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निकाह हलाला और बहुविवाह के ख़िलाफ़ दाखिल याचिका पर जल्द सुनवाई करने से SC ने किया इनकार

भाजपा नेता एवं वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा निकाह हलाला और बहुविवाह के ख़िलाफ़ जल्द सुनवाई के लिए दायर की गई याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में माँग की गई थी कि इस मसले को जल्द से जल्द सुना जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

आजतक की खबर के अनुसार अदालत की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले पर जल्द सुनवाई नहीं हो सकती है और न ही अभी संविधान पीठ के गठन की गुँजाइश है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय में इससे पहले इस मामले में चार याचिकाएँ दायर हो चुकी हैं। नफीसा खान सहित भाजपा और अन्य हिंदू संगठन भी न्यायालय में इन प्रथाओं पर रोक लगाने व इन्हें असंवैधानिक करार देने की माँग कर चुके हैं

जानकारी के अनुसार नफीसा द्वारा दायर याचिका में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि आईपीसी की सभी धाराएँ नागरिकों पर बराबरी से लागू होनी चाहिए। उनका कहना था कि आईपीसी की धारा 498ए के तहत तीन तलाक क्रूर माना जाता है, और धारा 494 के तहत बहुविवाह एक अपराध माना जाता है। ऐसे में इन प्रथाओं पर रोक लगाई जानी चाहिए।

जबकि अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि बहुविवाह और हलाला अनुच्छेद-14 (विधि के समक्ष समानता), 15 (धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक) और 21 (जीवन जीने का अधिकार) तथा लोक व्यवस्था, नैतिकता एवं स्वास्थ्य के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों के लिए नुकसानदेह है। इसलिए इन प्रथाओं पर रोक लगानी चाहिए।

मदरसे से हथियार मिलने पर बोला मौलवी- रामनवमी पर जब तलवारें लहराई जाती है तो कुछ नहीं बोलते

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक मदरसे से बुधवार (जुलाई 10,2019) को अवैध हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। इसका बचाव करते हुए एक मौलवी ने हिन्दू त्योहार का हवाला देते हुए कहा है कि जब रामनवमी पर तलवारें लहराई जाती हैं, तब तो कुछ नहीं होता।

टाइम्स नॉउ से बातचीत के दौरान मौलवी रशीदी ने कहा, “देखिए होता क्या है कि मुस्लिम बच्चे पकड़े जाते हैं तो पुलिस या एनआईए उन्हें प्रेस के सामने लाकर सीधा आतंकवादी घोषित कर देती है। ऐसे ही मदरसे वाला केस है, जहाँ फौरन कह दिया गया कि यहाँ हथियार मिले हैं। ठीक है अगर मिले भी, तो यह जाँच का मसला है। हथियार कैसे मिले? कहाँ से मिले? हथियार कैसे आए? यह सब पता किया जाना चाहिए। हो सकता है जाँच में यह निकले कि ये लाइसेंसी बंदूक थे। लेकिन मैं ये जानना चाहता हूँ कि जब रामनवमी पर बंदूकें लहराई जाती हैं तो उस वक्त क्यों कुछ नहीं बोला जाता? वो भी अवैध हथियार हैं।

गौरतलब है जिस मदरसे के बचाव में मौलवी रशीद उतरे हैं वहाँ से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। साथ ही मदरसे के बाहर से पुलिस को स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी मिली थी जिस पर ‘शिवसेना’ लिखा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने मदरसा संचालक मुहम्मद साजिद समेत 6 आरोपितों को पकड़ा था। बताया जाता है कि हिकमत (इलाज) की आड़ में मदरसे से हथियारों की सप्लाई की जाती थी।

छापेमारी के दौरान मदरसे से 36 बोर का एक पिस्टल व आठ कारतूस, 315 बोर के तीन तमंचे व 32 कारतूस, 32 बोर का एक रिवॉल्वर व 16 कारतूस बरामद हुए थे।

तमंचे पर डिस्को वायरल Video का असर: निलंबित MLA प्रणव सिंह चैम्पियन अब हुए BJP से निष्कासित

भाजपा से निलंबित चल रहे उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी ने अब बाहर का रास्ता दिखा दिया है। विधायक प्रणव चैंपियन का बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो शराब के नशे में धुत होकर बंदूक लहराते हुए डांस कर रहे थे। 

इस दौरान वो उत्तराखंड को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहे थे। जिसके बाद बुधवार (जुलाई 10, 2019) को प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के पार्टी प्रमुख अजय भट्ट को प्रणव के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था और शाह के निर्देश के बाद प्रणव को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही उनसे 10 दिन के अंदर जवाब भी माँगा गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने चैंपियन के पार्टी से निष्कासन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालिया वायरल वीडियो में उन्होंने जिस तरह की हरकतें की हैं, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनकी इन्हीं हरकतों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व से उनके निष्कासन की सिफारिश की गई थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को प्रदेश भाजपा की ओर से चैंपियन को बर्खास्तगी का नोटिस भी भेजा गया था।

प्रणव सिंह चैम्पियन ने वायरल वीडियो पर कहा था कि गाली देने और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने कि लिए वो माफी चाहते हैं। उनका कहना है कि वो उस वक्त शराब पिए हुए थे, इसलिए नशे में थे और नशे में ऐसा हो जाता है। साथ ही विधायक का यह भी कहना है कि ये वीडियो एडिट किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी माँ की तरह है और माँ उन्हें माफ कर देगी। हालाँकि, बीजेपी विधायक के इस ट्वीट का पार्टी पर कोई असर नहीं हुआ और उन्‍हें निष्‍कासित कर दिया गया।

गौरतलब है कि, यह पहला मामला नहीं है, जब चैंपियन सुर्खियों में आए हों। इससे पहले एक पत्रकार को धमकाते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर भी उनकी काफी आलोचना हुई थी। भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता का मामला मानते हुए चैंपियन को पार्टी से तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया था।

15 साल की लड़की को वेश्यावृति में धकेला, 5 ने किया गैंगरेप: सबीना, मुबीना और निशा गिरफ्तार

एक नाबालिग लड़की। उम्र – 15 साल। एक महिला ने न सिर्फ इस नाबालिग को अपने घर में बंधक बनाकर रखा बल्कि सामूहिक बलात्कार भी करवाया। यह नाबालिग किसी तरह बचते-बचाते गुरुवार (12 जुलाई 2019) को वहाँ से भागने में सफल हुई और अपने घर वापस आई। यह घटना चेन्नई के पुरसावलम की है।

ख़बर के अनुसार, नाबालिग लड़की को तीन महिलाओं द्वारा जबरन सेक्स रैकेट में शामिल किया गया। पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिक़ायत पर कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया है। तीनों आरोपितों की पहचान मुबीना बेगम (37 साल), निशा (36 साल) और सबीना (31 साल) के रूप में की गई है।

मीडिया में आई ख़बर के मुताबिक़, सबीना और मुबीना बेगम ने नौकरी का झाँसा देकर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाया और अपने साथ ले गई। फिर निशा ने उसे अपने घर में नज़रबंद कर दिया और उसे ज़बरदस्ती वेश्यावृति में धकेल दिया।

पीड़िता अपनी माँ और दादी के साथ पुलियानथोप में रहती है। नाबालिग की माँ एक दिहाड़ी मजदूर हैं। 3 जुलाई को नाबालिग लड़की और उसकी दादी के बीच में किसी बात को लेकर बहस हो गई थी, इसके बाद लड़की ने गुस्से में अपना घर छोड़ दिया। बच्ची के घर वापस न आने पर 6 जुलाई को उसकी माँ ने पुलियानथोप पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलियानथोप पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि लड़की कुछ समय से एक आरोपित सबीना को जानती थी और अपना घर छोड़ने के बाद वो उससे मिलने (3 जुलाई) उसके घर गई थी। बाद में दोनों की मुलाकात सबीना की पड़ोसी मुबीना से हुई थी, जिसने लड़की को नौकरी दिलाने का झाँसा दिया। इसके बाद सबीना और मुबीना दोनों उस लड़की को निशा के घर ले गए, जहाँ उसे एक कमरे में बंद कर दिया।

अगले कुछ दिनों में, पाँच लोग कथित तौर पर उस कमरे में आए और उसके साथ बलात्कार किया। इस बात की पुष्टि एक पुलिस अधिकारी ने की। उन्होंने बताया, “वह कमरे से भागने में कामयाब रही और सोमवार को अपने घर पहुँच गई।”

पुलिस ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि तीनों महिला आरोपितों के ख़िलाफ़ पहले से ही वेश्यावृत्ति के मामले लंबित हैं।

पुलियानथोप पुलिस स्टेशन की सभी महिला टीम ने उन पाँच पुरुषों के मोबाइल नंबर जुटा लिए हैं, जिन्होंने कथित रूप से पीड़िता के साथ बलात्कार किया था। इसके अलावा गिरफ़्तार की गई महिलाओं से भी उन पुरुषों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

इस बीच, लड़की को राजीव गाँधी सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है। बुधवार (11 जुलाई 2019) को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) में संशोधन को मंज़ूरी दी थी। नए संशोधनों में नाबालिग लड़की या लड़के के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामलों में मृत्युदंड समेत कठोर दंड का प्रावधान शामिल है।

कॉन्ग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, पुलिस पहुँची उनके घर

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा-420 के तहत 24 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस केस के सिलसिले में पुलिस उनसे पूछताछ के लिए गुरुवार को मुंबई में उनके जुहू स्थित रामायण बंगले पहुँची थी, लेकिन वो वहाँ नहीं मिलीं।

पुलिस के अनुसार, शिवपुरी गाँंव निवासी प्रमोद शर्मा ने 24 नवंबर 2918 को मुरादाबाद के एसएसपी से सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ शिक़ायत की थी। प्रमोद ने अपनी शिक़ायत मे बताया था कि उन्होंने दिल्ली में 30 सितंबर 2018 को इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम मे सोनाक्षी को अवॉर्ड बाँटने के लिए बुलाया गया था।

इस कार्यक्रम के लिए प्रमोद ने टैलेंट फुल ऑन कंपनी से करार किया था। उन्होंने दावा किया कि सोनाक्षी के निजी सचिव मालविका पंजाबी से बातचीत के बाद उन्होंने उनके अकाउंट में फीस के रूप में रकम का भुगतान कर दिया था। लेकिन सोनाक्षी ने अचानक उस कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रमोद ने सोनाक्षी के ख़िलाफ़ शिक़ायत कर दी।

ख़बर के अनुसार, वादी ने एक पत्र लिखकर न्याय की माँग की थी, लेकिन इस मामले को गंभीरता से न लेते हुए क्षेत्राधिकारी टाल-मटोल करते रहे। इससे आहत होकर प्रमोद शर्मा ने 13 फरवरी को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस क़दम के बाद राज्य की पुलिस ने आईपीसी की घारा-420, 120 बी, 406, 34 के तहत FIR दर्ज कर ली थी।

FIR में सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक सिन्हा, मालविका पंजाबी, धूमिल कक्कड़, एडगर सकारिया के नाम शामिल हैं, जिन्हें इस मामले में आरोपी ठहराया गया है। जानकारी के अनुसार, इस FIR को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सोनाक्षी सिन्हा की गिरफ़्तारी पर रोक लग गई थी।

आपको बता दें कि सोनाक्षी मशहूर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं। शत्रुघ्न सिन्हा पहले बीजेपी के नेता थे फिर पाला बदल कर कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। सोनाक्षी का माँ और शत्रुघ्न सिन्हा की बीवी सपा नेता हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में सपा और कॉन्ग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़े थे लेकिन फिर भी कॉन्ग्रेसी शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी लाइन से अलग जाकर अपनी पत्नी (यानी सपा नेता) के लिए चुनाव प्रचार किया था।

पहली क्लास के आर्यन ने बोला- जय श्रीराम, टीचर ने इतना मारा कि स्कूल जाने से कर रहा मना

पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना किसी अपराध से कम नहीं है। फिर चाहे जय श्री राम का ये नारा कोई बड़े-बुजुर्ग लगाए, या फिर कोई स्कूल का छात्र। इस अपराध की सजा हर किसी को भुगतनी पड़ती है। लोकसभा चुनाव 2019 के समय से ही पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर टीएमसी गुंडों द्वारा लोगों के साथ मारपीट की जा रही है। अब छोटे-छोटे मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा जा रहा।

ताजा मामला हावड़ा के श्री रामकृष्ण शिक्षालय नामक स्कूल का है, जहाँ गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को एक शिक्षक ने पहली कक्षा में पढ़ने वाले छात्र आर्यन सिंह की सिर्फ इसलिए बेरहमी से पिटाई कर दी, क्योंकि उसने क्लास में जय श्री राम बोल दिया था। पिटाई से छात्र काफी डरा हुआ है, वो स्कूल जाने से मना कर रहा है।

पीड़ित छात्र आर्यन के पिता चंदन सिंह का कहना है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब वो आर्यन को लाने के लिए गए तो उसने जय श्री राम बोलने पर की गई मारपीट की शिकायत की। आर्यन ने बताया कि पहली क्लास खत्म होने और दूसरी क्लास शुरू होने के बीच उसके एक दोस्त आकाश साव ने उससे जय श्री राम बोलने के लिए बोला तो उसने बोल दिया। उसी समय क्लास रुम के पास से गुजर रहे एक शिक्षक ने सुन लिया और फिर कक्षा में आकर उसकी पिटाई कर दी और जय श्री राम का नारा लगाने से मना भी किया।

चंदन सिंह ने कहा कि वो इसके बारे में शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को हेडमास्टर से शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि वो इस मामले में कोई राजनीति नहीं, बल्कि स्कूल से स्पष्टीकरण चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर जय श्री राम कहने में दिक्कत क्या है? स्कूल के नाम से राम का नाम जुड़ा है, ऐसे में जय श्री राम कहने में परेशानी क्या है? चंदन सिंह ने इस बाबत स्कूल संचालान कमेटी को चिट्ठी लिखकर अपने बेटे के अपराध के बारे में पूछा है।

भाजपा के प्रदेश महासचिव संजय सिंह ने इस मामले को दु:खद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा माहौल बनाया है कि जय श्री राम अपशब्द बनता जा रहा है। जय श्री राम बोलना जैसे गुनाह हो गया है। गौरतलब है कि, अभी कुछ दिनों पहले ही पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण देवनाथ के जय श्री राम बोलने पर टीएमसी गुंडों ने इतनी बेरहमी से पिटाई की थी कि उनकी मौत हो गई।

जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ, वो होगा: हिंदू आरोपित लड़कों की जुमे तक गिरफ्तारी को लेकर इमाम की धमकी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में क्रिकेट मैच को लेकर मदरसा दारुल उलूम फैज ए आम के छात्रों और कुछ स्थानीय युवकों के बीच आपसी झड़प हुई और बात मारपीट तक पहुँच गई। इस दौरान दोनों पक्षों में ईंट पत्थर चले। लड़ाई-झगड़े में मदरसे के 4 छात्र घायल हो गए। मदरसे के छात्रों ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनके साथ मारपीट की, उनके कपड़े भी फाड़े। इस संंबंध में 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।

यह घटना उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र जीआईसी मैदान की है। यहाँ दारुल उलूम मदरसे में पढ़ने वाले अब्दुल वारिस (13 साल), मोहम्मद मकदूम (14 साल), मोहम्मद अली (13 साल) और मोहम्मद हारुन अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलने गए थे। इसी दौरान वहाँ इनका दूसरे लड़कों (मोहन, पंकज, सोहन और उनके साथियों – लड़के वयस्क हैं या नहीं, यह साबित नहीं है इसलिए नाम बदलकर लिखा गया है) से विवाद हो गया।

घायल छात्र

मदरसे तक जब छात्रों से मारपीट की घटना पहुँची तो इसने तनाव का रूप ले लिया। घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप मुस्लिम समुदाय के लोग जामा मस्जिद के पास इकट्ठा होना शुरू हो गए। यहाँ पुलिस और आला अधिकारियों ने उनके बीच पहुँचकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली।

घायल छात्र

पत्रिका की खबर के अनुसार क्षेत्राधिकारी (नगर) उमेश त्यागी ने पूछताछ के बाद बताया, “क्रिकेट खेलने के दौरान बच्चों के बीच आपस में लड़ाई हुई है, जिसमें तीन को चोटें आई हैं। इनका ईलाज कराया गया है और पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ इस मामले को अधिकारी क्रिकेट को लेकर हुई लड़ाई बता रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे मॉब लिंचिंग की घटना दिखाकर पेश कर रहे हैं। शहर के जामा मस्जिद के इमाम निसार अहमद मिस्बाही ने तो यहाँ तक बोला है कि अगर नामजद अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती है तो कुछ भी हो सकता है।

पत्रिका की वीडियो के मुताबिक इमाम ने कहा, “…आम तौर पर खेलने कहीं न कहीं जाते हैं। आज हमारे 2 बजे नमाज पढ़के 10-12 बच्चे छोटे-छोटे किसी की 12 साल, 13 साल, 14 साल उम्र है, जीआईसी ग्राउंड रेलवे के पास क्रिकेट खेल रहे थे। चार लड़के आए बड़े-बड़े और… एक्शन क्या है हमारा, अभी तो कोतवाल साहब हमारे आ गए हैं, चौकी इंचार्ज हैं आपके सामने, जो कानूनी प्रक्रिया है, वो की जा रही है, FIR की जा रही है। लेकिन चूँकि प्रशासन को हमने नाम और चेहरे सब सौंप दिए हैं, तीन आदमी की शिनाख्त कर दी है चार में से। कल हमारा जुमा है, अगर कल जुमा तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर हम बहुत… जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ होगा, वो होगा। चूँकि उन्नाव में अमन-शांति बनाने के लिए पूरी कोशिश की गई, और हमारे जिले में प्रशासन ने और हमारे यहाँ की पब्लिक ने ऐसा नहीं होने दिया। इसीलिए चार आदमी ने खराब किया है, अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ये माहौल न बिगड़ने दे वरना जुमा है, कल कुछ भी हो सकता है।”

बाथरूम में पड़ोसी महिला का Video बनाना सद्दाम शेख को पड़ा महंगा, हुआ गिरफ्तार

मुंंबई में बुधवार (जुलाई 10, 2019) को ओशिवारा पुलिस ने सद्दाम शेख नाम के टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। मूलत: जोगेश्वरी बेहराम बाग इलाके के रहने वाले 35 वर्षीय सद्दाम पर आरोप है कि उसने छुपकर अपने पड़ोसी की पत्नी की बाथरूम में वीडियो बनाने की कोशिश की।

खबर के अनुसार महिला ने अपने बाथरूम की छत और एक कॉमन दीवार (जो सद्दाम के कमरे और दंपती के कमरे को अलग-अलग करती है) के बीच मौजूद गैप में मोबाइल फोन रखा देखा। जिसकी जानकारी उसने तुरंत अपने पति को दी और फिर दोनों ने ओशिवारा पुलिस में जाकर सद्दाम के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दंपती की शिकायत के आधार पर मामले को दर्ज किया और सद्दाम की गिरफ्तारी हुई। फिलहाल सद्दाम के फोन को जाँच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिया गया है और रिपोर्ट्स का इंतजार है।

गौरतलब है कि पिछले महीने भी ओशिवारा पुलिस के सामने इसी तरह का मामला आया था, जब पुलिस ने लोखंडवाला के एक डॉक्टर को 27 साल की लड़की का वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। डॉक्टर पर आरोप था कि उसने अपने अंधेरी स्थित क्लिनिक में बॉडी हेयर रिमूवल ट्रीटमेंट करवाने आई लड़की का वीडियो बनाने के लिए अपनी छत पर कैमरा इंस्टॉल किया था।

लेकिन जैसे ही लड़की को इसकी भनक लगी, उसने डॉक्टर से तुरंत अपना ट्रीटमेंट रोकने को कहा और कैमरे की फोटो लेकर वहाँ से रवाना हो गई। कुछ दिन बाद वह क्लिनिक पर पुलिस को लेकर आई और डॉक्टर को गिरफ्तार करवाया।

बांग्लादेशी तस्करों ने किया BSF जवान पर बम से हमला, हाथ गँवाने के बाद हालत गंभीर

पश्चिम बंगाल के रास्ते पशु तस्करी करने वाले बांग्लादेशी तस्करों ने कल (जुलाई 11, 2019) ड्यूटी पर तैनात एक बीएसएफ (BSF) जवान को बम से निशाना बनाया। जवान का नाम कॉन्स्टेबल अनीसुर रहमान है। इस हमले ने जवान ने अपना एक हाथ गँवा दिया है और गंभीर हालत में उनका इलाज कोलकाता के अस्पताल में चल रहा है।

यह घटना नॉर्थ 24 परगना जिले में अंगरेल सीमा चौकी के पास गुरुवार को सुबह-सुबह साढ़े तीन बजे घटी। जानकारी के अनुसार 11 जुलाई की सुबह करीब 3:30 बजे 25 बांग्लादेशी तस्कर 10 से 15 पशुओं की तस्करी का प्रयास कर रहे थे। ये तस्कर अपनी सुरक्षा के लिए हथियारों से लैस होकर बॉर्डर में दाखिल हुए थे। ये लोग पशुओं को लेकर बांग्लादेश में दाखिल होने ही वाले थे कि तभी सीमा पर तैनात जवान को इन तस्करों की गतिविधि की भनक लग गई। जवान ने इन तस्करों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इन तस्करों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।

तस्करों ने पहले अनीसुर की दृष्टि बाधित करने के लिए उनकी आँखों में हाईबीम लाइट से रौशनी डाली और फिर देसी बम से उन पर हमला कर दिया। ये बम अनीसुर के एकदम नजदीक आकर फटा, लेकिन उन्होंने (जवान ने) तब भी हार नहीं मानी। उन्होंने आत्मरक्षा में नॉन-लीथल पीएजी गन से उन तस्करों की ओर फायर किया, जिस कारण ये तस्कर बौखला गए और इन्होंने दोबारा जवान की ओर बम फेंका। इस बार ये बम अनीसुर के दाएँ हाथ के पास आकर फटा, जिस कारण वो हाथ केहुनी के नीचे से अलग होकर गिर गया।

बम हमले के कारण रहमान के दाएँ हाथ का पूरा पंजा उनके शरीर से अलग हो गया और बम के छर्रे उनके शरीर में धँस गए। जी न्यूज में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि अनीसुर के शरीर में बम के छर्रे धंसने से उनके लीवर, फेफड़े और पेट बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं।

वहीं, हमले को अंजाम देने के बाद तस्कर जंगली घास, अँधेरा और जानवरों की ओट लेकर फरार हो गए। घटना को लेकर बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर दक्षिण बंगाल इलाके में अलर्ट जारी किया है, और दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के इंस्पेक्टर जनरल ने इस मामले पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी फील्ड फॉर्मेशन को निर्देश दिए हैं कि ट्रांस बॉर्डर क्रिमिनल के खिलाफ बेहद सख्‍त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की जाए ।

केजरीवाल ने किया राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता, जासूसी की आरोपित फर्म को दी CCTV की जिम्मेदारी

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने CCTV कैमरा लगाने की जिम्मेदारी एक ऐसी कंपनी को सौंपी है, जिस पर जासूसी के आरोप लग चुके हैं। इस फर्म का नाम है प्रमा हिकविजन (Prama Hikvision) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड। इस कंपनी के 58% शेयर पर चीन की सरकार का अधिकार है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस कंपनी को राजधानी में 1.5 लाख CCTV कैमरा लगाने की जिम्मेदारी दी है। इस कंपनी को अमेरिकी सरकार ने जासूसी करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया हुआ है। भाजपा का आरोप है कि दिल्ली सरकार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीसीटीवी लगवा रही है, ताकि इसका राजनीतिक फायदा उठा सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा है कि यह पूरी तरह से निराशाजनक है। चुनाव नजदीक है तो वे अपने वादों को पूरा करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। यह पूरी दिल्ली की सुरक्षा को खतरे में डाल देगा। बीजेपी के नेता और सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने अरविंद केजरीवाल को नक्सली करार दिया है।

बीते कई सालों से चीन पर आरोप लगते रहे हैं कि वह अपने उत्पादों विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के जरिए अन्य देशों के डाटा को एक्सेस करता है। हाल ही में यूएस एयरफोर्स ने हिकविजन के साथ करार को रद्द कर दिया था। अमेरिकी सरकार ने इस फर्म को एंटिटी लिस्ट में डाला हुआ है। जिसका मतलब यह है कि कोई भी यूएस फर्म हिकविजन को अपना उत्पाद नहीं बेच सकती। अमेरिका ने सुरक्षा के मद्देनजर ये फैसला लिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रमा हिकविजन के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आशीष धाकन ने माना कि कंपनी के 58% शेयर पर चीन की सरकार का अधिकार है। धाकन ने सीसीटीवी को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए कहा- “इनके उत्पादों को भारत में ही बनाया जा रहा है। इन कैमरों से प्राप्त सर्विलांस डाटा को चीन को ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। हमने इस डील से जुड़े भारतीय सुरक्षा प्रमाण-पत्र हासिल कर लिए हैं।”

पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का कहना है कि अब जब चुनाव नज़दीक आया है तो 2019 में इनको सीसीटीवी की याद आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तुलना कुंभकरण से करते हुए कहा कि वे साढ़े चार साल बाद अब घोर निद्रा से जागे हैं। जब चुनाव पास आ रहा है तो वे फिर से अपनी झाँसा पालिटिक्स में लगे हैं।