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मजहबी बर्बरता पर ‘मौन’ हुआ उदयपुर, जुलूस पर पत्थरबाजी की खबरें: कन्हैया लाल के परिवार ने CM अशोक गहलोत से माँगी सुरक्षा

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या के बाद वहाँ आज 30 जून 2022 (गुरुवार) को हिन्दू संगठनों ने मौन जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्थर फेंके जाने की खबर भी सामने आई है। हालाँकि SP उदयपुर ने किसी भी प्रकार की पत्थरबाजी से इंकार किया है। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतक कन्हैयालाल के परिजनों से मुलाक़ात की।

CM गहलोत ने कन्हैयालाल के परिवार से संवेदना जताते हुए घरवालों को हर मदद का आश्वासन दिया। साथ ही CM ने पीड़ित परिवार को 51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। गहलोत ने आगे मीडिया से बात करते हुए कहा- NIA एक महीने के अंदर इस केस में जल्दी सजा दिला दे। NIA को समझना चाहिए कि प्रदेश के लोगों की भावना क्या है? कन्हैया को सुरक्षा दी गई या नहीं, क्या कमी रही, सभी चीजें NIA की जाँच में सामने आ जाएगी। NIA की जाँच पर भरोसा करना चाहिए, जाँच निष्पक्ष होगी, हम पूरा सहयोग करेंगे। इस घटना ने देश को हिला दिया।”

वहीं कन्हैया लाल के बेटे यश ने भी राजस्थान सरकार से परिवार के लिए सुरक्षा की माँग की। उन्होंने कहा, “हमने सुरक्षा की माँग की है। मेरे पिता को सुरक्षा नहीं दी गई लेकिन हमें मुहैया कराया जाना चाहिए। हमें इसका आश्वासन दिया गया है। दोषियों को मौत की सजा से कम कुछ नहीं दिया जाना चाहिए।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौन जुलूस उदयपुर के सर्व समाज की तरफ से निकाला गया था। इसमें शामिल लोगों की संख्या हजारों में थी। यह टाउन हॉल से शुरू हो कर DM ऑफिस पर जा कर खत्म हुआ। यहाँ जुलूस के आयोजकों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कहा जा रहा जब लोग DM को ज्ञापन सौंप कर लौट रहे थे तब उन पर दिल्ली गेट के पास पत्थर फेंके गए। पुलिस ने पत्थरबाजों को बल प्रयोग कर के भगा दिया। अमर उजाला का दावा है कि इस दौरान एक ढाबे को जलाया गया है और एक धर्मस्थल को भी नुकसान पहुँचाया गया है। हालाँकि इसी रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस इस मामले में कोई जवाब नहीं दे रही है। वहीं आज इस जुलूस के समापन पर हिन्दू संगठनों ने DM के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।

इंडिया TV की ग्राउंड रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “दिल्ली गेट पर मुस्लिमों की दुकानें है। अंदर से पत्थरबाजी हुई तो माहौल खराब हो गया।” एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने जताया, “इनके वहाँ गैराज हैं। पुलिस अंदर गई है और कार्रवाई कर रही है।” रिपोर्ट के मुताबिक पथराव मुस्लिम समुदाय की दुकानों के पीछे से हुआ। वहीं SP उदयपुर ने इसी रिपोर्ट में किसी भी पत्थरबाजी से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, “ऐसी कोई बात नहीं है।” इसके बाद पथराव का विरोध कर रहे लोगों को हटाया जाने लगा।

वहीं ऑपइंडिया ने आज के मौन जुलूस में शामिल उदयपुर व्यापर मंडल के सदस्य कुंदन चौहान से बात की। उन्होंने बताया, “जब मौन प्रदर्शन खत्म हो गया था तब लौट रहे लोगों पर दिल्ली गेट के पास वक्फ बोर्ड की एक जमीन के पास से पत्थर फेंका गया। ये पत्थर जुलूस में शामिल लोगों पर फेंका गया था। पत्थरबाजों को पुलिस ने भगा दिया। हमें SP साहब ने बताया कि हम मामले को दिखवा रहे। हिन्दू समाज पथराव नहीं करता। हम तो मौन जुलूस निकाल रहे थे। लेकिन लगता है कि सभी नियम और कानून हिन्दुओं पर ही लागू हैं। शायद हमें ही भाईचारा निभाना है।”

जुलूस में शामिल एक अन्य हिन्दू कार्यकर्ता रंजीत सिंह ने भी हमसे बात करते हुए हिन्दुओं की तरफ से किसी भी प्रकार की हिंसा होने की बात को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमारा जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण रूप से गुजरा।

लैपटॉप की तलाश में जुबैर को लेकर बेंगलुरु गई दिल्ली पुलिस, स्वयंभू फैक्टचेकर ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

हिंदुओं के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने के लिए कुख्यात और उनकी धार्मिक भावना को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार ऑल्ट न्यूज (AltNews) के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) को दिल्ली पुलिस बेंगलुरु (Bengaluru) लेकर पहुँची है। दिल्ली पुलिस जुबैर का लैपटॉप बरामद करना चाहती है, ताकि उसकी गतिविधियों की जानकारी हासिल की जा सके।

वहीं, जुबैर के वकील ने गुरुवार (30 जून 2022) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में उसके पुलिस रिमांड के खिलाफ याचिका दायर की। इस मामले पर हाईकोर्ट की वैकेशन बेंच शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को सुनवाई करेगी। बता दें कि दिल्ली की पाटियाला हाउस कोर्ट ने 28 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की माँग पर जुबैर को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है।

उधर, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट मोहम्मद जुबैर को लेकर बेंगलुरु पहुँच गई है। पुलिस का सबसे अधिक फोकस उसके लैपटॉप बरामदगी को लेकर है। बता दें कि जुबैर ने गिरफ्तारी से पहले ही अपने मोबाइल को फॉरमेट कर उसका सारा डेटा डिलीट कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। लैपटॉप के बारे में पूछने पर वह कुछ बता नहीं रहा है और उसे पुलिस को सौंपने से इनकार कर रहा है। पुलिस कहना है, “जुबैर एक धार्मिक समूह को नाराज करने के लिए जानबूझकर धर्म का इस्तेमाल कर रहा था। वह लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा कर रहा था।”

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का कहना है कि लैपटॉप बरामद करने के बाद जुबैर के पोस्ट और हार्ड डिस्क मेमोरी की फोरेंसिक जाँच कराई जाएगी। लैपटॉप को रोहिणी स्थित CFSL में फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा।

पुलिस को उम्मीद है कि उसके लैपटॉप से कई सारी संवेदनशील जानकारियाँ हासिल हो सकती हैं। पुलिस इस बात से और सतर्क हो गई है कि आखिर लैपटॉप में ऐसी क्या जानकारियाँ हैं, जिन्हें जुबैर पुलिस से छिपाना चाहता है और वह लैपटॉप उसे देना नहीं चाहता है। पुलिस को लैपटॉप से 50 लाख रुपए के लेनदेन सहित अन्य लेनदेन और उसके संपर्कों के बारे में जानकारियाँ मिल सकती हैं।

अपनी वकील वृंदा ग्रोवर के जरिए जुबैर ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसे इसलिए परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वह सत्ता में बैठे कुछ लोगों को चुनौती दे रहा था। बहरहाल पुलिस आज (बुधवार) को जुबैर को बेंगलुरू ले जा सकती है। हालाँकि, वहाँ भी उसे अपने वकील से मिलने की इजाजत होगी।

मणिपुर में बारिश से सैन्य कैंप के पास लैंडस्लाइड, 7 शव निकाले गए: 19 बचाए गए, 45 अब भी लापता

मणिपुर में लगातार बारिश की वजह से भयानक भूस्खलन (Landslide) की खबर है। गुरुवार (30 जून 2022) को नोनी जिले के तुपुल में यह हादसा हुआ। रेलवे स्टेशन के पास स्थित सेना का कैंप भी इसकी चपेट में आ गया। खबर लिखे जाने तक सात शव निकाले जा चुके थे।

राहत और बचाव का कार्य जोरों पर है। नोनी के एसडीओ के हवाले से एएनआई ने बताया है कि 19 लोग अब तक बचाए गए हैं। उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है। करीब 45 लोग अब भी लापता हैं।

रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से बताया गया है कि लापता लोगों में कुछ बच्चे भी हैं। खराब मौसम के कारण बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन से इजाई नदी का प्रवाह भी प्रभावित हुआ है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। उन्होंने ट्विटर पर कहा है कि तुपुल में भूस्खलन की स्थिति का आकलन करने के लिए एक आपात बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा, “खोज और बचाव अभियान पहले से ही चल रहा है। अभियान में सहायता के लिए डॉक्टरों के साथ-साथ एम्बुलेंस भी भेजी गई हैं।”

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हादसे को लेकर कहा है कि उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात कर हालात का जायजा लिया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम बचाव अभियान में शामिल हो गई है। दो और टीमें रास्ते में हैं।

शाह ने ट्वीट कर कहा, “मणिपुर में टुपुल रेलवे स्टेशन के पास भूस्खलन के मद्देनजर मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। बचाव अभियान जोरों पर है। एनडीआरएफ की एक टीम मौके पर पहुँच गई है और बचाव कार्यों में शामिल हो गई है। दो और टीमें तुपुल के रास्ते में हैं।”

‘जेल में बिरयानी परोसी जाएगी’: व्यंग्यात्मक ट्वीट का ‘फैक्टचेक’ करने में राजस्थान पुलिस फास्ट, कन्हैया लाल को धमकी पर सोई रही

उदयपुर (Udaipur) में हिंदू व्यक्ति कन्हैया लाल की बर्बर हत्या के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद की गिरफ्तारी पर बयानबाजी का राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने बुधवार (29 जून 202) को फैक्ट चेक किया।

एक पत्रकार ने गिरफ्तार किए गए दोनों हत्यारों के बारे में ट्विटर पर पूछा कि आरोपितों खिलाफ जेल में सख्त कार्रवाई की जाएगी या नहीं। राजस्थान पुलिस के ट्विटर हैंडल ने इसे ‘न्यूज’ बताते हुए इसका फैक्ट चेक कर दिया।  

फोटो साभार: राजस्थान पुलिस ट्विटर हैंडल

कन्हैया लाल के दोनों हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद ट्विटर पर एक पत्रकार ने एक व्यंग्यात्मक सवाल किया। उन्होंने लिखा, “गिरफ्तारी के बाद दोनों हत्यारों की फोटो है और राजस्थान की जेल में इन्हें बिरयानी परोसी जाएगी? यूपी होता तो?”

बिरयानी का जिक्र 26/11 के मुंबई हमले के एकमात्र पकड़े गए इस्लामी आतंकवादी अजमल कसाब के संदर्भ में किया गया है, जिसके खिलाफ वर्षों तक मुकदमा चला था और इस दौरान उसे बिरयानी खिलाई जाती थी। बिरयानी संदर्भ का इस्तेमाल आमतौर पर इस बात पर चर्चा करने के लिए किया जाता है कि कैसे एक धीमी और उदार न्याय प्रणाली क्रूर अपराधियों को भी आरामदायक तरीके से जीने देती है।

हालाँकि, पत्रकार का ट्वीट जो हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा गया था, उसे राजस्थान पुलिस ने व्यक्तिगत रूप में लिया। राज्य के पुलिस विभाग के ट्विटर हैंडल ने ट्वीट का फैक्ट-चेक करते हुए कहा कि पत्रकार के दावे झूठे हैं और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

राजस्थान पुलिस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

राजस्थान पुलिस के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है एक फेक न्यूज। ये सरासर गलत है। उदयपुर में जघन्य अपराधियों के खिलाफ राजस्थान पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी। पुलिस असामाजिक तत्वों से नरमी से पेश नहीं आएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए राजस्थान पुलिस कटिबद्ध है।”

गौरतलब है कि मृतक पीड़ित कन्हैया लाल के आठ वर्षीय बेटे ने अपने मोबाइल से पूर्व बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया था। हालाँकि बाद में कन्हैया लाल ने उसे डिलीट कर दिया था। इसके बाद धानमंडी थाना के अधिकारियों ने कन्हैया लाल को उदयपुर में गिरफ्तार कर लिया

जमानत पर रिहा होने के बाद भी कन्हैया लाल को जान से मारने की धमकी मिलती रही, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कार्रवाई करने के बजाय स्थानीय पुलिस ने कन्हैया लाल और कुछ स्थानीय मुस्लिमों को एक ‘समझौता’ दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा और मामले को रफा-दफा कर दिया।

‘बम-बम भोले’ के जयकारे के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दक्षिण कश्मीर की पहाड़ियों में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गुरुवार (30 जून 2022) से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। कोरोना के चलते 2 साल बाद शुरू हुई यात्रा में लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह यात्रा 43 दिन तक चलेगी। आज से शुरू हुई यात्रा 11 अगस्त को समाप्त होगी। इस दौरान 7-8 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की उम्मीद है।

कड़ी सुरक्षा के बीच कई श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल बैस कैंप पहुँच चुके हैं। पहलगाम में यात्रियों के पहले जत्थे का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। पवित्र गुफा के दर्शन करने जा रहे यात्री ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्री निवास जम्मू से झंडी दिखाकर रवाना किया। बता दें कि दो साल के अंतराल के बाद दोबारा यात्रा शुरू की गई है, इसलिए जम्मू कश्मीर प्रशासन को इस साल श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है। 4890 यात्रियों का जत्था जम्मू बेस कैंप से अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हो गई है।

भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कैंप में व्यवस्थाएँ की गई हैं। वहीं किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए जवान हर तरफ तैनात हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यात्रा पर आतंकी खतरे की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के लिए आतंकी संगठनों द्वारा रची गई आतंकी साजिश की जाँच कर रही है। रिपब्लिक टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी समूह विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए आतंकवादियों के परिवार के सदस्यों पर नजर गड़ाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के आतंकी कमांडर जो पाकिस्तान चले गए थे, वे भी अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं। 

बता दें कि बाबा अमरनाथ धाम की यात्रा दो प्रमुख रास्तों से की जाती है। इसका पहला रास्ता पहलगाम से जाता है और दूसरा सनमर्ग बालटाम से। श्रद्धालुओं को यह रास्ता पैदल ही पार करना पड़ता है। पहलगाम से अमरनाथ की दूरी लगभग 48 किमी है। ये रास्ता थोड़ा आसान और सुविधाजनक है, जबकि बालटाल से अमरनाथ की दूरी तकरीबन 14 किमी है, लेकिन यह रास्ता पहले रूट की तुलना में कठिन है।

‘हनुमान चालीसा बैन की थी, शिवसेना को शिव भी नहीं बचा सकते थे’ : उद्धव ठाकरे के ‘टूटे घमंड’ पर कंगना का तंज, ट्रेंड हुआ- ‘उखाड़ दिया’

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने के बाद कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि सरकार होने के बावजूद जिस तरह शिवसेना ने हनुमान चालीसा का अपमान किया उसके बाद उनके साथ ये सब होना लाजिमी था।

कंगना के इस वीडियो के अलावा उद्धव सरकार के साथ उनका दो साल पुराना विवाद सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। साथ ही उनके घर पर बीएमसी की कार्रवाई के बाद ‘सामना’ में प्रकाशित ‘उखाड़ दिया’ हेडलाइन भी ट्रेंड कर रही है।

कंगना ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट वीडियो का कैप्शन दिया, “जब पाप बढ़ जाता है तो सर्वनाश होता है और उसके बाद सृजन होता है और कमल खिलता है।”

अपनी वीडियो में अभिनेत्री कहती हैं, ” हर-हर महादेव। जय हिंद। जय महाराष्ट्र। 1975 के बाद ये समय भारत के लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण समय है। 1975 में लोक नेता जय प्रकाश नारायण की एक ललकार से ‘सिंघासन छोड़ो कि जनता आती है’ और सिंघासन गिर गए थे। 2020 में मैंने कहा था कि लोकतंत्र एक विश्वास है और सत्ता के घमंड में आकर जो इस विश्वास को तोड़ता है, उसका घमंड टूटना भी निश्चित है। यह किसी व्यक्ति विशेष की शक्ति नहीं है। ये शक्ति है सच्चे चरित्र की।”

उन्होंने आगे कहा, “दूसरी बात… हनुमान जी को शिव का 12वाँ अवतार माना जाता है और जब शिवसेना ही हनुमान चालीसा को बैन कर दे तो उन्हें शिव भी नहीं बचा सकते। हर हर महादेव, जय हिंद, जय महाराष्ट्र।”

ट्विटर पर ट्रेंड हुआ ‘उखाड़ दिया’

याद दिला दें कि साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध हालातों में हुई मौत के बाद कंगना रनौत ने बॉलीवुड पर सवाल उठाने शुरू किए थे और धीरे-धीरे उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को भी घेरा था। इसके बाद बीएमसी ने उनके ऑफिस पर बुलडोजर चलाया था और कंगना ने दुखी मन मे वीडियो जारी कर उद्धव सरकार के लिए कहा था- “आज मेरा घर टूटा है जल्द ही तेरा घमंड टूटेगा।” बीएमसी कार्रवाई के बाद शिवसेना के मुखपत्र सामना में बड़ा-बड़ा ‘उखाड़ दिया’ छपा था।

इसीलिए, अब जब महाराष्ट्र की महा अघाड़ी सरकार गिर चुकी है तो कंगना के समर्थक ‘उखाड़ दिया’ हैशटैग ट्रेंड करवा रहे हैं। इस हैशटैग के अंदर वह उन घटनाओं को बता रहे हैं कि जब उद्धव सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई गई और उस सुनवाई को अनसुना कर दिया गया। लोग इस हैशटैग में ठाकरे के साथ संजय राउत का मजाक उड़ा रहे हैं और एकनाथ शिंदे की तस्वीर शेयर करके लिख रहे हैं कि पहली बार हिंदुत्व के लिए भारत में किसी राज्य की सरकार बदली है।

नाम ‘मो​हम्मद’ तो गुरुवार को दारू फ्री: ऑफर देने वाले बार चेन को बंद करवाया, कर्मचारियों को ‘ईशनिंदा’ में हो सकती है 10 साल जेल

सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में एक बार चेन के ऑफर पर बवाल मचा हुआ है। बार चेन के आउटलेट्स बंद करवा दिए गए हैं। यहाँ के 6 कर्मचारियों को ईशनिंदा के आरोप में जेल की सजा हो सकती है। बार चेन का नाम होलीविंग्स (Holywings) है।

दरअसल इस बार चेन ने एक प्रमोशनल ऑफर में ऐलान किया था कि मोहम्मद और मारिया नाम के लोगों को फ्री में शराब दिया जाएगा। यह ऑफर गुरुवार के दिन के लिए रखा गया था। इस पर हंगामा मचने के बाद राजधानी जकार्ता में बार चेन के 12 आउटलेट का परमिट रद्द कर उन्हें बंद करवा दिया गया।

विवाद पैदा होने के बाद 28 जून 2022 को जकार्ता के गवर्नर अनीस बसवेदन ने बार चेन के लाइसेंस को कैंसिल कर दिया। मजहबी संगठनों की शिकायत पर पुलिस भी जाँच कर रही है। ईशनिंदा के आरोपित 6 कर्मचारियों को अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है।

जकार्ता प्रशासन ने अपनी वेबसाइट पर होलीविंग्स के 12 आउटलेट्स बंद कराए जाने की जानकारी दी है। जकार्ता पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि बार चेन के पास शराब परोसने का लाइसेंस ही नहीं था। इस बीच होलीविंग्स ने माफी माँगते हुए कहा है कि प्रबंधन की जानकारी के बिना ऐसा किया गया था। इस ऑफर को लेकर जो सोशल मीडिया पोस्ट किया गया था, वह भी हटा लिया गया है।

इस घटना के बाद कई लोगों का यह भी कहना है कि सख्त ईशनिंदा कानूनों के इस्तेमाल इंडोनेशिया की सहिष्णुता और विविधता को खत्म करने का काम किया है। ह्यूमन राइट्स वॉच के इंडोनेशिया के शोधकर्ता एंड्रियास हार्सोनो ने कहा कि ईशनिंदा कानून और ऑनलाइन गतिविधि को नियंत्रित करने वाला कानून ‘तेजी से खतरनाक’ होता जा रहा है।

ह्यूमन राइट्स वॉच के आँकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया में 1965 में ईशनिंदा कानून पारित हुआ था। इसके बाद से अब तक 150 से अधिक लोगों को जेल में डाल गया है। इनमें ज्यादातर धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। उल्लेखनीय है कि देश की करीब 88% आबादी मुस्लिम है।

गौरतलब है कि इस्लामिक देश में ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल ज्यादातर इस्लाम का अपमान करने वालों के खिलाफ किया गया है, जिसमें जकार्ता के पूर्व ईसाई गवर्नर बासुकी ‘अहोक’ पूर्णमा भी शामिल हैं। उन्हें 2017 में ईशनिंदा के आरोप में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

1 पोस्ट, 2 शिकायत, एक गर्दन, 2 हत्यारे: जानिए कन्हैया लाल की गिरफ्तारी (10 जून) से पंचतत्व में विलीन (29 जून) होने तक कब क्या हुआ

राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार (28 जून, 2022) को टेलर कन्हैया लाल तेली की निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात के कुछ ही समय बाद कन्हैया लाल के दोनों हत्यारों को पकड़ लिया गया। और अब हत्यारों को जल्द से जल्द फाँसी की सजा दिए जाने की माँग उठ रही है। राज्य में धारा 144 लागू है। उदयपुर कलेक्टर और एसपी मनोज कुमार समेत दर्जन भर थाने की पुलिस मौके पर तैनात है। शहर की हर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कन्हैया लाल का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। इन सब घटनाक्रमों के बीच आइए आपको बताते हैं इस घटना की शुरूआत कहाँ से हुई, कब-कब क्या-क्या हुआ?

  • 10 जून: इस पूरे विवाद की शुरूआत 10 जून को हुई। कन्हैया लाल के मोबाइल से उनके 8 साल के बेटे ने गलती से एक पोस्ट शेयर की थी जो भाजपा के पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में थी। इसको लेकर कन्हैया लाल का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। विरोध के बाद पोस्ट डिलीट कर दी गई।
  • 11 जून: कन्हैया लाल के खिलाफ धानमंडी थाने में मामला दर्ज किया गया। कन्हैया लाल के पड़ोसी नाजिम अहमद नाम के व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया था।
  • 12 जून: मुस्लिम पक्ष की तरफ से केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने कन्हैया लाल को गिरफ्तार कर लिया। 
  • 13 जून: कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद कन्हैया लाल को जमानत मिल गई।
  • 14 जून: डरा-सहमा कन्हैयालाल दुकान पहुँचा और दिन में ही घर लौट गया, क्योंकि तीन लोग रेकी करते दिखाई दिए।
  • 15 जून: बेल पर बाहर आने के बाद कन्हैयालाल ने जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत दी। इस घटना के बाद कन्हैया लाल काफी डर गए। उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं। उन्होंने पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई और सुरक्षा की गुहार लगाई। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने लिखा था कि 5-6 दिन पहले उनके मोबाइल पर उनके बेटे से गेम खेलते वक्त पोस्ट हो गई थी। दो दिन बाद कुछ लोग उनकी दुकान पर आए और मोबाइल से पोस्ट के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी। शिकायत में कन्हैया लाल ने कहा कि नाजिम व उसके पाँच साथी तीन दिन से दुकान की रेकी कर रहे हैं। दुकान नहीं खोलने दे रहे हैं। अगर दुकान खोली तो ये लोग जान से मार देंगे। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  • 15 जून: इसी दिन, धानमंडी पुलिस ने कहा कि आप चिंता मत करो। उनको शाम को बुलाकर समझा देंगे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दे कर मामला रफा-दफा कराने के लिए कन्हैया लाल से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करवाया। पुलिस ने कहा कि कोई परेशानी आए तो थाने में फोन कर लेना।
  • 16, 17, 18 और 19 जून: कन्हैया लाल ने अनहोनी की आशंका के चलते अपनी टेलरिंग की दुकान बंद रखी
  • 17 जून को रियाज अंसारी ने दी जान से मारने की धमकी
  • 22 और 23 जून: कन्हैया लाल ने दुकान पर टेलरिंग का काम किया।
  • 24 जून: बाइक सवार एक महिला और पुरुष कन्हैया लाल की दुकान आए। धमकाते हुए कहा कि उन्होंने जो काम किया है उसकी जरूर सजा मिलेगी।
  • 25 जून: तीन लोगों ने दुकान की रेकी की तो कन्हैया लाल ने पुलिस से बात की। जिस पर पुलिस ने कहा कि आप डरो मत, काम करो, कुछ हो तो बता देना। पुलिस तुरंत पहुँच जाएगी।
  • 28 जून: मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे थे। एक आरोपित वीडियो बनाता रहा, जबकि दूसरा अपना नाप देने लगा। कन्हैया नाप लेने में व्यस्त हो गए। फिर अचानक से आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया। कन्हैया चीखते रहे लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
  • 29 जून: कन्हैया लाल का उदयपुर के अशोक नगर श्मशान घाट में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग मोटरसाइकिल और कार से श्मशान घाट पहुँचे थे। लोगों ने आरोपितों को मौत की सजा की माँग करते हुए नारे लगाए। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने चिता को अग्नि के हवाले करते ही ‘कन्हैया लाल अमर रहे’ और अन्य नारे लगाए।

‘आपने शिवसेना नेता को बहुत परेशान किया, अब आपको मारने का समय आ गया’: एकनाथ शिंदे समर्थक MLA और भाजपा नेता को धमकी

महाराष्ट्र में सियासी उठा-पटक के बीच भाजपा और शिवसेना के बागी नेताओं को धमकी भरे फोन कॉल और पत्र मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ठाणे जिले के अंबरनाथ शहर से शिवसेना के बागी विधायक बालाजी किनिकर (Balaji Kinikar) और बीजेपी विधायक प्रसाद लाड (BJP MLA Prasad Lad) को जान से मारने की धमकी मिली है।

बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस ने बुधवार (29 जून) को बताया कि ठाणे जिले के अंबरनाथ से विधायक किनिकर के कार्यालय को गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा पत्र एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) गुट में शामिल किनिकर के कार्यालय में भेजा गया। इसके बाद उनके निजी सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, अंबरनाथ में किनिकर को ‘विश्वासघाती’ बताने वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं।

पत्र में कहा गया है, “डॉ बालाजी किनिकर को गोली मारने का समय आ गया है। आपने हमारे शिवसेना नेता को बहुत परेशान किया है। मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूँ, क्योंकि मरने से पहले आपको डर में जीना चाहिए।”

उधर, बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक अज्ञात फोन नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। पिछले दो दिनों से उस फोन नंबर से धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए मेरी जान को खतरा है।” इस घटना के बाद प्रसाद लाड ने संयुक्त पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है।

मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर (Former Mumbai Mayor Kishori Pednekar) को भी धमकी भरा पत्र मिला है, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। पत्र में पेडनेकर के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग और NCP नेता अजित पवार का जिक्र किया गया है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तुरंत बाद इस्तीफे का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के आदेश पर गुरुवार (30 जून, 2022) को विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

शाकिब ने हिंदू बन उज्जैन की छात्रा को फँसाया, दुष्कर्म का वीडियो बना महीनों करता रहा रेप: मना करने पर घर पहुँच तेजाब फेंकने की दी धमकी

मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain, Madhya Pradesh) में एक मुस्लिम युवक पर नाम बदल कर हिन्दू लड़की से दोस्ती करने और बाद में ब्लैकमेल कर रेप का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम शाकिब मिर्जा है, जिसने लड़की के नाम से सोशल मीडिया पर पीड़िता से दोस्ती की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। हिन्दू संगठनों ने पुलिस में इस घटना की शिकायत मंगलवार (28 जून 2022) को की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता उज्जैन के सेठीनगर की रहने वाली है। यह शिकायत उज्जैन के माधव नगर थाने पर दी गई है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, लगभग एक साल पहले 20 साल की पीड़िता को इंस्टाग्राम पर लड़की की ID से एक फॉलो रिक्वेस्ट आई। बाद में दोनों में चैटिंग शुरू हो गई। डेढ़ माह की चैटिंग के बाद शाकिब ने खुद को लड़का और हिन्दू समुदाय से बताया। इस दौरान दोनों की बातचीत जारी रही।

शिकायत में आगे कहा गया है कि 2-3 दिन बाद शाकिब ने पीड़िता को अपना असली परिचय देकर मिलने के लिए बुलाया। इनकी मुलाकात टावर चौक पर हुई, जहाँ से शाकिब पीड़िता को गाड़ी में लेकर आगर रोड नाका के पास अपने दोस्त के एक सूने मकान में ले गया।

वहाँ शाकिब ने पीड़िता से रेप किया और बाद में फोन करके दुष्कर्म का वीडियो बना लेने की बात कही। उसने धमकी देते हुए कहा कि वह जब भी बुलाए तो चली आए, नहीं तो वीडियो वायरल कर देगा। आरोप है कि ब्लैकमेल कर आरोपित शाकिब ने लगभग 9 माह तक पीड़िता का कई बार शारीरिक शोषण किया।

बताया जा रहा है कि पीड़िता ने सारी घटना की जानकारी अपनी बड़ी माँ को दी। परिजनों को पता चलने के बाद पीड़िता का फोन बंद करवा दिया गया। 10-15 दिन सम्पर्क न हो पाने के बाद उज्जैन के तराना का रहने वाला आरोपित शाकिब पीड़िता के घर पहुँच गया। यहाँ उसने पीड़िता से निकाह करने का दबाव बनाया। उसने धमकी दी कि अगर उसका निकाह नहीं किया गया तो वह लड़की के चेहरे पर तेजाब फेंक देगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के घर वालों ने बजरंग दल को मामले की जानकारी दी। बजरंग दल की तरफ से मामले की शिकायत माधवनगर पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और आरोपित की तलाश कर रही है।

SHO माधवनगर मनीष लोढ़ा के मुताबिक, छात्रा निजी कॉलज में अध्यनरत है और उसके बयान के आधार पर शिकायत दर्ज की गई है। इस पर धारा 376 के तहत केस दर्ज किया गया है और आरोपित की तलाश की जा रही है।