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‘दिन में पैसे, रात में दारू’: पंजाब में पंचायत का फरमान- प्रदर्शन में नहीं गए तो हुक्का-पानी बंद, जुर्माना भी लगेगा

कुछ खबरें ऐसी सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। बठिंडा के विर्क खुर्द गाँव में पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर के ग्रामीणों को निर्देश दिया है कि गाँव के हर एक परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को दिल्ली प्रदर्शन में पहुँचना ही है। ऐसा न करने पर 1500 रुपए के जुर्माने की धमकी दी गई है। अगर किसी ने बात नहीं मानी तो उसका गाँव-समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा।

वहीं एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें खुद को प्रदर्शनकारी बताने वाला शख्स इसके एवज में पैसे और दारू मिलने की बात करता है। बीजेपी नेता नीतू डबास ने यह ऑडियो ट्वीट किया है। ऑपइंडिया इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

पंजाब के एक पंचायत द्वारा जारी फरमान में कहा गया है कि प्रत्येक घर का हर व्यक्ति अगले 7 दिनों तक दिल्ली की सीमा पर होना चाहिए। साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर दिल्ली में कोई भी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ तो गाँव उसकी जिम्मेदारी उठाएगा। ग्राम पंचायत के आधिकारिक लेटर हेड पर ये फरमान जारी हुआ है। लुधियाना के समराला तहसील के मुस्काबाद गाँव ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया है।

पंचायत ने कहा है कि गाँव के 20 लोगों के एक जत्थे को दिल्ली मोर्चा में ले जाया जाएगा और चार दिन बाद यह दल लौटेगा और दूसरा दल फिर से वहाँ के लिए निकलेगा। इसी तरह दिल्ली सीमाओं पर जाने की ये प्रक्रिया चालू ही रहेगी। पंचायत ने आंदोलन को दबाने के लिए सरकार पर प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर गाँव में ऐसा ही फरमान जारी करने की अपील की गई है।

इस बीच उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) का कहना है कि यूपी पुलिस कभी गाजीपुर सीमा पर बल-प्रयोग करने पहुँची ही नहीं थी, बल्कि बदमाश वहाँ घुस कर हंगामा न करें, इसीलिए बस सुरक्षा तैनाती बढ़ाई गई थी। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर कुछ लोगों ने धारणा बना ली कि हम बल-प्रयोग करने जा रहे हैं। यूपी गेट के गाजीपुर सीमा पर योगेंद्र यादव जमे हुए हैं और उन्होंने लाल किला पर हुई घटना को सरकार की विफलता करार दिया।

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने पानी उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली कि केजरीवाल सरकार को धन्यवाद दिया। लेकिन, उन्होंने ये भी कहा कि वो दिल्ली का पानी नहीं लेंगे और सड़क पर ही बोरिंग खोद कर किसानों के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। हालाँकि, उनकी धमकी के बाद पानी के टैंकर आंदोलन स्थल पर वापस पहुँच गए। बलबीर सिंह राजेवाल ने दावा किया कि पंजाब-हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश हो रही है।

वहीं ‘किसान आंदोलन’ के बीच एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें प्रदर्शनकारी कहते सुने जा रहे हैं कि गाँव से बहुत लोग आए हैं और अकेले उसके गाँव से 20 ट्रैक्टर आए हैं। वो कहते सुना जा सकता है कि यहाँ खाने-पीने की पूरी व्यवस्था है और सरकार की सोच गलत नहीं है, लेकिन किसानों की समझ में कुछ नहीं आ रहा है। उसने दावा किया कि वो तो मजे-मजे में प्रदर्शन के लिए आ गया है।

उक्त प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि न सिर्फ यहाँ प्रदर्शन करने के दिन में रुपए मिल रहे हैं, बल्कि रात में दारू का भी अच्छा-खास इंतजाम है। उसने बताया कि 2-3 हजार रुपए तो आराम से मिल जा रहे हैं। उसने कहा, “हमें और क्या चाहिए? हम तो भाजपा के ही बढ़िया आदमी हैं, लेकिन यहाँ रुपए कमाने आ गए हैं। हमारे यहाँ योगीजी बैठे हैं, जो अच्छा कार्य कर रहे।” उक्त प्रदर्शनकारी ने कहा कि यहाँ कई लोग हैं जो पैसे के लिए आए हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़े स्तर पर कूच की तैयारी की जा रही है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के बाद फिर से किसानों को गोलबंद किया जा रहा है। दर्शन पाल ने सीमा पर इंटरनेट सेवा शुरू न किए जाने पर अलग से प्रदर्शन की धमकी दी है। सांसद संजय सिंह ने भी महापंचायत में मंच साझा किया। महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर उपवास की भी योजना है।

उधर महाराष्ट्र में समाजसेवी अन्ना हजारे ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी से मुलाकात के बाद किसानों की विभिन्न माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को महाराष्ट्र में अपने गाँव रालेगाँव सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। अब उन्होंने कहा है कि वो सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट हैं।

बंगालः शेख ने बेटे नजीर पर ही फेंक दिया क्रूड बम, खुद मर गया-बेटे की उँगलियाँ लेकर गया

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ कोलकाता में पिता और पुत्र के बीच विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि शेख मतलाब (65) ने अपने बेटे शेख नज़ीर पर क्रूड बम से हमला कर दिया। शेख मतलाब की उपचार के दौरान मौत हो गई, वहीं उसका बेटा शेख नज़ीर बुरी तरह घायल है।

नॉर्थ कोलकाता स्थित काशीपुर रोड निवासी शेख मतलाब को नशे की लत थी। वह अक्सर नशे में धुत होकर घर आता था और घर वालों से लड़ाई करता था। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक़ शुक्रवार (29 जनवरी 2021) को भी वह नशे में धुत होकर घर आया। यह बात उसके बेटे शेख नज़ीर को पसंद नहीं आई, इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में विवाद हाथापाई में तब्दील हो गया और दोनों हिंसक हो गए।

दोनों के बीच लड़ाई जारी थी कि तभी शेख मतलाब ने अपने बेटे शेख नज़ीर पर क्रूड बम फेंक दिया। रिपोर्ट के मुताबिक़ शेख नज़ीर ने बम को अपने हाथ से रोकने का प्रयास किया और तभी वह ब्लास्ट हो गया। ऐसा होने की वजह से दोनों बुरी तरह घायल हो गए। धमाके की आवाज़ सुन कर पड़ोसी भी घटनास्थल पर पहुँच गए। पिता-पुत्र की हालत देख कर पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। 

अस्पताल में उपचार के दौरान पिता शेख मतलाब की मौत हो गई। वहीं धमाके की वजह से बेटे शेख नज़ीर की उँगलियाँ उड़ गईं। नजीर को गंभीर हालत में SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा प्रश्न है कि शेख मतलाब के पास बम कहाँ से आया? पुलिस ने इस बात की जाँच शुरू कर दी है, घटना के बाद नज़दीक के बस्ती वाले क्षेत्रों में पुलिस ने खोजबीन भी की। पुलिस के मुताबिक़ मतलाब की पृष्ठभूमि आपराधिक रही है, उस पर कई मामले दर्ज हैं।

कैमरा, लिफाफा और 2 लोग: इधर राष्ट्रपति पहुँचे-उधर ब्लास्ट, बड़ी वारदात का ट्रायल तो नहीं इजरायली दूतावास धमाका

लुटियंस दिल्ली में शुक्रवार (जनवरी 29, 2021) की शाम को इजरायल के दूतावास के बाहर हुए बम विस्फोट के बाद पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खासकर एयरपोर्ट्स और सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पेवमेंट के निकट हाई-सिक्योरिटी जोन में हुए इस धमाके में आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे फूट गए थे। CISF (केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) ने महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

मुंबई में इजरायल के काउंसलेट जनरल का दफ्तर स्थित है। वहाँ भी सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि दूतावास के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी सुरक्षित हैं। इजरायल इसे आतंकी हरकत के रूप में देख रहा है। भारत के केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने इजरायली समकक्ष गाबी अश्केनजी से बात की और उन्हें दूतावास व वहाँ स्थित लोगों की पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि भारत ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर स्पेशल सेल को जाँच की जिम्मेदारी सौंप दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर निकलने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर के शुक्रवार देर रात तक बैठकें कर स्थिति का जायजा लिया। अब तक IB, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच, NSG की टीम और NIA घटनास्थल का दौरा कर चुकी है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल में इस धमाके में किसी के हताहत न होने पर राहत की साँस लेने की बात करते हुए कहा कि एजेंसियाँ इसके बारे में और कुछ पता लगा रही है। घटना के समय यहाँ से कुछ ही दूरी पर राजपथ पर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी चल रही थी। एक गमले में डाले गए IED को सड़क पर रख दिया गया, जिसे धमाके का कारण माना जा रहा है।

वहाँ से कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या बैटरी वगैरह नहीं मिली है। घटना के तुरंत बाद अग्निशमन विभाग वहाँ पहुँच गया। कुछ कारों के शीशे टूट गए। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 29 वर्ष पूरे होने के मौके पर हुई इस घटना पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें भारत पर पूरा भरोसा है और वो जानते हैं कि यहाँ की सुरक्षा एजेंसियाँ इजरायलियों व यहूदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

NSA अजीत डोभाल ने भी इजरायल के अपने समकक्ष मेर बेन-शब्बत से बातचीत की और और उन्हें पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी दी। फ़िलहाल किसी आतंकी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पुलिस को घटनास्थल से एक लिफाफा ज़रूर मिला है, जिसमें इजरायली दूतावास को लेकर कुछ लिखा है। 3 सीसीटीवी फुटेज खँगाले जाने के बाद कुछ सुराग हाथ आए हैं। धमाके का समय जानबूझ कर 5:05 चुना गया, क्योंकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तभी विजय चौक पहुँचे थे।

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में पहुँचे राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना के आलोक में जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के प्रमुख स्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखें।

CCTV फुटेज में एक कैब से दो लोग वहाँ उतरते दिख रहे हैं, लेकिन अभी उनके रोल के बारे में पता नहीं चला है। ANI के सूत्रों का कहना है कि इस विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग किया गया था। अगर इसकी जगह RDX होता तो दुष्प्रभाव अधिक हो सकता था। हालाँकि, दिल्ली पुलिस शुरुआती जाँच में इसे सनसनी के लिए की गई हरकत मान रही है। घटनास्थल पर एक कैमरा भी मिला, जिसमें 1970 के टाइमस्टाम्प है।

पुलिस को उस कैमरे के अस्पष्ट फुटेज से अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वहीं ये भी माना जा रहा है कि ये घटना किसी बड़ी वारदात के लिए किया गया ट्रायल हो सकता है। 9 साल पहले 13 फरवरी 2012 को ऐसा ही एक धमाका इजरायली दूतावास के पास हुआ था। आतंकियों ने दूतावास अधिकारी को निशाना बनाने के लिए उनकी कार में विस्फोटक फिट किए गए थे। हालाँकि, वह हमले में बच गई थीं।

विधानसभा में पोर्न देखते पाए गए कॉन्ग्रेस के MLC, सफाई में कहा- मैं तो सरकार से पूछने के लिए सवाल ढूँढ रहा था

कर्नाटक विधानसभा में अब ‘पोर्नगेट 2.0’ सामने आया है, जिसके बाद वहाँ मुख्य विपक्षी दल कॉन्ग्रेस की बड़ी फजीहत हुई है। शुक्रवार (जनवरी 29, 2021) को पार्टी नेता प्रकाश राठौड़ अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो स्क्रॉल करते हुए पाए गए। कुछ मीडियाकर्मियों ने उनकी इस हरकत का फुटेज लिया था, जिसके आधार पर दावा किया गया कि वे में ही पोर्न वीडियो देख रहे थे।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेता प्रकाश राठौड़ का कहना है कि वो उस वक़्त इंटरनेट नहीं चला रहे थे, बल्कि अपने मोबाइल फोन पर आए अवांछित मैसेजों को डिलीट करने के उपक्रम में लगे हुए थे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “सामान्यतः हम विधानसभा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाते, लेकिन चूँकि मुझे सरकार से एक सवाल पूछना था, इसीलिए मैं अपने फोन में कुछ चीजें चेक कर रहा था। मेरा स्टोरेज भर गया था और मैं उसमें से अवांछित चीजें हटा रहा था।”

भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने माँग करते हुए कहा कि राठौड़ को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा ने कहा कि इसे उच्च-सदन कहा जाता है, ये वरिष्ठों का सदन है, इसके बावजूद इस तरह की हरकत निंदनीय है। पार्टी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि पिछली बार जब ऐसा मामला सामने आया था, जब इसी कॉन्ग्रेस ने जम कर हंगामा किया था। उन्होंने कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार से अपने नेता पर कार्रवाई की माँग की।

कर्नाटक विधानसभा में कॉन्ग्रेस नेता की फजीहत

कर्नाटक में ये इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2012 में लक्ष्मण सवादी सहित 2 नेता विधानसभा में ही पोर्न देखते हुए पाए गए थे। सावदी फ़िलहाल राज्य के उप-मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ परिवहन विभाग भी सँभालते हैं। इसी तरह अरविन्द लिम्बावली नामक नेता का भी वीडियो वायरल हो गया था। हाल ही में उन्हें भी येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश में भाजपा के सरकार बनाने में उन्होंने भूमिका निभाई थी।

आजकल कर्नाटक में महाराष्ट्र से विवाद का मुद्दा छाया हुआ है, जिसे उद्धव ठाकरे ने अपने बयानों से हवा दी हुई है। कर्नाटक के नेताओं का कहना है कि कहना है कि कर्नाटक के लोग चाहते हैं कि मुंबई को कर्नाटक में शामिल कर लिया जाए। कर्नाटक के डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर देना चाहिए। मुंबई कर्नाटक का हिस्सा है।

टिकैत के महापंचायत में पॉलिटिकल जमावड़ा, अन्ना नहीं करेंगे अनशनः हरियाणा के 17 जिलों में इंटरनेट बंद

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने आज (जनवरी 29, 2021) मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाकर ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह किसान आंदोलन वापस नहीं लेंगे। यह प्रदर्शन कानून वापस होने तक चलता रहेगा। टिकैत द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में पड़ोसी राज्यों के किसान समेत सैंकड़ों लोग शामिल हुए। सामने आई वीडियो में जनसैलाब देखा जा सकता है। 

सैंकड़ों की भीड़ देखकर प्रशासन ने इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए रखा। वहीं, हरियाणा सरकार ने हालातों के मद्देनजर शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने राज्य के 17 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय लिया। राज्य की खट्टर सरकार ने सोशल मीडिया माध्यमों से दुष्प्रचार और अफवाहों का प्रसार रोकने के लिए 30 जनवरी की शाम 5 बजे तक इंटरनेट सेवा स्थगित करने के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र में भी अन्ना हजारे ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और मंत्री कैलाश चौधरी से मुलाकात के बाद किसानों की विभिन्न माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को महाराष्ट्र में अपने गाँव रालेगाँव सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। हालाँकि, आज  कैलाश चौधरी ने कहा कि अन्ना को हमने आंदोलन ना करने की विनती की थी, जिसे अन्ना ने स्वीकार कर लिया है।

गौरतलब है कि गाजीपुर प्रशासन के सख्त होने के बाद कल बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत की रोती बिलखती वीडियो सामने आई थी। इसके बाद सीमाओं पर माहौल गरमा गया। हाईवे जाम कर दिए गए। सिंघू बॉर्डर पर आज सुबह प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई, जिसके मद्देनजर किसान आंदोलन के प्रमुख केंद्र सिंघु बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच वहाँ बैरीकेडिंग हो गई।

बता दें कि आज किसान आंदोलन की आग को भड़काने के लिए महापंचायत का आह्वान किया गया था। इसमें आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह समेत कई पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सपा और कॉन्ग्रेस ने भी महापंचायत को समर्थन दिया। मंच से खूब सियासी भाषण हुए। सबकी मौजूदगी में हुई मुजफ्फरनगर महापंचायत में फैसला लिया गया कि आज सीधा दिल्ली नहीं जाना है। गाजीपुर बॉर्डर पर पहले से ही बहुत लोग पहुँच गए हैं। कल से लोग अपने अपने हिसाब से दिल्ली जाएँ और आंदोलन को मजबूत करें।

इस पंचायत के दौरान महावीर चौक के पास भीड़ जमा रही। यूपी गेट पर भी प्रदर्शन हुआ। भारी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। दूर तक यातायात बाधित होने की खबर भी सामने आई और भारी भीड़ देख कर दहशत से लोगों ने बाजारों को बंद रखा। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख अजित सिंह ने भी बीकेयू को समर्थन दिया और उनके पुत्र जयंत चौधरी ने भी महापंचायत में हिस्सा लिया। जयंत चौधरी ने इस बीच किसानों के साथ न आने वालों को गद्दार तक कहा।

गाजीपुर बॉर्डर की बात करें तो कॉन्ग्रेस नेत्री अलका लांबा ने आज राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने टिकैत से आशीर्वाद लेते हुए समय की वीडियो जारी की। उन्होंने लिखा, “किसान नेता राकेश टिकैत जी के आँसुओं ने सैलाब ला दिया, वह सैलाब मुझे भी बहा कर गाजीपुर बॉर्डर तक ले आया। बदले में ढेर सारा आशीर्वाद और सम्मान के तौर पर किसान टोपी पाई। अन्न दाताओं की कुर्बानी ज़ाया नहीं जाने दी जाएगी।”

पाकिस्तान में जीर्णोद्धार के बाद खुला 126 साल पुराना शिव मंदिर: हिंदू संगठन को सौंपा गया नियंत्रण

पाकिस्तान में हिंदुओं और हिन्दू मंदिरों पर हो रहे हमलों के बीच सिंध प्रांत में स्थित हैदराबाद में 126 साल पुराने शिव मंदिर को दोबारा से खोले जाने की खबर सामने आई है। कहा जा रहा कि मंदिर का जीर्णोद्धार कर, इसके प्रशासनिक नियंत्रण को एक स्थानीय हिंदू संगठन को सौंपा गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 126 साल पुराने हिन्दू मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद इसे शुक्रवार (29 जनवरी, 2021) को पूजा के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इस्लामिक देश में अल्पसंख्यकों के धर्मस्थलों की देखरेख करने वाले पाकिस्तान के बेनामी संपत्ति ट्रस्ट बोर्ड ने बताया कि हिन्दू मंदिरों पर हो रहे हमलों के बीच उसने हाल ही में पाकिस्तान के दर्जनों मंदिरों का नवीनीकरण किया है।

ETBP प्रवक्ता अमीर हाशमी ने न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया, “126 साल पुराने शिवमंदिर को गोस्वामी पुरुषोत्तम घर निहाल घर के नाम से जाना जाता है। यह सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर में स्थित है। इसका हाल ही में जीर्णोद्धार करने के बाद इसे दर्शनाथियों के लिए खोल दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि इसका प्रशासनिक नियंत्रण एक स्थानीय हिंदू संगठन को सौंपा गया है।”

दरअसल, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष छैला राम ने ईटीपीबी के अध्यक्ष डॉ. आमेर अहमद से अनुरोध किया था कि हिंदू श्रद्धालु मंदिर में अच्छे से धार्मिक अनुष्ठान कर सकें, इसलिए वे आसपास की कुछ और जमीन इसमें मिलाकर मंदिर का दायरा बढ़ा दे। ताकि हिंदू आसानी से इसे देख सकें और अपना अनुष्ठान कर सकें।

बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा, “यह लंबे समय से खुला नहीं था क्योंकि इसके आसपास के क्षेत्र का अतिक्रमण किया गया था। अब पहली बार मंदिर की भूमि को पुनः प्राप्त करने के बाद शिव मंदिर भारत और अन्य देशों से आने वाले हिंदुओं के लिए हमेशा खुला रहेगा।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में पुनर्निर्मित किए गए अन्य मंदिरों में सियालकोट का 1000 साल पुराना शवला मंदिर भी शामिल है। फिलहाल पेशावर में मंदिरों का नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आए दिन हिन्दू बहु-बेटियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले वहाँ से सामने आते ही रहते है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। हालाँकि हिंदुओं का मानना ​​है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं। जोकि ज्यादातर सिंध प्रांत में बसे हुए हैं।

भगवान परशुराम बीफ के बिना नहीं खाते थे, माता सीता उनके लिए खुद बनाती थीं: TMC नेता मदन मित्रा

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता मदन मित्रा (Madan Mitra) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अर्जुन सिंह पर निशाना साधते हुए भगवान परशुराम और माता सीता के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाकर हिंदुओं की भावना को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया। मित्रा ने कहा कि परशुराम भगवान कभी भी बिना बीफ के खाना नहीं खाते थे। माता सीता उनके लिए स्वयं बीफ पकाती थीं।

मित्रा ने इस दौरान ‘जय श्रीराम’ वाली घटना पर उच्च न्यायालय तक जाने की बात की। साथ ही भाजपा नेता के लिए अपशब्द कहे। उन्होंने रामायण का मनगढ़ंत हवाला देकर कहा कि भगवान परशुराम तो कभी भी बीफ के बगैर खाना नहीं खाते थे और माता सीता खुद उनके लिए उसे बनाती थीं।

मदन मित्रा के ख़िलाफ़ हुई शिकायत की कॉपी

स्थानीय समाचार बंग्लाहंट की रिपोर्ट के अनुसार मित्रा ने एक टीवी शो में मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए कहा कि जब जानकी माता को पता चला कि परशुराम घर आए हैं तो उन्होंने कहा कि जल्दी करो और गाय पकाओ। वह बिना गाय के भोजन नहीं करेंगे। इस टिप्पणी को सुनने के बाद भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने भी उनसे पूछा कि क्या इस तरह के धर्म का पाठ उन्हें ममता बनर्जी ने पढ़ाया है।

मदन मित्रा ने जी 24 घंटा चैनल पर यह विवादित टिप्पणी 28 जनवरी 2021 को रात करीब 9:30 बजे की थी। जिसके बाद आज उनके ख़िलाफ़ कोलकाता के साउथ पोर्ट थाने में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अध्यक्ष आशुतोष झा ने केस दर्ज करवाया। अपनी शिकायत में उन्होंने मुकदमे को धारा 295ए और 153 ए के तहत दर्ज करने को कहा है।

आशुतोष का कहना है कि ऐसे अपमानजनक शब्द बेहद शर्मिंदा करने वाले हैं। किसी भी हिंदू के लिए अस्वीकार्य हैं जो रामायण और भगवान विष्णु के दशावतरों व गौ पूजा में आस्था रखता है। शिकायत में BJYM अध्यक्ष ने प्रोग्राम का लिंक दिया है। उनका कहना है कि इससे हिंदुओं की धार्मिक आस्था का अपमान हुआ है। साथ-साथ साम्प्रादायिकता फैलाने की भी कोशिश की गई है। अत: मदन मित्रा के ख़िलाफ़ इस संबंध में उपयुक्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

गौरतलब हो कि टीएमसी नेता का ऐसा विवादित बयान हफ्ते भर में दूसरी बार आया है। इससे पहले उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा था कि बीजेपी के लोग सुन लें, दूध माँगोगे को खीर देंगे, अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।

इस बयान को आधार बनाकर भाजपा ने भी उन पर पलटवार किया था। बंगाल में भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था, “किसको फोड़ोगे? बातचीत किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करेंगे। लोग उनसे (TMC से) इतने परेशान हैं कि सभी स्कोर तय कर लेंगे। कानून और व्यवस्था की स्थिति जर्जर है। लोग इससे छुटकारा चाहते हैं इसलिए वे हमारे पास आ रहे हैं। इससे वे (टीएमसी) चिंतित हो गए और उन्होंने हम पर हमला किया।”

मंत्री और विधायकी ठुकराने के बाद राजीव बनर्जी का TMC से भी इस्तीफा, BJP में जाने की अटकलें

पश्चिम बंगाल के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजीव बनर्जी ने शुक्रवार (29 जनवरी, 2021) को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी (टीएमसी) से भी त्यागपत्र दे दिया। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी छोड़ने वाले टीएमसी नेताओं की सूची में अब वह भी शामिल हो गए है। बनर्जी के जल्द ही बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है।

टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित इस्तीफे का पत्र लिखते हुए राजीब ने कहा,”मैं अखिल भारतीय तृणमूल कॉन्ग्रेस की सदस्यता के साथ-साथ इससे जुड़े सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूँ।” टीएमसी के साथ दो दशक पुराना नाता तोड़ने वाले पूर्व वन मंत्री बनर्जी ने कहा, “मैं उन सभी चुनौतियों और अवसरों के लिए आभारी हूँ, जो मुझे दिए गए हैं और मैं हमेशा पार्टी के सदस्य के तौर पर बिताए अपने समय को याद रखूँगा।”

राजीव बनर्जी ने पत्र की एक कॉपी अखिल भारतीय तृणमूल कॉन्ग्रेस (AITMC) पार्टी के अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भी भेजी। बता दें, पार्टी छोड़ने से पहले उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर विधायक के रूप में अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

गौरतलब है कि टीएमसी सदस्य के रूप में राजीव बनर्जी का इस्तीफा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों के बीच आया है। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अबतक कई दिग्गज और कद्दावर नेताओं ने तृणमूल कॉन्ग्रेस को छोड़, भाजपा का दामन थामा है।

अपने इस्तीफे की जानकारी फेसबुक पर देते हुए उन्होंने कहा, “आप सभी को यह सूचित करना है कि मैंने तत्काल प्रभाव से अखिल भारतीय तृणमूल कॉन्ग्रेस के सदस्य के रूप में अपना इस्तीफा सौंप दिया है।” टीएमसी के साथ बिताए अपने पलों को याद करते हुए राजीब ने कहा, “अपने कार्यकाल के दौरान मैंने कुछ अच्छे लोगों और नेताओं के साथ काम किया है और कड़ी मेहनत और उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की है। मैं अपने सभी पूर्व सहयोगियों को आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। मुझे पश्चिम बंगाल की भलाई के लिए, काम करने का अवसर प्रदान करने के लिए मैं हमारे अध्यक्ष के प्रति हमेशा आभारी रहूँगा।”

बता दें कि 22 जनवरी, 2021 को वन मंत्री और डोमजूर (Domjur) से विधायक राजीब बनर्जी ने ममता कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। उस दौरान राजीब बनर्जी ने इस्तीफे में लिखा था, “मुझे यह बताते हुए खेद है कि आज 22 जनवरी 2021 को मैंने कैबिनेट मंत्री के पद से अपने कार्यालय से अपना इस्तीफा दे रहा हूँ। पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करना बहुत सम्मान और सौभाग्य की बात है। मैं इस अवसर को पाने के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।”

कहा जा रहा है कि राजीब बनर्जी भी ममता बनर्जी की कार्यशैली और पार्टी के कामों में उनके भतीजे की बढ़ती दखलंदाजी से नाखुश थे। ममता कैबिनेट को छोड़ने वाले राजीब तीसरे मंत्री थे। उनसे पहले शुभेंदु अधिकारी और लक्ष्मी रतन शुक्ला ने इस्तीफा दिया था। नंदीग्राम में खासा प्रभाव रखने वाले शुभेंदु बीजेपी का दामन थाम चुके हैं, जबकि लक्ष्मी रतन पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के करीबी माने जाते हैं।

अमृतसर में ट्रैक्टर ने महिलाओं को रौंदा, कॉन्ग्रेस नेता अलका लंबा ने फेक न्यूज फैला BJP पर दोष मढ़ा

26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर रैली के दौरान पंजाब के अमृतसर में दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा ने शुक्रवार (29 जनवरी 2021) को एक फर्जी खबर फैलाते हुए इस हादसे का दोष बीजेपी के मत्थे मढ़ने की कोशिश की।

अलका लांबा ने एक वीडियो शेयर करते हुए उसे ट्रैक्टर रैली से जोड़ा। ट्वीट कर कहा, “हे राम… घोर अनर्थ। आरोप है कि किसान आंदोलन में हिस्सा लेने पहुँच रही बुजुर्ग महिला किसानों को गुस्से में BJP के कुछ कार्यकर्ता ने रौंद डाला। किसी मीडिया ने यह तस्वीरें दिखा क्या BJP नेताओं से सवाल किए? शर्मनाक, पीड़ादायक।”

अलका लांबा का ट्वीट

हालाँकि अलका लांबा के पास अपने द्वारा किए गए इस दावे का कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं है कि जिन आरोपितों ने अमृतसर में प्रदर्शनकारी महिलाओं की हत्या कर दी और ट्रैक्टर रैली के दौरान तीन को गंभीर रूप से घायल कर दिया, वह बीजेपी का सदस्य है।

बता दें, गिरफ्तार आरोपित ड्राइवर की पहचान सुख पुत्र गुलजार सिंह निवासी गाँव मक्खण विंडी के रूप में हुई है और उसने मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली में भाग लिया था। इसलिए यह संभावना ही नहीं है कि ट्रैक्टर चालक एक भाजपा का सदस्य था।

क्या है पूरी घटना?

गौरतलब है कि 26 जनवरी को पंजाब के अमृतसर में किसानों के समर्थन में एक रैली निकाली जा रही थी। उसी दौरान अचानक से एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया और कई महिलाओं को रौंदता हुआ चला गया। इस घटना में 2 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं 5 महिलाओं को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

घटना मंगलवार को अमृतसर के अटारी-वेरका बाईपास पर स्थित कस्बा वल्ला में निकाली जा रही ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई थी। जिसमें भारी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शमिल थे। इस दौरान पानी के टैंकर वाले एक ट्रैक्टर चालक ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया। उसने टैंकर सहित ट्रैक्टर को महिलाओं पर चढ़ा दिया और उन्हें रौंदते हुए कई मीटर तक चला गया।

मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। जिसकी पहचान सुख पुत्र गुलजार सिंह निवासी गाँव मक्खण विंडी के रूप में हुई थी। वह राज मिस्त्री का काम करता था। पुलिस पूछताछ में दोषी चालक ने बताया था कि उसे टैंकर चलाना नहीं आता था। न ही उसके पास कोई लाइसेंस है। वह बस प्रदर्शन में शामिल होने आया था।

घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा को दोषी ठहराने के चक्कर में अलका लांबा ने बिना किसी सबूत या रिपोर्ट देखे ही बड़ी फुर्ती से अपने ट्विटर एकाउंट से फेक न्यूज़ शेयर कर दिया। आरोप लगाया कि अमृतसर में दो महिलाओं की दुखद मौत के लिए भाजपा के सदस्य जिम्मेदार थे। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लताड़े जाने के बावजूद उनके पास इसे साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था।

दिल्ली: इजरायली दूतावास के पास धमाका, कुछ ही दूरी पर बीटिंग रिट्रीट में मौजूद थे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री

दिल्ली के एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर स्थित इजरायली दूतावास के पास धमाका हुआ है। ब्लास्ट जिंदल हाउस के बाहर शुक्रवार (जनवरी 29, 2021) को शाम 5:05 पर हुआ। धमाके के कारण आसपास के इलाके में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

फॉरेंसिक टीम का कहना है कि इसमें ब्लैक पाउडर का इस्तेमाल हुआ, जिसे फुटपाथ के पास छिपाया गया था। घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस पहुँच गई है। फिलहाल धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

अभी तक इस धमाके की प्रकृति का पता नहीं चल पाया है। जाँच चल रही है। धमाके में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। स्पेशल सेल मौके पर पहुँच कर पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी पुख्ता तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि धमाके की प्रकृति किस तरह की है।

26 जनवरी को दिल्ली में उपद्रव के बाद इस तरह का धमाका बेहद चिंताजनक है। खबर के अनुसार, विजय चौक से 2 किमी से भी कम दूरी पर ये धमाका हुआ है, जहाँ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के अन्य वरिष्ठ सदस्य बीटिंग द रिट्रीट में मौजूद थे।

पत्रकार राजशेखर झा ने ट्वीट कर बताया है कि 9 साल पहले 13 फरवरी 2012 को ऐसा ही एक धमाका इजरायली दूतावास के पास हुआ था। आतंकियों ने दूतावास अधिकारी को निशाना बनाने के लिए उनकी कार में विस्फोटक फिट किए थे। हालाँकि, वह किसी तरह इस हमले में बच गई थीं।