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मात्र 84 टिकट और ₹6,000 का कलेक्शन: महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में सलमान की फिल्म ‘राधे’ को नहीं मिल रहे दर्शक

संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद राज्य अनलॉक की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। ऐसे में महाराष्ट्र में दो सिनेमाघरों ने खुलने के तुरंत बाद ही सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ से अपनी शुरुआत करने का फैसला किया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। खबरों के अनुसार फिल्म की कुल 84 टिकटें बिकीं और कुल कलेक्शन हुआ मात्र 6,017 रुपए।

सलमान खान की ‘राधे : योर मोस्ट वांटेड भाई’ ईद के दिन 13 मई 2021 को OTT प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज हुई। देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के चलते फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो सकी क्योंकि लगभग सभी राज्यों की सरकारों ने संक्रमण के दौरान सभी सिनेमाघरों को बंद रखने का फैसला किया था।

11 जून को महाराष्ट्र के मालेगाँव के इन्जॉय ड्राइव-इन सिनेमा और औरंगाबाद के खिनवासर सिनेप्लेक्स ने ‘राधे : योर मोस्ट वांटेड भाई’ से शुरुआत की। मालेगाँव के इन्जॉय सिनेमा ने फिल्म के दो शो रखे और खिनवासर सिनेप्लेक्स ने कुल चार शो। हालाँकि सिनेमाघरों का यह फैसला उनके ही हित में नहीं रहा। इन्जॉय सिनेमा में पहले दिन मात्र 62 लोग फिल्म देखने आए, जिनमें से 40 लोगों ने अपनी कार में बैठकर ही फिल्म देखी और 22 लोगों ने चेयर का टिकट खरीदा। इसके अलावा खिनवासर सिनेप्लेक्स में मात्र 22 लोगों ने ही सलमान खान की फिल्म का टिकट खरीदा।

इन्जॉय सिनेमा में फिल्म का कलेक्शन 3,597 रुपए रहा जबकि खिनवासर सिनेप्लेक्स का कलेक्शन मात्र 2,420 रुपए रहा। इन्जॉय सिनेमा में दूसरा शो कैंसल ही करना पड़ा क्योंकि उस समय कोई फिल्म देखने आया ही नहीं। इसके अलावा खिनवासर सिनेप्लेक्स के संचालकों ने भी फिल्म के 2 ही शो चलाने की संभावना जताई है।

ज्ञात हो कि 15 मई 2021 को रिलीज हुई सलमान खान की फिल्म ‘राधे : योर मोस्ट वांटेड भाई’ को आईएमडीबी पर मात्र 2.0 रेटिंग ही मिली और यह रेस-3 के बाद सलमान खान की सबसे खराब रेटिंग वाली फिल्म है जिसे आईएमडीबी पर 1.9 रेटिंग मिली। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया ही मिली है। कंटेन्ट को लेकर फिल्म की आलोचना भी की जा रही है और फिल्म के बारे में यह कहा जा रहा है कि 10 मिनट के कंटेन्ट पर 2 घंटे की फिल्म है, ‘राधे : योर मोस्ट वांटेड भाई’।

इब्राहिम ने पड़ोसी गंगाधर की गाय चुराकर काट डाला, मांस बाजार में बेचा: CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

कर्नाटक के उडुपी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ इब्राहिम नाम के एक व्यक्ति को अपने ही पड़ोसी के मवेशियों की तस्करी कर अपने घर के बाथरूम में कत्ल करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

इंटरनेट पर वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक शख्स अपने पड़ोसी के घर से गाय चुराता नजर आ रहा था। यह झकझोर देने वाली वारदात कर्नाटक के उडुपी जिले के नेजर की है। जिस वक्त आरोपित ने इस वारदात को अंजाम दिया, उस दौरान यह पूरी घटना परिसर में ही लगे सीसीटीवी में कैद हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (6 जून 2021) को प्रगति नगर में नेजर के रहने वाले यमना गंगाधर (Yamana Gangadhara) ने अपने घर के पास ही अपनी गाय को चरने के लिए छोड़ दिया था। इस बीच पहले से ही वहाँ पर दुबका हुआ गंगाधर का पड़ोसी इब्राहिम उसकी गाय को चुरा ले गया। यह वारदात पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक घटना सुबह करीब 11.45 बजे घटी।

इसके बाद इब्राहिम को गाय चोरी करने के करीब 30 मिनट बाद दोपहर करीब 12:20 बजे अकेले लौटते देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, इब्राहिम गाय को अपने आवास पर ले गया, जहाँ उसने जानवर को काटा। गाय की हत्या करने के बाद आरोपित वहाँ से पास के ही स्थानीय बाजार में गया और काटे गए माँस को बेच दिया।

इब्राहिम की गाय को जबरदस्ती घसीटने की घिनौनी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी क्लिप के ही आधार पर अब गाय के मालिक ने मालपे पुलिस स्टेशन में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

इस मामले में मालपे थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान के भरतपुर खोह थाना इलाके में गुरुवार (जून 3, 2021) को पुलिस ने दो गो-तस्करों को गिरफ्तार किया था। रात में ये तस्कर जीप में भरकर गोवंश को तस्करी के लिए ले जा रहे थे। पुलिस को जब सूचना मिली तो उन्होंने सड़क पर लोहे की कील बिछा कर रोकने की कोशिश की। लेकिन तस्करों ने रुकने की बजाय कीलों पर गाड़ी दौड़ा दी। इस दौरान टायर फटने से आग की चिंगारी भी निकली और गाड़ी पेड़ से टकरा गई। इसके बाद जमशेद औऱ सरफराज को पकड़ लिया गया।

दलित लड़की किडनैप, नमाज पढ़ता वीडियो… और धमकी कि ₹40-50 हजार लेके भूल जाओ: UP पुलिस ने किया केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक सिलाई कंपनी में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के साथ एक दलित लड़की काम करती थी। अब वो गायब है। घटना वाले दिन के बाद परिवार वालों को एक वीडियो मिलता है, जिसमें गायब हुई दलित लड़की नमाज पढ़ रही होती है।

दलित लड़की का नमाज पढ़ने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है। इस वीडियो के साथ दलित परिवार को एक मुस्लिम लड़के की तरफ से धमकी भी आई है कि वो अब अपनी बेटी को भूल जाएँ। धमकी के साथ लालच भी दिया गया है कि अगर 40-50 हजार रुपए चाहिए तो वो दलित लड़की के परिवार को मिल जाएगा।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला ग्रेटर नोएडा के जेवर कस्बे का है। लापता हुई दलित लड़की ने अपने साथ काम करने वाली मुस्लिम महिलाओं के बारे में अपने परिवार को बताया था। लड़की के अनुसार वो महिलाएँ उससे हिंदू धर्म छोड़ कर मुस्लिम बनने का दबाव डालती थी।

जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर पीड़ित लड़की के परिवार वाले मुस्लिम महिलाओं के घर जाकर शिकायत भी कर चुके थे। इसी बात को लेकर उन महिलाओं ने धोखे से दलित लड़की को अगवा कर लिया, जिसकी रिपोर्ट दलित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में लिखवाई है।

लड़की के परिवार के लोगों ने तीन महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए जेवर कोतवाली में नामजद रिपोर्ट लिखवाई है। शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपित महिलाओं ने पहले दलित युवती को अपने जाल में फँसाया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करने का दवाब बनाया।

आरोपित महिलाओं ने लड़की की शादी के लिए घर में रखे 70 हजार रुपए के गहने को भी धोखे से मँगा लिया था और जेवर कस्बे का एक युवक ही किडनैपिंग के बाद लड़की को लेकर फरार हो गया। यह वही युवक है, जिसने नमाज पढ़ते लड़की का वीडियो उसके पिता को भेजकर उन्हें धमकी दी है।

जेवर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया है कि लड़की के पिता की शिकायत पर गुमशुदगी का केस दर्ज किया गया है।

शौहर ने मुँह में कपड़ा ठूँस कर मारा, देवर मो. फईम के अश्लील हरकत से गुप्तांग में चोट… फिर दिया तीन तलाक

तीन तलाक कानून बनने के बाद भी मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार जारी है। ताजा घटना उत्तर प्रदेश के बरेली की है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, ससुराल वालों ने मिल कर पहले महिला को बंधक बनाया। फिर देवर ने उसके साथ अश्लील हरकत की। उसके बाद पति ने मुँह में कपड़ा ठूँस कर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे महिला का कान कट गया।

इतनी क्रूरता करने के बाद भी जब ससुराल वालों का मन नहीं भरा तो, पति ने महिला के मायके पहुँचते ही उसे तीन तलाक दे दिया। पीड़िता के परिवार वालों ने पति समेत नौ लोगों पर थाना इज्जतनगर में तीन तलाक, मारपीट और घरेलू हिंसा समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि उसका निकाह भूड़ा नगरिया के रहने वाले नईम से हुआ था। अब उसके पति ने दूसरा विवाह शकूफी नाम की महिला से कर लिया है।

पीड़िता के मुताबिक, लगभग 16 दिन पहले उसका पति उसे मायके छोड़कर गया था। वहीं, इद्दत पूरी होने पर वह शुक्रवार को जब ससुराल पहुँची तो वे लोग उसे देख आग बबूला हो गए। महिला ने अपने बच्चों के होने का हवाला भी दिया, लेकिन उन्होंने उसकी एक भी नहीं सुनी।

मालूम हो कि तलाक और हलाला के बीच एक प्रथा और होती है, जिसे इद्दत कहा जाता है। इद्दत वो समय होता है, जो औरत तलाक के बाद अपने मायके में गुजारती है। यह समय 3 महीने 10 दिनों का होता है।

मुँह में कपड़ा ठूस कर लोहे की रॉड मारा

पीड़िता ने आपबीती बताते हुए कहा, ”विरोध करने पर ससुरालियों ने बंधक बना लिया और सारे जेवर छीन लिए। पति ने सबके सामने तीन बार तलाक कहकर तलाक दे दिया।” आरोपित पति नईम के लोहे की रॉड से बचने की कोशिश में रॉड से उसके कान पर चोट लगा और कान का एक टुकड़ा कटकर जमीन पर गिर गया, जिसके बाद से उसे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है।

महिला ने बताया कि इसके बाद भी आरोपितों ने उसे नहीं छोड़ा। जब ससुराल के पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने पीड़िता के परिवार वालों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद उन्होंने तत्काल इज्जतनगर थाना पहुँचकर पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पीड़िता को उन दरिंदों से मुक्त कराया और उसे माँ के हवाले कर दिया।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके पति नईम, सास कनीजन, देवर मोहम्मद फईम, सौतन शकूफी, नफीसा, मामू मन्ने, मामी गुड़िया, ननद शमीम नन्दोई अबरार ने उसके साथ गाली गलौज की। वहीं, देवर मोहम्मद फईम ने गलत नीयत से पकड़ते हुए अश्लील हरकतें की, जिससे उसके गुप्तांगों पर गंभीर चोटे आई हैं।

बता दें कि इस मामले में इज्जतनगर पुलिस ने पति के खिलाफ तीन तलाक समेत देवर मोहम्मद फईम पर छेड़छाड़ व अन्य आरोपितों पर गंभीर धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

16 साल की लड़की से दिल्ली के NGO वाली 44 साल की महिला करती थी ‘जबरन सेक्स’, अश्लील वीडियो से देती थी धमकी

दिल्ली में 16 साल की नाबालिग लड़की के यौन शोषण करने के आरोप में 44 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित महिला अंजली गहलोत एक एनजीओ चलाती हैं और उसके रसूखदार लोगों के साथ कनेक्शन हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित लड़की ने अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के बारे में पहले अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी थी और उसके बाद दिल्ली के ही डाबरी थाने में आरोपित महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बच्ची ने आरोप लगाया है कि आरोपित महिला उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाती थी।

पीड़िता ने शिकायत में अपनी आपबीती बताते हुए कहा है कि वह महिला के एनजीओ में जाती थी और वहीं रहती भी थी। इसी दौरान आरोपित ने उसके साथ ये घिनौनी हरकत की। बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 और 506 (क) के अंतर्गत मामला दर्ज कर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

पीड़ित का बना लिया था अश्लील वीडियो

पीड़ित बच्ची ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताते हुए शिकायत में कहा है कि आरोपित अंजली गहलोत ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया था और किसी को भी इसके बारे में बताने पर उसे वायरल करने की धमकी देती थी। पुलिस को बच्ची ने बताया है कि घिनौने कृत्य का विरोध करने पर महिला ने परिवार के सभी लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

एक और लड़की ने की पुलिस में शिकायत

आरोपित महिला के घिनौने कृत्य का पर्दाफाश होने के बाद एक और लड़की ने पुलिस को अपने साथ किए गए दुर्व्यवहार की जानकारी दी है। पुलिस को महिला के साथ मासूम बच्ची की आपत्तिजनक फोटो और चैट मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। माना जा रहा है कि आरोपित महिला ने कई और बच्चियों को अपना शिकार बनाया होगा।

यति नरसिंहानंद की हत्या की साजिश: विपुल नहीं रमजान घुसा था मंदिर में, हिंदू धर्म छोड़ कासिफ की बहन से किया था निकाह

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना देवी मंदिर में दो जून की रात गलत नाम बताकर प्रवेश करने वाले दो संदिग्धों विपुल विजयवर्गीय व कासिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस व खुफिया एजेंसियों को पूछताछ में पता चला कि विपुल और कासिफ जीजा-साला हैं। विपुल ने डेढ़ साल पहले ही कासिफ की बहन आयशा से शादी की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिमांड के दौरान जीजा-साले ने बताया कि मंदिर में जाने के लिए उन्हें सलीमुद्दीन ने उकसाया था। सलीमुद्दीन को ये लोग अपना आका (जो कहेगा, वही करेंगे) मानते हैं, वह विजयनगर सेक्टर-12 का निवासी है। इसके बाद मसूरी पुलिस ने सलीमुद्दीन को शुक्रवार (11 जून 2021) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विपुल व कासिफ के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है, जिसमें सलीमुद्दीन को षड्यंत्रकारी के तौर पर शामिल किया है।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि विपुल का ससुर और उसका आका सलीमुद्दीन जिसने उसे उर्दू व पैरामेडिकल की तालीम दी थी, दोनों एक कट्टरपंथी संगठन के पदाधिकारी रह चुके हैं। कट्टरपंथी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद विपुल और कासिफ ने अब तक अपना एक भी दोस्त मुस्लिम नहीं बताया है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

बताया जा रहा है कि आरोपित विपुल का गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में कनेक्शन है। वह यहाँ के लोगों से लगातार संपर्क में रहता था। इसकी जाँच भी की जा रही है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विपुल विजयवर्गीय मुस्लिम धर्म अपना कर रमजान बन चुका है और कासिफ की बहन के साथ निकाह भी कर चुका है। गाजियाबाद से नागपुर लौट कर वो मुस्लिम धर्म का प्रचार-प्रसार

गौरतलब है कि विपुल विजयवर्गीय (अब रमजान) नागपुर का रहने वाला है। वह विजयनगर में पैरामेडिकल व उर्दू की तालीम लेने के लिए गाजियाबाद आया था। वहीं, कासिफ गाजियाबाद का ही रहने वाला है। कासिफ को मालूम था कि डासना देवी मंदिर में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद न तो कासिफ ने मंदिर जाने पर एतराज जताया और ना ही रजिस्टर में उसका नाम गलत लिखने पर उसने अपने जीजा विपुल (अब रमजान) का विरोध किया।

जानिए, क्या है पूरा मामला

बीते दो जून की रात करीब साढ़े आठ बजे दो संदिग्ध डासना देवी मंदिर में घुसे थे। गेट पर दोनों ने अपना नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय और काशी गुप्ता लिखवाया थे। बाद में काशी गुप्ता नाम का युवक कासिफ निकला। पुलिस को आरोपितों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वेक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ मिले थे।

विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था, जबकि पुलिस व जाँच एजेसियाँ इसे सच नहीं मान रही हैं। वहीं, एटीएस को जाँच के दौरान सलीमुद्दीन के पास से लैपटॉप और कुछ किताबें बरामद हुई हैं, जिन्हें खंगाला जा रहा है।

इससे पहले भी दिल्ली पुलिस ने महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को पहाड़गंज के एक होटल से दबोचा गया था। उसके पास से भगवा कपड़ा भी बरामद हुआ था।

वन अर्थ, वन हेल्थ: G-7 बैठक में PM मोदी को जर्मनी-ऑस्ट्रेलिया का साथ, वैक्सीन पेटेंट पर पूरी दुनिया ने सुनी भारत की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (12 जून 2021) को G-7 देशों की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने “वैश्विक एकता, नेतृत्व और एकजुटता” का आह्वान करते हुए “भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी समाजों की विशेष जिम्मेदारी” पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार की वकालत की। वैश्विक स्वास्थ्य शासन में भारत की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने दोहराया। इसके लिए सामूहिक प्रयासों का समर्थन करने पर भी बल दिया। कोरोना के कहर के लिए उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन के खराब नेतृत्व की ओर इशारा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन द्वारा पारदर्शिता की कमी के कारण ही कोरोना संकट ने पूरी दुनिया को अपने घेरे में ले लिया है।

पीएम मोदी ने कॉन्फ्रेंस में “वन अर्थ, वन हेल्थ” का नारा दिया। इसका जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने समर्थन किया। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए कच्चे माल की आपूर्ति रखने के भारत के प्रस्ताव को भी व्यापक स्तर पर समर्थन मिला है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने वैक्सीन बनाने के लिए जरूरी कच्चे माल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की भारत की माँग का पुरजोर समर्थन किया है। ‘बिल्डिंग बैक स्ट्रॉन्गर हेल्थ’ टाइटल वाले इस सत्र में वैश्विक महामारी से उबरने और भविष्य की महामारियों के खिलाफ और अधिक सामंजस्य को लेकर चर्चा की गई।

वैक्सीन पेटेंट पर भारत को मिला ऑस्ट्रेलिया का साथ

पीएम मोदी ने विश्व व्यापार संगठन में कोरोना महामारी से जुड़ी दवाइयों व वैक्सीन को पेटेंट से मुक्ति दिलाने की कोशिश में जी-7 देशों की मदद भी माँगी। इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने अपने संबोधन में भारत व दक्षिण अफ्रीका की तरफ से लाए गए इस प्रस्ताव को पूरा समर्थन देने का एलान किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का पूरा समाज कोरोना से लड़ने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने जी-7 की मीटिंग में कोरोना से मुकाबला करने की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और वैक्सीन प्रबंधन के लिए अपनाए गए डिजिटल तकनीक के बारे में बताया। इसके साथ ही पीएम ने दूसरे विकासशील देशों के साथ अनुभव और विशेषज्ञता को भी शेयर करने की देश की इच्छा के बारे में भी बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जी-7 समेत दूसरे देशों द्वारा दिए गए समर्थन पर आभार व्यक्त किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका के साथ जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के नाम पर हो फ्लाईओवर… वहाँ 70% आबादी मुस्लिमों की: शिवसेना सांसद का CM ठाकरे को लेटर

महाराष्ट्र में शिवसेना के सांसद राहुल शेवाले ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने माँग की है कि घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर बन रहे नए फ्लाइओवर का नाम ‘गरीब नवाज’ ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के नाम पर रखा जाए।

गुरुवार (10 जून 2021) को लिखे अपने पत्र में सांसद ने कहा, ”छेड़ा नगर से मानखुर्द के बीच 70 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की है, इसलिए निर्माणाधीन पुल को सुल्तानुल हिंद ख्वाजा गरीब नवाज (मोईनुद्दीन सूफी चिश्ती) के नाम पर रखा जाए।” उन्होंने इस संदर्भ में पत्र में दो संस्थाओं का उल्लेख भी किया है, जिसमें ऑल इंडिया उलेमा एंड मशायक बोर्ड और उलेमा ए अहले सुन्नत का नाम है।

सांसद राहुल शेवाले द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा गया पत्र

बता दें कि साल 2019 में मुंबई की एक अदालत ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हिंसा के मामले में शिवसेना सांसद राहुल शेवाले की पत्नी और पार्टी के 17 कार्यकर्ताओं को एक साल जेल की सजा सुनाई थी। लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन शिवसेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के कार्यकर्ताओं के बीच हुए संघर्ष में एक कॉन्स्टेबल जख्मी हो गए थे।

भोपाल के पास भोजपुर का शिव मंदिर जो आज भी है अधूरा, कारण कोई नहीं जानता, विशालकाय शिवलिंग इसकी पहचान

भोपाल से लगभग 32 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में बेतवा नदी के दाहिने ओर एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है भोजेश्वर मंदिर या भोजपुर मंदिर। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह एक अपूर्ण मंदिर है और इसके अपूर्ण रहने का कारण कोई नहीं जानता है। इसके अलावा मंदिर में स्थापित शिवलिंग भी अपने आप में अद्वितीय है।

एक रात में बना अधूरा मंदिर

मंदिर के निर्माण का श्रेय मध्य भारत के परमार वंशीय राजा भोजदेव को जाता है। राजा भोजदेव कला, स्थापत्य एवं विद्या के महान संरक्षक एवं महान लेखक भी थे। हालाँकि कई मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण एक रात में पांडवों ने किया था।

कहा जाता है कि पांडव अपने वनवास के दौरान माता कुंती के साथ यहीं आस-पास वनों में निवास कर रहे थे। इस दौरान भीम ने विशाल पत्थरों से ही इस मंदिर का निर्माण किया और शिवलिंग की स्थापना की, जिससे माता कुंती बेतवा नदी में स्नान करके भगवान शिव की पूजा कर सकें।

भोजपुर मंदिर (फोटो : जी न्यूज)

हालाँकि मंदिर के अपूर्ण होने के पीछे कोई पुख्ता कारण नहीं है लेकिन ऐसी मान्यता है कि संभवतः मंदिर के निर्माण को लेकर कोई संकल्प रहा होगा और उसका निर्माण एक रात में ही होना सुनिश्चित हुआ होगा, लेकिन सुबह हो जाने के कारण मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो सका और मंदिर अंततः अपूर्ण रह गया। मंदिर का निर्माण आज भी अधूरा है और मंदिर के आस-पास स्थित अधूरे पिलर, मूर्तियाँ इस बात की गवाही देते हैं।

मंदिर के पीछे भाग में एक ढलान है, जिसका उपयोग पत्थरों को ऊँचाई तक पहुँचाने के लिए किया गया। पत्थर के विशाल भागों को निर्माण में लाने की ऐसी विधि कहीं और विद्यमान नहीं है। इस ढलान की सहायता से ही लगभग 70,000 किग्रा के पत्थरों को मंदिर निर्माण के लिए पहाड़ी की चोटी तक पहुँचाया गया।

मंदिर की संरचना

मंदिर का द्वार पश्चिम दिशा की ओर है। भोजेश्वर महादेव मंदिर 106 फुट लंबा एवं 77 फुट चौड़ा है। मंदिर 17 फुट ऊँचे एक चबूतरे पर निर्मित किया गया है। मंदिर के गर्भगृह की अपूर्ण छत 40 फुट ऊँचे चार स्तंभों पर टिकी हुई है।

गर्भगृह का विशाल द्वार दो तरफ से गंगा एवं यमुना की प्रतिमाओं से सुसज्जित है। चार स्तंभों में शिव-पार्वती, सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण और ब्रह्मा-सावित्री की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है।

मंदिर की छत गुंबद आकार की है और भारतीय विद्वान इसे प्रथम गुंबदीय छत वाली इमारत मानते हैं। यह मंदिर इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत में गुंबद का निर्माण इस्लाम के आगमन से पहले भी किया जाता रहा है।

मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है गर्भगृह में स्थापित 22 फुट ऊँचा शिवलिंग (आधार सहित) जो कि दुनिया के विशालतम शिवलिंगों में से एक है। शिवलिंग का व्यास 7.5 फुट है। शिवलिंग एक ही पत्थर से बनाया गया है और इसे बनाने में चिकने बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया है।

भोजपुर मंदिर में स्थापित शिवलिंग (फोटो :भोपाल समाचार)

कैसे पहुँचे?

मध्य प्रदेश की राजधानी होने के कारण भोपाल सभी प्रकार के परिवहन मार्गों से जुड़ा हुआ है। भोपाल में ही राजा भोज हवाईअड्डा है जो मंदिर से लगभग 38 किमी की दूरी पर स्थित है। हालाँकि मुख्य भोपाल शहर से भोजपुर की दूरी लगभग 32 किमी है लेकिन यातायात के सभी साधन उपलब्ध होने के कारण यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। साथ ही भोपाल रेल एवं सड़क मार्ग से देश के सभी शहरों से जुड़ा हुआ है। भोपाल जंक्शन से भोजपुर स्थित इस शिव मंदिर की दूरी लगभग 30 किमी है।

मेहुल चौकसी के खिलाफ CBI ने दाखिल किया डोमिनिका कोर्ट में हलफनामा, कहा- भारत में ही होगी अदालती कार्रवाई

रिपब्लिक मीडिया ने एक्सक्लूसिव तौर पर केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के द्वारा डोमिनिका की अदालत में पीएनबी घोटाले के आरोपित मेहुल चौकसी के खिलाफ पेश किए गए हलफनामे को एक्सेस करने का दावा किया है।

रिपब्लिक के अनुसार यह हलफनामा डोमिनिका हाई कोर्ट में दाखिल किया गया है। इस हलफनामे में सीबीआई ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मेहुल चौकसी के खिलाफ भारतीय अदालत में 23 मई 2018 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। सीबीआई द्वारा दायर किए गए इस हलफनामे से भगोड़े व्यापारी चौकसी को भारत लाने की कार्रवाई को बल मिलेगा।

सीबीआई ऑफिसर शारदा राउत द्वारा साइन किए गए इस हलफनामे में बताया गया है कि धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में मेहुल चौकसी के खिलाफ 16 मई 2018 को चार्जशीट फाइल की गई थी। इसके अलावा हलफनामें यह भी बताया गया है कि चौकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है जिसकी कॉपी डोमिनिका की अदालत में जमा की गई है।

सीबीआई द्वारा दाखिल किए गए इस हलफनामें में डोमिनिका की अदालत को यह भी सूचित किया गया कि चौकसी की गिरफ्तारी के बाद उसे भारत में उसी अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसके खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, मनी लॉन्डरिंग और घूसखोरी का मामला दर्ज है।

सीबीआई के हलफनामे में मेहुल चौकसी के द्वारा चुनी गई जगह पर पूछताछ करने की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा गया है कि चौकसी को भारत में ही अदालत में पेश करना होगा, जहाँ भारतीय कानून के अनुसार उस पर कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई ने डोमिनिका कोर्ट को बताया है कि मेहुल चौकसी भारत में हो रही कार्यवाही से पूरी तरह से परिचित था।

शनिवार (12 जून) को सूत्रों से यह जानकारी मिली कि सीबीआई की तीन टीमें इस समय भारत, यूके और डोमिनिका में हैं। पहली टीम यूके में वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे की सहायता कर रही है। दूसरी टीम पूरे दस्तावेजों के साथ भारत में विदेश मंत्रालय की सहायता में है एवं तीसरी टीम डोमिनिका प्रशासन के साथ कोऑपरेट कर रही है।

हाल ही में डोमिनिका की अदालत ने मेहुल चौकसी की जमानत की अर्जी को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि अभी भी उसके भागने की संभावना है। कोर्ट ने कहा कि चौकसी ने कोर्ट के सामने किसी भी प्रकार का आश्वासन नहीं दिया, ऐसे में कोर्ट उसे जमानत भी नहीं दे सकता है। इससे पहले 25 मई को ही डोमिनिका की सरकार मेहुल चौकसी को अवैध प्रवासी घोषित कर चुकी है।

ज्ञात हो कि मेहुल चौकसी 13,000 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का आरोपित है। हालाँकि मामला सामने आने पर मेहुल चौकसी ने भारत छोड़ दिया था और एंटिगुआ की नागरिकता ले ली थी। पीएनबी घोटाले का दूसरा आरोपित नीरव मोदी यूके में है जिसके प्रत्यर्पण के प्रयास चल रहे हैं।