तमसुतुला इमसॉन्ग, नागालैंड की एक युवती हैं। इनका समूह, Sakaar Sewa Samiti तब सुर्खियों में आया था, जब वाराणसी में गंगा घाटों को स्वच्छ रखने में उनके योगदान ने पीएम मोदी के प्रोत्साहन के साथ देशव्यापी पहचान हासिल की थी।
“कॉन्ग्रेस ने 370 को हटाने का विरोध किया। आज भी राहुल गाँधी जो बयान देते हैं उसकी पाकिस्तान में तारीफ होती है। उनके बयान को पाकिस्तान अपनी याचिका में शामिल करता है। कॉन्ग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए कि उनके बयान का उपयोग भारत के खिलाफ हो रहा है।”
नीतियाँ लम्बे समय तक के लिए होती हैं, इसलिए सरकारों को सोच समझ कर बोलना चाहिए ताकि बिजनेस करने वालों के बीच यह भरोसा रहे कि यह सरकार जो बोलती है, वो करती है। अगर नीतियाँ तीन महीने में घोषणा के बाद बदलती रहेंगी, जो कि मोदी सरकार में कई बार हो चुका है, तो इंडस्ट्री उसे सही सिग्नल नहीं मानती।
JNU प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से कई प्रोफेसर झटके में हैं। उनका कहना है कि प्रोफेसर एमेरिटस को पहले कभी भी CV जमा कर अपनी योग्यता साबित नहीं करनी पड़ी है। एक बार जो इस पद पर काबिज़ हो गया, वह अमूमन जीवन-भर बना रहता है। खुद प्रोफेसर थापर 1993 से यानी 26 वर्षों से इस पद पर कायम हैं।
ऑक्सफोर्ड से पढ़े हुए मनमोहन सिंह अर्थव्यवस्था पर ज्ञान दिए जा रहे हैं। मनमोहन सिंह कहते हैं कि मोदी की नीतियों ने भारत को इस स्थिति में पहुँचाया है। लेकिन आँकड़े इस दावे के उलट कुछ और ही कहानी कहते हैं।
31 अगस्त को रिकॉर्ड 49,29,121 आईटीआर फाइल हुए। CBDT के मुताबिक हर सेकेंड अधिकतम 196 आईटीआर। अगर पीक फाइलिंग दर प्रति मिनट की बात करें तो यह संख्या 7447 थी और हर घंटे अधिकतम 3,87,571 आईटीआर फाइल किए गए।
खलील अहमद नामक फ़र्ज़ी डॉक्टर को MBBS का फुल फॉर्म तक नहीं पता। उसने बाँझपन से लेकर कैंसर तक का इलाज करने जैसे दावों के साथ एक बोर्ड भी लगा रखा था। अंग्रेजी में 'डॉक्टर' शब्द लिखने में भी गलती कर दी और...
मतलब साफ़ है कि अब उपभोक्ताओं को नकद भुगतान की बजाए ऑनलाइन भुगतान की ओर अग्रसर किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक दिसंबर से अपने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) प्रणाली को 24x7 उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है।
"अगर दिग्विजय सिंह को इसी तरह की बयानबाजी करनी है तो वह पाकिस्तान जाएँ और पाकिस्तानियों के साथ रहें। उनके बयानों को अब उनके घर वाले ही गंभीरता से नहीं लेते, उनके बयान अब उनके घर वाले ही नहीं सुनते।"
मणिपुर के चुराचंदपुर इलाके में ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट बाइक चलाते लोगों को न केवल हिदायत दी कि सभी सुरक्षा नियम जनता के लिए बनाए गए हैं। इसलिए वो उसका अनुसरण करें बल्कि उनको मिठाई और टॉफियाँ भी बाँटीं।