाँव से बाहर जाने के लिए कहा जा रहा है। बेनूर क्षेत्र के करीब 6 गाँवों में धर्मांतरण के कारण माहौल गर्म है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मारपीट हुई है। धर्मांतरण करने वाले कई लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना भी दिया था। पुलिस-प्रशासन के काफी समझाने के बाद वो वापस गए थे।

जनजातीय समाज के लोगों ने बताया कि सड़क पर आने-जाने वाले निर्दोष लोगों को मारा-पीटा गया है। जनजातीय समाज के एक नेता ने बताया कि उन्हें जान से मार डालने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि हमलोग जनजातीय समाज को छोड़ कर कहाँ जाएँगे। उन्होंने बताया कि ‘लोगों को काटने’ की धमकी भी दी गई है। घायलों को सिर में पट्टी बाँधे भी देखा जा सकता है। उनका कहना है कि राज्य के कई इलाकों में ईसाई धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है।

पीड़ितों ने कहा कि चर्च के इशारे पर इस हमले को अंजाम दिया गया है। कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों को बड़े-बड़े डंडे लिए मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस वालों पर भी हमले किए गए। अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी घायल देखा गया। एक मैदान में ग्रामीणों के कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जहाँ कई अर्धसैनिक बल तैनात हैं। बताया जा रहा है कि ये कार्यक्रम ईसाइयों द्वारा धर्मांतरण की साजिश और मना करने पर मारपीट की घटना के विरोध में हुआ था।

एसपी का सिर फटने के कारण उन्हें टाँके लगाए गए हैं। एड़का थाना प्रभारी भुनेश्वर जोशी भी घायल हुए हैं। इन इलाकों में माओवादियों का भी प्रभाव रहा है। मारपीट के विरोध में बखरुपारा स्थित साप्ताहिक बाजार में जनजातीय समाज ने विरोध प्रदर्शन की बात कही थी। नारायणपुर में बंद भी बुलाया गया था, उसमें भी हिंसा की खबरें आईं। थाने में दोनों तरफ से लिखित शिकायतें मिली हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार (31 दिसंबर, 2022) को कुछ लोगों ने जनजातीय समाज के लोगों को घर से निकाल कर रात के अँधेरे में पिटाई की, जिससे वहाँ आक्रोश है।

मोदी सरकार की PLI का असर: IPhone मैन्यूफैक्चरिंग से 50 हजार को रोजगार, Apple से 1 लाख और जॉब्स क्रिएट करने की उम्मीद

स्मार्ट फोन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अगस्त 2021 में एक योजना लेकर आई थी। इसे प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) कहते हैं। इसका असर अब दिखने लगा है। रिपोर्टों के अनुसार इस योजना की वजह से आईफोन बनाने वाली एप्पल (Apple) भारत में सीधे तौर पर 50 हजार लोगों को रोजगार दे चुकी है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब कहा जा रहा है कि एप्पल चीन से अपना कारोबार समेटने की तैयारी कर रही है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार PLI के आँकड़ों का हवाला देकर अधिकारियों ने बताया है कि एप्पल (Apple) ने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चर्स और कंपोनेंट सप्लायर्स ने भारत में सीधे तौर पर 50 हजार नौकरियाँ पैदा की हैं। करीब एक लाख और रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

भारत में एप्पल के आईफोन के लिए फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन कान्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स हैं। वहीं, कंपोनेंट सप्लायर्स में सुनवोडा, एवरी, फॉक्सलिंक और सालकॉम्प का नाम शामिल है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार की PLI योजना का लाभ लेने वाली सभी कंपनियों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को हर तीन महीने में नौकरियों से जुड़े आँकड़े भेजने पड़ते हैं। इन आँकड़ों के आधार पर अधिकारियों ने कहा है कि पीएलआई स्कीम का लाभ लेने वाली कंपनी सैमसंग ने अपनी नोएडा यूनिट में 11500 से अधिक लोगों को नौकरियाँ दी है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के माध्यम से एप्पल भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक बाजार में ब्लू कॉलर जॉब्स (असंगठित नौकरी क्षेत्र) का सबसे बड़ा प्रोवाइडर बन सकता है। अधिकारियों ने कहा है कि एप्पल के तीन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स द्वारा दी गईं नौकरियों में सबसे अधिक फॉक्सकॉन ने नौकरी दी है। आँकड़ों की माने तो 40% हिस्सा फॉक्सकॉन है।

फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तमिलनाडु में है। वहीं, विस्ट्रॉन की कर्नाटक में है। अधिकारियों का कहना है कि कंपोनेंट्स और मॉड्यूल प्रोवाइडर्स ने कुछ हजार डायरेक्ट जॉब्स दी हैं। कंपनियों ने बीते 17 महीनों से एप्पल आईफोन सप्लाई चेन के लिए अपनी क्षमता का विस्तार किया है।

इसके अलावा, टाटा समूह ने हरसौर में 500 एकड़ में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार की है। जहाँ, आईफोन के निर्माण में आवश्यक उपकरण (कंपोनेंट) बनाए जा रहे हैं। यहाँ टाटा 10 हजार लोगों को सीधे तौर पर रोजगार दे रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि टाटा अगले 18 महीनों में यहाँ काम करने वाले लोगों की संख्या में कई गुना तक बढ़ोतरी करते हुए 45000 लोगों को नौकरी दे सकता है। यही नहीं, टाटा ग्रुप भारत में आईफोन बनाने के लिए विस्ट्रॉन ग्रुप के साथ भी चर्चा कर रहा है।

बता दें कि केन्द्र सरकार ने स्मार्ट फोन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) को अप्रैल 2020 में लॉन्च किया था। हालाँकि, यह योजना 1 अगस्त 2020 से मूर्त रूप में सामने आई। कोरोना वायरस महामारी के चलते योजना को आगे बढ़ाया गया। एप्पल को इस योजना का लाभ अगस्त 2021 में प्राप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि एप्पल चीन पर निर्भरता पूरी तरह से खत्म करना चाहता है। एप्पल भारत में आईफोन 11, 12, 13 और 14 का निर्माण कर रहा है। साल 2021 में एप्पल ने PLI के योजना के तहत, 11000 करोड़ रुपए के आईफोन निर्यात किए थे। वहीं, इस वित्तीय वर्ष यह आँकड़ा 20000 करोड़ रुपए के पार जाने का अनुमान है। यह भी कहा जा रहा है कि iPhones के बाद अब iPad प्रोडक्शन भी Apple चीन की जगह पूरी तरह भारत में शिफ्ट कर सकता है।

जबरन मुँह में ठूँसा गोमांस, नंगा करके पीटा: झारखंड में हिंदू युवक ने 5 मुस्लिमों के खिलाफ दर्ज कराई FIR, सिसकते हुए कहा- ‘मैं गाय का मीट नहीं खाता था’

झारखंड के साहिबगंज जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक हिंदू युवक को पकड़कर उसे गोमांस खिलाने के लिए उसके साथ जबरदस्ती हुई। जब युवक ने ऐसा करने से मना किया तो उसे बेरहमी से नंगा करके पीटा गया।

जानकारी के मुताबिक, पूरी घटना राधानगर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित चंदन रविदास ने मिठुन शेख और 4 अन्य मुस्लिम युवकों पर आरोप लगाया है कि वो लोग नए साल पर शराब पी रहे थे और गोमांस खा रहे थे। जब उन्होंने पीड़ित को देखा तो वह लोग उनसे भी गोमांस खाने को कहने लगे। पीड़ित ने मना किया तो उसे नंगा करके उसकी जमकर पिटाई की गई।

मामले को लेकर चंदन ने थाना राधा नगर में शिकायत दे दी है। पुलिस ने केस को दर्ज भी कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है। न्यूज 18 द्वारा शेयर की गई वीडियो में चंदन अपने साथ घटित घटना बता रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर की रात वह दुकान पर खड़े होकर बात कर रहे थे। उसके बाद वह लघुशंका के लिए किनारे गए। वहाँ उन्होंने देखा कि कुछ लोग शराब और गोमांस का सेवन कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों में कुछ कहासुनी हुई और वह लोग चंदन के साथ गाली-गलौच करने लगे। फिर उन पर दबाव बनाया गया। इन लड़कों ने बाइक से चंदन का पीछा किया, उन्हें पकड़कर उनका मोबाइल छीना और फिर नंगा करके पीटा।

चंदन भी वीडियो में आपबीती सुनाते हुए कहते हैं कि उस दिन कुछ मुसलमानों ने उन्हें सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। वीडियो में उनके चेहरे और पीठ पर चोटों के निशान देखे जा सकते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें पीटने के बाद उन्हें गोमांस खिलाया गया और शराब पिलाई गई। चंदन ने सिसकते हुए बताया कि मुस्लिम आरोपितों ने उन्हें पीटने के बाद पैसों का लालच दिया। उन्हें कहा गया कि 5-10 लाख रुपए दे देंगे पुलिस में शिकायत मत करो।

चोरी कर के बनाया गया है शाहरुख़-दीपिका का ‘पठान’ वाला गाना? पाकिस्तान के गायक के इंस्टा पोस्ट के बाद लग रहे आरोप, ‘बेशरम रंग’ पर थम नहीं रहा बवाल

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म ‘पठान’ (Pathan) के गाने ‘बेशरम रंग’ को लेकर विवाद जारी है। दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) के ‘बेशरम रंग’ में भगवा बिकिनी पहने और गाने के दृश्यों को लेकर देश में काफी विरोध हुआ, जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्ममेकर्स को इसमें बदलाव का निर्देश दिया है। वहीं, अब पाकिस्तान के सिंगर सज्जाद अली ने ‘पठान’ फिल्म के गाने ‘बेशरम रंग’ पर निशाना साधा है। उन्होंने इशारों-इशारों में यह आरोप लगाया है कि ‘बेशरम रंग’ गाना चोरी करके बनाया गया है। उनके मुताबिक, ‘बेशरम रंग’ उनके 26 साल पुराने गाने ‘अब के हम बिछड़े’ से मिलता जुलता है।

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर इसके बारे में बताया है। साथ ही कैप्शन में लिखा, “फिल्म का एक नया गाना सुनने के बाद, इसने मुझे 26 साल पहले रिलीज हुए मेरे गाने ‘अब के हम बिछड़े’ की याद दिला दी। एन्जॉय करें।”

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई वीडियो में पाकिस्तानी सिंगर ने कहा, “मैं यूट्यूब पर कुछ पुरानी फिल्मों का म्यूजिक सुन रहा था, तभी मुझे अपना एक 25-26 साल पुराना गाना याद आ गया। अब के हम बिछड़े, तो कभी ख्वाबों में मिलें।” इसके बाद सिंगर ने अपने फैंस को पूरे गाने को गाकर सुनाया। पाकिस्तानी सिंगर सज्जाद अली का गाना सुनने के बाद उनके फैंस ने शाहरुख खान और उनकी फिल्म ‘पठान’ के गाने ‘बेशरम रंग’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

एक ने लिखा, ” गाना बे’शरम रंग’ सज्जाद अली के म्यूजिक कंपोजिशन पर आधारित है। भारत के लोग पाकिस्तानी गाने चुराते हैं और उन्हें क्रेडिट भी नहीं देते।” वहीं, दूसरे ने लिखा, “ये तो ‘बेशरम रंग’ जैसा ही लग रहा है।”

फोटो साभार: सज्जाद अली का इंस्टाग्राम

शम्मी नाम के यूजर ने लिखा कि यह महान शाहंशाह गजल मेहदी हसन साब की गजल है। तनवीर अहमद ने लिखा कि पठान मूवी में ‘बेशरम रंग’, लेकिन आप ग्रेट हो सर।

फोटो साभार: सज्जाद अली का इंस्टाग्राम

इससे पहले सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया था कि इस गाने का म्यूजिक माकेबा (Makeba) के गाने से चोरी किया गया है। यूजर्स ने सोशल मीडिया पर मेकर्स पर मकीबा गाने को चुराने का आरोप लगाते हुए बेशर्म रंग और मकीबा दोनों गानों के क्लिप्स को शेयर किया था।

गौरतलब है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने 29 दिसंबर, 2022 को शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के निर्माताओं को फिल्म में गाने सहित कई बदलाव करने का निर्देश देते हुए कहा था, “सीबीएफसी का उद्देश्य रचनात्मकता और दर्शकों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाना है और उसी के अनुसार विवाद का समाधान खोजना है। मैं यह फिर से दोहराना चाहूँगा कि हमारी संस्कृति और आस्था गौरवशाली, जटिल और सूक्ष्म है। हमें सावधान रहना होगा।

इसे किसी ऐसे किस्से-कहानी के जरिए परिभाषित ना किया जाए, जो सच और वास्तविकता से ध्यान भटकाए।” जोशी ने आगे कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि क्रिएटर्स और दर्शकों के बीच विश्वास को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। क्रिएटर्स को इसी दिशा में काम करना चाहिए।” बता दें कि निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘पठान’ 25 जनवरी, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में शाहरुख के साथ दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम लीड रोल में हैं।

राहुल बाबा के पास मत फटकना डर, कहीं गर्मी में भी न पहनने लगें स्वेटर

कॉन्ग्रेसियों के आराध्य राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के अमोघ वस्त्र ‘टीशर्ट’ की महानताओं की चर्चा थमी भी नहीं थी कि उन्होंने ठंड को लेकर नया शिगूफा छोड़ दिया। पहले तो लोगों के यही लगने लगा था कि राहुल गाँधी की टीशर्ट में ज़रूर कोई जादुई गर्मी है, जिससे वह ठंड से बच रहे हैं। हालाँकि, अब उनका कहना है कि उन्हें ठंड इसलिए नहीं लग रही है क्योंकि उन्हें इससे डर नहीं लगता है। मानो वह कहना चाह रहे हों कि ‘ठंड से डर नहीं लगता है साहब पर … से लगता है। खाली जगह आप खुद भर लीजिए।

राहुल बाबा को शायद पता नहीं है कि 52 की उम्र में ठंड से खिलवाड़ कितना भारी पड़ सकता है। बाथरूम जाते-जाते थक जाएँगे, पर पेट ठीक नहीं होगा। फिर ठंड ऐसा डराएगा कि गर्मी में भी स्वेटर पहनेंगे। ऐसे में एक पत्रकार ने उनसे पूछ लिया कि आपको ठंड क्यों नहीं लगती है। उन्होंने तपाक से कहा कि उन्हें ठंड नहीं लगती है, क्योंकि वह ठंड से नहीं डरते हैं। साथ ही उन्होंने पत्रकार से ही उलटे प्रश्न पूछ दिया कि आप स्वेटर क्यों पहनते हो। मानो ठंड में स्वेटर पहनना कोई गुनाह हो गया। पत्रकार ने सहज जवाब दिया क्योंकि उन्हें ठंड लगती है। फिर, राहुल गाँधी ने कहा – नहीं। आपको ठंड इसलिए लगती है क्योंकि आप ठंड से डरते हो।

राहुल गाँधी ने इसके साथ ही देश पर ‘उपकार करते हुए’ कहा की उन्हें ठंड लगेगी तो वह स्वेटर पहन लेंगे। हो सकता है राहुल बाबा को मई-जून में ठंड लगे और तब वह स्वेटर पहन कर आ जाएँ। फिर कॉन्ग्रेसी उन्हें किसी भगवान का साक्षात अवतार बता कर आह्लादित हो उठेंगे और बताएँगे कि उनके आराध्य की यही तो खूबसूरती है। वह ठंड में टीशर्ट और गर्मियों में स्वेटर पहनते हैं। वैसे तो राहुल गाँधी हमेशा से रिसर्च का विषय रहे हैं, लेकिन ‘ठंड से डर नहीं लगता’ टाइप बयान देकर उन्होंने खुद को रिसर्च के लिए परफेक्ट साबित कर दिया है।

राहुल गाँधी की महिमा वैसे भी अपरंपार है, ठंड की तो छोड़िए जनाब, उन्हें तो नियम तोड़ने से भी डर नहीं नहीं लगता। कॉन्ग्रेसी अपने राहुल बाबा की सुरक्षा से इतने चिंतित हुए थे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी तक लिख डाली थी। भला हो ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)’ का, जिन्होंने बताया कि राहुल ने 2020 के बाद से 113 बार सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ा है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी कई मौकों पर तय सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन किया है। राहुल की निडरता का यह दिव्य स्वरूप कॉन्ग्रेसियों को भले भाता होगा, लेकिन देश के लिए डरे हुए राहुल गाँधी ही अच्छे हैं। कम से कम सुरक्षा नियमों का पालन तो करेंगे।

अंत में, राहुल गाँधी ने पत्रकार के ‘ठंड क्यों नहीं लगता है’ सवाल के जवाब पर कहा था – मुझे यह बात समझ नहीं आ रही कि टीशर्ट से आपको इतनी डिस्‍टरबेंस क्‍यों हो रही है? क्या आप चाहते हो कि मैं स्‍वेटर पहन लूँ।” राहुल बाबा आप क्या पहने यह आपकी समस्या है, कॉन्ग्रेसियों की समस्या है। हम तो बस इतना ही चाहते हैं कि आप स्वस्थ रहें, ताकि हमारा मनोरंजन चलता रहे।

मदरसों के बाद मौलवियों पर सख्त हुए असम के CM सरमा, लगानी पड़ सकती है थाने में रोज हाजिरी: NCPCR अध्यक्ष ने बताया- अवैध मदरसों में पढ़ते हैं 1.10 करोड़ बच्चे

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मदरसों को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ाने वाले बाहरी शिक्षकों को समय-समय पर थाने में पेश होना पड़ सकता है। इन मौलवियों को पास के निकटतम मदरसों में हाजिरी लगाने को कहा जा सकता है। वहीं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का कहना है कि देशभर के अनधिकृत मदरसों में 1 करोड़ 10 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ऐसे मदरसों में बताया जाता कि सूर्य पृथ्वी के इर्दगिर्द घूमता है।

उल्लेखनीय है कि मदरसों में गैर क़ानूनी और देश विरोधी गतिविधियों के कई मामले सामने आए हैं। इन्हीं वजहों से मदरसों पर सख्ती बरती जा रही है। असम में हाल ही में आतंकवादी संगठन अंसारुल बांग्ला टीम के मॉड्यूल पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने राज्य के मदरसों में मौलवी के रूप में काम कर रहे 51 बांग्लादेशियों की पहचान भी की है। इसी को लेकर असम के मुख्यमंत्री ने राज्य के बाहर के मदरसा के मौलवियों को थाने में हाजिरी लगाने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने कहा की मदरसों के लिए एक चेकलिस्ट भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि इस संबंध में राज्य के सभी हितधारकों के साथ समझौता अंतिम रूप में नहीं पहुँचा है लेकिन चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सरमा ने कहा कि मदरसों की शिक्षा को तर्कसंगत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मदरसों में विज्ञान और गणित को शामिल किया जाएगा और इस दिशा में बंगाली मुसलमानों से बात की जा रही है।

वहीं मदरसों में तर्कसंगत पढ़ाई पर जोर NCPCR के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने भी दिया है। उन्होंने कहा है कि देशभर में 1 करोड़ 10 लाख बच्चे गैर क़ानूनी मदरसों में पढ़ रहे हैं, जहाँ उन्हें यह बताया जाता है कि सूर्य पृथ्वी के इर्दगिर्द घूमता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मदरसें पढ़ने के लिए सही जगह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये सारे ऐसे मदरसे हैं जिनकी मैपिंग ही नहीं हुई है। राज्य सरकारों के ऐसे मदरसों के बारे में पता ही नहीं है। उन्होंने कहा है कि हमने इन मदरसों के बारे में राज्यों को बताया है और कहा है कि इन बच्चों को वहाँ से निकाल कर स्कूल भेजा जाए।

जहाँ कार से घसीट कर लड़की को मार डाला, वहाँ के लोगों ने AAP विधायक को भगाया: थाने को घेर कर विरोध प्रदर्शन, नग्न अवस्था में मिला था शव

दिल्ली के कंझावला में हुई दर्दनाक घटना को लेकर लोगों को काफी आक्रोश है। यह घटना रविवार (1 जनवरी, 2023) की सुबह की है। 23 वर्षीय युवती को कार से घसीटने के कारण उसकी मौत हो गई है। इससे गुस्साए लोगों ने सोमवार को (2 जनवरी, 2023) को सुल्तानपुरी थाने का घेराव किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।

इस दौरान सुल्तानपुरी थाने के बाहर अपनी कार से पहुँची मंगोलपुरी से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक राखी बिड़ला (Rakhi Birla) को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है। विरोध करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएँ दिखीं। आप वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि राखी बिड़ला के गाड़ी से पहुँचते ही वहाँ मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया। वे AAP विधायक को देखते ही उन पर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और उन्हें वहाँ से भगा दिया।

रिपोर्ट्स के मुता​बिक, लोगों ने AAP विधायक पर इस मामले पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं, राखी बिड़ला का कहना है कि लोगों ने उनकी गाड़ी को पुलिस की गाड़ी समझकर घेरा और उनका विरोध किया। राखी ने कहा, “पुलिस-प्रशासन का लचर रवैया है। लोगों का गुस्सा मुझ पर या फिर मेरी गाड़ी पर उतरे, मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लोगों को लगा कि वह पुलिस की गाड़ी है। मुझे फर्क केवल इस बात का पड़ता है कि हमारी गुड़िया को न्याय मिलना चाहिए। उन दरिदों को फाँसी की सजा मिलनी चाहिए।”

लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया

बता दें कि 1 जनवरी को युवती स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में युवती कार के निचले हिस्से में फँस गई, लेकिन आरोपितों ने कार नहीं रोकी। इस कारण युवती कई किलोमीटर तक लगातार घिसटती चली गई। इस हादसे में, युवती के पैर भी कट चुके थे। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र से लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है।

‘बाबरी विध्वंस के लिए BJP जिम्मेदार, अब शाही ईदगाह और ज्ञानवापी निशाना’: CPM नेता ने केरल में मुस्लिमों को भड़काया, कहा – भारत सरकार में 20% आबादी की हिस्सेदारी नहीं

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिट्स (John Brittas) ने मुस्लिमों के बीच भाजपा के लिए डर फैलाने की मंशा से कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोझिकोड में केरल नदवथुल मुजाहिदीन के एक सम्मेलन के दौरान ब्रिट्स ने विवादित टिप्पणी करने से पहले इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि इस्लामिक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन ने कार्यक्रम में भाजपा नेता वी मुरलीधरन और गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई (पूर्व केरल भाजपा अध्यक्ष) को आमंत्रित किया गया है।

भाजपा नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए कम्युनिस्ट नेता ब्रिट्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे की झूठी भावना पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुस्लिमों से अनुरोध किया कि वे मस्जिदों को नष्ट करने का दावा करने वाली भाजपा की कथित चुनावी रणनीति के झाँसे में न आएँ।

केरल में मुस्लिमों के बीच उन्माद पैदा करने का प्रयास करते हुए जॉन ब्रिट्स ने दावा किया कि भाजपा ने पहले बाबरी मस्जिद को निशाना बनाया और अब ज्ञानवापी मस्जिद और शाही ईदगाह मस्जिद को निशाना बना रही है।

उन्होंने कहा, “मैं एक पत्रकार हूँ जो दुर्भाग्य से 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस का गवाह बना। उस मस्जिद को भारतीय धर्मनिरपेक्षता का एक स्थायी उदाहरण माना जाता था। वो पल मेरे दिमाग में आज भी ताजा हैं।”

जॉन ब्रिट्स ने आगे कहा है, “जब मस्जिद विध्वंस हुई तब मैं साधारण रिपोर्टर था। मैंने तब लिखा था कि बाबरी मस्जिद को नष्ट कर दिया गया। क्या आप जानते हैं कि केरल के कई प्रमुख अखबारों की हेडलाइंस में क्या कहा गया? उन्होंने इसे ‘विवादित ढाँचा’ बताया। किसका विवाद? किसके बीच विवाद?”

कम्युनिस्ट नेता ब्रिट्स ने तब दावा करते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर मुस्लिमों को संसद में चुनावी प्रतिनिधित्व से वंचित कर रखा है। साथ ही पूछा कि क्या कुल आबादी का 20 प्रतिशत हिस्सा दुनिया में कहीं भी सरकार बनाने में इस तरह से वंचित रहा है? बकौल वामपंथी नेता, वास्तव में ऐसा युद्धग्रस्त देशों में भी महसूस नहीं किया जाता। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “भारतीय संसद में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व क्या है? क्या भारत सरकार में कोई प्रतिनिधित्व है? न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व क्या है?” 

ब्रिट्स ने कार्यक्रम के आयोजकों पर निशाना साधते हुए कहा, “आपको खुद से पूछना होगा कि क्या वे (संघ परिवार) आपको उस तरह समायोजित करेंगे जिस तरह से आप उनके बारे में सोच रहे हैं। आपको उनसे यह पूछना चाहिए कि यदि आप उनका स्वागत कर रहे हैं तो वे आपका स्वागत करेंगे।”