कुछ साल पहले तक दूरदर्शन समाचार गिलगित बल्तिस्तान क्षेत्र के मौसम की जानकारी भी देता था लेकिन अब वह जानकारी भी नहीं मिलती। जबकि यह स्थापित सत्य है कि नियंत्रण रेखा के उस पार के लोग बड़ी उम्मीदों से भारत की ओर देख रहे हैं।
इंग्लैंड और अमेरिका का उदाहरण देने वाले ये नेता उन देशों और भारत के बीच के जनसंख्या गैप को भी काफ़ी आसानी से नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कभी अमेरिका में कोई नकाबपोश कथित ख़ुलासे करता है तो कभी ब्लूटूथ से ईवीएम 'हैक' होने लगता है।
भौगोलिक परिस्थितियाँ, जनसंख्या, सुरक्षा बलों के आवागमन, अशांत अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ व विभिन्न हिंसक संगठनों के कारण भारत में एक चरण में चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है। चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों के जवान बस और ट्रेन से आवागमन करते हैं।
इस बार का लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होगा। 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक चलेगा। 23 मई को चुनाव परिणाम आ जाएँगे। इस बात ईवीएम पर उम्मीदवारों की फोटो भी होंगी। लिए हेल्पलाइन नंबर और मोबाइल ऐप बनाया गया है। इस बार 90 करोड़ वोटर्स हैं।
अपनी बहुसंख्यक आर्थिक ताकत से इस बार कंपनी को यह एहसास करने की कोशिश की जा रही है कि कब तक सहनशीलता को जाँचा जाएगा। जितना आप लोग नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, उससे ज़्यादा शांति और सद्भाव से यहाँ रह रहे हैं लोग। इस तरह से आग लगाने की ज़रूरत नहीं है।
जब-जब चुनावों का मौसम आता है, 'आदर्श आचार संहिता' चर्चा में आ जाती है। आज शाम 5 बजे आम चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। यहाँ जानिए क्या है ये और क्या होंगे इसके प्रभाव। साथ ही जानें इसका इतिहास।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और बीकानेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने अपने एक बयान में ये साफ कर दिया है कि भारत की तरफ से पाकिस्तान जाने वाला पानी रोक दिया गया है और उसे संरक्षित कर लिया गया है।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता भी चाहते थे कि कॉन्ग्रेस इस तरह की बयानबाजी न करे।
आम लोग चाह रहे थे कि पूरे देश के लोगों को सेना के साथ खड़ा रहना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कॉन्ग्रेस जैसे भी हो, कहीं न कहीं गलत कदम उठा रही थी। सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही थी।”
प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी जीत में सहायता के लिए यह अकादमिक समूह विभिन्न विषयों पर चर्चाओं और राजनीतिक बहसों का आयोजन करने के अलावा इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर अपनी बात लेखों के द्वारा रखेगा।