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‘मैं हिन्दू हूँ, मेरी जान मत लो, हम सच नहीं बोलेंगे’: कन्हैयालाल की जघन्य हत्या के विरोध में एकजुट हुए कर्नाटक के वेंडर्स, शुरू किया पोस्टर अभियान

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर में हिन्दू टेलर कन्हैया लाल तेली (Kanhaiya Lal Murder) की हत्या के मामले में एकजुटता दिखाने के लिए कर्नाटक (Karnataka) के हिन्दू दुकानदार आगे आए हैं। इसी क्रम में गुरुवार (30 जून 2022) को मैसूर में हिन्दू दुकानदारों ने मृतक कन्हैया लाल के प्रति एकजुटता दिखाने और उनकी हत्या के विरोध में पोस्टर अभियान शुरू किया। दरअसल, बीजेपी से निलंबित चल रही पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान के समर्थन में उनके 8 साल के बेटे द्वारा गलती से सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने को वजह बनाकर कन्हैयालाल तेली की हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भाजपा अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी के कहने पर श्री देवेंद्र फडणवीस जी ने बड़ा मन दिखाते हुए महाराष्ट्र राज्य और जनता के हित में सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह निर्णय महाराष्ट्र के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा व सेवाभाव का परिचायक है। इसके लिए मैं उन्होंने हृदय से बधाई देता हूँ।”

वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा ने महाराष्ट्र की जनता की भलाई के लिए बड़े मन का परिचय देते हुए एकनाथ शिंदे जी का समर्थन करने का निर्णय किया। श्री देवेन्द्र फडणवीस जी ने भी बड़े मन दिखाते हुए मंत्रिमंडल में शामिल होने का निर्णय किया है, जो महाराष्ट्र की जनता के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।”

बता दें कि एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के बगावत के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को बहुमत साबित करने के लिए कहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय बाद ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था।

हरियाणा के पलवल में विक्की भारद्वाज को घोंपी गई चाकू, गंभीर हालत में ICU में भर्ती, आरोपित अंजुम और बिलाल साथियों संग फरार

हरियाणा के पलवल जिले में विक्की भारद्वाज नाम के एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया है। इस हमले में विक्की के पेट को चाकुओं से चीर दिया गया है। हमले का मुख्य आरोपित अंजुम है जिसके अब्बा का नाम सुलेमान है। वहीं बुरी तरह से घायल विक्की को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनकी हालात गंभीर बताई जा रही है। घटना 28 जून 2022 (मंगलवार) की है। हमलावरों में अंजुम के साथ 5-6 अन्य आरोपित भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

इस घटना की शिकायत विक्की के पिता शिवराम ने पुलिस थाना कैम्प पलवल में दर्ज करवाई है। वो परिवार सहित पलवल की पंचवटी कॉलोनी में रहते हैं। शिकायत के मुताबिक, “मेरा बेटा विकास उर्फ़ विक्की 28 जून 2022 अपनी गाड़ी से दुकान का सामान लेने दिल्ली गया था पर शाम को घर नहीं आया। रात लगभग 1.00 मुझे उस पर चाकू से जानलेवा हमले की जानकारी मिली। मैं अस्पताल पहुँचा तो मेरे बेटे ने बताया, “दिल्ली से लौटते हुए उसे बस अड्डे पर कुछ दोस्त मिल गए। उन्हें छोड़ने मैं कैम्प क्षेत्र में गया। रात लगभग 12.15 AM पर गोलाया पब्लिक स्कूल के पास पहुँचा तो सड़क के किनारे खड़ी एक गाड़ी से लगभग 5-6 लोगों ने उतर कर मेरी गाड़ी रुकवा ली। इसमें एक आरोपित का नाम अंजुम है जिसके अब्बा का नाम सुलेमान है। वो पलवल के शेखपुरा में रहता है। मेरी गाड़ी रुकते ही उन सभी ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।”

Complaint Copy

शिकायत में विकास उर्फ़ विक्की ने कहा, “हमले के दौरान अंजुम ने कहा कि आज इसे जान से खत्म कर देते हैं। इसके बाद उसने मेरे सीने में चाकू घोंप दिया। इससे मैं नीचे गिर पड़ा और मेरे दोस्तों ने बचाओ-बचाओ का शोर मचाया। तभी आस-पास के राहगीरों ने मेरी जान बचाई। अंजुम मुझे दुबारा मिलने पर मार डालने की धमकी दे कर अपने दोस्तों संग भाग गया।” शिकायत में विक्की के पिता ने कहा कि उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है और उनका बेटा गुरुनानक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

FIR Copy

घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मौके पर मौजूद हितेन शर्मा ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया, “उस दिन मेरा जन्मदिन था और हम कई लोगों के साथ मनाने जा रहे थे। रास्ते में अंजुम हमसे बेवजह उलझ गया। हम खुद ही नहीं जानते कि अंजुम और उसके साथियों ने हमला क्यों किया। हमलावरों में अंजुम के अलावा बिलाल भी शामिल था। अभी तक कोई आरोपित पकड़ा नहीं गया है।” बता दें कि घायल विक्की की मोबाईल की दुकान है और यही उनकी आजीविका का साधन भी।

पुलिस ने पीड़ित विक्की के पिता की शिकायत पर अंजुम और 5-6 आरोपितों के खिलाफ 148, 149, 307, 324, 341 और 506 IPC के तहत केस दर्ज कर लिया है। घायल विक्की का इलाज चल रहा है। इस घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने आज 30 जून को पलवल में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान विक्की के हमलावरों पर कठोर कार्रवाई की माँग की गई। इस माँग का एक ज्ञापन भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।

हालाँकि, पुलिस ने इस मामले में जाति विशेष के एंगल का खंडन करते हुए इसे आपसी विवाद बताया है। पुलिस ने इस मामले में अपना बयान देते हुए एक वीडियो जारी किया है।

कन्हैया लाल की हत्या में ‘आतंकी संगठन’ नहीं, NIA ने किया क्लियर: टेरर एंगल बता राजस्थान पुलिस की पीठ थपथपा रहे थे CM गहलोत

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हुई बर्बर हत्या को लेकर राज्य सरकार आतंकी एंगल तलाश कर मुस्लिम समाज में फैल रहे कट्टरपंथ को छिपाने की कोशिश कर रही है और बार-बार पाकिस्तान इसे इसके कनेक्शन को जोड़ने का प्रयास कर रही है। वहीं, राष्ट्र जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकी संगठन होने की संभावना से इनकार किया है।

एनआईए ने कहा है कि प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि इस हत्याकांड में कोई आतंकी संगठन नहीं, बल्कि आतंकी गिरोह शामिल हो सकता है। इसमें सिर्फ दो ही सदस्य नहीं, बल्कि कई और सदस्य हो सकते हैं।

वहीं, NIA कन्हैया लाल की हत्या करने वाले दोनों आरोपितों रियाज अख्तरी और गौस मुहम्मद को दिल्ली लाकर पूछताछ करने के बजाए जयपुर में ही उनसे पूछताछ करेगी। वहीं, दोनों आरोपितों को कल शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को जयपुर के स्पेशल NIA में पेश किया जाएगा।

NIA ने राज्य सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि आरोपितों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से संपर्क हैं। NIA ने कहा कि दोनों आरोपियों के किसी आतंकवादी संगठन से संबंध होने की रिपोर्ट अटकलों पर आधारित है।

राज्य के DGP ने पुलिस की लापरवाही को ढंकने की कोशिश करते हुए कहा था कि राजस्थान के डीजीपी एमएल लाठर ने कहा है कि कन्हैया लाल की हत्या में UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है और इसकी जाँच आतंकी हमला मानकर की जा रही है। DGP लाठर ने कहा था कि एक आरोपित गौस मोहम्मद का दावत-ए-इस्लामी के सम्पर्क में था। वह साल 2014 में इसी संगठन के तहत पाकिस्तान के कराची भी गया था। 

वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार (29 जून 2009) को कहा था, “उदयपुर की घटना धार्मिक नहीं, बल्कि आतंकी घटना है। अपराधियों के तार गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से मिले है। राज्य सरकार द्वारा बिना विलंब अपराधियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। हम सभी को एकजुट होकर शांतिपूर्वक तरीके से ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए।’’

राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार और पुलिस-प्रशासन इसे विदेशों आतंकी संगठनों द्वारा दिया गया एक आतंकी घटना साबित करने की कोशिश में लगी हुई है, ताकि इसका सारा दोष पाकिस्तान और आतंकी संगठनों पर चला जाए और राज्य में बढ़ते कट्टरपंथ पर चर्चा ना हो। यह भी सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की एक नीति के एक हिस्से जैसी ही है।

हालाँकि, इन जेहादियों की भाषा और बात से स्पष्ट है कि मुस्लिम समाज में बढ़ रहे कट्टरपंथ के कारण इन लोगों ने कन्हैया लाल की हत्या की थी। नूपुर शर्मा प्रकरण के बाद देश में हजारों-लाखों की संख्या में लोगों ने ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी थी। इनमें राजनेता से लेकर आम मुस्लिम तक शामिल था। कानपुर सहित देश भर में हुए तमाम दंगों के दौरान भी इसके नारे लगाए गए थे।

₹20 फीस, ₹20 की दवा: मिलिए उस वैद्य से जिससे घुटनों का इलाज करवा रहे MS धोनी, जंगल में जाते हैं जड़ी-बूटी लेने

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) अपने घुटनों के दर्द का इलाज एक वैद्य से करवा रहे हैं। इस वैद्य का नाम वंदन सिंह खेरवार है। खेरवार के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दवा लेने के लिए खुद धोनी उनके आश्रम आते हैं। यह आश्रम झारखंड की राजधानी रांची से 70 किमी दूर लापुंग के जंगल में है।

वैद्य के अनुसार, माही के शरीर में कैल्सियम की कमी है। इसकी वजह से उनके घुटनों में दर्द हो रहा है। उन्होंने बताया कि धोनी अब तक उनकी दवा की चार खुराक ले चुके हैं। पिछली बार वे 26 जून 2022 को उनके पास आए थे। इससे पहले धोनी के माता-पिता भी इस वैद्य से अपना इलाज करा रहे थे। तकरीबन चार महीने तक धोनी के माता-पिता ने वैद्य की दवा खाई, जिसके बाद उनके घुटनों का दर्द ना के बराबर है। माता-पिता का सफल उपचार के बाद धोनी ने भी इस वैद्य की दवा खानी शुरू की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दवा लेने के लिए धोनी खुद गाड़ी चलाकर वैद्य के पास जाते हैं। वैद्य ने बताया कि वह इलाज के लिए सिर्फ 20 रुपए फीस लेते हैं और 20 रुपए की दवा देते हैं। लगभग एक महीने से धोनी उनकी दवाएँ ले रहे हैं। वे (धोनी) हर 4 दिन में जड़ी-बूटियाँ लेने उनके आश्रम आते हैं।

उन्होंने बताया, “यह दवा वह जंगल में उपलब्ध जड़ी-बूटियों से तैयार करते हैं। धोनी जब पहली बार मेरे पास आए तो मैं उन्हें पहचान ही नहीं पाया। साथ आए लोगों ने जब परिचय कराया तब पता चला कि ये तो धोनी हैं, जिन्हें उन्होंने टीवी पर बल्ला घुमाते देखा है।”

वह बताते हैं, “धोनी जब भी यहाँ दवाई लेने आते हैं तो उनके साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग जाती है। यही वजह है कि वह कई बार यहाँ आने पर गाड़ी से बाहर नहीं निकलते। उन्हें दवा गाड़ी तक पहुँचा दी जाती है। धोनी गाड़ी में बैठकर ही दवा पीते हैं। इसके अलावा कई बार उन्हें गाँव वालों के साथ खुद मोबाइल पकड़कर सेल्फी खिंचवाते हुए भी देखा है।”

6 महीने बंधक बनाकर रखा, रेप-इस्लाम कबूलने का दबाव: जाकिर के चंगुल से भाग पुलिस के पास पहुँची पीड़िता, 3 पर केस

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) जिले में गुरुवार (30 जून 2022) एक 20 वर्षीय युवती का अपहरण कर रेप (Kidnaping And Rape) किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने मझगवाँ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि उसके पड़ोसी जाकिर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण किया और 6 महीने तक उसे बंधक बनाकर उसका रेप किया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जाकिर उस पर धर्मान्तरण (Religious Conversion) कर इस्लाम कबूल करने का दबाव भी बना रहा था।

TV9 हिंदी के मुताबिक, 20 वर्षीय पीड़िता उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की रथ तहसील के मझगवाँ गाँव की निवासी है। करीब 6 महीने पहले वो अचानक से ही अपने घर से लापता हो गई थी और कल ही अचानक अपने घर लौट आई। घर पहुँचकर पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती बयाँ की। इसके बाद वो अपने परिजनों के साथ थाने गई और जाकिर और उसके दो साथियों चंदू और सगीर मोहम्मद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने तीनों आरोपितों पर अपहरण, गाली-गलौज, यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करवाने का आरोप लगाया।

पीड़िता ने अपने माता-पिता को बताया कि कैसे जाकिर और उसके दो साथी चंदू और सगीर मोहम्मद ने बेहोशी की दवा सुंघा कर उसका अपहरण कर लिया था। फिर वे उसे बेहोशी की हालत में गुरुग्राम ले गए। वहाँ उसे एक कमरे में कैद कर दिया गया। आरोप है कि कथित तौर तीनों ने पीड़िता के घर से 10,000 रुपए नकद और 50 ग्राम सोने के गहने भी चुरा लिए थे। इन 6 महीनों के दौरान जाकिर ने उसके साथ कई बार रेप किया और उस पर धर्मान्तरण कर इस्लाम कबूलने का दबाव भी बनाया। वहीं विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और हत्या की धमकी भी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 6 महीने पहले जब पीड़िता घर से लापता हुई थी, तो उसके परिजनों ने परिजनों ने मझगवाँ पुलिस में उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। TV9 हिंदी ने मझगवाँ थाना प्रभारी पंधारी सरोज के हवाले से कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पीड़िता की मेडिकल जाँच पूरी होने के बाद ही जाँच शुरू की जाएगी।

इस बीच ऑपइंडिया से बात करते हुए हमीरपुर के मझगवाँ सर्कल ऑफिसर ने जाकिर और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने ऑपइंडिया को बताया कि जाकिर ने पहले तो लड़की से दोस्ती की और शादी का झाँसा देकर उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने उसे इस्लाम अपनाने के लिए भी मजबूर किया। जब आरोपित ने शादी करने से इनकार कर दिया तो पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की। बाद में उसे यह भी पता चला कि जाकिर का पहले ही किसी के साथ निकाह हो चुका था।

उन्होंने कहा कि पीड़िता को फिलहाल थाने में रखा गया है और जल्द ही उसकी मेडिकल जाँच कराई जाएगी। मझगवाँ सीओ ने कहा कि पीड़िता की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जो भी जानकारी सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

कन्हैया लाल का गला काट दिया और रिपोर्टिंग से भागती रही विदेशी मीडिया: ANI एडिटर ने बताया- कैसे भारत से भेजी गई हर जानकारी की इग्नोर

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या से जुड़े मामले में एक बार फिर पश्चिमी मीडिया की सिलेक्टिव रिपोर्टिंग की आदत का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी एनएनआई ने जानकारी दी है कि उनकी ओर से पश्चिमी मीडिया को इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत वीडियो स्टोरी दी गई थी, लेकिन बावजूद सभी सूचना के उनमें से चंद संस्थानों ने उससे निकाल कर खबर की।

ईशान प्रकाश ने 30 जून को ट्वीट करके बताया कि उनके संस्थान ने 5 डिटेल वीडियो कन्हैया मर्डर केस पर थॉमसन रॉयटर्स को भेजी थी। लेकिन ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस ने उस स्टोरी को इग्नोर किया।

वहीं जिन्होंने इस स्टोरी पर काम किया उनमें बीबीसी, वाको, ट्रिब्यून हेराल्ड, वाशिंगटनपोस्ट और टोरोंटो सन हैं। इनमें बीबीसी ने जिस एंगल से इस रिपोर्ट को किया है उसमें इस्लामी कट्टरपंथ रियाज मोहम्मद और गौस मोहम्मस का नाम भी नहीं है। बीबीसी ने बताया है कि बस भारत में बहुसंख्यक हिंदू और अल्पसंख्यक मुस्लिमों में तनाव पैदा हो गया है जबकि हकीकत यह है कि ये हिंदुओं द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन एक निर्मम हत्या और बढ़ते इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ है।

इसी तरह वाको में पहले बताया गया कि हिंदू राष्ट्रवादी अल्पसंख्यक खासकर मुसलमानों को उनके खानपान से लेकर उनके पहनावे और अंतरधार्मिक विवाह के कारण निशाना बना रहे हैं। मुस्लिमों के घरों को तोड़ा जा रहा है। और, अंत में ये लिखा कि कन्हैया लाल का मर्डर हुआ वो भी इसलिए क्योंकि उसने ईशनिंदा करने वाली नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट बढ़ाया था।

बता दें कि पश्चिमी मीडिया समय समय पर भारतीय मुद्दों में दखल देकर देश के विरुद्ध माहौल बनाता रहता है। मगर बात जब हिंदुओं के लिए आवाज उठाने की आती है तो ये पूरी खबर का एंगल बदलकर उसे आगे बढ़ाते हैं। पिछले दिनों देखें तो पश्चिमी मीडिया ने उन लोगों पर अपनी रिपोर्ट नहीं की जिनपर नुपूर शर्मा के समर्थन में आने के कारण कार्रवाई हुई। लेकिन जैसे ही बात मोहम्मद जुबैर पर आई, तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी पर आई पूरे मीडिया जगत में हल्ला मच गया।

एनएनआई एडिट ईशान प्रकाश ने अपने ट्वीट में यह भी बताया कि रॉयटर्स ने अपनी जॉब अच्छे से की थी। उन्होंने एएनआई द्वारा भेजी गई न्यूज को आगे बढ़ाया भी। लेकिन खोट दूसरी संस्थाओं में ही है। ये जरूरी है कि न्यूज एजेंसी, न्यूज चैनल और न्यूज पेपर में फर्क समझा जाए।

कन्हैया लाल मर्डर

गौरतलब है कि कन्हैया लाल को 29 जून को दो इस्लामी कट्टरपंथियों ने निर्ममता से मौत के घाट उतारा था। कट्टरपंथियों का नाम रियाज और गौस मोहम्मद था। ये घटना कन्हैया की दुकान पर घटी थी। बाद में कट्टरपंथियों ने वीडियो शेयर करके दिखाया था कि उन्होंने किस खंजर से कन्हैया को मारा। पोस्टरमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि दोनों हत्यारों ने कन्हैया लाल के शरीर पर 26 बार वार किए।

‘अल्लाह का शुक्र है, इस उम्र में ये मिली’: 18 साल की आसिया और 61 साल के शमशाद की ‘लव स्टोरी’ वायरल, बोली- मेरी हर जरूरत का रखते हैं ख्याल

फिल्मों में प्यार-मोहब्बत को लेकर और इश्किया अंधापन को लेकर तमाम तरह की बातें कही जाती हैं। इश्क-मोहब्बत को लेकर तमाम उपमाएँ एवं उपाधियाँ भी दी जाती हैं। हालाँकि, वास्तविक जीवन में लोग प्यार करने वालों पर सवाल भी खड़े करते हैं। ‘प्यार अंधा होता है’ की कहावत को चरितार्थ करने वाली एक कहानी पाकिस्तान से सामने आई है, जिसमें 18 साल की एक लड़की ने 61 साल के एक बुजुर्ग से निकाह किया है।

इस बेमेल विवाह को लेकर लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं और लड़की से पूछ रहे हैं कि उसने 61 साल के सीनियर सिटीजन में ऐसा क्या देख लिया कि उससे निकाह कर बैठी। इस निकाह की पाकिस्तान ही नहीं, अब भारत में भी खूब चर्चा हो रही है। इस जोड़े का एक वीडियो पर सामने आया है।

इस वीडियो में शौहर और बीवी एक दूसरे को मोहब्बत भरी नजरों से देख रहे हैं और अपने प्यार का इजहार रिपोर्ट के सामने कर रहे हैं। वीडियो में पाकिस्तान का एक युवक जोड़े का इंटरव्यू लेता दिखा रहा है और उनसे उनके प्यार को लेकर सवाल कर रहा है।

दरअसल, पाकिस्तान के रावलपिंडी की बेहद खूबसूरत 18 साल की आसिया ने 61 साल के राणा शमशाद से निकाह किया है। शमशाद का कहना है कि इस निकाह से वे बेहद खुश हैं और अल्लाह का शुक्रिया अता करते हैं। उन्होंने कहा कि जोड़ियाँ ऊपर से बनकर आती हैं।

वहीं, आसिया ने भी राणा शमशाद को लेकर कहा कि वे उसे खूब प्यार देते हैं और उसकी हर जरूरत का पूरा ख्याल रखते हैं। उसने यहाँ तक कहा कि वैसे तो राणा शमशाद को उसकी हाथ का खाना बहुत पसंद है, लेकिन कभी-कभी प्यार में वह भी खाना पकाते हैं। शमशाद का कहना है, “इनके हाथ में बड़ा जायका है। मैं बड़ा इन्जॉय करता हूँ।”

वीडियो में आसिया ने बताया कि राणा शमशाद उसके इलाके में कई तरह के सामाजिक काम करते थे। वे गरीब बेटियों की शादियाँ कराते हैं। उनके काम को देखकर वह उनकी तरफ आकर्षित हो गई और दिल दे बैठी।

इस शादी को लेकर राणा शमशाद कहते हैं, अल्लाह ताला का शुक्र है कि इस उम्र (61 साल) में भी मुझे इस उम्र (18 साल) की लड़की मिल गई। हमारी शादी के जो दिन हैं, माशाल्लाह बड़े अच्छे गुजर रहे हैं।” शमशाद ने कहा कि आसिया उनका बहुत ख्याल रखती हैं और बहुत ज्यादा रेस्पेक्ट करती हैं।

निकाह में रूकावटों लेकर राणा शमशाद ने कहा कि वो तो समाज में होता ही है। कोई न कोई रूकावटें डालने की कोशिश करता ही हैं, लेकिन जोड़े आसमान में बनते हैं और जो कुदरत की तरफ से होना है वो तो होकर ही रहेगा। इसमें किसी और का कोई कमाल नहीं होता।

प्यार में अपनी बीवी आसिया को गाना सुनाने के सवाल पर राणा शमशाद कहते हैं, “प्यार-मुहब्बत में तो इस तरह की बातें तो होती हैं। जाहिर है कि जब मियाँ-बीवी का रिश्ता बन जाता है और वो तन्हाई में बैठती हैं तो प्यार-मुहब्बत तो होता है।”

वहीं, आसिया का कहना है कि उसकी भी सहेलियाँ कहती हैं, “हाय! उस बुजुर्ग में ऐसा क्या देख लिया? मैं उनकी बातें नजरअंदाज कर देती हूँ, क्योंकि मुझे इनसे प्यार है।” खैर जो भी हो, इस जोड़ी की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है, खासकर आसिया की।

ज्ञानवापी-हिजाब के लिए RSS के 6 कार्यालय उड़ाना चाहता था राज मोहम्मद: UP एटीएस के सामने बताए मंसूबे, तमिलनाडु से हुआ था गिरफ्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 6 कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार राज मोहम्मद को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है। उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के अधिकारियों ने बुधवार (29 जून 2022) को दावा किया कि राज मोहम्मद संदिग्ध समूहों के साथ ऑनलाइन संपर्क में था और उनकी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। यही नहीं वह इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक से भी प्रेरित था।

राज मोहम्मद (20 वर्षीय) से पूछताछ कर रहे एटीएस के अधिकारियों ने आरोपित के आरएसएस के कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने के पीछे ज्ञानवापी विवादित ढाँचे का मुद्दा और कर्नाटक का हिजाब विवाद बताया है। एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नवीन अरोड़ा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि मोहम्मद एक कट्टरपंथी युवा है, जो जिहाद से संबंधित साहित्य पढ़ता है और उसका पालन करता है। उन्होंने कहा, “हमने उसके फोन की फोरेंसिक जाँच कराई है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।”

एटीएस ने आगे यह भी दावा किया है कि उसके व्हाट्सएप और उनकी साइबर यूनिट को प्राप्त अन्य चैट से पता चला है कि मोहम्मद लेबनान और सीरिया में कुछ संदिग्ध समूहों के संपर्क में था। एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मोहम्मद खुद को एक ‘मसीहा’ मानता है, जो दुनिया को बुराई और अन्याय से छुटकारा दिलाने का दावा करता है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जब उससे पूछा गया कि उसने केवल कर्नाटक और यूपी में ही बम लगाने की धमकी क्यों दी, तो आरोपित ने जवाब दिया कि वह कर्नाटक के स्कूलों में मुस्लिम लड़कियों को हिजाब नहीं पहनने देने से आहत था। साथ ही वह उत्तर प्रदेश के ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मुद्दे को लेकर भी बेहद परेशान था।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 6 कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित को 7 जून को यूपी पुलिस के कहने पर तमिलनाडु पुलिस ने चंद घंटों में गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि ‘अल अंसारी इमाम रजी उन मेंहदी’ नामक व्हाट्सएप्प ग्रुप में कन्नड़, अंग्रेजी और हिंदी में सन्देश भेज कर लखनऊ के 2 और कर्नाटक के 4 RSS कार्यालयों में बम विस्फोट की धमकी दी गई थी।

एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के CM, सरकार में साथ होगी BJP: गवर्नर से मुलाकात के बाद फडणवीस का ऐलान

महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम ने गुरुवार (30 जून 2022) को एक दिलचस्प मोड़ लिया। एकनाथ शिंदे राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की।

फडणवीस ने बताया कि शिंदे की सरकार में भाजपा शामिल होगी। लेकिन कैबिनेट में वे नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम साढ़े सात बजे शिंदे सीएम पद की शपथ लेंगे। जब फडणवीस ये बातें बता रहे थे, तब शिंदे भी उनके साथ थे। इस दौरान शिंदे ने कहा कि उनके साथ 50 विधायक हैं। उन्होंने बाला साहेब के हिंदुत्व के विचारों को आगे ले जाने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि ठाकरे सरकार में जिस तरह पार्टी नेताओं की उपेक्षा हो रही थी, उससे उन्हें लग रहा था कि अगला चुनाव जीतना उनके लिए कठिन होगा।

शिंदे के नाम का ऐलान चौंकाने वाला। हालाँकि उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद से ही यह माना जा रहा था कि बीजेपी और शिंदे समर्थक विधायकों के साथ सरकार बनाएगी। लेकिन मीडिया की खबरों में कहा जा रहा था कि फडणवीस सीएम और शिंदे डिप्टी सीएम होंगे। इससे पहले करीब 10 दिनों के बाद शिंदे मुंबई लौटे। उन्होंने फडणवीस के साथ बैठक की और फिर दोनों नेता गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने चले गए।

उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे ने बुधवार की रात मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा विधानसभा में बहुमत परीक्षण पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद उठाया था। महाराष्ट्र में यह राजनीतिक उठापठक शिंदे की वजह से ही शुरू हुई थी। उद्धव सरकार के रवैए पर सवाल उठाते हुए शिंदे समर्थक विधायकों के साथ पहले गुजरात और फिर असम चले गए। इस दौरान एक तरफ उद्धव अपनी सरकार बचाने की कोशिश करते रहे, वहीं दूसरी तरफ शिंदे समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। मौजूदा स्थिति में शिंदे शिवसेना के नाम और निशाना पर भी दावा कर सकते हैं। उनके समर्थक विधायकों ने इस बात के संकेत भी दिए हैं।