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केरल में ही सैकड़ों ईसाई युवतियाँ बन चुकी हैं ‘लव जिहाद’ की शिकार, क्रिश्चियन संगठन का दावा- विदेश से आता है पैसा

देश में ‘लव जिहाद’ के लगातार मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन मीडिया का एक वर्ग अभी भी इसे मानने को तैयार ही नहीं है। इसे हिंदुत्व की उपज कहा जा रहा है। रवीश कुमार केरल में ‘लव जिहाद’ के एक भी मामले साबित न होने की बात कह रहे हैं। वहीं ‘Scroll’ इसे कंस्पिरेसी थ्योरी बता रहा है। कमोबेश पूरे वामपंथी मीडिया का यही हाल है। यहाँ हम आपको बताएँगे कि कैसे केरल में ईसाई बड़ी संख्या में ‘लव जिहाद’ का शिकार हुए हैं।

हाल ही में रवीश कुमार ने लव जिहाद को ‘हिन्दू-मुस्लिम सिलेबस का हिस्सा’ भी बता दिया। उन्होंने कहा, “भारत का समाज बुनियादी रूप से प्रेम का विरोधी है। किसी को प्रेम न हो जाए, अपनी पसंद से जाति या धर्म के बाहर शादी न हो जाए, इस आशंका में डूबा रहता है और डरा रहता है। भारतीय समाज हिन्दी सिनेमा में सोते-जागते गीतों के नाम पर प्रेम गीत ही सुनता है, वहीं प्रेम से इतना डरता है। इतना डरता है कि डर का भूत खड़ा करता है। उसी एक भूत का नाम है लव जिहाद। वैसे तो यह हिन्दू-मुस्लिम नेशनल सिलेबस का हिस्सा है, लेकिन बेवक्त-बेज़रूरत इसे छेड़ने का मतलब यही है, किसी को यकीन है कि भारत के समाज को हिन्दू बनाम मुस्लिम के भूत से डराया जा सकता है।”

केरल में कैथोलिक पादरियों के एक संगठन ने कहा कि ‘लव जिहाद’ एक वास्तविक समस्या है। केरल के चर्च ने इसके पीछे ISIS का हाथ बताते हुए कहा था कि ‘लव जिहाद’ के जरिए कई महिलाओं का जबरन धर्मान्तरण हो रहा है। इसके जवाब में PFI जैसे मुस्लिम संगठनों ने पादरियों को चुप रहने की सलाह दी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे CAA के खिलाफ चल रहे उपद्रव को लेकर जोश में कमी आ जाएगी।

केरल के चर्च का कहना था कि कुछ महीनों पहले केरल के जिन 21 लोगों को ISIS में शामिल कराया गया था, उनमें से आधे ईसाई थे। पादरियों का कहना था कि ‘लव जिहाद’ से सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को ठेस पहुँच रही है। उनका ये भी आरोप था कि केरल का पुलिस-प्रशासन इस खतरे से निपटने को गंभीर नहीं है। लेकिन, कुछ पत्रकारों को ये अब भी हिन्दुओं के दिमाग की उपज लग रहा है।

जब केरल के चर्चों ने ‘लव जिहाद’ को लेकर चर्चा शुरू की तो वामपंथी मीडिया घबरा गया और उसने इसे पादरियों पर ही हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप मढ़ दिया। ‘द फ़ेडरल’ ने अपने लेख में लिखा था कि विहिप ने पादरियों के बयान का स्वागत किया है और कहा है कि ‘लव जिहाद’ को एक बड़ी साजिश के तहत अंजाम दिया जा रहा है। मीडिया संस्थान का कहना था कि नॉर्थ केरल में हिन्दू या ईसाई लड़कियों के किसी मुस्लिम के साथ प्यार करने को ‘लव जिहाद’ कह दिया जा रहा है।

उसका तर्क था कि उत्तरी केरल में मुस्लिमों की जनसंख्या ज्यादा है और राज्य में दशकों से अंतर्जातीय/अंतर्धार्मिक विवाह होते रहे हैं। आज इंटरनेट के युग में एक-दूसरे से लोग ज्यादा और जल्दी सम्पर्क में आते हैं, जिससे नजदीकियाँ बढ़ती हैं। साथ ही आरोप लगाया था कि जब ईसाई/हिन्दू युवक मुस्लिम लड़की से शादी करते हैं तो कोई हंगामा नहीं होता। इस तरह मुस्लिमों के बचाव के लिए ईसाइयों को निशाना बनाया गया।

‘आउटलुक’ ने भी अपने एक लेख में लिखा कि 2009 में केरल और कर्नाटक के मामलों के सामने आने के बाद इस विवाद को बढ़ावा मिला। उसने आरोप लगाया कि कोरोना के समय में ऐसे मामले उठाकर न सिर्फ ध्रुवीकरण किया जा रहा है, बल्कि ‘अंतर्धार्मिक प्यार’ का भी गला घोंटा जा रहा है। उसने तो यहाँ तक आरोप लगाया कि आर्य समाज जैसे हिन्दू समूहों ने 1920 के दशक में ‘समाज में विभाजन’ के लिए इस मुद्दे को उठाया था।

इसमें ज्ञान बघारते हुए बताया गया था कि जब दो लोग प्यार में होते हैं तो उनका उद्देश्य अलग होता है और वो अलग-अलग धर्मों के होने के बावजूद इसकी परवाह नहीं करते कि कौन सा धर्म क्या कह रहा है। हालाँकि, उसने ये नहीं बताया कि महिला को ही क्यों हमेशा अपना धर्म बदलने को मजबूर होना पड़ता है। साथ ही उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार पर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनाने के लिए निशाना साधा।

‘द ग्लोबल काउंसिल ऑफ इंडियन क्रिश्चियन्स’ ने आँकड़ा दिया था कि अब तक 2868 महिलाओं को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाया जा चुका है। दीपा चेरियन नामक महिला की जबरन धर्मान्तरित करने की खबर भी आई, जिसके बाद उसका नाम शाहिना रखा गया। शाहिना को बाद में कोच्चि पुलिस ने लशकर-ए-तैयबा के साथ उसके संबंधों को लेकर गिरफ्तार भी किया। ईसाई काउंसिल ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय साजिश बताया।

‘ग्लोबल काउंसिल ऑफ इंडियन क्रिश्चियन्स’ के अध्यक्ष डॉक्टर साजन के जॉर्ज का कहना है कि दीपा की नजदीकियाँ नौशाद नाम के एक ड्राइवर से बढ़ी थी। उनका कहना है कि इसके लिए विदेश से फंड्स आते हैं, जिसके तहत ‘चार्मिंग और हैंडसम’ मुस्लिम युवकों को ईसाई युवतियों को प्रलोभन देने, उनसे प्यार और शादी करने के लिए तैयार किया जाता है।

‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग’ के जॉर्ज कुरियन ने भी ‘लव जिहाद’ को समस्या माना था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर केरल में ईसाई लड़कियों को निशाना बनाए जाने की बात की थी और इसकी जाँच NIA से कराने को कहा था। उन्होंने आँकड़ा दिया था कि 7 साल में केरल में 4000 महिलाएँ ‘लव जिहाद’ की शिकार बनीं। कुरियन ने कहा था कि उन सभी का ब्रैनवॉश हुआ और जबरन इस्लाम में धर्मान्तरित किया गया।

कुरियन ने पत्र में लिखा था कि ऐसा लगता है कि ईसाई समुदाय की लड़कियाँ इस्लामी कट्टरपंथियों का सॉफ्ट टारगेट हैं। उन्हें लव जिहाद का शिकार बनाकर आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया था कि सरकार कट्टरपंथी तत्वों की ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी कानून लाए।

इसी तरह से कोझिकोड में एक 19 साल की लड़की का उसके सहपाठी फैजल ने ही बलात्कार किया। उसने लड़की की नंगी तस्वीरें ले ली और फिर उसे ब्लैकमेल करता रहा। जुलाई 2019 की ये घटना 3 महीने बाद बाहर आई थी, जब पीड़िता ने अपने साथियों को इस बारे में बताया। पीड़िता के पिता ने पुलिस पर भी एक्शन न लेने का आरोप लगाया। कोझिकोड में तो एक महीने में ही ‘लव जिहाद’ के 50 मामले सामने आने की बात कही गई थी।

दिसंबर 2009 में खुद केरल हाईकोर्ट ने सरकार को ‘लव जिहाद’ की रोकथाम के लिए कानून बनाने के लिए कहा था। साथ ही हाईकोर्ट ने दो ऐसे लोगों की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी, जो इसके आरोपित थे। हाईकोर्ट ने कहा था कि कुछ पुलिस रिपोर्ट्स के हिसाब से ये स्पष्ट है कि इसे लड़कियों के धर्मान्तरण के लिए साजिशन प्रयास किया गया और इसके पीछे कुछ संगठनों का हाथ भी दिख रहा है।

मुफ्ती अनस की बेगम बनी सना खान, ‘जहरीले’ एजाज खान ने करवाई थी मुलाकात

‘अल्लाह के कायदों’ पर चलने की बात कहते हुए बॉलीवुड छोड़ने वाली सना खान ने निकाह कर ली है। उन्होंने सूरत के मुफ्ती अनस से निकाह की है। बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में हिस्सा ले चुकी सना सलमान खान अभिनीत ‘जय हो’ जैसी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक बिग बॉस सीजन 8 का हिस्सा रह चुके एजाज खान ने सना का परिचय मुफ्ती अनस से करवाया था। एजाज खान सोशल मीडिया में सांप्रदायिक तौर पर भड़काऊ पोस्ट करने के लिए जाना जाता है।

सोशल मीडिया में पोस्ट किए वीडियो में सना सफेद रंग के दुल्हन के लिबास में और उनके शौहर भी सफेद कपड़ों में नजर आ रहे हैं। सूरत में एक छोटे समारोह में दोनों ने निकाह की। निकाह के बाद दोनो ने केक भी काटा।

इससे पहले सना कोरियोग्राफर मेल्विन लुइस के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। बाद में उन्होंने लुइस पर धोखा देने और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। हालाँकि बीते अक्टूबर में अचानक से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने की घोषणा कर दी। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में सना खान ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने की वजह ‘इस्लाम’ को बताया था। उन्होंने कहा था कि वह मानवता की सेवा करना चाहती हैं और अब से वह अल्लाह के आदेशों का पालन करेंगी।

उनसे पहले जायरा वसीम ने भी फ़िल्मी दुनिया को ‘इस्लाम’ की सेवा करने के लिए छोड़ने का ऐलान किया था। ‘दंगल ’और, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की अभिनेत्री रही जायरा वसीम ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ही घोषणा की थी कि यह उद्योग उन्हें उनके ईमान से दूर कर रहा है। जायरा ने कहा था कि एक्ट्रेस बनने की वजह से वह इस्लाम से दूर होती जा रही हूँ। इसलिए इस फील्ड से रिश्ता तोड़ रही हैं।

विकिपीडिया ने बलात्कारी, हत्यारे के अपराधों को एडिट कर छुपाया, सिर्फ उसके पक्ष की बातें बताईं

अमेरिका के एक्टिविस्ट जैक पोसोबिक ने विकिपीडिया को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने उस पर एक नृशंस वारदात के अपराधी की करतूतों को छिपाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि विकिपीडिया एक बलात्कारी व हत्यारे के अपराधों को छिपा रहा है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि स्टेसी सिटिस नामक महिला अपनी कम्पनी में अतिरिक्त घंटे काम कर रही थीं, ताकि वो अपनी शादी के लिए एक ड्रेस ले सके। एक बार जॉब से लौटते समय उन्होंने सुबह के साढ़े 3 बजे एक व्यक्ति की मदद के लिए उसे लिफ्ट दिया।

उस व्यक्ति का नाम रोडनी रिड था। अमेरिकी एक्टिविस्ट ने बताया कि स्टेसी ये नहीं जानती थीं कि रोडनी इससे पहले भी कई महिलाओं को इसी तरह से अपना शिकार बना चुका है, जिनमें एक विकलांग और एक 12 साल की बच्ची भी शामिल थी। बाद में स्टेसी की लाश भी एक पेड़ के पास मिली। जैक ने बताया कि रोडनी का सीमेन और थूक स्टेसी के मृत शरीर के हर हिस्से पर पड़ा हुआ था। रिड पर पुलिस का भी शक गया।

उसने शुरू में इस मामले को घुमाने की कोशिश की और दावा किया कि स्टेसी के साथ उसका अफेयर था। उससे पहले वो ट्रायल के दौरान कह रहा था कि वो स्टेसी को जानता ही नहीं है। जबकि स्टेसी की बहन का कहना है कि वो अपने मंगेतर के साथ खुश थी और अतिरिक्त घंटे काम कर रही थी, ऐसे में उसके पास किसी और के साथ अफेयर के लिए समय तक नहीं था। स्टेसी को शादी के ड्रेस में ही दफनाया गया। उसके मंगेतर ने उसे रिंग भी पहनाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब डॉक्टर फिल और किम करदाशियाँ जैसी हस्तियाँ आरोपित के पक्ष में आवाज़ उठा रही हैं। अब खुलासा हुआ है कि विकिपेडिया ने भी रोडनी रिड की सारी आपराधिक करतूतों को छिपा दिया और उसके इतिहास को लेकर सिर्फ वही चीजें बताईं, जो उसके वकीलों ने बताया था। आरोप है कि पीड़िता के पास मिले सीमेन के उसके DNA से मैच होने के बावजूद विकिपीडिया ऐसा कर रहा है।

उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है, उस सम्बन्ध में भी विकिपीडिया पर सब कुछ छिपा लिया गया है। इसमें बताया गया है कि लगभग एक साल तक चली जाँच के दौरान स्टेसी के बलात्कार एवं हत्या के मामले में सैकड़ों लोगों का इंटरव्यू लिया और 28 पुरुषों के DNA के साथ सीमेन के सैम्पल को मैच कराया, लेकिन सिर्फ एक व्यक्ति से ही ये मैच हुआ। इसे ‘फॉरेन DNA’ को मैच कराना कहते हैं।

इसमें बताया गया है कि इससे पहले भी उसे 19 वर्ष की एक युवती की पिटाई करने और उसके साथ बलात्कार और उसकी हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया था। स्टेसी के अलावा एक अन्य महिला भी ठीक इसी समय पर गायब हुई थी और उसकी लाश भी इसी रूट में मिली थी। रिड ने अपनी विकलांग गर्लफ्रेंड के साथ भी बलात्कार किया था। DNA एक्सपर्ट्स के इस क्लेम के बावजूद विकिपीडिया की हरकत शर्मनाक है। अब सवाल उठ रहे हैं कि विकिपीडिया को एक बलात्कारी व हत्यारे के अपराधों को छिपाने की क्या ज़रूरत है?

इसी तरह अगस्त 2020 में बेंगलुरु में हुए दंगों पर दी गई जानकारी के शुरुआती हिस्से में विकिपीडिया में “clash” शब्द का इस्तेमाल किया गया था। विकिपीडिया के अनुसार, यह टकराव था। टकराव के असल मायने यह होते हैं, जब दो अलग धर्म या समुदाय के लोगों के बीच किसी विवाद को लेकर टकराव की स्थिति बनती है। जबकि दंगों के वीडियो में साफ़ देखा जा सकता था कि हिंसा के दौरान अल्लाह-हु-अकबर के नारे लग रहे थे।  

अमित शाह के तमिलनाडु पहुँचते ही बदले AIADMK के सुर, कहा- BJP के साथ मिलकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

ज्यादा दिन नहीं बीते जब तमिलनाडु में AIADMK के नेता भाजपा की ‘वेल यात्रा’ का विरोध कर रहे थे। लेकिन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शनिवार (नवंबर 21, 2020) को प्रदेश में पहुँचते ही सारे समीकरण बदल गए। पहले तो AIADMK के नेताओं ने चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुँचकर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह का स्वागत किया और बाद में बकायदा पार्टी ने बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया। तमिलनाडु में मई 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रखने की घोषणा मुख्यमंत्री ई के पलानिस्वामी ने की। इसके बाद पलानीस्वामी और अमित शाह के बीच बैठक हुई। शाह ने तमिलनाडु को देश का सबसे बेहतर गवर्नेंस वाला राज्य बताया। 

इससे पहले हवाई अड्डे पर केंद्रीय गृह मंत्री का भव्य स्वागत हुआ। हवाई अड्डे से लेकर होटल तक पूरे रास्ते में जनसैलाब उमड़ा हुआ था। अमित शाह सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर अपने काफ़िले से बाहर आए और आम जनता से रूबरू भी हुए। इसके कुछ समय बाद कलाईवनर अरंगम में हुए एक समारोह के दौरान उन्होंने कन्ननकोट्टई थेरोवई कांदीगई रिजर्वायर की शुरुआत करने का ऐलान किया और लगभग 67378 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस समारोह के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री पलानिस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने कई अहम बातें कहीं। 

इनका कहना था कि आगामी विधानसभा चुनावों में हमारा गठबंधन भाजपा के साथ जारी रहेगा। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री का कहना था कि तमिलनाडु सरकार को केंद्र सरकार की तरफ से जनहित और विकास संबंधी हर योजना बनाने से लेकर लागू करने तक पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अमित शाह ने कोरोना महामारी को लेकर तमिलनाडु की राज्य सरकार के प्रबंधन की सराहना भी की जिसके चलते कुछ ही समय में प्रदेश के भीतर प्रभावित मामलों की संख्या में बहुत कमी आई है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि तमिलनाडु का रिकवरी रेट 97 फ़ीसदी है जो कि पूरे देश में सबसे ज़्यादा है। 

इस बीच अमित शाह ने डीएमके को भी जमकर निशाना बनाया जो पूरे 10 साल बाद सत्ता हासिल करने की कोशिश में है। उन्होंने कहा, “डीएमके को चुनावों में हार का सामना करना पड़ेगा और सिर्फ लोकतांत्रिक ताकतें ही उभर कर सामने आएँगी।” इसके बाद 2जी घोटाले की याद दिलाते हुए गृह मंत्री ने कहा, “डीएमके और कॉन्ग्रेस ने 10 वर्षों तक सत्ता में रहते हुए देश और तमिलनाडु के लिए क्या किया है? हमें इस बात की जानकारी दीजिए कि आपने पिछले 10 वर्षों में क्या किया है और फिर हम उस पर सार्वजनिक परिचर्चा करते हैं। मैं इस बात की विस्तार से जानकारी देने के लिए तैयार हूँ कि एनडीए ने तमिलनाडु के लिए क्या किया है।” 

पलानीस्वामी ने भी महामारी की वजह से थमी हुई अर्थव्यवस्था को अनेक क्षेत्रों के लिए आर्थिक राहत पैकेज देकर फिर से गति देने के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के दौरान, मुझे यह बताते हुए बेहद ख़ुशी हो रही है कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत सहायता प्रदान करने के मामले में तमिलनाडु दूसरे पायदान पर है। पब्लिक सेक्टर बैंकों ने अभी तक कुल 6980 करोड़ रुपए वितरित किए हैं।” 

तमिलनाडु को निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के दृष्टिकोण के साथ अमित शाह ने कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इसमें चेन्नई मेट्रो रेल का दूसरा चरण, कोयम्बटूर स्थित अविनाशी रोड पर एलिवेटेड राजमार्ग, चेन्नई ट्रेड सेंटर का विस्तार समेत अन्य परियोजना शामिल है। पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम की अमित शाह के साथ लगभग 40 मिनट तक बैठक हुई

भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनेंगी कनिका राणे, पति 2 साल पहले LOC पर हो गए थे वीरगति को प्राप्त

जम्मू-कश्मीर में 29 वर्षीय मेजर कौस्तुभ राणे को वीरगति को प्राप्त हुए लगभग 2 वर्ष हो गए हैं। अब उनकी पत्नी भारतीय सेना में सेवा देने को तैयार हैं। कनिका राणे ने ज़िंदगी की तमाम मुसीबतों से लड़ते हुए और अपने परिवार को सँभालते हुए अथक परिश्रम कर खुद को देशसेवा के लिए तैयार किया है। उन्होंने चेन्नई स्थित भारतीय सेना की ‘ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी’ में अपना प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है।

अब वो भारतीय सेना में शामिल हो गई हैं। कौस्तुभ राणे और उनका परिवार मुंबई के मीरा रोड में रहता था। अगस्त 2018 में वो तीन अन्य भारतीय सैनिकों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे। राइफलमैन हमीर सिंह (28), मनदीप सिंह (26) और विक्रमजीत सिंह (25) ने भी देश के लिए बलिदान दिया था। जहाँ हमीर और मनदीप उत्तराखंड से थे, वहीं विक्रमजीत हरियाणा के थे। बाँदीपोरा में ये चारों वीरगति को प्राप्त हुए थे।

LOC के नजदीक गुरेज़ सेक्टर में पाकिस्तान समर्थिक आतंकी वहाँ की फ़ौज की मदद से घुसपैठ कर रहे थे। श्रीनगर से 125 किलोमीटर दूर सीमा पर पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करते हुए इन चारों ने भारत माता के लिए अपनी जान को न्योछावर कर दिया था। शनिवार (नवंबर 21, 2020) को मुंबई के डिफेन्स PRO ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें कनिका राणे बता रही हैं कि कैसे ये सब उनके लिए एक आसान विकल्प नहीं था।

कनिका राणे ने कहा कि उन्होंने तो बस अपने पति के साथ जिम्मेदारियों की अदला-बदली की है, क्योंकि उनकी जगह पर वो भी रहते तो यही करते। उन्होंने कहा कि वो अपने पति के उन स्वप्नों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में आई हैं, जो वो अपने पीछे छोड़ गए हैं। उनके पति मेजर कौस्तुभ राणे पहले गढ़वाल रायफल्स में थे, लेकिन बाद में वो 36 इंडियन रायफल्स का हिस्सा बन गए थे।

उन्होंने भारतीय सेना में सेवा देते हुए 6 वर्ष पूरे कर लिए थे। वो अपने पीछे अपने माता-पिता, पत्नी और एक बेटे अगस्त्य को छोड़ गए थे। इस वर्ष की शुरुआत में उधमपुर में हुए एक समारोह में अपने पति की तरफ से कनिका ने गैलेंट्री अवॉर्ड रिसीव किया था। कनिका का कहना है कि सेना के प्रशिक्षण के लिए शारीरिक सहनशीलता से भी ज्यादा आवश्यक है मानसिक मजबूती का होना। उनका कहना है कि अगर आपके पास मानसिक ताकत और सहनशक्ति है तो आप कुछ भी कर सकते हैं।

कनिका बताती हैं कि यहाँ आने से पहले वे कभी 100 मीटर भी नहीं दौड़ी थीं, लेकिन अब वो 40 किलोमीटर की दौड़ लगाती हैं। शनिवार को उनके साथ अकादमी से 181 पुरुष और 49 महिला उत्तीर्ण हुए, जो अब भारतीय सेना में सेवा देंगे। कनिका 9 महीने का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त करेंगी। वो परीक्षा और साक्षात्कार में भी उत्तीर्ण हुई थीं। इन सबके साथ-साथ वो अपने छोटे बेटे की भी देखभाल करती हैं।

कनिका को उनके पति हमेशा उन्हें अपने लक्ष्य, उद्देश्य और स्वप्नों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उन्होंने कहा कि प्रेरणा के माध्यम से ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये उनकी तरफ से उनके दिवंगत पति को श्रद्धांजलि है। कनिका अभी 29 वर्ष की हैं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा से अपने पति के पदचिह्नों का अनुसरण करना चाहती थीं। उन्होंने कहा था कि वो कश्मीर में सेवा देने के लिए भी तैयार हैं।

इसी तरह से सितंबर 2, 2015 को देहरादून के राइफलमैन शिशिर मल्ल बारामुला के राफियाबाद में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान होने की खबर से सारा उत्तराखंड शोक में डूब गया था। 9 घंटे चली उस भीषण मुठभेड़ में वीर जवानों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम के आतंकी को मार गिराया था। उनकी पत्नी संगीता मल्ल भी भारतीय सेना में शामिल हो गई थीं। फ़िलहाल वो शॉर्ट सर्विस कमीशन में लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में कार्यरत हैं। 

मुस्लिम लड़का-हिन्दू लड़की, मंदिर प्रांगण में कई किसिंग सीन, लव जिहाद को बढ़ावा: Netflix के खिलाफ FIR

नेटफ्लिक्स (Netflix) पर एक नई वेब सीरीज आई है, जिसका नाम है ए सूटेबल बॉय (A Suitable Boy)। विक्रम सेठ के लिखे उपन्यास पर आधारित इस सीरीज को डायरेक्ट किया है मीरा नायर ने। फिल्म की कहानी के केंद्र में है 1951 की एक लड़की, जिसके लिए उसकी माँ एक योग्य लड़के की तलाश में है। इस तलाश के दौरान ही सीरीज में भारत विभाजन से उपजी त्रासदी से लेकर धर्म का झगड़ा, मंदिर-मस्जिद, उस वक्त की राजनीति और बड़ी-बड़ी उलझनें लिए बहुत से शेड्स दिखते हैं।

इस वेब सीरीज पर मंदिर प्रांगण में अश्लील दृश्य फिल्माने और लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। यह एफआईआर दर्ज करवाई है गौरव तिवारी नाम के युवक ने। उन्होंने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी भी दी।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “अपने ‘A Suitable Boy’ कार्यक्रम में नेटफ्लिक्स ने एक ही एपिसोड में तीन बार मंदिर प्रांगण में चुंबन दृश्य फिल्माए। पटकथा के अनुसार मुस्लिम युवक को हिंदू महिला प्रेम करती है, पर सभी किसिंग सीन मंदिर प्रांगण में क्यूँ शूट किए गए? मैंने रीवा में इस मामले पर FIR दर्ज करा दी है।”

उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा, “मंदिर का प्रांगण, बैकग्राउंड में आरती और अश्लील दृश्य। क्या मस्जिद में अजान के समय ऐसा शूट करने की ‘क्रीएटिव फ़्रीडम’ है आपको नेटफ्लिक्स? हिंदुओं की सहिष्णुता को उनकी कमजोरी मत समझिए, ये मध्य प्रदेश का नहीं, भगवान शिव और करोड़ों शिव भक्तों का भी अपमान है। माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “रानी अहिल्याबाई होल्कर ने महेश्वर घाट को शिवभक्तों के लिए समर्पित किया। पाषाण युग के हजारों शिवलिंग उसकी पहचान है। पर नेटफ्लिक्स इस पावन धरा का उपयोग लव-जिहाद को बढ़ावा देने और हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए कर रहा है। आज मैं अपने फ़ोन से नेटफ्लिक्स हटा रहा हूँ, और आप?”

उन्होंने एफआईआर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विक्रम सेठ के लिखे उपन्यास पर बनी बेब सीरीज ‘ए सूटेबल बॉय’ कई दिनों से नेटफ्लिक्स पर चल रही है। उसके दूसरे एपिसोड में ऐसे स्थानों पर किसिंग सीन दर्शाए गए हैं, जो बिल्कुल भी सहनीय नहीं हैं। मंदिर में भगवान शिवलिंग के सामने, जब भजन चल रहा है, तब इस सीन को दर्शाया गया है। इसको लेकर हमने माँग की है कि इसे तुरंत हटाया जाए। 

उन्होंने बताया कि नेटफ्लिक्स वीपी कंटेंट मोनिका शेरगिल और डायरेक्टर, पब्लिक पॉलिसीज अंबिका खुराना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। इसके साथ ही उन्होंने माँग की है कि उनके खिलाफ गैर जमानती एफआईआर दर्ज हो। यह पूछे जाने पर कि क्या उनको लगता है कि यह जानबूझकर किया गया है, उनका कहना था कि बिल्कुल ऐसा ही है, क्योंकि एक बार को हो जाता है कि आ जाए, लेकिन एक ही एपिसोड में तीन बार इस तरह के सीन को दिखाना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं इनके इरादे ठीक नहीं हैं। आज के समय में इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मथुरा के आश्रम में दो साधुओं की संदिग्ध मौत से सनसनी, तीसरे की हालत गंभीर: भाई ने कहा- ‘जहर देकर की गई हत्‍या’

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन इलाके में शनिवार (नवंबर 21, 2020) को दो साधुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों साधु गोवर्धन मार्ग पर मौजूद गिरिराज बगीचा के पीछे बने आश्रम में रहते थे। आश्रम में रामायण का पाठ कर रहे दोनों साधुओं ने अपने एक और साथी के साथ सुबह की चाय पी थी। जिसके बाद तीनों के ही मुँह से झाग निकलता हुआ देखा गया। बताया जा रहा है कि आश्रम में ही मौजूद गाय के दूध से चाय बनाकर इन लोगों ने पी थी, जिसके बाद यह घटना हुई है।

जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, तब तक दो साधुओं की मौत हो गई। जबकि इनमें से एक रामबाबू नाम के साधु को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृत साधुओं का नाम गोपालदास और श्यामसुंदर दास था।

पूरा घटनाक्रम शनिवार की सुबह का है। रामायण का पाठ कर रहे तीनों साधु एक ही आश्रम में रहते थे। चूँकि सुबह की चाय पीने के बाद ही तीनों की तबियत बिगड़ी थी, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चाय में ही जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। मृतक साधु गोपाल दास के भाई टीकम ने भी आरोप लगाया कि साधुओं की जहर देकर हत्या की गई है और आश्रम में जहरीली दवाइयों की बदबू आ रही है।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि शनिवार सुबह करीब दस बजे आश्रम में चाय पीने के बाद तीनों साधुओं की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद तीनों को अस्पताल ले जाया गया। जहाँ गोपाल दास और श्याम सुंदर दास को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं रामबाबू दास की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया।

पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर लोगों से बातचीत की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि साधुओं को साजिशन जहर दिया गया है और उनकी हत्या की गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। एसएसपी ने कहा कि इस मामले में वीडियोग्राफी कराकर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस टीम ने आश्रम में मिले खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। चाय में मिलाए गए दूध तथा अन्य सामान के भी नमूने लिए हैं। एसएसपी ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों महाराष्ट्र के पालघर में हुई संतों की हत्या मामले के बाद औरंगाबाद से एक और संत पर हमले की घटना सामने आ गई थी। बताया गया था कि संत प्रियशरण महाराज पर जिले के चौक परिसर के लाडसावंगी मार्ग पर स्थित उनके आश्रम में घुसकर हमला किया गया। हमलावर 7-8 की तादाद में थे। इन्होंने आश्रम में घुसने के लिए पहले उसकी कड़ी तोड़ी और फिर संत से मारपीट करके उनके कंधे पर चाकू से वार भी किया था। 

ड्रग्स केस में कॉमेडियन भारती सिंह को NCB ने किया गिरफ्तार: पति हर्ष से पूछताछ जारी, घर से 86.5 ग्राम गाँजा बरामद

ड्रग्स केस में कॉमेडियन भारती सिंह को एनसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनके पति हर्ष से पूछताछ जारी है। इससे पहले पकड़े गए ड्रग्स पैडलर की निशानदेही पर एनसीबी ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के घर पर छापेमारी की थी। एनसीबी को छापेमारी के दौरान संदिग्ध पदार्थ (गाँजा) मिला था।

NCB ने कॉमेडियन भारती सिंह के प्रोडक्शन ऑफिस और घर पर छापा मारा और दोनों जगहों से 86.5 ग्राम गाँजा बरामद किया गया। घर से गाँजा मिलने के बाद दोनों को एनसीबी ने पहले हिरासत में लिया था। दोपहर तीन बजे से पूछताछ के बाद गिरफ्तारी हुई।

जाँच एजेंसी के सामने भारती और उनके पति हर्ष लिंबाचिया दोनों ने गाँजे का सेवन करने की बात कबूल कर लिया। इसके बाद भारती सिंह को गिरफ्तार कर लिया और हर्ष लिंबाचिया से पूछताछ चल रही है। थोड़ी देर बाद भारती को मेडिकल के लिए ले जाया जाएगा। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए संभवत: उनकी एनडीपीएस कोर्ट में पेशी होगी। अगर आज रात को संभव नहीं हो पाया तो रविवार (नवंबर 22, 2020) को भारती सिंह को कोर्ट में पेश किया जाएगा। हर्ष पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अभी उनसे पूछताछ चल रही है। उनका बयान लिया जा रहा है।

गौरतलब है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कॉमेडियन भारती सिंह के मुंबई स्थित तीन घरों पर छापेमारी की थी। मुंबई के जोनल डायरेक्टर ऑफिसर समीर वानखेड़े ने बताया था, “भारती और उनके पति दोनों को नशीले पदार्थ रखने के मामले में सवाल-जवाब के लिए हिरासत में ले लिया गया है।”

इससे पहले एनसीबी ने एक्टर और मॉडल अर्जुन रामपाल और उनकी गर्लफ्रेंड गेब्रिएला के घर पर छापा मारा था। बता दें कि 9 नवंबर को अर्जुन रामपाल के घर छापेमारी के दौरान जाँच एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त किया था और अर्जुन के ड्राइवर से भी पूछताछ की थी। 

बता दें कि बॉलिवु़ड में ड्रग्स की जाँच के लपेटे में अब तक कई सेलिब्रिटीज के नाम सामने आ चुके हैं। सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती से इसकी शुरुआत हुई और इसके बाद दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह, अर्जुन रामपाल की पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स जैसे कई नामों के सामने आने का सिलसिला जारी है।

पंजाब में किसानों के आंदोलन के कारण रेलवे को 2,220 करोड़ रुपए का भारी नुकसान

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में पिछले 55 दिनों से जारी किसानों के आंदोलन की वजह से जहाँ स्थानीय उद्योग और व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं भारतीय रेलवे को भारी चपत लगी है। किसानों का आंदोलन पटरियों पर होने की वजह से 2,352 पैसेंजर ट्रेनें या तो रद कर दी गई या उनका रास्ता बदल दिया गया। पंजाब जाने के लिए माल से भरे 230 रैक राज्य के बाहर इधर-उधर खड़े हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, पैसेंजर और मालगाड़ियों का संचालन बाधित होने से रेलवे को अब तक कुल 2,220 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

पंजाब में रोजाना 40 रैक की लोडिंग होती है। भारतीय रेलवे को अकेले पंजाब से रोजाना 14.85 करोड़ रुपए का औसत राजस्व प्राप्त होता है। मगर उत्तरी रेलवे को मालगाड़ियों में लोडिंग नहीं होने के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है। केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा जारी विरोध के कारण रेलवे को यात्री राजस्व में 67 करोड़ रुपए सहित कुल 2,220 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

मालगाड़ियों की आवाजाही भी पूरी तरह ठप है। प्रतिदिन औसतन 30 रैक का नुकसान सीधे तौर पर होता है, जिनकी लोडिंग पंजाब के विभिन्न स्टेशनों पर की जाती है। बाहर से पंजाब में रोजाना 40 रैक आते हैं, जो नहीं पहुँच पा रहे हैं। इस दौरान कुल 3,850 मालगाड़ियों की लोडिंग नहीं हो सकी है।

आंदोलन के कारण मालगाड़ियों के 3850 रैक पर लदान नहीं हो सकी। आंदोलन के कारण पंजाब के बाहर 230 रैक फँसे रहे। इनमें से 78 रैक कोयला, 34 रैक खाद, आठ रैक सीमेंट, आठ रैक पेट्रोलियम पदार्थो तथा 102 रैक कंटेनर, स्टील एवं अन्य सामग्री के हैं। इसके साथ ही आंदोलन के मद्देनजर, 2352 यात्री ट्रेनों को रद्द करना पड़ा या उनका मार्ग परिवर्तन करना पड़ा।

गौरतलब है कि इससे पहले खबर आई कि पंजाब में ‘रेल रोको’ आंदोलन के कारण भारतीय रेलवे को राजस्व में लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। ऑल इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड फोरम के अध्यक्ष बद्रीश जिंदल ने कहा था कि राज्य के कारोबारियों को कुल मिलाकर करीब 5000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, क्योंकि ‘किसानों’ द्वारा रेल लाइन को बंद करने का अभियान जारी है। 

 इस्पात उद्योग से लेकर आवश्यक वस्तुओं तक, पंजाब में लगभग हर चीज की कमी है। पंजाब सरकार की निष्क्रियता के कारण, बिजली स्टेशनों को बिजली उत्पादन के लिए कोयला नहीं मिल पा रहा है, जिससे राज्य भर में बिजली की भारी कमी हो रही है।

टीएमसी MP सौगत रॉय समेत 5 सांसद ज्वाइन कर सकते हैं BJP: अर्जुन सिंह का दावा

जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल में चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे राजनीतिक पारा बढ़ता जा रहा है। ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाने वाले दिग्गज टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में शामिल होने की खबरों के बीच एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। अब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के पाँच सांसद कभी भी इस्तीफा दे देंगे। बता दें कि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है।

भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद सौगत राय समेत चार अन्य सांसद जल्द ही पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सौगत रॉय (टीएमसी सांसद) कैमरे के सामने टीएमसी नेता होने का दिखावा करते हैं। 

अर्जुन सिंह ने शनिवार (नवंबर 21, 2020) को दावा किया कि सौगत राय टीएमसी से इस्तीफा देना चाहते हैं। सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, “मैं बार-बार कह रहा हूँ कि पाँच टीएमसी सांसद कभी भी इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो जाएँगे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या इन 5 नामों में सौगत राय भी शामिल हैं, तो अर्जन सिंह ने कहा, “कैमरे के सामने सौगत राय टीएमसी नेता और ममता बनर्जी का मीडिएटर होने का ढोंग कर रहे हैं। लेकिन एक बार कैमरा घूमेगा, आप इस लिस्ट में उनका नाम भी शामिल कर सकेंगे।”

गौरतलब है कि सौगत राय तृणमूल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं। भाजपा सांसद का ये बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल का दौरा कर लौटे हैं।

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, “शुभेंदु अधिकारी एक बड़े जनाधार वाले नेता हैं। ममता बनर्जी आज बड़ी नेता हैं क्योंकि शुभेंदु अधिकारी और उनके जैसे कई नेताओं ने संघर्ष किया है। पार्टी के लिए अपना खून दिया है, लेकिन अब ममता बनर्जी उन सब का बलिदान भूल कर अपने भतीजे को कुर्सी पर बैठाना चाहती हैं। कोई भी बड़ा नेता यह स्वीकार नहीं कर सकता। जिस तरह से शुभेंदु अधिकारी जैसे नेताओं का अपमान किया गया है, उन्हें टीएमसी छोड़ देनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि शुभेंदु एक बड़े नेता हैं, उनका हमेशा भारतीय जनता पार्टी में स्वागत है। बीजेपी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। शुभेंदु जैसे ही बीजेपी में शामिल होंगे, ममता सरकार ज्यादा दिनों तक प्रदेश में टिक नहीं पाएगी। यह सरकार खत्म हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोकप्रिय नेता और परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए नंदीग्राम दिवस पर टीएमसी से अलग रैली की थी। अधिकारी की रैली में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं थे। यहीं नहीं उन्होंने अपनी रैली में भारत माता की जय के नारे भी लगाए।