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कारगिल दिवस पर उमर-शेहला-महबूबा भूले ट्विटर पासवर्ड, ट्वीट करने वाली स्याही खत्म

सोशल मीडिया पर अक्सर हर दूसरी बात पर उपद्रव मचाने वाले लोगों के पास कारगिल विजय दिवस के बीस वर्ष पूरे होने पर शब्दों का अकाल दिख रहा है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जो ऐसे परिवारों से सम्बन्ध रखते हैं, जिन्होंने सालों कश्मीर पर राज किया।

कारगिल विजय दिवस पर अपने ट्विटर एकाउंट डिटेल्स भूल चुके इन चंद लोगों में उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती और शेहला रशीद प्रमुख ‘अभियुक्त’ हैं! इस सूची में कॉन्ग्रेस पार्टी के ‘संभावित अध्यक्ष’ राहुल गाँधी आते-आते रह गए, क्योंकि राहुल गाँधी के ट्विटर एकाउंट से कारगिल विजय दिवस पर कुछ देर पहले ही एक ट्वीट आया है।

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राहुल गाँधी पर जिम्मेदारियाँ ज्यादा हैं, इस कारण उनकी सुबह जरा देर से शुरू होती है। यह भी गौर करने लायक बात है कि कॉन्ग्रेस विजय दिवस मनाने से कतराती आई है, क्योंकि उसके अनुसार यह भाजपा की जीत है। यही वजह है कि UPA सरकार के ज़माने में 2004-2009 तक कारगिल दिवस नहीं मनाया जाता था। इसके बाद जब राहुल गाँधी का ट्वीट आया तो लोग उन्हें गुड मॉर्निंग कहना नहीं भूले।

(इसके बारे में आप विस्तृत रूप से इस लिंक पर पढ़ सकते हैं)

उमर अब्दुल्ला हों या फिर शेहला रशीद, सोशल मीडिया पर अफवाहों और मनगढ़ंत मुद्दों पर अपने प्रलापों की वजह से अक्सर चर्चा में बने रहने वाले इन सभी का कारगिल विजय की वर्षगाँठ पर सन्नाटे में चले जाना तो यही दर्शाता है कि इनकी खुशियाँ और प्राथमिकताएँ अन्य नागरिकों से भिन्न हैं। यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि कारगिल युद्ध के समय फारूख अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। आज, कारगिल विजय की 20वीं वर्षगाँठ पर वो किस मजबूरी में खामोश हो सकते हैं, यह शोध का विषय है।

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JNU की फ्रीलांस प्रोटेस्टर शेहला रशीद, जिन पर कठुआ रेप पीड़ितों के लिए जमा किए गए चंदे को अकेले डकार जाने के भी आरोप लगते आए हैं, पुलवामा आतंकी हमले के वक़्त अफवाह और उन्माद फैलाने के लिए पचहत्तर ट्वीट प्रति मिनट की रफ़्तार से ट्वीट करते हुए देखी गई थी। आज वही शेहला रशीद शायद किसी जरूरी मीटिंग या दैनिक जीवन की व्यस्तता के बीच कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सैनिकों के नाम 2 शब्द लिख पाने में भी असमर्थ रहीं।

इस जमात में शामिल लोग कुछ छुटपुट ट्वीट कर भी रहे हैं तो वो मात्र गोबर से गैस बनाने की ही प्रक्रिया है।

एक नजर कुछ चुनिंदा ऐसी हस्तियों पर जो आम तौर पर ट्विटर पर ‘सुई से लेकर सब्बल’ तक पर निबंध लिखते देखे जाते हैं, लेकिन कारगिल विजय दिवस समारोह के अवसर पर इनके कीबोर्ड की स्याही खत्म हो गई –

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माफी नहीं मॉंगी तो आजम खान पर होगी कार्रवाई, बचाव में बीवी बोली- उर्दू की मिठास से गलतफहमी

लोकसभा में गुरुवार (जुलाई 25, 2019) को सपा सांसद आज़म खान द्वारा भाजपा सांसद रमा देवी के ऊपर दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर सभी महिला सांसदों के तल्‍ख तेवर देखने को मिले हैं, इन सभी सांसदों ने एक सुर में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से एक्शन लेने की माँग की थी। इसे लेकर स्पीकर ने विपक्षी नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। इस बैठक में फैसला लिया गया कि आजम खान लोकसभा में माफी माँगे, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी तो वहीं आज़म खान की पत्नी तजीन फातिमा उनके बचाव में उतर आई हैं।

तजीन का कहना है कि आज़म खान को साजिश के तहत फँसाया जा रहा है। वो एक अच्छे वक्ता हैं। इसलिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है, ताकि वो संसद में ना बोल पाएँ। फातिमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं बोला है, जिसको लेकर उनके ऊपर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। उर्दू भाषा में ऐसी मिठास है, जिसकी वजह से ऐसा लग रहा है। तजीन का कहना है कि उन्हें जया प्रदा के मामले में भी फँसाया गया था, जिससे कि वो लोकसभा न पहुँच सकें और अभी भी विधानसभा उपचुनाव आ रहा है, जिसको लेकर उन्हें फँसाया जा रहा है।

महिला सांसद के ऊपर की गई टिप्पणी को केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण, टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती समेत अन्‍य सांसदों ने निंदनीय और शर्मनाक बताया है। स्‍मृति ईरानी ने तो आजम खान को पुरुष सांसदों पर धब्‍बा तक बता दिया है तो वहीं खुद शिवहर से भाजपा सांसद रमा देवी ने आजम खान के निलंबन की माँग की है।

रमा देवी ने सरकार और स्‍पीकर से कहा कि आजम खान सोमवार को बिना शर्त लोकसभा में माफी माँगे। अगर वे माफी नहीं मागते हैं तो उन्‍हें 5 साल के लिए निलंबित किया जाए। उन्‍होंने स्‍पीकर और सरकार के सामने ये माँग रखी है।

पाकिस्तान ने कहा 2022 तक स्पेस में भेजेंगे इंसान, लोग बोले- चंदा मामा दूर के

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी के एक ऐलान से सोशल मीडिया में पाकिस्तान का मजाक बन गया। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान 2022 में चीन की मदद से अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजेगा। इसके लिए चयन प्रक्रिया फरवरी 2020 से शुरू होगी।

असल में, पाकिस्तान के पास न तो कोई अंतरिक्ष प्रोग्राम है और न ही स्पेस स्ट्रक्चर। उसकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय है। इस सूरते हाल में चौधरी के दावे पर सवाल उठने ही थे और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें देर भी नहीं लगाई।

अपने मंत्री के इस ऐलान को पाकिस्तानियों ने भी गंभीरता से नहीं लिया। मीर मोहम्मद अली खान ने ट्वीट किया, “मैं कुछ लोगों को नामित करना चाहता हूँ। लेकिन, आपको मुझसे वादा करना होगा कि उन्हें वापस नहीं लाया जाएगा।”

चौधरी ने बताया कि अंतरिक्ष में भेजने के लिए 50 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद यह सूची 25 पर आएगी और 2022 में पाकिस्तान अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेज देगा। उनके मुताबिक यह क्षण पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा।

चौधरी की इस घोषणा के बाद ट्विटर पर हैशटैग पाकिस्तान ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और टीवी पत्रकार गुल बुख़ारी ने उनके ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा, ”क्या आप उपलब्धियाँ बता सकते हैं जो अंतरिक्ष में एक पाकिस्तानी को भेजने के लिए पैसे खर्च करेंगे? अब तक तो कोई वैज्ञानिक उपलब्धियाँ नहीं दिखी हैं।”

सलमान हैदर ने ट्वीट किया है, “हमारे पास स्वीमिंग पूल नहीं है इसलिए हम जंगल में डूबेंगे, लेकिन हम डूबेंगे।।”

ट्विटर यूज़र वहीद ने लिखा, “हमें इस तरह की चीज़ों की ज़रूरत नहीं है। लोग यहाँ भूख से मर रहे हैं और आप लोग पाकिस्तानी आवाम के पैसे को अपने ऐश-ओ-आराम के लिए उड़ा रहे हैं। सबसे पहले यहाँ ग़रीबी को दूर कीजिए उसके बाद अंतरिक्ष पर भेजने की बात कीजिए।”


बच्चा चोर समझ ग्रामीणों ने 3 कॉन्ग्रेस नेताओं को पीटा, 5 के खिलाफ FIR

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में घर लौट रहे तीन कॉन्ग्रेसी नेताओं को गाँव वालों ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। घटना बैतूल के शाहपुर थाना इलाके के शीतल झिरी गाँव की है। गुरुवार (जुलाई 25, 2019) की देर रात तीनों नेता एक समारोह में शामिल होकर कार से घर लौट रहे थे।

रास्ते में ग्राम नवल सिंग ढाना रोड पर झाड़ियाँ पड़ी हुई थी। बीच रास्ते झाड़ियाँ पड़ी देखकर तीनों नेता घबरा गए और अपनी कार वापस गाँव की तरफ ले जाने लगे। इसी बीच आस-पास छिपे ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक लाठी, पत्थरों से गाँव वालों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कार में बैठे तीनों नेताओं को बाहर निकाला और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

कॉन्ग्रेस नेता किसी तरह गाँववालों के चंगुल से छूटे और पुलिस से शिकायत की। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपक पाराशर घटनास्थल पर पहुँचे। तब तक ग्रामीण वहाँ से भाग चुके थे। जिन लोगों के साथ मारपीट हुई है, उनकी पहचान कॉन्ग्रेस जिला महामंत्री धर्मेंद्र शुक्ला, जनपद सदस्य धरमू सिंग लांजीवार और आदिवासी कोरकु समाज के तहसील अध्यक्ष ललित बारस्कर के रूप में हुई है। 5 के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

शाहपुर पुलिस ने पीड़ित धर्मेंद्र शुक्ला की शिकायत पर शीतल झिरी गाँव के 5 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों को बच्चा चोर की अफवाह पर ध्यान न देने और गाँव में संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तत्काल सूचना देने की हिदायत दी है।

आखिरकार लौट आए राहुल गाँधी, एक हफ्ते बाद सांत्वना देने पहुँचे शीला दीक्षित के घर

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को देह त्यागे एक हफ्ता बीत चुका है। लेकिन राहुल गाँधी को उनके परिवार से मिलकर सांत्वना देने का समय आज (जुलाई 26, 2019) मिला। दो हफ्तों से सबकी नजरों से गायब चल रहे राहुल गाँधी आज पूर्व मुख्यमंत्री के घर उनके बेटे संदीप दीक्षित से मिले।

वे न तो दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री की अंतिम विदाई में शामिल हुए और न ही उस समय दिखे जब शीला दीक्षित का शव AICC (ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी) के दफ्तर रखा गया। उनकी इस गैर-मौजूदगी ने कई लोगों के मन में सवाल खड़े किए।

मीडिया रिपोर्टों की माने तों शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें पुष्पांजलि देने के लिए राहुल गाँधी का नाम भी सूची में था। लेकिन वे वहाँ नहीं पहुँचे, जिस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं को काफ़ी ठेस पहुँची। इस दौरान राजनीति से जुड़े सभी बड़े नेता वहाँ मौजूद थे। जिनमें सोनिया गाँधी और प्रियंका वाड्रा का नाम भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को यही नहीं पता था कि आखिर राहुल हैं कहाँ? लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मानें तो राहुल आज सुबह ही विदेश से भारत लौंटे हैं। मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि वे अमेरिका में अपनी छुट्टियाँ मनाने गए थे।

गौरतलब है कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी उस समय अमेरिका में छुट्टी मनाने भारत से रवाना हुए थे जब कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस का गठबंधन को राजनैतिक संकट झेलना पड़ रहा था।

अलका लाम्बा ने ‘नपुं*क, घटिया, नीच’ कहकर जिसे दिया ‘ओपन चैलेंज’ वो निकला AAP कार्यकर्ता!

दिल्ली में आम आदमी पार्टी विधायक अलका लाम्बा और विवादों का सम्बन्ध बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन ट्विटर पर सक्रियता को लेकर लाम्बा सुर्ख़ियों में रहती हैं। कभी उन्हें मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व्हाट्एप्प ग्रुप से निकाल देते हैं तो कभी जोड़ देते हैं। आज एक नया प्रकरण अलका लाम्बा से जुड़ गया है।

अरविन्द केजरीवाल से नाराज चल रही अलका लाम्बा ने आज सुबह ट्वीट करते हुए एक नंबर पोस्ट कर लिखा-

“+91 99115 88225 अबे तू जो भी है, हिम्मत हो तो सामने आकर बात कर, नपुंसक-घटिया नीच आदमी- खुली चुनोती?”

आम आदमी पार्टी की विधायक ने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को भी टैग किया। अंदाजा लगाया जा रहा था कि कोई मनचला युवक लाम्बा को फोन कर के परेशान कर रहा है। लेकिन, एक यूजर ने जवाब देते हुए उस नंबर से जुड़ी हैरान करने वाली जानकारी दी।

@pokershash नाम के ट्विटर यूज़र ने अलका लाम्बा को जवाब देते हुए युवक की पहचान बताने का दावा किया है। युवक ने जवाब में लिखा है- “AAP ka hi banda hai. @arvindkrjiwal ?”

जवाब देने वाले यूज़र ने अलका लाम्बा द्वारा शेयर किए गए नंबर से जुड़े युवक की पहचान आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बताई है। हालाँकि, यह जानकारी सही है या नहीं ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता।

अलका लाम्बा के ट्वीट पर अन्य यूज़र्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं –

आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल से अलका लाम्बा की नाराजगी काफी लम्बे समय से चल रही है। हाल ही में उन्होंने केजरीवाल पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि केजरीवाल उनसे बदला लेने के लिए उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र में सीसीटीवी लगाने से रोक रहे हैं।

अलका लाम्बा ने ये आरोप ट्वीट के जरिए लगाए थे। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अब बदले की भावना से काम कर रहे हैं, जिसका खामियाजा चाँदनी चौक विधानसभा क्षेत्र की जनता को उठाना पड़ रहा है, मेरे द्वारा इलाके में लगवाए जा रहे CCTVs के काम को रुकवाकर AAP* यह कैसी राजनीति करने का उदाहरण पेश करना चाहती है?”

शायद आम आदमी पार्टी में चल रहे उनके आंतरिक मनमुटाव का ही नतीजा है कि वो सोशल मीडिया पर इस प्रकार लिखने को मजबूर हुई हैं।

बलिदानी सैनिकों को नमन कर CM पद की शपथ लेंगे येदियुरप्‍पा

कर्नाटक में बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। बीएस येदियुरप्पा आज (जुलाई 26, 2019) शाम 6 बजे राज्य में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्य में 3 दिन पहले ही कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरी है। नई सरकार के गठन के बाद तकरीबन 1 महीने से चला आ रहा सियासी संकट शांत होने की उम्मीद है। हालाँकि, बीजेपी को 31 जुलाई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा।

गुरुवार (जुलाई 25, 2019) को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने तीन बागी विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया। अयोग्य घोषित होने वालों में कॉन्ग्रेस के दो बागी विधायक रमेश जरकिहोली और महेश कुमथल्ली हैं, जबकि एक निर्दलीय विधायक आर शंकर शामिल हैं। कुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा कि तीनों विधायकों के इस्तीफे ‘‘स्वैच्छिक एवं स्वाभाविक नहीं हैं”। इसलिए उन्हें 2023 में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक तत्काल प्रभाव से दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिया जाता है। यानी कि 2023 तक विधायक विधानसभा का उपचुनाव भी नहीं लड़ पाएँगे।

फिलहाल स्पीकर ने 14 अन्य विधायकों के इस्तीफे पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वो इनके इस्तीफे पर फैसला लेंगे। गौरतलब है कि, 18 विधायकों के बागी रुख के बाद 23 जुलाई को कर्नाटक की कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार अल्पमत में आ गई थी। विधानसभा में एचडी कुमारस्वामी की सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई थी। संसद में कुमारस्वामी के पक्ष में 99 वोट पड़े थे, जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े थे। जिसके बाद कुमारस्वामी को मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था।   

रिक्शा खरीदने के लिए सास-ससुर ने नहीं दिए ₹40,000, बीवी को दिया तीन तलाक

गुजरात के सूरत में दहेज़ में 40,000 रुपए नहीं मिलने पर एक व्यक्ति ने अपनी बीवी को तीन तलाक़ दे दिया। पीड़ित मुस्लिम महिला के मुताबिक उसका पति रिक्शा खरीदने के लिए उसके मॉं-बाप से 40 हजार रुपए मॉंग रहा था। मॉं-बाप पैसे नहीं दे पाए तो पति ने उसे तीन तलाक दे दिया।

रिपोर्टों के मुताबिक पीड़िता को तलाक़ उस दिन दिया गया जिस दिन उसकी माँ को गुजरे 40 दिन पूरे हुए। महिला ने बताया कि परिवार के सामने ही पति ने उसे तीन तलाक दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पीएल चौधरी ने बताया कि पीड़िता ने चौक बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने बताया, “महिला के मुताबिक ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पति ने रिक्शा खरीदने के लिए 40 हजार रुपए दहेज में लाने को कहा था। पैसा नहीं मिलने पर पति ने जान से मारने की धमकी दी और तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया।”

तीन तलाक का यह मामला इस पर रोक से जुड़ा बिल लोकसभा में पास होने के अगले ही दिन सामने आया है। विपक्ष के विरोध के बावजूद गुरुवार (25 जुलाई) को लोकसभा में तीन तलाक़ बिल पास हुआ था। बिल के पक्ष में 303, जबकि विरोध में 82 वोट पड़े थे।

49 के लिबरल नाच पर 61 सेलेब्स का पलटवार: हिन्दुओं के पलायन पर चुप, अब कर रहे नौटंकी

मॉब लिंचिंग के बहाने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले कथित 49 बुद्धिजीवियों को 61 सेलेब्स ने खुला खत लिखकर खरी-खरी सुनाई है। इनलोगों ने पीएम को लिखे पत्र को ‘लिबरल्स’ की नौटंकी बताते हुए ‘सेलेक्टिव गुस्सा’ और गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश बताया है।

साथ ही हिन्दुओं के पलायन, जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी जैसी घटनाओं पर इनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठाया है। जवाबी पत्र लिखने वाली हस्तियों में अभिनेत्री कंगना रनौत, गीतकार प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर सोनल मानसिंह, फिल्मकार मधुर भंडारकर जैसे नामचीन लोग शामिल हैं।

जवाबी पत्र में 61 हस्तियों ने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री को खत लिखने वाले 49 लोगों से पूछा है कि वे तब क्यों चुप रहते हैं जब जय श्रीराम कहने पर लोगों को जेल में डाल दिया जाता है? जब जय श्रीराम बोलने के लिए मजबूर करने की झूठी शिकायत दर्ज करवाई जाती है? जब कैराना से हिंदू पलायन करते हैं? जब कश्मीरी पंडित घाटी से निकाल फेंके जाते हैं? जब मंदिरों को तोड़ा जाता है, जब पशु तस्कर किसानों और जवानों को मार देते हैं?

खुले पत्र में कथित 49 बुद्धिजीवियों को देश का ‘स्वयंभू गार्जियन’ बताते हुए उनकी मंशा पर सवाल उठाया गया है। कहा गया है कि पीएम को पत्र लिखने वाले नक्सली हमलों में आदिवासियों और गरीबों के मारे जाने पर चुप थे। टुकड़े-टुकड़े गैंग पर भी इनकी जुबान नहीं खुली थी।

पीएम को लिखे पत्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना ने कहा, “कुछ लोग अपनी हैसियत के इस्तेमाल भ्रम फ़ैलाने के लिए कर रहे हैं। लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस सरकार में ऐसी घटनाएं हो रही है। जबकि पहली बार चीजें सही दिशा में जा रही है। हम एक बड़े बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं। देश की बेहतरी के लिए चीजें बदलने से कुछ लोग झुंझलाहट में हैं। आम लोगों ने अपने नेताओं को चुना है। जो लोगों की इच्छा की अवहेलना करते हैं उनके मन में लोकतंत्र के लिए कोई सम्मान नहीं होता है। “

दो दिन पहले ही कुछ अभिनेता-अभिनेत्रियों-फिल्मकार- सामाजिक कार्यकर्ता- इतिहासकार समेत विभिन्न क्षेत्रों के 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था। इस पत्र में दलित व अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की माँग की गई थी। साथ ही कहा था, “अफसोस की बात है कि जय श्रीराम का इस्तेमाल आज उकसाने के लिए किया जा रहा है। यह युद्धोन्मादी और भड़काऊ नारा है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को राम के नाम पर डराया जा रहा है।”

‘जो ना बोले जय श्री राम, भेज दो उसको कब्रिस्तान’ के गायक वरुण बहार को पुलिस ने किया गिरफ्तार

‘जो ना बोले जय श्री राम, भेज दो उसको कब्रिस्तान’ गाने को लेकर मचे बवाल के बीच इसके गायक वरुण बहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने वरुण को शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले से गिरफ्तार किया है। इस गाने के जरिए वरुण का कहना था कि जो इंसान जय श्री राम का नाम नहीं ले सकता, उसे कब्रिस्तान भेज देना चाहिए। पुलिस ने बताया कि वरुण बहार को सोशल मीडिया पर अश्लील और भड़काऊ गाने अपलोड करने के आरोप में मनकापुर के बंदराह गाँव से 3 बजे गिरफ्तार किया गया।

खबर के मुताबिक, वरुण के खिलाफ कई और उत्तेजक और उकसाने वाले गानों के लिए एफआईआर दर्ज की गईं हैं। वहीं, जय श्री राम वाले इस विवादित गाने से सोशल मीडिया पर तूफान लाने वाले सिंगर वरुण बहार का कहना है कि राम उनके खून में हैं। वह मरते दम तक जय श्रीराम बोलते रहेंगे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि गाने के इस कदर वायरल होने से मामला तूल पकड़ लेगा और उन्हें देश-विदेश से धमकियाँ मिलने लगेंगी। इस कारण उन्हें वीडियो में दर्ज अपने दोनों मोबाइल नंबर पिछले तीन दिनों से बंद करने पड़े।

गौरतलब है कि, वरुण बहार के गाने को ट्विटर यूजर प्रशांत कनौजिया ने ट्वीट करते हुए सिंगर को डिजिटल टेररिस्ट बताया था। सीएम योगी पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले प्रशांत कनौजिया ने ट्वीट में लिखा था, “भारत एकमात्र देश है जहाँ आतंकवादी अपना म्यूजिक वीडियो बनाते हैं और यूट्यूब पर चलाते हैं। इस मामले में तालिबान और आईएसआईएस भी इस तकनीक तक नहीं पहुँच पाए हैं। डिजिटल इंडिया के साथ डिजिटल आतंकवाद…”। वीडियो के वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति व्यक्त की थी, तो वहीं कुछ लोगों को इस गाने में कोई बुराई नज़र नहीं आई थी।