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सर्व धर्म पूजा के बाद IAF का हिस्सा बने 5 राफेल लड़ाकू जेट, पिछली बार ‘ॐ’ और ‘निम्बू’ ने दिए थे विपक्ष को ‘जख्म’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार (सितम्बर 10, 2020) को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) में 29 जुलाई को भारत आए पाँच राफेल लड़ाकू जेट (Rafale fighter jets) विमानों को शामिल किया। इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली ने अम्बाला वायु सेना स्टेशन में राफेल इंडक्शन समारोह में ‘सर्व धर्म पूजा’ (Sarva Dharma Puja) में भाग लिया।

सर्वधर्म यानी, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के अनुसार यह पूजा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अंबाला पहुँचे और इस पूजा का हिस्सा बने हैं। जिसके बाद ही पाँचों फाइटर जेट ने फ्लाईपास्ट किया है। सबसे पहले पाँच सुखोई विमानों ने उड़ान भरी।

यह इंडक्शन समारोह अंबाला एयर फोर्स बेस पर हो रहा है, जहाँ IAF के 17 स्क्वाड्रन, जिसे ‘गोल्डन एरो’ भी कहा जाता है, भी है। इसी के साथ भारत के पहले 5 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale fighter jets) ’गोल्डन एरो’ (Golden Arrows) स्क्वाड्रन का हिस्सा होंगे।

रक्षा मंत्री के अलावा, उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। भारतीय वायुसेना के प्रमुख आरकेएस भदौरिया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार भी समारोह का हिस्सा हैं।

सितंबर 2016 में, भारत और फ्रांस ने 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ₹60,000 करोड़ में यह भारत द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। दिवंगत भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर उस समय रक्षा मंत्री थे।

पिछले साल दशहरे के अवसर पर 8 अक्टूबर को राफेल जेट जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ॐ’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बाँधा था। इस पूजा पर तब लिबरल गिरोह और विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किए थे।

गौरतलब है कि लंबी राजनीतिक बहस और कूटनीतिक प्रक्रिया पूरे होने के बाद आख़िरकार राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुँचे हैं। ये अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं, जो वायुसेना की नई ताकत के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। राफेल चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला जेट है, इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है। साथ ही, ये एक बार में साढ़े 9 हजार किलो सामान वहन करने में भी सक्षम है।

जलकर राख हुआ श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का प्राचीन रथ, साजिश के आरोपों को राज्य सरकार ने नकारा

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के अंटारवेडी में प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के परिसर में रविवार (सितम्बर 06, 2020) सुबह 62 साल पुराने प्राचीन रथ के जलने से राज्य भर में अशांति फैल गई। भाजपा नेताओं ने इसे साजिश बताया है जबकि राज्य सरकार का कहना है कि इसका राजनीतिकरण किया जा रहा है।

अंटवेदवी आंध्र प्रदेश में सबसे प्रतिष्ठित वैष्णव धार्मिक केंद्रों में से एक है। त्यौहारों के मौसम में भगवान की शोभायात्रा के दौरान सागौन के बने रथ को इस्तेमाल किया जाता था। गत रविवार की सुबह लोगों ने उसे जलकर राख होते देखा। रथ के पास स्थापित क्लोज-सर्किट टेलीविज़न (सीसीटीवी) कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे जिस कारण लोगों में इस रथ के जलने के कारणों को लेकर जिज्ञासा थी ।

पुलिस के अनुसार, अंटारवेडी गाँव में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के रथ में लगभग एक बजे आग लग गई थी और सुबह 3 बजे तक आग बुझा दी गई। सखीनीपेटल्ली के उप-निरीक्षक गोपालकृष्ण ने बताया, “इस घटना में किसी अन्य संपत्ति और ना ही किसी व्यक्ति को कोई नुकसान पहुँचा है क्योंकि रथ का शेड मंदिर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर था।” पुलिस फिलहाल आग के कारणों का पता लगाने में लगी है।

मंगलवार को, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हनदवा सक्थि, हिंदू चैतन्य वेदिका और धर्मवीर आद्यात्मिक वेदिका, आदि सहित विभिन्न हिंदू समूहों से संबंधित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गोदावरी नदी के संगम पर स्थित मंदिर में एकत्रित हुए।

वहाँ इकट्ठी भीड़ ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए इन कार्यकर्ताओं ने ऐसी घटनाओं पर रोकने की माँग करते हुए प्रदर्शन भी किया। कार्यकर्ताओं ने मंदिर की घेराबंदी की माँग करते हुए कहा कि सरकार कुछ उपद्रवियों द्वारा कथित रूप से रथ को जलाने की न्यायिक जाँच का आदेश दे।

आरोप लगाया गया कि रथ को जलाने के पीछे एक गहरी साजिश थी। हिंदू कार्यकर्ताओं ने घेराव का समर्थन भी किया और उस जगह का निरीक्षण कर रहे थे, जहाँ रथ जला था। इन मंत्रियों को पुलिस ने खदेड़ दिया।

बीजेपी आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष सोमू वीरराजू ने कहा कि अंटारवेडी की घटना ने हिंदुओं की भावनाओं को बुरी तरह आहत किया है। उन्होंने कहा, “जबसे वाईएस जगन मोहन रेड्डी सत्ता में आए हैं, तब से विभिन्न मंदिरों पर हमले हुए हैं, जिससे हिंदुओं में बहुत नाराजगी है।”

आंध्र सरकार ने कहा- घटना का राजनीतिकरण न किया जाए

आंध्र प्रदेश के राज्य मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने बुधवार (सितम्बर 09, 2020) को स्पष्ट किया कि अंटारवेडी में लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में आग की दुर्घटना से संबंधित जाँच जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया, लेकिन विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने नए रथम के लिए 95 लाख रुपए भी मंजूर किए, जो फरवरी में रथोत्सव के लिए तैयार होगा। उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए विपक्षी नेताओं चंद्रबाबू नायडू, बीजेपी के सोमू वीरजू और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण की भी निंदा की।

12वीं फेल अनवर के पास 700 नाबालिग लड़कियों की न्यूड तस्वीरें: इंस्टाग्राम पर करता था 9 से 15 साल की लड़कियों को कॉन्टैक्ट

मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस ने 20 साल के अल्फाज़ अनवर अली ज़मानी नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। 12वीं फेल युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़कियों के इन्स्टाग्राम एकाउंट हैक किए और इसके बाद उसने साइबर स्टॉकिंग, ब्लैकमेलिंग और चाइल्ड पोर्नोग्राफी की। 

युवक के पास से लगभग 700 नाबालिग लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीर मिली है। आरोपित अनवर पर आरोप है कि वह नाबालिग लड़कियों के एकाउंट हैक करके उन्हें न्यूड्स (तस्वीरें और वीडियो) भेजने के लिए कहता था।

इस मामले पर डीसीपी रश्मि ने बताया कि आरोपित 9 से 15 साल की लड़कियों को इन्स्टाग्राम पर फॉलो रिकवेस्ट भेजता था। धीरे-धीरे वह लड़कियों से दोस्ती करता था और फिर उनकी तस्वीरें माँगता था। तस्वीर मिल जाने के बाद उन्हें इस तरह मॉर्फ/एडिट करता था कि वह अश्लील लगे। 

आरोपित अल्फाज़ अनवर इतने पर रुकता नहीं था। इसके बाद वह लड़कियों को उनकी अश्लील तस्वीरें भेज कर उन्हें वायरल करने की धमकी देता था। फिर वह लड़कियों से उनके इन्स्टाग्राम एकाउंट की जानकारी माँग लेता था। अंत में वह इन तस्वीरों को अन्य लोगों को भेज कर उनसे रेट तय करता था।

पुलिस की जाँच में यह बात भी सामने आई कि अनवर अल्फाज़ कुल 17 फ़र्ज़ी इन्स्टाग्राम एकाउंट संचालित कर रहा था। उसने तस्वीरों के लिए लगभग 800 लड़कियों से संपर्क किया था, जिसमें से 700 लड़कियों की तस्वीर लेने में वह कामयाब हुआ।

फ़िलहाल पुलिस इस पहलू पर भी जाँच कर रही है कि क्या आरोपित नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें किसी को देता या बेचता था? क्योंकि इस बात की संभावनाएँ भी जताई जा रही हैं कि वह इन तस्वीरों को किसी पोर्न वेबसाइट को बेचने की तैयारी में था।

पुलिस ने उसे गुजरात से गिरफ्तार किया है। फ़िलहाल उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अल्फाज़ अनवर पहले भी इस तरह के मामले में पुणे से गिरफ्तार किया जा चुका है।

दरअसल 4 सितम्बर को डीसीपी रश्मि करंदीकर के पास 7 नाबालिग लड़कियों के माता-पिता की शिकायत आई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी बेटियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं। 

सूचना मिलने के बाद साइबर पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की और तमाम पूछताछ के बाद अल्फाज़ अनवर नाम के युवक को गिरफ्तार किया। आरोपित पर लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉस्को एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘मंदिर में लाउडस्पीकर क्यों बजा रहे हो, बंद करो’ – अफजल, शराफ और गुलजार ने स्वराज सिंह को बुरी तरह पीटा

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित एक गाँव में मंदिर के भीतर लाउडस्पीकर बजाने की वजह से कुछ युवकों ने स्वराज सिंह को बुरी तरह पीट दिया। मारपीट करने वाले गुलज़ार, अफज़ल, शराफ़ समेत कुछ अन्य लोग हैं। पुलिस अभी तक इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

घटना गौतम बुद्ध नगर के थाना दनकौर क्षेत्र स्थित अच्छेजा गाँव की है। गाँव के ही एक मंदिर में स्वराज सिंह पूजा पाठ करते हैं। बुधवार 9 सितंबर को दोपहर में गुलज़ार, अफज़ल, शराफ़ समेत अन्य युवकों ने उनके साथ मारपीट की। मारपीट की वजह थी कि मंदिर में लाउडस्पीकर बजाया जाता था। इसके बाद स्वराज सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। 

उन्होंने अपनी शिकायत में यह बताया था कि वह रोज़ाना लाउडस्पीकर से भजन और आरती करते थे। बुधवार (4 सितंबर 2020) की सुबह गाँव के कुछ युवक आए और उन्होंने लाउडस्पीकर न बजाने की धमकी दी। इस पर उन्होंने विरोध किया, जिसके बाद आरोपितों ने जबरन लाउडस्पीकर बंद करवा दिया।  

दोपहर के वक्त वह अपनी बेटी के साथ खेत में चारा लेने के लिए गए थे। तभी कई युवक मौके पर लाठी और डंडे लेकर आए और उन्होंने बेटी के सामने खूब पीटा। फिर गुलज़ार, अफज़ल और शराफ़ नाम के युवकों ने उनको लाउडस्पीकर न बजाने के लिए कहा और ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी।

घटना पर बात करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त विशाल पांडे ने कहा, “हमें जानकारी मिली थी कि गाँव के एक पुजारी के साथ लाउडस्पीकर बजाने को लेकर मारपीट हुई। घटना दनकौर थाना क्षेत्र के अच्छेजा गाँव की है और इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसके अलावा आरोपितों को गिरफ्तार किया का चुका है और मामले की जाँच जारी है।” सावधानी के लिहाज़ से पूरे इलाके में भारी मात्रा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है।  

मोदी किसानी-गाय-बैल-मछली की बात कर रहा है… हम लड़ेंगे साथी, पौव्वा पीकर उससे लड़ेंगे

मुझे लगता है कि ये आदमी पागल है! बताइए भला जिस राज्य में चुनाव सर पर हों, वहाँ क्या घोषणाएँ की जाती हैं? अरे सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की बात करता तो समझ में भी आता। चलिए वो नहीं करना था तो किसी फैक्ट्री पुल वगैरह का शिलान्यास कर देता और कहता कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।

तालियाँ बजतीं, अख़बारों में छपता, वाह-वाही होती, विरोधियों को बोलने को कुछ ना मिलता। मगर नहीं! ये तो तीन सौ करोड़ के लगभग की योजनाएँ किसानों के लिए लेकर आ रहा है! बताइए, 300 करोड़? अरे किसानों के मुद्दे पर किसने इस देश में चुनाव लड़ा है आजतक?

उसमें भी कैसी-कैसी चीज़ें हैं? सीधे कृषि की होती तो “अन्नदाता” वाला जुमला उछालते और काम बन जाता। लेकिन यहाँ तो 5 करोड़ की लागत से डुमरा, सीतामढ़ी में बखरी मछली बीज फार्म खोला जा रहा है!

दस करोड़ लगाकर किशनगंज के मत्स्य पालन कॉलेज, पूसा में समेकित उत्पादन प्रौद्योगिकी और मधेपुरा में एक करोड़ की लागत से मत्स्य चारा मिल लगाया जा रहा है। किसी ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत 107 करोड़ की लागत की परियोजना के शुरुआत भी होने वाली है।

पटना में एक बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय है, जहाँ के हॉस्टल में कभी लालू रहते थे, जो आजकल चारा घोटाले में जेल में हैं। वहाँ जलीय रेफरल प्रयोगशलाएँ बनेंगी और पटना के ही मसौढ़ी में 2 करोड़ की लागत से फिश ऑन व्हील्स और 2.87 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

अब ये फिश इन वाटर तो हमको बुझाता है, लेकिन ई ससुरा फिश ऑन व्हील्स क्या है? इतने कार्यक्रम होंगे तो हम दावे से कह सकते हैं कि इनमें से किस परियोजना में होता क्या है, ये तो खुद अख़बार वाले भी हमें नहीं बता पाएँगे!

इनके अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर में कुल 74 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होने वाला है। सबसे पहले तो 11 करोड़ की लागत से बने स्कूल ऑफ एग्रीबिजिनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के भवन का उद्घाटन होगा।

इसके साथ ही ब्वायज हॉस्टल (27 करोड़), स्टेडियम (25 करोड़), और इंटरनेशनल गेस्ट हाउस (11 करोड़) का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

पशुपालन की तरफ आएँ तो ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत 84.27 करोड़ की लागत से पूर्णिया सीमेन स्टेशन, 8.06 करोड़ की लागत से बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में इम्ब्रयो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (ईटीटी) एवं आईवीएफ लैब और 2.13 करोड़ की लागत से समस्तीपुर, नालंदा, बेगूसराय, खगड़िया और गया में तैयार सेक्स सॉर्टेड सीमेन परियोजना की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

अगर हम याद करने की कोशिश भी करें तो याद नहीं आता कि पिछले डेढ़-दो दशकों में हमने कभी एक राज्य में एक साथ सिर्फ कृषि क्षेत्र के लिए इतनी अलग-अलग परियोजनाओं का नाम सुना हो।

सच बताएँ तो हमें “एवरीबॉडी लव्स ए गुड ड्राउट” वाले पी. साईंनाथ के बाद से किसी ऐसे पत्रकार और किसी ऐसे अख़बार का नाम भी नहीं पता, जो इन सारी योजनाओं की साधारण जानकारी भी हमें दे सके। स्थानीय पत्रकारों में से कोई ये करेगा, या उसे करने दिया जाएगा, ये भी शंका का विषय है।

इन छोटी-मोटी समस्याओं को छोड़ भी दें तो हमें एक बड़ी चिंता सता रही है। इन गरीब किसानों की गरीबी के नाम पर दादी से लेकर पोते तक की तीन पीढ़ियों ने अपनी राजनीती चलाई है। उनके अलावा भी तथाकथित एक्टिविस्ट, सोशल वर्कर, एडवोकेसी पार्टनर जैसे कई लोग/संस्थाएँ हैं, जो इनके ही नाम पर चंदा माँग-माँग कर खाते हैं।

अगर इस किस्म की परियोजनाएँ आती रहीं तो फिर उन बेचारों का क्या होगा? क्या बड़ी बिंदी और झोला-कुर्ता, जीन्स-चप्पल वाले सिर्फ टीवी और इतिहास की बातें बनकर रह जाएँगे? नहीं-नहीं, ऐसा हरगिज नहीं होना चाहिए!

साथी हमारा आह्वान है कि इससे पहले कि सारे मुद्दे छीन लिए जाएँ, चाँद को रोटी बताने वाली कविताएँ बचाने के लिए हमें लड़ना चाहिए! आओ, हम लड़ेंगे साथी! हम विकास के मुद्दों से लड़ेंगे! हम मछली को दिए जा रहे पानी के लिए लड़ेंगे! अन्नदाता को अनाज क्यों नहीं, मछली वाले को शोध का पैसा क्यों कहकर लड़ेंगे! ठहरो, मैं जरा पौव्वा गटक कर गला तर कर लूँ, फिर हम लड़ेंगे साथी!

आजतक की पत्रकार को चैनल के विरोध चलते करना पड़ा शर्मिंदगी का सामना: लोगों ने लाइव TV पर लगाए ‘मुर्दाबाद’ के नारे

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के ऑफिस को महाराष्ट्र सरकार के इशारे पर BMC द्वारा ध्वस्त कर दिया। इसी दौरान आजतक की पत्रकार मौसमी सिंह को चैनल की करतूतों के चलते काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

मौसमी को सबसे पहले अपने चैनल के खिलाफ विरोध करने वाली नाराज महिलाओं का सामना करना पड़ा, फिर कंगना के ऑफिस को बीएमसी के आदेशों पर ढहाने आए जेसीबी के ऑपरेटर ने भी उनकी जबरदस्त बेइज्जती की जिसका सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने मिम्स बना कर जम कर मजे लिए।

आजतक की रिपोर्टर मौसमी कंगना रनौत के ध्वस्त किए जा रहे ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को कवर कर रही थी, उसी दौरान उन्हें अपने चैनल के खिलाफ चल रहे विरोधों का सामना करना पड़ा। रिपोर्टिंग करते वक्त मौसमी ने जैसी ही बीएमसी के खिलाफ महिला प्रदर्शनकारियों से सवाल पूछने गई, महिलाएँ उनके चेहरे पर ही “आज तक मुर्दाबाद” के नारे लगाने शुरू कर दिए।

बता दें, आजतक की कवरेज के दौरान पत्रकार द्वारा सामना की गई यह एकमात्र शर्मिंदगी नहीं थी। कंगना के ऑफिस को ध्वस्त करने आए जेसीबी मशीन के संचालक ने भी उनके एक सीधे से प्रश्न का ऐसा उत्तर दिया, जिसके बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। कहाँ वो जेसीबी पर चढ़ कर अनोखी पत्रकारिता का प्रदर्शन करने वालीं थी और कहाँ अब लोग उनके मिम्स बना कर सोशल मीडिया पर फैला रहे है।

गौरतलब है कि जैसे ही मौसमी सिंह ने ड्राइवर से बातचीत करने के लिए जेसीबी पर चढ़कर ऑपरेटर का नाम पूछा, तो ड्राइवर ने सीधे उनसे पूछा कि उन्हें उसका नाम जानने में दिलचस्पी क्यों है। उन्होंने पूछा, “ड्राइवर साब आपका क्या नाम है।” जिस पर ड्राइवर ने जवाब दिया, “क्या करोगे मेरा नाम जान के।”

उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब मौसमी सिंह को रिपोर्टिंग करते समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। पिछले साल, प्रियंका गाँधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रभारी के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद मौसमी सिंह को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को वाड्रा के लिए उत्साहित दिखने के निर्देश देते हुए भी सुना गया था।

इससे पहले उन्होंने श्रीनगर हवाई अड्डे से रिपोर्टिंग के दौरान कैमरे पर विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश की थी, जहाँ वीडियो शूट करना मना था। मौसमी सिंह ने सुरक्षाकर्मियों पर आरोप लगाया था कि जब उन्होंने उसे वीडियो रिकॉर्ड करने से रोकने की कोशिश की तो उसके साथ छेड़खानी की गई थी। वहीं 2019 के आम चुनावों से पहले प्रियंका गाँधी वाड्रा को यूपी की कमान सौंपे जाने के बारे में उनकी अपनी उत्तेजना तब सामने आई जब उन्होंने वाड्रा की हवाई जहाज की यात्रा को “सामान्य इंडिगो फ्लाइट” पर कवर किया।

वैसे आज का दिन टीवी मीडिया के लिए विशेष रूप से बुरा दिन था, क्योंकि एक अन्य घटना में, वे एक गलत व्यक्ति से पूछते हुए देखे गए थे कि उन्होंने कंगना रनौत के कार्यालय को क्यों ध्वस्त किया था। सोशल मीडिया पर इस घटना पर लोग जमकर मीडिया की खिंचाई कर रहे है।

वायरल हुए एक वीडियो में आप देख सकते है कि एक व्यक्ति कई टीवी पत्रकारों से घिरा हुआ है, जो ध्वस्त के पीछे का कारण पूछ रहे है। लेकिन इन सवालों पर आदमी जवाब देता है, “मैंने इसे ध्वस्त नहीं किया है, मैं एक पोस्टमैन हूँ।”

मुंबई पुलिस ने किया कंगना समर्थकों पर लाठी चार्ज, बॉम्बे HC की फटकार, कहा- गलत भावना से की गई कार्रवाई

कंगना रनौत के मुंबई पहुँचते ही मुंबई स्थित उनके ऑफिस के सामने भारी संख्या में उनके समर्थक एकत्रित हुए और उन्होंने कंगना रनौत के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर शिवसेना प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रिपब्लिक भारत की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई पुलिस ने कंगना रनौत के इन समर्थकों को हटाने के लिए लाठी चार्ज किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान शिवसेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे कंगना के समर्थकों को जबरन पुलिस वैन में भरकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया। यही नहीं, इस दौरान पुलिस को कई समर्थकों के साथ धक्का-मुक्की और बल का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के रिपोर्टर अनुज कुमार, वीडियो जर्नलिस्ट यशपालजीत सिंह और ओला कैब ड्राइवर प्रदीप दिलीप धनावड़े को भी महाराष्ट्र पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया।

कंगना रनौत के दफ्तर के बाहर जुटे समर्थकों ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। ये सभी समर्थक कंगना के साथ सुशांत सिंह राजपूत के लिए भी न्याय माँग रहे हैं और उन्होंने BMC द्वारा की गई तोड़फोड़ को नाजायज ठहराया।

अभिनेत्री कंगना रनौत ने मुंबई पहुँचते ही अपने ध्वस्त किए गए ऑफिस के कुछ वीडियो शेयर करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया। साथ ही, BMC की कार्रवाई के बाद वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को चेतावनी दी और कहा कि ‘आज मेरा घर टूटा है, कल आपका घमंड टूटेगा।’

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगाकर BMC को लगाई फटकार

वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी द्वारा की गई इस कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह तोड़फोड़ गलत इरादों से की गई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में कल फिर सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के ऑफिस में कथित अवैध निर्माण को गिराने में इतनी जल्दबाजी करने के लिए बीएमसी से जवाब माँगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह से काम किया गया तो यह शहर रहने लायक नहीं रहेगा। .

चीन में 15 और उइगर के यातना शिवरों का पता चला: इसी क्षेत्र में शूटिंग के कारण ‘डिज्नी’ की नई फिल्म ‘मुलान’ भी निशाने पर

चीन के उत्तर-पश्चिम प्रांत शिनजियांग में कैद करके रखे गए उइगरों के 15 और यातना शिविरों की जानकारी सामने आई है। वाशिंगटन स्थित एक उइगर संगठन ने इस बात की जानकारी साझा की है कि अमेरिकी प्रोडक्शन हाउस  ‘डिज्नी’ की नई फिल्म ‘मुलान’ के कई दृश्यों को इसी इलाके में फिल्माया गया है। बता दें इस वक्त चीन से संबंधित इस फ़िल्म को सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

उइगर के यातना शिविरों का पता चलने के बाद फ़िल्म मुलान को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रोडक्शन हाउस ने 11 सितंबर को रिलीज होने वाली फ़िल्म में सहयोग करने के लिए तुरपान के जन सुरक्षा विभाग और कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग का आभार व्यक्त किया था। जिसको लेकर अब बवाल खड़ा हो चुका है। दरअसल इन्हीं चीनी संस्थाओं को उइगर पर हुए उत्पीड़न और सामूहिक नजरबंदी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाता हैं।

इसके अलावा फिल्म की मुख्य किरदार लियू याइफी को लेकर भी सोशल मीडिया पर फ़िल्म को बॉयकॉट करने की माँग बढ़ रहीं है क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हॉन्गकॉन्ग पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है।

गौरतलब है कि चीन के तुरपान क्षेत्र में स्थित 130 किलोमीटर के दायरे में 10 यातना शिविरों और पाँच कारागारों की जानकारी उइगरों के लिए समर्पित संस्था ईस्ट तुर्किस्तान नेशनल अवेकनिंग मूवमेंट (ईटीएनएएम) द्वारा साझा की गई है। सिर्फ इतने ही नहीं नवंबर 2019 में ईस्ट तुर्किस्तान में स्थित 182 यातना शिविरों, 209 कारागारों और 74 श्रम शिविरों का कच्चा चिट्ठा सामने आया था।

इस मामले को लेकर मानवाधिकार संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने भी ट्वीट कर डिजनी की निंदा की है। ट्वीट में इस बात पर जोर दिया गया कि डिज्नी ने शिनजियांग प्रांत में शूटिंग की, लेकिन उइगर के मानवाधिकारों का ख्याल नहीं रखा।

उल्लेखनीय है कि चीन के शिनजियांग प्रांत में निर्दयता से उइगर के सामूहिक उत्पीड़न की आलोचना करते हुए ब्रिटेन के 130 सांसदों ने इस घटना की जानकारी देते हुए चीनी राजदूत को एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में इस मामले पर संज्ञान लेने और मानवाधिकार को मद्देनजर रखते हुए उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। चिट्ठी में कुछ वीडियो का हवाला देते हुए उइगर पर हुए कठोर अत्याचार जैसे जबरदस्ती नसबंदी करवाना, सामूहिक नजरबंदी से जुड़ी रिपोर्ट पेश की गई है।

CBI-ED को रिया-सुशांत मामले ज्यादा गंभीर चीजों की जाँच करनी चाहिए – ट्विटर ट्रोल स्वरा भास्कर

ट्विटर ट्रोल स्वरा भास्कर का मानना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को सुशांत राजपूत की मौत में रिया चक्रवर्ती की संभावित भूमिका की जाँच से ज्यादा गंभीर मामलों पर फोकस करना चाहिए। जहाँ ED रिया चक्रवर्ती द्वारा दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के धन की हेराफेरी के आरोपों को देख रहा है, वहीं सीबीआई उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जाँच कर रही है।

प्रोपेगेंडा समाचार चैनल NDTV से बात करते हुए, ‘रसभरी’ वेब सीरीज फ़ेम स्वरा भास्कर ने कहा, “मुझे लगता है कि रिया पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बिल्कुल भयानक हैं। उस इंडस्ट्री से एक युवा के रूप में, मैं महसूस कर सकती हूँ, यह बहुत ही डरावना है कि सोशल मीडिया पर एक या दो ‘ब्लू-टिक’ वाले अकाउंट के आरोपों और गुस्से से वास्तव में एक व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है और इस तरह के गंभीर अपराधों के आरोप लगाए जा सकते हैं।”

“मेरा मतलब है, हम मनी लॉन्ड्रिंग के बारे में बात कर रहे हैं। ईडी इस युवती की जाँच कर रही है। ये वो लोग हैं जिन्हें नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को वापस लाना चाहिए था लेकिन वे क्या जाँच कर रहे हैं? सीबीआई वास्तव में गंभीर मामलों की जाँच करने वाली संस्था है और वो ये जाँच कर रही है। रिया के साथ जो हुआ है वह शर्मनाक और चौंकाने वाला है।”

गौरतलब है कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती को मंगलवार को नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। एनसीबी ने अपने रिमांड आवेदन में कहा था कि रिया एक ड्रग सिंडिकेट के सक्रिय समूह की सदस्य है। इसके कुछ ही दिन पहले रिया के भाई शोविक को भी ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया गया था। शोविक ने ही रिया द्वारा ड्रग्स खरीदने की बात का जिक्र किया था।

‘कहीं शिवसेना का डिमॉलिशन न शुरू हो जाए!’ BMC की कार्रवाई पर बीजेपी नेता ने शिवसेना को बताया- ‘चूहा सेना’

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई में घर पहुँच चुकी हैं। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया और खार स्थित उनके घर पहुँचाया गया। घर पहुँचते ही कंगना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। कंगना ने कहा कि आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा। 

दूसरी तरफ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं अभिनेत्री के मुंबई पहुँचने से पहले ही बीएसमी ने उनके बांद्रा स्थित बंगले में अवैध निर्माण को गिरा दिया। इस कार्रवाई के खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

इस कार्रवाई पर विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता प्रवेश साहिब ने शिवसेना को चूहा सेना कहा है। इससे पहले भाजपा सांसद प्रवेश साहिब ने महाराष्ट्र सरकार को नपुंसक सरकार करार दिया। भाजपा सांसद ने अपने ट्वीट में लिखा, “नपुंसक है महाराष्ट्र सरकार। नपुंसक हैं वो सब जो ऐसे मर्दानगी दिखाते हैं।”

वहीं, अयोध्या के संत समाज ने नाराजगी जाहिर की है। साथ ही ने संतों ने श्राप दिया है कि अब शिवसेना समाप्त हो जाएगी, उसका अंतिम दौर शुरू हो गया है।

महाराष्ट्र के मंत्री नितिन राउत ने कहा है, “कंगना रनौत एक अभिनेत्री है, उनकी बयानबाजी को महत्व देना मुनासिब नहीं। उनको हिदायत देना चाहूँगा कि अपना काम अच्छे से करें, इस पचड़े में न पड़ें। महाराष्ट्र और मुंबई ने ही उन्हें शोहरत दी। जिस माटी ने उन्हें सम्मान दिया, उस माटी का इमान रखना चाहिए।”

वहीं हिमाचल प्रदेश के CM जयराम ठाकुर ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार का आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसकी भर्त्सना करता हूँ। हिमाचल की बेटी कंगना रनौत ने सिर्फ अपनी आवाज बुलंद की और कुछ बातों का जिक्र किया। उन्होंने (महाराष्ट्र सरकार) प्रतिशोध और बदले की भावना से कार्रवाई की है जो सचमुच में दुर्भाग्यपूर्ण है।”

कॉन्ग्रेस नेता संजय निरूपम ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कंगना का ऑफिस अवैध था या उसे डिमॉलिश करने का तरीका? क्योंकि हाई कोर्ट ने कार्रवाई को गलत माना और तत्काल रोक लगा दी। पूरा एक्शन प्रतिशोध से ओत-प्रोत था। लेकिन बदले की राजनीति की उम्र बहुत छोटी होती है। कहीं एक ऑफिस के चक्कर में शिवसेना का डिमॉलिशन न शुरू हो जाए!”

इस कार्रवाई पर कंगना रनौत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का भी साथ मिला है। आरएसएस के अखिल भारतीय सह-प्रमुख रामलाल ने कंगना के बचाव में ट्वीट करते हुए लिखा है, “असत्य के हथौड़े से सत्य की नींव नहीं हिलती।” हालाँकि उन्होंने इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन इसे सीधे तौर पर कंगना से जोड़कर देखा जा रहा है।

कंगना के ऑफिस पर BMC की कार्रवाई पर महाराष्ट्र पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “अगर अवैध कंस्ट्रक्शन है तो जरूर कार्रवाई होनी चाहिए। किसी ने आपके खिलाफ बात कही इसलिए अगर आप तब कार्रवाई करते हो तो ये कायरता है बदले की भावना है और महाराष्ट्र में इस तरह की भावना का कोई सम्मान नहीं हो सकता।”

वहीं अनुपम खेर ने कंगना रनौत के दफ्तर टूटने पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि किसी का घरोंदा इस बेरहमी से तोड़ना बिल्कुल गलत है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव या प्रहार कंगना के घर पर नहीं बल्कि मुंबई की जमीन और जमीर पर हुआ है। 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार (सितंबर 7, 2020) को केन्द्र सरकार के अभिनेत्री कंगना रनौत को Y श्रेणी की सुरक्षा देने के फैसले पर हैरानी जताई थी। उन्होंने कहा था कि रनौत ने अपनी टिप्पणी से मुम्बई और महाराष्ट्र का ‘अपमान’ किया है।

गृहमंत्री ने मंगलवार (सितंबर 8, 2020) को कहा था कि मुम्बई पुलिस अध्ययन सुमन के उन आरोपों की जाँच करेगी, जिसमें उन्होंने कंगना पर मादक पदार्थ लेने का आरोप लगाया है। देशमुख ने कहा कि अभिनेता शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन का कंगना के साथ रिश्ता था और उन्होंने आरोप लगाया है कि वह मादक पदार्थ लेती थीं।