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अब नसीरुद्दीन शाह की बीवी ने बेचा ‘डर’, कहा- काम मिलने में हो रही दिक्कतें… लोग घर पर पत्थर फेंकने लगेंगे

वरिष्ठ अभिनेत्री रत्ना पाठक ने एक साक्षात्कार में अपने पति और अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बड़बोलेपन को लेकर बात की। उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि वह अपने पति की अत्यधिक मुखरता से डरती हैं। उन्हें डर है कि शाह के बातों से आहत लोग अगर उनके घर पर पत्थर फेंकने लगे तो वह क्या करेंगी। इसलिए उन्होंने अपने पति को संयम के साथ बात करने की सलाह दी है।

पाठक ने सिद्धार्थ कानन के साथ अपने साक्षात्कार के दौरान यह टिप्पणी की। साक्षात्कार में 11:50 के बाद, पाठक ने शाह के बड़बोलेपन से लगने वाले डर के बारे में बात की और बताया कि कैसे वह उन्हें अपनी राय व्यक्त करने से रोक रही हैं।

यह पूछे जाने पर कि नसीरुद्दीन शाह डंके जी चोट पर अपनी बात कहते हैं, आप भी कहती हो, क्या आपने कभी उन्हें रोकने की कोशिश की है? इसपर उन्होंने कहा, “हाँ, मैं उन्हें रोकती हूँ। आज के जमाने में कोई भी घर के सामने पत्थर लेकर खड़ा हो जाएगा। फिर आप क्या करेंगे। वैसे भी हम सभी को काम मिलना मुश्किल हो रहा है। काम नहीं मिलने के कई कारण हैं।” हालाँकि उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त करने में समझदारी दिखानी चाहिए और डरना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा, “डर लगता है। पर क्या करें। दुनिया में बहुत कुछ गलत हो रहा है। अगर हम उन्हें नहीं बताएँगे तो वे कैसे सुधरेंगे।” इसके बाद सिद्धार्थ पूछते हैं कि एक विकल्प है कि या तो आप जो हैं वह रहें या फिर कुछ न बोलें और जिंदगी शांति से गुजर जाएगी। क्या आप दोनों बैठकर इस बारे में बात करते हैं। पाठक कहती हैं, ”सामान्य लाइन या है कि हम जो हैं, वही रहना चाहते हैं। जहाँ तक हो इसकी कोशिश करते हैं। हमें नहीं लगता कि हम अनावश्क खतरे को उठाने वाले हैं। अभी तक तो नैया डूबी नहीं है। आगे क्या होगा देखा जाएगा।बस इसी सोच के साथ जी रही हूँ।”

पाठक का यह नुपूर शर्मा केस के महीनों बाद आया है। पिछले साल जून में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को टाइम्स नाउ की एक डिबेट के दौरान अपने धार्मिक आस्था पर अडिग रहने के कारण इस्लामवादियों की ओर से सर कलम करने की सैकड़ों धमिकयाँ मिली थी। AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने मामले को भड़काने का काम किया था। तभी नसीरुद्दीन शाह का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी उन लोगों को फॉलो करते हैं जो जहर फैलाते हैं। इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी और उनके पुराने बयान भी चर्चा में आए थे।

मदरसे में तालीम लेने आई नाबालिग, Video बना ब्लैकमेल कर रहा था मौलवी शहादत हुसैन: गिरफ्तार, दावा- मोबाइल में हजारों अश्लील फोटो मिले

बिहार के नवादा जिले में मदरसे के एक मौलवी को नाबालिग छात्रा से छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मौलवी की पहचान शहादत हुसैन के तौर पर हुई है। उस पर नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकत करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है।

मामला कौवाकोल थाना क्षेत्र के मदरसा नूरी मस्जिद का है। आरोपित मौलवी करीब 3 साल से यहाँ पढ़ा रहा था। पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि मौलवी ने उसकी एक फोटो खींच ली थी और इसे वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ छेड़खानी करता था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मौलवी ने मदरसे में भी उसके साथ छेड़खानी की थी। वहीं पीड़िता के भाई का कहना है कि मौलवी 6 अलग-अलग सिम कार्ड रखता था और उसके मोबाइल से हजारों अश्लील फोटोज-वीडियो मिले हैं।

मामले में पकरीबरावां के एसडीपीओ महेश चौधरी ने कहा, “कौवाकोल थाने में एक शिकायत मिली थी कि एक मदरसा शिक्षक नाबालिग छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाता था और उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले के संबंध में जाँच जारी है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोग पहले आरोपित मौलवी के बारे में पुलिस को सूचना नहीं देना चाहते थे। स्थानीय पंचायत में ही मामले का निपटारा कर देना चाहते थे। यहाँ तक कि पंचायत में पीड़िता के परिवार से ही पैसा माँग लिया गया था। मौलवी का कहना है कि वह निर्दोष है। जिसने उसपर आरोप लगाया है, उसके साथ उसका अफेयर था। उसे बेवजह फँसाया जा रहा है।

पापा (लालू यादव) ने इनको बहुत शौक से रखा है, प्यार से इनको मौलाना साहब कहते हैं: तेज प्रताप यादव ने दिखाई राबड़ी देवी के बंगले की बकरी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। बिहार के वन, पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव एलआर ब्लॉग नाम से यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके वीडियो के क्लिप अक्सर वायरल होते रहते हैं। ऐसे ही एक क्लिप में वे राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास 10 सर्कुलर रोड की एक बकरी को दिखाते हुए बता रहे हैं कि पापा (लालू यादव) इन्हें प्यार से मौलाना साहब बुलाते हैं।

15 मिनट 43 सेकेंड का यह वीडियो कब का है यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन तेज प्रताप यादव ने 10 दिन पहले ही इस वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है। वीडियो में 3 मिनट 12 सेकेंड से लेकर 4 मिनट 15 सेकेंड के बीच आप इस बकरी की चर्चा सुन सकते हैं।

इस वीडियो को तेज प्रताप यादव ने ‘एक छोटा सा वृंदावन हमारे घर में भी’ शीर्षक से अपलोड किया है। बंगले के मंदिर, काम करने वाले कुछ लोगों और पशुओं और पेड़-पौधों के बारे में इस वीडियो में बताया है। गार्डन से पशुशाला की तरफ बढ़ते हुए वे एक बकरी से लोगों का परिचय करवाते हैं। तेज प्रताप बकरी के पास जाते हैं और उसकी दाढ़ी दिखाते हुए कहते हैं कि पापा प्यार से इन्हें मौलाना साहब कहते हैं।

तेज प्रताप वीडियो में कहते हैं, “सबसे पहले आपको स्टार्टिंग में दिखाते हैं हमारे पास गोट है यहाँ पर। बकरी। इसको पापा ने बहुत शौक से रखा है। ये देखिए इनका दाढ़ी है यहाँ पर। पापा बहुत अच्छे प्यार से इनको बोलते हैं मौलाना साहब हैं। मौलाना साहब हैं। मौलाना साहब की जो दाढ़ी होती है, साधु बाबा की जो दाढ़ी होती है, बड़ी-बड़ी, उसी तरह से इनकी दाढ़ी है।” तेज प्रताप आगे कहते हैं कि बकरी समेत सभी जानवरों को वो अपने घर का सदस्य समझते हैं। तेज प्रताप खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताते हुए कहते हैं कि गाय से प्रेम तो होगा ही। उसके बाद वह अपनी गौशाला दिखाते हैं।

आपको बता दें तेज प्रताप ने अपने माता पिता लालू यादव और राबड़ी देवी के नाम से LR VLOG शुरू किया है। इसे हजारों लोग फॉलो कर रहे हैं।

रेलवे में होती है लाइन, उसी की जमीन कब्जा कर गलियों के नाम भी रखे ‘लाइन’: हल्द्वानी से एक्सक्लुसिव रिपोर्ट

उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे जमीन से अतिक्रमण हटाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज (5 जनवरी 2023) को सुनवाई करेगी। उससे पहले हल्द्वानी में सन्नाटा दिख रहा है। उस लाइन नंबर 17 वनभूलपुरा में भी बुधवार (4 जनवरी 2023) को पूरी तरह सन्नाटा था, जहाँ हुए प्रदर्शन के वीडियो वायरल हैं।

लाइन नंबर 17 मुख्यतः किदवई नगर की मुख्य सड़क से हट कर है। जहाँ से महिलाओं और बच्चों के धरने का वीडियो आया था उसे आजाद नगर कहते हैं। बुधवार सुबह करीब 11 बजे ऑपइंडिया इस इलाके में पहुँची। अधिकतर दुकानें और मकान मुस्लिमों की है। महिलाएँ खरीदारी करती और पुरुष सड़क पर धूप सेंकते दिखे। आवाजाही सामान्य थी।

इसी गली में हुआ था धरना

इसलिए चुनी गई थी धरने की वो जगह

एक स्थानीय व्यक्ति ने हमें नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लाइन नंबर 17 ही वो बॉर्डर है, जहाँ तक रेलवे ने बुलडोजर चलाने के लिए जगह को चिन्हित कर रखा है। यहाँ एक सड़क बाजार को 2 हिस्सों में बाँटती है। बाईं तरफ का हिस्सा अतिक्रमण की जद में आ रहा, जबकि दाईं तरफ का हिस्सा बच सकता है। ऐसे में रेलवे की जमीन के बॉर्डर वाली सड़क को धरने के दिन प्रदर्शन के लिए चुना गया था।

वनभूलपुरा की गलियों को कहा जाता है ‘लाइन’

हल्द्वानी का वनभूलपुरा वो इलाका है, जहाँ गलियों के नाम ‘लाइन’ नंबर के तौर पर लिए जाते हैं। लाइन शब्द अमूमन रेलवे प्रयोग करता है। उदाहरण के लिए हल्द्वानी स्टेशन पर 3 लाइनें हैं। वनभूलपुरा क्षेत्र में जहाँ तक अतिक्रमण का क्षेत्र गिना गया है, उसे लाइन नंबर 17 कहा जाता है। इन लाइन नम्बरों में बाकायदा झुग्गियाँ और पक्के मकान बनवा लिए गए हैं।

गलियों को कहा जाता है लाइन

रेलवे ने लगा रखा है अतिक्रमण का लाल निशान

ऑपइंडिया ने उस चिह्न को भी खोज निकाला जिसे रेलवे ने अतिक्रमण के बॉर्डर के तौर पर चिह्नित कर रखा है। इस निशान में एक तीर का चिह्न बना हुआ है। जिस घर पर निशान लगा हुआ है वो घर बंद था। रेलवे लाइन से निशान के बीच तमाम दुकानें मौजूद थीं। उन दुकानों पर भी सामान्य काम धंधा होता दिखाई दिया।

रेलवे द्वारा लगा निशान

वनभूलपुरा और जाम

वनभूलपुरा से गुजरने वाली सड़क हल्द्वानी शहर से बाहर जाती है। न सिर्फ रेलवे मार्ग बल्कि यह सड़क भी अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है। किदवई नगर की शुरुआत में काफी चौड़ी यह सड़क रेलवे क्रॉसिंग पहुँचते-पहुँचते बिल्कुल संकरी हो जाती है। सड़क के दोनों तरफ अधिकतर मुस्लिमों की दुकाने हैं। ट्रेन गुजरने के दौरान इस रोड पर सिग्नल गिरा दिया जाता है जो अक्सर 10 से 15 मिनट तक बीच गिर जाता है। इस दौरान यहाँ काफी जाम लग जाता है। जाम की वजह से आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ट्रैफिक जाम

BJP सरकार ने अपने ही नेता का 5 मंजिला होटल डायनामाइट से उड़ाया, निष्कासित भी किया: THAR से कुचल कर की थी युवक की हत्या

मध्य प्रदेश में हत्या के आरोपित एक शख्स को भाजपा ने न सिर्फ पार्टी से निकाला, बल्कि उस पर कार्रवाई करते हुए उसके पाँच मंजिला होटल को ढहा दिया है। इस होटल को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष टीम को बुलाया गया था और 12 घंटे की कोशिश के बाद इसे 5 सेकेंड में गिरा दिया गया।

प्रशासन का कहना है कि इस जगह पर दो मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की इजाजत ली गई थी, लेकिन यहाँ पाँच मंजिला होटल बना दिया गया। प्रशासन ने इस बिल्डिंग को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने की कार्रवाई की।

इस बिल्डिंग को गिराने के लिए इंदौर से टीम को बुलाया गया था। इसे गिराने के लिए 80 किलोग्राम विस्फोटक और जिलेटिन की 50 रॉड्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद इसमें दो बार विस्फोट किया गया और होटल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

बता दें कि यह मामला सागर का है। सागर के भाजपा नेता मिश्रीचंद गुप्ता के भाई और भतीजे ने 23 दिसंबर 2022 को जगदीश यादव नाम के एक शख्स की अपनी थार गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी थी। सागर जिले के कोरेगाँव का करने वाले 30 वर्षीय जगदीश यादव डेयरी फार्म का काम करते थे।

मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा था। सागर के मकरोनिया थाना अंतर्गत निकाय चुनाव में रंजिश को लेकर यह हत्या की गई। जगदीश यादव निर्दलीय पार्षद किरण यादव के भतीजे थे। नगर निकाय चुनाव में किरण यादव ने मिश्रीचंद गुप्ता की पत्नी मीना गुप्ता को 83 मतों से हराया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जगदीश यादव डेयरी फार्म से कार लेने गए थे। वहाँ पर उनका भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि मिश्रीचंद गुप्ता के परिवार के सदस्यों से एक पुराने मामले को लेकर विवाद हो गया। बाद में कहासुनी ने तूल पकड़ लिया और आरोपित ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद आरोपित चार पहिया वाहन थार को मृतक के ऊपर चढ़ाकर फरार हो गए।

इसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुँची और पीड़िता को पास के अस्पताल ले गई। वहाँ डॉक्टरों ने जगदीश यादव को मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि  पुलिस को इस मामले का CCTV फुटेज भी मिला, जिसमें आरोपित गाड़ी चढ़ाते हुए दिख रहा था। हत्या के बाद सागर में बवाल हो गया। लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए।

भाजपा ने मिश्रीचंद गुप्ता को पार्टी से निकाल दिया। उधर लोग गुप्ता के अवैध होटल को गिराने की माँग भी करने लगे। इसके बाद प्रशासन ने इस होटल पर भी कार्रवाई की। उसकी हत्याकांड में मुख्य आरोपित लवी गुप्ता सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, भाजपा से निष्कासित गुप्ता और उनके दो भाई फरार हैं।

एयरपोर्ट पर शर्ट उतरवाकर अंडरगारमेंट में खड़ा रखा: महिला संगीतकार ने ट्वीट कर डिलीट किया हैंडल, CISF ने कहा- ये झूठ, होगी कानूनी कार्रवाई

कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु स्थित कैंपागौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक महिला म्यूजिशियन ने सुरक्षा जाँच के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर शर्ट उतरवाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर महिला ने एक ट्वीट किया था। हालाँकि, जब मामला झूठा साबित हुआ तो महिला ने ट्वीट को डिलीट कर दिया।

इतना ही नहीं, महिला ने इस अनुभव को बेहद अपमानजनक बताया और ट्विटर पर पूरी कहानी शेयर की। अब, महिला ने ना सिर्फ ट्वीट को डिलीट कर दिया है, बल्कि अपने ट्विटर हैंडल को भी डिएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, महिला के आरोप के बाद एयरपोर्ट के अधिकारियों ने मामले की जाँच के आदेश दिए थे।

आरोप लगाने वाली महिला ने अपने ट्वीट में कहा था, “बंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षा जाँच के दौरान मुझसे अपना शर्ट उतारने को कहा गया। वहाँ सिक्योरिटी चेक प्वॉइंट पर सिर्फ कैमिसोल (अंगिया) पहन कर खड़े होना वाकई अपमानजनक था और इस एक महिला के रूप में इस तरह का ध्यानाकर्षण आप कभी नहीं चाहेंगे। बंगलुरु एयपोर्ट, एक महिला को ऐसा करने के लिए आपको जरूरत क्यों है?”

न्यूज 18 ने CISF के सोर्स के हवाले से कहा है कि महिला द्वारा लगाया आरोप झूठ है। महिला बैज और बीडिंग के साथ डेनिम का जैकेट पहनी हुई थी। महिला की तलाशी पर्दे के पीछे महिला सुरक्षाकर्मी द्वारा ली गई थी। उसे सुरक्षाकर्मी ने तब तक पर्दे में रहने के लिए कहा था, जब तक कि उसके कपड़े स्कैनर से बाहर नहीं आ जाते। इस महिला ने कहा कि इस कपड़े में भी उसे बाहर जाने में कोई परेशानी नहीं है।

महिला ने मंगलवार (3 जनवरी 2023) की देर शाम को ट्विटर पर यह आरोप लगाया था। उसके ट्वीट का जवाब देते हुए बंगलुरु एयरपोर्ट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने इस परेशानी के लिए क्षमा माँगी और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इस हैंडल से महिला से उसका कॉन्टैक्ट नंबर भी माँगा था।

बंगलुरु एयरपोर्ट ने अपने ट्वीट ने आगे कहा कि यह मामला हवाईअड्डे के ऑपरेशन टीम के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के साथ भी साझा किया जाएगा। CISF का कहना है कि महिला का आरोप झूठा पाया गया है।

वहीं, ToI के एक रिपोर्टर के मुताबिक, बंगलुरु CISF इस महिला के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। उस पर केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए यह कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि महिला इंडिगो की फ्लाइट से बंगलुरु से अहमदाबाद जा रही थी।

धँस रहे मकान, जमीन-दीवारों में दरारे, सड़क फोड़ निकल रहा पानी… जोशीमठ में क्या होने वाला है? 35 घर कराए गए खाली, पलायन कर रहे लोग

उत्तराखंड के जोशीमठ में क्या कोई बड़ी तबाही आने वाली है? – ये सवाल कई लोगों के जेहन में गूँज रहा है। ताज़ा घटना के हुई है कि Jaypee कंपनी के परिसर में भू-धँसाव से बड़ी तबाही आई है, जिससे 25 घर रहने लायक नहीं रहे हैं। 16 परिवारों को अलग जगह पर शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिल कर लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं। चमोली जिले का ये पूरा इलाका तबाह होने की कगार पर है।

शहर में दहशत फैली हुई है और लोग पलायन कर रहे हैं। सभी 16 वार्डों में स्थिति खराब है। मारवाड़ी भूमि में पानी का बहाव भी नहीं रुक रहा है, जिससे निचले हिस्सों में स्थित घर तबाह हो रहे हैं। सिंहधार में स्थित बीएसएनएल के कार्यालय और आवासीय भवनों में भी दरार आ गई है। जेपी कंपनी के परिसर में जमीन के साथ-साथ घरों की दीवारों से भी पानी का रिसाव हो रहा है। खेतों की दरार में ये पानी घुस रहा है। डाकघर को भी शिफ्ट करना पड़ा।

‘माउंट व्यू’ नामक होटल तो ऐसा धँस गया कि इसकी पूरी संरचना ही तिरछी हो गई है। होटल को खाली करना पड़ा है। ज्योतिर्मठ परिसर, जो कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी है, वहाँ के मंदिरों के आसपास भी दरारें आ रही हैं। शंकराचार्य से सरकार से इस पर ध्यान देने की अपील करते हुए आसपास चल रहे विद्युत्-जल परियोजनाओं को रोकने की माँग की है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञ इलाके का निरीक्षण करें।

जोशीमठ को बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार कहा जाता है। धरती फाड़ कर जगह-जगह पानी निकल रहा है। प्रशासन ने 35 घरों को खाली कराया है। कई मकान 2-3 फ़ीट तक जमीन के अंदर धँस गए हैं। जहाँ-जहाँ से पानी निकल रहा है, वहाँ सीवर से कोई लीकेज नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं के हिसाब से ये जमीन वैसे भी संवेदनशील है। यहाँ के लोग भी डरे हुए हैं और लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। सड़कों की दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। कई घरों के काँच चटक रहे हैं।

‘पवन सिंह ने गलत काम करने को कहा, इसलिए छोड़नी पड़ी फिल्म’: भोजपुरी अभिनेत्री का खुलासा, कहा- पहले नहीं जानती थी उनकी सच्चाई

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार पवन सिंह का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहा है। अब एक अभिनेत्री ने अभिनेता पर आरोप लगाया है। यामिनी सिंह नाम की अभिनेत्री का कहना है कि वह पवन सिंह के साथ इसलिए काम नहीं करतीं, क्योंकि उन्होंने अभिनेत्री से काम के बदले कंप्रोमाइज करने के लिए कहा था।

बता दें कि इसी अभिनेत्री ने पहले एक साक्षात्कार में कहा था कि वह पवन सिंह के साथ इसलिए काम नहीं करतीं, क्योंकि उनकी फिल्मों में स्पेस नहीं मिलता है। अब अभिनेत्री ने काम नहीं करने का कारण कुछ अलग बताया है।

यामिनी ने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं यह बताना चाहती हूँ कि लोगों को लगता है कि मुझे पहली फिल्म पवन सिंह ने दी थी, लेकिन ऐसा नहीं है। मुझे मेरी पहली फिल्म डायरेक्टर अरविंद चौबे ने ऑफर की थी। उस फिल्म का नाम ‘बॉस’ था। मुझे निकालने वाले न पवन सिंह थे और न ही कोई डायरेक्टर। मैंने इस फिल्म को खुद छोड़ा था।”

उस अनुभव को साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा, “जब मैं सेट पर गई थी तो मैंने पवन सिंह की तारीफ की थी। मैं यही जानती थी कि वे अच्छे व्यक्ति हैं और अच्छा स्टार हैं। वे मेरे फेवरेट सिंगर भी हैं। हालाँकि, तब मैं उनकी सच्चाई नहीं जानती थी। साथ काम करने के लिए पवन सिंह ने मुझे समझौता करने के लिए कहा था।”

एक चैनल से बात करते हुए यामिनी ने आगे बताया, “इस अनुभव के बाद मैंने ठान लिया कि मैं इंडस्ट्री में रहूँगी और सबके साथ काम करूँगी, लेकिन पवन सिंह के साथ नहीं करूँगी। मुझे गलत करना होगा तो मैं हॉलीवुड न जाऊँ? वहाँ गलत करके आगे ना बढ़ जाऊँ!”

‘गलत काम’ को लेकर जब यामिनी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह किसी फिल्म के सीन से संबंधित नहीं था, बल्कि यह अलग लेवल का मामला था। उन्होंने आगे कहा, “मैं इस विषय पर और ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। मैं किसी के साथ किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती हूँ, क्योंकि इससे कहीं ना कहीं हमारी लाइफ प्रभावित होती है।”

सरकारी जमीन पर कब्जे में कॉन्ग्रेसी हाथ: विधायक माँ ने ‘गफूर बस्ती’ को दी थी सुविधाएँ, अब MLA बेटा पहुँचा सुप्रीम कोर्ट

उत्तराखंड के हल्द्वानी में दूसरा शाहीन बाग़ शुरू करने की साजिश चल रही है, जिसे कॉन्ग्रेस का पूरा समर्थन है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो रही है और इसमें अतिक्रमणकारियों का साथ कॉन्ग्रेस नेता दे रहे हैं। हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश भी दिल्ली पहुँच चुके हैं, ताकि वो इस मामले में अधिवक्ता व वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की मदद कर सकें। शायर और कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी भी लगातार लगे हुए हैं।

सोशल मीडिया पर अभिषेक सेमवाल नामक यूजर ने अपने एक थ्रेड में काफी अच्छे से इस पक्ष को उभारा है और कॉन्ग्रेस नेताओं पर सवाल उठाए हैं। जिस जगह से अतिक्रमण हटाया जाना है, वहाँ पर करीब 20 इबादतगाह बना दिए गए हैं – ऐसा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है। यहाँ रेलवे के क्षेत्र में कई वर्षों के क्रम में हजारों लोग बस गए। ये एक पूरी साजिश के तहत हुआ, क्योंकि अचानक से तो कहीं हजारों लोग नहीं बस जाएँगे।

करीब 47 वर्षों तक इसका क्रम चला, जो कॉन्ग्रेस के समर्थन के बिना संभव नहीं था। क्योंकि, ज्यादातर वर्षों तक इसी पार्टी का केंद्र और राज्य में राज रहा। अभिषेक मेघवाल ने बताया है कि कैसे इंदिरा हृदयेश ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। उनका कहना था कि वो हर वो कोशिश करती हैं, जिससे ये बस्ती न उजड़े। यहाँ तक कि जब गफूर बस्ती के सीमांकन का काम होता था, तब भी यहाँ के लोग इसका विरोध करते थे और इंदिरा हृदयेश भी इसमें साथ रहती थीं।

पार्षद लईक कुरैशी जैसे लोग भी इसमें उनके साथ रहे, जो मुस्लिमों के बीच से चुन-चुन कर आते रहे और कहते रहे कि बस्ती कोई नहीं उजाड़ पाएगा। इस तरह, अतिक्रमणकारियों का समर्थन कर-कर के हृदयेश परिवार ने उनके बीच खुद के लिए सहानुभूति बनाई और उनके वोटों से जीतते रहे। क्योंकि, बस्ती की जनसंख्या बढ़ने का अर्थ था उनका समर्थन करने वाले नेता के वोट्स बढ़ना। जनप्रतिनिधि बदले में उन्हें सारी सुविधाएँ देते थे, उनके आइकार्ड्स बनाए गए होंगे।

आसपास के इलाकों में भी मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने से कॉन्ग्रेस को इसका फायदा हुआ और कॉन्ग्रेस ने बदले में इनको फायदा पहुँचाया। हालाँकि, अंत में काम निकल जाने के बाद और मुस्लिमों की माँगें बढ़ने के बाद इंदिरा हृदयेश ने भी इन्हें भाव देना बंद कर दिया। मुस्लिम भी समझने लगे थे कि उनका इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में किया जा रहा है। अब गफूर बस्ती अपने खुद को नियमित किए जाने की माँग करने लगे, और ज्यादा माँगने लगे, जिस कारण कॉन्ग्रेस का वोट बैंक उनके ही गले की फाँस बन गया।

अंत में इंदिरा हृदयेश खुद दिसंबर 2016 में कह चुकी थीं कि हल लाठी-डंडों से नहीं, बल्कि न्यायालय से निकलेगा। अब जब उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अतिक्रमण खाली करने के आदेश दे दिए हैं, फिर अब इतना ड्रामा क्यों? उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और करण माहरा जैसे कॉन्ग्रेस नेता कैंडल मार्च निकाल कर अवैध अतिक्रमणकारियों के समर्थन में लगे हैं। खुद MLA सुमित हृदयेश यहाँ फ्लाईओवर बनने जैसे विकास कार्यों का विरोध कर चुके हैं। यानी, अवैध अतिक्रमण के कारण कॉन्ग्रेस इलाके के विकास की भी विरोधी है।

जिस शाहरुख़ ने हिन्दू लड़की को ज़िंदा जला डाला, उसका बचाव करने वाले सीमाब अख्तर जुड़ा HeadlinesBihar से: AIMIM का रह चुका है नेता

झारखंड में अंकिता हत्याकांड को अंजाम देेने वाले आरोपित शाहरुख हुसैन के बचाव में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला पटना के न्यूज4नेशन का पूर्व पत्रकार सीमाब अख्तर अब नया ठिकाना खोज लिया है। वह Headlines Bihar नाम के एक मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ है।

इसकी जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर में गुस्सा फैल गया है। लोगों ने हेडलाइन्स बिहार के इस निर्णय का विरोध किया है। इस हाउस से लोगों ने ऐसे कट्टरपंथी को अपने यहाँ नौकरी नहीं देने की अपील की है।

टीम सुभाष यादव यादव नाम के एक यूजर ने लिखा, “पिछले वर्ष झारखंड में अंकिता नामक एक हिन्दू लड़की की इस्लामिक लव जिहादी द्वारा तेजाब डालकर हत्या कर दिया गया था और उस हत्या को तथाकथित पत्रकार इस्लामिक जिहादी सीमाब अख्तर ने जायज ठहराया था और हत्या का जश्न मनाया था। उसे अब #HeadlinesBihar ने रख लिया है।”

इस ट्वीट में यूजर ने हेडलाइन्स बिहार का एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें सीमाब बिहार के AIMIM नेता आदिल हसन से फोन पर बात कर उस पार्टी के लिए प्रोपगेंडा फैला रहा है। हेडलाइन्स बिहार ने इस पोस्ट को शेयर कर इसमें लिखा है, ‘Bihar News: Nitish को सताने का ओवैसी का डर, सुनकर AIMIM नेता बोले अच्छा लगा।’

अगर भास्कर की पाँच साल पुरानी रिपोर्ट की मानें तो पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के दौरान AIMIM ने अपने उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की थी। उस वक्त AIMIM के प्रदेश युवा अध्यक्ष आदिल हसन ने सीमाब अख्तर को AIMIM का पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष बनाया था।

दरअसल, अंकिता हत्याकांड को लेकर सीमाब अख्तर ने एक फेसबुक पोस्ट में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘जला-जलौवल चलता ही रहता है’। उसके पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसमें सीमाब अख्तर ने लिख रखा है, “ज्यादा बिलकुल नहीं होना चाहिए। जला जलौवल तो चलता ही रहता है।”

इस कमेंट को पढ़ने के बाद एक यूजर ने उससे पूछा, “पत्रकारिता कहाँ से सीख ली है, सीमाब अख्तर साहब? भाषा तो आपकी बिलकुल अच्छी नहीं है।” इस पर सीमाब ने आरोपित शाहरुख हुसैन को दोषी ठहराने या अपनी गलती मानने की बजाय फिर लिखा, “साहब, उसने धोखा दिया और जला दिया। जहाँ हवस हो वहाँ हमदर्दी…।”

जब सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उबलने लगा तो वह एकदम से ठंडा पड़ गया। उसने माफी माँगते हुए लिखा था, “अंकिता के लिए मुझसे अमर्यादित टिप्पणी हो गई थी जिसके लिए मैं बहुत शर्मिंदा हूँ और आप सभी से क्षमा माँगता हूँ। बहन अंकिता का हत्या करने वाला शाहरुख को फाँसी की सजा मिले। समाज में ऐसे कृत्य करने वाले अपराधियों का कोई जगह नहीं है।”