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भारतीय संसद पर हमला ‘ग्रेट डे’, पत्रकार होते हैं ‘गिद्ध’: राजदीप सरदेसाई का वो वायरल Video, बताया था- हमले के वक्त पिकनिक मना रहे थे

13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें संसद भवन के सुरक्षाकर्मी, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उस दिन एक सफेद एंबेसडर कार में आए पाँच आतंकवादियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी कर पूरे हिंदुस्तान को झकझोर दिया था। संसद पर हमले को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने अंजाम दिया था और इस हमले का मास्टरमाइंड था अफजल गुरु।

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने संसद पर हुए हमले को ‘अ ग्रेट डे (एक महान दिन)’ कहा था। सरदेसाई ने देश की संसद पर हुए हमले पर बात करते हुए कहा था कि कैसे वह संसद के बगीचे में पिकनिक मना रहे थे, जब आतंकी पार्लियामेंट पर हमला कर रहे थे।

इससे जुड़ा राजदीप सरदेसाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्हें कहते हुए सुना गया था कि पत्रकार गिद्धों की तरह व्यवहार करते हैं। सरदेसाई दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को याद करते हुए बता रहे थे कि वह अपनी टीम के साथ पिकनिक की तैयारी कर रहे थे। वह और उनकी टीम सुबह करीब 11 बजे संसद में दाखिल हुई। टीम के संसद में प्रवेश करने के कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी। उन्होंने अपने सहयोगी से कहा कि वह गार्ड को गेट बंद करने के लिए कहे। फिर सरदेसाई एक लंबी मुस्कराहट के साथ बताते हैं कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि कोई अन्य चैनल क्रू प्रवेश न कर सके। उन दिनों कम चैनल थे और सरदेसाई एक्सक्लुसिव स्टोरी मिलने को लेकर उत्साहित थे।

फिर उन्होंने बताया कि कैसे संसद पर हमले की एक्सक्लुसिव स्टोरी ने टीम को उस शराब और कबाब को भुला दिया, जिसे लेकर वह पिकनिक मनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा, “यह एक महान दिन था। हम गिद्धों की तरह हैं। हम इन पलों को भुनाते हैं।” इस वीडियो में वह सेंट पॉल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन एजुकेशन के छात्रों से संवाद कर रहे हैं। दिसंबर 2001 के संसद हमले के दौरान सरदेसाई एनडीटीवी से जुड़े थे। एनडीटीवी से जुड़ी रही एक अन्य सेलिब्रिटी पत्रकार बरखा दत्त भी मुंबई हमले, कारगिल युद्ध जैसे संवेदनशील मुद्दों के कवरेज के दौरान अपनी करनी को लेकर विवादों में रही हैं।

काशी कॉरिडोर देश को समर्पित करेंगे PM मोदी: हिंदुओ यह 13 दिसंबर तुम्हारे गौरव की पुर्नस्थापना का दिन है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (13 दिसंबर 2021) को श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर (Shri Kashi Vishwanath Corridor) देश को समर्पित करेंगे। इस दौरान देश की विभिन्न नदियों से लाए गए जल को गंगाजल में मिलाकर लगभग 20 मिनट तक विधि-विधान से पूजा की जाएगी। बाद में विश्वनाथ धाम का लोकार्पण होगा। पीएम कालभैरव का दर्शन करने के बाद गंगा जलमार्ग से विश्वनाथ धाम पहुँचेंगे। वहाँ वह करीब 2500 संतों-महंतों, धर्माचार्यों को संबोधित करेंगे। साथ ही सभी मंदिरों का भ्रमण कर भवनों का निरीक्षण करेंगे।

स्वंय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य काशी की तस्वीरें अपने ट्विटर पर शेयर की हैं। उन्होंने 13 दिसंबर को ऐतिहासिक दिन बताया और सभी से आग्रह किया कि वो कार्यक्रम से जुड़ें। इस कार्यक्रम के आमंत्रण में मुगलों द्वारा किए गए विध्वंस का भी जिक्र है। बताया गया है कि कैसे मध्यकाल में मुगल आक्रान्ताओं ने पावन स्थल को भारी क्षति पहुँचाई थी। बाद में 1777-78 ई0 में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने इस मंदिर परिसर का पुनर्निमाण कराया था एंव कालांतर में 19वीं सदी में महाराज रणजीत सिंह ने इस मंदिर पर स्वर्ण शिखर लगवाया था।

आमंत्रण पत्र

आज इस कॉरिडोर को लेकर जहाँ समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश सिंह दावा करते हैं कि ये प्रोजेक्ट उनकी सरकार में अप्रूव हुआ था, वहीं धाम में आए परिवर्तनों पर स्थानीय लोग ऑपइंडिया से बातचीत में कहते हैं कि जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ था, उसे मोदी सरकार ने पिछले 7 साल में संभव कर दिखाया है। इस समय पूरे काशी में उत्सव का माहौल है। हर जगह जगमगा रही है।

बता दें कि प्रधानमंत्री ने 8 मार्च 2019 को इस कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी और आज ये विश्वनाथ कॉरिडोर 5.2 लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है। इसमें 33,075 वर्ग फीट में काशी विश्वनाथ मंदिर का परिसर है। इस कॉरिडोर में एक साथ 02 लाख लोग जमा हो सकते हैं।

निर्माण में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर समेत 7 विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। विश्राम गृह, संग्रहालय, सुरक्षा कक्ष और पुस्तकालय भी कॉरिडोर का हिस्सा हैं। पूरे कॉरिडोर में वृक्षारोपण के लिए जगह बनाई गई है। इनमें परिजात, रुद्राक्ष, अशोक, बेल इत्यादि पेड़ लगेंगे ताकि पूरा परिसर हरा-भरा रहे।

जानकारी के मुताबिक, आज के कार्यक्रम के लिए 28 से 30 लाख लड्डू करीब 8 लाख परिवारों में बँटवाने के लिए बनवाए गए हैं। इनके वितरण के साथ एक बुकलेट भी सब घरों में दी जाएगी ताकि सबको काशी का महत्व समझ आ सके। मालूम हो कि इस कॉरिडोर के निर्माण के पहले चरण में लगभग 339 करोड़ रुपए की लागत आई। यहाँ 2000 मजदूरों ने रोज किया। इस कॉरिडोर को बनाने के लिए 400 इमारतों का अधिग्रहण किया गया और 2 साल 9 महीनों में इस ड्रीम प्रोजेक्ट को तैयार किया गया।

भारत एशिया में चौथा सबसे ताकतवर देश, सैन्य शक्ति और सामर्थ्य में दिखा दम: US से पिछड़ा चीन, पाकिस्तान 15वें स्थान पर

सैन्य शक्ति और सामर्थ्य के मामले में भारत अब एशिया में चौथा सबसे ताकतवर देश बन गया है। यह रैंकिंग लोवी इंस्टीट्यूट एशिया पावर इंडेक्स 2021 (lowy institute asia power index 2021) में जारी की गई। ऑस्ट्रेलिया स्थित सिडनी के लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा जारी की गई 26 देशों की लिस्ट में पहले स्थान पर अमेरिका है।

सभी पैरामीटर के औसत के आधार पर भारत चौथे स्थान पर

रैंकिंग के मुताबिक, इस लिस्ट में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर चीन और उसके बाद जापान है। चौथे स्थान पर भारत है, जबकि रूस को पाँचवे स्थान पर रखा गया है। यह स्पष्ट कर दें कि लोवी इंस्टीट्यूट रैंकिंग का निर्धारण संसाधनों और प्रभाव (8 पैरामीटर होते हैं रैंकिंग के लिए) के आधार पर करता है।

लोवी इंस्टीट्यूट एशिया पावर इंडेक्स 2021 में हालाँकि भारत ने अपने नकारात्मक पावर गैप स्कोर के कारण अपेक्षा से कम प्रभाव डाला है। इस रैंकिंग में अगर भारत के समग्र स्कोर को देखें तो यह 2020 की तुलना में दो प्वाइंट नीचे गिरा है। कोरोना को देखते हुए और दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन प्रोग्राम को सफलतापूर्वक चलाते हुए हालाँकि इस उपलब्धि को कमतर आँकने की भूल न करें। क्योंकि इसी रैंकिंग में चीन कई सारे पैरामीटर पर अमेरिका से मात खाते हुए पिछड़ गया है।

सैन्य क्षमता में बढ़त बनाते हुए भारत चौथे स्थान पर

भारत ने भविष्य के संसाधनों के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है। लोवी इंस्टीट्यूट की रैंकिंग के अनुसार कोरोना संकट के बावजूद भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालाँकि वर्ष 2030 के लिए आर्थिक पूर्वानुमान कम हो गया है। जबकि आर्थिक क्षमता, सैन्य क्षमता, सामर्थ्य और सांस्कृतिक प्रभाव के उपायों पर भारत ने चौथा स्थान हासिल किया है।

भारत ने आर्थिक क्षमता, सैन्य क्षमता, सामर्थ्य और सांस्कृतिक प्रभाव जैसे पैरामीटर पर चौथा स्थान बरकरार रखा है। पाकिस्तान की बात करें तो इस रैंकिंग में वो 15वें स्थान पर है। बांग्लादेश 19वें और श्रीलंका 20वें स्थान पर है। दिलचस्प यह है कि चीन के भरोसे बैठे इन सभी देशों की रैंकिंग फिसड्डी रही है।

जीतेंद्र नारायण त्यागी (वसीम रिजवी) को जूते मारने वाले को 11 लाख रुपए: यूपी के AIMIM नेता का ऐलान

शिया मुस्लिम वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जीतेंद्र नारायण त्यागी (Wasim rizvi alias Jitendra Narayan tyagi) ने जब से इस्लाम का त्याग कर हिंदू धर्म को अपनाया है, कट्टरपंथी इस्लामी (Radical Islamist) लोग लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं। उनके खिलाफ फतवे निकाल रहे और उनके सिर पर ईनाम रखे जा रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर से जीतेंद्र नारायण त्यागी के सिर पर ईनाम रखते हुए ऐलान किया गया है कि जो भी उन्हें जूते मारेगा, उसे 11 लाख रुपए का ईनाम दिया जाएगा।

जीतेंद्र नारायण त्यागी पर यह ईनाम उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के मुरादाबाद (Moradabad) जिले से ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के महानगर अध्यक्ष वकी रशीद (Waqui Rashid) ने रखा है। रशीद के इस विवादित बयान का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें AIMIM नेता को जीतेंद्र नारायण त्यागी को असामाजिक तत्व करार देते देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो के 30 वें सेकेंड के हिस्से में रशीद ने कहा, “वसीम रिजवी जैसे लोग समाज को बाँटना और हिंदू-मुस्लिम फसाद करवाना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि एक साजिश के तहत वो ये सब कर रहे हैं। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। इसीलिए हमने ये कहा था कि जो भी उन्हें जूता मारेगा उसे 11 लाख रुपए दिए जाएँगे।”

AIMIM नेता ने आगे कहा, “वसीम रिजवी के ऊपर कई सारे केस दर्ज हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और हम चाहते हैं कि इनका सामाजिक बहिष्कार किया जाए। वसीम रिजवी ने पैगंबर मोहम्मद के ऊपर एक किताब लिखी है, जिसको लेकर हमने राष्ट्रपति से शिकायत की है।” उल्लेखनीय है कि वीडियो में 1:36 मिनट से लेकर 2 मिनट के हिस्से में वकी रशीद ने ये बात कही है।

पहले भी वसीम रिजवी पर फतवे और सिर कलम करने की बात

ये कोई पहली बार नहीं है जब जीतेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ मुस्लिमों ने जहर उगला हो। इससे पहले जब 6 दिसंबर को वसीम रिजवी ने हिंदू धर्म (Hindu religion) अपनाया था तो उसके बाद हैदराबाद (Hyderabad) के कॉन्ग्रेस (Congress) नेता मोहम्मद फिरोज खान (Firoz khan) ने उनके सिर पर 50 लाख रुपए का इनाम रखा था। फिरोज खान के बाद तेलंगाना (Telangana) के ही एक अन्य कॉन्ग्रेसी नेता और विधायक राशिद खान (Rashid khan) ने भी रिजवी का सिर कलम करने पर 25 लाख रुपए देने का ऐलान किया था।

मुस्लिम टीचर ने गीता कचरे में फेंका, शिकायत पर SP ने कहा था – किसी और स्कूल में नाम लिखवा लो… अब दबाव में FIR दर्ज

बिहार के गया जिले में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे के बैग से श्रीमगभगवद्गीता को डस्टबिन में फेंकने और हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने वाली मुस्लिम टीचर सदफ पर कार्रवाई करते हुए उसे स्कूल से निकाल दिया गया है। इस मामले में पीड़ित छात्र के पिता राहुल सिंह ने डेलहा थाने में आरोपित शिक्षिका के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। पीड़ित के पिता ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

एफआईआर कॉपी के मुताबिक, चौथी कक्षा के पीड़ित छात्र के पिता राहुल सिंह ने शिकायत में पुलिस को बताया है कि उनका पुत्र हमेशा अपने बैग में श्रीमदभगवद गीता और साथ में जाप माला रखता है। दोपहर में मध्यांतर के वक्त वो उसका पाठ करता है। 9 दिसंबर 2021 को उसके स्कूल की हिंदी की शिक्षिका सदफ ने बैग की जाँच की और जबरदस्ती श्रीमदभागवद गीता और जाप माला को निकाल कर डस्टबिन में फेंक दिया। शिक्षिका ने ये भी कहा कि तुम्हारे (हिंदुओं के) सभी ‘देवी-देवता कुत्ते-कुतिया’ की तरह हैं।

पीड़ित बच्चे के पिता द्वारा दर्ज करवाई गई FIR

बच्चे के पिता ने आगे आरोप लगाया कि शिक्षिका ने उनके बच्चे को गाली देते हुए धमकी दी कि अगर उसने किसी को ये बात बताई तो उसकी खाल उधेड़ देगी। उन्होंने शिक्षिका सदफ पर जानबूझ कर हिंदुओं की पवित्र ग्रंथ का अपमान करने का आरोप लगाया है। और इसके खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए डेलहा थाने के एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक उन्हें शिक्षा विभाग की रिपोर्ट नहीं मिली है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग की जाँच साथ-साथ चलेगी। एसएचओ ने यह भी बताया कि आरोपित टीचर सदफ कॉन्ट्रैक्ट पर थी और उसे स्कूल से निकाल दिया गया है।

इससे पहले छात्र के पिता राहुल सिंह ने ऑपइंडिया को बताया था, “पहले भी मेरे बेटे को स्कूल में चिढ़ाया जाता था। इसकी मैंने मौखिक शिकायत की थी। मेरे बेटे के साथ जो कुछ किया गया, उसकी शिकायत मैंने उसी रात स्थानीय डेलहा थाना प्रभारी से की। उन्होंने मेरी शिकायत भी लेने से मना कर दी थी। अगले दिन मैं गया के पुलिस अधीक्षक से मिला। उन्होंने कहा कि अगर इतनी दिक्कत है तो आप अपने बेटे का नाम किसी और स्कूल में क्यों नहीं लिखवा लेते? इसी के साथ उन्होंने मुझ से ही सवाल किया कि स्कूल में गीता और माला ले जाने की क्या जरूरत है? पुलिस अधीक्षक गया ने मेरी एप्लिकेशन ले ली और कहा कि हम 4-5 दिन बाद जाँच कर के बताएँगे कि क्या हुआ।”

गंभीर बात यह है कि केंद्रीय विद्यालय-1 में पीड़ित छात्र को कलमा पढ़ने के लिए भी मजबूर करने के आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि ये सब चीज स्कूल में अमीना खातून को प्रभारी प्राचार्य बनाए जाने के बाद शुरू हुआ है।

हिरोइन ने नाबालिग हेल्पर लड़की को नंगा कर मारा, फोटो-वीडियो भी बनाई: मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुंबई के वर्सोवा इलाके से एक एक्ट्रेस द्वारा एक नाबालिग नौकरानी (हेल्पर) को नंगा कर पीटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस है, वह अपने फ्लैट में अकेले रहती है।

नाबालिग लड़की ने बताया कि एक दिन जब वो एक्ट्रेस के घर में काम कर रही थी, तभी वह उसके पास आई और पूछा कि काम में देर कैसे हो गई? इसके बाद वो चिल्लाने लगी और जबरन उसके कपड़े उतरवा दिए। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। पीड़िता के अनुसार एक्ट्रेस ने उसके साथ पहले भी कई मौकों पर मार-पीट की थी।

पीड़ित बच्ची ने आरोप लगाया है कि आरोपित महिला (एक्ट्रेस) ने उसे नंगा कर उसकी फोटो भी खींची और वीडियो भी बनाया। पीड़ित युवती पिछले चार महीने से एक्ट्रेस के घर पर काम कर रही थी। उसके नाबालिग होने के बावजूद एक्ट्रेस ने उसे अपने घर पर काम करने के लिए रख लिया था, जबकि ये गैरकानूनी है।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग लड़की ने घर पहुँच कर बड़ी बहन को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद नाबालिग ने पुलिस स्टेशन में आरोपित महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता ने बताया कि आरोपित महिला ने उसे अपनी सैंडल से मारा है, जिसकी वजह से उसके सिर में चोट लग गई है। घर आकर जब उसने इस घटना के बारे में अपनी बड़ी बहन को बताया तो उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता ने कहा कि उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

पुलिस ने धारा 326, 354 (बी) और  504 के तहत मामला दर्ज कर स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सोमवार तक पुलिस कस्टडी में रखा जाएगा।

‘सेक्युलरिज्म से मुस्लिमों को कुछ हासिल नहीं हुआ… जल्दी शादी कर बच्चे पैदा करें’: ओवैसी ने कहा- इससे दिमाग भी हल्का रहता है

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमिन (AIMIM) के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मुस्लिम युवाओं को शादी करने की नसीहत देते हुए कहा है कि बीवी घर में रहती है तो दिमाग भी हल्का रहता है। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिमों को धर्मनिरपेक्षता (Secularism) का पालन नहीं करने की सलाह दी। उनके भाषण का यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओवैसी रविवार (12 दिसंबर) को मुंबई में तिरंगा रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “शादी करेंगे ना, बैचलर मत रहना। बैचलर लोग बहुत परेशान करते हैं।” मुस्लिमों को जल्दी शादी और बच्चे पैदा करने की नसीहत देते ओवैसी ने कहा, “जो 18-19 साल के युवा हैं, वे जल्दी शादी कर लेंगे तो उनके बच्चे होंगे। शादी करोगे न?” AIMIM सांसद ने कहा कि अगर घर बीवी रहती है तो आदमी का दिमाग हल्का रहता है।

मुस्लिमों को धर्मनिरक्षता का पालन नहीं करने की नसीहत

असदुद्दीन ओवैसी ने धर्मनिरपेक्षता को बेकार बताया। उन्होंने कहा, “मैं भारत के मुसलमानों से पूछना चाहता हूँ कि हमें धर्मनिरपेक्षता से क्या मिला? क्या हमें सेक्युलरिज्म से आरक्षण मिला? क्या मस्जिद गिराने वालों को सजा मिली? नहीं, किसी को कुछ नहीं मिला…मैं संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करता हूँ न कि राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता में। कृपया, मुसलमान राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता से दूर रहें।”

अगर ओवैसी के इसी साल के दूसरे भाषण पर नजर डालें तो पता चलेगा कि वह धर्मनिरपेक्षता की लगातार दुहाई दे रहे हैं। यूपी में अपने चुनावी कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बाराबंकी में सितंबर 2021 में कहा था कि कि बीजेपी देश के सेक्युलरिज्म को कमजोर कर रही है। बता दें कि ओवैसी के दोनों बयानों को देखें तो ये स्पष्ट हो जाता है कि सेक्युलरिज्म का इस्तेमाल अब तक लोगों को सिर्फ बरगलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

ओवैसी का ये भी कहना है कि धर्मनिर्पेक्षता से मुस्लिमों को न तो नौकरियों में आरक्षण मिला और न ही निर्णय लेने की क्षमता मिली, बल्कि इससे उनको नुकसान ही हुआ।

राजनीतिक दखल के कारण केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने छोड़ा कुलाधिपति का पद, सारी फाइलें CM के दफ्तर में भेजी

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार (12 दिसंबर, 2021) को कन्नूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर जम कर निशाना साधा। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण आरिफ मोहम्मद खान ने कुलाधिपति के पद से इस्तीफा देने की पेशकश करते हुए पत्र लिखा था। लेकिन, सीएम विजयन ने समझौते की बजाए उलटा राज्यपाल की मंशा पर ही सवाल उठा दिए। बता दें कि ये मामला कन्नूर विश्वविद्यालय की कुलपति की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का कहना है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किसी के दबाव में आकर कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्त के लिए एक व्यक्ति को चुना है। उन्होंने पूछा कि राज्यपाल ने अपने मन क्यों बदल लिया, जबकि राज्यपाल का कहना है कि राज्य की CPI(M) सरकार से वो और टक्कर नहीं चाहते, इसीलिए उन्होंने ये फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति के मामले में राज्यपाल को कुछ कानूनी शंकाएँ थीं, जिनके सम्बन्ध में एडवोकेट जनरल द्वारा उन्हें उच्च-स्तर पर सलाह भी दी गई थी।

उन्होंने साफ़ कर दिया कि केरल की सरकार कन्नूर यूनिवर्सिटी के निर्वतमान कुलपति गोपीनाथ रवीन्द्रन को इस्तीफा देने के लिए नहीं बोलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार VC की नियुक्ति नहीं करती है, बल्कि ये राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि सरकार कुलाधिपति, यानी राज्यपाल को सिर्फ सलाह देगी, अंतिम निर्णय उनका काम है। कालड़ी श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि UGC के नियमानुसार चांसलर को नामों की सूची दी जानी, जबकि उन्हें एक ही नाम दिया गया।

उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा मंत्रालय से राज्यपाल ने पूरे पैनल का नाम माँगा था, बाद में सिर्फ एक व्यक्ति का भेजने को कहा। उन्होंने LDF की गठबंधन सरकार द्वारा राज्य में कुलपतियों की नियुक्ति में हस्तक्षेप के आरोपों से इनकार कर दिया। राज्यपाल ने अपने पत्र में कहा था कि विश्वविद्यालय राजनीतिक लोगों से भरे हुए हैं और गैर-अकादमिक लोग अकादमिक निर्णय ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को उन्होंने कुलपति का पद लेने की चुनौती भी दी, इसके जवाब में सीएम ने कहा कि वो राज्यपाल की शक्तियाँ नहीं चाहते।

उन्होंने कहा कि कलामंडलम VC का कुलाधिपति के विरुद्ध कोर्ट जाने का निर्णय भी गलत है। उन्होंने कहा कि वो इसकी अनुमति नहीं देते और उन्होंने VC को केस वापस लेने के लिए भी कहा, जो उन्होंने किया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पूछा था कि उक्त VC के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। श्रीनारायण गुरु ओपन यूनिवर्सिटी में भी एक साल बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है, जिस पर राज्यपाल खान ने आपत्ति जताई थी। VC को वेतन भी नहीं मिला है।

उधर आरिफ मोहम्मद खान अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि वो कुलाधिपति के रूप में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चाहते, वरना वो इस पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने बतौर चांसलर आने वाली सभी फाइलों को सीएम के दफ्तर में भेजने का आदेश दे दिया है। उन्होंने कहा कि सीएम विजयन अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर कानून बदल दें और चांसलर का पद ले लें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि ढाई वर्षों से VCs का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा है और ये काफी दर्द भरा है।

CAA कानून के खिलाफ जब केरल की सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी तब राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पिनाराई विजयन सरकार की आलोचना की थी, जिसके बाद सीएम विजयन ने भी पलटवार किया था। राज्यपाल का कहना है कि अब सरकार सीमा लाँघ रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए सात नाम थे, लेकिन उन्हें बस एक नाम दिया गया। आरिफ मोहम्मद खान ने स्पष्ट किया है कि उनका काम किसी राजनीतिक दल के एजेंडे को लागू करना नहीं है।

एक इंटरव्यू में आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “केंद्र के साथ जब भी मुख्यमंत्री का विवाद हुआ, मैंने उन्हें सही सलाह दी। केरल और इसकी छवि को बढ़ावा देने के लिए मैंने कई बार आगे बढ़ कर प्रयास किए। गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान लोगों ने मुझे केरल सरकार का प्रतिनिधि तक बता दिया। केरल में उच्च-शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप हदें पार कर चुका है। वो कम से कम दिखाते भी नहीं कि राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।”

जान दे भतीजे को जिंदगी दे गई बुआ: रेलवे पटरी में फँसा भतीजे का पैर, नहीं निकाल पाई तो उसके ऊपर लेट गई, शरीर के हुए 4 टुकड़े

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे पढ़ने के बाद आपकी आँखों से आँसू निकल आएँगे। यह घटना मुरादाबाद के भैंसिया की है, जहाँ गुरुवार (9 दिसंबर 2021) को तीन साल के बच्चे को उसकी बुआ अपनी जान गँवाकर नया जीवन दे गई। भतीजे की जान बचाने के लिए वह रेलवे पटरी पर लेट गई। इससे भतीजे आरव की जान तो बच गई, लेकिन बुआ के ऊपर से ट्रेन गुजरने से उसके शरीर के चार टुकड़े हो गए।

दरअसल, कुंदरकी थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गाँव की रहने वाली 20 वर्षीय शशिबाला अपनी ममेरी बहन की शादी में पापा के साथ ननिहाल भैंसिया आई थी। गुरुवार शाम को कुआँ पूजन के दौरान शशिबाला पूरे परिवार के साथ मुरादाबाद-लखनऊ रेल लाइन के दूसरी तरफ गई हुई थी।

कुआँ पूजन से लौटते हुए शशिबाला ने देखा कि उसके ममेरे भाई आनंद प्रकाश के तीन साल के बेटे आरव का पैर पुल पर रेलवे लाइन में फँस गया है। इस दौरान उसने बच्चे का पैर निकालने की लाख कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई। उसने देखा कि एक तेज रफ्तार ट्रेन उसी की ओर आ रही है। इसके बावजूद वह बच्चे का पैर निकालने का प्रयास करती रही, लेकिन ट्रेन के काफी पास आने के बाद शशिबाला बच्चे को ट्रैक पर लिटाकर उसके ऊपर लेट गई। इससे ट्रेन उन दोनों के ऊपर से गुजर गई।

इस घटना को देखकर वहाँ मौजूद महिलाओं के होश उड़ गए। उन्होंने ट्रैक पर जाकर देखा तो शशिबाला के शरीर के चार टुकड़े हो गए थे, लेकिन बच्चा सुरक्षित था। इसके बाद से शादी वाले घर में खुशी की जगह मातम पसर गया। कटघर थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद युवती के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, इस घटना में आरव को हल्की चोट आई है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बता दें कि बेटी की मौत के बाद से पिता की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने बताया कि शशिबाला उनकी इकलौती संतान थी। उसकी माँ आशा की 12 साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस समय वह 8 साल की थी। रिश्तेदारों ने उन पर दूसरी शादी करने का दबाव बनाया था, लेकिन बेटी की वजह से उन्होंने मना कर दिया था।

मध्य एशिया के सभी 5 देश बनेंगे गणतंत्र दिवस के अतिथि: रंग लाई सुषमा स्वराज की पुरानी मेहनत, तेज़ हुई चीन को घेरने की प्रक्रिया

गणतंत्र दिवस 2022 के मौके पर भारत ने मध्य एशिया के सभी 5 देशों कजाकस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान को बतौर अतिथि आमंत्रण भेजा है। ये पहली बार है, जब भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर पाँचों मध्य एशियाई देश नई दिल्ली में उपस्थित रहेंगे। इससे पहले 2018 में ASIAN देशों को न्योता भेजा गया गया था। उसके बाद इतनी संख्या में देशों को पहली बार न्योता भेजा गया है। लगभग 3 सप्ताह पहले से ही इस सम्बन्ध में बातचीत चालू हो गई थी।

बता दें कि मध्य एशिया के देशों के साथ भारत का पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध हैं। दोनों की सभ्यताओं के बीच भी जुड़ाव पुराना है। ऐसे में भारत जिस तरह से उनके बीच अपनी पहुँच बना रहा है, उससे चीन ज़रूर परेशान होगा। 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन पाँचों देशों का दौरा किया था, जो भारतीय गणतंत्र के इतिहास में पहली बार था। बता दें कि ये पाँचों ही देश कभी सोवियत यूनियन का हिस्सा हुआ करते थे। सोवियत संघ के विघटन के बाद ये अस्तित्व में आए।

केंद्रीय विदेश मंत्रालय के स्तर पर मध्य एशियाई देशों के साथ बातचीत पहले से होती रही है। 18-19 दिसंबर, 2021 को भारत इन पाँचों देशों के विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली में मेजबानी करेगा। ये इस तरह की तीसरी बैठक होगी। जनवरी 2019 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में ऐसी पहली बैठक हुई थी। तब भारत की केंद्रीय विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज थीं, जिन्होंने उस मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया था। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण ये बैठक वर्चुअल रूप से हुई।

ऊर्जा, आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में मध्य एशिया के विकास के लिए भारत पहले ही 1 बिलियन डॉलर (7571.75 करोड़ रुपए) की ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ की घोषणा कर चुका है। ईरान में चाहबार पोर्ट के निर्माण को भी इन देशों का समर्थन मिला। इस साल जब केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर उज्बेकिस्तान और तजाकिस्तान गए थे, तब अफगानिस्तान का मुद्दा भी बातचीत में हावी रहा था। इससे पहले 2009 में कजाकस्तान गणतंत्र दिवस के मौके पर चीफ गेस्ट था।

2021 के गणतंत्र दिवस समारोह में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को मुख्य अतीतजी बनाया गया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से वो नहीं आ पाए। उससे पहले 2019 में दक्षिण अफ्रीका के सायरिल रमफोसा, 2018 में 10 ASEAN देश, 2017 में UAE मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान, 2016 में फ़्रांस के तब के राष्ट्रपति फ्रांकोइस होलांदे और 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था।