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जवान बने रहने के लिए चीन खरीद रहा पाकिस्तान से गधा, सिर पर हथौड़ों से मार धीमी और दर्दनाक मौत के बाद बनती है Ejiao दवाई

चीन आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को खरीदना चाहता है। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने संसदीय समिति को इससे अवगत कराया। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय और सीनेट की स्थायी समिति के अधिकारियों के बीच आयात और निर्यात को लेकर एक ब्रीफिंग हुई थी। इसी दौरान वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान से गधों के साथ-साथ कुत्तों को आयात करने में अपनी रुचि दिखाई है।

सीनेटर अब्दुल कादिर (Senator Abdul Qadir) ने समिति को यह भी बताया कि चीनी राजदूत ने इससे पहले भी कई बार पाकिस्तान से मांस निर्यात करने की बात कही थी। समिति के सदस्यों में से एक ने यह भी सुझाव दिया कि पाकिस्तान की तुलना में अफगानिस्तान में जानवर सस्ते हैं, इसलिए पाकिस्तान वहाँ से गधों-कुत्तों को आयात कर सकता है और फिर मांस को चीन को निर्यात कर सकता है।

इस सुझाव पर वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को बताया कि अफगानिस्तान से जानवरों के आयात पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पाकिस्तान ने यह कदम इसलिए उठाया था, क्योंकि अफगानिस्तान के जानवरों में लंपी (Lumpy Skin Disease) बीमारी के मामले सामने आए थे।

रिपोर्ट्स के मुतबिक, चीन पाकिस्तान से इसलिए गधे खरीदना चाहता है, क्योंकि वहाँ गधों की चमड़ी को छीलकर ईजाओ (Eijao) के अलावा तरह-तरह की दवाइयाँ और क्रीम बनाई जाती है। ये चेहरे से झुर्रियाँ हटाने में मदद करती हैं। ये बहुत महँगी दवाएँ होती हैं। इसमें औषधीय गुण होते हैं। इसके लिए गधों को चीन में मौत के घाट उतारा जाता है। 

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जिसके पास सबसे अधिक गधे हैं। वर्तमान में पाकिस्तान के पास 5700000 लाख (5.7 मिलियन) जानवर हैं। इससे पहले भी वह जानवरों को चीन को निर्यात कर चुका है।

सिर पर हथौड़ों से किया जाता है प्रहार

बता दें कि 2019 में भी पाकिस्तान का ऐसा ही अमानवीय चेहरा सामने आया था। खबर आई थी कि कर्ज में डूबा पाकिस्तान अपने खजाने भरने के लिए चीन को गधों का निर्यात करेगा। पाकिस्तान इस योजना से अपने विदेशी मुद्रा भंडार को भरना चाह रहा था।

चीन में दवा बनाने के नाम पर 5 वर्ष का गधा हो या फिर 5 महीने का बच्चा, किसी को भी नहीं बख़्शा जाता। उन सब की निर्ममता से सामूहिक हत्या कर दी जाती है। Ejiao नामक दवा बनाने के लिए गधों को धरती पर सुलाकर उनके सिर पर हथौड़ों से जोर-जोर से प्रहार किया जाता है, जिससे वो एक धीमी और दर्दनाक मौत मरते हैं। इतना ही नहीं, गधों को उनके ही मल-मूत्र के बीच मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। चीन में ऐसी भी मान्यता है कि गधों की चमड़ी से बनी दवा के सेवन से व्यक्ति की आयु भी लम्बी होती है।

आदिपुरुष के टीजर से गुस्से में प्रभास… डायरेक्टर को अपने कमरे में बुलाया: वीडियो वायरल होने पर नेटिजेन्स कर रहे कॉमेंट्स

साउथ इंडियन एक्टर प्रभास के लीड रोल वाली ‘आदिपुरुष’ का टीजर (2 अक्टूबर 2022) को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रिलीज किया गया। इस फिल्म को लेकर फैंस को काफी उम्मीदें थीं। हालाँकि, टीजर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

‘आदिपुरुष’ टीजर के वीएफएक्स से लेकर भगवान राम, भगवान हनुमान और दशानन के लुक को लेकर लगातार ट्रोल किया जा रहा है। इस ट्रोल के बीच प्रभास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह ‘गुस्से’ में फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत को अपने कमरे में बुलाते नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो ‘आदिपुरुष’ के टीजर रिलीज होने के बाद होटल की लॉबी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में प्रभास कुछ लोगों से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद, वह किसी से यह पूछते हुए नजर आते हैं कि ओम (फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत) कहाँ है? इस पर उन्हें जवाब मिलता है ‘पता नहीं कहाँ हैं’।

वायरल वीडियो में प्रभास को दोबारा ओम राउत को अपने कमरे में बुलाते हुए सुना जा सकता है। जिस पर ओम कहते हैं ‘हाँ मैं आपके कमरे में आ रहा हूँ’।

‘आदिपुरुष’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया में फिल्म को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई। इसलिए, नेटिजेन्स को यह लगता है कि फिल्म का टीजर खराब होने के कारण प्रभास ने डायरेक्ट ओम राउत को अपने कमरे में बुलाया वो भी ‘गुस्से’ में। प्रभास का यह वीडियो फेसबुक से लेकर ट्विटर व इंस्टाग्राम में तेजी से वायरल हो रहा है। जहाँ लोग यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्होंने प्रभास को पहली बार गुस्से में देखा है।

बता दें, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शौर्यगाथा पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ का टीजर अयोध्या में रिलीज किया गया। टीजर रिलीज से पहले सरयू नदी में फिल्म का खास पोस्टर लॉन्च किया गया। इस दौरान पोस्टर पानी से निकलता हुआ ऊपर आया, जिसमें आदिपुरुष (प्रभास) का धमाकेदार अवतार देखने को मिला।

इस फिल्म में प्रभास को भगवान श्रीराम, कृति सेनन को माँ जानकी और सैफ अली खान को दशानन (रावण) के रूप में दिखाया गया है। इस फिल्म का टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सैफ अली खान (दशानन) के लुक को तैमूर और औरंगजेब की तरह बता रहे हैं।

वहीं, भगवान श्रीराम के रूप में नजर आने वाले प्रभास के हाथ में बंधी हुई बेल्ट जैसी चीज पर भी लोग बेहद नाखुश नजर आ रहे। फिल्म में भगवान हनुमान को बिना गदा और लेदर के कपड़ों में दिखाया गया है। इसलिए लोग लगातार फिल्म को ट्रोल कर रहे हैं।

केरल के 873 पुलिस वालों का PFI कनेक्शन, छापेमारी से पहले लीक करते थे बात: मीडिया रिपोर्ट को केरल पुलिस ने नकारा

अपडेट: केरल की पुलिस ने मीडिया में प्रकाशित नीचे की खबर को नकार दिया है। मीडिया रिपोर्ट का खंडन करने के लिए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल का सहारा केरल की पुलिस ने लिया। ट्वीट में केरल की पुलिस ने लिखा:

“एनआईए ने राज्य के पुलिस प्रमुख को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 873 पुलिसकर्मियों के प्रतिबंधित पीएफआई के साथ संबंधों का खुलासा किया गया है, यह खबर झूठी और असत्यापित है।”

केरल पुलिस के अलावे सोशल मीडिया पर भी कुछ लोग ऐसे दावे कर रहे हैं कि खुद NIA ने भी इस खबर की पुष्टि नहीं की है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए के मुताबिक, केरल के कम से कम 873 पुलिस कर्मचारियों के कट्टरपंथी संगठन PFI के साथ कनेक्शन थे। जाँच एजेंसी ने मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) को इन पुलिस अधिकारियों का पर्दाफाश करते हुए केरल के पुलिस महानिदेशक को एक रिपोर्ट सौंपी है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी की रिपोर्ट में सब-इंस्पेक्टर से लेकर स्टेशन हेड ऑफिसर (एसएचओ) रैंक के अधिकारियों सहित अन्य कर्मचारियों तक की लिस्ट है। एनआईए इन अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन का ब्योरा भी जुटा रही है।

एनआईए ने कहा कि केरल के पुलिस अधिकारियों ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पीएफआई कैडरों को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ लीक कीं। छापेमारी के दौरान भी इन पुलिस अधिकारियों ने पीएफआई से संबंधित आतंकियों और जिहादियों की मदद की। इन लोगों ने पीएफआई कैडरों को एनआईए और ईडी के छापे के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था, जिससे उन्हें अपने गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सामानों को छिपाने में मदद मिली।

NIA और केरल की ATS ने कई राज्यों में दो बार छापेमारी कर 350 से अधिक PFI के सदस्यों को हिरासत में लिया था। इसके बाद भारत सरकार ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर पाँच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

PFI का इतिहास हिंसा से सना रहा है। कई हिंसक मुस्लिमों संगठनों के विलय के बाद साल 2006 में PFI अस्तित्व में आया था। इसके बाद से यह सामूहिक हत्या, टारगेटेड मर्डर और दंगे फैलाने जैसे कामों में संलिप्त रहा। इतना ही नहीं, PFI पर लव जिहाद को बढ़ावा देने, महिलाओं का ब्रेनवॉश करने और धर्मांतरण कराने का भी आरोप है।

एनआईए अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान देश के लगभग 17 राज्यों में स्थित पीएफआई के ठिकानों से कई आपत्तिजनक सामग्रियाँ बरामद की थीं। इसमें एक ब्राउचर और एक सीडी भी मिली थी। जिसका नाम है – ‘मिशन 2047’। इसमें जो कंटेंट था, उसका मकसद खौफनाक था – आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक इस्लामी मुल्क में तब्दील कर देना।

बता दें कि कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के पीएफआई जिहादी ठिकानों से अवैध रूप से इकट्ठा किया गया कैश भी बरामद किया गया था। साथ ही राज्य में PFI के ‘प्रदेश अध्यक्ष’ के यहाँ से ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई दस्तावेज भी मिले थे। यह जानकारी भी सामने आई थी कि PFI द्वारा IED विस्फोटक तैयार करने के लिए मुस्लिम कट्टरपंथियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। तमिलनाडु में PFI के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मरीन रेडियो सेट्स भी जब्त किए गए थे, जिससे पता चला कि ये समुद्र में भी सक्रिय थे।

डांडिया खेल रही हिंदू लड़कियों से छेड़छाड़, विरोध करने पर कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने घोंपा चाकू: समीर धराया; शाहरुख, जुबैर और गैंग फरार

राजस्थान के बीकानेर में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों ने मधुसूदन मोदी पर चाकू से हमला किया। बताया जा रहा है कि डांडिया खेलने आई लड़कियों से मुस्लिम युवक छेड़छाड़ कर रहे थे, इसलिए मधुसूदन से उनकी बहस हुई थी। इसके बाद मुस्लिम युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने एक हमलावर समीर नाडसा को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार बताए जा रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीकानेर के कोटगेट थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे ग्राउंड में शनिवार (1 अक्टूबर 2022) को डांडिया कार्यक्रम चल रहा था। इस आयोजन के दौरान कुछ मुस्लिम लड़के वहाँ डांडिया कर रही लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। यहीं पर मधुसूदन मोदी अपने दोस्तों के साथ पहले से ही मौजूद था।

मधुसूदन ने जब देखा कि मुस्लिम लड़के वहाँ आई लड़कियों से लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं तो उसने उन लड़कों को रोकने की कोशिश की। जिसके बाद उन लोगों में बहस हो गई। मधुसूदन के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस बहस के दौरान ही मुस्लिम लड़कों ने मधुसूदन को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब वह अपने दोस्तों के साथ डांडिया पंडाल से बाहर निकला तो मुस्लिम लड़कों ने घेरकर उस पर हमला कर दिया।

मधुसूदन के पिता दिनेश मोदी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 1 अक्टूबर को लगभग रात 10:25 पर मधुसूदन के दोस्त किशन दैया का फोन आया। उसने बताया कि रात 8 बजे वह, अजय ओझा, किशन भाटी और मधुसुदन रेलवे ग्राउंड में डांडिया खेलने गए थे। वहाँ कुछ लड़के लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। जब मधुसुदन ने उन्हें मना करने की कोशिश की तो वे झगड़े पर उतारू हो गए और बाहर निकलने पर जान से मार देने की धमकी दी।

इसके बाद, जैसे ही मधुसूदन और उसके साथी पंडाल से बाहर निकले तो 15-20 लड़के रेलवे ग्राउंड के सामने वाली गली में सरस बुथ के पास खड़े थे। जैसे ही ये सभी साथी वहाँ पहुँचे तो उन्होंने जान से मारने की कोशिश करते हुए लाठी, सरिया व चाकु से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान, कुछ लोगों ने मधुसूदन को पकड़ रखा था और किसी एक ने चाकू से मधुसूदन के पेट की दाईं ओर हमला कर दिया। जिसके बाद, दोस्तों ने मधुसूदन को पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

इस मामले में, मधुसूदन के पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने समीर नाडसा, शाहरुख पठान, जुबैर पठान समेत अन्य के खिलाफ धारा 307, 323, 324, 341 व आईपीसी की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। मधुसूदन पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस को आरोपित समीर नाडसा को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है, जबकि अन्य फरार बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस समीर से पूछताछ कर अन्य आरोपितों के ठिकानों में छापेमारी कर रही है।

हत्या के बाद गला काटा… फिर जलाने की कोशिश: जम्मू-कश्मीर के डीजी हेमंत कुमार लोहिया का घरेलू नौकर यासिर अहमद गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया (DG HK Lohiya) की हत्या के मामले में आरोपित घरेलू नौकर यासिर अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया नौकर डीजी जेल हेमंत कुमार की हत्या करने के बाद मौके से फरार हो गया था। उसने लोहिया के शव को जलाने की कोशिश भी की थी।

ADGP मुकेश सिंह ने बताया कि सोमवार (3 अक्टूबर 2022) रात से ही आरोपित की तलाश में ऑपरेशन चलाया जा रहा था। मुख्य आरोपित की तस्वीर भी जारी की गई थी। उसे कनाचक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद वह खेतों में जाकर छिप गया था। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ शुरू कर दी है।

जम्मू के एडीजीपी मुकेश सिंह ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया गया है। आरोपित की एक डायरी भी मिली है, जो उसकी मानसिक स्थिति के बारे में बताती है।”

डायरी में आरोपित यासिर अहमद ने शायरियाँ लिखी हैं। इनमें उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने का संकेत भी दिया। एक शायरी में उसने लिखा, ”हम डूबते हैं, डूबने दो। हम मरते हैं, तो मरने दो। पर अब कोई झूठापन मत दिखाओ।”

ADGP ने बताया कि शुरुआती जाँच में सामने आया है कि नौकर यासिर अहमद काफी आक्रामक स्वभाव वाला है। हालाँकि, अभी तक की जाँच में यह स्पष्ट नहीं है कि यह कोई आतंकी घटना है या नहीं। लेकिन टेरर लिंक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस इस मामले की हर एंगल से जाँच कर रही है।

एचके लोहिया की हत्या पर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडियाकर्मियों को बताया, “वह (एचके लोहिया) पिछले कुछ दिनों से अपने दोस्त के घर पर रह रहे थे। वह खाना खाने के बाद वापस अपने कमरे में चले गए थे। तभी घरेलू नौकर उनकी मदद करने के बहाने कमरे के अंदर गया था।”

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया (DG HK Lohiya) की सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को हत्या कर दी गई। उनकी हत्या ऐसे समय में की गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्र-शासित प्रदेश के दौरे पर हैं।

आतंकवादी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स (PAFF), जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक ऑफ-शूट कहा जाता है, उसने लोहिया (DG HK Lohiya) की हत्या की जिम्मेदारी ली है। यह घटना जम्मू के बाहरी इलाके उदयवाला की है।

DG जेल हेमंत कुमार लोहिया का शव जम्मू के उदयवाला में उनके दोस्त के घर पर मिला था। लोहिया की हत्या सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को की गई थी। वे 1992 बैच के अधिकारी थे। उनकी उम्र 57 वर्ष थी।

बताया जा रहा है कि कमरे में आग देखकर सुरक्षाकर्मियों को हत्या की भनक लगी। शुरुआती जाँच में पाया गया है कि उनके शरीर पर तेल लगा हुआ है। उनके पैर में सूजन थी। ऐसा लगता है कि पहले लोहिया की हत्या की गई। फिर केचप की बोतल से गला काटा गया। शरीर पर जलने के निशान हैं। इससे लग रहा है कि हत्या के बाद शव को जलाने की भी कोशिश की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री शाह सोमवार से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

कानूनी पचड़े में Adipurush: चमड़े के कपड़ों में भगवान हनुमान, ‘सुधार’ के लिए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की चेतावनी

बाहुबली से पैन इंडिया स्टार बने प्रभास की बहुचर्चित फिल्म ‘आदिपुरुष’ का टीजर (Adipurush Teaser) रिलीज किया गया। रविवार (2 अक्टूबर 2022) को रिलीज हुए इस टीजर में भगवान श्रीराम से लेकर, भगवान हनुमान एवं दशानन (रावण) को जिस रूप में दिखाया गया है, उसकी सोशल मीडिया में काफी आलोचना हो रही। अब मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने न केवल टीजर की आलोचना की है बल्कि इसमें सुधार न होने पर कानूनी कार्यवाही की भी चेतावनी दी है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का कहना है कि ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) के टीजर में भगवान हनुमान को जिस रूप में दिखाया है, खासतौर से उनके कपड़ों को देखकर ऐसा लगता है जैसे उन्होंने चमड़े के वस्त्र धारण किए हों। इससे धार्मिक भावना आहत होती है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा है:

“टीजर में आपत्तिजनक सीन हैं। भगवान हनुमान को चमड़े के कपड़े पहने दिखाया गया है। ऐसे दृश्य धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। मैं ऐसे दृश्यों को हटाने के लिए निर्माता ओम राउत को लिख रहा हूँ। अगर वह इन दृश्यों को नहीं हटाते हैं, तो हम कानूनी कार्यवाही के बारे में सोचेंगे।”

गौरतलब है कि आदिपुरुष के निर्माता-निर्देशक ओम राउत है। यह वही ओम राउत हैं, जिन्होंने अजय देवगन अभिनीत ‘तानाजी’ को डायरेक्ट किया था। ऐसे में, फैंस को उम्मीद थी कि आदिपुरुष भी तानाजी की ही तरह बेहतरीन होगी। हालाँकि, टीजर देख कर हर किसी को निराशा ही हाथ लगी है।

बता दें, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शौर्यगाथा पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ में प्रभास को भगवान श्रीराम, कृति सेनन को माँ जानकी और सैफ अली खान को दशानन (रावण) के रूप में दिखाया गया है। इस फिल्म का टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सैफ अली खान (दशानन) के लुक को तैमूर और औरंगजेब की तरह बता रहे हैं।

वहीं, भगवान श्रीराम के रूप में नजर आने वाले प्रभास के हाथ में बंधी हुई बेल्ट जैसी चीज पर भी लोग बेहद नाखुश नजर आ रहे। फिल्म में भगवान हनुमान को बिना गदा और लेदर के कपड़ों में दिखाया गया है। इसलिए, लोग लगातार इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। हालाँकि, अब देखना यह है कि क्या फिल्म के निर्माता इन विवादित सीन्स को हटाते हैं या फिर लोगों का विरोध झेलते हुए कानूनी कार्यवाही की ओर आगे बढ़ेंगे।

16 देवी-देवताओं के साथ दुबई का नया हिंदू मंदिर तैयार: दशहरा के शुभ अवसर पर उद्घाटन, QR कोड से होगी बुकिंग

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख शहर दुबई में नया हिंदू मंदिर दशहरे के पावन अवसर पर खुलने जा रहा है। यह मंदिर दुबई के जेबेल अली इलाके में बनाया गया है। मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) मतलब आज के ही दिन इसका भव्य उद्घाटन किया जाना है। दर्शनार्थियों को इस मंदिर में दशहरे मतलब 5 अक्टूबर से प्रवेश मिलेगा।

मंदिर के ट्रस्टियों में से एक राजू श्रॉफ ने गल्फ न्यूज को सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को बताया, “यूएई के शासकों और सामुदायिक विकास प्राधिकरण के सहयोग से हम मंगलवार शाम दुबई में हिंदू मंदिर का आधिकारिक रूप से उद्घाटन करने जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में उद्घाटन समारोह होगा। इस दौरान हालाँकि आम लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा। विजय दशमी पर दशहरे के दिन दर्शनार्थियों के लिए यह मंदिर खोला जाएगा।

1000-1200 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मंदिर में दर्शन के लिए क्यूआर कोड से बुकिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग सुरक्षा के साथ मंदिर जा सकें और भीड़ को भी नियंत्रण किया जा सके। दुबई का नया हिंदू मंदिर सुबह 6:30 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा।

मंदिर में हर रोज 1000 से 1200 श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे।। यहाँ हर हिंदू अपने धर्म का पालन कर सकता है। मंदिर में 16 देवी-देवताओं की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही यहाँ सिखों की पवित्र किताब गुरुग्रंथ साहिब को रखने के लिए भी एक अलग कक्ष होगा।

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दशहरा उत्सव के दिन मंदिर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला रहेगा। यहाँ स्थापित 16 देवताओं की मूर्तियों के दर्शन के लिए सभी को अनुमति दी जाएगी। यह मंदिर दुबई के वरशिप विलेज में बनाया गया है, जिसमें कई चर्च और गुरुद्वारा मौजूद हैं।

अरबी और हिंदू शैली में डिजाइन

1 सितंबर, 2022 को इस मंदिर की एक झलक लोगों को देखने का मौका दिया गया था। उस वक्त यहाँ हजारों विजिटर्स को सफेद संगमरमर से बने मंदिर के अंदरूनी हिस्से की झलक पाने की अनुमति दी गई थी। मंदिर को अरबी और हिंदू शैली में डिजाइन किया है। सजावटी स्तंभ लगाए गए हैं। छत पर घंटियाँ लगाई गई हैं।

खलीज टाइम्स के मुताबिक, इस मंदिर में हिंदू धर्म के 16 देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना के साथ एक ज्ञान कक्ष और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए सामुदायिक केंद्र होगा। इस मंदिर की नींव फरवरी 2020 में रखी गई थी। इस इलाके में मंदिर बनने से भारतीयों का दशकों पुराना सपना सच हो गया है।

दिल्ली में जहाँ मनीष का मर्डर, वहाँ न लड़कियाँ सुरक्षित न मंदिर: ‘अवैध मुर्गा मंडी’ सुंदर नगरी के लोगों की समस्या, पुलिस ने कहा – कम्युनल एंगल नहीं

दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में शनिवार (1 अक्टूबर 2022) को मनीष नाम के एक दलित युवक की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप फैजान, बिलाल और आलम पर लगा है, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मनीष के कत्ल की वजह पुराने केस को वापस न लेना बताया गया।

मनीष हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित हिन्दू परिवार ने दिल्ली पुलिस पर प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। इसके अलावा मीडिया को इन्होंने बताया कि सुंदर नगरी में बहन-बेटियाँ असुरक्षित हैं। इस बात की पुष्टि वहाँ रहने वाली बच्चियों ने भी की।

न्यूज़ इंडिया के संवाददाता गौरव मिश्रा ने सुन्दर नगरी का दौरा किया। वहाँ पर नाबालिग लड़कियों ने बताया कि उन्हें स्कूल जाते समय छेड़ा जाता है। पीड़िता बच्चियों ने यह भी बताया कि जब वो अपने साथ होने वाली छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस में करती हैं तो उनसे सबूत माँगा जाता है।

लड़कियों को छेड़ने घर तक

गौरव मिश्रा द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में एक लड़की ने माँग की है कि उन्हें छेड़ने वाले लड़कों की छुट्टी 1 घंटे बाद हो। लड़की ने इन घटनाओं को रोजाना होने वाली हरकतें बताया है। दूसरी लड़की ने भी आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि शिकायत करने का कोई फायदा नहीं होता क्योंकि पुलिस एक्शन ही नहीं लेती।

सुन्दर नगरी में छेड़छाड़ वाली घटनाओं पर बोलते हुए एक अन्य लड़की ने कहा कि सुबह से शाम तक उन्हें छेड़ा जाता है और कभी-कभार तो लड़के घर तक चले आते हैं। लड़की ने बताया कि उसे शाम को घर से निकलने में डर लगता है।

CM योगी ही कर सकते हैं इंसाफ

गौरव मिश्रा द्वारा ही शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में मृतक मनीष के परिजन इंसान की मॉंग को लेकर योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जता रहे। घर में मौजूद महिलाएँ कह रहीं हैं कि सीएम योगी ही इंसाफ दिला सकते हैं क्योंकि कातिलों को फाँसी की सजा होनी चाहिए। इस माँग के साथ पीड़ित परिवार फूट-फूट कर रोने लगा।

सुंदर नगरी में मंदिर भी नहीं सुरक्षित

गौरव से बात करती हुई सुंदर नगरी की एक अन्य स्थानीय महिला दावा कर रही हैं कि वहाँ पर मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। 7 साल पुरानी किसी घटना का जिक्र करते हुए महिला बता रही हैं कि कैसे वहाँ के मंदिर में मांस और कटे मुर्गे के पंख आदि डाल दिए जाते थे।

बताया गया कि तब वहाँ के एक मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को हड्डी की माला पहना दी गई थी। N ब्लॉक के किसी और मंदिर में भी महिला ने यही हालात बताए। स्थानीय निवासियों ने पुलिस कार्रवाई को संतोषजनक नहीं बताया।

इसी वीडियो में मंदिर के पुजारी ने कहा कि 5 हिन्दू लड़कों की हत्या हो चुकी है और ऐसी घटनाएँ रुक नहीं रहीं। पुजारी के मुताबिक किसी भी हिन्दू की हत्या में अभी तक कुछ भी न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कातिल जमानत पा जाते हैं। खुद गौरव मिश्रा के मुताबिक सुंदर नगरी में पिछले 15 सालों में महज 30% हिन्दू आबादी बची है।

मुर्गे की अवैध मंडी

मनीष हत्याकांड की रिपोर्टिंग के लिए गए सुदर्शन न्यूज़ के संवाददाता सागर कुमार ने सुंदर नगरी में अवैध मुर्गा मंडी दिखाया। उन्होंने बताया कि मंडी पूरी तरह से अवैध है और वहाँ के दुकानदारों के पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अवैध मंडी ही कई अपराधों की जड़ है।

पीड़ितों के साथ पुलिस की बर्बरता

सुदर्शन न्यूज़ द्वारा शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में मृतक मनीष के परिवार के सदस्यों को दिल्ली पुलिस कहीं बलपूर्वक ले जा रही है। बल प्रयोग करने में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वीडियो के अंत में एक महिला अपने हाथ में घाव को दिखा कर पुलिस द्वारा अत्याचार किए जाने का आरोप लगा रही है।

मनीष हत्याकांड में कम्युनल एंगल नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के DCP उत्तरी-पूर्वी ने वीडियो जारी करते हुए इस घटना में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक एंगल होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ये आपसी झगड़ा था, जो एक साल पहले एक साथ ही खाने-पीने के दौरान हुआ था। परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए DCP ने कहा कि भीड़ में सद्भाव बिगाड़ रहे शामिल हर व्यक्ति से सख्ती बरती जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने सभी से भ्रामक सूचनाएँ न तो शेयर करने और न ही उस पर ध्यान देने की अपील की है।

‘यहाँ नवरात्रि नहीं मना सकते’: गुजरात में हिंदुओं पर पथराव, आरिफ और जहीर की अगुवाई में कट्टरपंथी भीड़ ने किया हमला

गुजरात (Gujarat) के खेड़ा में नवरात्रि (Navratri celebration in Kheda) के दौरान एक गरबा समारोह में कट्टरपंथी मुस्लिमों (Muslim mob) ने हिंदुओं पर पथराव कर दिया, जिसमें 6 लोग घायल हो गए हैं। घटना खेड़ा स्थित उंधेला गाँव की है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि सोमवार (3 अक्टूबर 2022) रात नवरात्रि उत्सव पर आरिफ और जहीर (Arif and Zahir) नाम के दो युवकों के अगुवाई में मुस्लिम भीड़ ने हिंदू भक्तों पर पथराव किया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खेड़ा जिले के मातर तालुका के उंधेरा गाँव में नवरात्रि मना रहे लोगों पर पथराव किया गया। लगभग 6 से 7 लोग घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पथराव में दो पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने गाँव में सुरक्षा बढ़ा दी है। घटना के बाद से लोगों में आक्रोश है। आने-जाने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही है। इस घटना के दौरान एक गाड़ी के शीशे भी टूट गए।

रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि समारोह के दौरान आरिफ और जहीर ने हमलावर भीड़ का नेतृत्व किया और नवरात्रि उत्सव के दौरान हंगामा किया। गाँव के लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ पीछे नहीं हटी। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनसे कहा गया कि यहाँ नवरात्रि नहीं मनाई जा सकती। खेड़ा के डीएसपी राजेश गढ़िया ने बताया कि सभी आरोपितों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गाँव में पुलिस तैनात कर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

बीते दिनों खेड़ा जिले के नाडियाद के हथाज गाँव स्थित प्ले सेंटर स्कूल में नवरात्रि के दौरान आयोजित समारोह में बच्चों से गरबा कराने की बजाए उनसे ताजिया प्ले कराने का मामला सामने आया था। स्कूल के मुस्लिम शिक्षक ने गरबा की जगह ताजिया प्ले के लिए बच्चों पर दबाव डाला था। इसका वीडियो भी सामने आया था। इसके अलावा नवरात्रि में ऐसी भी खबरें आई हैं कि मुस्लिम पुरुषों ने फर्जी नामों से गरबा पंडाल में प्रवेश करने की कोशिश की। वहीं, कुछ इलाकों में स्थानीय मुस्लिमों ने नवरात्रि मनाने का भी विरोध किया है।

जिस राजकुमार ने देखा कन्हैया लाल का गला कटते, उनको ब्रेन हेमरेज; पत्नी ने बताया- हत्या के बाद से ही तनाव में थे: बताया था- दुकान पर आ धमकी दे गई थी बुर्के वाली

कन्हैया लाल हत्याकांड (Kanhaiya lal murder) के मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा की हालत गंभीर है। उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया है। राजस्थान के उदयपुर में मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने 28 जून 2022 को दुकान में घुसकर कन्हैया लाल का गला काट डाला था। राजकुमार जब उन्हें बचाने आए तो उन पर भी हमला किया गया जो खाली चला गया।

हत्याकांड के मुख्य चश्मदीद राजकुमार शर्मा (Rajkumar Sharma) का उदयपुर के एमबी अस्पताल में सोमवार (3 अक्टूबर 2022) रात ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करीब पाँच घंटे तक चला। डॉक्टरों के मुताबिक, राजकुमार को होश में आने में कम से कम 2 दिन का समय लग सकता है। इस बीच राजकुमार शर्मा की पत्नी ने बताया है कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद से ही उनके पति सदमे में चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को राजकुमार शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें एमबी अस्पताल लाया गया। वहाँ जाँच में राजकुमार के ब्रेन हेमरेज होने की जानकारी सामने आई। राजकुमार शर्मा की पत्नी पुष्पा शर्मा ने बताया, “कन्हैयालाल की हत्या के बाद से मेरे पति तनाव में थे। तीन महीने बाद मेरी बेटी की शादी होनी है। प्रशासन की ओर से प्राइवेट नौकरी लगवाई गई, लेकिन बहुत कम वेतन दिया गया। मेरे पति को इस हत्याकांड का मुख्य गवाह बनाया गया, लेकिन पिछले 3 महीने में हमारे परिवार पर क्या बीती है, वह सिर्फ हम ही समझ सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हत्याकांड से पहले राजकुमार को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी। वह सिर्फ एक गवाह बन कर रह गए हैं। एक पिता और पति नहीं बन पाए। वह कड़ा परिश्रम और मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन अब नहीं कर पा रहे हैं। उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियाँ है। इन हालातों में बेटी की शादी कैसे होगी यही सोचकर वह अंदर ही अंदर परेशान रहते थे। इस हत्याकांड के बाद से उनकी हालत बिगड़ती चली गई और ब्रेन हेमरेज हो गया। प्रशासन की तरफ से इस मामले के बाद में हमें सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन उससे हमारा पेट नहीं भरता। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए। हमारे बच्चों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देनी चाहिए।”

उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या

उदयपुर में 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे और उनकी बर्बर तरीके से हत्या कर दी। कन्हैया लाल के टेलर शॉप में राजकुमार आठ साल से काम कर रहे थे। हमले में उनका एक साथी ईश्वर घायल भी हो गया था। हत्या के बाद राजकुमार ने आजतक को बताया था कि घटना से पहले भी कन्हैया लाल को मौत की धमकियाँ दी जा रही थी। हत्या से कुछ दिन पहले बुर्का पहनी एक महिला और एक आदमी दुकान पर आए थे। उन्होंने कन्हैया लाल को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।