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माँ और 13 साल की बेटी के साथ गैंगरेप: कासिम, मो. ताजीब सहित 5 पर केस, पीड़ित-आरोपित हैं समधी-समधन

बिहार के पूर्णिया जिले से 40 वर्षीय महिला और 13 साल की नाबालिक लड़की के साथ सामुहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिकायत पर गाँव के ही 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। साथ ही मामले में एक की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस ने बताया कि मामला आपसी संबंधियों के बीच का है।

दैनिक अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार केनगर थाना क्षेत्र के झुनीइस्तम पंचायत के बेगमपुर गाँव में रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने अपनी नाबालिग बेटी और अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में मो. बिरू, मो. ताजीब, मो. खुशबू एवं मो. तरीकुल और मुख्य आरोपित कासिम के खिलाफ शिकायत दर्ज किया है। दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपितों ने जबरन पीड़िता की बेटी को घर से उठा कर बांसबाड़ी में ले जाकर बलात्कर किया। उसके बाद पीड़िता को बंदी बना कासिम ने अपने घर में बलात्कार किया।

4 सितंबर को दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़िता के बेटे और बहू के बीच की अनबन को लेकर घर के सामने पंचायत रखी गई थी। जिस दौरान बहु के घर वालों ने अपनी बेटी को तलाक दिए जाने के बदले 3 लाख रुपए की माँग रखी। पैसों की तंगी के चलते महिला ने बहु के परिजनों से कुछ दिन का समय माँगा। जिस पर नाराज होते हुए बहु के मायके वालों ने सभी को बंधक बना लिया। इस दौरान महिला को पति और बेटे से अलग कासिम के घर रखा गया।

महिला ने रिपोर्ट में बताया कि कासिम ने मौके का फायदा उठाते हुए उसके साथ 2 बार दुष्कर्म किया। पहले उसने अपने घर में बंधक बना कर उसके साथ बलात्कार किया। बाद में अजीजुल एवं तैमूर के घर में बंधक बना कर दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि उसके समधियों ने उसकी नाबालिग बेटी को भी नहीं बख्शा। उसे भी रात 10 बजे घर से उठा बांसबाड़ी ले गए और सभी ने मिल कर उसके साथ दुष्कर्म किया।

मामले की जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ आनंद कुमार पांडे ने बताया कि महिला की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार भी किया है।

ऑपइंडिया को थाना अधिकारी ने जानकारी दी कि मामले में शामिल सभी लोग एक ही गाँव के रहने वाले है और आपसी संबंधी हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस इसकी जाँच में जुट गई है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही है।

गुजरात दंगे में 3 रिश्तेदार की हत्या, ₹ 23 करोड़ का मुआवजा: PM मोदी के बेवजह दाखिल किए गए नाम को कोर्ट ने हटाया

गुजरात के सबारकांठा जिले की कोर्ट ने 2002 के दंगों में ब्रिटिश नागरिक की तरफ से मुआवजे को लेकर दाखिल मुकदमे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटा दिया है। ब्रिटिश नागरिक इमरान और शिरीन दाउद ने दंगों में मारे गए तीन रिश्तेदारों के लिए मुआवजे के तौर पर 23 करोड़ रुपए की राशि की माँग की थी।

अदालत ने शनिवार (6 सितंबर, 2020) पीएम मोदी का नाम शामिल करने के लिए उचित वजह नहीं होने का तर्क दिया है और इस केस से उनका नाम हटा दिया है। प्रिंसपल सिविल जज एस के गढ़वी ने कहा, “अभियोग को पढ़ते हुए यह लगा कि अभियुक्त 1 (मोदी) के खिलाफ बेवजह के आरोप लगाए गए हैं। इससे घटना पर सवालिया निशान लगता है।”

जज ने आगे कहा, “मेरे ख्याल से अभियुक्त 1 के खिलाफ बिना सबूत के ऐसे निराधार आरोप से ऐक्शन लिए जाने की कोई वजह नहीं बन पाएगी।” बता दें कि इस केस से पीएम मोदी का नाम हटान के लिए आवेदन किया गया था। जिसमें कहा गया था कि इस घटना के लिए व्यक्तिगत तौर पर नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके लिए स्टेट जवाबदेह हो सकता है। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे।

गौरतलब है कि साल 2004 में ब्रिटिश नागरिक इमरान और दाउद ने नरेंद्र मोदी समेत 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। उनके रिश्तेदार सईद दाउद, शकील दाउद, मोहम्मद असवत दंगों में मारे गए थे। 28 फरवरी 2002 को जयपुर से नवसरी वापस आते वक्त ये तीनों दंगाइयों के हाथ लग गए थे, जिन्होंने इन लोगों की हत्या कर दी थी। इन्हीं के मौत के मुआवजे को लेकर केस दर्ज किया गया था।

‘सांसद पति ने शराब पीकर मुझे पीटा, फिल्म इंडस्ट्री की कई महिलाओं से संबंध’ – सलमान के फैन BJD सांसद पर केस

ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल के सांसद अनुभव मोहंती की पत्नी ने उन पर घेरलू हिंसा का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। उड़िया फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री वर्षा प्रियदर्शिनी ने अपने पति और केंद्रपारा के सांसद अनुभव मोहंती के खिलाफ कटक के SDJM कोर्ट में केस दर्ज कराया। ये मामला ‘प्रोटेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट’ के सेक्शन 12 के तहत दर्ज कराया गया। इससे विवादित बीजद सांसद की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वर्षा प्रियदर्शिनी ने आरोप लगाया है कि उनके पति अनुभव मोहंती ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित किया। अभिनेत्री ने कोर्ट में दायर की गई अपनी याचिका में अपने पति से ‘मेंटेनेन्स’ की माँग भी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्षा ने आरोप लगाया है कि उनके पति को शराब की लत है और अपने घर पर साथियों संग शराब की महफ़िल जमाते रहते हैं। अभिनेत्री ने उन पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

वर्षा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जब भी अपने सांसद पति को शराब पीने से रोकना चाहा या शराब न पीने की सलाह दी तो वो हिंसक हो जाते थे और उन पर हमला कर देते थे। साथ ही वो वर्षा को घर से बाहर निकालने का प्रयास भी करते थे। साथ ही ये भी आरोप लगाया कि अनुभव मोहंती के ऑलीवुड इंडस्ट्री की कई महिलाओं के साथ विवाहेतर सम्बन्ध हैं। अनुभव ने दावा किया है कि फ़िलहाल उन्हें कोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है।

अनुभव मोहंती ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोर्ट की तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलते ही वो सार्वजनिक रूप से सभी को इसकी जानकारी देंगे। अभिनेता से राजनेता बने मोहंती ने कहा कि नोटिस मिलने तक इन्तजार करना ही ठीक रहेगा। इस मामले को कोर्ट की वेबसाइट पर भी लिस्ट कर लिया गया है और 7 सितम्बर को सुनवाई भी होनी है, ऐसे में सभी की नजरें उसी पर टिकी हैं।

जहाँ तक अनुभव मोहंती की बात है, वो सलमान खान के बड़े फैन हैं। वो अक्सर सोशल मीडिया पर सलमान खान की तस्वीरें डालते रहते हैं और उनसे लाइक करने की गुहार भी लगाते रहते हैं। उन्होंने एक बार लिखा था कि सलमान खान उनके आइडल हैं और उन्होंने एक बार माँ दुर्गा की पूजा की थी और भगवान से माँगा था कि वो सलमान खान की तरह दिखने लगे। वो सलमान खान से मिल भी चुके हैं।

इससे पहले उन्होंने प्रेस रिलीज जारी कर एक मीडिया संस्थान और पत्रकारों को धमकाया था। सांसद मोहंती ने धमकी देते हुए कहा था कि वो इन पत्रकारों का वही हश्र कर देंगे, जो अभिजीत अय्यर मित्रा का किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘ओडिशा टेलिविजन नेटवर्क (OTN)’ हर वो गलत चीजें कर रहा है, जो मीडिया को नहीं करनी चाहिए। बता दें कि ओडिशा में उनकी ही पार्टी की सरकार है। नवीन पटनायक पार्टी और सरकार के मुखिया हैं।

कॉन्ग्रेस गिरा देगी मोदी सरकार? चीनी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने लिखा, BJP ने राहुल गाँधी से कहा – ‘सार्वजनिक कीजिए डिटेल्स’

चीन के सरकारी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने कॉन्ग्रेस को लेकर ट्वीट करते हुए मोदी सरकार को घेरा, जिसके बाद भाजपा ने सीधे गाँधी परिवार पर निशाना साधा है। भाजपा ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के बहाने कॉन्ग्रेस और गाँधी परिवार को निशाने पर लिया। चीन को दुश्मन देश बताते हुए भाजपा ने कहा कि अब वो भारत पर निशाना साधने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी का इस्तेमाल कर रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी की तरफ से बयान दिया।

संबित पात्रा ने कहा कि जिस तरह से इश्क और मुश्क छिपाने से भी नहीं छिपते, ठीक वैसे ही कॉन्ग्रेस और चीन के बीच चल रहे प्रेम के बारे में सभी को पता है। उन्होंने दावा किया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भारत की कॉन्ग्रेस पार्टी के बीच समझौते हुए हैं, जिसकी जानकारी अब सार्वजनिक की जानी चाहिए। ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ मुखर है।

कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ने लिखा कि चीन के साथ सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा भारी दबाव में हैं क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस विफल घरेलू शासन और जोखिम भरी विदेश नीति की कड़ी आलोचना करके भाजपा सरकार को हिलाने के मौके का इन्तजार कर रही है। इस ट्वीट के बाद संबित पात्रा ने कॉन्ग्रेस पर चीनी एजेंडे के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखबार की ये तारीफ सामान्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह से चीन के हमलों को नाकाम करते हुए उसकी विस्तारवादी नीति को करारा जवाब दिया है, उससे वहाँ की हताश सरकार अब कॉन्ग्रेस पार्टी को उम्मीद भरी नज़र से देख रही है, ताकि वो उसका एजेंडा चला सके। उन्होंने कहा कि 2008 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और कॉन्ग्रेस ने एक MOU पर हस्ताक्षर किए थे, इसीलिए दोनों के बीच का प्रेम किसी से छिपा हुआ नहीं है। ये मसला भी उससे ही जुड़ा हुआ है।

संबित पात्रा ने सवाल दागा कि चाहे पाकिस्तान हो, आतंकवादी हो या चीन, आखिर ये सभी कॉन्ग्रेस को ही क्यों पसंद करते हैं? उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के फैसले को याद करते हुए कहा कि उस दौरान जब पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ जो डोजियर सौंपा था, उसमें राहुल गाँधी का बयान भी था। उन्होंने राहुल को ‘भारत का जीरो’ और ‘पाकिस्तान का हीरो’ बताया।

ज्ञात हो कि भारत-चीन तनाव के बीच फ़िलहाल LAC पर 39 ऐसी जगहें हैं, जहाँ ITBP के जवानों ने रणनीतिक रूप से उन्हें अपने अधिकार में ले रखा है। विस्तारवादी चीन की चाल इस बार असफल रही है। भारतीय सेना के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के करीब 500 सैनिकों ने 29-30 अगस्त की रात काला टॉप और हेमलेट टॉप इलाकों पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की, लेकिन सतर्क भारतीय सैनिकों ने ऐसा नहीं होने दिया।

‘घर-जमीन सब छोड़ आए, खौफ था वहाँ… यहाँ सुरक्षित हैं’ – अफगानिस्तान से लौटे 200 सिख परिवारों की कहानी

अफगानिस्तान में इस्लामी आतंक के साए में तिल-तिल कर जीने को मजबूर थे कई सिख परिवार। बहुत कुछ सहते हुए झेल रहे थे। लेकिन गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले और इसमें मारे गए 27 लोगों की घटना ने इनके सब्र का बांध तोड़ दिया। भारत सरकार ने भी तब अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाना शुरू किया।

अफगानिस्तान में रहने वालों सिखों को धीरे-धीरे वीजा प्रक्रिया और उसके बाद भारत वापसी के प्रयास किए गए। इसका नतीजा अब दिखने लगा है। पहली खेप में सिर्फ 11 सिख भारत आए थे। इनकी संख्या अब 200 परिवार की हो गई है।

ये सभी विस्थापित हैं, इस्लामी आतंक के सताए हुए हैं। जहाँ कभी इनके खून-पसीने के बनाए हुए घर थे, वो अब विदेश हो चुका है। अब इन 200 परिवारों का घर भारत है। इन्हें दिल्ली में बसाया गया है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी के गुरुद्वारों में इन विस्थापित सिखों को फिलहाल रहने के लिए छत मिला है। इनमें से 63 साल के बलबीर सिंह का कहना है:

“हमने वहाँ सब कुछ छोड़ दिया, घर-बार, जमीन-जायदाद सब कुछ। वहाँ हमारे जीवन को खतरा था, हम यहाँ सुरक्षित महसूस करते हैं।”

31 कमरे, 138 लोग

दिल्ली के मोती बाग इलाके में एक गुरुद्वारा है। अफगानिस्तान से आए सिखों का यह एक बड़ा ठिकाना है। यहाँ के 31 कमरों में 138 लोग फिलहाल रह रहे हैं। इस गुरुद्वारा के चीफ वीसी हरजीत एस बेदी के अनुसार इनके बच्चों को गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में नाम लिखवाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

आपको बता दें कि अफगान सिख समुदाय द्वारा दूतावास से अपील करने और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 25 मार्च को गुरु हर राय साहिब गुरुद्वारे में हमले के बाद तत्काल निकासी और बचाव की माँग के बाद भारत सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया। तब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अफगानिस्तान में फँसे सिख परिवारों को भारत लाने की गुहार मोदी सरकार से लगाई थी।

ड्रग्स मामले में दीपेश गिरफ्तार, NCB कर रही ‘बड़ी मछली’ की तलाश: मौत से पहले अपने पैसों को लेकर चिंतित थे सुशांत

बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग कनेक्‍शन के बाद नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) को अब ‘एक बड़ी मछली’ की तलाश है। NCB ने अब सुशांत के घर के हेल्पर दीपेश सावंत को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक चैट के जरिए इस बात का खुलासा हुआ है कि मौत से पहले सुशांत अपने पैसों को लेकर काफी चिंतित थे।

एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने कहा, “एनसीबी ने सुशांत सिंह मौत केस को लेकर उनके हाउस हेल्पर दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया है। मल्होत्रा ने कहा, “ड्रग्स की खरीद और उसके रख-रखाव में सावंत के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य और बयानों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। उसे रविवार की सुबह 11 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार किए गए लोगों की आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा रही है।”

बता दें ड्रग्स मामले में एनसीबी ने अबतक 4 लोगों को हिरासत में लिया है। जिनमें शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा, जैद विलात्रा (21) और आब्देल बासित परिहार (23) शामिल है। रिया का भाई शोविक और सुशांत के हाउस मैनेजर रहे सैमुअल 9 सितंबर तक एनसीबी की रिमांड पर रहेंगे। ड्रग्स की खरीदारी की बात कबूलने पर एनसीबी उनके खिलाफ IPC सेक्शन 20 (B) के तहत केस दर्ज किया है।

NCB के अधिकारी ने कहा, “कस्टडी में लेने का मुख्य मकसद उनके रोल के बारे में जानना है। हमें मीडिया से काफी सबूत मिले हैं। एनसीबी कंप्लेंट केस दर्ज करती है पुलिस की तरह FIR नहीं होती है। कंप्लेंट केस में हमारे पास 60 दिन का समय होता है लेकिन बड़े केस में हमें 6 महीने मिलते हैं। पूछताछ के लिए जो लोग रिलेवेंट हैं हम उसे बुलाएँगे। जिसमें रिया भी शामिल है। हमें बड़ी मछली की तलाश है।”

अधिकारी ने कहा, ‘हम इस जाँच को रेशनल रिजल्ट तक ले जाएँगे। अगर इस मामले में कंगना रनौत कुछ शेयर करेंगी तो उसकी भी तहकीकात की जाएगी। साथ ही ड्रग्स केस में कोई इंटरनेशनल और इंटरस्टेट कड़ी होने की स्थिति में उसकी भी जाँच की जाएगी।

चैट से हुआ खुलासा, पैसों को लेकर चिंतित थे सुशांत

एबीपी की एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, सुशांत सिंह राजपूत और महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर हरीश के बीच हुए व्हाट्सएप चैट के जरिए यह बात सामने आई है कि सुशांत अपनी मेहनत की कमाई के पैसों को लेकर काफी टेंशन में थे। वो किसी से अपने पैसों को बचाना चाहते थे। एक तरफ जहाँ सुशांत अपने फिज़ूल खर्चे को रोकना चाहते थे वहीं वे बैंक अकाउंट का ऐक्सेस भी अपने कंट्रोल में करना चाहते थे।

वहीं सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ ने भी जाँच एजेंसी को दिए अपने बयान में कहा था, “सुशांत ने मुझे बताया कि उनकी हालात फ़िलहाल ठीक नहीं उन्हें मेरे साथ की जरुरत है। मैं फ़ौरन अहमदाबाद से मुंबई सुशांत के घर पहुँचा जब मैं सुशांत के बेडरूम में पहुँचा तो सुशांत मुझ से गले लगकर रोने लगा। रोते रोते उसने मुझे बताया कि वो एक्टिंग छोड़कर घर का सब कुछ बेचकर पावना के फार्म पर रहने जाने वाले है। साथ सुशांत ने बताया कि अब महिने के घर का खर्च का बजट केवल 30000 में पूरा करना है। सुशांत ने आगे कहा कि वो पावना के फार्म हाउस में खेती करने वाले है।”

मोइन कुरैशी ने हिंदू लड़की से शादी से पहले धर्म नहीं बदलने का किया वादा, बाद में इस्लाम अपनाने के लिए करने लगा अत्याचार

अहमदाबाद पुलिस ने मोइन कुरैशी नाम के युवक के खिलाफ उसी की पत्नी के शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया है। पत्नी ने अपने शौहर के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कुरैशी की पत्नी नयना (बदला हुआ नाम) जन्म से हिंदू है। उसने बताया कि उसके पति ने शादी से पहले उससे वादा किया कि वह कभी भी उसे हिंदू धर्म छोड़ने और इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर नहीं करेगा। लेकिन बाद में मोईन कुरैशी ने कथित तौर पर उसपर अत्याचार करना शुरू कर दिया और नयना पर इस्लाम धर्म कबूलने का दबाव डाला।

अहमदाबाद पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर, मोइन कुरैशी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-ए और 294-बी के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में नयना बताती है कि उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था। गुजराती में बोलते हुए, नयना कहती हैं कि शादी से पहले कुरैशी ने उससे अहमदाबाद के पॉश इलाके शाहीबाग में रहने का दावा किया था। लेकिन बाद में यह सामने आया कि कुरैशी दुधेश्वर नामक किसी इलाके में रहते था।

उसने आगे कहा कुरैशी ने उससे वादा किया था कि उसे इस्लाम में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और शादी के बाद भी हिंदू धर्म के अनुसार रह सकती है। पहले डेढ़ साल तक कुरैशी ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसके बाद चीजें बदल गई।

पिछले डेढ़ महीने से अपने माता-पिता के साथ रह रही हिंदू लड़की नयना ने कहा कि फरवरी 2017 में उसने मोइन से साथ कोर्ट मैरिज की थी। कुरैशी ने 2018 में रमज़ान के दौरान उसपर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डालना शुरू किया। इसके अलावा छोटी-छोटी बातों पर उसने झगड़े शुरू कर दिए।

वहीं 16 जनवरी, 2020 को उसके बेटे का जन्म हुआ तो कुरैशी ने नयना को अपने बेटे का हिंदू नाम रखने से मना कर दिया। नयना बताया कि बच्चे के जन्म के बाद उनका रिश्ता और अधिक तनावपूर्ण हो गया था। जब उसने अपनी समस्याओं के बारे में अपनी माँ से बात की तो उसे समझौता करने के लिए कहा गया। 23 जुलाई, 2020 को कुरैशी ने नयना और अपने बेटे को उसके माता-पिता के घर ले गया और उन्हें वहाँ छोड़ दिया। तब से नयना, अपने बेटे के साथ अपने माता-पिता के साथ रह रही है। नयना ने अपने पति पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए न्याय माँगा है।

चोरी के संदेह में शख्स की पेड़ से बाँधकर पिटाई, कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने दिया सांप्रदायिक स्पिन: जानें क्या है सच

विवादास्पद कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने शनिवार (सितंबर 5, 2020) को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई एक घटना को सांप्रदायिक स्पिन देते हुए फर्जी सूचना फैलाने की कोशिश की। बता दें कि सलमान निजामी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भारत विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने का पुराना इतिहास रहा है।

कॉन्ग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुए दावा किया कि 32 वर्षीय बशीद खान को उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पेड़ से बाँधकर घंटों तक पीटा गया। सलमान निजामी ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार ने संप्रदाय विशेष के लोगों पर अत्याचार करने और उन्हें मारने की खुली छूट दे रखी है।

अपने ट्वीट के जरिए सलमान निजामी ने बड़ी ही धूर्तता से इस तरफ इशारा किया कि बशीद खान को भीड़ ने उसके धर्म की वजह से उसे मार दिया।

सलमान निजामी के ट्वीट के बाद कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सांप्रदायिक एंगल देते हुए इसी गलत सूचना को फैलाया कि भीड़ द्वारा यह जानने के बाद कि वह शख्स संप्रदाय विशेष से है, उसे मार दिया गया।

सैयद रफ़ी नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने सलमान निज़ामी के सुर में सुर मिलाते हुए इस मामले से जुड़े तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया कि बशीद ख़ान को ‘हिंदू भीड़’ ने मार डाला। घटना को सांप्रदायिक रूप देते हुए, रफी ने घोषणा की कि इस मामले में कोई भी दोषी नहीं होगा। इसके साथ ही उसने कटाक्ष करते हुए यह भी लिखा कि क्या अब इस देश के हिंदू को किसी संप्रदाय विशेष वाले को मारने की भी आजादी नहीं?

फैजान नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि गाय और चोरी के संदेह के नाम पर संप्रदाय विशेष के लोगों और दलितों को मारा जा रहा है।

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि मॉब लिंचिंग भारत में न्यू नॉर्मल हो गया है।

फैक्ट चेक

कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी का दावा है कि बशीद खान को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह संप्रदाय विशेष से था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार (सितंबर 3, 2020) को रात उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक गाँव में चोरी के संदेह में भीड़ द्वारा पेड़ से बाँधने और भीड़ द्वारा पिटाई करने के बाद 32 वर्षीय व्यक्ति बशीद खान की मौत हो गई।

बाद में, यह पाया गया कि मृतक व्यक्ति, जिसकी पहचान बशीद खान के रूप में हुई, वह चोर नहीं, बल्कि शराबी था। एक सुरक्षा गार्ड को बशीद खान पर चोर होने का संदेह हुआ था, जिसके बाद उसे गुरुवार रात पकड़ लिया गया था। मौके पर भीड़ जमा हो गई और चोर होने के संदेह पर उसकी पिटाई कर दी। हालाँकि, बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया गया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कथित चोर को जाने दिया, क्योंकि किसी ने औपचारिक रूप से उसके खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। इसके बाद बशीद खान के परिवार ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। मगर खान ने स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बशीद खान की मृत्यु आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुई।

सलमान निज़ामी और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के दावों के विपरीत, इस घटना का कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है, क्योंकि ग्रामीणों ने खान के खिलाफ केवल चोर होने का संदेह करने के लिए कार्रवाई की थी, न कि इसलिए कि वह संप्रदाय विशेष से था। ग्रामीणों ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए कथित चोर को स्थानीय पुलिस को भी सौंप दिया था।

गाली-गलौज पर उतरे शिवसेना सांसद संजय राउत, कंगना को कहा- ‘हरामखोर’, अभिनेत्री ने दिया मुँहतोड़ जवाब

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन दोनों एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं और इसके लिए शब्दों के तीखे तीर भी छोड़े जा रहे हैं लेकिन शनिवार (सितंबर 5, 2020) को संजय राउत ने सारी हदें पार करते हुए कैमरे के सामने कंगना रनौत को गाली (हरामखोर) दे दी। इससे पहले शिवसेना के एक विधायक ने कंगना की टाँग तोड़ने की धमकी दी थी।

कंगना ने पिछले दिनों खुद को मराठा बताते हुए ट्वीट किया था, ”किसी के बाप का नहीं है महाराष्ट्र, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया है। और मैं डंके की चोट पर कहती हूँ, हाँ मैं मराठा हूँ, उखाड़ो मेरा क्या उखाड़ोगे?”

कंगना की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संज राउत ने कहा, “महाराष्ट्र का बाप छत्रपति शिवाजी महाराज है… मुझे लगता है कि ऐसे व्यक्ति को उसके बाप को लेकर इधर आना पड़ेगा.. आपका (रिपोर्टर) भी बाप दिखाए, अगर है तो…”

न्यूज़ नेशन रिपोर्टर द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह कंगना रनौत को मुंबई में प्रवेश से रोकने के लिए गैरकानूनी कदम उठाएँगे, संजय राउत ने जवाब दिया, “महाराष्ट्र सिर्फ शिवसेना की जागीर नहीं है, सभी पार्टियों की है। हम सब मिलकर तय करेंगे।”

जब रिपोर्टर ने यह पूछा कि क्या वह कानून के खिलाफ कोई कदम उठाएँगे, संजय राउत ने कहा, “क्या होता है कानून? उस लड़की ने जिस तरह से बात किया, क्या वह कानून के लिए सम्मान था? आप क्या उस ‘हरामखोर’ लड़की की वकीली कर रहे हैं। जिसने शिवाजी महाराज का अपमान किया, जिसने महाराष्ट्र का अपमान किया है, आपका चैनल उसकी तरफदारी कर रहा है।”

कंगना ने दिया मुँहतोड़ जवाब

कंगना रनौत ने इसका जवाब देते हुए ट्वीट कर लिखा, “2008 में मूवी माफिया ने मुझे एक साइको घोषित कर दिया था। इतना ही नहीं 2016 में उन्होंने मुझे एक चुड़ैल कहा और 2020 में महाराष्ट्र के मंत्री ने मुझे हरामखोर लड़की का खिताब दिया। इन सभी लोगों ने मेरे साथ ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैंने कहा कि एक हत्या के बाद मैं मुंबई में असुरक्षित महसूस करती हूँ। इस वक्त डिबेट करने वाले योद्धा कहाँ हैं?”

गौरतलब है कि इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को धमकी देते हुए कहा था कि वह फिल्म ‘माफिया’ से ज्यादा शहर के पुलिस बल से डरने वाले अपने बयान के बाद वापस मुंबई जाने से परहेज करें।

शिवसेना नेता संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में रनौत के बयानों को खारिज करते हुए लिखा कि अभिनेत्री का ‘विश्वासघात’ शर्मनाक है और वह मुंबई में रहने के बावजूद शहर के पुलिस बल की आलोचना करती है।

राउत ने लिखा, “हम उनसे मुंबई न आने का अनुरोध करते हैं। यह मुंबई पुलिस का अपमान करने के अलावा और कुछ नहीं है। गृह मंत्रालय को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।”

अभिनेत्री कंगना रनौत दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के बाद से ड्रग माफिया और नेपोटिज्म की बहस में काफी खुलकर बयान दे रही हैं।

कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि जब वे माइनर थीं तब उनकी ड्रिंक्स में ड्रग्स मिला दी जाती थी ताकि वो पुलिस के पास ना जा सकें। लेकिन जब उन्हें बॉलीवुड पार्टीज में जाने की एंट्री मिलने लगी, तब उन्हें इस दुनिया की हकीकत पता चली कि इस रंगीन दुनिया के पीछे काला अंधेरा था और बॉलीवुड माफिया ने इस इंडस्ट्री को पूरी तरह मुट्ठी में दबा रखा था।

प्रयागराज के पूर्व सांसद अतीक अहमद पर योगी सरकार ने कसा शिकंजा: साढ़ू इमरान की अवैध संपत्तियों को किया ध्वस्त

उत्तरप्रदेश योगी सरकार ने सभी बड़े माफियाओं, बाहुबलियों, बदमाशों और उनके सगे संबंधियों के अवैध कारनामों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने लखनऊ में बाहुबली मुख्तार अंसारी की संपत्ति गिराने के बाद प्रयागराज के पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके करीबियों पर कार्रवाई तेज करते हुए उनके साढ़ू इमरान के कब्जे वाली बिल्डिंग को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शनिवार को पुलिस की मदद से अतीक के करीबी रिश्तेदार इमरान के सिविल लाइंस इलाके में स्थित करोड़ों रुपए की नजूल की जमीन पर कब्जे वाली बिल्डिंग को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। बता दें आईएस 227 गैंग के सरगना अतीक अहमद का साढू इमरान 25 हजार का इनामी है। उसने बिना पीडीए से नक्शा पास कराए जमीन पर निर्माण था।

यही नहीं इसके बाद अतीक अहमद की सिविल लाइंस के नवाब यूसुफ रोड इलाके में बने एक अवैध कब्जे को भी ध्वस्त किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए भारी पुलिसबल की तैनाती की गई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन की तरफ से भूमाफियाओं के खिलाफ इस तरह की और कार्रवाई की जाएगी। अभी तक पुलिस अतीक अहमद की लगभग 60 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

गौरतलब है कि इससे पहले प्रशासन ने अतीक अहमद की कुल 7 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया था। इन 7 संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 60 करोड़ रुपए था। प्रयागराज जिला प्रशासन के मुताबिक़ अतीक अहमद पर 38 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा प्रशासन ने अतीक अहमद और उसके रिश्तेदारों के 12 हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

अतीक अहमद के बेटे अब्बास अहमद पर भी लखनऊ स्थित आवास पर 7 हथियारों के लाइसेंस लेने पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसे बाद में दिल्ली स्थित आवास के पते पर स्थानांतरित किया जा चुका था। अभी तक ऐसे 16 हथियारों का पता चला है जो अतीक अहमद द्वारा इस्तेमाल किए जाते थे। अभी तक अतीक अहमद के कुल 6 प्लाट, 6 घर, 2 गाड़ियाँ जब्त की जा चुकी हैं। 6 बैंक एकाउंट भी बंद किए जा चुके हैं। अतीक के गैंग से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई जारी है।