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ताहिर हुसैन ने मजहब का हवाला दे भीड़ को ‘काफिरों’ की हत्या के लिए उकसाया: दिल्ली दंगों के दो और मामलों में चार्जशीट दाखिल

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों से संबंधित दो और मामलों में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार (जून 19, 2020) को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए। दोनों ही आरोप-पत्रों में आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है।

पहला चार्जशीट चाँदबाग के एक पार्किंग लॉट में आगजनी और दंगे से संबंधित है। इसमें कम से कम सौ वाहनों में आग लगा दी गई थी। दूसरा मामला करावल नगर इलाके में एक गोदाम में लूटपाट और आगजनी से संबंधित है। दोनों ही घटनाओं में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है।

आरोप पत्र चश्मदीदों के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। साथ ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज और आरोपितों के फोन कॉल रिकार्ड को भी आधार बनाया गया है। पुलिस के अनुसार चश्मदीदों का कहना है कि ताहिर हुसैन घटना वाले दोनों दिनों में 40-50 गुंडों की भीड़ का नेतृत्व कर रहा था।

दिल्ली पुलिस ने गवाहों के बयान का हवाला देते हुए चार्जशीट में बताया कि ताहिर ने भीड़ को मजहब के नाम पर उकसाया। हुसैन ने अपनी बिल्डिंग भीड़ के हवाले कर दिया और उनसे ‘काफिरों’ को मारने के लिए कहा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि दोनों आरोप-पत्रों में ताहिर हुसैन, उसके छोटे भाई शाह आलम और कम से कम दस अन्य लोगों पर दंगा करने, घातक हथियारों से लैस होने, आग या विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल करने, गैर कानूनी सभाएँ करने और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है।

दोनों घटनाएँ 24 फरवरी को हुईं और 27 फरवरी को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने एक भीड़ का नेतृत्व करते हुए करावल नगर स्थित एक गोदाम को लूटा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। गोदाम के मालिक का कहना था कि इस आगजनी में उसके कई जरूरी कागजात जलकर राख हो गए और उसे करीब 25-30 लाख रुपए का नुकसान हुआ। बाद में ताहिर हुसैन और पाँच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरे चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि हुसैन और उसके छोटे भाई शाह आलम आठ अन्य लोगों के साथ प्रदीप पार्किंग लॉट के पास पहुँचे और उसका शटर तोड़ दिया। इसके बाद वे पहली मंजिल पर पहुँच गए और वहाँ मौजूद लोगों के पैसे और कीमती सामान लूट लिए। वहाँ एक शादी समारोह के लिए भोजन की तैयारी चल रही थी। हुसैन और अन्य लोगों ने तैयार किए गए भोजन को भी बर्बाद कर दिया और फिर पार्किंग लॉट में पेट्रोल बम फेंक दिया, जहाँ उस समय कई वाहन खड़े थे। बम ने प्रदीप पार्किंग में खड़े सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। ताहिर हुसैन के खिलाफ इससे पहले भी चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

बता दें कि ताहिर हुसैन फिलहाल आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की हत्या और दिल्ली हिंसा में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार है। आईबी में कार्यरत अंकित शर्मा की हत्या करने के बाद उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपित सलमान ने बताया था कि दंगाइयों ने अंकित का मजहब जानने के लिए उनके कपड़े उतारे थे। धर्म पुख्ता कर उन्हें चाकुओं से गोद डाला। सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित पर 14 बार चाकू से वार किए। अंकित के चेहरे पर काला कपड़ा डाल उन्हें आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के घर में ले जाया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी को चॉंदबाग के नाले से मिला था।

उल्लेखनीय है कि सीएए, एनआरसी विरोध के नाम पर 23-24 फरवरी को दिल्ली में शुरू हुई हिंदू विरोधी हिंसा में 53 लोगों ने अपनी जान गँवा दी थी। 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान दंगाइयों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचाया था।

26/11: ताज होटल में की थी मुंबई हमले की प्लानिंग, तहव्वुर राणा को भारत के हवाले कर सकता है अमेरिका

अमेरिका ने तहव्वुर हुसैन राणा को फिर से गिरफ्तार किया है। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के सिलसिले में उसे भारत के हवाले किए जाने की संभावना है।

राणा 26/11 हमले की साजिश रचने में शामिल था। लश्कर आतंकियों के इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें कई विदेशी नागरिक थे।

पाकिस्तान में पैदा हुए राणा को 2009 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। उसे डेनमार्क के अखबार पर हमले की साजिश रचने तथा लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने के जुर्म में दोषी ठहराते हुए 14 साल की सजा सुनाई गई थी।

मुंबई हमलों की जॉंच से पता चला था कि राणा मुंबई आया था। ताज होटल में रुका था और यहीं से उसने हमले का पूरा प्लान तैयार किया था। हमले के दौरान यह होटल आंतकियों के मुख्य निशाने में से एक था।

इस मामले के एक अन्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली को छद्म पहचान बनाने के लिए उसने अपने बिजनेस फर्म के नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दे रखी थी। भारत काफी समय से राणा के प्रत्यर्पण की मॉंग कर रहा था।

इस सिलसिले में अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा करने के लिए 13 दिसंबर 2018 को एनआईए की टीम ने दौरा किया था।

बताया जाता है कि इसी को ध्यान में रखकर उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया है। एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ट्रंप प्रशासन के ‘पूरे सहयोग’ के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है।

मुंबई हमलों के दौरान नौ आतंकी मौके पर ही ढेर कर दिए गए थे। एक आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था। बाद में उसे फॉंसी दी गई थी।

मेरी प्रोफाइल फोटो से न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं: काजल ने खोली भीम आर्मी के रावण की पोल ​

भीम आर्मी का मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण सोशल मीडिया में महिलाओं के लिए कितनी गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है, इस पर एक रिपोर्ट हमने कल प्रकाशित की थी। लड़कियों के ट्वीट्स के नीचे रेप की बात, वेश्या कहना, जिस्म बेचने वाली कहना आदि पतितों वाली बातें लिखना उसकी हॉबी है।

रावण हर महिला के लिए इसी तरह की गंदी जुबान का इस्तेमाल करता है। जो महिलाएँ अक्सर उसके निशाने पर रहती हैं, उनमें से एक नाम वीडियो ब्लॉगर काजल हिंदुस्तानी का है। रावण के घटिया, अश्लील और गाली भरे ट्वीट्स को ले कर काजल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑपइंडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने ऑपइंडिया हिंदी के संपादक अजीत भारती के सवालों का विस्तार से जवाब दिया और रावण के करतूतों की पोल खोली।

गुजरात से आने वाली काजल हिंदुस्तानी ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों ने ‘विकास गांडो थायो छे’ का नारा दिया था। इसका मतलब होता है कि गुजरात में विकास पागल हो गया। गुजराती होने के नाते यह मुझे बुरा लगा तो मैंने इसके जवाब में कुछ आँकड़ों के साथ एक वीडियो बनाया। वह इतना वायरल हुआ कि उसे 7-8 मिलियन व्यू मिले। इस वीडियो के वायरल होते ही इनका नारा फेल हो गया।

इसके बाद से ही गुजरात का स्वयंभू दलित नेता जिग्नेश मेवाणी गैंग और चन्द्रशेखर का गैंग मैरे पीछे पड़ गया। 2017 के बाद तो रावण ने मुझे इतना परेशान कर दिया कि वह मुझे लाइन चैटिंग करता था। मेरी हर पोस्ट पर कमेंट करता था। लेकिन मैंने कभी उसके कभी जवाब नहीं दिया, क्योंकि वह इस लायक नहीं था। रावण ने एक- डेढ़ साल तक मुझे लगातार परेशान किया। उसने मेरे बच्चों के बारे में भी पता कर लिया।

अजीत भारती के साथ काजल हिंदुस्तानी की पूरी बातचीत सुनें

काजल ने आगे बताया कि जिग्नेश मेवाणी और रावण जैसे लोगों की हरकतों को देखकर तो ऐसा लगता है कि ये लोग 24 घंटे पोर्न देखते होंगे। इसलिए हर एक महिला को ये गंदी नजर से देखते हैं। मेरे लिए ‘बिस्तर गर्म’ करने जैसे शब्दों को पढ़कर लगता है कि ये लोग कितने कुंठित हैं। इनके अंदर भरी गंदगी को कोई भी कर्मचारी साफ नहीं कर सकता।

काजल ने बताया कि रावण ने उनके लिए इतने अश्लील शब्दों का प्रयोग किया कि वह बता भी नहीं सकतीं। लेकिन बीते दिनों रावण द्वारा उन पर किए गए सभी कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। उन्होंने कहा मैं उन सभी भाई-बहनों का शुक्रिया अदा करूँगी जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया। मुझे भारतीय महिला होने पर गर्व है। मुझे खुशी है कि इस मामले में सहारनपुर पुलिस और महिला आयोग ने एक्शन लिया है।

काजल आगे सवालों का जवाब देते हुए बताती हैं कि ये जो भीम-मीम वाले लोग हैं वे उनकी प्रोफाइल से फोटो निकालकर न्यूड पिक बनाकर गंदे मीम्स बनाते हैं। इन्हें देखकर कोई भी महिला सुसाइड कर सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे लोगों के अकाउंट्स को ट्विटर वेरीफाइ करता है।

अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगाने को लेकर काजल ने बताया कि गुजरात में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें जिग्नेश मेवाणी वगैरह ने ब्राह्मण होने को लेकर बहुत टार्गेट किया था। इसके बाद उन्होंने अपने नाम के पीछे हिंदुस्तानी लगा लिया, जिससे कि समाज में कोई जाति को लेकर द्वेष पैदा न हो और जातिवाद की राजनीति समाप्त हो।

आपको बता दें कि भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण के कुछ पुराने ट्वीट सामने आए थे। इनमें से हरेक में एक बात कॉमन है कि वह महिलाओं को भद्दी गालियॉं दे रहा है।

20 जांबाज बलिदान हुए, लेकिन जिन्होंने आँख उठाकर देखा उन्हें सबक सिखाकर गए: PM मोदी

चीन के साथ हालिया तनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (जून 19, 2020) सर्वदलीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हमारी एक इंच जमीन भी कोई नहीं ले सकता। हमारे किसी पोस्‍ट पर दूसरे देश का कब्‍जा नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चीन ने ना तो हमारी सीमा में घुसपैठ की है, ना ही किसी पोस्ट को कब्जे में लिया है। हमारे 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता को आँख दिखाई उन्हें सबक सिखा दिया।”

पीएम ने कहा कि पहले चीन के सैनिकों को कोई नहीं रोकता था, लेकिन अब रोकने पर तनाव बढ़ा है। वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही बॉर्डर पर निर्माण कार्य तेजी से चलेगा। पीएम ने बताया कि हमने अपनी सेना को हर जरूरी कार्रवाई करने के लिए खुली छूट दे दी है।

पीएम ने बताया, ”हाल में तैयार किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर से एलएसी पर पेट्रोलिंग क्षमता बढ़ गई है। पहले जिन इलाकों की निगरानी नहीं होती थी। वहाँ भी अब हमारे जवान निगरानी और जवाब देने में सक्षम हैं। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामानों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से दुर्गम इलाके पहले के मुकाबले आसान हो गए हैं।”

पीएम ने कहा, “मैं आप सभी को और सभी राजनीतिक दलों को ये विश्वास दिलाता हूँ कि हमारी सेना किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए सक्षम है। आप सभी ने जो विचार रखे हैं वह बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम सभी देश की सीमाओं की रक्षा में दिन रात लगे हैं। हमारे वीर जवानों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उनकी वीरता उनके कौशल उनकी सूझबूझ पर देश अटूट विश्वास रखता है।”

गौरतलब है कि आज भारत चीन-सीमा विवाद पर इस बैठक में 20 दल के नेता शामिल हुए। सभी ने प्रधानमंत्री के समक्ष अपना अपना मत रखा और एकजुटता दिखाई। शिवसेना प्रमुख ने इस बैठक में तो यहाँ तक कहा कि हमारी सरकार में इतनी क्षमता है कि आँखें निकालकर हाथ में दे दे।

नाम नहीं बता सकते, क्योंकि वह 14 साल का ही है, लेकिन इस उम्र में भी उसने इस्लामी आतंकी हमले की साजिश रची

इस्लामी आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में ब्रिटेन में एक 14 साल का बच्चा पकड़ा गया है। नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।

ब्रिटेन के हैम्पशायर से कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने 14 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। उसे गुरुवार को एक अदालत में पेश किया गया

14 साल के इस लड़के पर बुधवार को ब्रिटेन के आतंकवाद संबंधी कानून की इस्लामी आतंकवाद संबंधी धारा 5 (1) (ए) के उल्लंघन के तहत आरोप तय किए गए। आतंकवाद रोधी पुलिस ने एक बयान में कहा कि पहले उस लड़के को 12 जून को हैम्पशायर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, मगर बाद में उसकी गिरफ्तारी आतंकवाद विरोधी कानून के तहत हुई।

जानकारी के मुताबिक, लड़के को पुलिस ने पहले पिछले हफ्ते शुक्रवार को हैम्पशायर कांस्टेबुलरी से गिरफ्तार किया। बाद में CTPSE जासूसों की मदद से नाबालिग को आतंकवाद अधिनियम की धारा 41 के तहत पकड़ लिया गया।

CTPSE (Counter Terrorism Policing South East) ने कहा, “इस्लामिक आतंकवाद के आरोपों में हैम्पशायर में लड़के की गिरफ्तारी ईस्टले (Eastleigh) के समुदाय को चिंतित कर सकती है, लेकिन हैम्पशायर कांस्टेबुलरी इस जाँच पर काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग साउथ ईस्ट में सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि यह मामला अलग है। इससे समुदाय को कोई जोखिम नहीं है।”

इस बीच आतंकवाद विरोधी इकाई ने आम लोगों से भी अपील की कि अगर उन्हें कुछ भी संदिग्ध दिखे तो उसकी जानकारी दें, क्योंकि वह आतंकवादी गतिविधि से जुड़ा हो सकता है।

CTPSE ने कहा, “अगर आपको लगता है कि आपने कुछ संदिग्ध देखा जो आपकी चिंता को बढ़ाता है और आतंकवादी गतिविधियों से कहीं से जुड़ा होने के संकेत करे, तो बेझिझक उसकी रिपोर्ट करें। अपनी सोच पर विश्वास रखें, दूसरों पर भरोसा न करें और यदि आपने किसी विशेष स्थान पर या दिन के किसी विशेष समय में किसी विशेष संदिग्ध व्यवहार को महसूस किया, तो अपने संदेहों को पुलिस के साथ साझा करें।”

भारत ने गलवान में बना डाला वह पुल जिससे सुलगा है चीन, लेह में फाइटर प्लेन ने भरी उड़ान

लद्दाख से एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गलवान में भारत ने वह पुल तैयार कर लिया है, जिसे चीन रोकना चाहता था। गलवान में ही पिछले दिनों चीन के धोखे से किए वार में 20 सैनिक बलिदान हो गए थे। झड़प में 43 चीनी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर आई थी।

रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा है कि भारतीय जवानों पर चीन का हमला पूर्व-नियोजित था। लेकिन भारत चीनी सशस्त्र बलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा से एक इंच भी आगे बढ़ने नहीं देगा। यह बातें उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहीं

शुक्रवार (19 जून, 2020) को श्रीपद नाईक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज चीन की भारत के प्रति आक्रमकता अकारण है। चीन के तरफ से छह-सात पोस्ट पर हमला पूर्व नियोजित था।

सेना के इंजीनियरों ने पूर्वी लद्दाख में गलवान नदी पर 60 मीटर लंबे पुल निर्माण पूरा किया है, जो भारतीय सेना की पहाड़ी नदी के पार जाने की राह को आसान बनाता है। यह पुल संवेदनशील क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत करेगा और दरबुक से दौलत बेग ओल्डी तक 255 किलोमीटर की रणनीतिक सड़क को सुरक्षित करेगा।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक चीन ने इस पुल के निर्माण को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद भी इस पुल का निर्माण इंजीनियरों द्वारा पूरा कर लिया गया। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, “हमने स्टैंड-ऑफ के माध्यम से इस पुल पर काम नहीं रोका और 15 जून को हिंसा का सामना करने के बावजूद काम जारी रखा।”

सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी (DSDBO) रोड को पूरा होने में लगभग दो दशक लग गए। इसका कारण कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा इस सड़क के निर्माण फंडों का दुरुपयोग है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है सीवीसी के निर्देश पर मुख्य तकनीकी परीक्षक (सीटीई) द्वारा की गई एक जाँच में 2011 में पाया गया कि सड़क का निर्माण इस तरह हो रहा था कि यह हर साल गर्मियों में क्षतिग्रस्त हो जाती थी, क्योंकि बर्फ पिघलने के कारण श्योक नदी में बाढ़ आ जाती थी।

CTE ने आगे अनुमान लगाया कि परियोजना के लिए आवंटित धन का आधा हिस्सा गलत तरीके से लिया गया था। DSDBO सड़क के लिए 320 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, लेकिन इस परियोजना से लगभग 160 करोड़ रुपये का गबन किया गया। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा की गई थी। उस समय मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। मूल सड़क को 2012 तक पूरा किया जाना था, लेकिन समय सीमा बाद में 2014 तक बढ़ा दी गई थी, बाद में इसे 2017 में कर दिया गया।

इस बीच लेह में लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने की भी खबर आ रही है। वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने लेह और श्रीनगर का दौरा किया है।

लेह का आधा हिस्सा चीन लेना चाहिए, फिर दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी…: कॉन्ग्रेस नेता जाकिर हुसैन का ऑडियो वायरल, कारगिल से गिरफ्तार

गलवान में भारतीय सैनिकों के बलिदान और चीन का महिमामंडन करते हुए कई कॉन्ग्रेसी नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं। लेकिन, लद्दाख के कॉन्ग्रेस नेता जाकिर हुसैन ने सारी मर्यादाएँ ​लाँघ दी है।

जाकिर हुसैन की अपने एक दोस्त के साथ बातचीत की एक ऑडियो वायरल हुई है। इसमें वह भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बेहद आपत्तिजनक एवं विवादित बातें करता सुनाई पड़ता है।

जाकिर LAHDC कारगिल में कॉन्ग्रेस का पार्षद है। मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वायरल ऑडियो क्लिप में वह भारतीय सैनिकों को नीचा दिखाते हुए चीनी फौजियों का महिमामंडन कर रहा है।

जाकिर अपने दोस्त को बता रहा ​है कि चीन के सैनिक लद्दाख में 135 किलोमीटर तक घुस गए हैं और भारतीय सैनिकों को मार-मार कर खदेड़ दिया। उसने आगे कहा, पेगांग लेक को चीन यदि अपने कब्जे में ले लेता है तो भारत के पास बचता क्या है। चीन आने वाले दिनों में लद्दाख के कई टुकड़े करेगा।

जाकिर अपनी इस बातचीत के बीच में अपने दोस्त से यह भी कहता है कि भारत भले ही झड़प में मरने वालों की संख्या केवल 20 बता रहा है। लेकिन उसे लगता है यहाँ 200-250 सैनिक मर चुके हैं। जब जाकिर का दोस्त चीनी फौजियों के बारे में पूछता है, तो जाकिर बताता है कि उनके सैनिक सिर्फ़ जख्मी हुए हैं। मरे नहीं हैं।

जाकिर का दोस्त इस बातचीत में जब कहता है कि अगर उसने कुछ पैसे जमा किए हुए हैं, तो वह उसके पास आ जाए, वह उसे मकान दिला देगा। जिस पर जाकिर उसे आश्वस्त करता है कि आगे कुछ होने वाला नहीं है। वह कहता है, “सब ठीक हो जाएगा। बस लेह का आधा हिस्सा चाइना लेना चाहिए। फिर पता है क्या होगा… दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी…। लद्दाख यूटी के फिर हजार टुकड़े हो जाएँगे।”

गौरतलब है कि इस ऑडियो का खुलासा होने बाद कॉन्ग्रेस ने अपने इस नेता से किनारा कर लिया है। पार्टी ने जाकिर हुसैन के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज होने के बाद इस पूरी बातचीत को एक प्राइवेट टॉक करार दिया है।

वहीं, भाजपा ने इस ऑडियो के सामने आते ही लेह में कॉन्ग्रेस पार्टी के ख़िलाफ़ बड़ा प्रदर्शन किया है। लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कहते हैं कि हुसैन के बयान से लोगों में काफी गुस्सा है। इस प्रकार का विश्वासघात किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी माँग है कि हुसैन के ख़िलाफ देशद्रोह के आरोप में मुकदमा दायर हो।

लद्दाख सांसद का ये भी पूछना है कि आखिर कॉन्ग्रेस इस मामले पर अपने नेता के ख़िलाफ़ कोई एक्शन क्यों नहीं ले रही है, जो स्पष्ट तौर पर चीनी सेना का महिमामंडन कर रहा है और भारतीय सेना को अपमानित कर रहा है।

यहाँ बता दें कॉन्ग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई ने भी इससे पहले भारतीय सेना का अपमान किया था और अपने पार्टी नेता राहुल गाँधी की तरह झूठ फैलाया था। दलवई ने कहा था मोदी सरकार ने बिना हथियारों के सेना को सीमा पर भेजा। इसके कारण भारतीय सैनिक LAC पर झड़प के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए।

मीडिया से बात करते हुए भी दलवई ने कहा था कि गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच हुई झड़प में केवल भारतीय सैनिक हताहत हुए हैं और चीन का कोई फौजी नहीं मरा।

सुशांत जब भी सेक्स करता है… कतरा-कतरा कर उनको मारा गया है: कंगना रनौत ने बताया मीडिया ने कैसे की लिंचिंग

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनौत लगातार उन लोगों पर हमलावर है, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें सुसाइड के लिए मजबूर किया। इसी क्रम में उन्होंने अपनी हालिया वीडियो में मीडिया के उस तंत्र को लताड़ लगाई है, जो केवल खबर में तड़का देने के लिए किसी के लिए भी बिन हाथ-पाँव की उलटी-सीधी बातें लिखना शुरू कर देते हैं और जिन्हें फर्क नहीं पड़ता कि इसका असर व्यक्ति विशेष पर क्या होगा।

ट्विटर पर जारी की वीडियो में कंगना को कहते सुना जा सकता है कि उन्होंने सुशांत के जाने के बाद उनके पिता, उन्हें लॉन्च करने वाले निर्देशक अभिषेक कपूर, उनकी करीबी अंकिता के बयान सुने। इसलिए आज वो यही बताएँगी कैसे मूवी माफियाओं ने सुशांत को न केवल बैन किया, बल्कि चरणबद्ध तरीके से कतरा-कतरा कर उनके माइंड को तोड़ा। उन्हें मारा।

कंगना अपनी बात मीडिया में प्रकाशित होने वाले ब्लाइंड आइटम से शुरू करती हैं। वे कहती हैं, न्यूज में ब्लाइंड आइटम लिखे ही इसलिए जाते हैं, ताकि जब कोई झूठ बोले, तो उसके ख़िलाफ़ कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके। मगर, उसके भीतर में जो व्यक्ति से जुड़ा विवरण होता है। वो सभी बातों को स्पष्ट कर देता है। जैसे यदि मेरे बारे में कोई लिखे तो उसमें लिखेगा- वो लड़की जिसके घुंघराले बाल हैं, नेशनल अवॉर्ड मिला हुआ, साइकोटिक है, मनाली से है… इस तरह मेरे ख़िलाफ़ लिखते हुए मेरा विवरण पूरा लिख दिया जाएगा लेकिन नाम नहीं लिखा जाएगा।”

वे सुशांत के संदर्भ में ऐसी ही मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख कर बताती हैं कि पत्रकारिता के नाम पर मीडिया ने सुशांत को कैसे अपमानित किया। वे बताती हैं, “23 अगस्त 2017 को बॉलीवुड लाइफ सुशांत के बारे में लिखता है कि वो जब भी सेक्स करता है तो अपने ही गाने सुनता है। तो वो सबसे बड़ा नारसिसिस्ट है। 16 दिसंबर 2016 में मुंबई मिरर लिखता है कि सुशांत एक ट्रक ड्राइवर की तरह दिखता है। 22 फरवरी 2019 को मुंबई मिरर लिखता है कि पार्टी में तमाशा करने के बाद सुशांत ने काँच की बोतल एक निर्देशक के सिर पर मारी। 18 अक्टूबर 2018 को डीएनए लिखता है कि सुशांत ने अपनी को-एक्टर का रेप किया और वह मीटू के चलते अब जेल जा सकता है।”

इन मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करने के बाद कंगना कहती हैं कि ऐसे न जाने कितने अनगिनत झूठ बुद्धिजीवी पत्रकारों द्वारा बोले गए। वे कहती हैं, “ये जो मूवी माफिया के पाले हुए चील, कौए, गिद्ध हैं, वो इस मेंटल, इमोशनल और साइकलोजिकल रूप से की गई लिंचिंग को पत्रकारिता कहते हैं। मेरे बारे में आज तक जो भी कहा गया, मैंने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब एक स्वतंत्रता सेनानी के ख़िलाफ़ गंदगी लिखी गई, तब मैंने उस पत्रकार को जवाब दिया। मगर, तब उसने मेरे ख़िलाफ़ एक गिल्ड बनाई और कोशिश की गई कि मेरी फिल्म को बैन किया जाए, फ्लॉप किया जाए।”

वे बताती है,”करीब 3000 पत्रकार एक लड़की के ख़िलाफ़ खड़े होते हैं। भावनात्मक तौर पर उसकी लिंचिंग करते हैं। पर ये समाज और कानून कुछ उन्हें कुछ नहीं कहता। मैंने ऐसे लोगों पर केस करने की कोशिश की, लेकिन 1 महीने बाद जब मेरी फिल्म रिलीज हुई, वे सभी पत्रकार गायब हो गए। इसलिए मेरे कहने का मतलब ये हैं कि ये समाज जिस अन्याय की बुनियाद पर खड़ा है और कभी आवाज नहीं उठाता। लोग मीडिया में छपी ऐसी बातें पढ़ते हैं और चटकारे लगाते हैं। लेकिन कभी नहीं सोचते कि नेपो किड्स के बारे में ऐसी बातें क्यों नहीं होतीं।”

गौरतलब है कि इससे पहले कंगना ने सुशांत की मौत से आहत होकर एक वीडियो और जारी की थी। इसमें उन्होंने इंडस्ट्री के असली चेहरे की पोल खोलते हुए सवाल पूछा था कि सुशांत की मौत आत्महत्या है या प्लान्ड मर्डर।

बता दें इस वीडियो में भी कंगना ने बताया कि सुशांत के पिता ने उनकी मौत के बाद बताया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में हो रही टेंशन के कारण परेशान थे। वहीं उन्हें लॉन्च करने वाले निर्देशन अभिषेक कपूर ने कहा कि उन्हें बिलकुल चरणबद्ध तरीके से दिमागी तौर पर थोड़ा-थोड़ा करके तोड़ा गया। वहीं उनकी पार्टनर रह चुकी अंकिता का कहना है कि सुशांत सामाजिक रूप से की गई बेइज्जती को नहीं सहन कर पाए।

जिहाद के लिए उकसाने वाला इनामुल हक बरेली से गिरफ्तार, पूछताछ में जुटी यूपी ATS

उत्तर प्रदेश में एन्टी टेरर स्क्वाड (ATS) ने मोहम्मद इनामुल हक को बरेली से गिरफ्तार किया है। एटीएस ने बताया कि 30 वर्षीय मोहम्मद इनामुल पूरी तरह से रेडिकलाइज्ड है। वह युवाओं को जिहाद के नाम पर भड़काता था।

यूपी एटीएस के मुताबिक इनामुल के पास से बरामद मोबाइल में अलकायदा (Al-Qaida) से जुड़े भड़काऊ दस्तावेज मिले हैं। वह युवाओं को जिहाद के नाम पर भड़काने के लिए फेसबुक, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल करता था।

न्यूज़ 18 के रिपोर्ट के मुताबिक यूपी एटीएस को जानकारी मिली थी कि मोहम्मद शोएब इलियास उर्फ अबु मुहम्मद अल हिंदी नाम का एक व्यक्ति पूरी तरह से रेडिकलाइज्ड है और युवकों को आतंकवादी संगठन में शामिल होने के लिए उकसा रहा है। जाँच के बाद सामने आया कि उसका असली नाम मोहम्मद इनामुल हक़ है, जोकि बरेली के रियाज़ कॉलोनी कालोनी में रहता है।

यूपी एटीएस के एडिशनल जनरल डायरेक्टर डीके ठाकुर ने कहा कि इनामुल सोशल मीडिया के जरिए मैसेज कर लोगों को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाता था। सोशल मीडिया की रैंडम स्कैनिंग के दौरान खुफिया एजेंसियों को उसका अकाउंट संदिग्ध लगा था। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी।

उन्होंने बताया, ” इनामुल फेसबुक के जरिए लोगों से आंतकी गतिविधियों और जिहाद के लिए उकसाता था। उसके व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम पर कई आपत्तिजनक संदेश मिले हैं।”

डीके ठाकुर ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसके पास से अल-अलकायदा जैसे इंटरनेशनल आतंकी संगठनों से जुड़े भड़काऊ साहित्य भी बरामद किए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उसके फ़ोन से हिंदू नेता कमलेश तिवारी की फ़ोटो भी मिली हैं। इस पर पर अरबी में कुछ लिखा था। हिंदू समाज पार्टी के संस्थापक कमलेश तिवारी की पिछले साल अक्टूबर में जिहादियों ने हत्या कर दी थी।

इनामुल को अदालत में पेश कर एटीएस ने 10 दिन की रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। एटीएस की नजर उसके अन्य साथियों पर भी है।

चीन सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण कार्य को किया स्थगित

गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने श्रीराम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया है। साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि देश की परिस्थितियों को देखकर आने वाले समय में नई तारीख का ऐलान किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पहले तो सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि सीमा पर फिलहाल स्थिति गंभीर है, जो कि देश के लिए चिंता का विषय है। इसलिए देश की सुरक्षा हम सभी के लिए सबसे पहले है।

ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, “निर्माण (मंदिर का) शुरू करने का निर्णय देश में स्थिति के अनुसार लिया जाएगा और आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा भी की जाएगी।”

दरअसल, चीन सीमा पर 20 सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने के बाद देश में जगह-जगह चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए और चीनी सामानों का भी बहिष्कार किया गया। इस बीच अयोध्या में भी हिंदू संगठनों ने चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पीटीआई ने खबर दी थी कि ट्रस्ट ने अयोध्या में मंदिर का निर्माण शुरू करने की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो लाखों नागा साधु अपनी स्वेच्छा से सेना की मदद करने को तैयार हैं।

गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के खिलाफ चीनी सेना द्वारा किए गए नृशंस हमले की निंदा करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि भारतीय सेना सीमा पर चीनी सैनिकों को संभालने में सक्षम है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो लाखों नागा साधु भी मातृभूमि की रक्षा के लिए स्वयंसेवक होंगे।

उन्होंने कहा नागा साधु शास्त्र (धार्मिक ग्रंथ) और शस्त्र (हथियार) में समान रूप से माहिर हैं, “नागा साधुओं को मार्शल आर्ट में भी प्रशिक्षित किया जाता है और वे त्रिशूल, तलवार, बेंत और भाले भी अपने साथ ले जा सकते हैं”।

गिरी ने आगे बताया कि नागा सन्यासियों ने एक बार मुगल उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, हालाँकि आज की स्थिति अलग है। गिरि ने कहा देश की स्वतंत्रता के बाद से नागाओं को सैन्य गतिविधियों में सक्रिय रहने की कोई आवश्यकता नहीं थी, इसलिए उन्होंने धर्म की ओर रुख किया।

गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़पें

आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ सोमवार (15 जून, 2020) को भारतीय सेना की हिंसक झड़प हो गई थी। इस घटना में भारत के 20 सैनिक वीर गति को प्राप्त हो गए थे।

1999 में कारगिल युद्ध के बाद यह भारतीय सेना की सबसे बड़ी क्षति है। यह लड़ाई 1967 के बाद से भारत और चीन के बीच सबसे तीव्र सैन्य लड़ाई का संकेत देती है। 1967 की लड़ाई में भी करीब 80 भारतीय सैनिक और कम से कम 300 चीनी PLA सैनिक मारे गए थे।