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‘अपने ही समाज में शादी करना चाहती थी मेरी बेटी, उठाकर ले गया अनवर’: झारखंड में ST नाबालिग की रेप के बाद हत्या, पीड़ित परिवार का दावा- पंचायत कर मामला रफा-दफा करने की हुई कोशिश

झारखंड के गोड्डा जिले में एक जनजातीय लड़की से अनवर अंसारी नाम के युवक ने रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी। नाबालिग को उसके घर अनवर अपने साथी के साथ बेहोशी की हालत में छोड़ गया था। घटना के बाद से अनवर फरार है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि संथाल परगना में लगातार जनजतियों के खिलाफ बांग्लादेशियों के अत्याचार बढ़ रहे हैं, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार इस पर मौन है। गाँव में पुलिस तैनात है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोड्डा के सुंदरपहाड़ी इलाके में गुरुवार (30 जनवरी, 2025) को एक जनजातीय नाबालिग लड़की को अनवर अंसारी अपने एक साथी के साथ लेकर गया था। कुछ देर बाद वह घर आया तो लड़की बेहोशी की हालत में थी। अनवर ने दावा किया कि उसे कुछ देर बाद होश आ जाएगा। हालाँकि, लड़की की मौत हो गई।

इसके बाद घरवालों ने नशे से बच्ची की मौत का आरोप लगाया तो गाँव में पंचायत बैठ गई। आरोप है कि इसमें मामले का सुलह समझौता करवाने का प्रयास किया गया। हालाँकि, जब मौके पर पुलिस पहुँची तो कार्रवाई चालू हुई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।

इसके बाद शुक्रवार (31 जनवरी, 2025) को उसका अंतिम संस्कार भी करवा दिया गया। मामले में नाबालिग के परिजनों ने रेप का आरोप लगाया है और कहा है कि उनकी बेटी को अनवर ने दवा खिला कर मारा है। मृतका की माँ ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी अपनी जाति के लड़के से शादी करना चाहती थी, इसलिए अनवर जबरदस्ती उसे ले गया।

पुलिस मुख्य आरोपित अनवर को नहीं गिरफ्तार कर पाई है। उसके 2 साथियों को हिरासत में लिया गया है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस मामले की FIR में यौन शोषण की धाराएँ नहीं जोड़ी गई हैं। मामले में अब भाजपा राज्य सरकार पर हमलावर है।

गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले में राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के विधानसभा क्षेत्र बरहेट की यह घटना है। गोड्डा मेरा भी जिला है, कॉन्ग्रेस के नीतियों के कारण पूरा संथाल परगना बांग्लादेशी घुसपैठिया से भर चुका है, आदिवासी लड़कियों के साथ जबरन शादी,बलात्कार,ज़मीन हथियाना आम बात है।”

झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा, “महिलाओं को ₹2500 के सहायता की आड़ में आप आदिवासी बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार को नहीं छुपा सकते। यदि महिला सम्मान के नाम पर आपको वाहवाही लूटने का शौक है, तो आदिवासी बेटियों के हत्या की जिम्मेदारी भी आपके सिर माथे ही मढ़ी जाएगी।”

उद्धव ठाकरे वाली MVA सरकार में CM फडणवीस और शिंदे को झूठे केस में फँसाने का था प्लान, गिरफ्तारी के लिए DCP को मिल रहे थे निर्देश: आरोपों के बाद जाँच के लिए 4 सदस्यीय SIT गठित

महाराष्ट्र सरकार ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामले में फँसाकर गिरफ्तार करने की साजिश का पर्दाफाश के लिए SIT गठित की है। जाँच की जिम्मेदारी मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) सत्यनारायण चौधरी को सौंपी गई है। इस टीम में चार सदस्य होंगे। SIT तीस दिनों में अपनी जाँच रिपोर्ट सरकार को देगी।

दरअसल, संजय पुनामिया नाम के एक व्यवसायी ने इस तरह का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि मीडिया में स्टिंग ऑपरेशन दिखाए गए थे, जिसमें मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की गिरफ्तारी की योजना बना रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ दर्ज एक मामले से जुड़ी थी। इसके लिए ठाणे नगर थाने में फर्जी मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया था।

इन आरोपों के बाद भाजपा के विधान पार्षद (MLC) प्रवीण दारेकर ने इसकी जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने की माँग की थी। उन्होंने विधान परिषद में एक पेन ड्राइव भी पेश की थी, जिसमें उस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो थे। इसके साथ ही इसमें पूर्व डीजीपी संजय पांडे और तत्कालीन डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल के बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप है।

सीएम फडणवीस के खास माने जाने वाले प्रवीण दारेकर ने दावा किया कि ऑडियो क्लिप में पांडे ठाणे शहर में तैनात पाटिल से आपराधिक मामला दर्ज करके फडणवीस और शिंदे को गिरफ्तार करने का निर्देश दे रहे थे। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री शंभुराजे देसाई ने विधानसभा में ही मामले की जाँच के लिए SIT बनाने की घोषणा की।

मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) सत्यनारायण चौधरी की अगुवाई वाली टीम में मुंबई पुलिस उपायुक्त नवनाथ धवले और सहायक आयुक्त अदिकराव पोल भी शामिल हैं। इसके अलावा, इस टीम में राज्य रिजर्व पुलिस बल के उप महानिरीक्षक राजीव जैन को भी शामिल किया गया है। SIT पुलिस उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल के खिलाफ भी शिकायतों की जाँच करेगी।

बता दें कि नवंबर 2019 से जून 2022 तक महाविकास अघाड़ी (MVA) की सरकार के दौरान वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता थे। वहीं, एकनाथ शिंदे MVA सरकार में शहरी विकास मंत्री थे। जून 2022 में शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी और विधायकों को लेकर MVA सरकार को गिरा दिया था। इसके बाद वे मुख्यमंत्री बने थे।

दिल्ली चुनाव से पहले AAP को झटके पर झटका, 24 घंटे में 8 विधायकों ने छोड़ी पार्टी: कहा- हाई कमान पूरी तरह भ्रष्ट, लोगों के साथ किया विश्वासघात

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। AAP के 8 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। इन विधायकों ने आरोप लगाया है कि हाई कमान पूरी तरह से भ्रष्ट है वह भ्रष्टाचार के दलदल में डूब गई है।

जिन विधायकों ने AAP छोड़ी है, उनके टिकट इस चुनाव में काट दिए गए थे। पार्टी छोड़ने वालों में महरौली विधायक नरेश यादव, पालम विधायक भावना गौड़, त्रिलोकपुरी विधायक रोहित महरौलिया, कस्तूरबा नगर विधायक मदनलाल, जनकपुरी विधायक राजेश ऋषि, आदर्श नगर विधायक पवन शर्मा, बिजवासन विधायक भूपेन्द्र सिंह जून और मादीपुर विधायक गिरीश सोनी हैं।

इन सभी विधायकों ने शुक्रवार (31 जनवरी, 2025) को एक-एक कर अपने इस्तीफे सौंप दिए। नरेश यादव ने अपने इस्तीफे में लिखा, “AAP का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हुआ, अन्ना आंदोलन से भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को मुक्त करने के लिए हुआ था लेकिन अब मैं बहुत दुखी हूँ कि भ्रष्टाचार कम करने के बजाय यह खुद ही इसमें लिप्त हो गई है।”

कुछ ऐसे ही आरोप विधायक राजेश ऋषि ने लगाए। उन्होंने भाई-भतीजावाद का आरोप भी जड़ दिया। वहीं रोहित मेह्रौलिया ने आरोप लगाया कि AAP ने वाल्मीकि समाज के लिए कोई काम नहीं किया और दलितों के साथ भेदभाव किया। वहीं बिजवासन विधायक भूपिंदर सिंह जून ने आरोप लगाया कि अब पार्टी आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट दे रही है।

बाकी विधायकों ने भी कहा कि उन्हें अब AAP और अरविन्द केजरीवाल में कोई विश्वास नहीं रहा है। गौरतलब है कि पार्टी छोड़ने वाले विधायक नरेश यादव पर कुरान की बेअदबी को लेकर भी मुकदमा चल रहा है। AAP छोड़ने वाले विधायकों ने अरविन्द केजरीवाल पर हिटलर की तरह काम करने का आरोप लगाया है।

MLA राजेश ऋषि ने AAP छोड़ने को लेकर कहा, “स्वाति मालीवाल हमारी सांसद हैं, हमारी पुरानी कार्यकर्ता हैं, उनके साथ मारपीट हुई… अरविन्द केजरीवाल का घर टॉर्चर होम रहा है। हमारे सामने चीफ सेक्रेटरी को अरविन्द केजरीवाल के कहने पर मारा गया था।”

वहीं भूपिंदर सिंह जून ने कहा, “हमने टिकट करने के बाद विचार-विमर्श किया और यह निष्कर्ष निकाला कि जिन विचार के साथ AAP आई थी, उनसे यह भटक गई है। ऊपर के 4-5 लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उनके खिलाफ चार्जशीट तक लग चुकी है, उनकी ही बात केजरीवाल सुनते हैं।”

भावना गौड़ ने कहा कि टिकट कटने को लेकर उन्हें कोई रोष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल वही देखते हैं, जो उनको कुछ लोग दिखा रहे हैं। भाजपा दिल्ली के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि विधायकों पा पार्टी छोड़ना नहीं बल्कि उन्होंने जो कहा हिया वह ज्यादा महत्वपूर्ण है।

वहीं AAP ने आरोप लगाया है कि इन विधायकों ने किसी दबाव के चलते इस्तीफ़ा दिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘बेचारी महिला’ कहकर इतराती दिखीं सोनिया गाँधी: बयान सुन BJP भड़की, उठाई माफी की माँग; पप्पू यादव ने भी ‘शीर्ष’ का किया अपमान

बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद कॉन्ग्रेस की नेता सोनिया गाँधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बेचारी महिला (Poor Lady) कहकर उन पर तंस कसा है। वहीं, बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद एवं कॉन्ग्रेस नेता पप्पू यादव ने राष्ट्रपति के लिए आपत्तिजनक बयान दिया है। पप्पू ने राष्ट्रपति को एक स्टाम्प बताते हुए कहा कि उनका काम बस किसी का लव लेटर पढ़ना है।

दरअसल, 31 जनवरी को संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण पढ़ा। इसको लेकर विपक्ष ने उन पर हमला किया। जब मीडिया ने इसको लेकर कॉन्ग्रेस नेता सोनिया गाँधी से उनकी प्रतिक्रिया माँगी तो उन्होंने कहा, “भाषण के अंत तक राष्ट्रपति काफी थक गई थीं। वो बड़ी मुश्किल से बोल पा रही थीं। पुअर लेडी (बेचारी महिला)।”

वहीं, राहुल गाँधी ने इस अधिक प्रतिक्रिया देने के बजाया सिर्फ ‘बोरिंग’ कहा। जब कॉन्ग्रेस नेता पप्पू यादव से इस पर प्रतिक्रिया माँगी गई तो उन्होंने महिला राष्ट्रपति को लेकर आपत्तिजनक कमेंट कर दिया। पप्पू यादव ने कहा, “जो राष्ट्रपति हैं, वो तो स्टांप हैं। किसी का लव लेटर पढ़ना है उनको।” पप्पू यादव ने आगे कहा कि राष्ट्रपति गाय हैं, उन्हें जो प्रेम पत्र दिया गया है, उसे वो पढ़ रही हैं।

सोनिया गाँधी की टिप्पणी को भाजपा ने अपमानजनक टिप्पणी बताते हुए माफी की माँग की है। भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने कहा, “सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी जैसे नेताओं को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, खासकर राष्ट्रपति पर। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी परिवार से हैं और अब वह हमारे देश की नंबर एक नागरिक हैं। यह बात कॉन्ग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “राष्ट्रपति का ऐसा अपमान कभी नहीं हुआ था। कॉन्ग्रेस सांसद सोनिया गाँधी और उनके बेटे एवं विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने राष्ट्रपति के खिलाफ जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, मैं उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता। उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है?” भाजपा सांसद संबित पात्रा ने भी सोनिया गाँधी की आलोचना की है।

दरअसल, संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकार वूमेन लेड डेवलपमेंट और महिलाओं के नेतृत्व में भारत को सशक्त बनाने में विशवास रखती। उन्होंने ‘एक देश, एक चुनाव’ और ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक’ जैसे कानूनों के लिए सरकार की सराहना की।

6.8% की रफ्तार से बढ़ेगी 2025-26 में भारत की GDP, विदेशी निवेश ₹400000 करोड़+ हुआ पार: आर्थिक सर्वे ने बताया- 2028 तक भारत बन सकता है $5 ट्रिलियन इकॉनमी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र के पहले दिन (31 जनवरी, 2025) को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वे देश के सामने रखा। इस आर्थिक सर्वे में आने वाले समय में देश की तरक्की की रफ्तार, कृषि में विकास समेत अन्य कई सेक्टर की बात रखी गई है।

2028 तक 5 ट्रिलियन पहुँच सकता है भारत

आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 में GDP वृद्धि दर 6.4% रहने वाली है, जो कि इस दशक के औसत के बराबर है। जबकि 2025-26 में देश की GDP में वृद्धि दर 6.3%-6.8% तक रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि भारत 2028 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।

इस आर्थिक सर्वे में बीते कुछ वर्षों में हासिल की गई आर्थिक उपब्धियों पर भी बात की गई है। आर्थिक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 के शुरूआती आठ महीनों में ही 55 बिलियन डॉलर (लगभग ₹4.5 लाख करोड़) से ज्यादा की FDI देश में आ चुकी है।

महँगाई घटी, इन्फ्रा भी बढ़ा

यह भी बताया गया है कि अप्रैल-दिसम्बर के बीच खुदरा महँगाई भी 5% से नीचे आ गई है। वर्तमान में यह RBI के टार्गेट 4%(+/-2%) की रेंज में है। यह 4.9% के रेज में रहा है। सरकार ने बताया है कि उसने 2024 में 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेल ट्रैक, 17 नई वन्दे भारत और 2700 किलोमीटर से अधिक फ्रेट कॉरिडोर बनाने में सफलता पाई है।

वहीं 5 हजार किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भी 2024 में हुआ है। इन सबके साथ ही देश के पॉवर सेक्टर में भी तेज बदलाव हुआ है। आर्थिक सर्वे के अनुसार, अब भारत की बिजली पैदा करने की क्षमता में 47% हिस्सा अक्षय ऊर्जा स्रोतों का है।

सबसे बड़ा बदलावों बीते कुछ वर्षों में गाँवों में बिजली की आपूर्ति में आया है। आर्थिक सर्वे बताता है कि जहाँ 2014 में देश के गाँवों में औसतन 12 घंटे बिजली मिल रही थी, वहीं अब यह बढ़ कर 21 घंटे से अधिक हो चुकी है। शहरी क्षेत्रों में यह संख्या लगभग 24 घंटे पहुँच गई है।

कृषि और निर्माण, दोनों बढ़े

इसके अलावा देश का इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर भी बढ़ा है। आर्थिक सर्वे ने बताया है कि वित्त वर्ष 2022-23 में ₹88 हजार करोड़ से अधिक के मोबाइल का निर्यात हुआ है। वर्तमान में देश में बिकने वाले 99% मोबाइल यहीं बने हैं। कई और क्षेत्रों में भी PLI स्कीम काम कर रही है।

आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि देश के कृषि क्षेत्र में भी तेजी बरकरार है। वर्तमान में KCC खातों की संख्या 7 करोड़ से ऊपर पहुँच गई है। इनके माध्यम से किसानों ने ₹9 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज ले रखा है। अन्न की पैदावार भी इस बार बढ़ी है।

देश के कामगारों के हित की बात भी कही

आर्थिक सर्वे में देश के पेशेवर और कामगारों के हितों को लेकर भी बात की गई है। सर्वे में कहा गया है कि यदि कामगार सप्ताह में 60 घंटे से अधिक काम करते है, तो यह उनके स्वास्थ्य खतरों को बढ़ाता है। गौरतलब है कि हाल ही में कामगारों काम के घंटे पर बहस छिड़ी थी।

इसके अलावा उनकी तनख्वाह और उन पर होने वाले खर्च को लेकर भी इसमें बात की गई है। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि जहाँ कंपनियों का मुनाफा पिछले 15 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुका है, वहीं कामगारों की तनख्वाह और उन होने वाली खचे इस अनुपात में नहीं बढे।

सर्वे के अनुसार, 2024 में कॉर्पोरेट का मुनाफ़ा जहाँ 22% से अधिक बढ़ा तो जबकि रोजगार मात्र 1.5% ही बढ़ा। इस दौरान कामगारों पर होने वाले खर्च भी मात्र 13% बढे। आर्थिक सर्वे में में कामगारों के हितों को भी सुरक्षित करने की बात कही गई है।

आतंकी संगठन ‘खलीफा’ का दबदबा बनाने के लिए भारत में 20 साल से रह रहा था पाकिस्तानी, NIA ने चेन्नई में दबोचा: 2 बीवी और 10 हैं बच्चे, धर्मांतरण में रहा था शामिल

खुफिया एजेंसियों ने 25 जनवरी को चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोहम्मद जकरिया नाम के एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। वह श्रीलंका जाने की कोशिश कर रहा था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले लिया है। जकरिया ‘खलीफा’ नाम के एक पाकिस्तानी इस्लामी आतंकवादी संगठन से जुड़ा है।

बताया जा रहा है कि मोहम्मद ज़करिया पिछले 25 सालों से भारत में रह रहा है। वह होटल या करोबार की आड़ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह तेलंगाना में रॉयल बावर्ची बिरयानी नाम से खाने का व्यवसाय चलाता है। उसने कई व्यवसाय संचालित किए, जिनमें वारंगल और हनमकोंडा में तीन से चार बिरयानी केंद्र शामिल हैं।

उसके पास 16 ऑटो-ट्रॉली भी थे। इन ऑटो-ट्रॉलियों का इस्तेमाल स्थानीय इलाकों में मिठाइयाँ (खोवा) और आइसक्रीम बेचने के लिए किया जाता था। एजेंसियों को उसके पास से जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान से जुड़ा साहित्य भी मिला है। कहा जाता है कि उसने 10-12 लोगों को खलीफा से जोड़ा था। वह ‘खलीफा’ संगठन का भारतीय प्रमुख है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्लीपर सेल का समन्वय

रिपोर्ट के अनुसार, जकरिया पहले आंध्र प्रदेश के गुंटूर में पाँच साल तक रहा। उसके बाद वह तेलंगाना के वारंगल जिले के हनमकोंडा चला गया। यहाँ वह पिछले 20 सालों से रह रहा है। कहा जाता है कि जकरिया भारत में आतंकी संगठन खलीफा के संचालन को सँभाल रहा था। वह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्लीपर सेल के समन्वय कर रहा था।

इसको देखते हुए वह खुफिया एजेंसियों की लगातार निगरानी में था। एजेंसियों के अनुसार, जकरिया अपने आतंकवादी संगठन के नेता के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए श्रीलंका के रास्ते पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि उसके नेता की हाल ही में मौत हो गई थी।

धर्मांतरण में शामिल जकरिया का भारत में 2 बीवी और 10 बच्चे

वह लोगों को खलीफा से जोड़ने का काम करता था। कहा जाता है कि उसने कई लोगों का धर्मांतरण भी कराया था। वह एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों के माध्यम से अपने पाकिस्तानी संचालकों के साथ सीधे संपर्क में था। वह अपने आतंकवादी संगठन में रसद सहायता, हवाला के माध्यम से वित्तीय हस्तांतरण और स्थानीय युवाओं की भर्ती का समन्वय करता था।

मोहम्मद जकरिया अपने दो भाइयों के साथ हनमकोंडा में रहता था। उसकी दो बीवियाँ और दस बच्चे हैं। एजेंसियाँ जकरिया से पूछताछ कर रही हैं और पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन के साथ उसके संबंधों की जाँच कर रही हैं। उसके घर पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर विस्फोटक, हथियार और कई नकली आईडी बरामद की हैं।

सलवान मोमिका को नहीं मिली थी 24×7 सुरक्षा, स्वीडन के पास पुलिस वाले कम: कुरान जलाने वाले Ex-Muslim की हत्या पर न्यायविद ने कहा- असुरक्षित माना जाएगा हमारा देश

कुरान जलाने वाले सलवान मोमिका को स्वीडन में 24×7 सुरक्षा प्राप्त नहीं थी। उन्हें केवल एक मुकदमे में पेशी के दौरान ही कुछ सुरक्षाकर्मी दिए जाते थे। स्वीडन की पुलिस के पास इतने संसाधन नहीं थे कि वह सलवान मोमिका को सुरक्षा दे पाए। पुलिस ने इस्लामी देशों और कट्टरपंथियों से मिली धमकियों को सलवान मोमिका के लिए गंभीर खतरा नहीं माना था।

स्वीडन के जाने-माने न्यायविद और प्रोफ़ेसर मार्टिन स्कुल्ट्ज ने कहा है कि अगर मोमिका की हत्या का कारण उनकी इस्लाम विरोधी होना निकलता है, तो यह स्वीडन के लिए शर्म की बात होगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो स्वीडन एक असुरक्षित देश माना जाएगा और उनके लिए अच्छा नहीं रहेगा जो अभिव्यक्ति की आजादी चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “मोमिका को काफी खतरा था। जब किसी व्यक्ति की हत्या होती है तो यह हमेशा दुखद होता है, लेकिन यह तब ज्यादा परेशान करने वाला होता है जब कोई इस लिए मार दिए जाए क्योंकि क्योंकि उसने अभिव्यक्ति की आजादी के अपने अधिकार का प्रयोग किया था।”

वहीं सलवान मोमिका की वकील रहीं एना रोथ के अनुसार मोमिका को सुरक्षा दी गई थी। रोथ ने बताया है कि यह सुरक्षा सिर्फ उन मौकों के लिए थी जब मोमिका कोर्ट में पेश होते थे या फिर वह कहीं किसी सार्वजनिक कार्य्रकम में जाते थे। उन्हें बाकी समय सुरक्षा नहीं दी जाती थी।

इस बात की पुष्टि पूर्व पुलिस कमिश्नर टेज एस्ट्रोम ने भी की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी व्यक्ति इस तरह की सुरक्षा के लिए पुलिस के पास आवेदन दे सकता है। हालाँकि, उसे अगर ज्यादा सुरक्षा चाहिए, तो इसके लिए काफी कठिन प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा, “ज़्यादा सुरक्षा के लिए बहुत ठोस ख़तरा होना ज़रूरी है। और अगर बहुत ठोस ख़तरा हो तो व्यक्ति को उसके घर से हटाकर दूसरी जगह रखा जाएगा। आम तौर पर किसी को घर पे सुरक्षा नहीं दी जाती। पुलिस के पास इतने संसाधन नहीं होते।”

मोमिका को किस स्तर की सुरक्षा थी, इस पर पुलिस ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। सलवान मोमिका को बुधवार (30 जनवरी, 2025) को उनके अपार्टमेंट में मार दिया गया था। उनकी गोली मार कर हत्या की गई थी। सलवान मोमिका की हत्या के मामले में 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

उनके हत्यारों की पहचान अभी जाहिर नहीं की गई है। सलवान मोमिका की हत्या को लेकर अभी पुलिस जाँच कर रही है। सलवान मोमिका ने जून 2023 में कुरान जलाई थी। इसके बाद से ही उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रहीं थी।

‘यमुना में जहर’ पर चुनाव आयोग ने माँगा था जवाब, केजरीवाल ने दफ्तर पहुँचकर EC पर ही फोड़ दिया ठीकरा: राजनीति का आरोप लगाया, हरियाणा CM पर FIR कराने की रखी माँग

हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली में नरसंहार के लिए पानी में जहर मिलाने के दावे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती है। इसको देखते हुए केजरीवाल शुक्रवार (31 जनवरी) को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी सिंह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय पहुँचे। वहाँ उन्होंने आयोग के नोटिस पर जवाब दिया।

आयोग के दफ्तर जाने से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि आयोग द्वारा भेजे गए दूसरे नोटिस की भाषा से संकेत मिलता है कि वह पहले ही कार्रवाई करने का मन बना चुका है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग आवाज उठाने के लिए आम आदमी पार्टी के खिलाफ ही कार्रवाई करना चाह रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में जहरीला पानी भेजकर जल संकट पैदा करने की कोशिश की है, जो कि एक अपराध है। केजरीवाल ने सीएम सैनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की। उन्होंने कहा, “भले ही हमने अपॉइंटमेंट नहीं लिया है, लेकिन हम चुनाव आयोग जा रहे हैं। हम 7 PPM अमोनिया वाले यमुना के पानी की 3 बोतल आयोग को देंगे।”

वहीं, AAP सांसद संजय सिंह ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को दिल्ली में आने वाले पानी में जहर के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद आयोग ने कहा है कि वह पूरे मामले की तथ्यों के साथ जाँच करेगा और फिर कोई निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि जहरीले पानी पर चुनाव आयोग द्वारा पूछे गए सवालों का अरविंद केजरीवाल ने जवाब दिया है।

इससे पहले अरविंद केजरीवाल आयोग के नोटिस का जवाब भेज चुके हैं। आयोग ने पाँच सवाल पूछे थे, जिनमें पहला था कि हरियाणा सरकार ने यमुना के पानी में जहर कैसे मिलाया। इस पर जवाब दिया गया है कि नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ी पाई गई है। दूसरा सवाल था कि जहर की प्रकृति और मात्रा का पता कैसे चला। इसका जवाब दिया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ का बयान है।

जवाब में कहा गया है कि DJB की सीईओ शिल्पा शिंदे द्वारा 27 जनवरी 2025 को दिया बयान इसकी पुष्टि करते हैं। इसकी कॉपी लगी हुई है। जहर को पहचानने के सवाल पर केजरीवाल ने जवाब दिया कि इसे जलबोर्ड के अधिकारियों ने पहचाना था। इसके बाद उस जहरीले पानी को कैसे रोका गया, इसका जवाब केजरीवाल ने दिया कि सबकी मेथेडोलॉजी एक जैसी है।

IAF पायलट ने संभाली स्पेस मिशन की कमान, 14 दिन रहेंगे अंतरिक्ष में : जानें उन शुभांशु शुक्ला के बारे में सब, जो ISS में जाने वाले बनेंगे पहले भारतीय

भारतीय वायु सेना के पायलट शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) जाएँगे। उनके साथ 3 और देशों के लोग होंगे। वह अमेरिकी स्पेस कंपनी एक्सिओम के मिशन में अंतरिक्ष में जाएँगे। उनको एलन मस्क की कम्पनी स्पेसएक्स का एक राकेट ISS तक लेकर जाएगा।

वह राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में पहुँचने वाले दूसरे भारतीय होंगे। वह ISS में कुछ दिन रुक कर धरती पर लौटेंगें। शुभांशु शुक्ला इस मिशन के लिए काफी उत्साहित हैं। उन्होंने ISS में योग करने तक का निर्णय लिया है।

क्या है एक्सिओम मिशन?

शुभांशु शुक्ला अमेरिकी निजी अंतरिक्ष कंपनी एक्सिओम के चौथे मिशन में जा रहे हैं। वह इस मिशन में पायलट होंगे। यानि इस मिशन के स्पेसक्राफ्ट को वही चलाएँगे। उनके साथ एक अमेरिकी, एक हंगेरियन और एक पोलिश अंतरिक्षयात्री होंगे।

एक्सिओम के इस मिशन की अगुवाई NASA की पूर्व वैज्ञानिक पेगी व्हिस्टन करेंगी। एक्सिओम इस मिशन के लिए अंतरिक्षयात्रियों की ट्रेनिंग, उनके स्पेससूट, अंतरिक्ष में उपयोग होने वाले उनके सामान और बाकी सारी एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार है।

वहीं एलन मस्क की स्पेसएक्स इस मिशन के लिए क्रूड्रैगन स्पेसक्राफ्ट देगी। इसमें 7 लोग अंतरिक्ष को जा सकते हैं। यह फाल्कन रॉकेट पर लगाया जाएगा। इसे NASA के लॉन्च सेंटर से अंतरिक्ष में भेजा जाए।

NASA इन अंतरिक्षयात्रियों की ISS में सुविधा, उनके रहने समेत बाकी सुविधाएँ देगा। वह यह भी पक्का करेगा कि इस मिशन में सरे स्टैण्डर्ड पूरे हो रहे हों। एक्सिओम इससे पहले तीन बार ऐसे मिशन पूरा कर चुका है।

एक्सिओम का यह मिशनक्राफ्ट अंतरिक्ष में जाकर शुक्ला और बाकी तीन यात्रियों को ISS के कोलंबस मॉड्यूल में छोड़ देगा। यहाँ वह लगभग 14 दिन तक रहेंगे और रिसर्च करेंगे। इसके बाद वह जमीन पर लौटेंगे।

शुभांशु शुक्ला को भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO भेज रही है। वह उन 4 अंतरिक्षयात्रियों में से हैं, जो भारत के गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष को जाएँगे। एक्सिओम ने उनकी ट्रेनिंग भी करवाई है।

शुभांशु शुक्ला कौन हैं?

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला IAF पायलट हैं। वर्तमान में वह ग्रुप कमांडर के पद पर हैं। वह 2006 में IAF में भर्ती हुए थे। शुक्ला को सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, डोर्नियर समेत बाकी विमान उड़ाने का 2000 घंटे से अधिक का अनुभव है।

शुक्ला को 2019 में रूस भेजा गया था ताकि वह अंतरिक्ष में जाने की ट्रेनिंग ले पाएँ। वह इसके बाद से लगातार गगनयान मिशन और इस मिशन की तैयारी में लगे हुए हैं। 40 वर्षीय शुक्ला एक बच्चे के पिता हैं। अब वह ISRO के पहले अंतरिक्षयात्री बन गए जाएँगे।

एक्सिओम मिशन पर शुक्ला ने क्या कहा?

शुभांशु शुक्ला समेत एक्सिओम मिशन के चारों यात्रियों ने मिशन से कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। शुक्ला ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “हम दो सप्ताह के लिए स्टेशन पर होंगे, हम इस दौरान कई मिशन पूरे करेंगे…अभी एक पूरी टीम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि स्टेशन पर बिताया गया हर मिनट सही काम के लिए लगे… मैं इस मिशन के माध्यम से अपने देश की एक पूरी पीढ़ी की अंतरिक्ष में जिज्ञासा जगाने की उम्मीद कर रहा हूँ ताकि आगे और भी ऐसे ही मिशन हो सकें।”

उन्होंने इस मिशन के दौरान कुछ चीजें भारत से ले जाने का भी मन बनाया है। उन्होंने कहा, “मेरा इस दौरान एक निजी एजेंडा भी है, मैं स्टेशन पर अपने अनुभव को फोटो और वीडियो के में कैद करके उन्हें भारतीयों को दिखाना चाहूँगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूँ कि वे इस रोमांचक अनुभव को मेरी आँखों से देखें। मेरा मानना है कि यह सिर्फ मेरी नहीं बल्कि 140 करोड़ लोगों की यात्रा है।” शुभांशु शुक्ला ने कहा है कि वह ISS पर योग करने की भी योजना बना रहे हैं।

हिन्दू नाबालिग लड़की का आसिफ ने किया रेप, इस्लाम न कबूलने पर साथियों संग मिलकर मौत के घाट उतारा: UP पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा, लखीमपुर की घटना

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की एक हिन्दू नाबालिग को एक मुस्लिम युवक बहला फुसला कर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसके साथ रेप किया गया। उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाला गया। जब नाबालिग ने इससे इनकार किया तो उसकी साथियों के साथ मिल कर हत्या कर दी। उसका शव लखीमपुर से लगभग 500 किलोमीटर दूर जंगलों में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपितों को पकड़ा है। एक आरोपित का एनकाउंटर भी हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र के गाँव गोरिया की रहने वाली एक 17 वर्षीय हिन्दू नाबालिग 25 जनवरी, 2025 को गायब हो गई थी। उसके घरवालों ने आसपास तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।

इसके बाद पीड़ित परिवार पढुआ थाने पहुँचा और इस विषय में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक युवक नाबालिग को झाँसे में लेकर भगा ले गया है। उन्होंने उसके साथियों का नाम देते 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई।

आरोपित मुस्लिम होने के चलते हिन्दू संगठन भी इस मामले में सक्रिय हुए। जब पुलिस ने इस विषय में जाँच की तो पता चला कि आसिफ नाम का एक युवक अपने साथ हिन्दू नाबालिग को ले गया है। उसका एक CCTV फुटेज भी पुलिस को मिला।

इसके बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। सामने आया कि आसिफ लखीमपुर से देहरादून की तरफ गया है। इसी के आधार पर वह देहरादून पहुँची और उसके साथियों की धरपकड़ की। उसने जब पूछताछ की गई तो पता चला कि हिन्दू नाबालिग की रेप के बाद हत्या हुई है।

उन्होंने बताया कि नाबालिग का रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है, और शव को रामनगर के जंगलों में फेंक दिया गया है। पुलिस ने इसके बाद शव को बरामद कर उसका पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद लखीमपुर से ही मुख्य आरोपित आसिफ को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।

मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि नाबालिग पर आसिफ समेत उसके साथी धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे, जब वह नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने आसिफ के अलावा , सलमान, रजब, जुबेर समेत 6 लोग पकड़े हैं।

हिन्दू संगठनों ने इस मामले में प्रदर्शन किया है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।