जहाँ एक तरफ पूरा देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे वामपंथी हैं जो सोशल मीडिया पर ‘ये आज़ादी झूठी है’ का ट्रेंड चला रहे हैं। ‘बहुजन एकता’ की बातें करते हुए वो खुद को दलितों का ठेकेदार समझ रहे हैं और आज़ादी को झूठी बता कर स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक बना रहे हैं। साथ ही वो इस स्वतंत्रता की रक्षा करने वाले हमारे सुरक्षा बलों का भी अपमान कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा, “ये आज़ादी झूठी है, देश की जनता भूखी है।” साथ ही उसने एक पुरानी तस्वीर शेयर कर के मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की।
इस ट्विटर ट्रेंड की आड़ में ब्राह्मणों को भी गाली दी गई और वामपंथियों ने लिखा कि 15 अगस्त, 1947 को 15% ब्राह्मण आज़ाद हो गए, वहीं बाकी जनता गुलाम ही रही। एक यूजर ने लिखा कि ‘ब्राह्मण नेहरू’ पहले प्रधानमंत्री बिना चुनाव के ही बन गए और चुनाव बाद भी सत्ता पर सिर्फ ब्राह्मण ही काबिज रहे।
वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ये तो सिर्फ ‘ट्रांसफर ऑफ पॉवर’ था, ये आज़ादी थोड़े है। साथ ही दावा किया कि इसके लिए लंदन में बिल पास हुआ था, इसीलिए भारत आज़ाद नहीं है।
This is clearly written in the bill passed in the Parliament of London at 12:00 midnight on 14 August 1947.
कइयों ने तो बाबासाहब भीमराव आंबेडकर का नाम भी इसमें घसीट लिया और उनका नाम लेकर ‘ये आज़ादी झूठी है’ का ट्रेंड चलाया। साथ ही कुछ ने ‘उच्च जाति के लोगों द्वारा दलितों पर अत्याचार’ का दावा करते हुए कुछ खबरें शेयर की और ये ट्रेंड चलाया।
बताते चलें कि पूरे देश में आज रविवार (15 अगस्त, 2021) को स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहाँ दिल्ली के लाल किला पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया, वहीं जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मनाया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सभी राज्यों की राजधानियों में मुख्यमंत्रियों ने ध्वजारोहण किया।
अफगानिस्तान में तालिबान ने लगभग कब्जा कर लिया है। वह काबुल से कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में कई वहाँ से अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इन सबके बीच अफगानिस्तान में पाकिस्तानी दूतावास भी आगे आया है। उसने अपने नागरिकों के साथ-साथ अफगान और अन्य नागरिकों को कांसुलर सेवाओं की पेशकश की है। इसको लेकर अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान ने ट्वीट किया है।
Pakistan Embassy in Kabul is extending consular services for Pakistanis, Afghans and other countries’ nationals. The visas and consular services are being extended expeditiously and without charging any illegal or extortion money @SMQureshiPTI@ForeignOfficePk@PakPMO
खान ने ट्वीट किया कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान दूतावास इन सेवाओं का तेजी से और ‘बिना किसी अवैध या जबरन वसूली’ के विस्तार कर रहा है। दरअसल, राजदूत यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे थे कि अफगानिस्तान में युद्ध जैसे हालात में दूतावास द्वारा किसी भी तरह के जबरन वसूली के पैसे की माँग नहीं की जा रही है, जिससे नेटिज़न्स खुश हो जाएँ।
— Lord Woodstone (Toss all MAPS out the airlock) (@EricMertz_KC) August 14, 2021
कुछ लोगों ने सही सवाल भी किए।
पाकिस्तानी राजनयिक और उनके शर्मनाक किस्से
हालाँकि, फजीहत के बाद पाकिस्तानी दूतावास ने यह दोहराया वे लोगों से जबरन वसूली नहीं करेंगे औऱ इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए। अप्रैल 2021 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सऊदी अरब में पाकिस्तान दूतावास के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जाँच का गठन किया था, जिस पर मजदूरों से जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था। इसके लिए सऊदी अरब में राजदूत से पूछताछ भी की गई थी।
इस साल अप्रैल में दो पाकिस्तानी राजनयिक दक्षिण कोरिया के एक स्टोर से चोरी करते हुए पकड़े गए थे। राजनयिकों में से एक ने $ 10 (11000 दक्षिण कोरियाई वॉन) की एक टोपी चुरा ली थी, जबकि एक अन्य राजनयिक ने $ 1.70 (1900 दक्षिण कोरियाई वॉन) के चॉकलेट ले लिया था। गौरतलब है कि दोनों अलग-अलग तारीखों पर एक ही दुकान से चोरी करते हुए पकड़े गए थे। 2018 में भी एक पाकिस्तानी राजनयिक अपने कुवैती समकक्ष का बटुआ चुराते हुए पकड़ा गया था।
यहाँ तक कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम पर भी उनके लिव-इन पार्टनर ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। हालाँकि, उन्हें राजनयिकों को मिले इम्यून पॉवर के कारण छोड़ दिया गया था। एक अन्य घटना में बांग्लादेश स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन में कार्यरत सहायक वीजा अधिकारी, मोहम्मद मजहर खान को एक सिंडिकेट में उसकी भूमिका का भंडाफोड़ करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। सिंडिकेट असम और पश्चिम बंगाल सीमा से नकली भारतीय मुद्रा नोटों की तस्करी करता था।
पाकिस्तानी राजनयिकों की बिगड़ती छवि के कारण, संयुक्त राज्य सरकार ने मई 2018 और मई 2019 के बीच अनुमोदन के बिना वाशिंगटन डीसी के आसपास 25 मील के दायरे से आगे उनके आंदोलन पर प्रतिबंध लगाने के लिए यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था।
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा दिन प्रतिदन बढ़ता ही जा रहा है। कंधार पर कब्जे के बाद उसने बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। विद्रोहियों के चौतरफा हमले के बाद प्रांत की राष्ट्रीय सेना ने सरेंडर कर दिया, जिसके बाद सरकार की समर्थक सेनाओं ने भी आत्म समर्पण कर दिया है।
अफगान सांसद अबास इब्राहिमजादा ने इसकी जानकारी दी। सांसद के मुताबिक, इस्लामिक तालिबानी आतंकियों ने शहर की सभी प्रमुख इमारतों और राजभवन पर कब्जा कर लिया है। मजार-ए-शरीफ अफगानिस्तान का चौथा सबसे बड़ा शहर है। उसने फरयाब प्रांत की राजधानी मैमाना पर भी कब्जा कर लिया है। प्रांत की सांसद फौजिया रऊफी का कहना है कि तालिबानी लड़ाकों ने मैमाना के चारों ओर बीते एक महीने से डेरा डाल रखा था औऱ उसके कुछ लड़ाके शहर में पहले ही घुस गए थे।
जलालाबाद पर भी किया कब्जा
तालिबान ने रविवार (15 अगस्त 2021) को जलालाबाद पर भी कब्जा कर लिया, जिससे काबुल सरकारी नियंत्रण में एकमात्र प्रमुख शहर बचा है। इसी के साथ अफगान सरकार द्वारा नियंत्रित क्षेत्र और सिकुड़ गया, क्योंकि इस पूर्वी शहर पर विद्रोहियों द्वारा लड़ाई के बिना कब्जा कर लिया गया था। एक पश्चिमी अधिकारी ने कहा कि राजधानी के बाहर आखिरी बड़े शहर के गिरने से विद्रोहियों के लिए अफगानिस्तान को पाकिस्तान से जोड़ने वाली सड़कें सुरक्षित हो गईं। वहीं अब काबुल का पूर्व से संपर्क भी कट गया है।
भारतीय वाणिज्य दूतावासों को बंद किया
तालिबान काबुल के काफी करीब पहुँच गया है। इस बीच खबर सामने आई है कि उसने कंधार और हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावासों को बंद कर दिया है। दरअसल, इन शहरों में भारतीय वाणिज्य दूतावासों ने कुछ इमारतों को किराए पर लिया था। तालिबान ने इन सभी को सुरक्षा की दृष्टि से खतरा बताते हुए बंद कर दिया है। बावजूद इसके कि उसने पूरी दुनिया को इस बात का भरोसा दिलाया था के उसके लड़ाके किसी भी देश के दूतावासों औऱ राजदूतों को निशाना नहीं बनाएँगे।
गौरतलब है कि तालिबान ने एक तरफ अफगानिस्तान में भारत सरकार द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ की थी तो दूसरी ओर उसने भारत सरकार को सैन्य कार्रवाई के लिए धमकी भी दी थी। तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन ने कहा था कि अफगानिस्तान में सैनिक गतिविधियों का अंजाम भारत ने भी देखा होगा, इसीलिए अब ये उनके ऊपर है। तालिबानी प्रवक्ता ने ये भी कहा था कि भारतीय प्रतिनिधियों से तालिबान के मिलने की खबर आई है, लेकिन वो इसकी पुष्टि नहीं कर सकता है।
पूरे देश में आज रविवार (15 अगस्त, 2021) को स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहाँ दिल्ली के लाल किला पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया, वहीं जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम मनाया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सभी राज्यों की राजधानियों में मुख्यमंत्रियों ने झंडोत्तोलन किया।
वहीं उत्तराखंड में ‘ ITBP (भारतीय-तिब्बत सीमा बल)’ के जवानों ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत-चीन बॉर्डर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं लद्दाख में भी आईटीबीपी के जवानों ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर पैंगोंग त्सो के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
— Western Command – Indian Army (@westerncomd_IA) August 14, 2021
वहीं भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड के ‘वज्र कॉर्प्स’ ने जालंधर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया, जिसकी अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने की। इस दौरान उन्होंने गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित सैनिकों से बातचीत भी की।
— Western Command – Indian Army (@westerncomd_IA) August 14, 2021
भारत-बांग्लादेश की सीमा पर ‘सीमा सुरक्षा बल (BSF)’ ने बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान कर के सौहार्दता की मिशाल पेश की गई। ICP पेट्रापोल में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया।
वहीं 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने राजा शिवाजी विद्यालय, दादर (मुंबई) में ध्वज वंदन किया।
75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने राजा शिवाजी विद्यालय, दादर (मुंबई) में ध्वज वंदन किया। pic.twitter.com/vPeuQAmBjT
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण किया। सभी देशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी स्वतंत्रता दिवस मनाया गया और तिरंगा फहराया गया।
Chief Minister Yogi Adityanath hoists the Tricolour on Independence Day in Lucknow pic.twitter.com/A0EWEe10uj
उधर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत उन विषयों को भी हल कर रहा है, जिनके सुलझने का दशकों से, सदियों से इंतजार था। उन्होंने ध्यान दिलाया कि त्रिपुरा में दशकों बाद ब्रू रियांग समझौता होना हो, ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना हो, या फिर जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद पहली बार हुए BDC और DDC चुनाव, भारत अपनी संकल्पशक्ति लगातार सिद्ध कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर देश को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत का ऊर्जा के क्षेत्र में स्वतंत्र होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसलिए आज भारत को ये संकल्प लेना होगा कि हम आजादी के 100 साल होने से पहले भारत को ऊर्जा क्षेत्र में स्वतंत्र बनाएँगे। उन्होंने कहा कि भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं आज तिरंगे की साक्षी में ‘राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन’ की घोषणा कर रहा हूँ। अनुच्छेद-370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है। 21वीं सदी का आज का भारत, बड़े लक्ष्य गढ़ने और उन्हें प्राप्त करने का सामर्थ्य रखता है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत उन विषयों को भी हल कर रहा है, जिनके सुलझने का दशकों से, सदियों से इंतजार था। उन्होंने ध्यान दिलाया कि त्रिपुरा में दशकों बाद ब्रू रियांग समझौता होना हो, ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना हो, या फिर जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद पहली बार हुए BDC और DDC चुनाव, भारत अपनी संकल्पशक्ति लगातार सिद्ध कर रहा है।
7 years ago, we were importing mobile phones worth $8 billion!
With the PLI schemes running effectively, the imports have significantly reduced and we're exporting mobile phones worth $3 billion.
प्रधानमंत्री ने याद किया कि आज देश के महान विचारक श्री ऑरबिंदो की जन्मजयंती भी है। साल 2022 में उनकी 150वां जन्मजयंती है। उन्होंने श्री ऑरबिंदो के कथन को याद करते हुए कहा कि वो कहते थे कि- “हमें उतना सामर्थ्यवान बनना होगा, जितना हम पहले कभी नहीं थे। हमें अपनी आदतें बदली होंगी, एक नए हृदय के साथ अपने को फिर से जागृत करना होगा।” पीएम मोदी ने कहा की आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसका पहलू एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद है। उन्होंने कहा कि भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन संकल्पों का बीड़ा आज देश ने उठाया है, उन्हें पूरा करने के लिए देश के हर जन को उनसे जुड़ना होगा, हर देशवासी को इसे अपना समझना होगा। उन्होंने कहा कि देश ने जल संरक्षण का अभियान शुरू किया है, तो हमारा कर्तव्य है पानी बचाने को अपनी आदत से जोड़ना।
Every product of India is its brand ambassador. Consumers will keep saying that it is 'Made In India' until they keep using it.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं भविष्यदृष्टा नहीं हूँ, मैं कर्म के फल पर विश्वास रखता हूँ। मेरा विश्वास देश के युवाओं पर है। मेरा विश्वास देश की बहनों-बेटियों, देश के किसानों, देश के प्रोफेशनल्स पर है। ये Can Do Generation है, ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है। 21वीं सदी में भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। हमारी ताकत हमारी जीवटता है, हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। हमारी प्राणशक्ति, राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कविता पढ़ते हुए कहा “यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है। असंख्य भुजाओं की शक्ति है, हर तरफ़ देश की भक्ति है, तुम उठो तिरंगा लहरा दो, भारत के भाग्य को फहरा दो। यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है। कुछ ऐसा नहीं जो कर ना सको, कुछ ऐसा नहीं जो पा ना सको, तुम उठ जाओ, तुम जुट जाओ, सामर्थ्य को अपने पहचानो, कर्तव्य को अपने सब जानो, भारत का ये अनमोल समय है, यही समय है, सही समय है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर संकल्प लिया, “हमें मिलकर काम करना होगा, Next Generation Infrastructure के लिए। हमें मिलकर काम करना होगा, World Class Manufacturing के लिए। हमें मिलकर काम करना होगा Cutting Edge Innovation के लिए। हमें मिलकर काम करना होगा New Age Technology के लिए।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी। आज जिस गति से देश में नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में होलिस्टिक अप्रोच अपनाने की भी जरूरत है।
पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च करने जा रहा है। उन्होंने भविष्य की बात करते हुए कहा कि विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए भारत को अपनी मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट, दोनों को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा, “आपने देखा है, अभी कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा है।”
पीएम मोदी ने कहा, “देश के सभी मैन्यूफैक्चर्स को भी ये समझना होगा- आप जो प्रोडक्ट बाहर भेजते हैं वो आपकी कंपनी में बनाया हुआ सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं होता। उसके साथ भारत की पहचान जुड़ी होती है, प्रतिष्ठा जुड़ी होती है, भारत के कोटि-कोटि लोगों का विश्वास जुड़ा होता है। मैं इसलिए मनुफक्चरर्स को कहता हूँ – आपका हर एक प्रॉडक्ट भारत का ब्रैंड एंबेसेडर है। जब तक वो प्रॉडक्ट इस्तेमाल में लाया जाता रहेगा, उसे खरीदने वाला कहेगा – हाँ, ये मेड इन इंडिया है।”
ऑलंपिक में भारत की युवा पीढ़ी ने भारत का नाम रोशन किया है।
मैं आज देशवासियों को कहता हूं कि हमारे खिलाड़ियों के सम्मान में कुछ पल तालियां बजाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमने देखा है, कोरोना काल में ही हजारों नए स्टार्ट-अप्स बने हैं, सफलता से काम कर रहे हैं। कल के स्टार्ट-अप्स, आज के Unicorn बन रहे हैं। इनकी मार्केट वैल्यू हजारों करोड़ रुपए तक पहुँच रही है। रिफॉर्म्स को लागू करने के लिए गुड औऱ स्मार्ट गवर्नेंस चाहिए। आज दुनिया इस बात की भी साक्षी है कि कैसे भारत अपने यहाँ गवर्नेंस का नया अध्याय लिख रहा है।”
उन्होंने कहा कि जीवन के सभी मैदानों में युवा आगे बढ़ेंगे। उन्होंने नई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ की बात की, जिसमें खेल को ‘एक्स्ट्रा करिकुलर’ की जगह मेनस्ट्रीम बनाया गया है। उन्होंने खेलकूद की बात करते हुए कहा कि पहले माँ-बाप बच्चों से कहते थे कि खेलते रहोगे तो जीवन बर्बाद कर लोगे, लेकिन अब बदलाव आया है, जिसका अनुभव इस बार के ओलंपिक में भी हमने किया है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ा कर उसे तकनीक से जोड़ने पर बल दिया।
It is time we apply scientific research and suggestions in our agriculture sector. We need to reap all its benefits.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा हो या खेल, हमारी बेटियाँ आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियों के लिए हमें सुनिश्चित करना है कि हर क्षेत्र में उनकी समान भागीदारी हो, सड़क से लेकर वर्कप्लेस तक महिलाओं में सुरक्षा का एहसास हो और सम्मान का भाव हो। उन्होंने इसके लिए शासन-प्रशासन, पुलिस व न्याय व्यवस्था व नागरिकों को शत-प्रतिशत जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए सैनिक स्कूल के दरवाजे खोले जाएँ। मिजोरम में इस दिशा में प्रयास भी हुआ था। उन्होंने घोषणा की कि अब देश के सभी सैनिक स्कूलों को लड़कियों के लिए खोल दिया जाएगा, उनमें लड़कियाँ भी पढ़ेंगी। उन्होंने ‘पर्यावरण सिक्योरिटी’ की बात करते हुए कहा कि भारत इसका आज एक मुखर आवाज़ है।
स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर लाल किले से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही इस्तेमाल, पूरा इस्तेमाल जरूरी है। इसके लिए जो वर्ग पीछे है, जो क्षेत्र पीछे है, हमें उनकी हैंड-होल्डिंग करनी ही होगी। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे आज नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ये कनेक्टिविटी दिलों की भी है और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है। उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों की राजधानियों को रेलसेवा से जोड़ने का काम पूरा होने वाला है। बकौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमारा पूर्वी भारत, नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित पूरा हिमालय का क्षेत्र हो, हमारी कोस्टल बेल्ट या फिर आदिवासी अंचल हो, ये भविष्य में भारत के विकास का बड़ा आधार बनेंगे।
‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। उन्होंने कहा कि जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब ज़मीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है। लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है।
Under the Jan Ausadhi Yojana, the poor and needy are getting affordable medicines.
Till now, over 75,000 Health & Wellness Centres have been built. Now, we are working on a network of modern labs and good hospitals at the block level. #IndiaIndependenceDaypic.twitter.com/sHLL9l24be
पीएम मोदी ने कहा कि जहाँ एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ‘सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के जिन ज़िलों के लिए ये माना गया था कि ये पीछे रह गए, हमने उनकी आकांक्षाओं को भी जगाया है। देश में 110 से अधिक आकांक्षी ज़िलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, रोज़गार, से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि इनमें से अनेक जिले आदिवासी अंचल में हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम अपने गाँवों को तेजी से परिवर्तित होते देख रहे हैं। बीते कुछ वर्ष, गाँवों तक सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं को पहुँचाने में हम सफल रहे हैं। अब गाँवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, डेटा की ताकत पहुँच रही है, इंटरनेट पहुँच रहा है। गाँवों में भी डिजिटल उद्यमी भी तैयार हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि गाँवों में जो हमारी सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी 8 करोड़ से अधिक बहनें हैं, वो एक से बढ़कर एक प्रॉडक्ट्स बनाती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इनके प्रॉडक्ट्स को देश में और विदेश में बड़ा बाजार मिले, इसके लिए अब सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। उन्होंने ये भी कहा कि छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, उन्हें नई सुविधाएँ देनी होंगी। उन्होंने जानकारी दी कि देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है।
India needs to ensure that the Dalits, the backward classes and the EWS walk ahead.
Recently, OBC reservation has been ensured in medical education. OBC lists can now be made by states hereon.
प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे पहले जो देश में नीतियाँ बनीं, उनमें इन छोटे किसानों पर जितना ध्यान केंद्रित करना था, वो रह गया। अब इन्हीं छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि 12 मार्च से शुरू ये अभियान 75 सप्ताह, यानी 15 अगस्त, 2021 तक चलेगा। उन्होंने कहा कि इन 75 सप्ताह में 75 ‘वन्दे भारत’ ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि ‘उड़ान योजना’ जिस तरह से देश के अलग-अलग इलाकों को जोड़ रही है, ये अभूतपूर्व है। उन्होंने 100 लाख करोड़ रुपयों के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना की घोषणा की। ट्रांसपोर्ट के साधनों में तालमेल के लिए ‘गति शक्ति’ योजना की घोषणा की गई है, जिससे ट्रेवल टाइम में कमी आएगी और हमारी इंडस्ट्री की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। स्थानीय निर्माता ग्लोबल होंगे। भविष्य की अर्थव्यवस्था भी इससे सुधरेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2021 के मौके पर लाल किले से देश को सम्बोधित किया। इस बार देश स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इसके साथ ही भारत सरकार ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ भी मना रही है। बँटवारे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह दर्द सीने को छलनी करता है। पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बँटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है।
उन्होंने कहा कि देश आज ‘हर घर जल’ मिशन की तरफ तेज़ी से काम कर रहा है और ‘जल जीवन मिशन’ के सिर्फ 2 वर्ष में 4.5 करोड़ परिवारों को पाइप से पानी मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने करोड़ों माताओं-बहनों के आशीर्वाद को अपनी पूँजी बताते हुए कहा कि सरकारी योजना के लाभ से कोई वंचित न रहे, यही लक्ष्य है। समाज के आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक हमें पहुँचना है, जिसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।
Amrut Kaal will go on for 25 years. However, we must not wait for 25 years for achieving our targets.
उन्होंने गरीबों तक पोषण पहुँचाने और उनके विकास में बाधा बन रहे कुपोषण व पौष्टिक पदार्थों की कमी से लड़ने के लिए सरकारी योजनाओं की भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’, इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुटे हुए हैं। उन्होंने लाल किले से आह्वान किया – ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकल्प तब तक अधूरा होता है, जब तक संकल्प के साथ परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा न हो। उन्होंने ध्यान दिलाया कि हमें हमारे सभी संकल्पों को परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा करके सिद्ध करके ही रहना है। उन्होंने कहा कि यहाँ से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा नए भारत के सृजन का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि हर देश की विकासयात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वो देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है, खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है। भारत की विकास यात्रा में भी आज वो समय आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रगति पथ पर बढ़ रहे हमारे देश के सामने, पूरी मानवजाति के सामने कोरोना का यह कालखंड बड़ी चुनौती के रूप में आया है। भारतवासियों ने संयम और धैर्य के साथ इस लड़ाई को लड़ा है।
The time has come for India's development journey. We have to make new thresholds, new dreams and new aspirations. We have to make the next 25 years glorious.
जन-कल्याणकारी योजनाओं की बात करते हुए लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें सैचुरेशन की तरफ जाना है। उन्होंने दोहराया कि शत-प्रतिशत गाँवों में सड़कें हों, शत-प्रतिशत परिवारों के पास बैंक अकाउंट हो, शत-प्रतिशत लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो, शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों के पास उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन हो – यही हमारा लक्ष्य है।
पीएम मोदी ने कहा, “सरकार अपनी अलग-अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, उसे फोर्टिफाई करेगी, गरीबों को पोषणयुक्त चावल देगी। राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो, मिड डे मील में मिलने वाला चावल हो, वर्ष 2024 तक हर योजना के माध्यम से मिलने वाला चावल फोर्टिफाई कर दिया जाएगा। 21वीं सदी में भारत को नई ऊँचाई पर पहुँचने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही इस्तेमाल, पूरा इस्तेमाल जरूरी है। इसके लिए जो वर्ग पीछे है, जो क्षेत्र पीछे है, हमें उनकी हैंड-होल्डिंग करनी ही होगी।”
इस साल स्वतंत्रता दिवस मनाने के साथ ही देश आज़ादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। भारत सरकार इसे ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के रूप में मना रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले से सम्बोधन दिया। उससे पहले वो महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट गए। इसके बाद उन्होंने लाल किला पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण किया। नरेंद्र मोदी ने 8वीं लाल किले से देश को सम्बोधित किया।
आम लोगों को भी राष्ट्रगान गाकर ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ में भाग लेने का मौका मिला है। ‘rashtragaan.in’ नामक वेबसाइट के जरिए वो राष्ट्रगान गाकर अपलोड कर सकते हैं और इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए देश के डॉक्टरों, नर्सों और सफाईकर्मियों से लेकर अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने कोरोना काल में पल-पल जनसेवा में भागीदारी दी। उन्होंने देश के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की बात करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी घटनाओं के पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी ने भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने समारोह में मौजूद भारतीय ओलंपिक खिलाड़ियों और देश के अन्य सभी खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए लोगों से कहा कि वो तालियाँ बजा कर भारत को गौरव दिलाने वाले इन युवाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी इन खिलाड़ियों ने प्रेरित किया है। इसके बाद पीएम मोदी ने बँटवारे के दर्द की बात की।
उन्होंने इसे पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद इन लोगों को जल्द ही भुला दिया गया। इसीलिए, देश ने निर्णय लिया है कि 14 अगस्त को हर साल ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में याद किया जाएगा। जो विभाजन के दौरान अमानवीय दौर से गुजरे, अत्याचार सही और अंतिम-संस्कार तक का अधिकार नहीं मिला, वो हमारी स्मृति में जीवित रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये ऐसे लोगों को हर भारतवासी की तरफ से श्रद्धांजलि है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब आंबेडकर, देश ऐसे हर व्यक्तित्व को याद कर रहा है, देश इन सब का ऋणी है।
स्वतंत्र भारत के 75 वर्ष पूरे होने पर इस 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को 8वीं बार संबोधित करने वाले हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करने के बाद नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 को देश के 16वें प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 30 मई 2019 में उन्हें 17वाँ प्रधानमंत्री बनने का भी अवसर मिला। इस बीच उन्होंने 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से 7 बार देश को संबोधित किया। हर बार उनके भाषण, उनके हाव-भाव, उनके संकल्पों में एक नई ऊर्जा और वैश्विक स्तर पर देश को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने की प्रतिबद्धता नजर आई।
आज हम आपको उन्हीं भाषणों की मुख्य बातें बताएँगे, जो पीएम मोदी ने पिछले 6 सालों (2014-2020) में, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देशवासियों को कही।
शुरुआत 2014 से…
पूरे देश में मोदी लहर के बाद जब आखिरकार 15 अगस्त 2014 को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर लाल किले पर पहुँचे तो देशवासियों में अलग ही उत्साह था। पीएम मोदी ने भी इस उत्साह को फीका नहीं होने दिया। इस दौरान देश ऐसे पीएम को देख रहा था, जिन्होंने अपना भाषण कागज से पढ़कर नहीं सुनाया बल्कि अपनी एक-एक बात ऐसे बोली कि हर देशवासी उनसे जुड़ता गया। पूरा भाषण 65 मिनट का था।
अपने पहले संबोधन में PM मोदी ने,
-जन-धन योजना के तहत गरीबों को कार्ड देने का वादा किया और हर गरीब परिवार को 1 लाख रुपए का बीमा सुनिश्चित करने को कहा। -विदेश में भारत की पहचान स्थापित करने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर दिया। साथ ही तकनीक के लिहाज से भारत को आगे ले जाने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ को अपना सपना बताया। -ग्रामों के विकास के लिए ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ की घोषणा हुई। -2 अक्टूबर से स्वच्छता अभियान की घोषणा की गई और हर स्कूल में बच्चे-बच्चियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाने का आह्वान किया। -युवाओं के लिए भी पीएम ने स्किल डेवलपमेंट को तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। -बेटियों के योगदान का महत्व समझाते हुए भ्रूण हत्या को भारत पर धब्बा बताया। -रेप की घटनाओं की निंदा की। -हिंसा को देश के विकास के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बताया।
बतौर पीएम, लाल किले से नरेंद्र मोदी का पहला भाषण
2015 में…
2015 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी का भाषण 88 मिनट का था। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाकर आगे बढ़ने पर जोर दिया था। इसके अलावा उन्होंने,
-उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप इंडिया पहल की घोषणा की। -भारत की सीमाओं पर गलत नजर रखने वालों को चेतावनी दी। -उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 1000 दिनों के भीतर सभी 18,500 गैर-विद्युतीकृत गाँवों में बिजली पहुँचाना है। -सी और डी श्रेणी की सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती में साक्षात्कार खत्म करने की घोषणा की। -कृषि मंत्रालय का नाम बदलकर कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय कर दिया गया। -वन रैंक वन पेंशन (OROP) की माँग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति की घोषणा की।
2015 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की स्पीच
2016 में…
2016 में प्रधानमंत्री ने अपने पिछले दो भाषणों की समय सीमा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए देश को 94-96 मिनट संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कई घोषणाएँ की। साथ ही पिछले वादों पर कितना काम हुआ इसकी जानकारी दी।
-उन्होंने कहा कि 2 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। -21 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जोड़ा गया। -सरकार ने लगभग 1700 अप्रचलित कानूनों की पहचान की और संसद ने उनमें से लगभग 1175 को समाप्त कर दिया। -60 साल में 14 करोड़ लोगों को रसोई गैस का कनेक्शन दिया गया था, मोदी सरकार ने 60 सप्ताह में 4 करोड़ नए रसोई गैस कनेक्शन दिए। -उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से पाक अधिकृत कश्मीर से बलूचिस्तान, गिलगिट के लोगों ने उनका शुक्रिया अदा किया, वह भारत के 1.25 बिलियन लोगों का सम्मान है। -उन्होंने पड़ोसियों से गरीबी से लड़ने का आग्रह किया। वह पड़ोसियों से बोले कि चलो गरीबी से लड़ें, अपने लोगों से लड़कर हम खुद को नष्ट करेंगे, केवल गरीबी से लड़कर ही हम समृद्ध होंगे। -स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों की पेंशन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा। -18,000 गैर-विद्युतीकृत गाँवों में से 10,000 गाँवों को बिजली प्रदान की गई।
2016 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की स्पीच
2017 में…
2017 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण की अवधि पहले के मुकाबले कम रही। कुल 57 मिनट पीएम ने राष्ट्र को संबोधित किया। इस बार,
-14,000 से अधिक गाँव, जो आजादी के बाद से बिजली के बिना थे, उनमें बिजली पहुँचाने की घोषणा की गई। -उन्होंने कहा कि दो करोड़ से अधिक गरीब माताएँ और बहनें अब ईंधन का उपयोग नहीं कर रही हैं। उन तक एलपीजी गैस पहुँच गई है। -एक वेबसाइट शुरू करने की घोषणा हुई, जो वीरता पुरस्कार विजेताओं की वीरता का लेखा-जोखा देगी। -देशवासियों से डिजिटल लेनदेन करने और कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने की अपील की। -पीएम ने कहा कि सरकार ने 1.25 लाख करोड़ रुपए काला धन जब्त किया है। -कश्मीर मुद्दे का हल न तो गाली से न गोली से निकलेगा, सभी कश्मीरियों को गले लगाने से इसका हल निकाला जाएगा। -हवाला लेनदेन में काम करने वाली 3 लाख शेल कंपनियों में से 1.75 लाख कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। -न्यू इंडिया का संकल्प लेकर आगे बढ़ना का आह्वान। युवाओं से कहा 5 साल के लिए ‘न्यू इंडिया’ का संकल्प लें। 2022 तक शक्तिशाली और समृद्ध ‘न्यू इंडिया’ बनाएँ। -सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दुनिया ने लोहा माना। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देने वाले देशों को धन्यवाद।
2017 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की स्पीच
2018 में…
2018 में फिर भाषण की अवधि 82 मिनट थी और इस बार संकल्प अंतरिक्ष में मानव सहित गगनयान को पहुँचाने का था। पीएम ने 2018 के भाषण में कहा,
-“हमारे देश ने संकल्प किया है कि 2022 तक हम अंतरिक्ष में मानव सहित गगनयान लेकर के चलेगें, जब ये गगनयान अंतरिक्ष में जाएगा, हम मानव को अंतरिक्ष में पहुँचाने वाले विश्व के चौथे देश बन जाएँगे।” -13 करोड़ लोगों को मुद्रा ऋण प्रदान किया गया, जिनमें 4 करोड़ युवा भी शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार आत्मनिर्भर बनने की आकांक्षा के साथ ऋण लिया है। -आयुष्मान भारत योजना की घोषणा। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को, यानी करीब-करीब 50 करोड़ नागरिक, हर परिवार को 5 लाख रुपया सालाना स्वास्थ्य सेवा देने की योजना है। -भारतीय सशस्त्र सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरूष समकक्ष अधिकारियों की तरह पारदर्शी चयन प्रक्रिया द्वारा स्थाई कमीशन की घोषणा। -देश के किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। -देश में आज आजादी के बाद सबसे ज्यादा हवाई जहाज खरीदने का काम हो रहा है। -देश की आदिवासी बेटियों ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर बढ़ाई देश की शान। -देश बना दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था।
2018 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की स्पीच
2019 में…
2019 में मोदी सरकार दोबारा सत्ता में लौटी और स्वतंत्रता दिवस से ठीक दस दिन पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर इतिहास रच दिया। उनके इस फैसले के बाद उनके भाषण का इंतजार सबको था। नतीजन उन्होंने 15 अगस्त 2019 को को 92 मिनट का भाषण दिया। तब उन्होंने इन मुख्य बिंदु पर बात की,
-अनुच्छेद 370 का हटना, 35A का हटना सरदार वल्लभ भाई पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ, नई सरकार बनने के बाद, 70 दिन के भीतर-भीतर हो गया। -जल-जीवन मिशन को आगे बढ़ाने की घोषणा। उन्होंने इस मिशन के तहत 2024 तक हर ग्रामीण घर तक पीने योग्य पानी पहुँचाने के लिए 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने का वादा किया। -आम आदमी के जीवन से बोझ को कम करने के लिए लगभग 1,450 अप्रचलित कानूनों को खत्म किया गया है। -देश में बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा देने के लिए 100 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना के बारे में घोषणा। -उन्होंने कहा कि यह हर भारतीय का सपना होना चाहिए कि देश अगले पाँच वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाए। -चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद की घोषणा। इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं को शीर्ष स्तर पर प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। -भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाने का आह्वान। -तीन तलाक के ख़िलाफ़ कानून बनाने की बात कही और आतंकवाद के ख़िलाफ़ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवादी विरोधी कानून में संशोधन की जानकारी दी।
2019 में स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की स्पीच
2020 में…
कोरोना की दस्तक ने जब पूरे देश में हाहाकार मचाया हुआ था, उस समय पीएम मोदी समय-समय पर कोरोना वॉरियर्स की हिम्मत बढ़ाने को हर देशवासी से कहते थे। 2020 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी सबसे पहले शुरुआत कोरोना वॉरियर्स को नमन करने के साथ हुई। 87 मिनट के भाषण में पीएम ने,
-कोरोना वॉरियर्स की सराहना की और उनके सेवाभाव के लिए उनका आभार व्यक्त किया। पीएम ने इस दौरान देश को स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की महत्ता से भी अवगत कराया। -विस्तारवादी सोच पर प्रहार किया । साथ ही चीन से बिगड़े हालातों की ओर इशारा करते हुए आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। -भारत को विश्व का बड़ा परिवार बताते हुए उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति और विकार पर जोर दिया। उन्होंने कृषि व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी। तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे। लेकिन आज भारत सिर्फ अपना ही नहीं दुनिया के कई देशों का पेट भर सकता है। -उन्होंने कहा कि आज वन नेशन- वन टैक्स, इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्ट्सी कोड, बैंकों का विलय, आज देश की सच्चाई है। -पूरे देश को Multi-Modal Connectivity Infrastructure से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार। -विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पर पीएम ने की तारीफ। बताया देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। -जल जीवन मिशन के तहत मिली 1 लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता। -जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास पर बात की और बताया कि कैसे हिमालय में बसा लद्दाख आज विकास की ऊँचाइयों को छूने के लिए बढ़ रहा है।