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छलकता हमरो जवनिया ए राजा… बिहार के मंदिर में 2 लड़कियों ने अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस कर के बनाया रील्स

बिहार के छपरा में स्थित प्रसिद्ध मारुति मानस हनुमान मंदिर में दो लड़कियों ने अश्लील भोजपुरी गाने पर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रबंधन कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। वहीं, बजरंग दल के कार्यकर्ता भी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छपरा में स्थित मारुति मानस हनुमान मंदिर में हर रोज सैकड़ों लोग पूजा-पाठ करने आते हैं। हालाँकि, दो युवतियों ने लाइक और फ़ॉलोअर्स के चक्कर में मंदिर परिसर में अश्लील गाने पर वीडियो बनाया है। वीडियो बनाने वाली लड़कियाँ आपस में बहन बताई जा रही हैं। इनकी पहचान रिया कश्यप और प्रिया कश्यप के रूप में हुई।

आरोप है कि इन लड़कियों ने मंदिर की सीढ़ियों पर भोजपुरी के अश्लील गाने ‘छलकता हमरो जवनिया ऐ राजा…’ के बोल ‘रउ ले राजा हम खटिया बिछवनी देखी लगा के मच्छरदानी…’ पर डांस करते हुए वीडियो बनाया था। वायरल वीडियो में उक्त लड़कियों को ठुमका लगाते हुए देखा जा सकता है। इन दोनों ही लड़कियों ने यह वीडियो रील के रूप में इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। रिया कश्यप के इंस्टाग्राम पर 2 लाख 47 हजार फॉलोवर हैं। वहीं, उसकी बहन प्रिया कश्यप के 15 हजार फॉलोवर है। फिलहाल, यह वीडियो इंस्टाग्राम से डिलीट किया जा चुका है।

मंदिर परिसर पर अश्लील गाने पर वीडियो बनाने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, हिंदू संगठनों व मंदिर समिति ने नाराजगी जताई है। मानस मारुति मंदिर के प्रबंधन समिति के सदस्य चंदन वर्मा का कहना है कि छपरा शहर के कुछ युवाओं द्वारा मंदिर परिसर में अश्लील भोजपुरी गाने पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था।

इसकी जानकारी श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर प्रबंधन को दी गई। युवाओं के खिलाफ मंदिर प्रबंधन कानूनी करवाई करने के मूड में है। फिलहाल, चेतावनी दी गई है। लेकिन, यदि आने वाले दिनों में ऐसी घटना होती है तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बजरंग दल के जिला मंत्री धनंजय कुमार ने मंदिर परिसर में हुई इस हरकत पर विरोध जताते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार से इस मामले में लड़कियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की।

दलित महिला से गफ्फार खान ने​ किया रेप, पति ने की आत्महत्या: अश्लील फोटो वायरल करने की दे रहा था धमकी, राजस्थान की घटना

राजस्थान के बाड़मेर से एक दलित की आत्महत्या करने की खबर आई है। गफ्फार खान पर मृतक की पत्नी के साथ चाकू की नोंक पर रेप करने का आरोप है। रिपोर्टों के मुताबिक गफ्फार ने महिला की अश्लील फोटो भी खींच ली थी। उसे वायरल करने की धमकी दे रहा था। इससे आहत होकर पीड़ित पति ने जान दे दी। घटना सोमवार (19 दिसंबर 2022) रात की है, लेकिन मीडिया में अब सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बालोतरा थाना क्षेत्र की है। 16 दिसंबर 2022 को मृतक की पत्नी इलाज के लिए बालोतरा अस्पताल गई थी। पीड़िता को अकेला देख कर गाँव का ही गफ्फार खान पीछा करने लगा। वह महिला के साथ ही उसके घर तक लौटा। तब मृतक अपने घर पर नहीं था। महिला को अकेला देख कर गफ्फार खान उसके घर में घुस गया। उसने महिला की गर्दन पर चाकू रख कर उसके साथ रेप किया।

रेप के दौरान ही गफ्फार ने दलित महिला के अश्लील फोटो भी खींच लिए थे। उसने पीड़िता को धमकी दी की यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो वह फोटो वायरल कर देगा। महिला ने घर लौटने पर पति को घटना की जानकारी दी। जब पीड़िता के पति ने गफ्फार से इसके बारे में सवाल किया तो उसने जान से मारने और फोटो वायरल करने की धमकी दी।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि इस घटना के बाद उसके पति काफी दुखी थे। बेहद तनाव में रहने लगे थे। इसी दुख में उन्होंने 19-20 दिसंबर की रात घर में ही फाँसी लगाकर जान दे दी। अगले दिन महिला ने गफ्फार को आरोपित बनाते हुए पुलिस से शिकायत की। गफ्फार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बालोतरा DSP नीरज कुमारी शर्मा के मुताबिक गफ्फार पर आत्महत्या के लिए उकसाने वाली धारा में FIR दर्ज कर जाँच की जा रही है। उससे पूछताछ की जा रही है।

डिवाइडर से टकराई PM मोदी के भाई की कार, परिवार के साथ जा रहे थे मैसूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी की कार का कर्नाटक में एक्सीडेंट हो गया। कार में कुल 5 लोग सवार थे। सभी को हल्की चोटें आने की खबर है। इन्हें जेजेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त प्रह्लाद मोदी परिवार के साथ बांदीपुर से मैसूर जा रहे थे। इसी दौरान डिवाइडर से टकराने के कारण कार का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और सभी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

कार में प्रह्लाद मोदी, उनका बेटा, बहू, एक बच्चा और ड्राइवर सवार थे। मैसूर की पुलिस अधीक्षक सीमा लटकर ने घटनास्थल का जायजा लिया। अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।

तलाक से परेशान थी हिंदू महिला, नवीन बनकर आया नबी अंसारी: पहले रेप फिर धर्म परिवर्तन का बनाने लगा दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है। नबी अंसारी पर खुद को नवीन बताकर एक तलाकशुदा हिन्दू महिला से रेप का आरोप है। पीड़िता ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और धमकी देने की भी शिकायत की है। पुलिस ने केस दर्ज कर अंसारी को रविवार (24 दिसम्बर 2022) को मुंबई से गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हिरा नगर थानाक्षेत्र का है। 18 दिसंबर 2022 को तलाकशुदा हिन्दू महिला ने नबी अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।शिकायत में महिला ने बताया है कि उसका 2017 में तलाक हुआ था। उसका एक बच्चा भी है। परिवार चलाने के लिए वह एक रेस्टोरेंट में काम कर रही थी। यहीं उसकी मुलाकात नबी अंसारी से हुई। महिला का आरोप है कि नबी ने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम नवीन बताया।

शिकायत में महिला ने बताया है कि तलाक से वह परेशान रहती थी। इसका फायदा उठा अंसारी उसके करीब आ गया। उसको अपने झाँसे में लिया। इस दौरान आरोपित ने बिना मर्जी के पीड़िता से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ दिनों बाद जब महिला ने शादी करने के लिए कहा तब आरोपित ने खुद को मुस्लिम बताया। वह धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। आरोप है कि धर्म परिवर्तन न करने पर नबी ने पीड़िता और उसके बच्चे को जान से मार डालने की भी धमकी दी।

बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले नबी काम करने मुंबई चला गया। महिला द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने नबी के खिलाफ IPC की धारा 376,376(2)(एन),506 के साथ 3/5 मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2020 के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने नबी की तलाश शुरू की और मुंबई से उसे खोज निकाला। सोमवार (26 दिसंबर 2022) को पुलिस ने नबी को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

हनीट्रेप मामले में जमानत पर बाहर निकलते काम पर लग गई राहिला बेगम, युवक को फँसा कर ठगे ₹30 लाख: व्यवसायी ने कर ली थी आत्महत्या

अपने हुस्न के जाल में फँसाकर पैसे ठगने और ब्लैकमेल करने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। बकायदा एक गिरोह बनाकर इन मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। यहाँ बाँदा की रहने वाली शातिर महिला राहिला बेगम ने लखनऊ के एक युवक को हनीट्रैप में फँसाकर 30 लाख रुपए ठग लिए। आरोपित महिला सर्राफा व्यवसायी शैलेश जड़िया के आत्महत्या मामले में जमानत पर जेल से बाहर थी। राहिला ने शैलेश को भी हनीट्रैप में फँसाया था और उसे इस हद तक मजबूर किया था कि उसने आत्महत्या कर ली थी।

आरोपित राहिला को गुरुवार (22 दिसंबर, 2022) को नए मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भरद्वाज ने इस मामले में ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है, “राहिला जैसे ही जमानत पर छूटी, उसने एक अन्य व्यवसायी को अपने साथ अपना आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे धमकी देते हुए फँसा लिया। यह महिला के काम करने का मानक तरीका है। उस आदमी ने उसे पैसे दिए लेकिन जब ब्लैकमेल नहीं रुका तो उसने शिकायत दर्ज करा दी।”

दरअसल लखनऊ का शहादतगंज निवासी इरशाद अहमद भी इस शातिर महिला के जाल में फँस गया था और महिला ने करीब 30 लाख रुपए उससे ठग लिए थे। लेकिन महिला इसके बाद भी नहीं रुकी और इरशाद से और पैसे माँगने लगी, जिसके बाद उसने पुलिस में इसकी रिपोर्ट लिखवाई। रिपोर्ट में उसने बताया कि वह वर्ष 2011 में महिला के संपर्क में आया था और कई साल बाद जब उसे आरोपित महिला की सच्चाई का पता चला तो उसने उससे किसी तरह से पीछा छुड़ाना चाहा, लेकिन महिला के साथी उसे धमकी देने लगे।

इसी से परेशान होकर उसने पुलिस को अपनी आपबीती बताई। बैंक स्टेटमेंट और दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस ने राहिला बेगम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया। वहीं मामले में बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बयान दिया था। उन्होंने कहा कि यह महिला की पहले से ही एक सर्राफा व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में जेल में बंद थी और अब एक नए सर्राफा व्यापारी ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने कहा कि महिला ने व्यापारी से फेसबुक से सम्पर्क किया और कई आपत्तिजनक वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल करने लगी। उसने व्यापारी से करीब 30 से 40 लाख रुपए ठग लिए। उन्होंने साथ ही कहा कि मामले में रैकेट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर इस तरह की कोई बात होगी तो दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है महिला ने इससे पहले अपने प्रेमजाल में फँसाकर सर्राफा व्यवसायी शैलेश जड़िया को अपना शिकार बनाया था। महिला से परेशान होकर और अपना सबकुछ लुटा देने के बाद शैलेश ने आत्महत्या कर ली थी। महिला को 6 मई 2022 को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर थी।

पाकिस्तान में क्या होने वाला है? अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया-UK के बाद अब सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को आगाह किया, बलूचिस्तान में 7 धमाकों के बाद हाई अलर्ट

दुनिया के अशांत देशों में शामिल पाकिस्तान (Pakistan) में रह रहे अपने नागरिकों को लेकर सऊदी अरब (Saudi Arab) फिक्रमंद है। पाकिस्तान में रविवार (25 दिसंबर, 2022) को हुए बम धमाकों के बाद सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को अलर्ट किया है। सऊदी अरब ने सोमवार को जारी अलर्ट में अपने नागरिकों से कहा कि वे पाकिस्तान में गैर जरूरी आवाजाही से बचें।

इसे लेकर इस्लामाबाद में सऊदी अरब के दूतावास ने ट्वीट भी किया। इस ट्वीट में दूतावास की तरफ से लिखा गया, “पाकिस्तान में रह रहे हमारे नागरिकों को सावधान रहने की जरूरत है। एडवाइजरी में पाकिस्तान में रह रहे सऊदी नागरिकों से कहा गया है कि वे शहरों में ही रहें। जितना हो सके कम ही बाहर निकलें। नागरिकों से कहा गया है कि वे इस्लामाबाद के किसी भी पाँच सितारा होटल में जाने से बचें।”

आपको बता दें कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद हाई अलर्ट पर है। संभावित हमले के ख़तरों को देखते हुए अमेरिका (USA) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) पहले ही अपने नागरिकों को सतर्क कर चुका है। ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को इस्लामाबाद शहर की सीमा के भीतर ही रहने की हिदायत दी है। ऑस्ट्रेलियाई दूतावास की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि नागरिक पाकिस्तान की ख़बरों पर नजर रखें।

अमेरिका ने भी 23 सितंबर, 2022 को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद अपने नागरिकों को अलर्ट किया था। अमेरिकी ने अपने नागरिकों को इस्लामाबाद के मैरियट होटल में जाने से रोका है। अमेरिका ने इस होटल में संभावित हमले का ख़तरा जताया है।

दरअसल पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में हमले बढ़ गए हैं। पहले 23 सितंबर 2022 को इस्लामाबाद में एक आत्मघाती हमला हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार सवार मर्द और औरत इस्लामाबाद के भीड़-भाड़ वाले इलाके में पहुँचे थे। जहाँ पुलिस उनकी तलाशी ले रही थी। इसी दौरान उन्होंने खुद को उड़ा लिया। धमाके में कार सवार मर्द और औरत के साथ पुलिस ऑफिसर की भी मौत हो गई थी।

दूसरी तरफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रविवार (25 दिसंबर, 2022) को सात बम धमाके हुए थे। इस धमाके में पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों की मौत हो गई थी और 19 लोग घायल हो गए थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्वेटा के सब्जाल रोड पर भी एक ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ है। जिसमें 5 लोगों के घायल होने की ख़बर है। पिछले ही महीने तहरीक-ए-तालिबान (TTP) ने अपने हमलावरों से सीज़फायर तोड़ते हुए पूरे पाकिस्तान में हमला करने का आदेश दिया था।

टीटीपी का दावा है कि इस साल (2022) में उन्होंने अलग-अलग हमलों में 150 पाकिस्तानियों को मौत के घाट उतारा है। सीज़फायर के खातमे का ऐलान करने के बाद से टीटीपी ने देश भर में तकरीबन 33 हमले किए हैं और 35 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की हत्या की है।

‘विधायक का बेटा हूँ, किसी से नहीं डरता’: भागलपुर में जदयू MLA गोपाल मंडल का बेटा गिरफ्तार, खुलेआम की थी गोलीबारी, जमीन कब्जाने का भी आरोप

बिहार के भागलपुर में JDU विधायक गोपाल मंडल के बेटे आशीष मंडल को SIT ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी मंगलवार (27 दिसंबर, 2022) को हुई है। आशीष मंडल पर 12 दिसंबर 2022 को एक होटल में गोली चलाने का आरोप है। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हुआ था। इस मामले की जड़ में प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है। कुछ समय पहले गोपाल मंडल एक चुनाव प्रचार में नजर आए थे। तब उनका विधायक का बेटा होने और किसी से भी न डरने का वीडियो वायरल हुआ था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आशीष की गिरफ्तारी तिलकामांझी थाना क्षेत्र से हुई है। वहीं ‘दैनिक जागरण’ ने आशीष की गिरफ्तारी उनकी माँ सिवता देवी के कार्यालय से होने की जानकारी दी है। सविता देवी मेयर हैं और उनका ऑफिस बरारी के हाउसिंग बोर्ड में मौजूद है।

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक, बरारी के मुसहरी टोला से सटी जमीनों की खरीद-बिक्री में JDU विधायक गोपाल मंडल और प्रॉपर्टी डीलर लाल बहादुर के बीच पहले से विवाद था। लाल बहादुर ने विधायक पर सत्ता की हनक में जमीनों पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया है। 11 दिसंबर, 2022 को विधायक गोपाल मंडल और लाल बहादुर के बीच प्रॉपर्टी को ले कर फोन पर कहासुनी हुई। विधायक गोपाल मंडल ने एक जमीन की चारदीवारी करवा रखी थी जिसको लाल बहादुर ने गिरवा दिया था।

इसी बात से नाराज हो कर विधायक के बेटे आशीष मंडल एक होटल में मौजूद लाल बहादुर के पास पहुँचे। दोनों पक्षों में पहले बहस हुई, जो कुछ ही देर बाद मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में लाल बहादुर उर्फ़ लड्डू शास्त्री, उनकी पत्नी माधु और रवि कुमार घायल हो गए। आरोप है कि विधायक के बेटे आशीष ने गोली भी चलाई। हमले में बुरी तरह से घायल रवि को सिलीगुड़ी रेफर किया गया है।

बिहार सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए SIT का गठन किया। तब से आशीष मंडल फरार चल रहा था। इस घटना में विधायक गोपाल मंडल को भी आरोपित किया गया है। फरारी के दौरान आशीष मंडल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो में आशीष खुद को विधायक का बेटा बताते हुए किसी से भी न डरने की बात कह रहे थे।

माना कि तू खुद से खुदा हुए जा रहा है, पर इश्क में शहर होना नहीं है लोकसभा में उनके सामने खड़े होना

तुम्हारी पसंद का विषय क्या है? राजनीति सर। अंग्रेजी का पता नहीं। लेकिन हिंदी पत्रकारिता का यह कॉमन सवाल और जवाब है। उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे प्रदेशों के ज्यादातर युवक/युवतियाँ पॉलिटिकल बीट पाने की आकांक्षा लिए ही पत्रकारिता की शुरुआत करते हैं। यह दूसरी बात है कि ज्यादातर की आकांक्षा पूरी नहीं होती। फिर वे दाल-रोटी के​ लिए रक्षा से लेकर साहित्य तक के जानकार बन जाते हैं। मुझे नहीं पता कि रवीश कुमार से उनकी पत्रकारिता के शुरुआती दिनों में किसी ने यह सवाल किया था या नहीं। वे खुद भी बताते हैं कि एनडीटीवी में चिट्ठी छाँटने आए थे।

सवाल भले न पूछा गया हो, लेकिन यह वह आकांक्षा है जो कभी भी रवीश कुमार की लोमड़ हीं हीं हीं में दबी नहीं। जब भी उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर RSS तक पर किताब लिखने वाले विजय त्रिवेदी की चर्चा की या बाबा नाम से चर्चित मनोरंजन भारती की, यह आकांक्षा बिना बोले भी चेहरे पर प्रकट होती रही। वे भले दिखाएँ कि इनका जिक्र इश्क में किया है, लेकिन रश्क चेहरे पर स्वतः स्फूर्त रहती है। शायद इसे ही इश्क में शहर होना भी कहते हों।

यह आकांक्षा उन्होंने अपने कर्म से भी दिखाई है। कहते हैं कि बिहार में ब्रजेश पांडेय को कॉन्ग्रेस का टिकट उनकी ही कमाई है। बैंक अकाउंट में आने वाली कमाई नहीं, काली स्क्रीन वाली कमाई। जब इन ब्रजेश पांडेय पर दलित नाबालिग के यौन शोषण का आरोप लगा तब भी ‘बोलना ही है’ वाले रवीश कुमार ने रहस्यमयी चुप्पी बनाए रखी। वैसे यह हैरान नहीं करता, क्योंकि आरोपों पर गंभीर चुप्पी राजनीतिक आकांक्षा की स्वभाविक उपज है।

अब रवीश की इस आकांक्षा का प्रस्फुटन बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में हुआ है। 29 मिनट 46 सेकेंड का यह इंटरव्यू रवीश कुमार के कुंठा स्खलन का एक नया नमूना है। इसमें जो नया है, वह 22:10 से 24:05 के बीच आप सुन सकते हैं। रवीश कुमार से विपक्षी दलों से ऑफर मिलने को लेकर सवाल किया जाता है। जवाब में वे किसी राजनीतिक दल से ऑफर की बात नहीं कहते। वे कहते हैं, “दोस्त, शुभचिंतक कहते हैं कि आपको राजनीति में आना चाहिए। बहुत सारे लोगों की चाहत है। कहते रहते हैं लोग। लेकिन मैं ये सोचता हूँ कि आप कल्पना कीजिए कि अगर मैं राजनीति में हूँ। मैं लोकसभा में हूँ उनके सामने… लोकसभा तो कोई खरीद नहीं सकता न या वो भी खरीद लेगा कोई सेठ आकर…”

जवाब से ज्यादा दिलचस्प रवीश कुमार का वो नाटकीय अंदाज है, जिसमें ये आया है। वो हँसी जो उनके चेहरे पर लोकसभा का नाम लेते ही खिल उठी। यह बताता है कि किस शिद्दत से रवीश कुमार को ऐसे किसी सवाल का इंतजार था। वे इसका जवाब देने को कितने बेसब्र थे। भले इस जवाब में रवीश ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूरे पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन ये अच्छा हुआ कि उनसे यह सवाल किया गया। क्योंकि ये वो सवाल है जो उन्हें भीतर ही भीतर खाए जा रहा था। ​ये वो जवाब है जो नहीं दे पाने की तड़प में उनका रश्क कुंठा में बदल प्राइम टाइम में स्खलित होता रहा है।

रवीश कुमार का राजनीतिक आकांक्षा रखना गुनाह नहीं है। उनसे पहले भी पत्रकार सांसद और मंत्री बनते रहे हैं। नेताओं के सलाहकार बनते रहे हैं। टिकट के लिए लॉबिंग करते रहे हैं। जब से सोशल मीडिया का जोर चला है ज्यादातर नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पत्रकार ही ठेके पर चला रहे हैं। रवीश कुमार को इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने का उतना ही अधिकार है, जितना जनता को उन्हें लोकसभा भेजने या न भेजने का फैसला करने का। बेहतर होगा कि वे पसंद के दल और सीट से चुनाव लड़ ही लें, क्योंकि अपनी आकांक्षा के लिए वे पत्रकारिता की आड़ लेकर जो कुछ कर रहे हैं, वह गुनाह है।

वैसे भी रवीश कुमार ने लोकसभा में खड़े होने की बात की है। लोकसभा में खड़े होने के लिए जनता की अदालत में पास होना पड़ता है। वहाँ लाइक, रिट्वीट से बात नहीं बनती। वोट जुटाने पड़ते हैं। वोट के लिए जमीन पर उतरना पड़ता है जो यकीनन न्यूज स्टूडियो के फर्श जैसा नहीं होता। वोट के लिए भरोसा जीतना होता है जो वातानुकूलित कमरे में सूट और टाई के साथ एकतरफा विलाप से हासिल नहीं होता।

काश! लोकसभा में खड़ा होना पत्रकारिता गिरवी रखने जितना सहज होता।

1 महीने तक रोज 8 घंटे गिनते रहे ट्रेन के डब्बे, कहा था – यही तुम्हारी ट्रेनिंग है: रेलवे में नौकरी के नाम पर 28 लोगों से ₹2.67 करोड़ की ठगी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेलवे में नौकरी के नाम पर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस फर्जीवाड़े के जरिए 28 लोगों से करीब 2.67 करोड़ रुपए ठगे गए हैं। ठगी का शिकार हुए लोग तमिलनाडु के हैं। ये लोग ट्रेनिंग के नाम पर एक महीने तक रोजाना 8 घण्टे आने-जाने वाली ट्रेनों और उनके डिब्बों की गिनती करते रहे। इन लोगों को बताया गया था कि यही उनका काम है।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि, ठगी का शिकार हुए लोगों लो बताया गया था कि यह यात्रा टिकट परीक्षक (TTE), यातायात सहायक और क्लर्क के पद के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। इन लोगों ने रेलवे में नौकरी पाने के लिए ठगों को दो लाख रुपए से लेकर 24 लाख रुपए तक दिए हैं।

कैसे खुला घोटाला?

इस पूरे घोटाले को लेकर पूर्व सैनिक एम सुब्बुसामी ने एफआईआर दर्ज कराई है। 78 वर्षीय सुब्बुसामी का कहना है कि इसी साल जून और जुलाई के बीच ठगों ने रेलवे में नौकरी और ट्रेनिंग के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोगों से 2.67 करोड़ रुपए ठगे हैं। आरोप है कि सुब्बुसामी ही ठगी का शिकार हुए लोगों को ठगों के संपर्क में लाए थे। हालाँकि, सुब्बुसामी का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि यह सब फर्जीवाड़े का हिस्सा है। इसलिए, वह ठगों के जाल में फँस गए।

सुब्बुसामी ने कहा, “मैं कोयम्बटूर में एक एमपी के क्वार्टर में शिवरामन नाम के एक व्यक्ति से मिला था। उसने कहा था कि वह सभी सांसदों और मंत्रियों को जानता है। इसके बाद, मैंने इलाके के केवल तीन आदमियों से टीटीई की नौकरी के लिए आवेदन करने को कहा था, लेकिन 25 अन्य लोग भी इसके लिए आवेदन करने को तैयार हो गए।”

उन्होंने आगे कहा है, “हम लोगों ने विकास राणा नामक व्यक्ति से मुलाकात की थी। उसने कहा था कि ट्रेनिंग की जिम्मेदारी उसकी है। सभी ने मुझ पर भरोसा किया और पैसे भेज दिए। मैंने राणा के खातों में सभी के पैसे भेज दिए। लेकिन, जैसे ही मुझे इस घोटाले के बारे में पता चला, मैंने पुलिस को सूचित किया।”

नौकरी के नाम पर हुए ठगी के शिकार

इस घोटाले को लेकर मदुरै के एक पीड़ित स्नेहिल कुमार ने कहा, “प्रत्येक उम्मीदवार ने सुब्बुसामी को दो लाख रुपए से लेकर 24 लाख रुपए तक की रकम का भुगतान किया था। सुब्बुसामी ने विकास राणा नाम के एक व्यक्ति को भुगतान किया। राणा ने बताया था कि वह दिल्ली में उत्तर रेलवे कार्यालय में उप निदेशक है।”

बताया जा रहा है कि ठगी का शिकार हुए लोगों में ज्यादातर लोग इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा में ग्रेजुएशन किए हुए हैं। हालाँकि, ठगों ने टीटीई, क्लर्क समेत अन्य पदों के लिए ट्रेनिंग की अलग-अलग राशि निर्धारित की थी। लेकिन, ट्रेनिंग एक ही थी। ट्रेन और उनके डब्बों की गिनती करना।

पीड़ितों का कहना है कि राणा उनसे पैसे वसूलने के लिए रेलवे ऑफिस के बाहर ही मिलता था। उन लोगों को कभी भी रेलवे बिल्डिंग के अंदर नहीं ले गया। पीड़ितों ने कहा है कि जब उन्होंने, ट्रेनिंग के आदेश, पहचान पत्र, प्रशिक्षण पूरा होने का प्रमाण पत्र और नियुक्ति पत्र जैसे सभी दस्तावेज रेलवे अधिकारियों के साथ क्रॉस-वेरीफाई किए तब सब कुछ पूरी तरह से फरजी निकला।

एफआईआर दर्ज होने के बाद, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शुरुआती जाँच में पाया है कि यह एक नौकरी घोटाला था। फिलहाल, पुलिस मामले की जाँच कर रही है। वहीं, नौकरी के नाम पर हुए इस फ्रॉड को लेकर रेल मंत्रालय में मीडिया और संचार के अतिरिक्त महानिदेशक योगेश बवेजा ने कहा है कि रेलवे बोर्ड हमेशा ही यह सलाह देता रहा है कि लोग फर्जीवाड़े में न फंसे।

BSF जवान की पीट-पीट कर हत्या, बेटी की अश्लील वीडियो वायरल करने का किया था विरोध: गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडे लेकर टूट पड़े

गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ‘सीमा सुरक्षा बल (BSF)’ के एक जवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जवान ने अपनी बेटी के अश्लील वीडियो को ऑनलाइन पोस्ट और वायरल करने का विरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवान मेलजिभाई वाघेला पत्नी सहित अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ बेटी का वीडियो ऑनलाइन पोस्ट करने वाले लड़के के घर गए थे। लड़के के परिवार वाले ने जवान पर हमला कर दिया और उनकी मौत हो गई। मामले में 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित लड़के की उम्र 15 वर्ष बताई जा रही है। लड़का और BSF जवान की बेटी दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। लड़के ने पीड़ित लड़की का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे   ऑनलाइन पोस्ट कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, वीडियो में आरोपित लड़का भी दिख रहा है। इसी बात की शिकायत करने BSF जवान शनिवार (24 दिसंबर, 2022) रात अपनी पत्नी, दो बेटों और भांजे के साथ लड़के के घर गया।

वहाँ आरोपित परिवार के सदस्यों ने BSF जवान से गाली-गलौज करनी शुरू कर दी और जब इसका विरोध किया तो लाठी-डंडों से इनपर हमला कर दिया गया। आरोप है की हमले के दौरान आरोपितों ने धारदार हथियार का प्रयोग किया।

हमले में जवान की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में BSF जवान की पत्नी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपित परिवार के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में नडियाद के DSP वीआर वाजपेई ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा, ”24 दिसंबर 2022 को नदियाड के चकलासी गाँव में BSF के जवान मेलजिभाई वाघेला की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जब वह बेटी का वीडियो वायरल करने वाले आरोपित के घर गए थे।”

वहीं DSP ने आगे बताया, “पीड़ित मेलजिभाई वाघेला अपने बेटे और रिश्तेदारों के साथ आरोपित के घर पहुँचे और उनके बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद आरोपित के पिता दिनेश जादव, चाचा अरविंद जादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने उन पर हमला कर दिया, जहाँ उनकी मौके पर ही मौत हो गई। BSF जवान का बेटा घायल है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

वहीं BSF ने भी मामले की पुष्टि की है और बताया है कि 56 बटालियन के सीमा सुरक्षा बल के हेड कांस्टेबल मेलजिभाई वाघेला अपने गृहनगर में छुट्टी पर थे। उनकी 24 दिसंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। राज्य पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।