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AMU: अपराधियों को हॉस्टल से निकालने के लिए मॉंगे जवान, हमजा और हुफैजा को जेल

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने छात्रावासों में जमे अपराधियों की धर-पकड़ के लिए जिला प्रशासन से पुलिस बल मुहैया कराने को कहा है। बुधवार शाम हुए हंगामे को देखते हुए परिसर के भीतर आरएएफ तैनाती की भी मॉंग की गई है।

अलीगढ़ के पुलिस अधीक्षक (सिटी) अभिषेक के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया है कि बवाल काटने, सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुॅंचाने और वीसी की गाड़ी रोकने के मामले में गुरुवार को 4 छात्रों को गिरफ्तार किया गया। इनमें छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, पूर्व सचिव हुफैजा आमिर, पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सूफियान और मोइनुद्दीन शामिल हैं।

आमिर और सुफियान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आमिर पहले से ही निलंबित है जबकि सूफियान को विश्वविद्यालय ने पॉंच साल के लिए निष्कासित कर रखा है। एसटीएस स्कूल के दस छात्रों को भी प्रशासनिक ब्लॉक में हंगामा करने पर निलंबित किया गया है।

छात्रों की धमकी के मद्देनजर वीसी तारिक़ मंसूर ने अलीगढ़ के डीएम सीबी सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि हालात को बेकाबू होने से रोकने लिए यूनिवर्सिटी में पुलिस बल की तैनाती की जाए। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद ने भी छात्रावासों में सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर पुलिस बल मुहैया कराने का कहा है। पत्र में कहा गया है कि इससे हॉस्टल में छिपे अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक ब्लॉक में बुधवार शाम को हुए हंगामे का हवाला देते हुए रजिस्ट्रार ने कहा है कि छात्रों का इरादा वीसी पर हमला करना था। लेकिन, वे उस वक्त अपने दफ्तर में नहीं थे। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार शाम को हंगामा करने वाले कुछ छात्र हथियारबंद भी थे।

13 वर्ष की लड़की के गैंग-रेप के दोषी 16-वर्षीय किशोर को 20 वर्ष की सजा

झारखंड की एक स्थानीय अदालत ने पिछले साल सिमडेगा जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में एक किशोर को 20 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित नाबालिग को दोषी करार देते हुए 20 साल की जेल एवं 5,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।

अतिरिक्त सरकारी वकील (APP) सुभाष प्रसाद ने कहा कि इस जघन्य अपराध के मामले को जिला अदालतों में शिफ्ट किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि चूँकि आरोपित नाबालिग है, इसलिए फिलहाल उसे जेल में न रखकर 21 साल की आयु तक सुरक्षा गृह में रखा जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि अदालत ने फैसला सुनाने के बाद निर्देश देते हुए कहा कि आरोपित नाबालिग को सुरक्षित जगह पर रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुरक्षा गृह के अधिकारियों से कहा कि उसके आचरण में सुधार के लिए उसे शिक्षा एवं कौशल विकास से संबंधित साधन भी उपलब्ध कराया जाए और उसके आचरण एवं व्यवहार पर नज़र रखते हुए रिपोर्ट पेश करें, ताकि 21 वर्ष पूरा होने के बाद पुन: सुनवाई के लिए समीक्षा की जा सके।

गौरतलब है कि, 31 मार्च, 2018 को, एक 13 वर्षीय लड़की अंडे खरीदने गई थी, इसी दौरान नाबालिग लड़के ने उसे अपनी मोटरसाइकिल से केलाघाघ डैम के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपने एक अन्य दोस्त अमृत कुमार प्रसाद को बुलाया और उसने भी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी और थाना में मामला दर्ज कराया। बता दें कि, अमृत बालिग है और एडीजे अदालत पहले ही उसे 20 वर्ष की कारावास की सजा सुना चुकी है।

अजमल बना ‘अजय’, MBA हिन्दू लड़की को फँसाया: ज़बरन निकाह के बाद भाई के साथ किया गैंगरेप, 5 गिरफ़्तार

आए दिन लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच एक मामला नवी मुंबई का सामने आया है, जहाँ एक एमबीए पास हिन्दू लड़की को मुस्लिम लड़के ने अपने प्रेम जाल में फँसाया। दरअसल, हेयर ड्रेसर अज्जू उर्फ़ अजय ने पहले तो लड़की से हिन्दू बनकर जान-पहचान बढ़ाई और फिर उसे अपने प्रेम जाल में फँसाकर बांद्रा कोर्ट में ले जाकर उससे ज़बरन निकाह किया। ख़बर यह है कि लड़की की मुँह दिखाई के मौक़े पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। 

ख़बर के अनुसार, वाशी पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लड़की के मुस्लिम पति, उसके दो भाई और एक दोस्त को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए आरोपितों की पहचान अजमल रईस ख़ान, अफ़सर रईस ख़ान, शानू इतखार ख़ान और मक़सूद रफ़ीक अहमद के रूप में हुई है।

फर्जी नाम बताकर बढ़ाई थी जान-पहचान

आरोपित आरोपी अजमल खान वाशी स्थित शॉपिंग मॉल में यूनिसेक्स सैलून में हेयर ड्रेसर के रूप में का काम करता था। ख़ुद का बिज़नेस करने वाली एमबीए पास हिन्दू लड़की से उसकी मुलाक़ात एक वर्ष पहले हुई थी। यह जान-पहचान उस दौरान हुई जब वो लड़की सैलून में हेयर ड्रेसिंग करवाने आती थी। लड़की से मुलाक़ात के वक़्त उसने अपना हिन्दू नाम अज्जू उर्फ़ अजय बताया था।

अजमल के प्यार में लड़की इस हद तक आगे बढ़ चुकी थी कि उसने अजमल को बिज़नेस करने के लिए लाखों रुपए तक दे दिए। कुछ समय बीतने के बाद अजमल ने लड़की पर शादी का दवाब बनाया। इसके लिए वो उसे चुपचाप 15 मई को बांद्रा कोर्ट ले गया। जहाँ पहली बार लड़की को ‘अज्जू’ के मुस्लिम होने का पता चला।

पीड़िता के अनुसार, अजमल ने उससे रजिस्टर्ड मैरिज न करके साज़िश के तहत एक मौलवी से निकाह पढ़वा दिया। इस निकाह के कुछ दिनों तक तो सही रहा लेकिन, कुछ दिन बाद ही वह पीड़िता से 15 लाख रुपए की माँग करने लगा।

इस मामले में ससुराल पक्ष द्वारा शोषण किए जाने की बात भी सामने आई है। उसे (लड़की को) मामूली बातों पर मारा-पीटा जाता और तरह-तरह की यातनाएँ दी जाती। लव जिहाद में फँसाकर अजमल ने लड़की को चारदिवारी के अंदर बंद कर दिया, उसका बाहर आना-जाना सब बंद कर दिया गया। उसे खाना देना तक बंद कर दिया। लड़की को डरा कर रखा गया, जिससे वो कभी किसी के आगे अपना मुँह न खोल सके।

मुँह दिखाई पर भाई और दोस्तों के साथ मिलकर किया सामूहिक दुष्कर्म

पीड़िता का आरोप है कि मुँह दिखाई की रस्म पर उसका सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसकी साज़िश अजमल ने ख़ुद रची, जिसमें उसके भाई और दोस्त भी शामिल थे। उन्होंने कोल्डड्रिंक में नशे की दवा मिलाकर लड़की को पिलाई, जिसके बाद उसके साथ बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

पुलिस ने शिकायत से छुपाई लव-जिहाद की बात

पीड़िता ने आख़िरकार पुलिस में शिक़ायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ़्तार कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस मामले पर पीड़िता ने पुलिस के ख़िलाफ़ भी कुछ बातें कही। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने उसकी शिक़ायत में से लव-जिहाद की बात निकाल दी थी। इससे नाराज़ पीड़िता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पुलिस महासंचालक से लिखित रूप में शिक़ायत की।

तमिलनाडु: होटल ने नॉनवेज डिश का रखा ब्राह्मण नाम, विरोध होने पर माँगी माफी

तमिलनाडु के मदुरई स्थित एक होटल को चिकन डिश का नाम रखना इतना महँगा पड़ गया कि उन्हें उसके लिए ब्राह्मण समुदाय से माफ़ी माँगनी पड़ी। दरअसल, मिलागु नाम के होटल ने अपनी चिकन डिश का नाम ‘कुंबाकोनम अय्यर चिकन’ रखा था, जो ब्राह्मण समुदाय के लोगों को अखर गया।

जानकारी के मुताबिक ब्राह्मण समुदाय को इस बात से आपत्ति थी क्योंकि ‘कुंबाकोनम अय्यर’ एक ब्राह्मण जाति है और उसका प्रयोग एक नॉनवेज डिश के साथ किया जा रहा है।

अपना विरोध दर्ज करने के लिए ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने होटल के अधिकारियों से मिलकर बात की और डिश के नाम पर आपत्ति जताई। जिसके बाद होटल ने अपनी गलती मानी और इस पर माफ़ी माँगते हुए होटल की ओर से बयान जारी किया कि वे इस डिश का नाम बदल देंगे।

होटल मिलागु ने लिखा, “ब्राह्मण समुदाय के प्रतिनिधी हमसे मिले और ‘कुंबाकोनम अय्यर चिकन’ के नाम को लेकर गंभीर मुद्दा उठाया। हम उनसे माफ़ी माँगते हैं।”

होटल अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे इसके बाद सोशल मीडिया पर मौजूद विज्ञापनों को हटा लेंगे और साथ ही नाम को भी डिश से अलग करेंगे।

राम जन्मभूमि: मध्यस्थता से नहीं बनी बात, 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई

अयोध्या मामले को मध्यस्थता से सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की कोशिश नाकाम साबित हुई है। अब इस मामले की 6 अगस्त से शीर्ष अदालत में रोज सुनवाई होगी।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, “मध्यस्थता पैनल किसी सुलह या समझौता तक पहुॅंचने में असफल रहा है। इस मामले की रोजाना सुनवाई छह अगस्त से शुरू होगी।”

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने दशको पुराने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का आपसी सहमति से निपटारे का रास्ता खोजने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एफएमआई कलीफुल्लाह की अध्यक्षता में मध्यस्थता पैनल का गठन किया था। इसमें आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू शामिल थे। पैनल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।

मई में अदालत ने पैनल को अतिरिक्त समय देते हुए 15 अगस्त तक समाधान सुझाने को कहा था। इसके बाद जस्टिस कलीफुल्ला ने मध्यस्थता प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए और समय की मॉंग की थी। शीर्ष अदालत ने मध्यस्थता प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए इसकी रिपोर्टिंग पर रोक लगा दी थी।

अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो: कोर्ट ने दिया आदेश, कमिश्नर ने FIR से किया था इनकार

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन औवैसी के छोटे भाई के खिलाफ कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन औवैसी ने 23 जुलाई को नफरत फैलाने वाला बयान दिया था। अब इस मामले में करीमनगर कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

दरअसल, करीमनगर के पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन ने अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि ओवैसी के भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं था। जिसके बाद भाजपा के एक वकील ने करीमनगर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर सुनवाई करते हुए करीमनगर कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने सारे दस्तावेज देखने के बाद शहर के तीनों पुलिस स्टेशनों को छोटे ओवैसी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी और धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा है।

वहीं, भाजपा नेता और प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी कमलासन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराएगी।

गौरतलब है कि करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उनके 15 मिनट वाले बयान से अभी भी काफी लोग दहशत में हैं। साथ ही उसने मॉब लिंचिंग पर समुदाय विशेष को शेर बनने की सलाह देते हुए कहा कि दुनिया उसी को डराती है, जो डरता है और दुनिया उसी से डरती है, जो डराना जानता है। उसने वहाँ उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें आरएसएस, बजरंग दल और बीजेपी से डरने की जरूरत नहीं है। इस दौरान उसने 2013 में दिए गए 15 मिनट वाले बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।”

SC ने केजरीवाल को लगाई फटकार: केंद्र पर अखबारों में विज्ञापन न छपने देने का लगाया था आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल की सरकार को फटकार लगाई है। दरअसल, दिल्ली सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय कमेटी उनके विज्ञापनों को अखबारों में छपने नहीं दे रही है। राज्य सरकार के वकील का कहना है कि उनके विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि केंद्रीय कमेटी ऐसा करने की इजाजत नहीं दे रही है।

इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हम रोज अखबारों में दिल्ली सरकार के विज्ञापन देखते हैं, ऐसे में ये विज्ञापन कहाँ रुक रहे हैं?” केजरीवाल सरकार ने इस याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की थी, मगर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए इस पर जल्द सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है।

बता दें कि, केजरीवाल सरकार ने चुनाव से कुछ महीने पहले 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने की घोषणा कर एक बड़ा दाँव खेला है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर कोई 200 यूनिट तक बिजली खर्च करता है, तो उसे बिल देने की जरूरत नहीं है। केजरीवाल सरकार ने 20000 लीटर तक पानी मुफ्त करने के साथ ही अब बिजली के दाम भी आधे कर दिए हैं।

कश्मीर में आतंकी पैदा करने वाले राजनीतिक दल अब कर रहे गोला-बारूद की बात: राम माधव

कश्मीर में आतंकवाद के लिए भाजपा महासचिव राम माधव ने वहॉं के कुछ राजनीतिक दलों और हुर्रियत तथा जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। इन पर नकेल कसने की जरूरत पर जोर देते हुए
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ऐसा कर रही है। वे श्रीनगर से सटे बलहामा में गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

राम माधव ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के दो कारण हैं। पहला, यहॉं के राजनीतिक दलों की तुच्छ राजनीति जो अपने फायदे के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर आतंकियों का समर्थन करते हैं और अब गोला-बारूद की बात करने लगे हैं। इनमें हुर्रियत और जमात जैसे गैर राजनीतिक संगठन भी हैं जो आतंकियों को पैसे और अन्य तरीके से मदद करते हैं।

दूसरा कारण, केन्द्र सरकार द्वारा भेजे जाने वाले पैसों का इस्तेमाल राज्य के नागरिकों के फायदे के लिए नहीं होना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र हर साल कश्मीर को हजारों करोड़ रुपए भेजता है। लेकिन, यह पैसा जरूरतमंदों तक नहीं पहुॅंचता। राज्य के राजनीतिक परिवार सारा पैसा हजम कर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में भ्रष्टाचार बीते तीन दशक में चरम पर पहुॅंच गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ाई से पेश आ रही। राम माधव ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि सीमा पार से आतंकी घुसपैठ करते हैं। लेकिन स्थानीय आतंकी भी हैं। इनको दहशतगर्द बनाने वाले नेता जो अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करते हैं, अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेज देते हैं।”

उन्होंने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा बल अब तक के सबसे सफल तरीके से आतंकियों से निपट रहे हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए, मोदी सरकार आतंकियों के हमदर्द पर भी कार्रवाई कर रही है।

आतंकवाद के खिलाफ नया UAPA संशोधन बिल, 2019 राज्यसभा में पास: अब शख्स भी घोषित हो सकेगा आतंकी

विपक्ष के कड़े विरोध के बाद भी शुक्रवार अगस्त 02, 2019 को राज्यसभा में UAPA, विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) बिल पास हो चुका है। बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस बिल के दुरुपयोग की बात गलत है। इस बिल के अंतर्गत NIA को ज्यादा अधिकार देकर संगठन के साथ-साथ किसी व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने जैसे अधिकार दिए गए हैं। UAPA बिल के मुताबिक जिस व्यक्ति को आतंकी घोषित किया जाएगा, उसकी संपत्ति जब्त करने और यात्राएँ करने पर रोक जैसी कार्रवाई की जा सकेगी।

राज्यसभा में आज विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) (UAPA) (Unlawful Activities (Prevention) Act) संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। इस बिल में आतंक से संबंध होने पर संगठन के अलावा किसी शख्स को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल है।

इसके साथ ही NIA की शक्तियाँ बढ़ाने को लेकर शाह ने कहा कि जब आतंकवाद दोगुनी ताकत के साथ बढ़ रहा है तो हमें सुरक्षा एजेंसियों और जाँच एजेंसियों की ताकत 4 गुना बढ़ानी होगी। 

इस बिल को पहले ही लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है। उच्च सदन में 58 पुराने कानूनों को खत्म करने संबंधी बिल पर विचार होगा, साथ ही मजदूरी संहिता बिल भी सदन के एजेंडे में शामिल है। लोकसभा के एजेंडे में जलियावाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन बिल समेत 3 बिल शामिल हैं। संसद में आज गैर सरकारी कामकाज नहीं होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा, जब हम विपक्ष में थे, तो हमने पिछले UAPA संशोधनों का समर्थन किया था, चाहे वो 2004 या 2008 या फिर 2013 की बात हो। जैसा कि हम मानते हैं कि सभी को आतंक के खिलाफ कड़े कदमों का समर्थन करना चाहिए। हम यह भी मानते हैं कि आतंक का कोई धर्म नहीं है, यह मानवता के खिलाफ है, किसी विशेष सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।

वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने UAPA बिल पर कहा कि राज्य के DG के अधिकार नहीं छीने जा रहे हैं और जब NIA जाँच शुरू करेगी तो राज्य पुलिस को जानकारी दी जाएगी। एनआईए की जाँच के दौरान राज्य पुलिस से संपत्ति जब्त करने की इजाजत लेना ठीक नहीं है क्योंकि जाँच की बारीक जानकारी तो NIA के पास ही है।

कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून का गलत इस्तेमाल करेगी, जिस पर शाह ने कहा- “कॉन्ग्रेस आपातकाल याद कर ले, कानून के दुरुपयोग का इतिहास कॉन्ग्रेस का है। एक धर्म को आंतकवाद से जोड़ा गया था।” अमित शाह ने कहा, “जिहादी किस्म के केसों में 109 मामले, वामपंथी उग्रवाद के 27, नार्थ ईस्ट में अलग-अलग हत्यारी ग्रुपों के खिलाफ 47  ,खालिस्तानवादी ग्रुपों पर 14 मामले रजिस्टर्ड किए गए।”

गृह मंत्री के जवाब के बाद चिदंबरम ने कहा कि हम सभी प्रावधानों के खिलाफ नहीं है सिर्फ 2 पर हमारी आपत्ति है। उन्होंने कहा कि पहला आप किसी स्टेज पर किसी को आतंकी घोषित करेंगे, यह बताएँ। अमित शाह ने कहा कि हालात काफी जटिल हैं और इस पर सब कुछ साफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सघन पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद ही ऐसा किया जाएगा। लेकिन अगर कोई विदेश में है और हमारे साथ बातचीत नहीं कर रहा है तो उसे किया जाएगा। 

6 बच्चों की माँ ने खर्चे के लिए माँगे पैसे तो शौहर ने दिया तीन तलाक: बच्चों सहित घर से भी निकाला

ट्रिपल तलाक बिल अब कानून बन चुका है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अब भी तीन तलाक के मामले खत्म नहीं हो रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के शहर हापुड़ से सामने आया है। जिले में एक शौहर ने अपनी बीबी को घर खर्च के लिए रुपए माँगने पर तीन तलाक देकर 6 बच्चों के साथ घर से निकाल दिया। इसके बाद इंसाफ के लिए भटक रही पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत कर कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने का आदेश दे दिया।

हापुड़ के एसपी यशवीर सिंह ने कहा कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता सीमा ने बताया कि जनपद मेरठ के किठोर के साजिद के साथ उसका निकाह 14 साल पहले हुआ था। साजिद का ये दूसरा निकाह है। पहली बीबी की मौत के बाद साजिद ने पीड़ित महिला के साथ दूसरी शादी की थी। साजिद की पहली शादी से 6 बच्चे थे, जिनका पालन पोषण भी पीड़िता ने की।

सीमा के भी 6 बच्चे हैं और जब उसने इन बच्चों की परवरिश के लिए साजिद से पैसे माँगे, तो उसने पीड़िता के भाई साबिर के सामने ही तीन तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। इससे पहले भी साजिद पीड़िता के साथ मारपीट करता रहता था।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद ट्रिपल तलाक बिल आखिरकार ट्रिपल तलाक कानून बन गया है और मु्स्लिम महिलाओं को तीन तालक जैसे कुप्रथा से आजादी मिल गई है। यह कानून तीन तलाक को अपराध बनाता है।