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X सिक्योरिटी वाली शेहला रशीद कश्मीर पर फैला रही प्रोपगेंडा, सोशल मीडिया में लगी लताड़

पत्रकारों पर सरकार से सुविधाएँ लेने का आरोप लगाना शेहला रशीद उलटा पड़ गया। शेहला ने ट्विटर पर लिखा कि जो पत्रकार जम्मू-कश्मीर में सबकुछ सामान्य होने की बात कह रहे हैं, वो प्रोपगेंडा फैला रहे हैं। शेहला के अनुसार, ऐसे पत्रकारों को कश्मीर में घूमने के लिए बुलेट-प्रूफ गाड़ी, सेना के हेलीकॉप्टर और सरकार द्वारा इंटरनेट सहित कई सुविधाएँ दी जा रही हैं। शेहला ने लिखा कि यह सब इसीलिए किया जा रहा है ताकि वे जम्मू-कश्मीर में स्थिति को सामान्य बता सकें।

इसके बाद शेहला ने राज्य के लोगों का सरकार द्वारा दमन करने की पाकिस्तान की बात को दुहराया। शेहला की इस ट्वीट के बाद आंतरिक सुरक्षा मामलों के जानकार आदित्य राज कौल ने कुछ ऐसा खुलासा किया, जो शायद बहुत से लोगों को न पता हो। कौल ने शेहला रशीद को याद दिलाते हुए लिखा, “तुम्हें जम्मू कश्मीर पुलिस से X-2 सिक्योरिटी सुरक्षा हासिल है और तुम दो PSO के साथ घूमती हो।

आदित्य राज कौल ने प्रधानमंत्री ऑफिस और गृह मंत्रालय से अपील करते हुए लिखा कि शेहला रशीद की सुरक्षा वापस ली जाए। साथ ही उन्होंने शेहला पर पत्रकारों को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। बता दें कि कई ऐसे लोग हैं जिन्हें जम्मू-कश्मीर में शांति अखर रही है और वे लगातार इस प्रयास में लगे हैं कि वहाँ की हर छोटी-बड़ी घटना को अलग एंगल देकर पेश किया जाए ताकि लोगों को लगे कि कश्मीर उबल रहा है। हालाँकि, गृह मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद कश्मीर में एक भी बुलेट फायर नहीं की गई है।

एक ट्विटर यूजर ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि शेहला रशीद जैसे लोगों को सुरक्षा कवर देना जनता के टैक्स का ग़लत इस्तेमाल है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि अब जब जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र सरकार के अधीन होगी, क्या शेहला रशीद अपनी सुरक्षा वापस कर देगी? जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद आजकल आईएएस से नेता बने शाह फैसल की सहयोगी हैं। फैसल बौखलाहट में बदला लेने की धमकी दे रहे हैं।

पाकिस्तान, चीन का धौंस दिखा बोले दिग्विजय सिंह- संकट में है देश

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले के बहाने लोगों को डराने और भड़काने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। अब उन्होंने पड़ोसी देशों का हवाला देकर कश्मीर पर लिए फैसले को देश के लिए खतरनाक बताया है। इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि मोदी सरकार के फैसले के बाद कश्मीर जल रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कहा है, “कश्मीर के लोगों को भरोसे में लिए बिना फैसला लेना सही नहीं है। इससे खतरा बढ़ेगा। मत भूलें एक ओर चीन , दूसरी ओर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान भी है। आपने देश को किस मुसीबत में डाल दिया है।”

दिग्विजय सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हमें आपत्ति अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने से उतनी नहीं है। यह जिस तरीके से किया गया, उसको लेकर आपत्ति है।”

गौरतलब है इससे पहले दिग्विजय सिंह ने 11 अगस्त को सीहोर जिले के दौरे के दौरान अनुच्छेद 370 के बारे में बात करते हुए कहा था, “मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील करता हूँ कि इस समस्या को जल्दी हल कराइए, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।”

बता दें कि विपक्ष की तरफ से लगातार उलूल-जुलूल बयानबाजी से पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी शह मिल रही है। इसके कारण सोशल मीडिया में यूजर्स जमकर विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के विपक्षी नेताओं ने अपने रुख से पाकिस्तान को भी हैरान कर दिया है।

शाह फैसल ने कहा ‘कश्मीर भभक उठेगा’ और शुरू हो गई पत्थरबाजी: रायटर्स के पत्रकार का दावा

जम्मू-कश्मीर पर प्रोपेगंडा फैलाने वाले अंतररष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टलों में सिर्फ़ बीबीसी और अल जज़ीरा ही शामिल नहीं है बल्कि रायटर्स भी इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। जम्मू-कश्मीर पर कई विवादित ख़बरें प्रकाशित होने के बाद सरकार ने बीबीसी और अलजज़ीरा से सबूत के रूप में वीडियो माँगे, लेकिन वे अभी तक इसे पेश करने में अक्षम रहे हैं। ट्विटर पर रायटर्स के एक पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर को लेकर लम्बा-चौड़ा थ्रेड लिखते हुए पाकिस्तानी राग अलापा है।

इस थ्रेड में पत्रकार देवज्योत घोषाल ने दावा किया है कि कश्मीर में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है और राज्य पूरी तरह लॉकडाउन के शिकंजे में है। उन्होंने दावा किया है कि कश्मीर में एक चिंगारी की ज़रूरत भर है और आग लग जाएगी। राज्य में हालत सामान्य न होने का दावा करते हुए घोषाल ने शाह फ़ैसल के बारे में भी चौंकाने वाला दावा किया है। घोषाल ने लिखा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद वह श्रीनगर के दौरे पर गए।

रायटर्स के पत्रकार घोषाल के अनुसार, उन्होंने इस दौरान आईएएस से नेता बने शाह फैसल से बात की। पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर में ‘संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप्प’ होने का दावा करते हुए लिखा है कि सैटेलाइट टीवी चालू थे और कई लोगों को सरकार के निर्णय की ख़बर मिल चुकी थी। घोषाल से बातचीत में शाह फैसल ने कहा कि सुरक्षा कम होते ही कश्मीर के भभक उठने की संभावना है, क्योंकि लोग ख़ुद को छला महसूस कर रहे हैं। घोषाल ने दावा किया है कि इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई।

पत्रकार घोषाल ने लिखा कि कश्मीरी इस फैसले को लेकर गुस्सा में हैं और हताश हैं। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के एजेंडे को भी खुल कर आगे बढ़ाया है। उन्होंने पाकिस्तान के कई नेताओं व पत्रकारों के सुर में सुर मिलाते हुए लिखा कि मोदी द्वारा देश को सम्बोधित किए जाने के अगले दिन श्रीनगर के ऊपर एक फाइटर जेट मँडरा रहा था। हालाँकि, अभी तक इस सम्बन्ध में कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। जम्मू-कश्मीर पर घोषाल के दावों से यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अनजाने में ही उन्होंने शाह फैसल की पोल खोल दी है?

रायटर्स के पत्रकार की फैसल से बात होती है और वो धमकी देते हैं कि सुरक्षा में ढील होते ही लोगों का गुस्सा भभक कर सामने आएगा और फिर पत्थरबाजी शुरू हो जाती है, ऐसा ख़ुद पत्रकार ने दावा किया है। तो क्या शाह फैसल की धमकी और पत्थरबाजी के बीच कुछ सम्बन्ध है? शाह फैसल पहले भी धमकी देते रहे हैं। उनके हाल के बयान पर गौर करें तो पता चलता है कि उन्होंने ख़ुद को अलगाववादी घोषित कर दिया है। आईएएस अधिकारी से नेता बने शाह फैसल ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में या तो आप कठपुतली हैं या फिर अलगाववादी। एक अन्य बयान में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा कि वे तब तक ईद नहीं मनाएँगे जब तक बेइज्जती का बदला नहीं ले लेते।

मीका सिंह का बॉयकॉट करेगा बॉलीवुड, कराची में ‘जुम्मे की रात’ पड़ा महँगा

कराची में एक पाकिस्तानी अरबपति के घर के कार्यक्रम में परफॉर्म करना सिंगर मीका सिंह को महँगा पड़ा है। सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने उन पर बैन लगा दिया है। उनका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से बॉयकॉट करने का फैसला किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मीका का सभी म्यूजिक कंपनी, मूवी प्रोडक्शन हाउस और ऑनलाइन म्यूजिक कंटेंट प्रोवाइडर द्वारा बॉयकॉट किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से जारी गीदड़ भभकियों के बीच 8 अगस्त को मीका ने कराची में परफॉर्म किया था। कराची में जिस व्यक्ति के यहाँ मीका ने परफॉर्म किया, वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का कजन भाई है। इसके कारण सोशल मीडिया में नाराज़गी जताते हुए फैंस ने मीका को काफी भला-बुरा कहा। इस कार्यक्रम के वायरल हुए वीडियो में मीका ‘जुम्मे की रात’ गाते हुए नजर आ रहे हैं।

ट्विटर पर भारतीय लोगों का कहना है कि जब पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों पर रोक लगा दी है और भारतीय गानों व अन्य मीडिया कंटेंट को भी प्रतिबंधित कर दिया है तो मीका को पाकिस्तान जाने की क्या ज़रूरत थी? वहीं पाकिस्तान के लोगों ने अपनी सरकार से नाराज़गी जताते हुए पूछा कि भारतीय गायक को वीजा क्यों दिया गया?

सोशल मीडिया में कुछ लोगों ने मीका सिंह का समर्थन भी किया है। कुछ ट्विटर यूजर्स ने लिखा है कि मीका एक कलाकार हैं और एक कलाकार के लिए बाउंड्री मायने नहीं रखता। कुछ यूजर्स ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए लिखा है कि पाकिस्तान बॉलीवुड कलाकारों के बिना रह ही नहीं सकता।

हाथी-मगरमच्छ की कहानी से समझें कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों उचित नहीं समझा

सुदूर केरल अपने वनों के सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है और आम तौर पर पर्यटन विभाग भी इसे “गॉड्स ओन कंट्री” के तौर पर प्रचारित करते दिखते हैं। कुछ सौ साल पहले जब त्रावनकोर राजवंश शासन में था, तब यहाँ एक छोटा सा महल बनवाना शुरू किया गया था। समय बीतने के साथ-साथ (संभवतः 1728 से 1758 के बीच) केरल के कायमकुलम में स्थित ये कृष्णापुरम महल अपने पूरे स्वरूप में आया।

आजकल इस महल का इस्तेमाल संग्रहालय के तौर पर होता है। संग्रहालय की प्रसिद्धि यहाँ के “कायामकुलम वाळ” (दोधारी तलवार/खांडा) और इसी जिले में पाई गई एक बुद्ध की मूर्ति के यहाँ होने की वजह से भी है। इसकी असली प्रसिद्धि यहाँ मौजूद “गजेन्द्र मोक्ष” की मुरल पेंटिंग की वजह से है। ये अपने तरीके की सबसे बड़ी पेंटिंग है।

दक्षिण भारत के ही तमिलनाडु में “गजेन्द्र मोक्ष” से जुड़ा गजेन्द्र वर्धा पेरूमल मंदिर भी है। इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि एक बार हनुमान जी ने यहाँ भगवान विष्णु की उपासना की ताकि वो “गजेन्द्र मोक्ष” का दृश्य देख सकें। उनके यहाँ “गजेन्द्र मोक्ष” का दर्शन करने के कारण इस जगह को “कबीस्थलम” भी कहा जाता है। छठी से नौवीं शताब्दी के बीच के तमिल संतों ने “दिव्य प्रबंध” में इस मंदिर की काफी प्रशंसा की है। आजकल ये दूसरे कई मंदिरों की ही तरह, ‘सेक्युलर सरकार बहादुर’ के नियंत्रण में है, इसलिए इसकी अभी की दशा पर चर्चा जाने देते हैं। जुलाई-अगस्त के समय तमिल मास “आदि” चल रहा होता है और इसी समय इस मंदिर में कुछ विशेष अनुष्ठान भी होते हैं।

अब वापस अगर इन स्थलों से जुड़ी कहानी, यानी “गजेन्द्र मोक्ष” पर चलें तो ये कई जन्मों की कहानी है। जैसा कि गजेन्द्र नाम से ही जाहिर है, कथा में एक हाथी है। अपने पूर्व जन्म में ये हाथी, इंद्रदयुम्न नाम के एक विष्णु भक्त राजा थे। एक बार जब इनके दरबार में अगस्त्य ऋषि आए तो ये उनके स्वागत में उठकर खड़े नहीं हुए। इस पर क्रुद्ध ऋषि ने उन्हें शाप दे डाला कि अगर इतने भारी हो गए हो कि उठ भी नहीं सकते तो अगले जन्म में तुम हाथी के रूप में ही पैदा हो और फिर समझो कि शरीर का बोझ कैसा होता है। कहानी के दूसरे मुख्य किरदार मगरमच्छ भी पिछले जन्म में हुहू नाम के एक गंधर्व राजा थे। एक बार ऋषि देवल के साथ स्नान करते समय उन्हें ठिठोली सूझी।

जैसे ही ऋषि देवल नदी में स्नान करते समय सूर्य को जल अर्पण करने लगे, हुहू पानी के अन्दर घुसकर उनका पैर कुछ ऐसे खींचने लगे जैसे कोई मगरमच्छ हो! इससे क्रुद्ध देवल ऋषि ने उन्हें मगरमच्छ हो जाने का शाप दिया। काफी अनुनय विनय के बाद जब देवल ऋषि माने तो उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु आकर तुम्हें इस शाप से मुक्ति दिलाएंगे। शापों के मुताबिक, हाथी और मगरमच्छ अपना जीवन-यापन कर रहे होते हैं।

एक दिन जब हाथी पानी पीने आता है तो मगरमच्छ उसे दबोचकर पानी के अन्दर खींचने लगता है। हाथी अपने आप को छुड़ाने का खूब प्रयास करता है, मगर वो पानी में मगरमच्छ से जीत नहीं पाता। आख़िरकार वहीं के एक कमल के फूल को भगवान विष्णु को अर्पित करते हुए वो उनसे मदद मांगता है। इस वैष्णव कथा के मुताबिक भक्त की पुकार पर भगवान फ़ौरन दौड़े आते हैं और सुदर्शन चक्र चलाकर भक्त को बचाते हैं।

वैष्णव मान्यताओं में इस कहानी की प्रतीकों के रूप में मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि हाथी यहाँ जीव का स्वरूप है, मगरमच्छ उसके पाप और माया हैं, जिस नदी के कीचड़ जैसे स्थान में हाथी मगरमच्छ के जबड़े में फँसा है, वो कीचड़ संसार है। विकट परिस्थितियों में फँसे लोगों को अक्सर “गजेन्द्र मोक्ष” पढ़ने की सलाह दी जाती है।

शुक्लांबरधरं विष्णुं शशि वर्णं चतुर्भुजं ।
प्रसन्न वदनं ध्यायेत सर्व विघ्नोपशान्तये ।।

बाकी हालिया राजनीति में रूचि रखने वालों के लिए शायद लद्दाख का कश्मीरियत के जबड़े से छूटना कुछ ऐसा ही दृश्य उपस्थित करता होगा। जामयांग सृंग नामग्याल द्वारा लद्दाखी जनता की ओर से दिया गया आभार भी मिलता-जुलता लगता है। आप ये मान सकते हैं कि भगवान हैं, तो “भक्तों” की पुकार भी सुनते होंगे। कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों उचित नहीं समझा, ये भी एक बड़ा सवाल हो सकता है। मेरे विचार से धर्म को आम भारतीय लोगों की तरह राजनीति को दिशा-निर्देश करते रहना चाहिए।

दुर्गा पूजा पंडालों को कोई IT नोटिस नहीं, सिर्फ TDS के बारे में पूछा: TMC का प्रोपेगेंडा CBDT से ख़ारिज

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने किसी दुर्गा पूजा समिति को आयकर नोटिस भेजा ही नहीं। उन्होंने तो TDS काटे जाने की जानकारी भर माँगी थी।

दिसंबर, 2018 में भेजी थीं TDS नोटिसें

CBDT के अनुसार उसने केवल दिसंबर, 2018 में करीब 30 दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर यह पूछा था कि उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों के भुगतान में जो TDS काटा था, उसका क्या ब्यौरा है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में लगाए जा रहे दुर्गा पूजा समितियों को इनकम टैक्स नोटिस के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा समिति फ़ोरम को कोई नोटिस जारी ही नहीं हुआ है।

अपने कथन में आयकर विभाग की चोटी की संस्था ने कहा कि यह TDS नोटिसें कॉन्ट्रैक्टरों और इवेंट मैनेजरों के टैक्स भुगतान सुनिश्चित करने के लिए थीं। और बहुत सारी समितियों ने टीडीएस काटने और उसे सरकारी खजाने में जमा किए जाने का सबूत भी दिया

अब क्या कहेगी तृणमूल?

तृणमूल सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह दुर्गा पूजा समितियों जैसे स्थानीय संगठनों को भाजपा के लिए काम करने पर मजबूर करना चाहती है, इसीलिए उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है। उनका दावा था कि आयकर विभाग (IT विभाग) ने दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस भेज कर टैक्स देने के लिए कहा है।

‘भारत के पंजाबी सैनिको, कश्मीर में हो रहे जुल्म का हिस्सा ना बनो, ड्यूटी से इनकार कर दो’

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के मंत्री फवाद हुसैन के ट्वीट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए फटकार लगाई। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों से दूर रहने की सलाह दी है। पाकिस्तान के मंत्री ने पंजाबी में ट्वीट कर भारतीय सेना के पंजाबी जवानों को बगावत करने के लिए उकसाया था।

पाकिस्तान के मंत्री फवाद ने भारतीय सेना के सिख सैनिकों से अपील की थी कि वे कश्मीर में ड्यूटी से इनकार कर दें। इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फवाद को टैग करते हुए ट्वीट किया, “भारत के आंतरिक मामले में दखल देना बंद कर दो। मैं साफ कर दूँ कि भारतीय सेना एक अनुशासित और राष्ट्रवादी फोर्स है, यह तुम्हारी पाकिस्तानी सेना की तरह नहीं है। तुम्हारा भड़काऊ बयान काम नहीं करेगा और ना ही भारतीय सेना के जवान इस विभाजनकारी सलाह को कोई भाव देंगे।”

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर पाकिस्तान लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। इसी क्रम में आज उन्होंने भारतीय सेना में भी फुट डालने का प्रयास किया। इसी बात पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें सबक सिखाया है। मंगलवार को फवाद ने ट्वीट किया कि मैं भारतीय सेना में मौजूद पंजाबियों से अपील करता हूँ कि वे कश्मीर में हो रहे जुल्म का हिस्सा ना बनें और कश्मीर में ड्यूटी से इनकार कर दें।

जहीरुल शेख इंदौर से गिरफ्तार: JMB का यह आतंकी बर्दवान धमाके का है मुख्य आरोपित

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को बर्दवान धमाके के मुख्य आरोपी जहीरुल शेख को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी UNI के मुताबिक मंगलवार (13 अगस्त) को एक आधिकारिक कथन इस आशय से जारी किया गया है। कोलकाता स्थित NIA स्पेशल कोर्ट में उसे प्रस्तुत करने के लिए NIA ने इंदौर के न्यायिक मजिस्ट्रेट से उसकी ट्रांज़िट रिमांड हासिल की है।

बंगाल का ही रहने वाला

फ़रार चल रहा आरोपित शेख बंगाल के नादिया का रहने वाला है। 23 जुलाई, 2015 को उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। आरोप था भारत और बांग्लादेश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आतंक फ़ैलाने के लिए जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) की साज़िश में शामिल होने का। जहीरुल शेख के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं 120B, 121A, 122, 123, 307, 326, 286, और 34 के अलावा Explosive Substance Act की धाराओं 3, 4 और UA(P) Act की धाराओं 16, 18, 18A, 19, और 20 में चार्जशीट दायर की गई है

2014 का मामला

2014 में बर्दवान धमाके की जाँच करते हुए NIA ने भारी मात्रा में IEDs, विस्फोटक और ग्रेनेड बरामद किए थे। कुल 33 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। अपनी चार्जशीट में NIA ने दावा किया था कि जहीरुल शेख JMB के नादिया मॉड्यूल का वरिष्ठ नेता था। उसने JMB के कई ट्रेनिंग कैम्पों में हिस्सा लिया था, और उसकी गतिविधियों में भी सक्रिय था।

जाँच एजेंसी ने बर्दवान धमाके को भारत में JMB की बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया था। उसके मुताबिक भारत में लोगों को उग्रवाद की ओर मोड़ने, उनकी JMB में भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के मकसद से हो रहे इस ऑपरेशन का अंतिम ध्येय भारत और बांग्लादेश में आतंक फ़ैलाने और इन देशों की लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी गई सरकारों के खिलाफ जंग छेड़ना था।

पाक नेता रहमान मालिक ने पुराने वीडियो से J&K का माहौल बिगाड़ना चाहा, पुलिस ने फेल किया एजेंडा

जम्मू-कश्मीर मामले में पाकिस्तान फ्रस्ट्रेशन का शिकार हो रहा है। न ही उसका मुस्लिम ब्रदरहुड ‘उम्मा’ मदद के लिए आ रहा है, न ही अमेरिका या और कोई पश्चिमी देश- यहाँ तक कि चीन ने भी गच्चा दे दिया है। हिंदुस्तान से सीधी लड़ाई तो उसके औकात से ही बाहर की चीज़ है। इसीलिए अब पाकिस्तान फेक न्यूज़ फैला कर हिंदुस्तान के भीतर ही अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है।

इसी कोशिश में पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों के पूर्व मंत्री रहमान मलिक ने एक पुराने वीडियो के ज़रिए भारतीय सेना के खिलाफ प्रोपेगंडाबाज़ी करने की कोशिश की।

इस वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और संयुक्त राष्ट्र को टैग कर रहमान दावा कर रहे हैं कि भारतीय सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के गाँवों पर हमला करने के लिए गनशिप हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कथित ‘बहादुर कश्मीरियों’ की संचार ब्लैकआउट के दौरान भी वीडियो बना-बना कर भेजने के लिए तारीफ़ की है

राज्य पुलिस: ‘फेक न्यूज़; हमने ट्विटर को कर दिया है इत्तला’

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने रहमान मलिक के प्रोपेगंडा गुब्बारे में पिन चुभोते हुए खुलासा किया कि जो वीडियो वह बाँट रहे हैं, वह एक बम धमाके का पुराना वीडियो है, जिसे रहमान अभी का बता रहे हैं। साथ ही राज्य पुलिस ने ट्विटर को भी रहमान मलिक के उनके प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से फेक न्यूज़ फ़ैलाने की इत्तला दे दी है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक यह वीडियो 2018 का है, जब सुरक्षा बलों और जिहादियों के बीच चल रही फायरिंग की चपेट में आकर एक घर में आग लग गई थी, और 6 सिविलियन्स की जान चली गई थी। कुलगाम के उपर्युक्त घर में पड़े ज़िंदा बम में आग लगने से विस्फ़ोट हो गया था

https://www.youtube.com/watch?v=1SMxM_VtzmI

जब यह घटना हुई थी, उसी समय पुलिस ने लोगों को सर्च ऑपरेशन खत्म होने तक उस जगह से दूर रहने की हिदायत दी थी। लेकिन सिविलियन्स ने उनकी बात नहीं सुनी थी, और इलाके में घुस आए थे। लिहाजा जब आग से बम में धमाका हुआ तो कुछ लोग उसकी चपेट में आ गए थे।

कल भी झूठ फैलाने की हुई थी कोशिश

कल भी पाकिस्तानी पत्रकार-कम-प्रोपेगंडाबाज़ वजाहत एस खान ने ट्विटर पर झूठा प्रोपेगंडा फैलाने की कोशिश की थी कि कश्मीर पुलिस के मुस्लिम कर्मी ने CRPF जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस प्रोपेगंडा के खिलाफ न केवल कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने मीडिया से बात करते हुए इसे झूठा बताया, बल्कि CRPF के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इसका खंडन किया गया है।

यह पाकिस्तान और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा है, जिससे हिंदुस्तान में, और खासकर सुरक्षा बलों में, तनाव भड़का कर शांति भंग किया जा सके।

‘ठोक के बजा दूँगा यहीं’ – प्रियंका गाँधी के गुंडों ने दी ABP पत्रकार को धमकी

नेता और नेतागिरी के साथ एक अन्य शब्द अनायास ही ध्यान आ जाता है, वो है ‘गुंडागिर्दी’। सोशल मीडिया के दौर में नेता और उनके मैनेजर्स द्वारा पत्रकारों के साथ की जाने वे बद्तमीजी को छुपा पाना आसान नहीं है। ऐसा ही एक वीडियो ट्विटर के जरिए सामने आया है, जिसमें राहुल गाँधी की बहन प्रियंका वाड्रा गाँधी के मैनेजर्स ABP न्यूज़ के एक पत्रकार को धमकी देते हुए और हाथापाई करते हुए देखा जा रहा है।

यह वीडियो अचानक से ट्विटर पर शेयर किया जाने लगा और लोग प्रियंका गाँधी से सवाल पूछते हुए भी देखे जा रहे हैं। हर कोई इस वीडियो पर अपने तरह से प्रतिक्रियाएँ देते हुए देखे जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि लिबरल पत्रकार जिस डर की बात कर रहे थे, प्रियंका गाँधी के गुंडे बस यही समझा रहे हैं। वहीं कुछ यूज़र्स का मानना है कि पत्रकार को प्रियंका वाड्रा से सवाल नहीं करना चाहिए था क्योंकि उन्होंने मना कर दिया था।

‘ठोक के यहीं बजा दूँगा’

इस वीडियो में ABP पत्रकार प्रियंका गाँधी से अनुच्छेद 370 पर उनकी राय पूछते हैं जिस पर प्रियंका गाँधी के मैनेजर्स पत्रकार को धक्का देते हुए रोक रहे हैं और उन्हें प्रियंका गाँधी से सवाल पूछने से रोक रहे हैं।

मैनेजर: सुनो सुनो ठोक के यहीं बजा दूँगा। मारूँगा तो गिर जाओगे।
रिपोर्टर: प्रियंका जी देखिए कॉन्ग्रेस कार्यकर्त्ता द्वारा कैमरे पर धक्का मारा जा रहा है। संदीप आप मुझे बताओ, आपने मुझे मारने की धमकी दी। आप हाथ चलाओगे? संदीप जी आप मुझे धमकी दे रहे हो। आप मुझे ठोक के बजा दोगे?
मैनेजर (संदीप): तुम भाजपा से पैसा ले कर आए हो।
रिपोर्टर: सर आप बात सुनिए, हमारे कुछ सवाल हैं।
मैनेजर (संदीप): बीजेपी से पैसा लेकर हमें डिस्टर्ब मत करो।
रिपोर्टर: हमने डिस्टर्ब नहीं किया, हमने सिर्फ बात किया।

इसके बाद प्रियंका गाँधी के मैनेजर (संदीप) पत्रकार को अलग से समझाते हुए देखे जा रहे हैं कि उनको इस सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता है।