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जय श्रीराम का नारा लगाने वाले अहसान को धमकी, मुस्लिम समुदाय से सामाजिक बहिष्कार, दोस्त-परिवार ने छोड़ा साथ

योगी आदित्यनाथ की सभा में जय श्रीराम का नारा लगाने वाले सहरानपुर के अहसान राव को अब मुस्लिम समुदाय से सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ रहा है। उनके दोस्तों और सगे-संबंधियों ने उनसे मुँह मोड़ लिया है। यहाँ तक कि अब उनको धमकी भरे कॉल आ रहे, जिसमें उन्हें गैर इस्लामिक बताया जा रहा। यह रैली 2 दिसम्बर 2021 को हुई थी, जिसमें अमित शाह भी शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अहसान ने कहा है, “मैंने जोश में ये नारा लगा दिया था। मुझको पता भी नहीं था कि उनकी कोई रिकार्डिंग कर रहा है। मुझे यह नारा लगाने का कोई अफ़सोस भी नहीं है।” अहसान राव की उम्र लगभग 22 साल है और वो किसान हैं।

ऑपइंडिया से बातचीत में सहारनपुर के एसएसपी IPS आकाश तोमर ने बताया कि अहसान राव की सुरक्षा के लिए पुलिस का गनर दिया गया है। अहसान को जान से मारने की धमकी मिल रही। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने कहा था कि राम उनके पूर्वज हैं और वो राम के वंशज हैं। साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें जय श्रीराम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई आपत्ति नहीं है।

गौरतलब है कि अहसान द्वारा जय श्रीराम का नारा लगाने वाले वीडियो के सामने आने के बाद देवबंद के उलेमा मुफ़्ती असद कासमी का कहना था कि इस्लाम के अंदर इस तरह के नारे लगाने की कोई गुंजाइश नहीं है। अहसान राव को मौलानाओं से मिलकर रुजू करना चाहिए और अल्लाह से तौबा करना चाहिए। उलेमा ने अहसान को इस्लाम से खारिज करने की भी धमकी दी थी।

जामिया मिलिया, इस्लामिक सेंटर और OXFAM अब विदेशों से नहीं ले सकेंगे चंदा, लगभग 6000 NGO का FCRA लाइसेंस रद्द

जामिया मिलिया, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, ऑक्सफैम इंडिया सहित लगभग 6,000 गैर-सरकारी संगठन यानि एनजीओ (NGo) अब विदशों से दान या चंदा नहीं ले सकेेंगे। इन संगठनों का विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस शुक्रवार (31 दिसंबर) को समाप्त हो गया। इनमें से कुछ संगठनों के लाइसेंस को निरस्त भी कर दिया गया है, जबकि अधिकांश ने लाइसेंस रिन्युअल के लिए आवेदन ही नहीं दिया।

FCRA की सूची में से 5,789 संगठनों को बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। यह विदेशी धन प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। इसके अलावा, 179 संगठनों के लाइसेंस को रद्द कर दिया गया। दस्तावेजों की जाँच के दौरान इन संगठनों को FCRA नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था।

मंत्रालय ने बताया कि इन संस्थानों को 31 दिसंबर से पहले FCRA नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया था। इसके साथ ही इन्हें कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया था। इसके बावजूद इन संस्थानों ने आवेदन नहीं किया। मंत्रालय ने कहा कि अब इन संगठनों को विदेशों से चंदे लेने की इजाजत नहीं होगी।

FCRA लाइसेंस गँवाने वाले संस्थानों में ऑक्सफैम इंडिया ट्रस्ट जैसे विवादित एनजीओ भी हैं। इसके अलावा, जामिया मिलिया इस्लामिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), लेप्रोसी मिशन, ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर भी इस सूची में शामिल हैं।

आईआईटी दिल्ली, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन, लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय, इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन, विश्व धर्मायतन, महर्षि आयुर्वेद प्रतिष्ठान, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरमेन कोऑपरेटिव्स लिमिटेड भी अब विदेशों से दान ले पाएँगे।

बता दें कि देश में शुक्रवार (31 दिसंबर) तक 22,797 संगठन FCRA के तहत पंजीकृत संगठन थे। अब सिर्फ देश में 16,829 संगठन रह गए हैं, जो FCRA के तहत रजिस्टर्ड हैं। 31 दिसंबर 2021 तक 5,968 संगठनों (5,789 ने आवेदन नहीं किया + 179 उल्लंघन के लिए खारिज कर दिया) को हटा दिया गया।

इससे पहले 25 दिसंबर को मदर टेरेसा द्वारा कोलकाता में स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी को पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसको लेकर केंद्र पर निशाना साधा था। वहीं, गृह मंत्रालय ने ऐसी किसी से कार्रवाई से इनकार किया था।

‘कब्रिस्तान बनाने से फुर्सत हो तब तो मंदिर के बारे में सोचते’: CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना – रामभक्तों पर चलवाई गोलियाँ

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साल 2022 के पहले दिन शनिवार (1 जनवरी, 2022) को रामपुर के चुनावी दौरे पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव के 300 यूनिट फ्री बिजली देने के चुनावी वादे पर चुटकी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब बिजली ही नहीं देते थे तो मुफ्त कहाँ से होता। उन्होंने कहा कि आपने तो उलटा लोगों से वसूली की है, कम से कम इसके लिए तो जनता से माफी माँग लो।

रिपोर्ट के मुताबिक, रामपुर के रठौंडा में जनसभा के दौरान सीएम योगी ने अखिलेश यादव को ‘बबुआ’ के नाम से संबोधित किया और उनके राम मंदिर बनाने वाले बयान पर कहा, “आज बबुआ बोल रहे थे कि हमारी सरकार होती तो हम भी भव्य राम मंदिर बनाते। मैंने कहा, कब्रिस्तान बनाने से फुर्सत होती तब तो राम मंदिर बनाने के बारे में सोचते। जब उनकी सरकार थी तब तो रामभक्तों पर इन्होंने गोलियाँ चलवाईं।”

रामपुर का मशहूर चाकू का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ‘एक जनपद और एक उत्पाद’ की योजना चलाई। उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के वक्त रामपुर का चाकू ही ध्यान में आया। उन्होंने आगे कहा कि अगर अच्छे लोगों के पास शस्त्र होगा तो देश और धर्म की रक्षा के लिए उसका उपयोग होगा, लेकिन अगर यह गलत लोगों के हाथ में गया तो वो इसका इस्तेमाल लूट-खसोट, दलितों और कमजोरों की जमीनों पर कब्जा करने के लिए उसका इस्तेमाल करेगा। उन्होंने बताया कि कैसे यह समाजवादी पार्टी की सरकार में यह दलितों की जमीनों पर कब्जा करने का जरिया बन गया।

सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में मुजफ्फरनगर के दंगाइयों का सम्मान होता था, लेकिन 2017 के बाद सीएम ऑफिस में किसानों और गुरुबाणी का पाठ होता है – यही अंतर है।

अमेरिका में 13346856 हुई सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या, बायडेन-हैरिस की जोड़ी निशाने पर: अब तक कुल 846905 मौतें

अमेरिका में पिछले एक दिन में कोरोना के 443,677 नए मामले सामने आए। उसके पिछले दिन रिकॉर्ड 572,029 नए कोरोना संक्रमित मिले थे। इस तरह अमेरिका में सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 13,346,856 (1.33 करोड़) पहुँच गई है। पिछले एक दिन में कोरोना के कारण अमेरिका में 716 लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी। शनिवार (1 जनवरी, 2022) को ये आँकड़ा भी पार हो गया है, क्योंकि 847 लोगों की जान चली गई है।

2 दिन पहले जब अमेरिका ने नए कोरोना मामलों का रिकॉर्ड बनाया, उस दिन 1584 लोग इस संक्रमण के कारण मौत का भी शिकार हुए। इस तरह कोरोना संक्रमण शुरू होने से लेकर अब तक अमेरिका में 55,696,500 (5.57 करोड़) लोग इसका शिकार हो चुके हैं। साथ ही 846,905 (8.47 लाख) मौतें भी हुई हैं। हालाँकि, 41,502,739 कोरोना संक्रमित ऐसे भी हैं जो इलाज के बाद ठीक हो गए। अमेरिका में कोरोना के अब तक 812,744,236 (8.13 करोड़) टेस्ट भी किए जा चुके हैं।

इसी तरह यूनाइटेड किंगडम (UK) की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। वहाँ पिछले एक दिन में कोरोना के जहाँ 189,846 नए मामले सामने आए, वहीं 203 लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी। दुनिया भर में तीसरा नंबर फ़्रांस का आता है, जहाँ 123,741 नए कोरोना संक्रमित मिले और 189 लोगों की जान चली गई। इसके बाद यूरोप के अन्य देशों स्पेन, इटली, रूस और जर्मनी का नंबर आता है। पूरे यूरोप में कोरोना संक्रमण अब भी लगातार कहर बरपा रहा है।

अमेरिका में अब राष्ट्रपत जो बायडेन की आलोचना भी शुरू हो गई है, जिन्होंने बड़े-बड़े वादे कर के सत्ता प्राप्त की थी। चुनाव के दौरान उनकी और उप-राष्ट्रपति (तब उम्मीदवार) कमला हैरिस की जोड़ी ने ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग और एट-होम किट्स की व्यवस्था का वादा किया था, लेकिन अब तक कुछ खास नहीं हुआ। अमेरिका में छुट्टियों के मौसम में भी लोग डरे रहे। खुद बायडेन ने गवर्नरों की एक बैठक में माना कि उनकी सरकार को और बेहतर करना चाहिए थे।

बाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत, होने वाला था प्रमोशन: 2 आतंकियों को मार गिराया था

बटला हाउस (Batla house) एनकाउंटर में शामिल रहे दिल्ली पुलिस के SI संजीव कुमार लोचन (52) (Sanjeev Kumar Lochan) साल की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। SI लोचन अपने राष्ट्रपति पदक और गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद उनके शव को परिजनों सौंप दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, SI संजीव कुमार लोचन 28 दिसंबर 2021 को हादसे का शिकार उस वक्त हुए जब वो द्वारका में बाबा हरिदास नगर थाने के सामने अपनी कार पार्क कर सड़क पार कर रहे थे। उसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में बुरी तरह से घायल होने के बाद पुलिस अधिकारी को वेंकटेश्वर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था. जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताते हुए सीधे आईसीयू में भर्ती किया। हालाँकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जनकपुरी गाँव के पोशनगीरपुर के रहने वाले संजीव कुमार को दिल्ली पुलिस की ओर से 2 बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिल चुका था। 28 साल तक स्पेशल सेल में तैनात रहे लोचन कई सारे ऑपरेशंस को अंजाम दे चुके हैं। उल्लेखनीय है कि संजीव लोचन ने 1988 में एक कॉन्स्टेबल के तौर पर पुलिस फोर्स ज्वाइन किया था। वो हरिदासनगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। उन्होंने दो बांग्लादेशी आतंकियों को मार गिराया था।

SI लोचन के बेटे वंश ने पिता की मृत्यु पर कहा, “पापा शाम करीब साढ़े छह बजे घर से निकले थे। हमें बताया गया कि उसने अपनी कार पार्क की थी और थाने में प्रवेश कर रहा था तभी बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हालाँकि, पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया गया था, वे जमानत पर छूट गए हैं। हमने इंतजार किया और उम्मीद की थी कि पापा ठीक हो जाएँगे लेकिन हमने उन्हें खो दिया।”

वहीं संजीव कुमार के बड़े भाई (56) CISF के रिटायर्ड अधिकारी हैं, उन्होंने कहा, “संजीव मेहनती और ईमानदार आदमी थे। उसे एक और प्रमोशन मिलने वाला था। उसने कुछ दिन पहले ही मुझे बताया था कि वो जल्द ही इंस्पेक्टर बनने वाला है। मैं उसको लेकर बहुत खुश था। हम अभी भी उसके साथ हुई घटना को लेकर सदमे में हैं। मैंने लापरवाह लोगों के कारण अपना भाई खो दिया।”

धर्म संसद: अब नरसिंहानंद पर FIR, कहा – ‘गाँधी एक गंदगी, नहीं रिहा हुए कालीचरण महाराज तो CM बघेल के घर के सामने आमरण अनशन’

उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित हुए धर्म संसद के मामले में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती और एक अन्य संत पर FIR दर्ज की गई है। इस मामले में पहले ही FIR दर्ज कर ली गई थी, लेकिन अब इसमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के अलावा सागर सिंधु महाराज का नाम भी जोड़ा गया है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार, वायरल वीडियो क्लिप के आधार पर ये कार्रवाई हुई है।

भड़काऊ भाषण के आरोप में इन दोनों पर ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की धारा-295A (किसी समुदाय द्वारा पवित्र मानी जाने वाली वस्तु को नष्ट करना या धार्मिक भावनाओं को आहत करना) भी जोड़ी गई है। बता दें कि हरिद्वार में 17-20 दिसंबर को इस धर्म संसद का आयोजन हुआ था, जिसमें वसीम रिजवी से जितेंद्र नारायण त्यागी बने सुन्नी वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी इस आयोजन पर निशाना साधा था।

उधर रायपुर धर्म संसद में महात्मा गाँधी पर दिए गए बयान को लेकर कालीचरण महाराज की मध्य प्रदेश से गिरफ़्तारी का भी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने विरोध किया है। उन्होंने गाँधी को ‘गंदगी’ बताते हुए कहा कि इस गिरफ़्तारी को अंजाम देने वालों का माँ काली और महादेव विनाश कर देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कालीपुत्र कालीचरण महाराज को जल्द रिहा नहीं किया जाता है तो वो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस नेता भूपेश बघेल के आवास पर जाकर आमरण अनशन करेंगे।

वहीं इस मामले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी 100 से अधिक ‘बुद्धिजीवियों’ ने पत्र लिख कर साधु-संतों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। साथ ही वकीलों का एक समूह भी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना को पत्र लिख कर ऐसी आयोजनों के स्वतः संज्ञान लेने की अपील कर चुका है। 76 वकीलों के इस समूह ने ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर भी आपत्ति जताई थी। हरिद्वार वाले कार्यक्रम में डॉक्टर मनमोहन सिंह को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप लगे हैं।

‘हिन्दू विरोधी षड्यंत्रों का मिलेगा जवाब’: कॉन्ग्रेस-सपा के खिलाफ संत समाज ने फूँका बिगुल, अखिलेश यादव के ‘चिलमजीवी’ बयान से नाराज़

उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) में विधानसभा चुनाव (Assembly election) नजदीक आते ही नेताओं की बदजुबानी चालू हो गई हैं। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा संतों को चिलमजीवी कहने औऱ कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के हिंदुओं पर किए गए बयानों से संत समाज आहत है। संतों ने नेताओं की इस बदजुबानी को हिंदू समाज के खिलाफ षणयंत्र करार दिया है। ऐसे में इन नेताओं को सबक सिखाने के लिए अखिल भारतीय संत समिति यूपी के 13 स्थानों पर संत सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, संतों के इस सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद (VHP) समेत अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री विद्वत परिषद भी शामिल होगा। समाजवादी पार्टी के मुखिया के नवंबर 2021 में संतों को चिलमजीवी और एकरंगा कहने पर अखिल भारतीय संत समिति के ने आपत्ति जाहिर की है। समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने बहुत ही कड़े शब्दों में कहा है कि संत समाज हिंदुओं और उनकी सनातन परंपराओं व संस्कृतियों के खिलाफ प्रलाप करने वाले इन छद्म समाजवादी और कॉन्ग्रेसियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगा।

13 शहरों में आयोजित होगा सम्मेलन

सपा और कॉन्ग्रेसियों खिलाफ यह सम्मेलन 11 जनवरी 2022 से शुरू होकर पूरे फरवरी तक चलेगा। सम्मेलन को लेकर कहा जा रहा है कि यह धार्मिक होगा और इसके जरिए हिंदुओं और हिंदुत्व के खिलाफ नेताओं की बयानबाजी और उनके षड्यंत्रों का जबाव दिया जाएगा। जनजागरण के जरिए लोगों को ऐसे लोगों के बारे में बताया जाएगा। ताकि वो अपने हितों के लिहाज से फैसले ले सके।

बता दें कि यह सम्मेलन काशी, विंध्याचल, प्रयागराज, अयोध्या, वृंदावन, चित्रकूट, बिठूर, शुक्रताल, ब्रजघाट, गढ़मुक्तेश्वर, कछला, सोरो, नैमिषारण्य और देवरिया में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में देशभर के संत शामिल होंगे।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने नवंबर 2021 में अपनी विजय रथ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बगैर कहा था कि ‘चिलमजीवी‘ और एक रंग वाले यूपी को खुशहाल नहीं रख सकते हैं। वहीं राहुल गाँधी हिंदू औऱ हिंदुत्व दोनों को अलग बताते हुए कहा था कि हिंदुत्ववादी मुस्लिमों को पीटते हैं।

WazirX समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों पर DGGI का छापा, भारी टैक्स चोरी का मामला: क्रिप्टो में लगा है पैसा तो हो जाएँ सावधान!

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (DGGI) ने देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (1 जनवरी 2022) को अधिकारियों ने देश में संचालित अन्य क्रिप्टो एक्सचेंजों के खिलाफ भी छापेमारी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज सर्विस प्रोवाइडर कंपनी WazirX के परिसरों पर भी छापेमारी की है। जीएसटी के मुंबई ईस्ट कमिश्नरेट के अनुसार, वजीरएक्स की ओर से लंबे समय से जीएसटी की चोरी की जा रही थी। इस करोड़ों की कर चोरी का खुलासा करते अधिकारियों ने एक्सचेंज पर ब्याज और पेनाल्टी लगाने के बाद अब 49 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूल किया है। 

जीएसटी विभाग की मुंबई टीम (CGST Mumbai) जब WazirX की कारोबारी गतिविधियों की जाँच कर रही थी, तब उसने 40.5 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। जाँच एजेंसी ने अपने एक बयान में कहा था कि जुर्माना और ब्याज के रूप में उसने कंपनी से कुल 49.20 करोड़ रुपए की वसूली की है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, DGGI ने क्रिप्टोकरेंसी सर्विस प्रोवाइडर्स कंपनियों के करीब आधा दर्जन दफ्तरों पर छापे मारे हैं। इस दौरान बड़े पैमाने पर जीएसटी (GST) की चोरी पकड़ी गई है।

बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल कैश प्रणाली है। यह एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई होती है और कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। क्रिप्टोकरेंसी पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है। कई देश इसे लीगल कर चुके हैं। क्रिप्टोकरेंसी को आज सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका क्रिप्टो एक्सचेंज कहते हैं, इसके जरिए इसे खरीदना आसान हो गया है।

दुनिया भर में सैकड़ों क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज काम कर रहे हैं। भारत में काम कर रहे वजीरएक्स, जेबपे, क्वाइनस्विच कुबेर, क्वाइन डीसीएक्स गो समेत कई एक्सचेंज संचालित है, जहाँ से बिटक्वाइन, इथेरियम, टेथर और डॉजक्वाइन समेत दुनिया भर की डिजिटल मुद्राएँ खरीदी जा सकती हैं। 

महाराष्ट्र में 10 मंत्री और 20 विधायक कोरोना संक्रमित: राज्य में ओमिक्रोन की मरीजों की संख्या बढ़कर 454 हुई, लॉकडाउन के आसार

देश भर में कोरोना वायरस (Corona Virus) के कहर का असर एक बार फिर से दिखने लगा है। बीते 24 घंटों के दौरान देश में 22,775 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि संक्रमण से 400 लोगों की मौत हो गई है। दूसरी ओर, ओमिक्रोन (Omicron) वैरिएंट के संक्रमितों की संख्या भी बढ़कर 1,431 पर पहुँच गई है। ओमिक्रोन वैरिएंट का सबसे अधिक असर महाराष्ट्र और दिल्ली में है। दोनों राज्यों में क्रमश: 454 और 351 ओमिक्रोन के मरीज हैं।

अच्छी बात यह है कि ओमिक्रोन के इन मरीजों में से 488 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ भी हो चुके हैं। वहीं, इस खतरनाक वैरिएंट की चपेट में आया तीसरा सबसे अधिक मरीजों वाला राज्य तमिलनाडु है, जहाँ 118 मरीज मिले हैं। इसके अलावा गुजरात में 115, केरल में 109, राजस्थान में 69, तेलंगाना में 62, हरियाणा में 37 और कर्नाटक में 34 ओमिक्रोन के मरीज मिले हैं।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union health ministry) ने राज्यों को पत्र लिखकर RTPCR और रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या बढ़ाने को कहा है। इसके अलावा, ये भी कहा गया है कि आईसीएमआर से अप्रूव होम टेस्टिंग किट का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

अगर कोरोना मरीजों की देश में कुल संख्या की बात की जाए तो यह संख्या एक लाख के पार पहुँच चुकी है। हालाँकि, रिकवरी रेट अधिक होने के कारण इसके उतने गंभीर परिणाम नहीं दिख रहे हैं। देश में कोरोना के मामले में देश की रिकवरी दर 98.32% है।

महाराष्ट्र में लॉकडाउन के दिखे आसार

अगर महाराष्ट्र की बात की जाए तो वहाँ के हालात इतने खराब हो गए हैं कि वहाँ मंत्री और विधायक भी नहीं बच पा रहे हैं। बता दें कि राज्य में 10 मंत्री और 20 विधायक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस बीच राज्य के स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने डिविजनल कमिश्नर और कलेक्टर को पत्र लिखकर कोरोना की तीसरी लहर को हल्के मे नहीं लेने को कहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसे हालात बन रहे हैं। महाराष्ट्र के मदद और पुनर्वसन मंत्री विजय वडट्टेदार (Vijay vadattedar) ने कहा है कि तीसरी लहर आ चुकी है और राज्य सरकार अब लॉकडाउन लगाने पर मजबूर हो सकती है। इस के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस पर अंतिम निर्णय सीएम उद्धव ठाकरे को लेना है, लेकिन इससे पहले मुंबई की लोकल ट्रेनों और स्कूलों पर फैसले लिए जाएँगे।

शमामा के जरिए मलिक मियाँ ने कमाई अकूत संपत्ति, अरब देशों तक व्यापार: रेड में अधिकारियों के मिले 4-5 करोड़ रुपए कैश और सोना

उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग एक्शन मोड में है। पीयूष जैन के ठिकानों पर छापेमारी के बाद आईटी ने एक अन्य इत्र कारोबारी मोहम्मद याकूब पर शिकंजा कसा है। शुक्रवार (31 दिसंबर 2021) को आयकर विभाग की टीम ने मोहम्मद याकूब के यहाँ छापेमारी की थी, जिसमें उन्हें 4 से 5 करोड़ कैश और सोना बरामद हुआ था। शुक्रवार को ही याकूब के साथ-साथ लखनऊ में रहने वाले उसके भाई मोहसीन के यहाँ भी इनकम टैक्स के 4-5 अधिकारी पहुँचे थे। इत्र के सबसे बड़े और पुराने कारोबारियों में गिने जाने वाले मलिक मियाँ के यहाँ भी छापेमारी हुई थी।

पुश्तैनी इत्र और शमामा (खास तरह का कंपाउंड) कारोबार से इस परिवार ने अथाह संपदा बनाई है। वर्ष 1886 से यह परिवार इत्र के व्यवसाय में है। बताया जाता है कि इन लोगों ने फारस देश के कारोबारियों के साथ शमामा बनाने का व्यापार शुरू किया था। यह फर्म इत्र का व्यवसाय कर करोड़ों की संपत्ति बना चुका है।

मलिक मियाँ ने आगे चलकर इस कारोबार को आधुनिक रूप दिया और अपने खुद के नाम से मलिक शमामा बनाया। अरब देशों में इसकी लोकप्रियता बढ़ने पर उन्होंने अपने भाई मोहसिन के नाम से भी मार्केट में मोहसिन शमामा लॉन्च किया था। मौजूदा समय में मलिक शमामा की कीमत डेढ़ लाख रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि मोहसिन शमामा की कीमत करीब 80 हजार रुपए प्रति किलोग्राम है।

मलिक मियाँ की 2016 में लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मोहसिन, फैशन और अब्दुल हामिद उसके भाई हैं। मलिक मियाँ ने दो शादी की थी। उनके पाँच बेटे फौजान मलिक, अब्दुल्ला मलिक, रहमान मलिक, खुर्रम मलिक और छोटे मलिक हैं।