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एक ने सीमा पर दिखाया शौर्य, एक ने उड़ान से बनाई पहचान: कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश को दिखी नारी शक्ति

पहलगाम हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी प्रेस ब्रीफिंग में दी। इन दोनों सेना के अधिकारियों ने कहा कि भारत की वायु सेना, थल सेना और जल सेना तीनों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। भारत ने दो महिला अधिकारियों से प्रेस कॉन्फ्रेंस कराकर दुनिया को नारी शक्ति का संदेश भी दिया।

शांति अभियानों का हिस्सा रही हैं सोफिया कुरैशी

प्रेस ब्रीफिंग करने वाली इन दो अधिकारियों में एक हैं कर्नल सोफिया कुरैशी। 17 साल की उम्र में अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होने इंडियन आर्मी ज्वॉइन की। सोफिया का जन्म गुजरात के वड़ोदरा में 1981 में हुआ। वो शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत 1999 में सेना में शामिल हुईं। सोफिया का आर्मी बैकग्राउंड है। उनके दादा आर्मी में थे। सोफिया के पति आर्मी अधिकारी हैं ।

सोफिया सेना के शांति स्थापना अभियानों से जुड़ी रही हैं। उन्होने पंजाब बॉर्डर पर चले ऑपरेशन पराक्रम और उत्तर पूर्व के बाढ़ राहत कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। उनके कार्यों की सराहना की गई। इसके अलावा 18 देशों को मिलाकर पुणे में एक्सरसाइज फोर्स 18 का आयोजन किया गया था। इसमें आसियान देश भी शामिल थे। इस अभियान के 40 अधिकारियों में एकमात्र सोफिया कुरैशी महिला अधिकारी थीं।

व्योमिका की आकांक्षाओं को उड़ान दी वायु सेना ने

अब बात करते हैं विंग कमांडर व्योमिका सिंह की। व्योमिका यानी आकाश से जुड़ा। वायुसेना की अधिकारी व्योमिका बचपन से ही उड़ना चाहती थीं। उनके नाम ने उनकी आकांक्षाओं को और ज्यादा मजबूत किया। उन्होने एससीसी से सफर की शुरुआत की और इंजीनियरिंग करके सेना में शामिल हो गईं। सेना में शामिल होने वाली व्योमिका अपने परिवार की पहली सदस्य हैं। भारतीय वायु सेना में एक हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में कमीशन दिया गया और 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन प्राप्त हुआ। उन्होंने जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर सहित कुछ सबसे कठिन इलाकों में चेतक और चीता जैसे हेलीकॉप्टरों का संचालन किया।

व्योमिका सिंह कई बचाव अभियान का भी हिस्सा रही हैं। 2021 में वह माउंट मणिरंग पर तीनों सेनाओं की महिला पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा रहीं। इस अभियान से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।

अखनूर, रामबन, पंपोर… भारतीय सेना के 3 लड़ाकू विमान गिर गए, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद The Hindu ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ाया आगे: अब खबर डिलीट कर थेथरई पर उतरा

अंग्रेजी समाचार संस्थान The Hindu ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय वायु सेना को लेकर एक फर्जी खबर चलाई है। झूठा साबित होने पर उसने इससे सम्बन्धित पोस्ट डिलीट कर दिया। कुछ देर बाद उसे सफाई भी जारी करनी पड़ी। लेकिन इस बीच उसने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को खूब हवा दी है।

भारत ने 6-7 मई, 2025 की दरम्यानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के भीतर 9 आतंकी कैम्प पर हमला किया। भारत ने इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कैम्पों को निशाना बनाया।

तगड़ी मार खाने के बाद पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा करने लगे। किसी पाकिस्तानी ने दावा किया कि उनके मुल्क ने भारत के 6 लड़ाकू विमान मार गिराए तो किसी पत्रकार ने यह संख्या 3 बताई। इसी पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा में 7 मई, 2025 की सुबह The Hindu भी शामिल हो गया।

The Hindu ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट की। इसमें उसने लिखा, “एक सरकारी कर्मचारी ने यह जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर के अखनूर, रामबन और पंपोर इलाकों में कम से कम 3 भारतीय विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं।” The Hindu ने बताया कि यह रिपोर्ट उसके लिए डिप्टी एडिटर विजयता सिंह ने लिखी है।

The Hindu ने यह पोस्ट डिलीट कर दी

इसमें उसने एक जगह के 4 फोटो भी लगाए जिसमें कुछ मलबा दिखाई पड़ता है। यह फोटो असल में पुलवामा के वुयान गाँव की थी। The Hindu ने इस मलबे को भारतीय वायुसेना के गिरे हुए विमान बताने का दावा किया। हालाँकि, पोस्ट के तुरंत बाद ही लोग The Hindu की सच्चाई बताने लगे।

The Hindu के दावे के उलट रक्षा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह कोई गिरा हुआ विमान नहीं बल्कि लड़ाकू विमान में अतिरिक्त ईंधन के लिए लगाए जाने वाले टैंक हैं। उन्होंने बताया कि जिसे The Hindu एयरक्राफ्ट का मलबा बताने का दावा कर रहा है वह संभवतः एयरक्राफ्ट द्वारा गिराया है ताकि उसकी गति बढ़ जाए।

स्पष्ट किया गया कि किसी विमान का अपने ईंधन टैंक गिराना वायुसेना के भीतर एक सामान्य प्रक्रिया है। फजीहत होने के बाद चुपके से The Hindu ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन इसके बाद भी उसे लोगों ने लताड़ना बंद नहीं किया। The Hindu ने खबर डिलीट करने के बाद भी अपनी ढिठाई नहीं छोड़ी। उसने ना ही कोई माफी माँगी और ना ही स्पष्ट बात की।

The Hindu ने लिखा, “हमने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय विमानों के बारे में एक पुरानी पोस्ट हटा दी है। भारत की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए हमने अपने प्लेटफॉर्म से उस पोस्ट को हटाने का फैसला किया है। हमें खेद है कि इसने हमारे पाठकों के बीच भ्रम पैदा किया।”

The Hindu भले ही पोस्ट हटा कर गड़बड़ी की बात मान ली हो लेकिन उसने अपने एक ट्वीट से पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का बढ़ाया। उसके इस ट्वीट के आधार पाकिस्तानियों ने भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा किया। The Hindu ने यह खबर बिना वायुसेना से कोई भी आधिकारिक जानकारी लिए और बिना किसी सत्यापन के ही बना दी थी।

पाकिस्तानी ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही कहीं भारतीय विमान गिराने का तो कहीं भारतीय पायलट पकड़ने की फर्जी बातें चला रहे हैं। भारत के बड़े मीडिया संस्थान होने के बाद भी The Hindu ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी और इसी प्रोपेगेंडा विंग का हिस्सा हो गया।

पहले भारत ने पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा, फिर उसके मीडिया के एक-एक प्रोपेगेंडा को किया ध्वस्त: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में 15 ठिकानों पर हमले की फैला रहा था झूठ

भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी हमला करते हुए मिसाइल स्ट्राइक की। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया गया। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ नाम दिया गया। इसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत के हमले के बाद से उनके होश उड़े हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया इस कदर पागल हो गई है कि भारत के खिलाफ बेबुनियाद दावे कर रही है।

अब सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर झूठा दावा वायरल हो रहा है। दावा में बताया गया कि कथित तौर पर पाकिस्तान ने भारत के भीतर 15 जगहों पर हमला कर जवाब दिया। कुछ पोस्ट में जानकारी दी गई कि पाकिस्तान वायुसेना द्वारा श्रीनगर एयरबेस पर हमले किया गया, जिसमें भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय और लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया गया है।

इस फर्जी खबर को लेकर कई पोस्ट किए गए। ये पोस्ट अधिकतर ऐसे अकाउंट्स से किए गए हैं, जो एक्स पर ब्लू टिक लिए हैं। इनके हजारों-लाखों फॉलोवर्स हैं। ये सभी अकाउंट्स पहले पाकिस्तान के मीडिया विंग (ISPR) से जुड़े रह चुके हैं।

इससे साफ है कि पाकिस्तानी मीडिया भारत के मिसाइल स्ट्राइक से घबरा गई है। अब वह भारत के लोगों में भय फैलाने के लिए ऐसी भ्रामक जानकारी फैला रही है। खुद पाकिस्तान की मीडिया बिरादरी भी इस झूठ को फैलाने में जुट गई, बिना किसी वास्तविक सबूत के।

खुद को फेमिनिस्ट और पाकिस्तानी मीडिया में पत्रकार बताने वाली एक्स यूजर गरीदाह फारूकी ने वीडियो शेयर कर लिखा, “भारत का ब्रिगेड मुख्यालय पाकिस्तान द्वारा नष्ट कर दिया गया!!! फुटेज : अल्लाह ओ अकबर !!!!”

खुद को मीडिया से जुड़ा बताने वाली बिया खान ने भी ऐसा ही ट्वीट किया और BJP-RSS पर तंज भी कसा। बिया खान ने लिखा, “पाकिस्तान ने भारतीय ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किय। हम हिंदुस्तान को इतना पछतावा कराएँगे कि बीजेपी और आरएसएस के कट्टरपंथियों को अपने चेहरा छिपाने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी। पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद”

इस सभी पोस्ट में पाकिस्तान की जीत के भ्रामक दावे किए गए। यही नहीं, इन पोस्ट के साथ फर्जी वीडियो भी शेयर किए, जो काफी पुराने और दूसरी जगहों के हैं। ये वीडियो इसलिए शेयर किए जा रहे, ताकि पाकिस्तान की जनता जीत के भ्रम में रहे और फौजी नेतृत्व पर कोई उंगली न उठे। इन पोस्ट्स का हकीकत से कोई वास्ता नहीं।

बहरहाल, इन फर्जी पोस्ट्स को लेकर प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया। पीआईबी ने बताया कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे फर्जी दावे जिसमें पाकिस्तान द्वारा भारत ब्रिगेड मुख्यालय को तबाह करने की जानकारी दी जा रही है। यह दावे पूरी तरह से बेबुनियाद और फर्जी हैं।

PIB ने यह भी कहा कि ऐसी भ्रामक खबरों से बचें। बिना जाँच से कोई भी जानकारी साझा न करें। बताया गया कि सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के अधिकारिक सूत्रों पर ही विश्वास करें।

क्या है असलियत ?

  • भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दिया। भारतीय सेनाओं ने बुधवार तड़के (7 मई, 2025) को पाकिस्तान में ऑपरेशन सिन्दूर चला कर 9 जगह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हें तबाह कर दिया है।

भारत ने 5 जगह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और 4 जगह पाकिस्तान के भीतर हमले किए हैं। भारत ने यह कोटली, मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, भिंबर, गुलपुर, सियालकोट, बाग और चक अम्मू इलाके में किए हैं। इन हमलों के लिए सेना और वायुसेना ने मिसाइलें दागी हैं।

इसको तुरंत भेजो पाकिस्तान… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कॉन्ग्रेस नेता राशिद अल्वी ने उठाए सवाल, लोग बयान सुन कॉन्ग्रेसियों पर भड़के

कॉन्ग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। अल्वी ने पूछा कि क्या इस ऑपरेशन में हर एक आतंकवादी मारा गया और क्या अब पहलगाम जैसे हमले दोबारा नहीं होंगे।

राशिद अल्वी ने कहा, “हमारी सेना ने सरकार के आदेश का पालन किया, लेकिन ये न्यूनतम जवाब है। क्या सभी आतंकवादी खत्म हुए? पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकवादियों का नामोनिशान मिटा देंगे, अगर ऐसा हुआ तो अच्छा है।” अल्वी का ये बयान कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के रुख से अलग है, जिसने ऑपरेशन की तारीफ की थी। यही नहीं, राशिद अल्वी सर्जिकल स्ट्राइक पर भी सबूत माँग चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इनमें बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट जैसे इलाके शामिल थे, जहाँ जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकी सरगनाओं को निशाना बनाया गया। सभी हमले सफल रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रातभर इसकी निगरानी की। ये ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सेना ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। कॉन्ग्रेस हमेशा राष्ट्रीय एकता और सेना के साथ खड़ी है।”

खरगे ने यह भी कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के दिन से भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस स्पष्ट रूप से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कोई भी निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सशस्त्र बलों और सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय एकता और एकजुटता समय की माँग है और भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस हमारे सशस्त्र बलों के साथ खड़ी है। हमारे नेताओं ने अतीत में रास्ता दिखाया है और राष्ट्रीय हित हमारे लिए सर्वोच्च है।”

लेकिन अल्वी के बयान ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान को कुछ लोग सेना के मनोबल को कमजोर करने वाला मान रहे हैं। अल्वी का ये रवैया नया नहीं है; वे पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत माँग चुके हैं।

इस ऑपरेशन को देशभर में समर्थन मिल रहा है, लेकिन अल्वी जैसे नेताओं के बयान से कॉन्ग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्क्रीनशॉट X-ANI

कुछ लोगों ने तो सीधे कह दिया कि इसे (राशिद अल्वी को) तुरंत पाकिस्तान भेज देना चाहिए।

राफेल, सुखोई-30, SCALP मिसाइल, HAMMER बम… जानिए उन ‘हथियारों’ के बारे में, जिन्होंने पाकिस्तान को समझा दी ‘सिंदूर की कीमत’

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के जरिए ले लिया है। भारत ने पाकिस्तान के भीतर 9 जगह हमला करके आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए हैं। भारत ने इन हमलों में 80 से अधिक आतंकी मार गिराए हैं। भारत ने पाकिस्तान के भीतर यह हमले एयर फ़ोर्स, थल सेना तथा नौसेना के जरिए किए हैं।

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद, कोटली, भीम्बर समेत पाकिस्तान के बहावलपुर, सियालकोट, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग सेंटर उड़ाए हैं। भारत ने इस स्ट्राइक के लिए राफेल और सुखोई-30 जैसे विमानों का इस्तेमाल किया है।

कैसे हुआ हमला?

इस हमले के विषय में बताया गया है कि भारत ने इसके लिए सीमा पर नहीं की है। बताया गया है कि पाकिस्तान में पर हमले को भारतीय जमीन से ही अंजाम किया गया है। इसके लिए भारतीय लड़ाकू विमानों ने भारतीय हवाई सीमा में रहते हुए ही यह मिसाइल और लॉन्च किए हैं।

सेना और नौसेना की भी भागीदारी इस हमले में बताई गई है। बताया गया है कि सेना ने लम्बी दूरी की मिसाइलें इस्तेमाल की और पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने उड़ा दिए। वहीं नौसेना ने लोइटरिंग म्युनिशन (उड़ने वाले बम) पाकिस्तान पर चलाए।

वहीं वायु सेना ने अपने फाइटर जेट इस हमले के लिए इस्तेमाल किए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए लिए वायु सेना ने SCALP मिसाइल और HAMMER बम का इस्तेमाल किया है। यह बम राफेल विमान से चलाए गए थे। इनका निशाना पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने थे और इन्होने अपना काम पूरा कर दिया।

कितनी घातक SCALP मिसाइल?

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की गई SCALP एक क्रूज मिसाइल है। यह लड़ाकू विमानों से लॉन्च की जाती है और इसकी रेंज 250 किलोमीटर तक है। भारत ने इसे राफेल विमान के साथ खरीदा था। यह मिसाइल यूरोप की MBDA कम्पनी बनाती है।

इसकी विशेष क्षमता है कि यह रात में और खराब माहौल में भी चल सकती है। यह लगभग 500 किलो तक विस्फोटक ले जा सकती है। SCALP लगभग 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है। इसकी एक और खासियत है कि यह अपने निशाने तक खुद पहुँचती है।

इस मिसाइल में ऐसे कंप्यूटर और तकनीकें लगी हुई हैं जो अपने निशाने तक GPS सिस्टम का इस्तेमाल करके पहुँचती हैं। इसमें कैमरे भी लगे हुए हैं और यह हमला करने से पहले यह स्पष्ट करती है कि निशाना वही है जो बताया गया है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई देश करते हैं।

इस मिसाइल का इस्तेमाल संभवतः उन निशानों को तबाह करने के लिए किया गया, जो पाकिस्तान के अधिक अंदर थे। मुरीदके एक ऐसा ही निशाना था। यह स्पष्ट नहीं है कि इस ठिकाने को उड़ाने के लिए इसी मिसाइल का इस्तेमाल हुआ है।

HAMMER ने चलाया आतंक पर हथौड़ा

पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर करने के लिए HAMMER बमों का इस्तेमाल भी किया गया है। HAMMER एक तरह का सिस्टम है जो 1000 किलो तक के बम पर इंस्टाल किया जाता है। यह एयर टू ग्राउंड यानी हवा से जमीन में मार करने वाला वाला सिस्टम है। यह लगभग 70 किलोमीटर तक मार करता है।

HAMMER की खासियत इसकी विनाशकारी क्षमता है। यह ऐसी जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है जहाँ दुश्मन कंक्रीट के मजबूत बंकर और इमारतें बनाकर बैठा हो। भारत ने सीमा से नजदीक के ठिकाने संभवत: इसी ठिकाने से उड़ाए हैं। जिन ठिकानों को पाकिस्तान ने मजबूती से छुपा रखा था, वह भी इस बम के चलते नष्ट हुए बताए गए हैं।

HAMMER बम को जाम नहीं किया जा सकता और इसे पकड़ पाना भी मुश्किल है। इसका इस्तेमाल यूक्रेन-रूस संघर्ष में भी हुआ था। भारत ने और भी कई हथियार इस हमले में उपयोग किए हैं, इनकी जानकारी सामने नहीं आई है। इस हमले में 80 से अधिक आंतकियों के मारे जाने की सूचना है।

ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीरें-वीडियो सेना ने दिखाई, POK-पाकिस्तान के 21 कैम्प भी बताए: कहा- किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुँचाया, लेकिन पाक फ़ौज ने कोई ‘मूर्खता’ की तो देंगे जवाब

6-7 मई, 2025 की रात को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सरकार ने आधिकारिक जानकारी दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ सेना और वायुसेना की 2 महिला अफसरों ने इस विषय में नई दिल्ली में 7 मई, 2025 की सुबह आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है। उन्होंने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमले के फोटो-वीडियो भी दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस स्ट्राइक के दौरान ध्यान रखा गया कि किसी नागरिक को नुकसान ना पहुँचे।

विदेश सचिव ने क्या बताया?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले पहलगाम हमले के जवाब में की गई इस एयर स्ट्राइक के विषय में जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमला, 2008 के मुंबई हमले के बाद सबसे गंभीर घटना थी। उन्होंने इसे एक बर्बरतापूर्ण हमला बताया और कहा कि यह जम्मू कश्मीर की शांति बाधित करने के लिए किया गया था।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस हमले का उद्देश्य पर्यटन उद्योग को खराब करने का था। देश के शीर्ष राजनयिक मिसरी ने बताया कि इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाला संगठन TRF था जो कि लश्कर-ए -तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का मुखौटा है। नीचे लगे वीडियो में इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखा जा सकता है।

मिसरी ने कहा कि देश में आक्रोश के चलते यह जरूरी था कि इसका जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले के 15 दिन बाद भी कोई एक्शन पाकिस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और अपनी जमीन के भीतर बनाए गए आतंक के ठिकानों पर नहीं लिया था और यहाँ से भारत पर और हमले होने वाले थे।

उन्होंने कहा कि इसी के चलते भारत ने सीमापार हमलों का जवाब देने के अधिकार का प्रयोग किया है। विदेश सचिव मिसरी ने इस कार्रवाई को नपी-तुली और विवाद को बढ़ावा ना देने वाली बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस हमले के दौरान नागरिकों को नुकसान ना पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा गया।

सेना और वायुसेना ने क्या कहा?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर के विषय में जानकारी देने के लिए सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को चुना गया था। कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर सिंह ने बताया कि बीते तीन दशकों से लगातार पाकिस्तान में आतंकी कैम्प चल रहे हैं। इन्हें तबाह करने के लिए 9 ठिकानों को 6-7 मई की दरम्यानी रात को निशाना बनाया गया।

उन्होंने इन कैम्प के विषय में भी बताया। दोनों अफसरों ने बताया कि यह आतंकी कैम्प पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर के सवाई नाला से लेकर दक्षिण में बहावलपुर तक फैले हुए हैं। उन्होंने 21 ऐसे कैम्प के विषय में जानकारी दी। उनकी सूची भी दिखाई गई। दोनों सैन्य अफसरों ने बताया कि रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच यह हमले किए गए।

उन्होंने बताया कि सवाई नाला कैम्प LOC से 30 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के इस कैम्प से गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में हमला करने वाले आतंकी ट्रेन किए गए थे। कर्नल कुरैशी ने बताया कि सैयदना बिलाल कैम्प भी मुजफ्फराबाद में स्थित है और यहाँ हथियार रखे जाते। उन्होंने बताया कि यहाँ से आतंकियों को भारत भेजा जाता था।

कर्नल सोफिया ने बताया कि कोटली कैम्प भी यही काम करता था। उन्होंने कोटली पर हमले की फुटेज भी दिखाई जो संभवत किसी एयरक्राफ्ट के कॉकपिट से ली गई है। इसमें एक जगह से धुआँ उठता दिखता है। उन्होंने पाकिस्तान के अंदर के भी आतंकी कैम्प के विषय में बताया।

कर्नल सोफिया ने मेहमूना जोया कैम्प पर हुए हमले की फुटेज भी दिखाई। इसमें भी एक हवाई हथियार तेजी से इस कैम्प की तरफ जाता दिखाई देता है। इसके अलावा मुरीदके के लश्कर हेडक्वार्टर पर हमले की वीडियो भी दिखाई गई। यह भी बताया गया कि इस पर 4 बार हमला किया गया है। इसमें इस कैम्प को काफी तबाही पहुँची है।

सेना ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में किसी भी नागरिक क्षति की सूचना नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत ने संयम भी दिखाया है और अगर पाकिस्तान अब कोई हमला करता है तो उसे तगड़ा जवाब दिया जाएगा।

पहलगाम में इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ उजाड़े थे सुहाग, भारतीय सेना ने ‘सिंदूर’ से भरे घाव: विधवाएँ बोलीं- बदला लेने के लिए धन्यवाद PM मोदी, आज मिली सच्ची श्रद्धांजलि

पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने बुधवार (7 मई 2025) रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा समेत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा गया।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम के बैसारन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमला हुआ। चुन-चुन कर हिंदुओं की जान ली गई। हिंदुओं से उनके नाम, उनकी पहचान के प्रमाण पत्र मांगे गए और यहाँ तक कि उनके कपड़े उतार कर हिंदू होने की जाँच की गई।

कुल 24 हिंदुओं समेत 28 लोगों की जान ले ली गई। आतंकवादियों ने सिर्फ पुरुषों को मारा और महिलाओं से कहा, “जाकर मोदी को बता देना।” इनमें से कुछ महिलाओं का विवाह इस घटना से कुछ ही दिन पहले हुआ था। कई पुरुष तो हनीमून के दौरान मारे गए।

इस आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके ठीक 15 दिन बाद 7 मई, 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में चल रहे 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस मिशन का नाम ‘सिंदूर’ रखने के पीछे भी कारण था।

आतंकियों ने जिन हिंदू स्त्रियों के मांग का सिंदूर उजाड़ा था, भारतीय सेना उन आतंकियों का अस्तित्व ही उजाड़ दिया। इस बदले के बारे में जानकर उन महिलाओं ने भारत सरकार का आभार जताया है और अपने पतियों के लिए इस ऑपरेशन को असली श्रद्धांजलि बताया है।

इस हमले में पुणे के संतोष जगदाले को इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ कर मार दिया था। उनकी पत्नी प्रगति जगदाले ने इसके बाद कहा कि जिन बेटियों के माँग से सिंदूर उन आतंकियों ने उजाड़ा था, उसका यह बिल्कुल सटीक बदला लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन का नाम सुनते ही मेरी आँखों में आंसू आ गए, उन्होंने इसके लिए सरकार का धन्यवाद किया है।

वहीं संतोष की बेटी असावरी जगदाले ने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें न्यूज़ चैनल के माध्यम से पता चला। असावरी ने कहा, “मिशन का नाम सुनकर मैं बहुत रो रही थी। मुझे याद है कि हमले के बाद जब गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर आए थे तब सभी ने कहा था कि हम भारत की बहनें हैं और हमारे पतियों को छीन लिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “शायद इसी वजह से मिशन का ये नाम रखा गया होगा। जितने लोग उसे हमले में वीरगति को प्राप्त हुए हैं, मुझे लगता है कि उनकी मौत का सही बदला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मैं इस बात के लिए धन्यवाद करती हूँ।”

इस हमले में पुणे के कौस्तुभ गणबोटे को भी मार दिया गया था। कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता ने कहा, “पीएम मोदी ने इस मिशन का नाम सिंदूर रख कर महिलाओं का सम्मान किया है। हमले वाले दिन को याद कर मैं आज भी रोती हूँ। हम इंतजार कर रहे थे कि प्रधानमंत्री मोदी क्या एक्शन लेंगे और उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया है। आतंकियों को तो जड़ से मिटा देना चाहिए।”

कानपुर में रहने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने कहा, “मेरे पति का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत धन्यवाद करती हूँ। पूरे परिवार को उन पर भरोसा था। उन्होंने हमारे विश्वास को जिंदा रखा है। मेरे पति को असली श्रद्धांजलि आज मिली है। वह जहाँ भी होंगे आज उन्हें सुकून मिला होगा।”

कर्नाटक के मंजूनाथ को भी इस्लामी आतंकियों ने मार दिया था। वह कर्नाटक के शिवमोगा के रहने वाले थे। मंजूनाथ राव की माँ सुमथी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस मिशन के लिए सबसे अच्छा नाम है। हमें आशा थी कि प्रधानमंत्री मोदी के हमारे बच्चों की मृत्यु का बेहतर जवाब देंगे और उन्होंने इसका अच्छा एक्शन लिया है।

यह हमला बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, सवाई कैंप, बिलाल कैंप, कोताली कैंप, बरनाला कैंप, सरजल कैंप और महमूना कैंप पर एयर स्ट्राइक की गई है। इस हमले में 80 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी मारे जाने की सूचना है।

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इस ऑपरेशन के बाद लिखा- न्याय हुआ, जय हिंद। भारत सरकार ने बताया है कि उसने किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। इस मिशन से बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ-राजौरी में गोलीबारी की है। इससे वहाँ पर 34 लोग घायल हो गए और 6 लोगों की मौत हो गई है।

हिंदू बन कोचिंग चला रहा था असलम, लाइब्रेरी में लड़कियों से रेप कर बना लेता था Video: पहचान छिपाने के लिए लगा रखी थी भगवान की तस्वीर, खुद को बताता था महाकाल का भक्त

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कोचिंग सेंटर के संचालक ‘असलम’ ने हिंदू बनकर छात्राओं को प्रेम जाल में फँसाया। असलम ने अपना नाम ‘अभी’ बताया था। असलम पर कोचिंग में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने का आरोप लगा है। पुलिस ने मुख्य आरोपित असलम खान और उसके एक सहयोगी छात्र को मंगलवार (6 मई 2025) को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें, कि आरोपित असलम खान, जिसने अपना नाम बदलकर ‘अभी’ रख लिया था, मुरैना में ढाई साल से ‘इंसानियत कंप्यूटर कोचिंग’ के नाम से एक सेंटर चला रहा था। आरोप है कि असलम ने इन छात्राओं के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद आरोपित ने इन अश्लील वीडियो को वायरल कर दिया।

आरोपित असलम हिंदू छात्राओं के साथ गलत काम करने के लिए उन्हें लाइब्रेरी में ले जाता था। जो छात्रा इस हरकत का विरोध करती थी, उन्हें असलम उनकी वीडियो दिखाकर वायरल करने की धमकी देता था। कुछ छात्राएं बदनामी के डर से चुप रहती थी, लेकिन उनमें से एक छात्रा ने अपने परिजनों को इस हरकत की जानकारी दी। पीड़िता के परिजनों ने हिंदू जागरण मंच के प्रभारी देवेन्द्र मुदगल को सूचित किया। जिसके बाद हिंदू जागरण मंच के कुछ साथियों ने आरोपित असलम को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

पुलिस के अनुसार, लगभग दो दर्जन से अधिक वीडियो वायरल किए गए हैं। आरोपित का एक सहयोगी छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर पहरा देता था, जबकि असलम अंदर छात्राओं के साथ गलत काम करता था। कोतवाली पुलिस ने असलम खान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। साथी का कहना है कि उसने असलम को तीन से चार लड़कियों के साथ गलत काम करते हुए अपनी आँखों से देखा था। पुलिस को मौके से असलम खान के नाम का आधार कार्ड और फीस के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बारकोड से जुड़ा बैंक खाता भी मिला है।

असलम खान मूल रूप से भिंड जिले का रहने वाला है और उसने हाल ही में मुरैना आकर अपना नाम ‘अभी’ रख लिया था। कोचिंग में असलम ने भगवान शिव की फोटो लगा रखी थी, जिससे लोगों को शक ना हो, कि असलम मुस्लिम है और आसानी से हिंदू छात्राओं को फँसा सके। असलम खुद को महाकाल का भक्त बताता था। इसके अलावा असलम कोचिंग के बोर्ड पर हर दिन शिव महिमा लिखता था।

जानकारी के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रदीप शर्मा भी इस कंप्यूटर सेंटर में असलम का पार्टनर था। कुछ छात्रों ने प्रदीप को असलम की हरकतों के बारे में बताया था। प्रदीप ने सेंटर पर लगे हिडन कैमरे से 1 से 4 मई 2025 तक की रिकॉर्डिंग निकाली, जिसमें उसे आपत्तिजनक दृश्य दिखाई दिए। इससे पहले की रिकॉर्डिंग असलम ने हटा दी थी।

विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है और आरोप लगाया है कि असलम एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता है। बता दें, कि असलम खान का पिता मोहम्मद खान इंसानियत फाउण्डेशन ग्रुप से जुड़ा है। उसी नाम का सहारा लेकर असलम ने कोचिंग का नाम इंसानियत पर रखा। असलम खान का नेटवर्क ना केवल भिण्ड या मुरैना तक सीमित है, बल्कि बाहरी देशों में भी है। असलम खान हिंदू छात्राओं का ब्रेन वॉश कर इस्माल धर्म कबूलने के लिए मजबूर करता था, जिसकी सूचना छात्रों ने अपने घरवालों को दी थी।

वहीं मुरैना के सीएसपी ने बताया कि आरोपित के फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले है, जिसमें वो छात्राओं के साथ लाइब्रेरी में अश्लील हरकत करते हुए नजर आ रहा है। पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि और कितनी लड़कियाँ इस घटना का शिकार हुई हैं?

माँ-बाप के साथ गई कलियर शरीफ मजार पर, आबिद ने अगवा कर बनाया मुस्लिम… गोदाम में बंद कर 6 साल तक रेप, फिर नोचने के लिए कय्यूम को सौंप दिया: 12 साल बाद हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के बागपत से सनसनीखेज खबर सामने आई है। युवती ने कई सालों से हो रहे अत्याचार की आपबीती पुलिस को बताई है। पीड़िता सिर्फ 18 साल की है और चार बच्चों की माँ बन चुकी है। पीड़िता जब 6 साल की थी तो उसका कलिया शरीफ मजार से अपहरण कर लिया गया। इसके बाद कई सालों तक रेप हुआ और धर्म परिवर्तन भी करा दिया गया।

पीड़िता ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। पुलिस की दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता ने कलियर शरीफ मजार पहुँचने की जानकारी दी। बताया कि जब वह 6 साल की थी तो अपने परिजनों के साथ कलियर शरीफ मजार आई थी। रात में वहीं माता-पिता के साथ सो रही थी। तभी उसको आबिद नाम का युवक उठा कर ले गया। उसने पीड़िता को गाजियाबाद के लोनी शहर में एक कोयले के गोदाम में बँधक बनाकर रखा हुआ था।

पीड़िता ने आगे बताया कि गोदाम में आबिद के साथ शबाना और शानू भी शामिल थे। लगातार 6 साल तक तीनों ने पीड़िता को बँधक बनाकर रखा। पीड़िता के 12 साल की होने पर उसे कययूम को बेच दिया। पीड़िता के विरोध जताने पर कययूम से कहकर उसका बलात्कार कराया। इस कृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। फिर लगातार उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने लगे। आठ महीने पहले ही कययूम की मौत हुई है।

इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। तब आरोपित ने उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। पीड़िता रोजाना मारपीट और रेप का शिकार बनती रही। इस दौरान उसने चार बच्चों को जन्म दिया, जिसमें से दो बच्चों को शबाना और शानू उठाकर ले गए।

पीड़िता ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक गाँव की रहने वाली है। अब वह 18 साल की हो चुकी है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि पीड़िता का शिकायती पत्र मिला है। मामले की जाँच जारी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। जल्द ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

सुभान अल्लाह… जानिए इस्लामी आतंकवाद के कौन-कौन से ‘मरकज’ हुए ध्वस्त, कितने ढेर: मुजफ्फराबाद से लेकर सियालकोट तक किन-किन जगहों पर भारतीय सेना का एयर स्ट्राइक

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दे दिया है। भारतीय सेनाओं ने बुधवार तड़के (7 मई, 2025) को पाकिस्तान में ऑपरेशन सिन्दूर चला कर 9 जगह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हें तबाह कर दिया है। 

भारत ने 5 जगह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और 4 जगह पाकिस्तान के भीतर हमले किए हैं। भारत ने यह कोटली, मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, भिंबर, गुलपुर, सियालकोट, बाग और चक अम्मू इलाके में किए हैं। इन हमलों के लिए सेना और वायुसेना ने मिसाइलें दागी हैं। नीचे जानिए कौन से निशाने भारत ने उड़ाए हैं।

मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर

ANI ने बताया है कि मरकज़ सुभान अल्लाह बहावलपुर के बाहरी इलाके में नेशनल हाइवे-5 (कराची-तोरखम हाईवे) पर स्थित है। यहाँ जैश-ए-मोहम्मद 15 एकड़ में ट्रेनिंग कैम्प चलाता है यह मरकज़ जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है। यहाँ पुलवामा हमले की प्लानिंग की गई थी।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मरकज़ में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी सरगना मौलाना मसूद अज़हर, जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और बाक़ी सभी रहते हैं। यहाँ पर तैराकी, घुड़सवारी और आतंक से सम्बंधित बाकी ट्रेनिंग दी जाती है। यह 2015 से ही एक्टिव है। इसके लिए अरब देशों से फंडिंग जुटाई गई थी।

यहाँ नवम्बर, 2024 में मौलाना मसूद अजहर भी आया था। उसने इस दौरान बाबरी मस्जिद का बदला लेने की बात कही थी। सेना के इस हमले में यह ठिकाने तबाह हो गए हैं। यहाँ पर हमले क चलते कई ट्रेनिंग ले रहे आतंकी हताहत हुए हैं।

मरकज तालिबा, मुरीदके

मरकज तालिबा को लश्कर-ए-तैयबा ने वर्ष 2000 में स्थापित किया था। नांगल साहदान, मुरीदके, शेखपुरा, पंजाब, पाकिस्तान में स्थित है। यह 82 एकड़ में फैला है, इसमें मदरसा, आतंकियों के रहने की जगह मछली फार्म और कृषि भूमि तक हैं।

यहाँ हथियार और शारीक ट्रेनिंग दी जाती है, इसके अलावा यहाँ ब्रेनवॉश के लिए भी मौलाना भड़काया करते हैं। यहाँ हर वर्ष 1000 जिहादी भर्ती किए जाते हैं। लश्कर और जमात उद दावा यहाँ काम करते हैं। यहाँ ओसामा बिन लादेन ने भी निर्माण के लिए लगभग ₹82 करोड़ दिए थे। यहाँ दाउद हेडली और तहव्वुर राणा जैसे आतंकी भी ट्रेन किए गए हैं।

मेहमूना कैम्प, सियालकोट

मेहमूना में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का कैम्प है। यह पाकिस्तान के पंजाब के सियालकोट जिले में है। यहाँ आईएसआई ने इस छुपाने के साथ में ही सरकारी इमारतें बनाई हैं। इस कैम्प का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए किया जाता है।

इसका मुखिया मोहम्मद इरफान खान उर्फ ​​इरफान टांडा है। इरफ़ान कई हमले भारत में करवा चुका है। 26 जनवरी 1995 को जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में इरफान टांडा द्वारा किए गए बम धमाकों में 8 लोग मारे गए थे और 50 लोग घायल हुए थे।

यहाँ से आतंकी अत्ता अल रहमान अल्फेजी उर्फ ​​अबू लाला और माज़ भाई भी काम करते हैं। यहाँ वर्तमान में 20-25 आतंकियों की मौजूदगी बताई गई है। इसे भी सेना ने उड़ा दिया है। यहाँ भी बड़ा नुकसान आतंकियों को हुआ है।

मरकज अहले हदीस, POJK

मरकज अहले हदीस पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैम्प के तौर पर काम करता है। इसका इस्तेमाल पुंछ-राजौरी-रियासी सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए होता है। यह मरकज़ बरनाला शहर के बाहरी इलाके में है।

लश्कर के आतंकी कासिम गुज्जर उर्फ ​​महरोर, कासिम खंडा, अनस जरार यहाँ मौजूद रहते हैं। हैंकासिम गुज्जर और खुबैब पर भारत सरकार ने UAPA लगाया हुआ है। यहीं से आए आतंकियों ने रियासी में आतंकी हमला किया था और 9 हिन्दू तीर्थयात्रियों को मार दिया था।

सरजाल आतंकी कैम्प, नरोवाल

पाकिस्तान के शकरगढ़ जिले में स्थित सरजाल आतंकी कैम्प का इस्तेमाल भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ के होता है। यह जैश-ए-मोहम्मद की मुख्य लॉन्चिंग साइट है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के अंदर स्थित है ताकि इस पर जवाबी कार्रवाई ना हो सके।

यह जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 06 किलोमीटर की दूरी पर है। यह सुरंगों की खुदाई के लिए बेस के रूप में कार्य करती है। सरजाल ड्रोन लॉन्चिंग बेस के रूप में भी काम करती है, इससे नशीले पदार्थ और हथियार भारत में गिराए जाते हैं। यह भी भारत ने स्ट्राइक में उड़ा दी है।

मरकज अब्बास, कोटली, POJK

मरकज अब्बास पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में स्थित है। यहाँ लगभग 100 से अधिक जैश ए मुहम्मद के आतंकी रहते हैं। इसका इस्तेमाल भी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के लिए होता है। यहाँ काजी जर्रार और काजी माज जैसे आतंकी रहते हैं। इसे भी सेना ने एक मिसाइल हमले में तबाह कर दिया है।

मरकज राहिल शहीद, कोटली, POJK

मरकज राहिल शहीद भी पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में स्थित है। यह भी कोटली इलाके में है। यह हिजबुल मुजाहिदीनका एक ठिकाना है। यह सूनसान इलाके में मौजूद है। इसमें चार कमरे हैं जिनका उपयोग हथियार और आतंकियों को ठहराने के लिए होता है। इसे पाकिस्तान ने एक विशेष बिजली लाइन दे रखी है।

इसमें करीब 150-200 हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी रह सकते हैं। इस शिविर में आमतौर पर करीब 25-30 हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी मौजूद रहते हैं और यहां आयोजित आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी करते हैं। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी खास तौर पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग के लिए इस कैंप में आते हैं। यहाँ स्नाइपर ट्रेनिंग भी होती है।

भारतीय सेनाओं के हमले में यह भी नष्ट कर दिया गया है।

सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद

पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शवाई नाला कैंप को भी भारत ने तबाह किया है। यह लश्कर का एक कैम्प है। यह कैंप 2000 से चल रहा है। यहाँ लश्कर का एक मदरसा और करीब 40 कमरे हैं।शवाई नाला कैंप लश्कर के आतंकवादियों के लिए एक बड़ा ठिकाना है। यहाँ ट्रेनिंग भी होती है।

यहाँ दौरा ए आम यानी ब्रेनवाश होता है। जीपीएस, राइफलों और ग्रेनेड के लिए हथियार ट्रेनिंग दी जाती है। लश्कर सरगना हाफ़िज़ सईद भी कैम्प में रह चुका है। लश्कर के इस कैम्प में पाकिस्तान की ISI भी आतंकियों को ट्रेनिंग देती है।

रिपोर्ट्स में सामने आया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 80 आतंकी मार गिराए गए हैं। सबसे बड़ा नुकसान बहावलपुर और मुरीदके को पहुँचाया गया है। बताया गया है कि बहावलपुर में 30 मौतें हुई हैं। पाकिस्तान से हमले के बाद की कई वीडियो सामने आई हैं।

इनमें दिखता है कि आधी रात को पाकिस्तान में मिसाइलें गिर रही हैं और आग के शोले उठ रहे हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि सेनाओं ने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान जम्मू कश्मीर की हवाई सीमाओं में मार गिराया है। इसके अखनूर के पास गिरने की सूचना है।

पाकिस्तान के अस्पतालों में भगदड़ की स्थिति बनी हुई है, इसकी वीडियो भी सामने आई हैं। भारत ने इस आतंक विरोधी अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा है। यह नाम उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया है, जिनके पतियों को उनके सामने इस्लामी आतंकियों ने पहलगाम में बर्बरतापूर्वक धर्म पूछने के बाद मार दिया था। 

भारतीय सेनाएँ इस विषय पर 6 मई को सुबह 10 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली हैं। यहाँ वह इस हमले की पूरी जानकारी देंगी।