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मुख्तार अंसारी के एक और सहयोगी के अवैध कब्जे पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, सरकारी जमीन से हुआ बेदखल

उत्तर प्रदेश के मऊ में पिछले कुछ दिनों से माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को भीटी बाजार में यूपी जिला प्रशासन ने मुख्तार के करीबी महेन्द्र सिंह के अवैध कब्जे पर कार्रवाई की।

राजस्व विभाग की सूचना के अनुसार, महेंद्र सिंह ने भीटी बाजार में अवैध रूप से सरकारी जगह (गाटा संख्या 985 रकबा 20 वर्ग मीटर अनुमानित लागत 10 लाख रुपए) पर कब्जा किया था, जिसे तहसीलदार सदर द्वारा बेदखल किया जा चुका था। प्रशासन द्वारा सरकारी नाली से अवैध अतिक्रमण हटवाया गया और साथ ही तहसीलदार द्वारा आरोपित से 1000 रुपए दंड शुल्क के तौर पर तत्काल जमा कराए। इसके बाद महेंद्र को चेतावनी दी गई कि अगर सरकारी भूमि पर किसी के द्वारा भी अवैध कब्जा किया जाता है, तो सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी गैंग के सहयोगियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलवाया है। उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ जारी अभियान के तहत 25 सितंबर 2021 को मऊ जिला प्रशासन ने गैंगस्टर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी कोयला माफिया एवं त्रिदेव कंस्ट्रक्शन के मालिक उमेश सिंह का भीटी में 10 करोड़ रुपए की लागत से बना चार मंजिला मकान बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया था। उमेश सिंह, मुन्ना सिंह हत्याकांड का आरोपित है। मऊ प्रशासन इससे पहले भी कई मौके पर उमेश की करोड़ो रुपए की संपत्ति को सीज कर जब्त कर चुका है।

नेहरू की बहन ने घर से भाग जिस मुस्लिम से किया निकाह, उसे ही बनाया भारत का एंबेसडर: रिश्ते तुड़वाने में गाँधी का भी हाथ

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा को भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाने के लिए लंबे समय से सम्मानित किया जा रहा है। वहीं, जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू एक मुस्लिम पत्रकार के साथ अपनी बेटी के निकाह के विरोध में थे। यहाँ तक कि दोनों के रिश्ते को खत्म करने के लिए महात्मा गाँधी ने मोतीलाल नेहरू की मदद की थी।

शीला रेड्डी ने अपनी पुस्तक ‘मिस्टर एंड मिसेज जिन्ना: द मैरिज दैट शुक इंडिया’ में ऐतिहासिक पहलुओं का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने कहा कि मोतीलाल नेहरू द्वारा धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़ना सिर्फ एक दिखावा था। उन्होंने अपनी पुस्तक में बताया कि कैसे वह एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ अपनी बेटी के प्रेम संबंधों के विरोध में थे।

मोतीलाल नेहरू की बड़ी बेटी और जवाहरलाल नेहरू की बहन, ‘नन’ जिन्हें विजया लक्ष्मी पंडित के नाम से भी जाना जाता है। विजया ऑक्सफोर्ड में पढ़े मुस्लिम पत्रकार और एक अंग्रेजी अखबार इंडिपेंडेंट के युवा संपादक स्यूद हुसैन दिल दे बैठी थीं। दोनों एक दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे। जब मोतीलाल नेहरू को उनके अफेयर के बारे में पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि दोनों परिवार वालों से छिप कर निकाह कर चुके थे। इस प्यार की शुरुआत तब हुई थी, जब मोतीलाल ने अपने भव्य निवास आनंद भवन में स्यूद को रहने के लिए आमंत्रित किया था।

बात उन दिनों की है जब नेहरू कथित तौर पर हुसैन की देशभक्ति से काफी प्रभावित हुए थे। वे अपना समाचार पत्र लॉन्च करने के लिए एक संपादक की तलाश कर रहे थे। उन्होंने अपने अंग्रेज मित्र और बॉम्बे क्रॉनिकल के संस्थापक संपादक बीजी हॉर्निमन के कहने पर युवा पत्रकार हुसैन को काम पर रख लिया था। हालाँकि, स्यूद ने इंग्लैंड में पढ़ाई की और वह अपने घर के सबसे लाडले थे। ऐसे में उन्हें इलाहाबाद में रहने ने काफी दिक्कतें आ रही थी। वह यहाँ बीमार हो गए थे, जिसके बाद मोतीलाल नेहरू ने उन्हें आनंद भवन में रहने के लिए आमंत्रित किया था।

जैसे ही हुसैन और विजया ने एक ही छत के नीचे रहना शुरू किया, दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। जब तक मोतीलाल को पता चला कि उनकी बेटी हुसैन से प्यार करती है, तब तक दोनों ने छिपकर निकाह कर लिया था। यह बात मोतीलाल नेहरू को अच्छी नहीं लगी। उन्हें इस रिश्ते से एक ही शिकायत थी कि हुसैन एक मुसलमान थे। हिन्दू-मुस्लिम एकता की कथित मिसाल कायम करने वाले के परिवार के सदस्यों की बात आई, तो उनके लिए इस सच को अपनाना बेहद मुश्किल हो रहा था कि उनकी बेटी एक मुस्लिम व्यक्ति से प्यार करती थी और उसने गुपचुप तरीके से निकाह कर लिया था।

रेड्डी ने अपनी किताब में यह भी लिखा है कि किस तरह से इन दोनों को अपना रिश्ता खत्म करने के लिए मजबूर किया गया था। विजया ने बाद में बताया था कि कैसे हुसैन के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने के लिए उसके परिवार वालों ने उन पर दबाव बनाया था। इसका एक ही कारण था कि वह एक मुस्लिम थे और धर्म से बाहर जाकर शादी करना गलत था।

रेड्डी ने आगे लिखा कि मैंने सोचा कि उस समय जिन लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम की। एक ऐसा परिवार जिसके सबसे अधिक मुस्लिम दोस्त थे। उन्हें अपनी बेटी का धर्म से बाहर जाकर निकाह करना स्वीकार्य होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ वे रूढ़िवादी विचारधारा के थे।

यही नहीं मोतीलाल नेहरू ने अपनी बेटी का रिश्ता खत्म करने के लिए महात्मा गाँधी की भी मदद ली थी। गाँधी ने कथित तौर पर नन से कहा था, “सरूप (शादी से पहले उनका दिया गया नाम), अगर मैं आपकी जगह होता तो मैं खुद को कभी भी स्यूद हुसैन के करीब नहीं आने देता। उसे केवल मित्रता रखने की अनुमति ही देता।” गाँधी ने जवाहर लाल नेहरू की बहन को समझाते हुए कहा था कि मान लीजिए कि स्यूद ने कभी मेरी तारीफ की होती, या मुझसे प्यार का इजहार किया होता, तो मैं कभी भी उसके प्रति आकर्षित नहीं होता। मैं कहता, ”स्यूद, जो आप कह रहे हैं वह सही नहीं है। तुम मुसलमान हो और मैं हिंदू। हमारे लिए यह सब ठीक नहीं है। तुम मेरे भाई हो, लेकिन एक पति के रूप में मैं तुम्हें कभी नहीं स्वीकार सकती।”

अल्लू अर्जुन ने किया वो कारनामा, जो आज तक तीनों खान भी नहीं कर पाए: 5 भाषाओं में इतने लाइक्स वाला पहला ट्रेलर बना ‘पुष्पा’

तेलुगु फिल्मों के बड़े अभिनेता अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’ ने रिलीज से पहले ही कमाल कर दिया है। ये फिल्म तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी – इन पाँच भाषाओं में बनी है। हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज किया गया। इसके साथ ही इसने व्यूज और लाइक्स की झड़ी लगा दी है। पाँचों भाषाओं में 1 लाख से अधिक लाइक्स प्राप्त करने वाला ये पहला भारतीय ट्रेलर बन गया है। ये कारनामा अब तक तीनों खान भी नहीं कर सके हैं, जबकि वो सभी 30 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

बता दें कि इस फिल्म के माध्यम से अल्लू अर्जुन हिंदी बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी तैयारी के साथ कदम रख रहे हैं। खबर लिखे जाने तक तेलुगु में इस फिल्म के ट्रेलर को 1.42 करोड़ लोगों ने देखा है और इस पर 8.17 लाख लाइक्स हैं। वहीं तमिल में इसे 27 लाख लोगों ने देखा है और इस पर 1.38 लाख लाइक्स हैं। कन्नड़ में इस फिल्म के ट्रेलर को 23 लाख लोगों ने देखा है और यहाँ 1.53 लाख लाइक्स हैं। इसी तरह मलयालम में ‘पुष्पा’ के ट्रेलर को 12 लाख व्यूज और 1.07 लाख लाइक्स मिले हैं।

अपनी डब फिल्मों से पहले ही हिंदी दर्शकों के बीच बड़ी पहचान बना चुके अल्लू अर्जुन की फिल्म के ट्रेलर को उत्तर भारत में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, जहाँ ‘पुष्पा’ के ट्रेलर के हिंदी वर्जन को अब तक 17 लाख से अधिक व्यूज और 2.25 लाख लाइक्स मिल चुके हैं। इस तरह भारत की 5 भाषाओं में एक-एक लाख लाइक्स का आँकड़ा पार करने वाली ये पहली फिल्म ट्रेलर बन गई है। ‘Pushpa: The Rise – Part 1‘ नामक ये फिल्म 17 दिसंबर, 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

इस फिल्म का निर्देशन सुकुमार ने किया है, जो ‘आर्या (2004)’, ‘1: Nenokkadine (एक का दम – 2014), ‘नन्नाको प्रेमाथो (फैमिली – एक डील, 2016) और ‘रंगस्थलम (2018)’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। ‘पुष्पा’ में फहाद फासिल और रश्मिका मंदाना भी प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अल्लू अर्जुन ने इसमें एक ट्रक ड्राइवर का किरदार निभाया है और फिल्म जंगल के बैकड्रॉप में बनी है। देवी श्री प्रसाद ने फिल्म का संगीत दिया है। लोगों को उम्मीद है कि बॉक्स ऑफिस पर भी ये फिल्म इतना ही कमाल दिखाएगी।

लड़की से खुदवाई कब्र, फिर मार कर उसे ही कर दिया दफ़न: दोस्त की बर्थडे पार्टी में गई थी

ब्राजील में एक लड़की की हत्या से पहले हत्यारों द्वारा उस से ही कब्र खुदवाई गई। मृतका का नाम अमांडा अल्बाच (Amanda Albach) है जो सांता कटरीना (Santa Catarina) की रहने वाली थी। उसकी लाश समुद्र के किनारे दफन मिली है। हत्या गोली मार कर की गई है। मृतका की उम्र लगभग 21 साल बताई जा रही है। पुलिस ने यह शव शुक्रवार (3 दिसम्बर) को बरामद किया है।

द सन यूके के मुताबिक मृतका अपने दोस्त के बर्थडे पार्टी में गई थी। मृतका पार्टी में लोगों की फोटों खींच रही थी। उस पार्टी में कुछ लोग ड्रग्स के धंधे से भी जुड़े थे। ये बात उन सभी को रास नहीं आई। इसी कारण से उन सभी ने मिल कर अमांडा को बेरहमी से मार डाला। मौत से पहले उन्होंने कब्र भी खुद अमांडा से खोदने को कहा। ‘ जब काफी देर अल्बाच घर नहीं लौटी तो उनके परिजनों के तलाश शुरू की। मृतका के फोन भी बंद आ रहे थे। आख़िरकार उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की।

मृतका के वकील के मुताबिक अमांडा के साथियों ने उसको पार्टी से बाहर जाते हुए देखा था। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। अमांडा के परिजनों ने कहा कि, ‘अमांडा ने 15 नवम्बर को अंतिम आडियो संदेश रात 8.30 पर भेजा था जिसमे उसने जल्द ही घर वापस आ जाने को कहा था। उसके बाद उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाई।’ एक रिश्तेदार ने बताया कि आवाज के हवा का पीछे काफी शोर आ रहा था।

जाँच के दौरान पुलिस ने एक ड्रग्स डीलर को पकड़ा। कुछ ही देर में उसने सच उगल दिया और अमांडा की हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपित ने पुलिस को हत्या में शामिल अपने साथियों के नाम भी बताए। उसने अमांडा को 2 गोलियाँ मारी फिर कब्र में दफना कर हम भाग निकले थे। पुलिस अधिकारी ब्रूनो फर्नांडिस ने बताया कि मृतका फैजेंडा रिओ ग्रैंड की रहने वाली थी। वह पार्टी में अपने कुछ दोस्तों के साथ आई थी। यह जन्मदिन भी उसके ही एक दोस्त का था।

पुलिस के मुताबिक आरोपितों को लगा कि अमांडा ने ड्रग्स तस्करी की बात किसी और को बता दी है। इसके साथ अमांडा ने हाथ में बंदूक लिए एक व्यक्ति की भी फोटों खींची थी। आरोपितों ने इसे पसंद नहीं किया और उन्होंने अमांडा को मारने का फैसला कर लिया। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले अब तक 3 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपितों में 2 पुरुष और एक महिला शामिल है। पुलिस के अनुसार केस की जाँच अभी भी जारी है।

विक्की-कैटरीना की शादी के चलते 7 दिनों तक रोका गया माता मंदिर का रास्ता, शिकायत दर्ज: श्रद्धालुओं को हो रही है परेशानी

बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल और अभिनेत्री कैटरीना कैफ गुरुवार (9 दिसंबर, 2021) को शादी करने वाले हैं। इससे पहले इन दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। सवाई माधोपुर के बरवाड़ा में स्थित ‘होटल सिक्स्थ सेन्स’ किले में इन दोनों की शादी की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। इसी बीच एक अधिवक्ता ने दोनों फ़िल्मी हस्तियों और होटल मैनेजमेंट के खिलाफ ‘डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी’ के समक्ष शिकायत रज कराई है। चौथ माता मंदिर को लेकर ये शिकायत दर्ज हुई है।

बता दें कि मंगलवार से ही विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की शादी के कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। लेकिन, इस दौरान विवाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहे। अधिवक्ता नेत्रबिंद सिंह जादौन ने इस शिकायत में आरोप लगाया है कि चौथ माता मंदिर का रास्ता शादी की तैयारियों के कारण रोक दिया गया है। मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते में ही ये होटल है। होटल ने इस रास्ते को बंद कर दिया है। 6 दिसंबर से लेकर 12 दिसंबर तक इस रोड को ऐसे ही ब्लॉक रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि ये एक ऐतिहासिक मंदिर है, जिसकी प्रतिदिन की आरती में हिस्सा लेने के लिए रोज कई लोग आते हैं। ‘सिक्स्थ सेन्स बरवाड़ा फोर्ट’ होटल ने इसके रास्ते को रोक दिया है। जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन करने जाने में खासी परेशानी हो रही है। उन्होंने जनभावनाओं को देखते हुए रास्ता चालू करने की माँग की है। बता दें कि इस हाई प्रोफ़ाइल शादी में करण जौहर, फराह खान, रोहित शेट्टी और कबीर खान जैसे दिग्गज फिल्म निर्देशक हिस्सा लेने वाले हैं।

वीवीआईपी अतिथियों के लिए 8-10 टेंट्स बुक किए गए हैं, जिनकी एक रात की कीमत 70,000 रुपए है। शिकायत में कहा गया है कि जिले के कलक्टर की निगरानी में चौथ माता मंदिर का रास्ता रोकने का कार्य किया गया है। बता दें कि राजस्थान दौरे में विक्की कौशल और कैटरीना कैफ 1500 फ़ीट की ऊँचाई पर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में भी दर्शन करेंगे। मंगलवार को ‘संगीत’ और बुधवार को ‘मेहंदी’ का कार्यक्रम है। शिकायत को लेकर ‘जिला विधिक सेवा प्राधिकरण’ ने फ़िलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है।

बता दें कि सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा की पर्सनल टीम को विक्की और कैटरीना की शादी में सुरक्षा व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी मिली है। शेरा फिल्म इंडस्ट्री में काफी मशहूर हैं। वह टाइगर सिक्योरिटी सर्विसेज (Tiger Security Services) नाम से अपनी खुद की सिक्योरिटी कंपनी चलाते हैं। कंपनी सिक्स सेंस फोर्ट बड़वारा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी, जहाँ ये शादी होनी वाली है। इसके अलावा राजस्थान पुलिस ने भी जयपुर से करीब 100 बाउंसरों को हायर किया है।

‘मेरी अम्मी बुर्का पहन कर…’: 10 विकेट लेने वाले एजाज पटेल ने बताया न्यूजीलैंड में मुस्लिमों का हाल, मस्जिद हमले पर की बात

हाल ही में मुंबई में हुए टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ एक ही पारी में 10 विकेट लेकर इतिहास रचने वाले न्यूजीलैंड के लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर एजाज पटेल लगातार चर्चा में बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मस्जिद पर हुए हमले को लेकर भी एजाज पटेल ने कुछ अनुभव साझा किए हैं। मार्च 2019 में वो जुमा का दिन था, जब ये खबर आई। एजाज पटेल ने बताया है कि उसके बाद मुस्लिम समुदाय की हालत क्या थी और खासकर उनके मन में क्या चल रहा था।

एजाज पटेल ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “जब आतंकी हमला हुआ तो उसमें स्पष्ट रूप से हमारे मुस्लिम समुदाय पर असर हुआ था। काफी घबराहट वाला मौसम था। जुमा का दिन था। हम नमाज पढ़ कर आए थे घर पर। फिर खबर आई। जिस तरह से हमारे बॉलर्स और प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया दी, और जिस तरह से पूरे समुदाय ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी, उस वजह से मैं बोलता हूँ कि हमें प्यार-मोहब्बात दिया और हमारे पूरे समुदाय को उसमें जोड़ा।”

एजाज पटेल ने आगे बताया, “जैसे मेरी अम्मी अगर घर पर बुर्का पहन कर निकलेगी, तो उसमें कोई समस्या नहीं है। वो बिंदास घूम सकती हैं। कोई कुछ बोलेगा नहीं। जो पड़ोसी हैं, जब आतंकी हमला हुआ था तो हमारा नया घर बन रहा था, उन नए पड़ोसियों ने हमें बुर्के में आते-जाते देखा तो सोचा कि मुस्लिम होंगे। जब हमला हुआ, तब उन्होंने एक पौधा लाकर सीढ़ियों पर रख दिया। जबकि हमलोग वहाँ रहते नहीं थे। उन्होंने हमारे लिए पत्र लिख कर भी रखा कि हम आपके समर्थन में हैं।”

एजाज पटेल ने दावा किया कि जिस तरह से वहाँ लोग मिलजुल कर रहते थे, उनके दिल में ये महसूस होता था कि सब एक समुदाय हैं। बता दें कि एजाज पटेल ने 225 रन देकर मैच में कुल 14 विकेट झटके थे। भारत के खिलाफ टेस्ट मैचों के इतिहास में किसी भी गेंदबाज के लिए ये सर्वश्रेष्ठ आँकड़ा है। हालाँकि, इस मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ मयंक अग्रवाल को मिला, जिन्होंने पहली पार्टी में 150 से अधिक रह बनाए और दूसरी पारी में भी पचासा किया।

बता दें कि क्राइस्टचर्च में मस्जिदों पर जुमे की नमाज के दौरान हमले हुए थे। सिर्फ एक बंदूकधारी ने इस हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 51 लोग मारे गए थे और 40 घायल हुए थे। 28 साल के हत्यारे को मीडिया ने ‘व्हाइट सुप्रेमासिस्ट’ बताया था। उसने गोलीबारी का वीडियो भी फेसबुक पर प्रसारित किया था। ‘अल नूर’ मस्जिद और ‘लीनवुड इस्लामी सेंटर’ में हमले किए गए थे। एक जगह 44 तो दूसरी जगह 7 लोग मारे गए। आरोपित के बारे में बताया गया था कि वो इस्लामी आतंकवाद से क्षुब्ध था।

देश के सभी मुस्लिम करें ‘घर वापसी’, हिंदुओं को सौंप दे मथुरा का ‘सफेद भवन’: योगी सरकार के मंत्री आनंद स्वरूप

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने मुस्लिम समाज से बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिमों को चाहिए कि वे मथुरा (Mathura) का सफेद भवन हिंदुओं को सौंप दे। साथ ही कहा है कि देश के सभी मुस्लिमों की घर वापसी (Ghar Wapsi) होनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को कहा, “मुस्लिम समुदाय को आगे आकर मथुरा में श्रीकृष्ण की जन्मस्थली पर स्थित ‘सफेद भवन’ (मस्जिद) को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अदालत ने अयोध्या मामले का समाधान कर दिया है। लेकिन काशी (वाराणसी) और मथुरा सफेद ढाँचे हिंदुओं को आहत करते हैं। उनका इशारा दोनों जगहों पर इस्लामिक आक्रांताओं द्वारा मंदिर ध्वस्त कर बनाई गई मस्जिद को लेकर था।दो जगहों काशी और मथुरा में बनी मस्जिद को लेकर दिया है।

आनंद स्वरूप ने आगे कहा, “वह समय भी आएगा जब मथुरा में हर हिंदु को आहत करने वाले सफेद ढाँचे को अदालत की मदद से हटा दिया जाएगा। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि भारत के मुसलमानों को यह मानना होगा कि राम और कृष्ण उनके पूर्वज थे और बाबर, अकबर व औरंगजेब आक्रमणकारी थे। इसलिए अपने आप को उनके द्वारा बनाए गए किसी भी भवन से न जोड़ें।” उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को आगे आना चाहिए और मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर में स्थित सफेद भवन को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए। एक समय आएगा, जब ये भवन मुसलमानों द्वारा हिंदुओं को सौंप दिए जाएँगे।

आनंद स्वरूप ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के हिंदू धर्म अपनाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हर मुस्लिम को इसका अनुसरणकरना चाहिए।मुसलमान वसीम रिजवी से कुछ सीखें। उन्होंने कहा, “देश में सभी मुसलमान धर्मांतरित हैं। अगर वे अपना इतिहास देखेंगे तो पाएँगे कि 200 से 250 साल पहले वे हिंदू धर्म से इस्लाम में धर्मांतरित हुए थे। हम चाहेंगे कि उन सभी की ‘घर वापसी’ हो। भारत की मूल संस्कृति ‘हिंदुत्व’ और ‘भारतीयता’ की है जो एक-दूसरे के पूरक हैं।”

शुक्ल ने समाजवादी पार्टी और उसके संस्थापक मुलायम सिंह यादव को हिंदू विरोधी बताते हुए कहा, “उन्होंने अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। अब वहाँ भव्य मंदिर बनाया जा रहा है।”

ख़ुशी से मौत देने वाले ‘सुसाइड कैप्सूल’ को स्विट्जरलैंड सरकार की मंजूरी: ऐसे करता है काम

आपने साई-फाई फिल्मों में देखा ‘असिस्टेड सुसाइड बूथ्स’ के बारे में देखा-सुना होगा, लेकिन स्विट्जरलैंड में अब ये चीज एक वास्तविकता बन सकती है। वहाँ की एक कंपनी ने 3D प्रिंटेड ‘असिस्टेड सुसाइड पॉड’ का निर्माण किया है, जिसे ‘सार्को कैप्सूल’ नाम दिया गया है। स्विट्जरलैंड की सरकार ने इसके प्रयोग के लिए कानूनी अनुमति भी प्रदान कर दी है। हालाँकि, स्विट्जरलैंड में डॉक्टर की मदद से आत्महत्या एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसके रास्ते में कुछ कानूनी अड़चनें भी आती हैं।

इनमें से अधिकतर वो लोग होते हैं, जो असहनीय और असाध्य रोगों से पीड़ित होते हैं। वो अपने जीवन को ख़त्म करने के लिए मेडिकल तकनीकों का सहारा लेते हैं। अब तक सैकड़ों लोग वहाँ पर ऐसा कर चुके हैं। सिर्फ स्विट्जरलैंड ही नहीं, बल्कि बल्जियम, जर्मनी, लग्जमबर्ग और नीदरलैंड्स जैसे यूरोपीय देशों में भी फिजिशियन की मदद से आत्महत्या के लिए कानूनी रास्ता उपलब्ध कराया जाता है। वहीं कुछ अन्य देश ऐसे हैं, जहाँ अन्य प्रकार की तकनीक अपनाई जाती है।

उदाहरण के तौर पर ‘Passive Euthanasia’ को ही ले लीजिए। इसके तहत एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के ‘हित’ में उसकी जान लेने के लिए उसका मेडिकल लाइफ सपोर्ट हटा देता है, जैसे वेंटिलेटर्स इत्यादि। इसी तरह कुछ परिस्थितियों में मरीज अपना इलाज ही बंद करा देते हैं, ताकि उनकी मौत हो जाए। ‘फिजिशियन असिस्टेड सुसाइड’ का मतलब ये हुआ कि कोई व्यक्ति डॉक्टर की मदद से आत्महत्या करे। इसके लिए डॉक्टर ही प्रिस्क्रिप्शन में उसके लिए दवा लिखता है।

ये दवा कोई ऐसा खतरनाक ड्रग्स होता है, जिससे मरीज की मौत हो जाती है। वहीं ‘Euthanasia’ के अंतर्गत एक मेडिकल प्रोफेशनल मरीज के जीवन का अंत करने के लिए ऐसा तरीका अपनाता है, जिसमें दर्द नहीं हो। वहीं जब तरीका ‘पैसिव’ हो जाता है, तब उन दवाओं को ही बंद कर दिया जाता है जिससे मरीज का जीवन बचा रहता है। इसी तरह ‘सार्को सुसाइड कैप्सूल’ भी बनाया गया है, जिसके बारे में ऑस्ट्रेलिया के NGO ‘एग्जिट इंटरनेशनल’ ने बताया है कि ये ‘मन की शांति’ को ध्यान में रख कर बनाया गया है।

बताया गया है कि ये वातावरण को नाइट्रोजन से भर देता है और ऑक्सीजन की मात्रा कम होती चली जाती है – 21% से सीधा 1%। इससे व्यक्ति थोड़ा अलग महसूस करता है और खुश भी रहता है। फिर Hypoxia (ऑक्सीजन की कमी) और Hypocapnia (कार्बन डाइऑक्साइड) की कमी से व्यक्ति की मौत हो जाती है। उससे पहले आदमी बेहोश हो जाता है। अकेले 2020 में स्विट्जरलैंड में 1300 ‘फिजिशियन असिस्टेड आत्महत्याएँ’ हुईं। अब कंपनी आदमी के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक ‘आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI)’ सिस्टम पर काम कर रही है।

शेख हसीना ने माँगा मंत्री मुराद हसन से इस्तीफा: पूर्व PM खालिदा जिया की पोती पर आपत्तिजनक टिप्पणी, ऑडियो क्लिप लीक

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पोती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सूचना राज्य मंत्री मुराद हसन से इस्तीफा माँगा है। हसन पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप के लीक होने के बाद की गई है, जिसमें मंत्री को एक मशहूर अभिनेत्री के खिलाफ अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते, उसे फाइव स्टार होटल में खींचने और बलात्कार करने की धमकी देते हुए सुना गया था।

सत्तारूढ़ आवामी लीग के महासचिव और सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) को मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि सूचना राज्य मंत्री मुराद हसन को मंगलवार सुबह तक इस्तीफा देने के लिए कहें। मैंने उन तक ये संदेश पहुँचा दिया है।’’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑडियो क्लिप एक टेलीफोन बातचीत का है, जो फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। इसमें 47 वर्षीय मुराद की आवाज सुनाई दे रही है, जो अभिनेत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक्ट्रेस माहिया माही ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मुराद के साथ फोन पर वही बात कर रही थीं। उनके मुताबिक, बातचीत का यह ऑडियो क्लिप दो साल पहले का है। सऊदी अरब में हज के लिए गई अभिनेत्री ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) रात फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर कहा कि वह ‘परिस्थितियों का शिकार’ हुई थीं।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने उन्हें अपमानित किया, उसे इसकी सजा मिल गई है। मुराद को सूचना राज्य मंत्री के पद से हटाया जाना ही उसके लिए सबसे बड़ी सजा है। वहीं, मुराद ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

बता दें कि पेशे से डॉक्टर मुराद हसन 2018 के लोकसभा चुनाव में दूसरी बार जमालपुर-4 से सांसद चुने गए थे। शुरुआत में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया था, लेकिन चार महीने बाद यानी मई 2019 में उन्हें सूचना मंत्रालय विभाग दे दिया गया था।

फेसबुक से रोहिंग्या मुस्लिमों ने माँगे ₹11 लाख करोड़, ‘म्यांमार में नरसंहार’ के लिए कंपनी पर ठोका केस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के ख़िलाफ़ रोहिंग्या शर्णार्थियों ने 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का मुकदमा ठोका है। UK और अमेरिका में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों ने हेट स्पीच फैलाने का आरोप लगाते हुए फेसबुक से $150bn यानी 11 लाख 30 हजार करोड़ रुपए के मुआवजे की माँग की हैं।

केस में दावा किया गया है कि फेसबुक की लापरवाही ने ही म्यामांर में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा को भड़काया और नरसंहार मुमकिन हुआ। आरोप है कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदन ने घटनाओं के दौरान हेट स्पीच का काफी प्रसार किया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि नफरत, बंटवारे और गलत सूचनाओं से प्रेरित फेसबुक के बढ़ावे ने लाखों रोहिंग्याओं के जीवन को तबाह कर दिया है।

बता दें कि साल 2018 में खुद फेसबुक ने भी इस मामले के संबंध में स्वीकार किया था कि उसने रोहिंग्याओं के खिलाफ हिंसा और हेट स्पीच को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। फेसबुक द्वारा कमीशन की गई एक स्वतंत्र रिपोर्ट के बाद ये बात सामने आई थी कि उसके (फेसबुक) प्लेटफॉर्म ने मानवाधिकारों के दुरुपयोग के प्रसार के लिए एक ‘सक्षम वातावरण’ बनाया था।

मौजूदा जानकारी के मुताबिक साल 2017 में भड़की हिंसा में एक सैन्य कार्रवाई के दौरान करीब 10,000 मुसलमान मारे गए थे और लाखों ने अलग-अलग देशों में शरण ले ली थी। इसी नरसंहार को लेकर रोहिंग्या शर्णार्थी अब मुआवजा माँग रहे हैं। उन्होंने फेसबुक और अब मेटा नाम से जाने जानी वाली कंपनी पर सालों से नफरत और खतरनाक गलत सूचना प्रसारित करने का आरोप लगाया है। अमेरिका में भी वकीलों ने सैन फ्रांसिस्को में फ़ेसबुक के ख़िलाफ़ क़ानूनी शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में कहा गया है कि फ़ेसबुक “दक्षिण-पूर्व एशिया के एक छोटे से देश में बेहतर बाज़ार हासिल करने के लिए, रोहिंग्या लोगों की ज़िदंगी को दाँव पर लगाने को तैयार है।”