Homeदेश-समाजदलित लड़की किडनैप, नमाज पढ़ता वीडियो... और धमकी कि ₹40-50 हजार लेके भूल जाओ:...

दलित लड़की किडनैप, नमाज पढ़ता वीडियो… और धमकी कि ₹40-50 हजार लेके भूल जाओ: UP पुलिस ने किया केस दर्ज

दलित परिवार को एक मुस्लिम लड़के की तरफ से धमकी भी आई है कि वो अब अपनी बेटी को भूल जाएँ। धमकी के साथ लालच भी दिया गया है कि अगर 40-50 हजार रुपए चाहिए तो वो दलित लड़की के परिवार को मिल जाएगा।

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक सिलाई कंपनी में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के साथ एक दलित लड़की काम करती थी। अब वो गायब है। घटना वाले दिन के बाद परिवार वालों को एक वीडियो मिलता है, जिसमें गायब हुई दलित लड़की नमाज पढ़ रही होती है।

दलित लड़की का नमाज पढ़ने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है। इस वीडियो के साथ दलित परिवार को एक मुस्लिम लड़के की तरफ से धमकी भी आई है कि वो अब अपनी बेटी को भूल जाएँ। धमकी के साथ लालच भी दिया गया है कि अगर 40-50 हजार रुपए चाहिए तो वो दलित लड़की के परिवार को मिल जाएगा।

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला ग्रेटर नोएडा के जेवर कस्बे का है। लापता हुई दलित लड़की ने अपने साथ काम करने वाली मुस्लिम महिलाओं के बारे में अपने परिवार को बताया था। लड़की के अनुसार वो महिलाएँ उससे हिंदू धर्म छोड़ कर मुस्लिम बनने का दबाव डालती थी।

जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर पीड़ित लड़की के परिवार वाले मुस्लिम महिलाओं के घर जाकर शिकायत भी कर चुके थे। इसी बात को लेकर उन महिलाओं ने धोखे से दलित लड़की को अगवा कर लिया, जिसकी रिपोर्ट दलित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में लिखवाई है।

लड़की के परिवार के लोगों ने तीन महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए जेवर कोतवाली में नामजद रिपोर्ट लिखवाई है। शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपित महिलाओं ने पहले दलित युवती को अपने जाल में फँसाया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करने का दवाब बनाया।

आरोपित महिलाओं ने लड़की की शादी के लिए घर में रखे 70 हजार रुपए के गहने को भी धोखे से मँगा लिया था और जेवर कस्बे का एक युवक ही किडनैपिंग के बाद लड़की को लेकर फरार हो गया। यह वही युवक है, जिसने नमाज पढ़ते लड़की का वीडियो उसके पिता को भेजकर उन्हें धमकी दी है।

जेवर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया है कि लड़की के पिता की शिकायत पर गुमशुदगी का केस दर्ज किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -