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जयपुर में छात्राओं को गंदे मैसेज भेजने का मामला: पीड़ित और गवाह नदारद, परिवादी नहीं चाहते कोई कार्रवाई – कोर्ट ने स्वीकारा नकारात्मक प्रतिवेदन

अपडेट: जयपुर जिला एवं सेशन न्यायालय में सेंट जेवियर्स स्कूल के टीचर निखिल जोस का केस चला। छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने का जो आरोप इस शिक्षक पर लगाया गया था, वो पुलिस अनुसंधान में सही नहीं पाया गया। आरोप लगाने वाले परिवादी ने भी कोर्ट के समक्ष माना कि इस मामले में अब वो कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। कोर्ट ने इस मामले में नकारात्मक प्रतिवेदन स्वीकार कर लिया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक नामचीन स्कूल के टीचर को पुलिस ने छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में एनसीसी टीचर है। उसका नाम निखिल जोस है। टीचर जोस इंस्टाग्राम के जरिए स्कूल की छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजता था। एक छात्रा को अश्लील मैसेज भेज होटल में मिलने के लिए बुलाया। इनकार करने पर उसके फोटो शेयर कर धमका रहा था।

टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

बताया जा रहा है कि 10 से अधिक छात्राओं को आरोपित टीचर ने अश्लील मैसेज भेजे थे। जब इसकी जानकारी पूर्व स्टूडेंट्स को हुई तो उन्होंने आरोपित टीचर को सबक सिखाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू किया। इसके बाद टीचर को पुलिस ने अशोक नगर थाने में मिली एक संस्था की तरफ से शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपित टीचर के अश्लील मैसेज सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे हैं।

टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

अशोक नगर थानाधिकारी सुरेन्द्र सैनी के अनुसार टीचर निखिल जोस के गिरफ्तारी के बाद जब उसका मोबाइल चेक किया गया तो कुछ छात्रों को अश्लील मैसेज भेजने के सबूत मिले। शुरुआती जाँच में पता चला है कि स्कूल में ऑनलाइन क्लास के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। शिक्षक ग्रुप से ही स्टूडेंट के नंबर लेकर प्राइवेट चैटिंग करने लगा। शुरुआत में स्टूडेंट ने रिस्पॉन्स नहीं दिया। शिक्षक ने बाद में शराब पीने के लिए होटल में मिलने का ऑफर दिया। स्कूल की कई गर्ल्स स्टूडेंट्स को भी रात 10 बजे के आसपास अश्लील मैसेज भेजे। उन्हें स्कूल से बाहर होमवर्क के बहाने मिलने के लिए बुलाया। स्कूल की एक स्टूडेंट ने 27 मिनट 31 सेकेंड का एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था।

टीचर द्वारा छात्रा को भेजा गया अश्लील मैसेज (साभार: सोशल मीडिया)

वहीं निखिल ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी किसी ने हैक की है और उसने यह मैसेज नहीं किए हैं। इसके साथ ही निखिल ने कहा कि उसे एक दिन ही पहले पता लगा था कि उसकी इंस्टाग्राम आईडी से अश्लील मैसेज भेजे गए हैं।

मामले में स्कूल के वाइस प्रिंसिपल बीजू एमजी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी तक उनके पास इस मामले में शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जाँच करवाई जाएगी।

16 जगह रेड, 2 आतंकी ढेर, 700 लोग हिरासत में: J&K में जारी है ताबड़तोड़ कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ चल रही कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को ढेर करना शुरू कर दिया है। आज (अक्टूबर 11, 2021) सुबह-सुबह दो आतंकियों के मारे जाने की खबर आई। एक को अनंतनाग जिले के वेरीनाग इलाके में मारा गया और दूसरे को बांदीपोरा के शाहगुंड में खत्म किया गया। इसके अलावा, हालिया घटनाओं के मद्देनजर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी भी घाटी में ताबड़तोड़ रेड मार रही है। एक जिहादी मैग्जीन के पीछे ISIS टीम के हाथ को देखते हुए और IED बरामदगी मामले में उन्होंने 3 को गिरफ्तार कर लिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार देर रात हुई मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकी को मारा गया है। अभियान में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। कश्मीर जोन की पुलिस ने बताया कि आतंकियों के विरुद्ध ऑपरेशन अभी जारी है।

अनंतनाग के बाद बांदीपोरा में भी मुठभेड़ शुरू हो गई है। पुलिस ने बताया कि आज सुबह बांदीपोरा के हाजिन में मुठभेड़ शुरू हुई जिसमें एक आतंकी को मारा गया। इसकी पहचान इम्तियाज अहमद डार के रूप में हुई है। वो प्रतिबंधित आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट से जुड़ा था, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मोर्चा है। डार बांदीपोरा के शाहगुंड में हाल ही में नागरिकों की हत्या में शामिल था।

ISIS टीम द्वारा चलाई जा रही जिहादी मैग्जीन- वॉयस ऑफ हिंद, 3 गिरफ्तार

बता दें कि एक ओर जहाँ सुरक्षाबल लगातार आतंकियों के विरुद्ध अपने ऑपरेशन चलाकर उन्हें ढेर करने का काम कर रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में ऑनलाइन मैग्जीन वॉयस ऑफ हिंद चलाने वाली आईएसआईएस टीम की खोज में तमाम जगह छापेमारी की। सीआरपीएफ की मदद से केंद्र शासित प्रदेश की कई जगहों पर तलाशी ली गई। ये छापे श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम और बारामूला में मारे गए।

कुल 16 जगहों पर छापेमारी हुई और 3 ISIS से जुड़े लोग अछवल और अनंतनाग से पकड़े गए। इनकी पहचान उमर निसार, तनवीर अहमद भट्ट और रमीज लोन के तौर पर हुई है। तीनों NIA की हिरासत में है। इनमें उमर निसार पर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को प्रेरित किया और ISIS/ISJK के लिए आतंकियों की भर्ती की।

सूत्रों ने बताया कि उमर के अफगानिस्तान आधारित ISIS से भी लिंक थे। वह भारत में आईएसआईएस आतंकवादियों और अफगान-पाक क्षेत्र में सक्रिय आईएसआईएस संचालकों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी 2020 से ISIS हर माह एक मैग्जीन वॉयस ऑफ हिंद पब्लिश करता था। इसे एक कॉम्प्लेक्स नेटवर्क के माध्यम से चलाया जाता था जिसमें नकली ऑनलाइन संस्थानएँ शामिल थीं और इन्होंने वीपीएन की मदद से अपनी असली पहचान छिपाई हुई थी। जाँच में भारतीय मोबाइल नंबर और फर्जी खातों के बीच लिंक मिले। अब एनआईए ने छापे मारते हुए डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, एसडी कार्ड आदि को जब्त कर लिया है।

J&K में 700 लोग हिरासत में

उल्लेखनीय है कि केंद्र शासित प्रदेश में पिछले हफ्ते गैर मुस्लिमों की हत्याओं के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्रीनगर से 70 युवकों को पकड़ा है जबकि पूरे प्रदेश से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 700 तक पहुँच गई हैं। ये कार्रवाई कुछ ही दिनों में की गई है। सुरक्षाबल लगातार इन हत्याओं के पीछे आतंकियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। रविवार भी कुछ गिरफ्तारी हुई हैं। उन सबके ख़िलाफ़ एक्शन लिया जा रहा है जिनके प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष आतंकियों या उनके संगठनों से लिंक हैं।

कश्मीर घाटी में पिछले दिनों आतंकियों ने 5 दिन में 7 लोगों की हत्या की थी। इनमें दो शिक्षक भी थे जिनकी आईडी देखने के बाद उन्हें मारा गया और बाकी के जितने मुस्लिम शिक्षक थे उन्हें छोड़ दिया गया। इन घटनाओं ने घाटी के लोगों में डर भर दिया था इसी कारण प्रशासन ने इन्हें राहत देने के लिए 10 दिन की आधिकारिक छुट्टी का ऐलान किया और आतंकियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को रफ्तार दी।

निकाह का झाँसा दे मदरसे की छात्रा से मौलवी ने रेप किया, जबरन गर्भपात कराया: मामला खुलते ही हुआ फरार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से निकाह का झाँसा दे मदरसे की छात्रा से रेप करने और बाद में उसका गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। आरोपित मदरसे का ही मौलवी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बरेली के बहेड़ी की एक छात्रा 4 साल पहले शीशगढ़ थानाक्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ने गई थी। उसी मदरसे में उबैश हाफिज़ नाम का उसका सहपाठी भी था जो बाद में मौलवी बन कर उसी मदरसे में पढ़ाने लगा।

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार कुछ समय बाद मौलवी उबैश हाफ़िज़ से छात्रा का प्रेम-प्रसंग हो गया। आरोप है कि इसी बीच निकाह का झाँसा झांसा दे कर मौलवी ने छात्रा के साथ कई बार दुष्कर्म किया। छात्रा जब भी निकाह की बात करती, मौलवी उबैश हाफ़िज़ कुछ समय और इंतज़ार करने की बात कह टालता देता।

कुछ समय बाद छात्रा गर्भवती हुई तो आरोपित मौलवी ने उस पर दबाव बना कर गर्भपात करवा दिया। इस बीच पीड़िता अपने परिजनों के साथ मौलवी के घर गई तो उसे जान से मार देने की धमकी देते हुए भगा दिया गया। इस मामले में ऑप इंडिया ने थाना प्रभारी शीशगढ़ से बात की। उन्होंने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपित मदरसा शिक्षक के विरुद्ध धारा 356, 376, 313, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद से आरोपित फरार है। उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि जुलाई में केरल के कासरगोड जिले की नीलेश्वर पुलिस ने 50 वर्षीय एक मदरसा शिक्षक को गिरफ्तार किया था। वह अपनी ही 16 वर्षीय बेटी के साथ पिछले दो वर्षों से बार-बार रेप और यौन शोषण कर रहा था। इतना ही नहीं उस पर दूसरे लोगों से भी बेटी का रेप करवाने का आरोप लगा था।

हाल ही में कर्नाटक के तुमकुरु जिले में 6 साल पहले नाबालिग लड़के से अप्राकृतिक यौनाचार करने के दोषी पाए गए मुफ्ती मुशर्रफ को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने 11 साल जेल की सजा सुनाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश का रहने वाला मुशर्रफ तुमकुरु में अमलापुर के पास एक मदरसे में शिक्षक था। उसने 17 अप्रैल, 2015 को मदरसे में एक नाबालिग बच्चे के साथ कुकर्म किया था। यह घटना तब सबके सामने आई, जब नाबालिग की माँ मदरसे में उससे मिलने गई। 13 वर्षीय बच्चे ने उस समय अपनी माँ को मुशर्रफ की करतूत के बारे में बताया और उसे मदरसे से वापस ले जाने के लिए कहा।

इस्लामिक शरिया कानून पाकिस्तान में लागू करने की तरफ इमरान ने बढ़ाया कदम, ‘रहमतुल लील आलमीन अथॉरिटी’ का किया गठन

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के पहले और बाद से उसके जबरा फैन बने पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान तालिबानी तरीके से ही देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने पहला कदम भी बढ़ा दिया है। रविवार को इमरान खान ने ‘रहमतुल लील आलमीन अथॉरिटी’ का गठन का ऐलान किया।

इमरान खान ने इसका उद्देश्य भी स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि इस अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की शिक्षा प्रणाली को शरिया कानून के मुताबिक बनाना है। इस फैसले से उन्होंने अपने मंसूबों को साफ कर दिया है कि वो देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। इमरान खान सरकार के इस फैसले को लेकर कहा जा रहा है कि खान ने पाकिस्तान में भी औपचारिक तरीके से तालिबानी कानून की नींव रख दिया है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि यह विभाग रिसर्च करेगा कि कोई पैगंबर के जीवन से कैसे सीख सकता है। इस्लामाबाद में ‘अशरा-ए-रहमत-उल-लिल-अलामिन’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नई अथॉरिटी उन विद्वानों को मिलाकर बनेगी, जिन्हें इस बात पर शोध करने का काम सौंपा जाएगा कि बच्चों और वयस्कों के बीच पैगंबर की शिक्षाओं को कैसे फैलाया जाए और इसे उनके जीवन के लिए प्रासंगिक बनाया जाए।

उन्होंने आगे कहा, “मैं खुद मेंटर बनूँगा, लेकिन हमने एक ऐसे व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है जिसने तफ़सीर की किताबें लिखी हों, जिसका [धर्म पर] पकड़ हो और एक विद्वान हो। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “उनके ऊपर एक अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड होगा, जिस पर हम मुस्लिम दुनिया के शीर्ष विद्वानों को लाएँगे – हमने कई नाम देखे हैं और उनसे संपर्क भी कर रहे हैं।”

पाक पीएम ने कहा कि इस्लाम शांति और मानवता का धर्म है और पश्चिम इसे नहीं समझता है। इसलिए अथॉरिटी के पास दुनिया के समक्ष इस्लाम की व्याख्या करने का भी कार्य होगा। उन्होंने आगे कहा, “जब वे दुनिया को पैगंबर के जीवन के बारे में बताएँगे, तब लोग समझेंगे कि इस्लाम मानवता का धर्म है।” पीएम खान ने कहा कि हिंदू और सिख धर्म के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।

कार्टून पर वार

प्रधानमंत्री ने कार्टून के महत्व पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में बच्चों को दिखाए जा रहे कार्टून ‘शिक्षा और विदेशी संस्कृति का एक रूप’ है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम उन्हें रोक नहीं सकते, लेकिन हमें अपने बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में सिखाने के लिए अपने कार्टून बनाने चाहिए।”

गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने शरिया कानून का पालन करने का ऐलान किया था। इसको लेकर काबुल की एक मस्जिद से घोषणा की गई थी, जिसमें कहा गया था कि जो लोग चोरी करते हुए या चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, उनके हाथ इस्लाम के शरिया कानून के अनुसार काट दिए जाएँगे।

J&K में लश्कर-टीआरएफ के 900 से अधिक समर्थक गिरफ्तार, गैर-मुस्लिमों की टारगेट किलिंग के बाद सुरक्षाबलों ने की बड़ी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल बद्र और टीआरएफ व रेजिस्टेंस फ्रंट के 900 से अधिक ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में हिरासत में लिए गए संदिग्धों से विभिन्न एजेंसियाँ पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियाँ जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की टारगेट किलिंग के पीछे के उद्देश्य और वर्किंग मॉडल को समझने और उनकी कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

सीएनएन न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कश्मीर में आतंकियों द्वारा अल्पसंख्यक नागरिकों पर किए गए हमले के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है और एजेंसियाँ जानना चाह रही है कि आतंकी जम्मू-कश्मीर के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को ही क्यों निशाना बना रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि टीआरएफ के ओवर ग्राउंड वर्कर हाल ही में मुख्य कैडर के रूप में सामने आए हैं और टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि टीआरएफ पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रंट है। गौरतलब है कि ओवर ग्राउंड वर्कर उन लोगों को कहा जाता है, जो आतंकियों को मदद उपलब्ध कराते हैं। इनमें रहने के लिए घर से लेकर लॉजिस्टिक तक शामिल हैं।

सीएनन न्यूज18 ने विश्वस्त सूत्र के हवाले से लिखा है, “हम हिंसा के पैटर्न में बदलाव देख सकते हैं। वे एक बहुत ही खास संदेश देना चाहते हैं कि गैर-मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इन आतंकी समूहों को नए डोमिसाइल एक्ट और नई चुनावी प्रक्रिया से दिक्कत है। ये बहुत आसान टारगेट होते हैं। वे वही हैं जो समाज में और कश्मीर के लिए काम कर रहे हैं।”

इसके पहले खबर आई थी कि जम्मू-कश्मीर में 570 लोग पकड़े गए हैं। खबर में बताया गया था कि NIA आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ अपनी स्ट्रैटेजी के तहत 15-16 स्थानों पर छापेमारी की। इसके अलावा घाटी के 40 शिक्षकों को पूछताछ के लिए समन किया गया।

गौरतलब है कि घाटी में कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरू और स्ट्रीट वेंडर वीरंजन पासवान की हत्या के बाद श्रीनगर के एक स्कूल के दो शिक्षकों की आईडी कार्ड चेक करने के बाद गैर-मुस्लिम पाए जाने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेवारी टीआरएफ ने ली थी।

इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव अजय भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख अरविंद कुमार, बीएसएफ के महानिदेशक पंकज सिंह और सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में उन्होंने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।

‘ऑनलाइन यौन प्रताड़ना, आपत्तिजनक ट्रेंड्स चलाए’: स्वरा भास्कर ने यूट्यूबर एल्विस यादव के खिलाफ दर्ज कराई FIR

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने यूट्यूबर एल्विस यादव के खिलाफ दिल्ली पुलिस के समक्ष FIR दर्ज करवाते हुए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एल्विस यादव ने उनकी एक फिल्म के दृश्य को लेकर उनके खिलाफ आपत्तिजनक हैशटैग ट्रेंड कराए। FIR में IPC की धारा-354D (पीछा करना) और धारा-509 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन उत्पीड़न) जैसे आरोप हैं।

इसके अलावा IT एक्ट की धारा-67 (आपत्तिजनक सामग्रियों के जरिए किसी को ऑनलाइन प्रताड़ित करना) भी जोड़ी गई है। बता दें कि स्वरा भास्कर ने एक ट्रेंड को आपत्तिजनक बताया था, जिसमें उनका भी नाम था। एल्विस यादव सहित अन्य लोगों द्वारा चलाए जा रहे उस ट्रेंड के बारे में उन्होंने कहा था कि ये ‘साइबर यौन शोषण’ है। उन्होंने कहा था कि उनकी तरह कई महिलाओं को ये रोज झेलना होता है।

हाल ही में एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने दावा किया था कि इंटरनेट पर अगर कोई बॉलीवुड हस्ती सबसे ज्यादा घृणा का शिकार होती है तो वो वही हैं। उन्होंने अपने खिलाफ नफरत फैलाए जाने का आरोप लगाते हुए ट्रोलिंग पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि ऑनलाइन हेटर्स उन्हें निशाना बना कर अभियान चलाते हैं। उन्होंने कहा, “ट्रोलर्स चाहते हैं कि मैं सोशल मीडिया पर डर कर रहूँ।”

‘अतीक होता तो बुलडोजर चलवा देते’: लखीमपुर खीरी की घटना को ओवैसी ने दिया हिंदू-मुस्लिम का रंग, कहा – ‘…अब्बाजान को हटाओ’

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर विपक्ष लगातार राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का काम कर रहा है। राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के सियासी ड्रामे के बाद अब आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसमें एँट्री मारी है। ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि आशीष मिश्रा को पुलिस कस्टडी में 8-8 बार नाश्ता कराया जा रहा है। उन्होंने ये बयान बलरामपुर में एक जनसभा के दौैरान दिया।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अब्बाजान वाले बयान के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मारने वाले के पिता अजय मिश्रा को मोदी जी पद से क्यों नहीं हटा रहे हैं। आशीष के अब्बाजान को क्यों नहीं हटाते हैं।

अतीक अहमद को लेकर छलका दर्द

सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि योगीजी अब्बाजान का नाम अजय है, अगर इसकी जगह अतीक होता तो अब तक आप उसके घर पर बुलडोजर चलवा दिए होते। इससे मामले में आप क्यों चुप हैं ये जनता जानना चाहती है। ओवैसी ने ये भी दावा किया कि यूपी में अब तक जितनी भी सरकारें आईं, उनके लिए मुस्लिमों की कोई अहमियत नहीं रही। मुस्लिमों को अपनी ताकत दिखानी है तो मजलिस को वोट करना ही पड़ेगा। उन्होंने मुस्लिमों से एकजुट होने की अपील की।

ओवैसी ने दावा किया कि लखीमपुर खीरी जैसी बड़ी घटनाएँ बिना ऊपर के आदेश के नहीं हो सकती हैं। आशीष मिश्रा को लेकर ओवैसी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि अपनी ससुराल में गया था। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर आशीष को बचाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

मजलिस ही मुस्लिमों के लिए एकमात्र विकल्प

असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में 27 फीसदी मुस्लिमों को बंद कर दिया गया है। अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक अनवर हाशमी के लिए अखिलेश यादव नहीं बोल रहे हैं। यूपी में हर समाज का नेता है, लेकिन मुस्लिमों के पास कोई नेता ही नहीं है। मजलिस ही आपके लिए एकमात्र विकल्प शेष है।

पहले उखाड़ फेंका था ध्वज, अब कवर्धा के पंडालों में भगवा लगा रहे मुस्लिम, 1000 के खिलाफ FIR दर्ज: पूर्व CM रमन सिंह भी पहुँचे

कवर्धा में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिन्दुओं की पिटाई और भगवा ध्वज जबरन उतार कर फेंक के उसे अपमानित करने का मामला ठंडा होता नहीं दिख रहा है। शहर में पिछले एक सप्ताह से तनाव का माहौल है। शनिवार (9 सितंबर, 2021) को 4 घंटों के लिए बाजार खुले। इंटरनेट सेवाएँ बहाल हो गई हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग अब दुर्गा पूजा पंडालों में पहुँच रहे हैं। इधर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह भी कवर्धा पहुँचे हैं।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, मुस्लिमों ने शहर के सबसे पुराने दुर्गा पूजा पंडाल में पहुँच कर भगवा झंडे लगाए और तोरण बाँधा। झंडे के कारण ही शहर में हिंसा भड़की थी। धारा-144 लगे जाने के बावजूद हिंदुओं का आक्रोश नहीं थमा, क्योंकि उनका आरोप है कि पुलिस ने भी उलटा हिंदू युवकों की ही पिटाई की। हिंदू संगठनों ने रैलियाँ की और विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्फ्यू तक लगाना पड़ा था।

यहाँ तक कि राजनांदगाँव और बेमेतरा तक की इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई थीं। पंडरिया नगर क्षेत्र में मुस्लिमों ने पुराने बस स्टैंड स्थित दुर्गा पूजा पंडाल श्री पुष्पांजलि दुर्गा उत्सव समिति पहुँच कर हिंदुओं को नवरात्रि की बधाई दी। उनके साथ बच्चे भी थे। कुछ सिख समुदाय के लोग भी वहाँ जुटे। कवर्धा की सीमाओं को सील कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर बंदिश लगा दी गई है और हर मोहल्ले में 9-9 लोगों की एक शांति समिति बनाई गई है।

अशान्ति फैलाने के आरोप में कुल 1000 लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज की है। इसमें 171 लोगों को चिह्नित कर लिया गया है और 93 की गिरफ़्तारी भी हुई है। पुलिस ने सोशल मीडिया से कुछ वीडियो भी हटवाए हैं। साथ ही लोगों से डिजिटल तथ्य माँगे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई हो रही है। सत्ताधारी कॉन्ग्रेस के नेता इसे भाजपा की साजिश बता रहे हैं। हालाँकि, मंत्री रवींद्र चौबे ने शुरुआत में प्रशासनिक चूक की बात स्वीकार की है।

उधर भाजपा नेता और 15 वर्षों तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह ने कवर्धा पहुँच कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जिस इलाके को ‘शांति का टापू’ कहा जाता है, वहाँ बहुसंख्यक समाज के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई हुई है। वो इस हिंसा के घायलों और जेल में बंद लोगों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम इस स्थिति में यूपी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। रमन सिंह ने इस घटना की न्यायिक जाँच की माँग की।

हाल ही में खबर आई थी कि कवर्धा में जहाँ मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू झंडे को उखाड़ के फेंक दिया था, वहाँ हिन्दू समाज ने फिर से भगवा महावीरी ध्वज स्थापित कर दिया है। बताते चलें कि जब हिन्दू ध्वज उखाड़ के फेंका जा रहा था और भीड़ उसका अपमान कर रही थी, तब वहाँ कुछ पुलिसकर्मी भी तमाशबीन बन कर खड़े थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस पर उपद्रवियों को बचाने के लिए कानून-व्यवस्था के इस्तेमाल के आरोप लगाए।

‘न ठीक से खा-पी रहे हैं, न सो रहे हैं’: करीबी ने बताया- बेटे आर्यन की गिरफ़्तारी से टूट गए हैं शाहरुख खान, शूट भी रोके

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा ड्रग्स मामले में आर्यन खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की हालात का खुलासा उनके करीबियों ने किया है। आर्यन के गिरफ्तार होने से शाहरुख खान बेहद परेशान हैं और वह ना तो ठीक से खा रहे हैं और सो पा रहे हैं। उन्होंने अजय देवगन के साथ होने वाली ऐड की शूटिंग भी रोक दी है।

कोईमोई की रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान के एक करीबी मित्र ने बताया कि बाहर से वह शांत हैं, लेकिन अपने दुख और गुस्से को जाहिर नहीं कर पाने के कारण वे अंदर ही अंदर घुट रहे हैं। उसने बताया, “ना ही वो ढंग से खा रहे हैं और ना ही सो रहे हैं। वैसे भी वो कुछ ही घंटे सोते हैं, लेकिन अब वो भी खत्म हो गया।”

कोईमोई की रिपोर्ट में शाहरुख खान के साथ काम कर चुके एक फिल्ममेकर के हवाले से कहा गया, “क्या किंग खान? आखिर में वो बस एक टूटे हुए असहाय पिता हैं।” दरअसल, गिरफ्तारी के बाद वह अपने बेटे से केवल 2 मिनट ही बात कर सके हैं। वो भी एनसीबी से उन्हें विशेष अनुमति लेनी पड़ी थी।

इस मामले में धूपाश्वनी नाम के एक ट्विटर यूजर ने सवाल किया था कि बीते 30 वर्षों में शाहरुख खान के साथ काम कर चुके कितने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर्स सपोर्ट में उनके साथ खड़े हैं? इस पर जवाब देते हुए कंपोजर विशाल डडलानी ने ड्रग्स मामले में पकड़े गए आर्यन खान का सपोर्ट किया। उन्होंने लिखा, “अगर संगीतकार मायने रखते हैं तो मैं हूँ। SRK और उनके परिवार को एक स्मोकस्क्रीन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अदाणी बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम तालिबानी-ड्रग्स की खेप और भाजपा सदस्य/विधायक के बेटे द्वारा किसानों की हत्या से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें सॉफ्ट टारगेट के रूप में किया जा रहा है।”

इस ट्वीट के जरिए विशाल डडलानी ने सीधे तौर पर बीजेपी को घेरने की कोशिश की है। परोक्ष रूप से उन्होंने बीजेपी पर आर्यन खान को फंसाने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बहरहाल, आर्यन खान ने सेशंस कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट सोमवार (11 अक्टूबर) सुनवाई करेगा।

‘किसानों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा आर्यन खान का इस्तेमाल’: SRK के समर्थन में विशाल डडलानी और अली फजल

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में अपने बेटे आर्यन खान के गिरफ्तार होने के बाद से सुर्खियों में हैं। राज बब्बर, शेखर सुमन, तापसी पन्नू, ऋतिक रोशन सहित कई फिल्मी सितारे किंग खान के परिवार के समर्थन में उतर आए हैं। इसी बीच ‘इंडियन आइडल 12’ को जज कर रहे संगीतकार विशाल डडलानी और अभिनेता अली फजल भी शाहरुख की फैमिली के बचाव में उतर आए हैं।

विशाल ने ट्वीट किया, “अगर म्यूजिक कंपोजर्स की गिनती हो रही है तो मैं हूँ। अडानी बंदरगाह पर 3,000 किग्रा तालिबानी ड्रग्स की खेप से ध्यान भटकाने के लिए और भाजपा नेता के बेटे द्वारा किसानों की हत्या से ध्यान भटकाने के लिए शाहरुख और उनके परिवार को एक स्मोकस्क्रीन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।”

पिंक फ़्लॉइड के फेमस गाने का संदर्भ देते हुए अभिनेता अली फजल ने लिखा, “बाय’जू… वॉल में एक और ब्रीक्स, आज मेरे हेडफोन में बहुत जोर से बज रहा है।” गाने के बोल हैं, “हमें शिक्षा की जरूरत नहीं है।” उनके ट्वीट को उनकी गर्लफ्रेंड ऋचा चड्ढा ने रीट्वीट किया है।

मालूम हो कि विशाल डडलानी इससे पहले अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार भी कर चुके हैं। पिछले साल जनवरी में दिल्ली के रमेश नगर के रोड शो में डडलानी ने केजरीवाल की पार्टी लिए प्रचार किया था।

गौरतलब है कि क्रूज ड्रग्स मामले में गिरफ्तार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की शुक्रवार (8 अक्टूबर 2021) को किला कोर्ट ने जमानत की अर्ज़ी खारिज कर दी थी। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरएम नेर्लिकर ने दो अन्‍य आरोपितों अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा की जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। वहीं, आर्यन की वजह से उनके अब्बा शाहरुख खान को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी बायजू (Byju) के एड-टेक चीफ ने शाहरुख के सभी विज्ञापनों पर रोक लगा दी है।