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‘मदरसा छाप, मिर्जापुर का ललित’: दिल्ली में ऑक्सीजन की बर्बादी पर तजिंदर बग्गा और अमानतुल्लाह के बीच छिड़ा वाक युद्ध

शुक्रवार को दिल्ली भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली के सरकारी अस्पताल डीडीयू हॉस्पिटल का वीडियो जारी किया और आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के अधिकारी ऑक्सीजन बर्बाद कर रहे हैं जिससे दिल्ली में ऑक्सीजन संकट पैदा हो। बग्गा के आरोप के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान और तजिंदर पाल सिंह बग्गा के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ गई।   

अमानतुल्लाह खान ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए बग्गा पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि बग्गा को पढ़-लिख लेना चाहिए जिससे उन्हें कोई रोजगार मिल सके।

इस पर तजिंदर बग्गा ने कहा कि बाटला हाउस इनकाउंटर को फर्जी बताने वाला और मोहनचंद शर्मा के बलिदान का अपमान करने वाला आज फेक न्यूज की बात कर रहा है। बग्गा ने अमानतुल्लाह खान को ‘मदरसा छाप दंगाई विधायक’ भी कहा जिस पर अमानतुल्लाह खान ने कहा कि बग्गा ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से ज्ञान लेते हैं और खान ने बग्गा को यह भी कहा कि ‘छोटू’ बड़ा हो गया।  

तजिंदर बग्गा ने अमानतुल्लाह खान को ‘मिर्जापुर का ललित’ बुलाते हुए कहा कि अमानतुल्लाह खान और उसके ऑक्सीजन चोर आप विधायक इमरान हुसैन पर दिल्ली की जनता सर्जिकल स्ट्राइक करेगी।   

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण पर असफल रहने वाली दिल्ली की आप सरकार की खासी आलोचना हो रही है। दिल्ली की सरकार ने दिल्ली में ऑक्सीजन ऑडिट को भी नकार दिया। दिल्ली सरकार के द्वारा ऑक्सीजन के ऑडिट के लिए मना करने का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन आँकड़े कहते हैं कि दिल्ली सरकार मुंबई से चार गुना अधिक ऑक्सीजन की माँग कर रही है जबकि मुंबई में कोरोना वायरस के सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या (54,162) दिल्ली (87,907) के आधे से थोड़ा ही अधिक है।

ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी में पकड़ा गया कॉन्ग्रेस नेता: महिला TI ने मरीज की परिजन बन किया भंडाफोड़

इंदौर में ऑक्सीफ्लोमीटर की कालाबाजारी करने वाले कॉन्ग्रेस के मंडल अध्यक्ष यतींद्र वर्मा का राजेंद्र नगर की TI ने एक फोन कॉल से भंडाफोड़ कर दिया। पड़ताल में पुलिस को वर्मा के पास से 2 ऑक्सी फ्लो मीटर बरामद हुए। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने कॉन्ग्रेस के मंडल अध्यक्ष को देर रात पकड़ा।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, राजेंद्र नगर टीआई अमृता सोलंकी ने वर्मा को पकड़ने के लिए एक मरीज की परिजन बनकर उससे संपर्क किया। सोलंकी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ रही है। ऐसे में लोग किसी प्रकार ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था तो कर ले रहे हैं, लेकिन उसमें लगने वाले ऑक्सी फ्लो मीटर के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर लोग इसकी जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। ये लोग तीन से चार गुना तक वसूल रहे हैं।

टीआई ने बताया कि उनके पास इस संबंध में रात में शिकायत आई थी। उन्हें बताया गया कि कोई यतींद्र नाम का आदमी अधिक दाम पर ऑक्सी फ्लो मीटर दिलवा रहा है। जब उन्होंने मरीज का परिजन बनकर बात की। तो ये आरोप सही निकले। वर्मा की ओर से जवाब आया कि वह 7 हजार रुपए में ऑक्सी फ्लो मीटर का इंतजाम करवाके तीन पुलिया पर डिलीवरी दे देगा।

टीआई ने वर्मा के सामने अपनी कोई मनगढ़ंत परेशानी बताई और कहा कि वह घर के पास आकर डिलीवरी दे सकते हैं तो बेहतर होगा। लंबी बातचीत के बाद वर्मा मान गया। वह RTO पर कार से डिलीवरी करने पहुँचा। इसके बाद उसे 7 हजार रुपए दिए गए और जैसे ही वो ऑक्सी फ्लो मीटर निकाल कर देने लगा, टीआई ने उसे दबोच लिया।

सख्ती से पूछताछ में यतींद्र ने सारी सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि अरबिंदों अस्पताल के पास उसका किराए का मकान है। उसने वहीं ऑक्सी फ्लो मीटर रखे हुए हैं। जब पुलिस टीम बताई जगह पर पहुँची तो ऑक्सी फ्लो मीटर बरामद हो गए। अब आगे की पूछताछ हो रही है। पता लगाया जा रहा है कि आखिर कालाबाजारी के लिए वह ये ऑक्सी फ्लो मीटर कहाँ से लेकर आया।

दैनिक भास्कर (साभार) में प्रकाशित राजेंद्र नगर टीआई अमृता सोलंकी और यतींद्र वर्मा के बातचीत के अंश:

TI : हैलो।
वर्मा : हैलो।
TI : वर्मा भैया बोल रहे हैं क्या?
वर्मा : जी, यतींद्र वर्मा बात कर रहा हूँ।
TI : भैया, मुझे आपका नंबर मेरे भाई साहब ने दिया था। बोला था कि ऑक्सी फ्लो मीटर की व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो आप कर देंगे क्या?
वर्मा : जी, किसने बोला आपको, किसने नंबर दिया था?
TI : एक राजू भैया हैं, क्या है कि हमारी मम्मी घर पर ही हैं और हमारे पास सिलेंडर तो है, लेकिन उसमें लगने वाला ऑक्सीमीटर नहीं है। उन्होंने कहा था इस नंबर पर बात कर लेना। भैया व्यवस्था करवा देंगे।
वर्मा : मैम, ऑक्सीमीटर मेरे पास तो नहीं है, पर मैं उपलब्ध करवा दूँगा। पर 7 हजार से कम में नहीं आएगा मैडम। किसी के पास एक पड़ा है। करवा दूँगा व्यवस्था आपको।
TI : कितने में आएगा?
वर्मा : 7 हजार रुपए में।
TI : चलेगा भैया अभी बहुत जरूरत है, मेरी मम्मी पॉजिटिव है भैया ।
वर्मा : मैम तो आप एक काम करिए, आप किसी को पहुँचा सकते हैं तो 3 पुलिया चौराहे पर किसी को पहुँचा दीजिए।
TI : कौन से चौराहे पर भैया ।
वर्मा : तीन पुलिया चौराहे पर कार्तिक मेडिकल पर पहुँचा दीजिए।
TI : तीन पुलिया किधर आएगा भैया।
वर्मा : मैम आप कहाँ से बोल रहे हैं।
TI : भैया मैं अन्नापूर्णा से बोल रही हूँ।
वर्मा : मैम, परदेशीपुरा के पास तीन पुलिया आता है। यहाँ पर किसी को पहुँचा दीजिए।
TI : यहाँ आकर आपको काॅल कर लूँ।
वर्मा : जी, मैं करवा दूँगा।
TI : थैंक्यू भैया ।

जिन किसानों का CM अमरिंदर करते थे समर्थन, उन्होंने ही कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; कहा- ‘नहीं मानेंगे लॉकडाउन’

देश भले ही कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा हो, लेकिन ‘किसान आंदोलन’ अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसान प्रदर्शनकारी पहले की तरह भीड़ जुटा रहे हैं और कुंभ व चुनावी रैलियों के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला मीडिया शांत है। अब पंजाब में किसानों ने वहाँ लगे वीकेंड लॉकडाउन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। किसान प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि वो वीकेंड लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करेंगे।

पंजाब का कोई एक नहीं बल्कि कई किसान संगठन कोरोना दिशानिर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए सड़क पर उतरे। किसानों ने दुकानदारों पर दबाव बनाया कि वो अपनी दुकाने खोलें और सरकार का आदेश नहीं मानें, लेकिन दुकानदारों ने इससे इनकार कर दिया और कहा कि वो जिला प्रशासन जैसा बताएगा वैसा ही करेंगे। शनिवार (मई 8, 2021) को मोगा में भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहान) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने नेचर पार्क में एकत्रित होकर राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। नेचर पार्क से लेकर मोगा के जोगिंदर सिंह मुख्य पार्क तक मार्च निकाला। लेकिन, दुकानदारों के संघ ने किसानों का समर्थन नहीं किया। पठानकोट में भी किसानों ने निकल कर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने सभी जिला कमिश्नरों को अपने हिसाब से लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया था।

मुख्यमंत्री ने ‘किसान संघर्ष मोर्चा’ के लॉकडाउन विरोधी प्रदर्शन को नजर में रखते हुए किसी भी तरह के उल्लंघन को सख्ती से निपटने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि 32 किसान यूनियनों का मोर्चा सरकार पर अपनी राय नहीं थोप सकता। ये वही कैप्टेन अमरिंदर सिंह हैं, जिन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर बैठे इन्हीं किसानों का कई बार समर्थन किया था। उन्होंने केंद्र सरकार को इनकी माँगें मान लेने की कई बार अपील की थी।

किसान नेताओं ने अपने भाषण में कहा कि हम लॉकडाउन को नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कड़ाई में ढील देनी चाहिए, ताकि केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और तेज़ हो। किसान नेता अपने साथ काफी महिला प्रदर्शनकारियों को भी साथ लाए थे। लाउडस्पीकर से दुकानदारों से अपील की जा रही थी कि वो अपनी दुकानें खोलें। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती हुई थी।

स्वाति चतुर्वेदी पर HT के पत्रकार ने लगाया ‘कंटेंट चुराने’ का आरोप, हिमंत बिस्वा सरमा पर NDTV में लिखा था लेख

पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी पर कंटेंट प्लेजेरिज्म का आरोप लगा है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के एक पत्रकार ने उन पर कंटेंट कॉपी करने का आरोप लगाया है। HT के एसोसिएट एडिटर जिया हक़ ने ये आरोप लगाया है। जिस लेख की चोरी का आरोप लगा है, वो असम के दिग्गज भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा पर है। असम सहित पूरे उत्तर-पूर्व में भाजपा को स्थापित करने में हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा रोल है। वो पहले कॉन्ग्रेस में हुआ करते थे।

जिया हक़ ने ट्विटर के माध्यम से दोनों ही लेखों का स्क्रीनशॉट शेयर किया और उस पैराग्राफ के बारे में बताया, जिसका उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कॉपी करने का आरोप लगाया। ये लेख मई 3, 2021 को लिखा गया था। इस लेख के उस पैराग्राफ में लिखा था, “हिमंत बिस्वा सरमा ने अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में मदद की। उन्होंने कॉन्ग्रेस को हटा कर वहाँ भाजपा की सरकार बनवाई। उन्होंने मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी कॉन्ग्रेस को अपदस्थ कर भाजपा गठबंधन की सरकार बनवाई।”

इस लेख में आगे लिखा था, “उन्होंने 2017 में मणिपुर में भाजपा की सरकार बनवाई। उन्होंने मेघालय में नॉन-कॉन्ग्रेस सरकार बनवाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। वहाँ उन्होंने नागा पीपल्स फ्रंट और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी को भाजपा के साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाई।” वहीं स्वाति चतुर्वेदी के लेख में भी लगभग यही चीजें लिखी हुई प्रतीत हो रही हैं। दोनों ही लेखों में उन्हें ‘HBS’ कह कर सम्बोधित किया गया है।

हालाँकि, जिया हक ने एकदम से ऐसा नहीं कहा कि उनके लेख को चुराया गया है या फिर कॉपी किया गया है। उन्होंने लिखा, “ये पैराग्राफ स्वाति चतुर्वेदी द्वारा हिमंत बिस्वा सरमा पर लिखे गए लेख का है। ये लेख उन्होंने NDTV पर लिखा है। ये लेख आज आया है। जबकि दूसरी तरफ ये मेरे लेख का स्क्रीनशॉट है, जो मैंने 3 मई को लिखा था।” हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब स्वाति चतुर्वेदी पर प्लेजेरिज्म का आरोप लगा हो।

इससे पहले ‘द इकोनॉमिस्ट’ के पत्रकार स्टेनली पिग्नल ने उन पर अपनी ट्वीट्स कॉपी करने का आरोप लगाया था। उनका विवादों में रहने का पुराना इतिहास रहा है। मई 2020 में अभिनेता ऋषि कपूर के निधन के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, “भविष्यवाणी: हम जल्द ही पीएम मोदी की हत्या करने की साजिश के बारे में सुनेंगे।”

20 दिन के अंदर AMU में 26 मौत: 16 सेवारत फैकल्टी सदस्य और 10 रिटायर्ड कर्मियों ने कोरोना से तोड़ा दम

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में पिछले 20 दिनों में 26 लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई। इनमें 16 सदस्य यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे और 10 रिटायर्ड हो चुके फैकल्टी सदस्य थे। यूनिवर्सिटी के कुलपति तारिक मंसूर के बड़े भाई की भी इस बीच कोरोना के कारण मौत हुई और ऋग्वेद में डॉक्टरेट करने वाले पहले मुस्लिम स्कॉलर को भी कोरोना निगल गया।

इस समय 16 कर्मचारियों समेत कुछ फैकल्टी सदस्यों का इलाज जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एएमयू के प्रवक्ता शैफई किदवई ने बताया कि चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शादाब अहमद खान (58) और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रफीकुल जमान खान (55) ने शुक्रवार को वायरस के कारण दम तोड़ दिया। प्रवक्ता ने कहा कि उप-कुलपति मंसूर के भाई उमर फारूक (75) की भी कोरोना से मौत हो गई। वह यूनिवर्सिटी कोर्ट के पूर्व सदस्य और मोहम्मदन एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य थे।

वहीं बुधवार को मशहूर संस्कृत स्कॉलर और संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो खालिद बिन यूसुफ (56) का निधन हो गया था। वे ऋग्वेद में डॉक्टरेट पाने वाले पहले मुस्लिम स्कॉलर थे।

सेवारत फैकल्टी मेंबर, जिन्होंने इस माह में कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ा, उनमें पोस्ट हार्वेस्ट इंजिनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद अली खान (60), राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो काजी मोहम्मद जमशेद (55), मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो साजिद अली खान (63), संग्रहालय विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान (62), महिला अध्ययन केंद्र के डॉ अजीज फैसल (40), इतिहास विभाग के डॉ जिबरईल (51), अंग्रेजी विभाग के डॉ मोहम्मद यूसुफ अंसारी (46), उर्दू विभाग के डॉ मोहम्मद फुरकान संभली (43) और जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर सैयद इरफान अहमद (62) का नाम शामिल हैं।

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मौतों का सिलसिला पिछले माह से ही शुरू हो रखा है। पिछले माह उर्दू विभाग के फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर मौला बख्स अंसारी, धर्मशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एहसानुल्लाह फहद, और विश्वविद्यालय पॉलिटेक्निक AMU सईद में चमड़े और जूते के अनुभाग के प्रभारी उज्मन (51) की कोरोना से मौत हो गई थी। इनके अलावा, अब तक सेवानिवृत्त हो चुके 10 फैकल्टी सदस्य भी कोविड के कारण दम तोड़ चुके हैं। इनमें जेएनएमसी के पहले बैच के छात्र, प्रोफेसर एम मुबाशीर (77), मेडिकल कॉलेज के पहले प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी के पहले छात्र शामिल हैं।

‘राधे योर मोस्ट वांटेड भाई’ पर चली कैंची: 21 कट के बाद 3 मिनट 31 सेकंड छोटी हो गई फिल्म

सलमान खान की ईद पर रिलीज होने जा रही बहुप्रतीक्षित फिल्म “राधे – योर मोस्ट वांटेड भाई” बिना किसी कट के पास कर दी गई थी। लेकिन सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट मिलने के बाद निर्माताओं ने स्वेच्छा से फिल्म में 21 कट किए

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “अभिनेता सलमान खान और निर्माताओं को लगा था कि फिल्म पारिवारिक मनोरंजन पर आधारित है। यह डिजिटल पर भी आ रही है। कई लोग इसे अपने घरों में अपने परिवारों के साथ देखने जा रहे हैं। इसीलिए मेकर्स ने शायद सोचा होगा कि कुछ शॉट्स को हटाना बेहतर है, ताकि दर्शक असहज महसूस न करें। फिल्म में से ड्रग्स का सेवन करने वाले युवा लड़कों के कुछ शॉट्स हटा दिए गए हैं। ड्रग्स के सेवन से पीड़ित लड़के का एक सेकंड का शॉट है। यहाँ तक ​​कि इस ब्लिंक-एंड-मिस शॉट को काट दिया गया। इसके अलावा चार स्थानों पर एक्शन शॉट्स को हटा दिया है, जो कि थोड़ा हिंसक था।”

मेकर्स ने फिल्म में कुछ सीन्स जोड़े भी हैं। फिल्म के अंत में पाँच सेकेंड का शहरों का सीन जोड़ा गया है। दिलचस्प बात यह है कि कट लिस्ट में हुए बदलाव के मुताबिक, “स्वच्छ मुंबई” को “स्वच्छ भारत” से बदल दिया गया है। साथ ही, “जय महाराष्ट्र” संवाद को भी उसी संवाद में हटा दिया गया।

कट लगने से पहले “राधे – योर मोस्ट वांटेड भाई” 117 मिनट और 55 सेकंड की थी। लेकिन सीन्स में कटौती के बाद अब यह घटकर ​​114 मिनट और 24 सेकंड रह गई है। यानी कि मेकर्स ने 3 मिनट 31 सेकंड के शॉट्स को हटा दिया है।

एक साथ 9 बच्चे पैदा: माँ हलीमा बहुत खुन बहने से मरने के करीब थी, शौहर कादर ने कहा- ‘बच्चे अल्लाह की देन’

अफ्रीकी देश माली में हलीमा सिस्से नाम की 26 साल की महिला ने लगभग मरने वाली दशा में पहुँच कर 9 बच्चों (5 लड़कियाँ और 4 लड़के) को जन्म दिया। प्रसव के दौरान हलीमा के शरीर में खून की कमी आ गई थी। हालाँकि, अब वह ठीक हैं। उनके पति कादर अरबी को अपने बच्चों को देखने की उत्सुकता है। डॉक्टर के मुताबिक, महिला के पति ने कहा, “अल्लाह के दिए तोहफों को देखने के लिए मैं इंतजार कर रहा हूँ (Can’t wait to see my gifts from God)।”

डेलीमेल में प्रकाशित खबर के मुताबिक हलीमा को प्रेगनेंसी के दौरान 6 स्टोन (लगभग 38 किलो) वेट संभालना पड़ता था। उनकी 30 हफ्तों की प्रेगनेंसी और हालात को देखते हुए महिला की डिलीवरी सिजेरियन हुई। इसके बाद रक्त प्रवाह को रोकते हुए 18 नर्सों ने सभी 9 नवजातों को इनक्यूबेटर्स में शिफ्ट किया। सभी बच्चे अभी भी वेंटीलेटर पर हैं। उन्हें 12 हफ्ते केयर में रखा जाएगा। इसके बाद वह खुली हवा में साँस ले सकेंगे।

26 वर्षीय हलीमा का निकाह 35 साल के कादर अर्बी से 2017 में तिंबकटू में हुआ था। इनकी पहले भी एक बेटी थी, जिसे मिलाकर अब ये दंपत्ति 10 बच्चों के माता-पिता हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार जब हलीमा प्रेगनेंट हुई तो अल्ट्रासाउंड में केवल 7 बच्चे डिटेक्ट किए गए। हालाँकि डिलीवरी के समय इनकी संख्या 9 निकली। सभी मोरोक्को के अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अभी उनका पाचन तंत्र सही से विकसित नहीं हुआ है।

हलीमा के पति ने इन बच्चों को अल्लाह की देन बताते हुए (They are gifts from God) उन्हें देखने की उत्सुकता जाहिर की। कादर ने कहा कि वह लगातार अपनी पत्नी से संपर्क में थे लेकिन उन्हें अपनी ढाई साल की बेटी के साथ घर पर रहना था, इसलिए वह मोरक्को नहीं जा पाए। कादर बताते हैं कि महामारी के समय में जाहिर है ट्रैवल करना मुश्किल काम है लेकिन वह किसी तरह अगले हफ्ते तक अपनी पत्नी के पास पहुँचने का जुगाड़ करेंगे।

उनके मुताबिक ये बहुत आनंदित करने वाला क्षण है और वह इसके लिए अल्लाह को हमेशा शुक्रिया करेंगे। वह कहते हैं, “हमारे बच्चे अल्लाह का तोहफा हैं।” कादर अरबी पेशे से माली की सेना में अकॉउंटेंट का काम करते हैं। अपने 9 बच्चों का नाम पूछे जाने पर उन्होंने कहा है कि अभी वह इस बारे में सोचेंगे।

बता दें कि हलीमा की डिलीवरी के बाद ये 9 नवजात हर जगह चर्चा में बने हुए हैं। हर कोई जोड़े को बधाई भी दे रहा है। हालाँकि, दंपत्ति के लिए फिलहाल उनके बच्चों की सेहत पहली प्राथमिकता है। हलीमा इस समय रेस्ट पर हैं। वह अपने पति से समय-समय पर बात करती रहती हैं।

हलीमा की डिलीवरी करवाने वाले डॉ मुराद का कहना है कि आम तौर पर जो बच्‍चे 30 सप्‍ताह के आसपास पैदा होते हैं और उन्‍हें सही इलाज दिया जाता है तो उनके जिंदा बचने की संभावना 80 प्रतिशत तक होती है। उन्‍होंने कहा, “मुझे भरोसा नहीं था कि 25 सप्‍ताह में पैदा होने पर सभी बच्‍चे जिंदा बचेंगे या नहीं, इसलिए 5 सप्‍ताह का समय प्रसव के लिए और बढ़ाया गया।”

इससे पहले माली की सरकार ने 26 साल की हलीमा सिस्‍से को बेहतर देखरेख के लिए 30 मार्च को मोरक्‍को भेजा था। अब तक 6 बच्‍चों के एक साथ सफलतापूर्वक जन्‍म देने की घटना को दुर्लभ माना जाता था लेकिन अब महिला ने 9 बच्‍चों को जन्‍म दिया है। हलीमा के साथ माली के एक डॉक्‍टर भी गए हैं और वह पल-पल की जानकारी दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि हलीमा के 9 बच्चे अगर जिंदा रहते हैं तो वह एक रिकॉर्ड होगा। 9 बच्चों को जन्म देने वाला ये तीसरा मामला है। इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया और मलेशिया में महिलाओं ने 9 बच्‍चों को जन्‍म दिया था। लेकिन इनमें कुछ की बाद में मौत हो गई थी। इसके अलावा वर्ष 2009 में नाद्या सुलेमान ने 8 बच्‍चों को जन्‍म दिया था और वे सभी जिंदा बच गए थे। मतलब 8 बच्चों को जन्म देना और सभी का जिंदा रह जाना अभी तक का रिकॉर्ड है। हलीमा सिस्‍से के सभी 9 बच्चे अगर जिंदा रह जाते हैं तो 8 बच्चों वाला रिकॉर्ड टूट जाएगा।

DRDO के एंटी कोविड ड्रग 2-DG को DCGI ने दी मंजूरी: पानी में घोलकर ली जा सकेगी दवा, ट्रायल में आए अच्छे परिणाम

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के द्वारा विकसित एंटी कोविड ड्रग 2-DG को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इस दवा के तीसरे फेज के ट्रायल के बाद यह परिणाम प्राप्त हुआ कि दवा की सहायता से कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के उपचार में सहायता मिली साथ ही संक्रमितों में अतिरिक्त ऑक्सीजन की निर्भरता भी कम हुई है।

एंटी कोविड ड्रग 2-डिऑक्सी-D-ग्लूकोज या 2-DG को डीआरडीओ की लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एण्ड एलाइड साइंस (INMAS) ने डॉ. रेड्डी लैब के साथ मिलकर बनाया है। इस दवा के उपयोग से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों में गंभीर लक्षणों के बाद भी शीघ्रता से सुधार देखने को मिला और कई मरीजों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई। यह दवा पाउडर के रूप में उपलब्ध होगी जिसे पानी में घोलकर लिया जा सकेगा।

महामारी की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Covid-19 संक्रमण का इलाज खोजने के लिए वैज्ञानिक समुदाय का आह्वान किया था। उसके बाद डीआरडीओ ने अप्रैल 2020 में इस एंटी कोविड ड्रग 2-DG को लेकर प्रयोग शुरू किया था। प्रयोग में यह देखा गया कि 2-DG के मॉलेक्यूल कोरोना वायरस और उसकी वृद्धि के खिलाफ प्रभावी हैं। इन परिणामों को देखते हुए इस दवा के Covid-19 संक्रमित मरीजों पर दूसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल को मई 2020 में मंजूरी दी गई थी।

डीआरडीओ ने डॉ. रेड्डी के साथ मिलकर एंटी कोविड ड्रग 2-DG का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया। इस दवा का दूसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल देश के 11 अस्पतालों में हुआ। दूसरे फेज के ट्रायल के सफल परिणाम के बाद 2-DG के तीसरे फेज के ट्रायल को नवंबर 2020 में अनुमति दी गई।

डीआरडीओ के एंटी कोविड ड्रग 2-DG का तीसरे फेज का ट्रायल दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के मध्य देश के 27 कोविड अस्पतालों में हुआ। तीसरे फेज के ट्रायल के संतोषजनक परिणाम मिलने के बाद डीआरडीओ के इस एंटी कोविड ड्रग के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई। डीआरडीओ ने दावा किया है कि यह दवा आसानी से उत्पादित की जा सकती है जिससे देश में इसकी उपलब्धता रहेगी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आँकड़ों अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में 4,01,078 संक्रमण के नए मामले देखने को मिले। इसके अलावा इसी अवधि में देश में 4,187 मौतें हुईं। फिलहाल देश में सक्रिय मरीजों की सँख्या 37,23,446 है।  

सुब्रमण्यम स्वामी ने विदेशमंत्री को कहा- ‘वेटर’, लोगों ने PM मोदी से किया स्वामी को उनकी जगह दिखाने का आग्रह

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बार विदेश मंत्री एस जयशंकर को लेकर विवादित टिप्पणी की है। शुक्रवार (7 मई 2021) को स्वामी ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर को “वेटर” बताया और दावा किया कि कोरोना के कारण वह लंदन में क्वारंटाइन हैं। इसलिए देश वापस नहीं लौट सकते हैं।

हाल ही में भगवा पार्टी के खिलाफ विवादास्पद बयान देने वाले बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर दावा किया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर जी -7 में भाग लेने के लिए यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा के दौरान लंदन में मौजूद थे। कुछ भारतीय राजनयिकों के मुलाकात के बाद वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

विदेश मंत्री पर निशाना साधते हुए स्वामी ने दावा किया कि जयशंकर ने जी-7 की बैठक के दौरान ‘वेटर’ की तरह कपड़े पहने थे और वह अब भारत वापस नहीं लौट सकते हैं, क्योंकि उन्हें लंदन में क्वारंटाइन किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री को अपने आरोपों का खंडन करने के लिए कहा, अगर वे सच नहीं थे।

सुब्रमण्यम स्वामी का ट्वीट

इसके एक दिन बाद एस जयशंकर ने न केवल स्वामी, बल्कि मीडिया रिपोर्ट को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि यूके की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारतीय राजनयिकों का टेस्ट पॉजिटिव आया था। उन्होंने स्वामी को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो टेस्ट पॉजिटिव पाए गए थे, वो गलत निकले। टीम के सभी सदस्य देश में वापस आ गए हैं।

शुक्रवार (7 मई 2021) को देश वापस लौटने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुद को सेल्फ आईसोलेट कर लिया। क्योंकि उनके साथ गए कुछ राजनयिकों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी।

इस हफ्ते की शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि जयशंकर प्रसाद को संभावित कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने की जानकारी थी। इसको लेकर विदेश मंत्री ने ट्वीट किया था कि उन्होंने जी 7 सहित अन्य बैठकों में वर्चुअल तरीके से शामिल होने का निर्णय लिया है।

नेटिज़ेंस ने सुब्रमण्यम स्वामी को किया ट्रोल

सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री के खिलाफ असंवेदनशील और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल सोशल मीडिया यूजर्स को नागवार गुजरा। ऐसे वक्त में जब देश महामारी का सामना कर रहा है तब सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा विदेश मंत्री को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर उनकी खूब फजीहत हुई।

केशव ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी को भाजपा से बाहर कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह कभी भी पार्टी में शामिल होने के योग्य ही नहीं थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वामी को उनकी जगह दिखाने का आग्रह किया।

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर योगेश उनियाल ने सुब्रमण्यम स्वामी की क्लास लेते हुए कहा कि राजनीति में आने से पहले जयशंकर एक करियर डिप्लोमैट थे और वे स्वामी से ज्यादा बेहतर प्रोटोकॉल जानते थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में मंत्री बनने में नाकाम रहने के बाद स्वामी एक रोतूली लड़की की तरह हो गए हैं।

इस बीच एक अन्य यूजर ने स्वामी का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इसलिए जलन हो रही है क्योंकि वह ट्विटर ट्रोल बने हुए हैं, जबकि जयशंकर देश के विदेश मंत्री हैं।

एसएस कुमार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर स्वामी के जानबूझकर किए गए हमलों के बारे में कुछ रोचक तथ्य साझा किए। कुमार के मुताबिक, स्वामी के लेफ्टिस्ट न्यूज वेबसाइट ‘द हिंदू’ के प्रमोटरों के साथ नजदीकी रिश्ते हैं। इसी कारण वह अपनी बेटी सुहासिनी हैदर को अखबार में नौकरी दिलाने में सफल रहे। कुमार ने आगे कहा कि जब जयशंकर ने सुहासिनी हैदर को उसकी बीट से जुड़ी जानकारी देने से इंकार कर दिया तो स्वामी ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया।

डॉ जयशंकर के खिलाफ सुब्रह्मण्यम स्वामी का असंवेदनशील ट्वीट ऐसे वक्त में आया है जब विदेश मंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को धूमिल करने वाले विदेशी प्रोपागैंडा से लड़ रहे हैं।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद… असलम भैया जिंदाबाद… नया पाकिस्तान आया’: चुनावी जीत में देशविरोधी नारे, एक्शन में UP पुलिस

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के नतीजे आने के बाद दो जगहों से कथित तौर पर खुलेआम पाकिस्तान के समर्थन में नारे सुनाई दिए। यूपी के सीतापुर से एक मामला थानगाँव के बेलौता ग्राम से सामने आया। वहीं अमेठी के रामगंज के मंगरा से एक वीडियो आई, जिसमें देशविरोधी गाने तेज आवाज में बजते सुनाई दिए।

इन दोनों घटनाओं की वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है। सीतापुर में हुई घटना पर पुलिस ने केस दर्ज करके अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। नवभारत टाइम्स के मुताबिक थानगाँव इलाके के विकास खंड रेउसा के अंतर्गत बेलौता ग्राम निवासी असलम ने प्रधान पद के लिए दावेदारी की थी। चुनाव की वोटिंग के बाद हुई मतगणना में असलम जब प्रधान पद पर विजयी हुआ तो उसके समर्थकों ने वहाँ जम कर जश्न मनाया।

इसके बाद असलम भैया जिंदाबाद, कामीरा बाबा जिंदाबाद के साथ कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगे। घटना की वीडियो किसी ने जब रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर डाली तो पुलिस ने वीडियो पर तुरंत संज्ञान लिया।

वीडियो में असलम भैया के समर्थन में नारे और पाकिस्तान जिंदाबाद साफ सुना जा सकता है (ऑपइंडिया इस ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता)

अब वीडियो की सत्ययता की जाँच हो रही है। प्रधान असलम और उसके अज्ञात दर्जनों समर्थकों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज करके मामले की पड़ताल चल रही है।

नया पाकिस्तान आया, देखो इमरान खान आया

अमेठी के रामगंज के मंगरा गाँव में पाकिस्तान समर्थित गाने नए प्रधान इमरान खान की रैली में सुनाई दिए। चुनाव आयोग द्वारा विजय जुलूस पर रोक लगाने के बावजूद इमरान खान पर आरोप है कि उसने अपने विजय जुलूस में दर्जनों को बाइक और फोर व्हीलर से शामिल किया। इसके अलावा सामने आई वीडियो में सुन सकते हैं कि जो बैकग्राउंड में गाना बजाया जा रहा है, उसके बोल हैं, “नया पाकिस्तान आया, देखो इमरान खान आया।”

दरअसल, जब पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मुल्क में चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने इस गाने का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया था। मगर, अब पंचायत चुनाव में अमेठी के इमरान ने जीत हासिल की, तो वहाँ भी ये गाना सुनाई दिया। ऐसे में कई लोग भड़क उठे।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है। उनका कहना है कि उनकी तरफ से ये गाना नहीं बजा। अब पुलिस प्रधान के बयान को मद्देनजर रखते हुए साइबर सेल की मदद से वीडियो की प्रमाणिकता जाँच रही है।

बहराइच में नहीं लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे

बता दें कि सीतापुर और अमेठी के अलावा यूपी के बहराइच से भी एक मामला सामने आया था। जहाँ दावा किया गया था कि केवल ग्रामसभा में हाजी अब्दुल कलीम की जीत के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। लेकिन पुलिस ने वायरल ऑडियो की सच्चाई को जाँचा और बयान जारी करके ऐसे दावों का खंडन किया। पुलिस ने कहा कि वायरल वीडियो को लेकर जो दावा है कि हाजी अब्दुल ने विजय जुलूस में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए, वह दावा भ्रामक है।

अब सीतापुर और अमेठी की घटनाओं पर भी पुलिस अपने स्तर पर जाँच कर रही है। वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे सही हैं या गलत, ये पुलिस जाँच के बाद पता चलेगा। लेकिन ऑडियो में तेज-तेज आवाज में असलम और इमरान का नाम सुना जा सकता है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने किसी भी प्रकार के विजय जुलूस को निकालने पर पाबंदियाँ लगाईं थी। हालाँकि 2 मई को नतीजे आने के बाद कई जगह आयोग के इन निर्देशों का उल्लंघन हुआ। न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पश्चिम बंगाल में भी जीतने वाली पार्टी ने हुड़दंग मचाकर कानून अपने हाथ में लिया।