Home Blog Page 5422

शीला दीक्षित की मौत के जिम्मेदार चाको: संदीप के आरोप के बाद कॉन्ग्रेस में उठी इस्तीफे की माँग

आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली पर करीब 15 साल तक शीला दीक्षित के नेतृत्त्व में राज करने वाली कॉन्ग्रेस की आतंरिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है। एक ओर सभी दल चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस अपनी अंदरूनी कलह से निपटने की बजाय उसे सड़क पर ले आई है।

दरअसल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की जुलाई में मृत्यु हो गई थी इसके बाद उनके बेटे संदीप दीक्षित ने दिल्ली में कॉन्ग्रेस के प्रभारी पीसी चाको को अपनी माँ शीला की मृत्यु का ज़िम्मेदार ठहराया था। इस मामले में संदीप ने पीसी चाको को एक कानूनी नोटिस भी भेज दिया है। संदीप ने चाको पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी पैदा की गईं राजनीतिक परिस्थितियों के चलते शीला तनाव में आई और उनकी मृत्यु हो गई। इसी सम्बन्ध में संदीप ने चाको को नोटिस भेजते हुए कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है। हालाँकि, नोटिस को लेकर कॉन्ग्रेस नेता चाको का कहना है कि इस नोटिस में क्या है वह अभी कुछ कह नहीं सकते।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की हार के बाद समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया गया जिसकी रिपोर्ट को आधार बनाकर दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली में सभी जिला तथा ब्लाक स्तर की सभी कमिटियों को भंग कर दिया था। बताते हैं कि शीला के इस आदेश को पीसी चाको ने भंग कर पुरानी कमेटियों को बनाये रखने का आदेश दिया था जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद गहरा गए थे।

बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉन्ग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तबियत ख़राब चल रही थी और वे अस्पताल में भर्ती थीं। हालाँकि, अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर शीला दीक्षित का निधन हो गया था। इस पूरे मामले में दिल्ली कॉन्ग्रेस के प्रभारी पीसी चाको ने मीडिया से बातचीत में संदीप की चिट्ठी मिलने की बात स्वीकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पास भेज दिया है।

इसी मामले को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर पीसी चाको के इस्तीफे की भी माँग की है, मगर इस पूरे मामले की जड़ यानी जिस चिट्ठी के चलते पूरा विवाद शुरू हुआ है उसमें ऐसा क्या लिखा है इस मुद्दे पर दोनों में से किसी ने भी अभी तक खुलकर कोई बात नहीं कही है। मामले में संदीप की चिट्ठी और आरोपों के पलटवार में दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि संदीप ने उनपर जो आरोप लगाए हैं वो गंदे और बेहूदा हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शीला दीक्षित ने अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष को चिट्ठी भेजी थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह मानसिक तनाव में हैं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शीला ने इसमें लिखा था कि उन्हें लगातार पीसी चाको द्वारा परेशान किया जा रहा है, उनके हर राजनीतिक फैसले को पीसी चाको निरस्त कर देते हैं।

लहूलुहान बंगाल: मारे जा रहे BJP कार्यकर्ता, आखिर कब टूटेगी लिबरलों की चुप्पी

पश्चिम बंगाल में 1971 में कॉन्ग्रेस सत्ता में आई। मुख्यमंत्री बने सिद्धार्थ शंकर रे। इसके साथ ही बंगाल की राजनीति में एक ऐसा अध्याय शुरू हुआ जो किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज का हिस्सा नहीं हो सकता।

राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हुआ जो आज भी बदस्तूर जारी है। पहले कॉन्ग्रेस ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस हथियार का इस्तेमाल किया और कुछ सालों में खुद ही दफन हो गई। फिर आया वाम हिंसा का वो दौर जिसकी घटनाएँ आज भी रूह कॅंपा देती है। 1977 से 2011 के 34 साल के वामपंथी शासनकाल के राज्य में जितने नरसंहार हुए उतने शायद ही देश के किसी दूसरे राज्य में हुए हो।

इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कॉन्ग्रेस सत्ता में आई तो लोगों को लगा कि राजनीतिक हिंसा का यह दौर अब समाप्त हो जाएगा। लेकिन, कुछ ही साल के भीतर तृणमूल भी इस हथियार का संगठित तरीके से इस्तेमाल करने लगी। खासकर, राज्य में बीजेपी के उभार के साथ।

बंगाल में राजनीतिक हिंसा में कितने बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा नहीं है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार 2016 में बंगाल में सियासी हिंसा की कुल 91 घटनाएँ हुईं। 205 लोग इसका शिकार बने। 2015 में कुल 131 घटनाएँ हुईं थी, जिनमें कुल 184 लोगों को नुकसान पहुँचा। उससे पहले 2013 में सियासी झड़पों में कुल 26 लोगों की जानें गई थीं। गौर करने वाली बात है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ ही बंगाल में बीजेपी उभरती नजर आई थी।

इस साल हुए आम चुनावों में बीजेपी को बंगाल की 40 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। नतीजों आने के चंद दिन के भीतर ही नॉर्थ परगना के काकीनाडा में भाजपा कार्यकर्ता चंदन शॉ की गोली मारकर हत्या कर दी। जून में 24 परगना में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की गोली मार कर हत्या कर दी गई। आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा। जून में ही कूचबिहार में भाजयुमो नेता आनंद पॉल की हत्या कर दी गई। जुलाई में भाजपा कार्यकर्ता काशीनाथ घोष की लाश नहर में मिली। ये तो चुनिंदा घटनाएँ हैं। असली हालात और भी भयावह है।

भाजपा महासचिव और पश्विम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के ट्विटर अकाउंट पर सरसरी नजर डालें तो ऐसी कई घटनाओं का ब्यौरा मिल जाता है। मसलन, विजयवर्गीय 12 अक्टूबर को ट्वीट कर बताते हैं कि हरलाल देबनाथ की टीएमसी के गुंडों ने गोली मार कर हत्या कर दी। 10 अक्टूबर को उन्होंने नादिया में पार्टी कार्यकर्ता सुप्रियो बनर्जी की हत्या को लेकर ट्वीट किया। इस ट्वीट के मुताबिक बीते 4 दिनों में बीजेपी के 8 कार्यकर्ताओं की टीएमसी के लोगों ने हत्या की थी। इससे एक दिन पहले 9 अक्टूबर को वीरभूम और नादिया में भाजपा कार्यकर्ता अनिमेष चक्रवर्ती और अहमद शेख की हत्या को लेकर उन्होंने ट्वीट किया था।

अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंदेशा जताई जा रही है कि हिंसा की यह आग और भड़क सकती है। फिर भी लिबरल मौन हैं। ममता बनर्जी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही। और भाजपा नेता ट्वीट कर आँकड़े गिना रहे हैं।

पूर्व डिप्टी सीएम जी परमेश्वर के निजी सहायक रमेश ने की आत्महत्या, 2 दिन पहले IT ने की थी छापेमारी

कर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम जी परमेश्वर के निजी सहायक, रमेश ने कथित रूप से बेंगलुरु के गण भारती क्षेत्र में आत्महत्या कर ली है। यह घटना आयकर विभाग द्वारा वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जी परमेस्वर और अन्य के ख़िलाफ़ हुई छापेमारी के दो दिन बाद हुई है। छापेमारी के दौरान विभिन्न परिसरों से करोड़ो रुपए नक़द ज़ब्त किए गए थे।

ग़ौरतलब है कि कर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम और कॉन्ग्रेस नेता जी परमेश्वर के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद अब तक 4.52 करोड़ रुपए की नक़दी बरामद हुई थी। बता दें कि कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री के क़रीब 30 ठिकानों पर आईटी विभाग ने छापे मारे।

आईटी विभाग ने कहा था कि बेंगलुरु में सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के परिसर में छापेमारी जारी रहेगी। यह मेडिकल कॉलेज जी परमेश्वर से संबंधित ट्रस्ट के जरिए चलाया जाता है। इसके अलावा जी परमेश्वर के भाई के बेटे आनंद के घर पर भी छापा पड़ा था। इस दौरान उनके निजी सहायक रमेश के आवास की भी तलाशी ली गई थी। ये छापे NEET परीक्षा से जुड़े बहु-करोड़ टैक्स चोरी मामले से संबंधित थे। पहले दिन की छापेमारी में आयकर विभाग के हाथों कई अहम दस्तावेज़ भी लगे थे।

हालाँकि, इस मामले में छापेमारी के पहले दिन जी परमेश्वर का कहना था, “मुझे छापेमारी की जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि वे छापेमारी कहाँ कर रहे हैं। उन्हें तलाशी लेने दें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अगर हमारी तरफ से कोई गलती होगी तो इसे सुधारेंगे।”


बंगाल में भाजपा का एक और जांबाज चढ़ा TMC के गुंडों की भेंट: विजयवर्गीय ने कहा- ये बलिदान निरर्थक नहीं जाएगा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आरएसएस स्वयंसेवक और उसके परिवार की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि एक और भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामले सामने आ गया। ये मामला बंगाल के नदिया जिले के राणाघाट थाने का है। जहाँ हबीबपुर पंचायत के 21 नंबर बूथ के 50 वर्षीय भाजपा नेता हरलाल देबनाथ की कल देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात के समय हरलाल देबनाथ देर रात अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे। तभी, कुछ बदमाशों ने काफ़ी नजदीक आकर फायरिंग कर दी। जिसके कारण उनकी मौक़े पर ही मौत हो गई।

नदिया जिले के भाजपा अध्यक्ष मानवेंद्र राय के अनुसार मृतक हरलाल एक लड़ाकू कार्यकर्ता थे और इलाके में भाजपा के बढ़ते जनाधार के लिए वे एक मात्र सूत्रधार थे। भाजपा अध्यक्ष का कहना है कि बीते दो चुनावों में उन्होंने भाजपा के लिए अहम भूमिका निभाई थी। जिस कारण सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के लोगों ने उनकी हत्या करवाई।

मीडिया खबरों के अनुसार इस घटना की सूचना मिलते ही राणाघाट थाने के पुलिस अधिकारी मौक़े पर पहुँचे और भाजपा कार्यकर्ता को कल्याणी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

खुद भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के सांगठनिक महासचिव सुब्रत चटर्जी ने शनिवार सुबह इस घटना की जानकारी ट्विटर पर दी। उन्होंने ट्वीट किया, “पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा करने के दौरान भाजपा के एक और कार्यकर्ता को बलिदान होना पड़ा है। देबनाथ की तृणमूल कॉन्ग्रेस के अपराधियों ने गोली मारकर हत्या की है।”

वहीं, भाजपा के बंगाल में राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा करते हुए भाजपा का एक और जांबाज कार्यकर्ता TMC की गुंडागर्दी की भेंट चढ़ गया! हबीबपुर ग्राम पंचायत के भाजपा कार्यकर्ता श्री हरलाल देबनाथ जी की ममता के गुंडों ने गोली मारकर हत्या कर दी।” उन्होंने कहा, “ये बलिदान निरर्थक नहीं जाएगा।”

जिनपिंग का भारत दौरा: 3500 किलोमीटर सीमारेखा सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात, नेपाल के लिए रवाना

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दो-दिवसीय भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज उनसे बातचीत अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हुई। चेन्नै के पास प्राचीन कस्बे महाबलीपुरम में चल रही द्विपक्षीय शिखर वार्ता का आज दूसरा दौर था। दोनों नेता ताज फिशरमैन्स कोव होटल, कोवलम के तंजो हॉल में मिले।

अलग-अलग जारी होंगे बयान

शनिवार को भारत में निवास कर रहे चीनी नागरिकों और चीनी मूल के लोगों का समूह चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के अभिवादन के लिए सुबह 11 बजे जमा हो गया। जमावड़ा चेन्नै के ITC ग्रैंड चोल होटल के बाहर हुआ जहाँ जिनपिंग ठहरे हुए थे। वहीं स्थानीय कलाकारों और संगीतज्ञों के समूह दोनों का अभिवादन करने के लिए उनके दोपहर में मिलने के स्थान कोवलम पर इकठ्ठा हुए।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के मुख्य मुद्दे दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच व्यक्तिगत आधार पर संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा के अतिरिक्त द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा, 3,500 किलोमीटर लंबी सीमारेखा पर शांति रहे। वार्ता के ‘अच्छे’ होने की बात फ़िलहाल मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से की जा रही है, लेकिन स्थिति स्पष्ट कही जाएगी जब दोनों देशों के इस पर आधिकारिक बयान जारी होंगे। उपलब्ध सूचना के अनुसार वार्ता के नतीजों पर दोनों देश अपने अलग-अलग बयान जारी करेंगे।

वार्ता के बाद दोपहर में शी जिनपिंग के सम्मान में मोदी ने भोज का आयोजन किया। इसके बाद जिनपिंग नेपाल के लिए निकल गए। उन्हें हवाई अड्डे पर छोड़ने तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के. पलानिस्वामी, उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम और विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल गए। 23 सालों के बाद कोई चीनी राष्ट्रपति नेपाल जा रहा है।

जम्मू-कश्मीरः 14 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से बहाल हो जाएँगी पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएँ

जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं, इसी के मद्देनजर प्रशासन ने पोस्टपेड मोबाइल सेवाएँ बहाल करने का फैसला किया है। सोमवार (अक्टूबर 14, 2019) दोपहर 12 बजे के बाद से मोबाइल सेवाओं पर पाबंदी हटा ली जाएगी। इस बात की जानकारी जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव रोहित कंसल ने दी।

रोहित कंसल ने शनिवार (अक्टूबर 12, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि स्थिति की समीक्षा करने के बाद जम्मू-कश्मीर के शेष क्षेत्रों में मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी इलाकों में सोमवार दोपहर 12 बजे से सभी पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन शुरू कर दिए जाएँगे। इसमें कश्मीर प्रांत के सभी 10 जिले शामिल होंगे।

बता दें कि पिछले महीने सरकार ने टेलीफोन के सभी एक्सचेंज चालू कर दिए थे और लैंडलाइन सेवाओं को बहाल कर दिया था। सितंबर महीने में कुपवाड़ा जिले में मोबाइल सेवा को भी बहाल कर दिया गया था। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं और अन्य कार्यालयों से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी बहाल किए गए। वहीं सभी स्वास्थ्य संस्थान भी पूरी तरह से काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन कनेक्शन निलंबित कर दिए गए थे। स्थिति सामान्य होने के बाद 29 अगस्त को जम्मू जिले के पाँच जिलों- डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और पुंछ में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएँ फिर से शुरू की गईं। 12 सितंबर को कंसल ने कहा था कि कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में काफी संख्या में मोबाइल काम करते हैं। 

सरकार ने कई बार कहा है कि इन सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए घाटी में मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग अफवाह फैलाने और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। लोग मोबाइल और इंटरनेट के लिए इंतजार कर सकते हैं, लेकिन वो नहीं चाहते कि किसी एक की भी जान जाए। मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का फैसला राज्यपाल द्वारा 10 अक्टूबर से पर्यटकों पर लगी रोक को वापस लेने के 2 दिन बाद लिया गया है। साथ ही रोहित कंसल ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का 99 प्रतिशत हिस्सा अब प्रतिबंध मुक्त है।

BSNL को बंद करने के पक्ष में नहीं है वित्त मंत्रालय: विपक्ष के दुष्प्रचार की खुली पोल

मीडिया में लगातार ऐसी ख़बरें चल रही हैं कि भारत सरकार सार्वजनिक दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने जा रही है। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने भी इस ख़बर को लेकर सरकार को घेरा। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी लिखा कि मोदी सरकार अपने दोस्त उद्योगपतियों को बचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सूर्यकांत मिश्रा और सुजन चक्रवर्ती सहित अन्य वामपंथी नेताओं ने भी इस ख़बर के आधार पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

ख़बरों में कहा जा रहा था कि वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करना चाहती है। अब सरकार ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) के सेक्रेटरी अंशु प्रकाश ने कहा कि ऐसी सभी सूचनाएँ ग़लत हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने की फ़िराक़ में है। एक मोबाइल टॉवर संगठन के कार्यक्रम के इतर उन्होंने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस ख़बर को नकार दिया कि वित्त मंत्रालय ने दोनों कंपनियों को बंद करने की सलाह दी है।

इससे पहले बीएसएनएल ने अपने सभी कर्मचारियों को अगस्त महीने के वेतन का भुगतान किया था, जो कुछ समय से अटका पड़ा था। फ़िलहाल बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए एक रिवाइवल पैकेज तैयार किया गया है। आशा जताई जा रही है कि इस पैकेज के जारी होने के बाद अगले 5 वर्षों में बीएसएनएल घाटे से उबर कर लाभ देने वाली कम्पनी बन जाएगी।

अगर वित्तीय वर्ष 2018-19 की बात करें तो बीएसएनएल को 14,000 करोड़ का घाटा हुआ है इसी वित्त वर्ष के दौरान और कम्पनी का राजस्व भी घट कर 19,308 करोड़ रुपया हो गया है। वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान पब्लिक सेक्टर कम्पनी बीएसएनएल को 4,859 करोड़ का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 में यह आँकड़ा 7,993 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में बीएसएनएल का प्रोविजनल घाटा बढ़ कर 14,203 करोड़ हो गया। ये आँकड़े संसद सत्र के दौरान पेश किए गए थे।

देवबंद में 5 दिन में 2 भाजपा नेता की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने पिछड़ा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष को मारी गोली

उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले के मुस्लिम बहुल इलाके देवबंद में आज (अक्टूबर 12, 2019) सुबह भाजपा सभासद चौधरी धारा सिंह पर बाइक सवार कुछ बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से जख्मी हुए भाजपा नेता को आनन-फानन में सीएचसी भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात की खबर मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुँची। पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष और देवबंद नगर पालिका के सभासद चौधरी धारा सिंह आज सुबह मौला कष्ट स्थित अपने घर से त्रिवेणी शुगर मिल में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। तभी, रणखंडी फाटक के समीप पीछे से आए चार हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान एक गोली उनके सिर में जा लगी। जिससे उनकी मौत हो गई।

भाजपा नेता पर दिनदहाड़े हुए इस हमले की खबर सुनते ही नगर अध्यक्ष गजराज सिंह राणा समेत पार्टी के सैकड़ों समर्थक मौक़े पर एकत्रित हुए और हंगामा शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते के भीतर देवबंद में दूसरे भाजपा नेता की हत्या से पुलिस प्रशासन सकते में आ गई है।

जिले के एसपी दिनेश कुमार ने मामले को क्राइम ब्रांच के पास भेजा है। लेकिन फिलहाल, हत्या के कारणों का मालूम नहीं चल सका है। एसपी दिनेश ने बताया, ” 47 वर्षीय धारा सिंह, देवबंद में सभासद थे। उन्हें आज सुबह 8 बजे के आसपास अज्ञात बदमाशों के द्वारा रणखंडी फाटक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए सहारनपुर मॉर्चरी भेजा गया। मृतक के परिवार वालों से बात की जा रही है। साथ ही हमले की वजह और दुश्मनी के संबंध में जाँच जारी है। “

इससे पहले बता दें 8 अक्टूबर को भी कुछ बदमाशों ने भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष यशपाल की गोली मार हत्या कर दी थी।

पश्चिम बंगाल: विलुप्त वाम दलों के भरोसे कॉन्ग्रेस की डूबती नैया, सोनिया गॉंधी ने साझा अभियान के दिए निर्देश

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 40 सीटें है। बीते आम चुनाव में इनमें से केवल 2 पर कॉन्ग्रेस को जीत मिली। 38 सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। दशकों तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही सीपीआई (एम) का तो सूपड़ा ही साफ हो गया था। 39 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और सभी जगह जमानत जब्त हुई।

ऐसे में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस और राज्य में तेजी से उभरती भाजपा को रोकने के लिए कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी ने नया प्लान बनाया है। इस योजना के तहत डूबती कॉन्ग्रेस का राज्य में विलुप्त होने के कगार पर पहुॅंच चुके वाम दल सहारा बनेंगे। सोनिया ने राज्य के पार्टी नेताओं से वाम दलों के साथ मिलकर अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

ख़बर के अनुसार, पश्चिम बंगाल कॉन्ग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए गुरुवार (10 अक्टूबर) को दो बार सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की थी। मन्नान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। बैठक के बाद, मन्नान ने मीडिया को बताया कि सोनिया ने पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के लिए अपनी हामी भर दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कॉन्ग्रेस पार्टी को सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस और उभरती हुई भाजपा से हारने का डर सता रहा है।

मन्नान ने कहा,

“हमने सोनिया गाँधी जी के साथ राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और उन्होंने राज्य में प्रस्तावित एलएफ-कॉन्ग्रेस गठबंधन के बारे में जनता की राय बनाने के लिए हमें वाम मोर्चा के साथ संयुक्त आंदोलन करने के लिए कहा है। उन्होंने हमें राज्य में तृणमूल कॉन्ग्रेस और भाजपा के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे के साथ संयुक्त आंदोलन करने के लिए कहा है।”

मन्नान के अनुसार सोनिया का मानना है कि यदि 2016 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कॉन्ग्रेस और वाम मोर्चे का गठबंधन बना रहता तो राज्य के राजनीतिक हालात अलग होते और भाजपा प्रदेश में कभी उभर नहीं पाती।

यहाँ इस बात पर ग़ौर किया जाना चाहिए कि सोनिया गाँधी ने यह क़दम ऐसे समय में उठाया है जब राज्य में जल्द ही तीन अलग-अलग ज़िलों में विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। इनमें कालीगंज, खड़गपुर और करीमगंज शामिल हैं। कालीगंज और खड़गपुर सीटों पर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार उतारेगी, वहीं माकपा करीमपुर सीट पर चुनाव लड़ेगी। 2016 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस और माकपा साथ आए थे, लेकिन क्रमशः 44 और 26 सीटें ही हासिल कर पाए थे। टीएमसी के पास 294 में से 211 सीटों का स्पष्ट बहुमत था।

महिला कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष ने ठेकेदार से ली रिश्वत, ₹1.25 लाख की दूसरी किस्त के साथ ACB ने धरा

राजस्थान कॉन्ग्रेस की महिला नेत्री को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राजधानी जयपुर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। महिला कॉन्ग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद सुमन गुर्जर को 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसमें 50 हजार रुपए नकद और 75 हजार सेल्फ चेक के तौर पर था।

सुमन जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 की पार्षद हैं। वह जयपुर नगर निगम की महिला उत्थान समिति की चेयरमैन भी हैं। सुमन गुर्जर को एसीबी की टीम ने जयपुर के सांगानेर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पार्षद ठेकेदार से 50 हजार रूपए पहले भी ले चुकी थी।

एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सुमन गुर्जर अपने वार्ड में विकास कार्यों के एवज में ठेकेदार से 3 प्रतिशत कमीशन मॉंग रही थी। उन्होंने ठेकेदार से 1 लाख 75 हजार रुपए की रिश्वत माँगी थी। जिसके बाद ठेकेदार ने 50,000 रुपए की पहली किस्त दी। शुक्रवार (अक्टूबर 11, 2019) को रिश्वत की दूसरी किस्त 1 लाख 25 हजार रुपए देने के दौरान एसीबी की टीम ने रंगे हाथों सुमन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। ठेकेदार ने सुमन से कहा था कि वो उसे पैसे दे देगा, लेकिन फिर सड़क बनने के बाद घटिया सामग्री का मुद्दा नहीं उठना चाहिए। इस पर कॉन्ग्रेस पार्षद ने कहा था, “तू चिंता मत कर, मैं हूँ ना, बिल पास करवा दूँगी।”

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद महिला कॉन्ग्रेस ने भी सुमन से किनारा कर लिया। जयपुर नगर निगम की पार्षद सुमन गुर्जर पर इस कार्रवाई के बाद महिला कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देश पर महिला कॉन्ग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने गुर्जर को प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस की उपाध्यक्ष पद से तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।