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230-235 सीटों के साथ यूपी में फिर योगी सरकार, सपा 160-165 पर सिमटेगी: इंडिया टीवी के पोल में कॉन्ग्रेस-बसपा को इज्जत बचानी मुश्किल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election) से पहले इंडिया टीवी ने संभावित नतीजों के आंकलन के लिए ग्राउंड जीरो ओपिनियन पोल किया है। ओपिनियन पोल में यूपी (UP) को पाँच हिस्सों- पश्चिमी उत्तर प्रदेश, रोहिलखंड, अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में बाँटा गया है। पोल के मुताबिक, 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन को राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 230 से 235 सीटें मिलने का अनुमान है।

ओपियनियल पोल के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में सबसे बेहतरीन योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) प्रदेश में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएँगे। पोल में कहा जा रहा है कि गोरखपुर सीट से सीएम योगी आदित्यनाथ को रिकॉर्ड जीत मिलेगी और प्रयागराज की सिराथू सीट से चुनाव लड़ रहे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी इस सीट से जीत दर्ज करेंगे, भले ही उन्हें कम वोटों से संतोष करना पड़े।

बात करें सपा (SP) गठबंधन की तो उसे सिर्फ 160 से 165 सीटें मिलने का ही अनुमान है। इसके अलावा, बीएसपी (BSP) को 2 से 5 सीटें और कॉन्ग्रेस (Congress) को 3 से 7 सीटें मिलेंगी। वहीं, निर्दलीय को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। बताया जा रहा है कि पश्चिमी यूपी में कॉन्ग्रेस का खाता खुलना भी मुश्किल है।

लगभग 10 हजार लोगों पर किए गए इंडिया टीवी ग्राउंड जीरो रिसर्च के ओपिनियन पोल के आँकड़ों पर गौर करें तो बुंदेलखंड में बीजेपी को 43.50% वोट मिल सकते हैं, जबकि सपा के खाते में सिर्फ 29.49% वोट जाने का अनुमान है।

वहीं पश्चिमी यूपी, रोहिलखंड और अवध तीनों जगह समाजवादी पार्टी (सपा) अच्छी बढ़त बनाते हुए दिखाई दे रही है, लेकिन अवध में वोट प्रतिशत को लेकर BJP गठबंधन और सपा गठबंधन में काँटे की टक्कर मानी जा रही है। ओपिनियन पोल की मानें तो अवध रीजन में बीजेपी की पकड़ मजबूत दिख रही है। बताया जा रहा है कि अवध में बीजेपी गठबंधन को 68 और सपा गठबंधन को 42 सीटें मिलने की उम्मीद है। ओपिनियन पोल में अवध की 111 सीटों का कैलकुलेशन देखें तो बीजेपी और सहयोगी दलों को 68 और समाजवादी पार्टी गठबंधन को 42 सीटें मिल सकती हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होना है। 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ इसकी शुरुआत होगी। दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा। तीसरे चरण में 59 सीटों पर, चौथे चरण में 60 सीटों, पाँचवें चरण में 60 सीटों, छठे चरण में 57 सीटों और सात मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा।

‘भारत में 60000 स्टार्ट-अप्स, 50 लाख सॉफ्टवेयर डेवेलपर्स’: ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में PM मोदी ने की ‘Pro Planet People’ की वकालत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (17 जनवरी, 2022) को ‘World Economic Forum (विश्व आर्थिक मंच)’ के ‘दावोस एजेंडा’ शिखर सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत जैसे मजबूत लोकतंत्र ने पूरे विश्व को एक खूबसूरत उपहार दिया है, एक ‘आशाओं का गुलदस्ता’ दिया है, जिसमें हम भारतीयों की लोकतंत्र पर अटूट विश्वास भरी हुई है। उन्होंने कहा कि इस गुलदस्ते में है 21वीं सदी को शक्तिशाली करने वाली तकनीक, हम भारतीयों की प्रकृति और प्रतिभा है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के इस समय में हमने देखा है कि कैसे भारत ‘One Earth, One Health’ के विजन पर चलते हुए, अनेकों देशों को जरूरी दवाइयाँ देकर, वैक्सीन देकर, करोड़ों जीवन बचा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक है, ‘Pharmacy to the World’ है। उन्होंने कहा कि आज भारत, दुनिया में रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भेज रहा है। उन्होंने बताया कि 50 लाख से ज्यादा सॉफ्टवेयर डेवेलपर्स भारत में काम कर रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि आज भारत में दुनिया में तीसरे नंबर के सबसे ज्यादा युनिकॉर्न्स हैं और 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स पिछले 6 महीने में रजिस्टर हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास विश्व का बड़ा, सुरक्षित और सफल डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म है। पीएम मोदी ने जनकारी दी कि सिर्फ पिछले महीने की ही बात की जाए तो भारत में ‘Unified Payments Interface (UPI) के माध्यम से 4.4 बिलियन ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज भारत ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा दे रहा है, सरकार के दखल को कम से कम कर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत ने अपने कॉर्पोरेट टैक्स रेट्स को सरल करके, कम करके, उसे दुनिया में सबसे प्रतिस्पर्धात्मक बनाया है। उन्होंने बताया कि बीते साल ही हमने 25 हज़ार से ज्यादा नियम-कानून कम किए हैं। बकौल पीएम मोदी, भारतीयों में इनोवेशन और तकनीक को अपनाने करने की जो क्षमता है, उद्यमिता का जो भाव है, वो हमारे हर ग्लोबल पार्टनर को नई ऊर्जा दे सकती है, इसलिए भारत में निवेश का ये सबसे सर्वश्रेष्ठ समय है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय युवाओं में आज उद्यमिता एक नई ऊँचाई पर है। 2014 में जहाँ भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप थे, वहीं आज इनकी संख्या 60 हजार के पार हो चुकी है। इसमें भी 80 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं, जिसमें से 40 से ज्यादा तो 2021 में ही बने हैं। आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलते हुए भारत का ध्यान सिर्फ प्रक्रिया को आसान करने पर ही नहीं है, बल्कि निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर भी है। इसी दृष्टिकोण के साथ आज 14 सेक्टर्स में 26 बिलियन डॉलर की ‘Production Linked Incentive schemes’ लागू की गई हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत वर्तमान के साथ ही अगले 25 वर्षों के लक्ष्य को लेकर नीतियाँ बना रहा है, निर्णय ले रहा है और इस कालखंड में भारत ने उच्च विकास के, जन कल्याण और भलाई के लक्ष्य रखे हैं। उन्होंने कहा कि विकास का ये कालखंड ग्रीन भी होगा, क्लीन भी होगा, धारणिया भी होगा, विश्वसनीय भी होगा। उन्होंने कहा कि हमें ये मानना होगा कि हमारी लाइफस्टाइल भी जनवायु के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने चिंता जताई कि ‘Throw away’ Culture और Consumerism ने जलवायु चुनौती को और गंभीर बना दिया है।

उन्होंने कहा, “आज की जो ‘take-make-use-dispose’ अर्थव्यवस्था है, उसको तेज़ी से सर्कुलर इकोनॉमी की तरफ बढ़ाना बहुत ज़रूरी है। मिशन LIFE का वैश्विक जन अभियान बनना ज़रूरी है। LIFE जैसे जनभागीदारी के अभियान को हम P-3, ‘Pro Planet People’ का एक बड़ा आधार भी बना सकते हैं। आज वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के साथ ही एक वैश्विक परिवार के तौर पर हम जिन चुनौतियों का सामना करते रहे हैं, वो भी बढ़ रही हैं। इनसे मुकाबला करने के लिए हर देश, हर वैश्विक एजेंसी द्वारा सामूहिक और सामयिक एक्शन की जरूरत है।”

अभिनेत्री का अपहरण और यौन शोषण मामला: मीडिया को रिपोर्टिंग से रोकने के लिए केरल HC पहुँचे मलयालम एक्टर दिलीप, पुलिस को ‘मैडम’ की तलाश

अभिनेत्री के अपहरण और यौन शोषण के मामले में फँसे मलयालम अभिनेता दिलीप ने मीडिया को इस केस की रिपोर्टिंग से रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि मीडिया इन-कैमरा सुनवाई को न कवर करने के नियमों का पालन नहीं कर रहा है। साथ ही बंद कमरे में सुनवाई की माँग भी की गई। विपक्षी वकील ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि इससे पीड़िता की प्राइवेसी भी संरक्षित होगी। दिलीप ने बतौर मिमिक्री आर्टिस्ट अपना करियर शुरू किया था और मलयालम सुपरस्टार से नेता बने सुरेश गोपी की नकल उतार सुर्ख़ियों में आए थे।

इस मामले में 5 नए गवाहों को समन भेजा गया है, जिसके बाद दिलीप ने इस मामले में उच्च-न्यायालय का रुख किया। इस मामले में नए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति के अलावा 10 दिनों के भीतर गवाहों की पेशी और दस्तावेजों को पेश करने का आदेश दिया था। इस मामले में 2 पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अपना पद छोड़ चुके हैं। दिलीप फ़िलहाल जमानत पर बाहर हैं। मंगलवार (18 जनवरी, 2022) को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है

पुलिस इस मामले में एक ‘मैडम’ की तलाश कर रही है। निर्देशक बालाचंदर कुमार ने खुलासा किया कि उन्होंने आरोपित अभिनेता को अपने दोस्त से कहते हुए सुना, “मुझे एक महिला के लिए बलि का बकरा बनाया गया। उसे बचाने के कारण मैं परेशानी में पड़ गया।” उन्होंने अपने दोस्त बैजू से ये बात कही थी, ऐसा निर्देशक का दावा है। मुख्य आरोपित ‘पल्सर सन्नी’ ने भी इस मामले में फिल्म इंडस्ट्री की एक ‘मैडम’ का नाम लिया था। हालाँकि, उसने ये भी कहा कि ‘मैडम’ का इस केस से कुछ ज्यादा लेना-देना नहीं है।

केरल पुलिस ने इस तथ्य की खोजबीन में ज्यादा मेहनत भी नहीं की। अब नए बयान के सामने आने के बाद फिर से इस एंगल को तलाशा जा रहा है। 13 सदस्यीय जाँच टीम अब एक ‘VIP’ की तलाश में है, जिसने हमले के वीडियोज अभिनेता को मुहैया कराए थे। जाँच अधिकारियों पर हमला करने की साजिश का वो भी आरोपित है। बता दें कि दिलीप ने 2017 से अब तक 10 फिल्मों में अभिनय किया है। उनकी लोकप्रियता केरल में अभी भी कायम है।

इनमें से अधिकतर फ़िल्में परिवारिक मसाला फ़िल्में हैं। ‘रामलीला’ की रिलीज के दौरान तो वो जेल में थे, लेकिन फिल्म ने 55 करोड़ रुपए कमा लिए। बताया जा रहा है कि वो अपनी हीरो वाली छवि से अलग एक परिवारिक छवि तैयार कर रहे हैं। केरल के माध्यम वर्गीय परिवारों को उन्होंने अपना दर्शक वर्ग चुना है। कहा जा रहा है कि इसके लिए फिल्म इंडस्ट्री में पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा था। हालाँकि, अब उन्हें इंडस्ट्री और लोगों से वो समर्थन नहीं मिल रहा है और उनके नए प्रोजेक्ट्स लटक गए हैं।

फिल्मों में आने से पहले दिलीप स्टेज शोज किया करते थे। कई नेताओं-अभिनेताओं की उन्होंने मिमिक्री की। 1994 में उन्होंने कॉमेडी फिल्म ‘Manathe Kottaram’ में उन्होंने ‘दिलीप’ का किरदार निभाया, जिसके हिट होने के बाद यही उनका स्क्रीन नाम बन गया। असल में उनका नाम गोपालकृष्णन है। उन्होंने अपनी सह-अभिनेत्री मंजू वॉरीयर से शादी की। मलयालम सुपरस्टार ममूटी और मोहनलाल के बाद दिलीप तेज़ी से उभरे। उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू की।

जब मलयालम फिल्म इंडस्ट्री पैसे की कमी से जूझ रही थी, तब उन्होंने Film Employees Federation of Kerala (FEFKA)’ का गठन किया और ‘ट्वेंटी 20’ नामक फिल्म बनाया, जिसमें उनके अलावा मोहनलाल, पृथ्वीराज सुकुमारन और सुरेश गोपी जैसे बड़े अभिनेता थे। इससे इंडस्ट्री में उनकी छवि सकारात्मक बनी। वो दो दशक से अधिक से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उससे पहले लगभग एक दशक मिमिक्री आर्टिस्ट रहे। 2002 की फिल्म ‘मीसा माधवन’ के हिट होने के बाद उन्होंने मंजू वॉरियर को तलाक देकर इस फिल्म की सह अभिनेत्री काव्या से शादी की।

दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने वाली भावना ने आरोप लगाया था कि 17 फरवरी, 2017 की रात 4 लोगों ने गाड़ी में उनका अपहरण किया और उनका यौन शोषण किया। इसके बाद वो वहाँ से भाग निकले। कुछ लोगों ने अभिनेत्री को ब्लैकमेल करने के लिए इस घटना का वीडियो बना लिया। अभिनेता दिलीप पर व्यक्तिगत दुश्मनी में इस घटना को अंजाम दिलवाने के आरोप हैं। आरोप है कि दिलीप ने बदला लेने के लिए ऐसा करने के लिए रुपए दिए थे।

‘सत्ता में आते ही दंगाइयों को फिर बिल में घुसाएँगे’: CM योगी ने कहा- कैराना-मुजफ्फरनगर के अपराधियों को प्रत्याशी बना रहे हैं अखिलेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) ने सोमवार (17 जनवरी 2022) को कहा कि भाजपा की दोबारा सरकार बनती है तो गुंडे और अपराधियों पर वैसे ही कार्रवाई होगी, जैसे पहले इन्हें बिल में घुसाया था। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अपराधियों के साथी हाथ में अन्न लेकर संकल्प करने का नाटक कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, “मैं प्रदेशवासियों को आश्वस्त करता हूँ कि जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से जब 10 मार्च को भारतीय जनता पार्टी पुनः प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी तो वह फिर से पेशेवर गुंडों व अपराधियों पर वैसे ही टूटेगी, जैसे पहले इन्हें बिल के अंदर घुसाया था।”

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें ‘जिन्नाप्रेमी’ बताते हुए दंगाईयों और आतंकवादियों का साथी कहा। उन्होंने कहा कि ये लोग आज हाथ में अन्न लेकर किसानों का हितैषी होने का स्वांग कर रहे हैं। आपको बताते चलें कि अखिलेश यादव ने प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए ‘अन्न संकल्प’ लिया है।

उन्होंने कहा, “पाँच वर्ष के दौरान हमारी सरकार ने पेशेवर अपराधियों और गुंडों के मन में भय पैदा किया था, जनता को भयमुक्त वातावरण दिया था। आज समाजवादी पार्टी का चेहरा एक बार फिर से सबके सामने आ गया है। कैराना से लेकर बुलंदशहर तक जो चेहरे समाजवादी पार्टी के सामने आए हैं, उनमें कैराना में हिंदू व्यापारियों के पलायन के लिए जिम्मेदार अपराधियों को, मुजफ्फरनगर के जिम्मेदार अपराधियों को और पेशेवर हिस्ट्रीशीटर को अपना कैंडिडेट बनाकर समाजवादी पार्टी ने अपने वास्तविक चरित्र को देश-प्रदेश के सामने प्रस्तुत कर दिया है कि प्रदेश के बारे में उनकी मंशा क्या है।”

उन्होंने आगे कहा, “उनकी सूची ने इस बात को साबित कर दिया है कि उनका सामाजिक न्याय, गरीबों, दलितों, पिछड़ों, व्यापारियों और सम्मानित नागरिकों की संपत्ति पर कब्जा करने वाले पेशेवर अपराधियों को प्रश्रय देकर उन्हें आगे बढ़ाने की अपनी प्रवृत्ति से आज भी पीछे हटे नहीं हैं।”

बता दें कि साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही अपराधियों पर कार्रवाई शुरू हो गई थी। अकेले साल 2021 में विभिन्न मुठभेड़ों में 26 कुख्यात ढेर कर दिए गए। इसी अवधि में 3910 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। इतना ही नहीं, गैंगस्टर एक्ट के तहत भी 9933 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। 1012 करोड़ रुपए की संपत्ति को कबत किया गया। पूरे साढ़े 4 वर्षों की बात करें तो भाजपा सरकार में अब तक अपराधियों के 1,900 करोड़ रुपए के साम्राज्य को ध्वस्त किया गया।

‘मैं मोदी को मार सकता हूँ, गाली भी दे सकता हूँ’: महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले का रैली में विवादित बयान, वीडियो वायरल

महाराष्‍ट्र कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर वि‍वादित बयान दिया है। भंडारा जिले में एक प्रचार रैली के दौरान रविवार (16 जनवरी 2022) को पटोले ने कहा, “मैं मोदी को मार सकता हूँ और उनको गाली भी दे सकता हूँ।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बता दें कि भंडारा जिले में मंगलवार को जि‍ला परिषद का चुनाव होना है।

कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रचार रैली के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैं बहस क्यों कर रहा हूँ। मैं पिछले 30 साल से राजनीति में सक्रिय हूँ, लेकिन एक भी स्कूल मेरे नाम पर नहीं है। मैं हमेशा सबकी मदद करता हूँ। मैं मोदी को मार सकता हूँ, उन्हें गाली भी दे सकता हूँ। इसलिए मोदी मेरे खिलाफ प्रचार करने आए। एक ईमानदार नेतृत्व आपके समक्ष खड़ा है।”

वहीं, नाना पटोले के आपत्तिजनक बयान को लेकर विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। प्रवीण दरेकर ने कहा क‍ि पीएम मोदी को लेकर पटोले का बयान सही नहीं है। इस मामले की जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि अपने विवादित बयानों के कारण नाना पटोले अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। वह कई बार महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार पर बयान देकर उद्धव सरकार की मुश्किलें बढ़ा चुके हैं।

बता दें कि ये वही नाना पटोले हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बगावत करने के बाद भाजपा छोड़ दी थी और फिर कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे। पटोले वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र से जीत कर सांसद बने थे। दिसम्बर 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से ऐन पहले नाना पटोले ने पार्टी से बगावत कर दी थी। उन्होंने न सिर्फ़ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता, बल्कि लोकसभा से भी इस्तीफा दे दिया था।

न्यूयॉर्क पुलिस कमिश्नर तक पहुँची गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ शिकायत, SFJ आतंकी मुल्तानी के बारे सूचना देने पर NIA देगा ₹10 लाख

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने ‘सिख फॉर जस्टिस (SFJ)’ के आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी के बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख रुपए इनाम की घोषणा की है। उसने पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के साथ मिल कर मुंबई और कई शहरों में बम धमाके की साजिश रची थी। वो पंजाब के होशियारपुर जिले के मंसूरपुर गाँव का रहने वाला है। NIA ने (011-24368800) नंबर पर जानकारी साझा करने को कहा है। वहीं 0172-2682901 और 0172-2682900 के जरिए इसके चंडीगढ़ ब्रांच से संपर्क किया जा सकता है।

वहीं दिल्ली के एक वकील ने न्यूयॉर्क के पुलिस कमिश्नर के समक्ष भी SFJ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उस पर विभिन्न समुदायों को युद्ध के लिए उकसाने, दंगे की साजिश और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप लगाए गए हैं। विनीत जिंदल ने ये शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही कहा गया है कि गणतंत्र दिवस को लेकर भी उसने घृणित बातें की हैं, जिसे भारतीय उत्साह और देशभक्ति के साथ बनाते हैं। पीएम मोदी सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी भी इसी आतंकी संगठन ने ली है।

जस्टिस इंदु मल्होत्रा और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को धमकी

सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने सोमवार (17 जनवरी 2022) को कहा कि उन्हें इस महीने पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक से जुड़े मामले में खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से सात दिनों में दूसरी बार धमकी भरे फोन कॉल आए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी (PM Modi) की सुरक्षा में चूक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इन वकीलों ने जाँच कमेटी बनाने की माँग की थी।

धमकी देने वालों ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सेवानिवृत्त उच्‍चतम न्‍यायालय की न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में जाँच को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देंगे। वकील विष्णु शंकर जैन के अलावा अपूर्व शुक्ला और निशांत कटनेश्वरकर (Nishant Katneshwarkar) को भी पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो में विदेश से धमकियाँ दी गई हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस संबंध में सिख फॉर जस्टिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बता दें कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के बाद खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ की एक वीडियो सामने आई थी। ये वीडियो कथिततौर पर 3 जनवरी 2022 को ही खालिस्तानी संगठन के सोशल मीडिया पर अपलोड हुई थी। इस वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू, सिखों को पीएम मोदी के खिलाफ भड़का रहा था।

CM अरविंद केजरीवाल ने 2022 में पहली इलेक्ट्रिक बस चलने पर दी दिल्लीवासियों को बधाई, जून 2019 तक ऐसी 1000 बसें चलाने का रखा था लक्ष्य

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार (17 जनवरी 2022) को दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की पहली इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की। उन्होंने इस मौके पर दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि ये नए युग की शुरुआत है। इससे पॉल्युशन कंट्रोल होगा। दिलचस्प बात यह है कि जून 2019 तक ऐसी 1000 बसें चलाने का लक्ष्य रखने वाले केजरीवाल ने जनवरी 2022 में पहली इलेक्ट्रिक बस चलाकर दिल्लीवासियों को बधाई दी है। 

‘मील का पत्थर साबित होंगी’

बसों की शुरुआत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”आज दिल्ली को अपनी पहली इलेक्ट्रिक बस मिल गई है और यह विभिन्न पहलुओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पहली, यह दिल्ली में परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में ये इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली में बसों के पुराने बेड़े की जगह लेंगी।” इसके अलावा उन्होंने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह शोर रहित और शून्य-उत्सर्जन वाहन है।”

चार्ज होने में लगेगा इतना समय

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन बसों की खूबियाँ बताईं। उन्होंने बताया कि ये बसें एक से डेढ़ घंटे में फुल चार्ज हो जाएँगी और सिंगल चार्ज में ये बसें 120 किलोमीटर की रेंज देंगी। दिल्ली सरकार के मुताबिक, अप्रैल तक दिल्ली में 300 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। यही नहीं आने वाले वर्षों में दिल्ली में ऐसी करीब 2,000 बसें चलाने का प्लान है। 

जून 2019 तक 1,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का रखा था लक्ष्य

जुलाई 2018 में सीएम केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा था कि दिल्ली में 1,000 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इससे प्रदूषण में काफी हद तक कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने बसों को चलाने के लिए एक कंसल्टैंट नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा था कि इन 1,000 इलेक्ट्रिक बसों के राजधानी में आने से न सिर्फ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि इससे प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी की तर्ज पर 1,000 अतिरिक्त लो फ्लोर बसें खरीदने की बात कही थी।

सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएँ

हालाँकि, पहली इलेक्ट्रिक बस के चलने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गई हैं। एक यूजर ने नवंबर 2018 और जनवरी 2022 की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “अगर दिल्ली में पहली इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत आज केजरीवाल ने की है तो 2018 में केजरीवाल सरकार के परिवहन मंत्री ने किस बस को झंडा दिखाया था। ऐसे नहीं चलेगा रे बाबा, पहले आपस में फैसला कर लो पहली ELECTRIC BUS की शुरुआत दोनों में किसने की है।”

एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “किसी ने नहीं की है। ये किसी प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर की बस होगी। उसको विज्ञापन के लिए फोटो खींचने के लिए लाए हैं??? उन्होंने सवाल किया कि आम आदमी पार्टी यदि ये दिल्ली सरकार की बस है तो टेंडर कब हुआ, किसने किया?”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि 2018 में भी झाँसा दिया था और अब भी वही है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने इस पर व्यंग्य कसते हुए कहा, “2018 में जो झंडा दिखाया था वो इलेक्ट्रिक बस आज 2022 में चालू किया, क्योंकि उसकी चाबी खो गई थी अरविंद केजरीवाल से।”

सूरत में जैन समुदाय तो भरूच में हिन्दू परिवार बने निशाना: गुजरात में ‘लैंड जिहाद’ का सहारा ले रहे मुस्लिम, कानून को धता बता रहे

2014 में सूरत के गोपीपुरा में रहने वाली एक जैन साध्वी ने भारत के राष्ट्रपति, गुजरात के राज्यपाल और राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मंत्री (अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल) आनंदीबेन पटेल को एक पत्र लिखा था। ये पत्र था उस प्रताड़ना के बारे में, जो वो झेल रही थीं। गोपीपुरा, जो कभी जैन बहुल इलाका हुआ करता था, अब मुस्लिमों के प्रभाव वाला बन गया है। उन्होंने बताया था कि वो जिस क्षेत्र में रह रही हैं, वहाँ 1 किलोमीटर के दायरे में 25 जैन मंदिर और 35 जैन उपाश्रय हैं।

सूरत का गोपीपुरा: जब एक साध्वी ने पत्र लिख कर बताया था कैसे जैन समुदाय को किया गया प्रताड़ित

वहाँ उस समय 70-80 जैन साध्वियाँ रह रही थीं। साध्वी ने उस पत्र में बताया था कि कैसे ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम उस इलाके में आकर उसे अपना निवास स्थान बना रहे हैं। नानन्द भोजाई उपाश्रय, श्री सुलसा श्राविका आराधना भवन, पराग अपार्टमेंट्स, गणेश सोसाइटी और स्मिता अपार्टमेंट्स संख्या 3 में रहने वाले सारे के सारे मुस्लिम ही थे। इसके अलावा नवपद 5-7, यश अपार्टमेंट्स, मेघगंगा, नवकार और आकाश डायमंड्स जैसे अपार्टमेंट्स में मुस्लिमों की ही अधिकतर संख्या हो गई है, ऐसा उन्होंने 8 वर्ष पूर्व ही बताया था।

इस पत्र में साध्वी ने लिखा था कि सारे मनुष्य समान ही हैं, लेकिन मुस्लिमों में ‘तामसिक और जुनूनी’ प्रवृत्ति होती है, जिससे साधु-महात्माओं को खासी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया था कि कैसे मुस्लिम परिवारों ने 4-5 बिल्लियाँ और बकरियाँ रखी हुई हैं। एक अपार्टमेंट में एक मुस्लिम परिवार ने अपनी दो बकरियाँ बाँध रखी थीं। ठंड से वो बकरियाँ रात में चिल्लाती रहती थीं। साध्वी ने कहा था कि इससे उन्हें काफी दुःख होता है और जिस तरह पशुओं की देखभाल करते हुए उनकी परवरिश हुई है, उनके अंदर जानवरों के प्रति दया भावना है, जिससे ये सब देखा नहीं जाता।

साध्वी ने जानकारी दी थी कि मुस्लिम लड़के कुत्तों को खदेड़ कर उन्हें बेल्ट से पीटते रहते हैं और दूसरे लोगों के घर के बाहर प्याज-लहसुन के छिलके छोड़ जाते हैं। बता दें कि जैन समाज प्याज-लहसुन और आलू का सेवन नहीं करता है। 2013 में बकरीद के दौरान की एक घटना को याद करते हुए साध्वी ने लिखा था कि एक मुस्लिम परिवार के पास भैंस का बच्चा भी था। ईद के दौरान जानबूझ कर मुस्लिम लड़के बकरियों को उपाश्रय से होकर ले जाते थे, ताकि साध्वियों को चिढ़ाया जा सके।

जैन साध्वी द्वारा लिखा गया पत्र

साध्वी ने एक महबूब भाई के बारे में भी बताया था, जिसने दो बड़े बकरों को तभी मार डाला जब वो लोग भोजन करने के लिए बैठे थे। वो बकरा जोर-जोर से चिल्ला रहा था। इसी तरह सुबह के 4 बजे एक बकरे को काट डाला गया। साध्वी ने बताया था कि तड़के उस समय को ‘ब्रह्म मुहूर्त’ कहा जाता है और वो उस समय ‘नवकार जाप’ कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वो जोर-जोर से उस समय ये मंत्र पढ़ने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कैसे रश्मि अपार्टमेंट के पास बकरों का खून पानी की तरह बह रहा था।

तब वो भोजन करने के लिए जैन श्राविका जा रही थीं। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें ये पानी और कुमकुम लगा, लेकिन फिर पता चला कि ये बकरों का खून है। उन्होंने तब नरेंद्र मोदी से माँग की थी कि 2-3 लाख रुपए ज्यादा के लिए मुस्लिमों को घर बेचने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि डेमोग्राफी शिफ्ट को रोका जा सके। उक्त साध्वी ने आत्महत्या की भी कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बचा लिया गया था। कई लोगों ने इस तरह के मामलों को झेला था और आवाज़ उठाई थी, जिसके बाद ‘डिस्टर्बड एरिया एक्ट’ बना।

जैन साध्वी द्वारा लिखे गए पत्र का अगला भाग

बता दें कि ‘Gujarat Prohibition of Transfer of Immovable Property and Provisions of Tenants from Eviction from Premises in Disturbed Areas Act, 1991’ को ही ये नाम दिया गया है। इसे 2019 में गुजरात विधानसभा ने पारित किया था और अक्टूबर 2020 में इस पर भारत के राष्ट्रपति की मुहर लगी। 1986 में जब दंगे हुए थे और कॉन्ग्रेस के माधवसिंह सोलंकी मुख्यमंत्री थे, तभी इस बिल को लाया गया था। तब कई संपत्तियों को सस्ते में ही आनन-फानन में बेच डाला गया था।

गोपीपुरा का ‘सुनिश अपार्टमेंट्स’, जहाँ अब अधिकतर मुस्लिमों का कब्ज़ा

इस एक्ट को किसी खास पुलिस थाना क्षेत्र में लागू किया जाता है। किसी खास समुदाय के ध्रुवीकरण को लेकर शिकायत आने पर कार्रवाई होती है। पुलिस कमिश्नर इसकी जाँच करते हैं। 5 साल तक किसी क्षेत्र को ‘डिस्टर्बड एरिया’ घोषित किया जाता है, जिसके बाद इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। कुछ दिनों पहले गोपीपुरा का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एक बुर्कानशीं महिला लोगों के दरवाजा खटखटा कर पूछ रही थीं कि उनका घर बेचने के लिए उपलब्ध है या नहीं।

स्थानीय लोगों ने उस महिला का विरोध भी किया था और फटकार लगाई थी। ‘सुनिश अपार्टमेंट्स’ के सीसीटीवी में वो वीडियो रिकॉर्ड हो गया था। इस फ्लैट के पास ही जैन देरासर है। इसके 1 किलोमीटर के दायरे में 30 जैन मंदिर हैं। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में यहाँ की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव हुआ है। बताया जा रहा है किअब यहाँ के 50% निवासी मुस्लिम हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि डेढ़-दो दशक पहले ही चीजें बदलनी शुरू हो गई थीं। महावीर, पीनल, नवकार, गणेश, नीरव, पंचरत्न, रंगकला और स्वाति अपार्टमेंट्स – इन सब में जैन परिवार ही रहा करते थे।

उक्त व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब उन सभी फ्लैट्स में मुस्लिम परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि ये मुस्लिम परिवार मांसाहारी भोजन पकाते हैं और इतना गंदा दुर्गन्ध आता है कि जान परिवार शाम 6 बजे के बाद अपने किचन में भी नहीं जा पाते। बता दें कि ‘अहिंसा’ जैन धर्म का मूल है, जहाँ शाकाहारी भोजन का नियम बनाया गया है, क्योंकि मांसाहार हिंसा है। वहाँ के निवासी ने महिलाओं और लड़कियों की प्रताड़ना की भी बात बताई।

उसने बताया कि एक लड़की को प्रताड़ित किया गया था, जिसके बाद उसके परिवार को ये इलाका ही छोड़ना पड़ा। इसी तरह 6 महीने पहले उस व्यक्ति की बेटी के साथ ही छेड़छाड़ की गई। उसने जानकारी दी कि वहाँ चल रहे ‘श्री रत्नसागर स्कूल’ के अधिकतर छात्र भी मुस्लिम ही हैं। लोग अब वहाँ से निकलना चाहते हैं, क्योंकि मुस्लिम जनसंख्या तेज़ी से बढ़ी है। ‘सुनिश अपार्टमेंट्स’ में 14 में से 12 फ्लैट्स बिक चुके हैं और अधिकतर खरीददार मुस्लिम ही हैं।

सूत्रों का कहना है कि ये करार ‘डिस्टर्बड एरिया एक्ट’ का उल्लंघन करते हैं, इसीलिए उन्हें रद्द किया जा सकता है। 2014 में गोपीपुरा के लोगों की इस व्यथा को एक गुजरती अख़बार ने प्रकाशित भी किया था। 2014 में ‘दिव्य भास्कर’ की एक खबर में आया था कि कैसे एक जैन लड़की को लालच देकर फँसाया गया और उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल कर दी गईं। एक अन्य महिला की सगाई के बाद इस तरह के वीडियोज वायरल कर दिए गए, जिससे उसने आत्महत्या कर ली।

तब मुंबई में उसके रिश्तेदारों तक ये वीडियोज पहुँच गए थे। एक प्रतिष्ठित स्थानीय व्यक्ति ने तब बताया था कि जान परिवारों को प्रताड़ित कर के वहाँ से भगाने के लिए इस तरह की चीजें की जा रही थीं। गोपीपुरा में एक दरगाह भी है, जिसे मेनस्ट्रीम मीडिया हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रत्येक बता कर प्रचारित करता है। वहाँ आसपास में बहुत सारे बांग्लादेशी प्रवासी बस गए हैं। लोगों का कहना है कि दरगाह में उन्हें पनाह मिलती है और प्रशासन सब कुछ जानबूझ कर भी अनजान बना हुआ है।

भरूच का सोनी फलिया: जिस शहर का नाम स्कन्द पुराण में, वहाँ मंदिरों के आसपास मुस्लिमों का बोलबाला

इसी तरह के मामले भरूच के सोनी फलिया इलाके में भी सामने आए हैं। वहाँ कई हिन्दुओं ने अपने घर बेचने के बैनर लगा दिए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि किस तरह इस शहर की समृद्ध विरासत को धता बताया जा रहा है। ये वो शहर है, जिसका जिक्र स्कन्द पुराण तक में है। अब वहाँ स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है। पुरानी संरचनाएँ, जिन्हें बचा कर रखी जानी चाहिए उन्हें बतौर शौचालय प्रयोग में लाया जा रहा है। ASI से सर्वे की माँग हो रही है।

यहाँ अधिकतर घरों में ताले जड़े हुए हैं। वहाँ से कुछ ही दूरी पर साईं जलराम मंदिर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके आसपास भी मुस्लिम बस गए हैं और वो शाम में मंदिर की आरती पर आपत्ति जताते हैं। उनका कहना है कि भजन ‘हराम’ है, इसीलिए ये बंद होना चाहिए। इससे 150 यार्ड्स की दूरी पर शिव मंदिर है।वहाँ भी अधिकतर निवासी मुस्लिम हैं। लोगों का कहना है कि ‘डिस्टर्बड एरिया एक्ट’ में लूपहोल खोज कर मुस्लिमों ने संपत्तियाँ अपने नाम कराईं और विरोध करने पर पुलिस-प्रशासन ने उलटा हिन्दुओं पर ही मामला दर्ज करने की धमकी दी।

सोनी फलिया में सार्वजनिक शौचयालय

एक स्थानीय व्यक्ति ने खाली पड़ी सड़कों को दिखाया। उसने बताया कि किसी हिन्दू से हिन्दू को संपत्ति बेचीं जाती है और कुछ ही महीनों में उसे मुस्लिम को बेच दिया जाता है। उसने बताया कि पहले एक-दो मुस्लिम अधिक दाम देकर संपत्ति खरीदते हैं, जिससे प्रभावित होकर बाकी हिन्दू भी अपनी संपत्ति बेचने के बारे में सोचने लगते हैं। एक बार डेमोग्राफी बदल जाए तो बचे-खुचे हिन्दुओं को सस्ते दाम में ही अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है, क्योंकि वहाँ से निकलना उनकी विवशता होती है।

वहाँ एक शौकत अली आकर बसा और अब उसके कई रिश्तेदार भी इसी इलाके में रहते हैं। वहाँ के स्थानीय लोगों को विदेशी नंबर से फोन कॉल आए, जिनमें उन्हें धमकी दी गई और संपत्ति खरीदने के लिए ज्यादा रुपए का लालच दिया गया। एक व्यक्ति ने बताया कि पहले मुस्लिमों के साथ सब हँसी-ख़ुशी रहते थे और वो खुद अपने मुस्लिम दोस्तों के साथ एक ही स्कूल में जाता था, लेकिन 1992 में उन्हें लोगों ने मस्जिद से निकल कर उस पर हमला किया और उसे अधमरा छोड़ कर चले गए।

उस व्यक्ति ने बताया कि उसे 17 बार चाकुओं से गोदा गया है, ऐसे में किसी तरह बचने के बाद वो अपनी दूसरी ज़िन्दगी जी रहा है। उसने दिखाया कि कभी मोरारजी देसाई (जो भारत के प्रधानमंत्री बने) इस इलाके में रहा करते थे, जो उस समय ‘प्रान्त अधिकारी’ थे। जिला प्रशासन इन विरासतों को सँजोने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। मस्जिद-दरगाहों की संख्या बढ़ रही है। अमोद के कांकरिया गाँव में कई जनजातीय लोगों को मुस्लिम बनाने का आरोप है। लोग इस्लामी धर्मांतरण को मिल रही फंडिंग रोकने की माँग भी कर रहे हैं।

(ये गुजरात में ‘लैंड जिहाद और इस्लामी धर्मांतरण’ सीरीज का तीसरा लेख है, जो मूल रूप से हमारे अंग्रेजी वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ था।)

किटकैट चॉकलेट के रैपर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की तस्वीर: विरोध के बाद नेस्ले ने माँगी माफी

चॉकलेट के रैपर पर हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीर छापने से उठे विवाद के बाद मल्टीनेशनल कंपनी नेस्ले (Nestle) ने माफ़ी माँगी है। साथ ही कम्पनी ने ऐसे सभी उत्पादों को वापस लेने का भी ऐलान किया है। नेस्ले ने यह क्षमा याचना सोमवार (17 जनवरी, 2022) को अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया है। बता दें कि हिन्दू आस्था पर प्रहार बताते हुए Twitter पर नेस्ले का विरोध हो रहा था।

इस मसले पर विरोध करने वालों ने लिखा कि चॉकलेट खाने के बाद उसके रैपर को डस्टबिन में फेंक दिया जाता है। रैपर में भगवान् जगन्नाथ के साथ भगवान बलभद्र और माँ सुभद्रा की भी तस्वीर है। ऐसे में ये हिन्दुओं की आस्था का अपमान है। इसके जवाब में नेस्ले ने कहा, “ट्रैवल ब्रेक पैक का मकसद लोकल डेस्टिनेशंस की खूबसूरती को सेलिब्रेट करना है। इसी के मद्देनजर गत वर्ष ओडिशा की परम्परा को सेलिब्रेट करने का फैसला हुआ था। इसीलिए यूनिक आर्ट Pattachitra को दिखाने वाली डिजाइन प्रयोग में लाई गई थी।”

नेस्ले ने आगे कहा, “रैपर पर जो तस्वीर लगी हुई है वो सरकार की टूरिज्म वेबसाइट से प्रेरित है। हम कला और कलाकारों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रोत्साहित करना चाहते थे। पहले उपभोक्ता ऐसी सुंदर डिजाइनों को अपने पास सहेज कर रखते थे। फिर भी हम इस मामले की संवेदनशीलता समझते हैं। अगर किसी की भावना को हमारी अनजाने में हुई इस गलती से आघात पहुँचा हो तो हम क्षमा चाहते हैं।”

‘उन्होंने तलवार और लाठियों से मेरे बेटे को मारा’ : BJP कार्यकर्ता की लिंचिंग में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम, अब हुआ सपा में शामिल

लखीमपुर खीरी हिंसा के वक्त बीजेपी कार्यकर्ता शुभम मिश्रा की लिंचिंग में शामिल कथित किसान नेता तेजिंदर सिंह विर्क ने समाजवादी पार्टी को आधिकारिक रूप से ज्वाइन कर लिया है। विर्क के पार्टी से जुड़ने के दौरान अखिलेश यादव ने हाथ में गेहूँ चावल लेकर प्रण लिया कि वो भारतीय जनता पार्टी को हरा कर रहेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि तेजिंदर की हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से वह बच पाए।

बता दें कि भले ही तेजिंदर के सपा से जुड़ने की खबर आज आई हो। मगर जब लखीमपुर खीरी हिंसा में शुभम मिश्रा मारे गए थे उस समय भी दावा किया गया था कि इनकी करीबियाँ सपा से हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने दावा किया था, “लखीमपुर में मारे जाने वाले शुभम मिश्रा के परिवार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम लिया है, जिसका लिंक समाजवादी पार्टी से है और जिसको अखिलेश यादव किसान नेता बता रहे थे। आंदोलन के नाम पर सपा और कॉन्ग्रेस लखीमपुर में राजनीति कर रहे है।”

अब उन्हीं पुराने अनुमानों को सच साबित करते हुए तेजिंदर ने सपा को ज्वाइन कर लिया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर शुभम मिश्रा के परिवार द्वारा दायर की गई शिकायत ट्विटर पर फिर शेयर हो रही है। याद दिलाया जा रहा है कि कैसे तेजिंदर के ख़िलाफ शुभम के परिजनों ने शिकायत की थी और बताया था कि अमनदीप सिंधु, महेंद्र सिंह के साथ तेजेंद्र सिंह विर्क समेत अज्ञात लोगों ने उनके बेटे व हरिओम मिश्रा को तलवार और लाठियों से पीटा था। घटना के बाद और शिकायत में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम आने के बाद उसकी अखिलेश यादव के साथ तमाम तस्वीरें वायरल हुई थीं। उन दिनों से ही विर्क ने लाल पगड़ी पहननी शुरू कर दी थी। अपने सोशल मीडिया पर भी उसने अखिलेश यादव की सभाओं की तस्वीर साझा करते हुए ‘जय समाजवाद’ लिखा था।