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खुदा हाफिज-2 में ‘हक हुसैन’ गाना सुन शिया समुदाय ने जताई आपत्ति: निर्माता बोले- माफ करें, हम ‘लिरिक्स-सीन’ सब बदल देंगे

बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल की खुदा हाफिज चैप्टर-टू फिल्म 8 जुलाई 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में एक गाना है जिसे कुछ दिन पहले यूट्यूब पर जारी किया गया था। इसमें विद्युत के फाइटिंग सीन दिखाए गए हैं और बैकग्राउंड में ‘हक-हुसैन’ गाना चल रहा है। तमाम लोगों ने इस फिल्म के लिए विद्युत को शुभकामनाएँ दी हैं। लेकिन शिया समुदाय इस गाने को सुन खफा हो गया।

बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल की खुदा हाफिज चैप्टर-टू फिल्म का ‘हक-हुसैन’ गाना रिलीज होने के बाद नाराज शिया समुदाय लोगों को मनाने के लिए फिल्म निर्माताओं ने माफी माँगी।

अपने माफी नामे में उन्होंने कहा, “हम ‘खुदा हाफिज चैप्टर-2 अग्नि परीक्षा’ के निर्माता शिया समुदाय द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए गंभीरता से माफी माँगते हैं कि फिल्म के ‘हक हुसैन’ गाने के कारण अंजाने में आपकी भावनाएँ आहत हुईं। लोगों ने आपत्ति हुसैन शब्द पर जताई थी और जो गाने में मातम जंजीर का प्रयोग किया गया उसपर जताई थी। हमने सब ध्यान रखकर गाने में बदलाव का फैसला किया। सेंसर बोर्ड के परामर्श के बाद हम जंजीर, ब्लेड को गाने से हटा देंगे और हक हुसैन की जगह गाने का नाम ‘जुनून है’ करेंगे।”

इसके बाद फिल्म निर्माताओं ने माफीनामे में यह भी साफ किया है कि उन्होंने फिल्म में किसी शिया समुदाय के व्यक्ति को नकारात्मक नहीं दिखाया है और न ही ये दिखाया है कि वो किसी पर हमला कर रहे हैं। ये गाना बनाया गया था ताकि इमाम हुसैन की बहादुरी का बखान हो सके। मकसद कभी भी मजहबी भावनाएँ आहत करना नहीं था। शिया समुदाय को ध्यान में रखते हुए फिल्म में बताए गए बदलाव कर दिए हैं।

बता दें कि विद्युत जामवाल की खुदा हाफिज फिल्म 8 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। उनकी फिल्म का ‘हक हुसैन’ गाना 21 जून को रिलीज हुआ था। इसे सुनने के बाद शिया समुदाय के मुस्लिमों ने निर्माताओं से गाने से हक हुसैन शब्द और जंजीर मातम का दृश्य हटाने को कहा था। शिया समुदाय के लोगों का कहना था कि इससे उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। शिकायत में ये भी कहा गया था कि उन्हें इससे मतलब नहीं कि किस संदर्भ में हुसैन शब्द का प्रयोग हुआ, बस वो चाहते हैं कि हुसैन शब्द को हटाया जाए और इसका प्रयोग व्यापार के लिए न किया जाए।

दिल्ली में ढाई गुना बढ़ाई गई विधायकों की सैलरी, मंत्री-स्पीकर का भी वेतन बढ़ा: बोले डिप्टी CM मनीष सिसोदिया – करदाताओं का धन्यवाद

दिल्ली विधानसभा ने विधायकों, मंत्रियों और स्पीकर की सैलरी बढ़ाने वाले विधेयक को पास कर दिया है। विधायकों के वेतन में ढाई गुना इजाफा किया गया है। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से विधायकों को 12,000 रुपए का बेसिक वेतन मिल रहा था, लेकिन अब इसे बढ़ा कर 30,000 रुपए कर दिया गया है। इस तरह से दिल्ली में अब एक विधायक को कुल वेतन-भत्ते के रूप में हर माह 90,000 रुपए मिलेंगे।

मनीष सिसोदिया ने दवा किया कि पिछले 7 वर्षों से इस मुद्दे को लेकर काफी विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि 7 साल पहले केंद्र सरकार को इस सम्बन्ध में कुछ आपत्तियाँ थीं, जिन्हें समाविष्ट करने के बाद दिल्ली विधानसभा ने फिर से इस बिल को पास किया है। उन्होंने आशा जताई कि केंद्र सरकार की भी मंजूरी इसे जल्द ही मिल जाएगी। बता दें कि कुछ ही दिन पहले ‘आम आदमी पार्टी’ पंजाब में विधायकों के वेतन-पेंशन में कटौती करने के फैसले पर देश भर में अपनी पीठ थपथपा रही थी।

सोमवार (4 जुलाई, 2022) को पास किए गए इस विधेयक के लागू होने के बाद से मंत्रियों का वेतन भी बढ़ जाएगा। हालाँकि, विपक्षी भाजपा के विधायकों ने भी विधानसभा में इस बिल का समर्थन किया। मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि लोगों के पास उनकी ज़रूरतों से थोड़ी अधिक आय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता प्रतिभा की गुणवत्ता से निर्धारित होती है और प्रतिभा को बनाए रखने में रुपया अहम भूमिका निभाता है।

दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि राजनीति में प्रमोशन बेहद ज़रूरी है और इसका एक महत्वपूर्ण पहलू है वेतन। इस तरह एक विधायक के कुल वेतन-भत्ते को मासिक तौर पर 54,000 रुपए से बढ़ा कर सीधा 90,000 रुपया कर दिया गया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमें उन करदाताओं को धन्यवाद करना चाहिए, जिनके रुपयों से हमें वेतन मिलता है, और इस प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए। संसदीय मामलों, न्याय और कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने इस संशोधन बिल को टेबल पर रखा।

15 दिन से घर नहीं लौटा है नागपुर के एक परिवार का युवक, नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट पर मिल रही थी धमकी: माफी भी माँगी थी

नूपुर शर्मा के समर्थन में कथित तौर पर पोस्ट करने के कारण राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल को काट डाला गया। महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई। देश के अलग-अलग हिस्सों से इसके कारण लोगों को धमकी दिए जाने की खबरें आ रही हैं। इनमें नागपुर का भी एक परिवार शामिल है। इस परिवार का एक 22 वर्षीय युवक डर के कारण घर छोड़कर जा चुका है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्‍ट करने के बाद से 22 वर्षीय युवक को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। इसके बाद युवक के परिवार ने उस पोस्ट को डिलीट करव दिया। इसके लिए माफी भी माँगी। लेकिन, इसके बाद भी युवक की तस्वीर पोस्ट करने और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने के बाद से परिवार डरा हुआ है। युवक को परिजनों ने शहर छोड़ देने के लिए कहा और वह 15 दिन से अपने घर नहीं लौटा है।

हालाँकि परिवार की सुरक्षा के इंतजाम पुलिस ने कर रखे हैं। पीड़ित परिवार का अपना व्यवसाय है। लेकिन उदयपुर की घटना के बाद से घर के लोग बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलते हैं। युवक के बड़े भाई ने टीओआई से कहा, “अब हम बहुत जरूरी होने पर ही बाहर जाते हैं। हाल की घटनाओं (अमरावती और उदयपुर) के बाद से हम डरे हुए हैं। यहाँ तक कि पुलिस की मौजूदगी में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं महसूस कर पा रहे हैं।”

बड़े भाई ने अपनी घबराहट और असुरक्षा को उजागर करते हुए कहा, “हमने घटना के बाद शुरू में अपने छोटे भाई का फोन छीन लिया था। उसे काफी दिनों तक उसका फोन भी नहीं लौटाया। आज हम उसे अपने शहर वापस लाने में असमर्थ हैं।” पुलिस ने युवक के घर पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात कर दिया है। नंदनवन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी आपात स्थिति के लिए परिवार के सदस्यों के साथ अपने मोबाइल नंबर साझा किए हैं।

गौरतलब है कि उदयपुर में टेलर शॉप चलाने वाले कन्हैया लाल साहू की 28 जून 2022 को बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। उसके बाद यह बात सामने आई है कि उनके अलावा उदयपुर के दो और लोग भी इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर थे। जिन लोगों को टारगेट पर बताया गया था उनमें से एक 35 वर्षीय टायर कारोबारी नितिन जैन हैं। रेकी किए जाने का संदेह होने के बाद उन्होंने भी उदयपुर छोड़ दिया था।

‘विदेश से कोई चंदा नहीं मिला’: कोर्ट में जुबैर झूठ बोल रहा या पब्लिक से प्रतीक सिन्हा? नहीं बताया क्यों डिएक्टिवेट किए Razorpay एकाउंट्स

खुद को फैक्ट-चेक मीडिया बताने वाले प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ने विदेशी डोनेशन को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है, जो खासा अस्पष्ट है और इसमें कई चीजों के जवाब नहीं दिए गए हैं। बयान में मीडिया संस्थान ने कहा है कि उस पर और उसकी पैरेंट कंपनी ‘Pravada Media’ पर पिछले कुछ दिनों में कई आरोप लगे हैं। आगे कहा गया है कि इन आरोपों में बताया जा रहा है कि हमने विदेश से डोनेशन लिया है, जबकि हम ऐसा नहीं कर सकते।

इन आरोपों को ‘स्पष्टया झूठ’ बताते हुए AltNews ने कहा कि जिस पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से वो फंड प्राप्त करता रहा है, वो विदेशी डोनेशन की अनुमति देता ही नहीं है। साथ ही उसने दावा किया कि उसे सिर्फ भारतीय बैंकों के माध्यम से ही डोनेशंस मिले हैं। मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा के मीडिया संस्थान ने कहा कि उन्हें जो भी डोनेशन प्राप्त होते हैं, वो सीधे संस्था के बैंक खाते में जाते हैं। साथ ही उसने किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाते में डोनेशन के रुपए जाने के आरोपों को भी झूठा बताया।

मीडिया संस्थान ने कहा कि जितने भी कर्मचारी संस्था से जुड़े हैं, उन सभी को लेकर मासिक पारिश्रमिक उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में मिलते हैं और इसके अलावा कुछ नहीं। साथ ही दावा किया कि ये सब कुछ उसके द्वारा किए जाने वाले ‘गंभीर कार्यों’ को रोकने के लिए किया जा रहा है। साथ ही मीडिया संस्थान ने कहा कि हम इन प्रयासों से लड़ेंगे और फिर शीर्ष पर पहुँचेंगे। हालाँकि, इसमें अदालत में लगे आरोपों का भी जवाब नहीं दिया गया।

प्रतीक सिन्हा ये तो कह रहा है कि AltNews के डोनेशन का कोई पैसा मोहम्मद जुबैर के पास नहीं गया और मीडिया संस्थान ने विदेशी डोनेशन लिया ही नहीं, लेकिन वो इस बात का जवाब नहीं दे रहा है कि इन्होंने अपने Razorpay एकाउंट्स को क्यों डिएक्टिवेट कर लिया है। ऐसा कर के ये लोग क्या छिपाना चाह रहे हैं। पेमेंट अगर Razorpay प्लेटफॉर्म के माध्यम से आता था, तो फिर इसे डिएक्टिवेट कर के ये क्या छिपाना चाह रहे हैं अगर पाक साफ हैं तो?

या फिर मोहम्मद जुबैर ने अदालत में झूठ बोला? उसकी वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट में AltNews द्वारा विदेशी डोनेशन प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी। पब्लिक प्रोसिक्यूटर भी कह चुके हैं कि मोहम्मद जुबैर ने FCRA नियमों का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान, सीरिया इत्यादि से डोनेशन आने की बात पता चली। वृंदा ग्रोवर का कहना था कि विदेशी फंड जुबैर नहीं, AltNews को गए। इसके उल्ट AltNews ने अपनी वेबसाइट पर लिख रखा है कि वो विदेश से चंदा नहीं लेता।

2 बार उमेश कोल्हे की हत्या में नाकाम हुए थे हमलावर: तीसरी बार करना चाहते थे ‘सर तन से जुदा’, लेकिन खंजर घोंप भागना पड़ा

महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे को मारने के लिए कट्टरपंथियों ने पहले ही अपनी तैयारियाँ की हुई थी। 21 जून को जब हत्या को अंजाम दिया गया, उससे पहले दो बार उनके सर को तन से जुदा करने का प्रयास हुआ था। पूछताछ के दौरान सामने आई नई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज से ये खुलासे हुए हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इरफान ने उमेश कोल्हे को मारने की योजना सबसे पहले 19 जून को बनाई। हालाँकि उस दिन इरफान शेख डर गया और घटना को अंजाम नहीं दे पाया। 20 जून को फिर वारदात की प्लॉनिंग हुई, मगर तब उमेश के घर से फोन आ गया और वह समय से पहले अपनी दुकान से निकल गए।

इसके बाद आरोपितों ने 21 जून 2022 को पूरी तैयारी के साथ उमेश का पीछा किया। इस बार वह उमेश का सिर धड़ से अलग करना चाहते थे। मगर, पीछे दूसरी मोटर गाड़ी से आ रहे बेटे-बहू जोर से चिल्ला दिए। उनकी आवाज सुन हत्यारे भाग खड़े गुए। लेकिन, तब तक वह उमेश कोल्हे को मौत के घाट उतार चुके थे। उनका शव जमीन पर लहू-लुहान था। बेटा उन्हें अस्पताल भी लेकर गया लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत ही घोषित किया। पोस्टमार्टम में सामने आया कि  उनके गले पर जो जख्म था, वो 5 इंच चौड़ा, 7 इंच लंबा और 5 इंच गहरा था। उनकी साँस लेने वाली नली, भोजन निगलने वाली नली और आँखों की नसों पर भी वार किए गए थे।

ऑटो ड्राइवर और मजदूरों से इरफान ने करवाया काम

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में रहकर पाकिस्तान और अरब देशों की फंडिंग पर रहबरयिा नाम की एनजीओ चलाने वाले इरफान ने दो आटो ड्रॉइइवर और अन्य मजदूरों को इस काम के लिए हायर किया था। उसने पहले सब लोगों को अपनी एनजीओ में बुलाकर माइंड वॉश किया था। इसके बाद कथिततौर पर उन्हें 10-10 हजार रुपए देकर उनसे ये काम करवाया गया।

बता दें कि कोल्हे की हत्या मामले में अब तक 7 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। इनकी पहचान मुदस्सिर अहमद (22), शाहरूख पठान (25), अब्दुल तौफिक (24), शोएब खान (22), अतिब रशीद (22) और युसूफ खान बहादुर खान (44) के रूप में हुई है। इन लोगों के ऊपर ऊपर आईपीसी की धारा 302, 120 और 109 के तहत केस को दर्ज किया गया है।

मृतक के घरवालों ने केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में डालने को कहा है। मृतक के भाई ने यह भी बताया कि जिस आरोपित को पुलिस ने पकड़ा है उनमें से एक वेटनरी डॉक्टर यूसुफ है और उसकी उमेश कोल्हे से अच्छी दोस्ती थी। घरवाले उसे 2006-07 से जानते थे। युसूफ पर आरोप है कि उसी ने कोल्हे का पोस्ट संदिग्ध व्हॉट्सग्रुप में शेयर किया था जिसके बाद हत्या की प्लॉनिंग हुई। इरफान शेख के पड़ोसियों ने मीडिया के सामने बेहद मजहबी किस्म का बताया है

‘₹844 करोड़ की माफिया संपत्ति जब्त, 1.2 लाख लाउडस्पीकर हटाए गए, 1400 नई परियोजनाएँ’: ‘योगी 2.0’ ने रखा 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेस कर सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। इस मौके पर उन्होंने एक बुकलेट का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन जनता की सेवा, सुरक्षा और सुशासन को समर्पित रहे हैं। यही कारण है कि पहले विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत, फिर विधान परिषद चुनाव में जीत और अभी हाल ही में आजमगढ़ और रामपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत सरकार पर जनविश्वास का प्रतीक है।

सीएम ने कहा कि उन्होंने जनता से जो भी वादे किए हैं वो पूरे किए। अब वह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की बनाने के लिए काम कर रहे हैं। जिससे कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बन सके। प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश में पेशेवर अपराधियों व माफियाओं की 844 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हुई है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से अब तक करीब 2925 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। यह सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि पिछले पाँच साल में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। पहले प्रदेश दंगा और अराजकता के लिए जाना जाता था, पर भाजपा सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ है। पिछले पाँच साल में प्रदेश की जीडीपी दोगुना हुई है साथ ही प्रति व्यक्ति आय भी दोगुना के करीब हुई है। 2017 के पहले प्रदेश का बजट करीब तीन लाख करोड़ था जो कि अब 6 लाख 15 हजार करोड़ हो चुका है। बजट में सरकार के 97 संकल्पों को लागू किया गया है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। यह बिना किसी विवाद के हुआ है। 1.2 लाख से अधिक माइक हटाए गए। किसी भी धार्मिक त्योहार में सड़कों पर कोई आयोजन नहीं हुआ। प्रदेश में पहली बार निवेश का माहौल बना है। प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपए की करीब 1400 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। प्रदेश में डाटा सेंटर हब बन रहा है। प्रदेश में नई डाटा सेंटर नीति लागू की। सूबे में चार डाटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों का भी ध्यान रखा और ई-पेंशन सेवा शुरू की। बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने 25 मार्च, 2022 को शपथ ली थी। रविवार (3 जुलाई 2022) को सरकार का 100 दिन का कार्यकाल पूरा हो गया।

नूपुर शर्मा पर ‘शरीर’ वाली टिप्पणी, हमले के लिए उकसाया: अखिलेश यादव पर महिला आयोग सख्त, DGP से कहा – कार्रवाई कीजिए

बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ ट्वीट करके समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुरा फँस गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के ट्वीट पर संज्ञान लिया है। यह ट्वीट उन्होंने 1 जुलाई को किया था। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच को भी कहा। एनसीडब्ल्यू ने यह भी कहा है कि कार्रवाई के बाद आयोग को भी इससे अवगत कराया जाए।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सोमवार (4 जुलाई 2022) को यूपी पुलिस और डीजीपी यूपी को टैग करते हुए ट्वीट किया, “इस शख्स को देखिए जो खुद को एक पार्टी का नेता बताता है। वह लोगों को नूपुर शर्मा पर हमला करने के लिए उकसा रहा है। यूपी पुलिस और डीजीपी उसके खिलाफ कार्रवाई करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध है कि उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान (Suo Moto action) लें।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने 1 जुलाई को नूपुर शर्मा के खिलाफ ट्वीट किया था, “सिर्फ मुख को नहीं शरीर को भी माफी माँगनी चाहिए। देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सजा भी मिलनी चाहिए।”

गौरतलब है कि पैगंबर मुहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी के ​कारण बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पिछले महीने पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की ध​मकियाँ मिल रही हैं। इसी बीच 2 जुलाई को नुपूर शर्मा के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था। कोलकाता की दो थानों की पुलिस ने नुपूर शर्मा को कुछ दिन पहले समन भेजकर उनसे वहाँ पेश होने को कहा था। हालाँकि जान का खतरा होने के कारण नुपूर थानों में नहीं गई, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने ये नोटिस जारी किया ताकि नुपूर देश छोड़कर कहीं न जा पाएँ।

‘हमें अलग तमिलनाडु माँगने के लिए मजबूर मत करो’: DMK सांसद भी बोले राहुल गाँधी की भाषा, पेरियार को याद कर देश तोड़ने की धमकी

तमिलनाडु (Tamilnadu) में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद ए राजा ने केंद्र को चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि पार्टी को फिर से अलग तमिलनाडु की माँग करने के लिए मजबूर ना किया जाए। उन्होंने यह बातें स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों की सभा में बोलते हुए कही।

समारोह में बोलते हुए, राजा ने कहा, “DMK ने अलग तमिलनाडु का आह्वान छोड़ दिया है और राज्य की स्वायत्तता के लिए आया है। लेकिन हमारे वैचारिक गॉडफादर पेरियार ने अपनी मृत्यु तक अलग तमिलनाडु की माँग की। हालाँकि हमने उस माँग को दरकिनार कर दिया और देश की अखंडता और लोकतंत्र के लिए संघवाद को स्वीकार कर लिया।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं बेहद विनम्रता से पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध कर रहा हूँ कि वे हमें एक बार फिर से अलग तमिलनाडु की माँग को उठाने के लिए मजबूर ना करें। कृपया हमें राज्य की स्वायत्तता दें।”

बता दें कि ए राजा नीलगिरी मतदाताओं के लिए संसद सदस्य और DMK के उप महासचिव हैं। राजा एक स्वतंत्र तमिलनाडु की वकालत कर रहे थे, जिसकी शुरुआत पेरियार ने की थी। पेरियार को ‘द्रविड़ आंदोलन का जनक’ माना जाता है। बता दें कि ए राजा मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे, उसी समय 2 जी स्पेक्ट्रम धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था।

‘राज्यों के संघ’ के रूप में भारत पर राहुल गाँधी की टिप्पणी

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की सरकार में डीएमके के साथ भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस भी भागीदार है। पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और वायनाड से पार्टी सांसद राहुल गाँधी ने हाल ही में कहा था कि भारत एक राष्ट्र नहीं है। राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में ‘द प्रिंट’ की कालम्निस्ट श्रुति कपिला से कहा था कि भारत, ब्रिटेन जैसे राष्ट्र की तुलना में यूरोपीय संघ की तरह ‘राज्यों के संघ’ की तरह है। ए राजा का विचार भी राहुल गाँधी की टिप्पणी जैसा ही है।

बता दें कि पिछले कई महीनों से, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी तथाकथित ‘भारत के विचार’ के बाल्कनाइज़्ड संस्करण (Balkanised Version) को बढ़ावा दे रहे हैं, जो इसे एक राष्ट्र के बजाय ‘राज्यों के संघ’ के रूप में दिखाता है। राहुल गाँधी के मुताबिक भारत को हमारे संविधान में एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित नहीं किया गया है, बल्कि भारत के नाम से जाने जाने वाले राज्यों के एक संघ के रूप में परिभाषित किया गया है।

कन्हैया लाल के हत्यारों को 5 km खदेड़ कर गिरफ्तार कराया, धमकी के बावजूद डटे रहे शक्ति सिंह और प्रह्लाद सिंह: राजस्थान पुलिस ने भी माना लोहा

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल के कातिलों को गिरफ्तार करवाने में पुलिस के मददगार राजसमंद के 2 युवकों की बहादुरी की तारीफ हो रही है। इनके नाम शक्ति सिंह और प्रह्लाद सिंह हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों ने आरोपित रियाज और मोहम्मद गौस का लगातार बाइक से पीछा किया और पुलिस को उनकी लोकेशन बताई। राजस्थान के भीम विधानसभा से कॉन्ग्रेस विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने भी 28 जू,न 2022 को शक्ति और प्रह्लाद की प्रशंसा की है।

कॉन्ग्रेस विधायक ने लिखा, “उदयपुर की घटना जघन्य और बर्बर है। क्रूरता के साथ हत्या करना और उसे खुद ही प्रसारित करना किसी भी मानव सभ्यता में अस्वीकार्य है। इसे क़तई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भीम देवगढ़ निवासी प्रह्लाद सिंह व शक्ति सिंह ने आरोपियों का लगातार पीछा किया व यहाँ की जागरूक जनता की मदद से भीम देवगढ़ पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन से अनुरोध है कि बर्बरता करने वाले आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करे व इन्हें फाँसी की सजा दिलाए।”

दैनिक भास्कर के मुताबिक विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिख कर शक्ति और प्रह्लाद को सम्मानित करने की माँग की है। साथ ही राजसमंद पुलिस के SP शिवलाल बैरवा ने कहा, “आरोपितों की गिरफ्तारी में 2 युवकों का सहयोग रहा जिन्होंने आरोपितों का पीछा करते हुए पुलिस को सूचना दी।”

दैनिक भास्कर से बात करते हुए शक्ति सिंह ने कहा, “हमें सोशल मीडिया से कन्हैयालाल की हत्या की सूचना मिली थी। हमें हमारे ही क्षेत्र के एक पुलिसकर्मी की कॉल आई थी जिसमें आरोपितों के बाइक के नंबर बता कर भीलवाड़ा-देवगढ़ मार्ग से भागने की जानकारी दी गई। इस जानकारी पर हम बाइक से निकले तभी आरोपितों की शक्ल से मिलते-जुलते 2 लोग निकले। उस बाइक का नंबर भी 2611 था। हमने पुलिस बुलाई तो वो दूर थी। हम आरोपितों का पीछा करते रहे। इस दौरान हमें धमकाया भी गया लेकिन हम उनके पीछे लगे रहे। आख़िरकार 5 किलोमीटर बाद दोनों आरोपितों को पुलिस ने पकड़ लिया।”

राजपूत करणी सेना के महिपाल सिंह ने शक्ति और प्रह्लाद सिंह की तारीफ करते हुए उनके लिए राष्ट्रपति पुरस्कार की माँग की है।

बाइबिल देकर कह रहे थे ईसाई बन जाओ, मना करने पर बकी गालियाँ: चंगाई सभा के नाम पर दलितों के धर्मांतरण का प्रयास, यूपी में 3 गिरफ्तार

UP के फतेहपुर जिले में ईसाई धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ पर चंगाई सभा के नाम पर लोगों के धर्म परिवर्तन के प्रयास की शिकायत पर हिन्दू संगठनों ने गाँव में हंगामा किया। इस सभा का विरोध करने वाले एक युवक के साथ गाली-गलौज का भी आरोप है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर मामले को शांत करवाया और 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना 2 जुलाई, 2022 (शनिवार) की है।

यह घटना खागा थानाक्षेत्र के गाँव सुजरही की है। मामले में शिकायतकर्ता ‘बजरंग दल’ कार्यकर्ता राहुल विश्वकर्मा हैं। राहुल के मुताबिक, “2 जुलाई को मैं दिन में 11 बजे सुजरही गाँव में घूमने गया था। वहाँ पर संजय पासवान और रामचंद्र नाम के 2 व्यक्ति और नीरमती नाम की एक महिला भीड़ के साथ दिखीं। इस दौरान ये सभी बिना अनुमति ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों को ईसाई बनने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर ईसाई धर्म से संबंधित किताबें भी बाँटी जा रहीं थीं।”

शिकायत कॉपी

राहुल ने शिकायत में आगे लिखा, “तीनों आरोपितों ने मुझे भी ईसाई धर्म से संबंधित एक बाइबिल दी और मुझे ईसाई बन जाने के लिए कहा। मैंने उन्हें खुद के हिन्दू होने और हिन्दू ही रहने का जवाब दिया। यह जवाब सुन कर इन तीनों ने मुझे गालियाँ दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मेरे 2 दोस्त मौजूद थे।” राहुल ने पुलिस से कार्रवाई की माँग की है।

राहुल की शिकायत पर पुलिस ने धारा 188, 295- A, 504 और उत्तर प्रदेश धर्मान्तरण निरोधक धारा 3/5 (1) के तहत FIR दर्ज कर ली। मौके से तीनों आरोपितों रामचंद्र, संजय और नीरमती को गिरफ्तार कर के अदालत भेज दिया गया। अदालत ने तीनों आरोपितों को 3 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जाँच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कृष्ण स्वरूप इस मामले में जाँच कर रहे हैं।

FIR Copy

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी शिकायतकर्ता राहुल विश्वकर्मा से ली। उन्होंने बताया, “जब हम मौके पर गए तो भीड़ दिखी। बाद में पुलिस भी आई। पुलिस देखते ही एक आरोपित रामचंद्र भूसे के ढेर में छिप गया था। भीड़ में अधिकतर दलित समुदाय के लोग थे जिनके धर्मान्तरण का प्रयास चल रहा था। मैं घर का अकेला हूँ। तमाम प्रकार के डर रहते हैं लेकिन संगठन से जुड़ा हूँ इसलिए इन कामों में पीछे नहीं रहता। जिला फतेहपुर में धर्मान्तरण बहुत तेजी से हो रहा है। एक हफ्ते पहले भी एक मामले का हमने शिकारपुर क्षेत्र में पर्दाफाश किया था। आज भी एक घटना की जानकारी मिली है लेकिन अकेले कितना दौड़ सकता हूँ। शायद मैं भी निशाने पर आ जाऊँ।”